पांचवीं सूची में आठ नाम, छह नाम नए, दो के टिकट बदले गए
यूनुस खान भाजपा के इकलौते मुस्लिम उम्मीदवार, कांग्रेस ने 15 मुस्लिमों को टिकट दिया
भाजपा और कांग्रेस ने अब सभी 200 सीटों पर उम्मीदवार तय किए, सोमवार को नामांकन का आखिरी दिन

राजस्थान विधानसभा चुनाव के लिए भाजपा ने सोमवार को पांचवीं और आखिरी लिस्ट जारी कर दी। इसमें आठ नाम हैं। छह नाम नए हैं। दो घोषित उम्मीदवारों के नाम बदले गए हैं। पहला नाम टोंक सीट से मौजूदा विधायक अजीत सिंह का है। इनकी जगह पीडब्ल्यूडी मंत्री यूनुस खान को उम्मीदवार बनाया है। इस सीट पर उनका मुकाबला कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष सचिन पायलट से होगा। वहीं, दूसरा नाम खेरवड़ा सीट से शंकरलाल खिराड़ी का है। पहले इन्हें मौजूदा विधायक नानलाल आहरी का टिकट काटकर दिया गया था, लेकिन अब पार्टी ने वापस आहरी पर भरोसा जताया।
इनके नाम तय
सीट भाजपा प्रत्याशी
कोटपुतली मुकेश गोयल
बहरोड़ मोहित यादव
करौली ओपी सैनी
टोंक यूनुस खान (पहले अजीत सिंह को टिकट दिया था)
केकड़ी राजेंद्र विनायका
डीडवाना जितेंद्र सिंह जोधा
खीवसर रामचंद्र उत्ता
खेरवड़ा नानालाल आहरी (पहले शंकरलाल खिराड़ी को टिकट दिया था)
टोंक में भाजपा-कांग्रेस, दोनों ने परंपरा तोड़ी
टोंक में 2.20 लाख वोटरों में से करीब 40 हजार मतदाता मुस्लिम हैं। यह कांग्रेस का परंपरागत वोट बैंक माना जाता है। 1972 के विधानसभा चुनाव से कांग्रेस यहां मुस्लिम उम्मीदवार ही उतार रही थी। 1980 से भाजपा ने यहां से सिर्फ हिंदू उम्मीदवार को ही टिकट दिया। इस बार समीकरण बदल गए। कांग्रेस ने 46 साल की अपनी परंपरा तोड़ते हुए गैर-मुस्लिम नेता को उम्मीदवार बनाया। इसके बाद भाजपा ने नागौर के डीडवाना से विधायक यूनुस खान को टोंक से टिकट दे दिया। जबकि टोंक से पिछली बार भाजपा के अजीत सिंह जीते थे। शुरुआती सूचियों में डीडवाना से यूनुस टिकट नहीं मिलने पर खान के समर्थक नाराजगी जताने जयपुर पहुंच गए थे। खान डीडवाना से 2003 और 2013 का चुनाव जीते थे, लेकिन 2008 का चुनाव हार गए थे।
सियासी गुणा-भाग
भाजपा और कांग्रेस ने राज्य की सभी 200 सीटों पर उम्मीदवार उतार दिए। कांग्रेस ने पांच सीटें गठबंधन एनसीपी, लोजपा, रालोद के लिए छोड़ी हैं।
कांग्रेस भाजपा
नए चेहरे 110 82
महिलाएं 27 22
जाट 32 30
राजपूत 13 26
गुर्जर 12 09
एससी 34 34
एसटी 24 28
मुस्लिम 15 01
दोबारा टिकट 85 94
उदयपुर विधान सभा सीट के लिए विशेष रिपोर्ट देखिये विडियो
https://www.youtube.com/watch?v=aenFP9vOl34



राजस्थान, मध्यप्रदेश में भाजपा और कांग्रेस एक-दूसरे से चुनावी मैदान के बजाय अपने ही घर में लड़ रही हैं। वजह, टिकट न मिलने से नाराज नेता हैं। इनमें भाजपा और कांग्रेस के कई दिग्गज चेहरे भी हैं, जो पहले मंत्री या सांसद रह चुके हैं, अब वे दूसरे दलों से या फिर निर्दलीय चुनाव मैदान में उतर रहे हैं। बागी नेता पार्टी दफ्तर और अपने इलाकों में प्रदर्शन भी कर रहे हैं। ऐसे में दोनों दलों के बड़े नेता बागियों को मनाने में जुटे हैं।
उदयपुर . विधानसभा चुनाव में उदयपुर जिले की मावली विधानसभा सीट में बागियों की संख्या बढती जा रही है । भाजपा और कांग्रेस दोनों का टिकिट फायनल हो गया है लेकिन दोनों पार्टियों के बागियों ने ताल थोक दी है इसी कड़ी में भाजपा का बागी कुलदीप सिंह ने अपना शक्ति का प्रदर्शन करते हुए पर्चा भरा . दूसरी तरफ कांग्रेस में भी गुरुवार देर रात बगावत के सूर तेज हो गए ।


लंबे इंतजार के बाद कांग्रेस ने राजस्थान विधानसभा चुनाव के लिए गुरुवार रात को 152 प्रत्याशियों की सूची जारी की। बाकी 48 सीटों की सूची शुक्रवार या शनिवार तक आ सकती है। कांग्रेस ने 46 नए चेहरे उतारे हैं। कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष सचिन पायलट दो बार हारने