
उदयपुर। धुनी माता मंदिर में करीब चार से पांच हज़ार कार्यकर्ताओं के साथ कसम खाने वाले खुल्दिप सिंह की कसम टूट गयी और रातों रात मामला सेट हो गया। आखिर कार कुलदीप सिंह भाजपा के प्रत्याशी धर्मनारायण जोशी के समर्थन में आगया। साथ खड़े हो कर माला भी पहन ली और जिंदाबाद के नारे भी लगा दिए। रातों रात यह सारा घुसड़ पछाड़ कैसे सेट हुआ सब अपने अपने कयास लगा रहे है आप भी लगाइए।
सीधी सी बात कहें तो उदयपुर मावली विधानसभा सीट पर आखिरकार दोनो ही पार्टियों विरोध पूरी तरह खत्म हो गया है और अब टक्कर भी कांटे की मानी जा रही है। भारतीय जनता पार्टी से बगावत करने के बाद निर्दलीय रूप में नामांकन करने वाले कुलदीप सिंह चुण्डावत ने बुधवार को नामांकन उठा लिया और पार्टी के अधिकृत प्रत्याषी धर्मनारायण जोषी को अपना समर्थन दे दिया। दरअसल भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ नेताओं से लगातार बातचीत के बाद कुलदीप सिंह चुण्डावत ने आखिरकर पार्टी के वरिष्ठ नेताओं की बात को मानते हुए अपना फॉर्म वापस उठा लिया। नामांकन पत्र उठाने से पहले कुलदीप सिंह और भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ नेताओं सहित पार्टी के प्रत्याशी धर्म नारायण जोशी के बीच एक विशाल बैठक चली जिसमें कई मुद्दों पर चर्चा हुई और उसके बाद कुलदीप सिंह ने वरिष्ठ नेताओं की बात को मानकर धर्म नारायण जोशी और पार्टी के कार्यकर्ताओं के साथ मावली एसडीएम कार्यालय पहुंचकर अपना फार्म उठा लिया। वैसे आपको बता दे कि जब पार्टी की ओर से धर्मनारायण जोषी का नाम फाईनल कर दिया गया था तब कुलदीप सिंह ने डबोक स्थित धूणीमाता मंदिर में अपने सैंकड़ों समर्थकों के साथ निर्दलीय चुनाव लड़ने की ताल ठोक दी थी, रोजाना सोषल मीडिया पर कुलदीप सिंह अपनी ओर से कुछ न कुछ पोस्ट डालते ही रहते थे। फेसबुक लाईव आकर भी कार्यकर्ताओं और मतदाताओं को रिझाने की कोषिष करते हुए साकरिया खेड़ी दिखाई दिए। इतना ही नही कुलदीप सिंह ने तो यह तक कह दिया िकइस बार हाईकमान से भी दबाव आ जाए लेकिन मावली का यह बेटा पीछे हटने वाला नहीं है। पेराषूट उम्मीदवार को मावली की जनता कभी स्वीकार नहीं करेगी। लेकिन कहते है न नेताओं की बातों पर कभी विष्वास नहीं करना चाहिए। उनकी कथनी और करनी में काफी फर्क होता है। ऐसा ही हुआ मावली में भी जब बागी खड़े हुए एक राजपूत ने अपना पर्चा उठाकर पार्टी के अधिकृत प्रत्याषियों को समर्थन दे दिया। वैसे अब मावली में भारतीय जनता पार्टी के प्रत्याशी धर्मनारायण जोशी और कांग्रेस के प्रत्याशी पुष्कर लाल डांगी के बीच सीधी टक्कर हो गई है। अब तक यह माना जा रहा था कि अगर कुलदीप सिंह चुंडावत चुनाव मैदान में डटे रहते हैं तो धर्मनारायण जोशी को इसका खामियाजा भुगतना पड़ सकता है लेकिन अब सीधी टक्कर होने से मावली विधानसभा क्षेत्र के लिए होने वाला यह चुनाव रोचक बन गया है अब दोनों ही प्रत्याशी एक दूसरे को मात देने की कोशिश में अधिक से अधिक प्रयास करेंगे।
क्या ये विडियो देखा आपने ,.. उदयपुर ग्रामीण विधानसभा से जुडी खास बाते
https://youtu.be/ZfKKAVlbVUo




विधानसभा चुनाव का माहौल जोर पकड़ने के साथ ही प्रत्याशियों में जुबानी जंग तेज हो गई है। इसमें गुलाबचंद कटारिया और गिरिजा व्यास जैसे बड़े नेता भी पीछे नहीं रह रहे हैं। शहर विधानसभा सीट से भाजपा प्रत्याशी गुलाबचंद कटारिया ने भूपालपुरा में एक दिन पूर्व चुनाव कार्यालय के उद्घाटन पर कहा था कि गिरिजा व्यास का स्वास्थ्य ठीक नहीं है। पहले गिरिजा से जब चुनावी मुकाबला हुआ था तब वे बच्चे थे, इसलिए हार गए। इस बार परिस्थितियां अलग हैं। सोमवार को नामांकन के बाद पत्रकारों ने गिरिजा से जब इस मामले में सवाल किया गया तो उन्होंने कटारिया के लिए कहा कि वो भाई साहब हैं और भाई को एक बहन की चिंता करनी स्वाभाविक है। उनको मेरे स्वास्थ्य की चिंता है लेकिन मुझे उनके मानसिक अवस्था की चिंता है। उनका मानसिक स्वास्थ्य ठीक रहे। गिरिजा के इस पलटवार के बाद सोमवार शाम को पाठों की मगरी स्थित पार्टी के चुनावी मीडिया सेंटर पर जब कटारिया से इस मामले में सवाल किया गया तो कटारिया ने कहा कि गिरिजा जी को कहो उनके पास जो अच्छा डॉक्टर हो उसको मेरे पास भेज दे।

राजस्थान, मध्यप्रदेश में भाजपा और कांग्रेस एक-दूसरे से चुनावी मैदान के बजाय अपने ही घर में लड़ रही हैं। वजह, टिकट न मिलने से नाराज नेता हैं। इनमें भाजपा और कांग्रेस के कई दिग्गज चेहरे भी हैं, जो पहले मंत्री या सांसद रह चुके हैं, अब वे दूसरे दलों से या फिर निर्दलीय चुनाव मैदान में उतर रहे हैं। बागी नेता पार्टी दफ्तर और अपने इलाकों में प्रदर्शन भी कर रहे हैं। ऐसे में दोनों दलों के बड़े नेता बागियों को मनाने में जुटे हैं।