भाजपा की आखिरी लिस्ट जारी, टोंक से सचिन पायलट के खिलाफ मंत्री यूनुस खान को टिकट

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पांचवीं सूची में आठ नाम, छह नाम नए, दो के टिकट बदले गए
यूनुस खान भाजपा के इकलौते मुस्लिम उम्मीदवार, कांग्रेस ने 15 मुस्लिमों को टिकट दिया
भाजपा और कांग्रेस ने अब सभी 200 सीटों पर उम्मीदवार तय किए, सोमवार को नामांकन का आखिरी दिन

राजस्थान विधानसभा चुनाव के लिए भाजपा ने सोमवार को पांचवीं और आखिरी लिस्ट जारी कर दी। इसमें आठ नाम हैं। छह नाम नए हैं। दो घोषित उम्मीदवारों के नाम बदले गए हैं। पहला नाम टोंक सीट से मौजूदा विधायक अजीत सिंह का है। इनकी जगह पीडब्ल्यूडी मंत्री यूनुस खान को उम्मीदवार बनाया है। इस सीट पर उनका मुकाबला कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष सचिन पायलट से होगा। वहीं, दूसरा नाम खेरवड़ा सीट से शंकरलाल खिराड़ी का है। पहले इन्हें मौजूदा विधायक नानलाल आहरी का टिकट काटकर दिया गया था, लेकिन अब पार्टी ने वापस आहरी पर भरोसा जताया।

इनके नाम तय

सीट भाजपा प्रत्याशी
कोटपुतली मुकेश गोयल
बहरोड़ मोहित यादव
करौली ओपी सैनी
टोंक यूनुस खान (पहले अजीत सिंह को टिकट दिया था)
केकड़ी राजेंद्र विनायका
डीडवाना जितेंद्र सिंह जोधा
खीवसर रामचंद्र उत्ता
खेरवड़ा नानालाल आहरी (पहले शंकरलाल खिराड़ी को टिकट दिया था)

टोंक में भाजपा-कांग्रेस, दोनों ने परंपरा तोड़ी
टोंक में 2.20 लाख वोटरों में से करीब 40 हजार मतदाता मुस्लिम हैं। यह कांग्रेस का परंपरागत वोट बैंक माना जाता है। 1972 के विधानसभा चुनाव से कांग्रेस यहां मुस्लिम उम्मीदवार ही उतार रही थी। 1980 से भाजपा ने यहां से सिर्फ हिंदू उम्मीदवार को ही टिकट दिया। इस बार समीकरण बदल गए। कांग्रेस ने 46 साल की अपनी परंपरा तोड़ते हुए गैर-मुस्लिम नेता को उम्मीदवार बनाया। इसके बाद भाजपा ने नागौर के डीडवाना से विधायक यूनुस खान को टोंक से टिकट दे दिया। जबकि टोंक से पिछली बार भाजपा के अजीत सिंह जीते थे। शुरुआती सूचियों में डीडवाना से यूनुस टिकट नहीं मिलने पर खान के समर्थक नाराजगी जताने जयपुर पहुंच गए थे। खान डीडवाना से 2003 और 2013 का चुनाव जीते थे, लेकिन 2008 का चुनाव हार गए थे।

सियासी गुणा-भाग
भाजपा और कांग्रेस ने राज्य की सभी 200 सीटों पर उम्मीदवार उतार दिए। कांग्रेस ने पांच सीटें गठबंधन एनसीपी, लोजपा, रालोद के लिए छोड़ी हैं।

कांग्रेस भाजपा
नए चेहरे 110 82
महिलाएं 27 22
जाट 32 30
राजपूत 13 26
गुर्जर 12 09
एससी 34 34
एसटी 24 28
मुस्लिम 15 01
दोबारा टिकट 85 94

 

उदयपुर विधान सभा सीट के लिए विशेष रिपोर्ट देखिये विडियो

https://www.youtube.com/watch?v=aenFP9vOl34

उदयपुर शहरी विधानसभा में कौन कितना मजबूत क्या है खासियत कोन देगा साथ किसका छुटेगा हाथ जानिये हमारे राजनैतिक विश्लेषक तनवीर सिंह कृष्णावत से।

उदयपुर। मेवाड़ में अगर देखा जाए तो सबसे दिलचस्प मुकाबला उदयपुर शहर विधानसभा क्षेत्र में होने वाला है जहाँ एक तरफ है भाजपा से है लगातार जीत की हेट्रिक लगाने वाले गुलाबचंद कटारिया तो दूसरी तरफ है लम्बे राजनैतिक करियर की अनुभवी कांग्रेस की प्रत्याशी डॉ गिरजा व्यास .
क्षत्रिय महासभा के महामंत्री तनवीर सिंह कृष्णावत बेबाकी से अपनी निष्पक्ष विश्लेषण कर रहे है देखिये आखरी तक इस विडियो को। आपको पसंद आये तो अपना सुझाव जरूर दीजिएगा और हमारा यू ट्यूब चेनल सबस्क्राइब करना नहीं भूलें क्यूँ कि हम ले कर आयेगें रोज़ अलग-अलग विधानसभा का निष्पक्ष विश्लेषण ..

click and watch video

 

https://youtu.be/aenFP9vOl34

 

अमिताभ को शाहरुख का पिता समझता है नन्हा अबराम, साेचता है वे साथ क्यों नहीं रहते

अमिताभ बच्चन, शाहरुख खान के पिता हैं। यह बात हम नहीं खुद अमिताभ ने कही है, अपने इंस्टाग्राम पोस्ट में। दरअसल आराध्या बच्चन की बर्थडे पार्टी में शाहरुख का बेटा अबराम भी आया था। जब वह बिग बी से मिला तो उसके चेहरे के एक्सप्रेशन देखने लायक थे। अमिताभ ने उन्हीं एक्सप्रेशन के साथ फोटो शेयर किया है। ​​
साथ में क्यों नहीं रहते बिग बी : अमिताभ ने पोस्ट में लिखा है – और यह छोटा अबराम है, शाहरुख का छोटा बेटा.. जो सोचता है, विश्वास करता है और किसी भी संदेह से परे आश्वस्त है, कि मैं उसके पिता पिता हूं .. और वह आश्चर्य में है कि क्यों शाहरुख के पिता उनके साथ नहीं रहते।

बर्थडे सेलिब्रेशन में पहुंचे थे किड्स : 16 नवम्बर में आराध्या बच्चन का 7वां बर्थडे था। जिसका सेलिब्रेशन अमिताभ के बंगले प्रतीक्षा में किया गया। इस पार्टी में बॉलीवुड के नन्हें मुन्ने स्टार किड्स भी पहुंचे थे। अबराम के अलावा विआन कुंद्रा, नितारा भी इस पार्टी में नजर आए थे।

बागियों की बगावत पड़ेगी भारी – राजस्थान में 90 और मध्यप्रदेश में 105 की बगावत – भाजपा-कांग्रेस के सामने अपने ही बने बागी

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राजस्थान, मध्यप्रदेश में भाजपा और कांग्रेस एक-दूसरे से चुनावी मैदान के बजाय अपने ही घर में लड़ रही हैं। वजह, टिकट न मिलने से नाराज नेता हैं। इनमें भाजपा और कांग्रेस के कई दिग्गज चेहरे भी हैं, जो पहले मंत्री या सांसद रह चुके हैं, अब वे दूसरे दलों से या फिर निर्दलीय चुनाव मैदान में उतर रहे हैं। बागी नेता पार्टी दफ्तर और अपने इलाकों में प्रदर्शन भी कर रहे हैं। ऐसे में दोनों दलों के बड़े नेता बागियों को मनाने में जुटे हैं।

राजस्थान में भाजपा को करीब 60 सीटों पर और कांग्रेस को 40 सीटों पर बागी नेताओं का सामना करना पड़ सकता है। वहीं, मध्यप्रदेश में भाजपा को 60 और कांग्रेस को 40 से 45 सीटों पर बगावत का सामना करना पड़ रहा है। भाजपा-कांग्रेस को इन राज्यों में इसलिए भी डर सता रहा है, क्योंकि यहां हर चुनाव में 10% से 20% सीटों पर हार-जीत का अंतर काफी नजदीकी रहता है।

राजस्थान: भाजपा के 170 प्रत्याशी घोषित, 41 विधायकों का टिकट कटा

राजस्थान में भाजपा अब तक 200 में से 170 उम्मीदवारों की सूची जारी कर चुकी है। इसमें 41 मौजूदा विधायकों के टिकट काटे गए हैं। इनमें चार मंत्री भी हैं। कांग्रेस ने 184 उम्मीदवारों की लिस्ट जारी की है। इनमें तीन मौजूदा विधायकों के नाम नहीं हैं।

2013 में अशोक गहलोत के नेतृत्व में जिन 152 नेताओं ने चुनाव लड़ा था, उनमें से 79 को इस बार टिकट नहीं मिला। कांग्रेस ने दो चुनाव हारे चेहरों को भी टिकट नहीं दिया है। यहां पार्टी को 40 से 45 सीटों पर बगावत का सामना करना पड़ रहा है। यहां टिकट न मिलने से नाराज नेता समर्थकों के साथ प्रदर्शन कर रहे हैं।

भाजपा के सांसद, विधायकों को कांग्रेस दे रही टिकट

कांग्रेस ने भाजपा के सात बागियों को टिकट दिया है। इनमें दौसा से भाजपा सांसद हरीश मीणा भी शामिल हैं। भाजपा नेता जसवंत सिंह के विधायक बेटे मानवेंद्र सिंह को कांग्रेस ने शनिवार को वसुंधरा राजे के खिलाफ झालरापाटन से टिकट दिया। भाजपा ने पांच बागियों को टिकट दिया है।

भाजपा के बागी: मंत्री बाबूलाल वर्मा, सुरेंद्र गोयल, धनसिंह रावत, राजकुमार रिणवा, विधायक ज्ञानदेव अहूजा, अनीता कटारा, राधेश्याम, दिया कुमारी, विधायक हबीबुर्रहमान आदि। कांग्रेस के बागी: पूर्व प्रदेश अध्यक्ष चंद्रभान, बीडी कल्ला, विधायक घनश्याम, नारायण सिंह, हीरालाल।

मध्यप्रदेश: भाजपा ने 54 विधायकों के टिकट काटे, आधे पार्टी के विरोध में
मध्यप्रदेश में भाजपा के 14 मंत्रियों के सामने अपने ही पार्टी के नेता निर्दलीय या किसी अन्य पार्टी के सहारे मैदान में हैं। इनके अलावा भाजपा के तीन मंत्री और 25 विधायक अन्य पार्टियों या बतौर निर्दलीय मैदान में उतरे हैं। पार्टी ने पांच मंत्रियों समेत 54 मौजूदा विधायकों का टिकट राज्य में काटा है।

भाजपा ने करीब 63 बागियों को पार्टी से भी बाहर भी कर दिया है। भाजपा के बागी 25 से 30 सीटों पर नुकसान पहुंचा सकते हैं। वहीं, कांग्रेस को करीब 20 से 25 सीटों पर अपने बागी नेताओं से नुकसान दिख रहा है। राज्य में नाम वापसी की तारीख निकल चुकी है। इसके बावजूद भाजपा-कांग्रेस अपने बागियों को पार्टी में बड़ा ओहदा देकर मनाने की कोशिश में लगे हैं।

मुख्यमंत्री शिवराज सिंह खुद वीडियो काॅन्फ्रेंस कर नेताओं को मना रहे हैं। शिवराज सरकार में मंत्री रहे सरताज सिंह कांग्रेस के टिकट पर चुनाव लड़ रहे हैं। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता सत्यव्रत चतुर्वेदी बेटे को टिकट नहीं से मिलने से बगावत पर उतर आए। उन्होंने अपने बेटे नितिन को सपा से टिकट दिलाया है।

भाजपा के बड़े बागी: पूर्व मंत्री राघवजी, रामकृष्ण कुसमरिया, केएल अग्रवाल, विधायक रेखा यादव, बह्मानंद रत्नाकर, नरेंद्र सिंह कुशवाह, संगीता, नीलम मिश्रा, जीतेंद्र डागा, कमल मर्सकोले। कांग्रेस के बड़े बागी: पूर्व मंत्री भगवान सिंह यादव, राजेश शुक्ला, प्रताप सिंह, साहिब सिंह गुर्जर, प्रदीप जयसवाल, किसान नेता डीपी धाकड़, चिंटू चौकसे, छोटे यादव, बाबूलाल शर्मा।

क्या सलूम्बर में होगा त्रिकोणीय मुकाबला – रघु , अमृत या रेश्मा।

उदयपुर। उदयपुर जिले की सलुम्बर विधानसभा सीट पर त्रिकोणीय मुकाबले की संभावना है। भाजपा के अमृत मीना कांग्रेस के रघुवीर मीना तो कांग्रेस से बागी हुई रेशमा मीणा ने नामांकन दाखिल कर दिया है। रेशमा मीणा ने अपना नामांकन पहले ही दाखिल कर दिया था शनिवार को भाजपा के अम्रतलाल मीना और कांग्रेस के रघुवीर मीना ने नामांकन पर्चा भरा। नामांकन के दौरान भीड़ को देखते हुए शक्ति परिक्षण की बात की जाए तो उसमे रघुवीर मीणा के नंबर बढ़ते हुए दिखाई देते है। भाजपा और कांग्रेस दोनों ने दावा किया की सलुम्बर प्रत्याशियों ने हज़ारों की भीड़ के साथ अपना नामांकन दाखिल किया है।
शनिवार को दोपहर बाद कांग्रेस के प्रत्याषी रघुवीर सिंह मीणा ने हजारों समर्थकों के साथ अपना नामांकन भरा वैसे भीड़ देखकर तो लग रहा था कि रेष्मा मीणा और अमृतलाल मीणा से ज्यादा संख्या रघुवीर मीणा के रैली में थे। नामांकन के बाद आयोजित सभा में श्री मीणा ने समर्थकों और प्रत्यक्षदर्षियों को कहा कि इस बार पंजे के निशान को चुन कर प्रदेश में कांग्रेस की सरकार बनानी है। 5 सालों से जो राज चल रहा है उससे तोल – मोल करने की आवश्कता है और जनता ने पिछला कॉग्रेस का राज भी देखा है। हमारा मतदाता भोला है जिसको हमको बताना होगा कि, राज्य एवं केंद्र की सरकार ने लोगों को ठगा है और अबकी बार ठगी सरकार को जमीन से उखाड़ फैकना है। इस दौरान मीडिया से रूबरू होते हुए मीणा ने कहा कि मैं भाजपा की तरह झूठे वादे नही करता हूं। अगर सलूम्बर जिले की कही बात होती है तो में पूरे जोर शोर से इए मुद्दे को उठाऊँगा और सलूम्बर क्षेत्र को हर ऊँचाई पर पंहुचाने का कार्य करूंगा। इस मौके पर नगर मण्डल अध्य्क्ष लक्ष्मीकांत शर्मा, ब्लॉक अध्यक्ष लक्ष्मण सिंह धारोद, पूर्व विधायक बसन्ती देवी मीणा, हीरालाल तोरवत सहित कार्यकर्ताओ ने संबोधित किया।

भाजपा के अमृत मीणा ने भी भरा नामांकन :

जिले की सलूम्बर विधानसभा सीट पर पूर्व विधायक और भाजपा प्रत्याशी अमृत लाल मीणा ने अपने हजारों समर्थकों के साथ शनिवार को अभिजीत मुहूर्त में नामांकन दाखिल किया।
नामांकन दाखिल को लेकर सुबह से ही नगर के चारभूजा ट्रस्ट भूमि के मैदान पर कार्यकर्ता एकत्रित हुए और रैली के रूप में उपखण्ड कार्यालय पहुँचे, जहां अमृतलाल मीणा ने अपना नामांकन दाखिल किया। बाद में अमृत लाल मीणा अपने 2000 समर्थकों के साथ नगर के मुख्य मार्गों से होते हुए रैली के रूप में सभास्थल पंहुचे, जहां उदयपुर सांसद अर्जुनलाल मीणा ने कार्यकर्ताआंे को संबोधित करते हुए कहा कि सभी एकजुट होकर भाजपा का जिताने का प्रयास करें, सलूम्बर विधानसभा के 46 वर्षों का इतिहास दोहराते हुए कहा कि सलूम्बर जीता तो प्रदेश जीता, इसीलिए जब सलूम्बर से अमृत मीणा विजय होंगे तभी राजस्थान में फिर से भाजपा की सरकार बनेगी। वहीं भाजपा प्रत्याषी अमृतलाल मीणा ने राजस्थान सरकार द्वारा पूर्व में किए गए कार्याें को गिनाया और कार्यकर्ताओं से कहा कि आपसी मन मुटाव भुलाकर भाजपा को जीताने का प्रयास करें।

मावली , सलुम्बर विधानसभा क्षेत्र में बागियों ने भरा पर्चा – दिग्गजों के लिए बढ़ी परेशानी .

उदयपुर . विधानसभा चुनाव में उदयपुर जिले की मावली विधानसभा सीट में बागियों की संख्या बढती जा रही है । भाजपा और कांग्रेस दोनों का टिकिट फायनल हो गया है लेकिन दोनों पार्टियों के बागियों ने ताल थोक दी है इसी कड़ी में भाजपा का बागी कुलदीप सिंह ने अपना शक्ति का प्रदर्शन करते हुए पर्चा भरा . दूसरी तरफ कांग्रेस में भी गुरुवार देर रात बगावत के सूर तेज हो गए ।
मावली विधानसभा सीट से भाजपा के धर्म नारायण जोशी और कांग्रेस के लाल सिंह झाला मैदान में है। पूर्व सरपंच कुलदीप सिंह ने ताल ठोकते हुए हजारों समर्थकों के हुजूम के साथ शुक्रवार को अपना नामांकन पत्र भरा, कुलदीप सिंह भाजपा के प्रबल दावेदारों में से माने जा रहे थे और यह भी माना जा रहा था कि अगर उन्हें पार्टी टिकिट नहीं देती है तो जनता सेना अपना समर्थन देगी । लेकिन न तो भाजपा ने कुलदीप सिंह को टिकिट दिया न हीं जनता सेना ने साथ दिया। इस पर शुक्रवार को कुलदीप सिंह ने अपने हजारों समर्थकों के साथ नामांकन भरकर साबित कर दिया है कि कोई पार्टी साथ हो या न हो मावली की जनता उनके साथ जरूर है। इसके साथ ही कई लोगों ने साकरिया खेड़ी के चुनाव में अपनी तरफ से अनुदान राशि देने की घोषणा भी सभा के दौरान कर दी। जिससे कुलदीप सिंह के कार्यकर्ताओं का मनोबल और ज्यादा बढ़ गया है .
इधर कांग्रेस की लिस्ट आने के बाद पूर्व विधायक पुश्कर डांगी के समर्थकों ने भी गुरूवार देर रात टिकिटों की घोशणा के बाद अपना विरोध प्रदर्षन करते हुए मावली की सड़कों पर भारी नारेबाजी की। गौरतलब है कि मावली से कांग्रेस के देहात जिलाध्यक्ष लालसिंह झाला को टिकिट दिया गया है, जो कुम्भलगढ़ से अपनी दावेदारी कर रहे थे, वहीं पुश्कर डांगी ने मावली से दावेदारी की थी और हार्दिक पटेल के सबसे करीबी होने से माना भी यह जा रहा था कि उनका टिकिट तो कट ही नहीं सकता। ऐसे में मावली कांग्रेस से लालसिंह झाला का नाम आते ही पुश्कर डांगी के समर्थकों में भारी रोष देखा गया उन्होंने कांग्रेस के शीर्ष नेतृत्व पर जमकर भड़ास निकालते हुए कहा कि मावली के कांग्रेसी पेराशूट उम्मीदवार को कतई स्वीकार नहीं करेंगे।
शनिवार को भाजपा और कांग्रेस के दोनों प्रत्याशी धर्मनारायण जोशी एवं लाल सिंह झाला नामांकन भरेगें .

सलुम्बर में बागी रेशमा मीना ने भरा पर्चा :

गुरूवार देर रात कांग्रेस की लिस्ट जारी होने के बाद दावेदारी कर रहे है कार्यकर्ताओं में बगावत के तैवर सामने आरहे है उसी कड़ी में सलूंबर विधानसभा से कई महिनों से ताल ठोक कर बैठी रेशमा मीणा अपना टिकट कटने के बाद निर्दलीय रूप से उपखंड कार्यालय पहुंचकर शुक्रवार को अपना नामांकन पेश किया। निर्दलीय रूप से ताल ठोकते हुए रेशमा मीणा करीब 2 हजार समर्थकों के साथ उदयपुर सलूम्बर रोड़ से चुंगीनाका होते हुए उपखण्ड कार्यालय पंहुची। जहां नामाकन दाखिल करने के बाद रैली के रूप में रेशमा मीणा के समर्थकों ने गगनचुंबी नारे लगाते हुए साबित कर दिया कि इस बार वह कांग्रेस के निर्णय के साथ नहीं है। रेशमा मीणा ने अपने कार्यकर्ताओं से कहा कि सलूम्बर विधान सभा एवं पूर्व की सराड़ा विधानसभा से वंशवाद के चलते है एक ही परिवार राज कर रहा है और इस वंशवाद को लेकर सलूम्बर विधानसभा की जनता उब चुकी है। इस क्षेत्र से आज तक किसी छोटे तबके के कार्यकर्तों को आने नही दिया गया है। क्षेत्र के पूर्व विधायक एवं सांसद ने पार्टी में बडे मुकाम पर पहुचने के बाद भी छोटे कार्यकर्ताओ तवज्जो नही दी। कार्यकर्ताओं की मांग पर मैने चुनावी मैदान में ताल ठोकी है। रेशमा मीणा पूरा विश्वास जताते हुए कहा कि यही कार्यकर्ता भाजपा एवं कांग्रेस के प्रत्याशियों को मात देकर मुझको विधानसभा में जरूर भेजेगे।

टिकिट को लेकर राहुल के सारे दावे हुए हवा-हवाई, 6 पैराशूटरों को टिकट, अब Congress की दूसरी सूची का है इंतज़ार।

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कांग्रेस की लिस्ट जारी होते ही कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी के पैराशूट नेताओं को टिकट नहीं देने के दावे हवा हवाई साबित हुए हैं। राहुल ने कहा कि कि अगर पैराशूट उम्मीदवारो की डोरी काट दूंगा, लेकिन लिस्ट में ऐसे पैराशूट नेताओं के भी नाम हैं जो एक दिन पहले ही पार्टी में शामिल हुए हैं।
भाजपा छोड़कर एक दिन पहले कांग्रेस में शामिल हुए नागौर विधायक हबीबुर्रहमान को कांग्रेस ने नागौर से से ही उम्मीदवार बनाया है। वहीं दौसा से सांसद हरीश मीणा को देवली उनियारा से टिकट दिया गया है। सबसे हैरत का नाम तो कन्हैया लाल झंवर का है। झंवर कल देर रात ही कांग्रेस में शामिल हुए और उनका नाम भी बीकानेर पूर्व से आया है।
वहीं रायसिंह नगरसे जमीदारा पार्टी की विधायक सोनादेवी बावरी को कांग्रेस से यहीं से टिकट दिया है। इसके अलावा निर्दलीय विधायक राजकुमार शर्मा को नवलगढ़ से चुनाव मैदान में उतारा गया है। इसके अलावा पूर्व आईपीएस सवाई सिंह गोदारा को खींवसर से टिकट दिया गया है। खींवसर से दिग्गज कांग्रेसी नेता हरेंद्र मिर्धा भी दावेदारी जता रहे थे।
वहीं देर रात जारी हुई कांग्रेस की पहली सूची में 152 नाम शामिल हैं। साथ ही दो मौजूदा विधायकों के टिकट के साथ दो विधायकों के टिकट पर संशय बरकरार है। शुक्रवार को पार्टी में शेष 48 टिकटों को लेकर चर्चा के बाद दूसरी सूची जारी कर सकती है। साथ ही बाकी के उम्मीदवारों को दूसरी सूची से बहुत आस है। पार्टी की शेष सीटों पर आज मशक्कत जारी है। ऐसे में देर रात तक सूची जारी की जा सकती है।

बांसवाडा से भाजपा के धनसिंह रावत का टिकिट कटा तो यह बोले – बेईमानों ने कटवाया है मेरा टिकिट आलाकमान फिर एक बार सोचे .

Rajasthan Vidhansabha Election 2018 की चुनावी तैयारियां प्रदेश में जोरो पर हैं। चुनाव की नजदीकियों के साथ प्रदेश में प्रत्याशियों की सूची जारी करने का सिलसिला चल रहा है। हाल में ही बीजेपी की दो सूचियों के बाद कांग्रेस ने गुरुवार देर रात अपनी पहली सूची जारी कर दी है।
वहीं भारतीय जनता पार्टी की जारी सूची में नाम शामिल नहीं होने से बीजेपी के कई नेता बगावत पर उतर आए तो कई नेताओं के कार्यकर्ताओं ने नाराज़गी जाहिर की। ऐसे में भाजपा के वर्तमान विधायक व ग्रामीण विकास व पंचायतीराज राज्यमंत्री धनसिंह रावत का टिकट कटने के बाद समर्थकों ने पार्टी कार्यालय के बाहर जमकर नारेबाजी की।
रावत को टिकट नहीं देने के विरोध में तीन मंडल अध्यक्षों व पदाधिकारियों आदि ने पार्टी से त्यागपत्र दे दिया। इन सबके बीच राज्यमंत्री रावत ने स्वयं को संगठन के निर्णय के साथ बताया।
वहीं शुक्रवार को राज्य मंत्री धनसिंह रावत टिकट कटने के विषय में बोले बेईमान लोगों ने सर्वोच्च नेतृत्व को गलत रिपोर्ट दी है। जिसके चलते टिकट कटा है। उच्च नेतृत्व अपने सूत्रों के माध्यम से पता लगाकर अध्ययन कर आमजन की भावनाओं को ध्यान में रखकर दोबारा टिकट को लेकर निर्णय करें।

फर्जी पत्रकार बनकर राशन डीलरों से कर रहे थे अवैध वसूली।

उदयपुर| पत्रकार बनकर राशन डीलरों से अवैध वसूली करने वाले अमित कुमार पुत्र गटू कुमार निवासी कोटड़ा हाल अम्बामाता स्कीम और मोहम्मद इलियास पुत्र अब्दुल खान निवासी कोटड़ा मॉडर्न स्‍कूल कोटड़ा को सुखेर पुलिस ने गिरफ्तार किया है। सुखेर थानाधिकारी नेत्रपालसिंह ने बताया कि गुरुवार को राशन डीलर यशवंत कुमार मेनारिया निवासी चीरवा ने रिपोर्ट दी थी कि बुधवार को अलग-अलग नंबरों से फोन आया और कहा कि आपकी दुकान चेक करनी है। गुरुवार को सुबह दो व्यक्ति दुकान पर आए और अपना नाम अमित कुमार और इलियास बताया। राजनैतिक राजस्थान के नाम की पत्रिका में विज्ञापन छापने और यशवंत की राशन दुकान का लाइसेंस कैंसल करने की धमकी दी। यशवंत के सामने माइक व मोबाइल रखकर इंटरव्यू लेने की बताकर डरा धमकाकर 3000 रुपये भी ले लिए और राजनैतिक राजस्थान समाचार की रसीद पकड़ा दी। पुलिस ने वसूले गए 3000 रुपये और घटना में प्रयोग मोटरसाइकिल RJ27 BA 2027 को बरामद किया है। पुलिस ने बताया कि प्राथमिक जांच में पाया कि वर्तमान में राजनैतिक राजस्थान के नाम से कोई समाचार पत्रिका नहीं है। अभियुक्त अमित कुमार फर्जी लेटर पेड और रसीद बुक तैयार कर राशन डीलरों को डरा धमका कर वसूली का काम करते थे। पहले भी अवैध रूप से राशन डीलरों से रुपयों की वसूली की थी। पुलिस मामला दर्ज कर पूछताछ कर रही है।

कांग्रेस ने 152 उम्मीदवारों की पहली सूची जारी की – सबको दिया मौका दिखाओ किस्मे कितना है दम .( पूरी लिस्ट देखें )

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  • कांग्रेस ने 46 नए चेहरों, 20 महिलाओं को टिकट दिया
  • दो बार हारने वालों के टिकट काटने और नए चेहरे लाने में पायलट कामयाब
  • राजस्थान में 7 दिसंबर को मतदान, परिणाम 11 दिसंबर को आएंगे

लंबे इंतजार के बाद कांग्रेस ने राजस्थान विधानसभा चुनाव के लिए गुरुवार रात को 152 प्रत्याशियों की सूची जारी की। बाकी 48 सीटों की सूची शुक्रवार या शनिवार तक आ सकती है। कांग्रेस ने 46 नए चेहरे उतारे हैं। कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष सचिन पायलट दो बार हारने वालों के टिकट कटवाने और नए चेहरों को लाने में सफल रहे। पायलट टोंक से और पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत सरदारपुरा से ही चुनाव लड़ेंगे। सीपी जोशी नाथद्वारा से, रामेश्वर डूडी नोखा से और गिरिजा व्यास उदयपुर से चुनाव मैदान में उतरेंगी। राजस्थान में 7 दिसंबर को चुनाव हैं और 11 दिसंबर को परिणाम आएंगे।

कांग्रेस की पहली सूची में 9 मुस्लिमों को टिकट दिया गया है, जबकि भाजपा ने पहली सूची में किसी मुस्लिम को टिकट नहीं दिया है। भाजपा ने अभी तक 162 प्रत्याशियों की सूची जारी की है। 2013 में अशोक गहलोत सरकार के कार्यकाल में जिन 152 लोगों को टिकट दिया गया था, उनमें से 79 लोगों के टिकट काटकर नए चेहरे उतारे गए हैं।

29 एससी, 24 एसटी प्रत्याशी मैदान में उतारे

पार्टी ने 23 जाट, 13 राजपूत, 29 एससी और 24 एसटी प्रत्याशियों को टिकट दिया।
कांग्रेस में वंशवाद चला। विधायक नारायण सिंह के बेटे वीरेंद्र, पूर्व विधायक मकबूल के बेटे रफीक, पूर्व मंत्री महिपाल मदरेणा की बेटी दिव्या, पूर्व मंत्री रामसिंह के पोते महेंद्र सहित ऐसे 15 टिकट दिए गए।कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने कहा था कि पैराशूट उम्मीदवारों की डोरी काट दूंगा। लेकिन इस सूची में 6 पैराशूट उम्मीदवार भी हैं। एक दिन पहले भाजपा छोड़कर कांग्रेस में शामिल हुए विधायक हुबीबुर्रहमान को नागौर, सांसद हरीश मीणा को देवली-उनियारा, कन्हैया लाल झंवर को बीकानेर पूर्व से मैदान में उतारा है। इनके अलावा जमींदारा पार्टी से कांग्रेस में आई सोनादेवी बावरी को रायसिंह नगर, निर्दलीय राजकुमार को नवलगढ़ व पूर्व आईपीएस सवाई सिंह गोदारा को खींवसर से टिकट।

इनके नाम तय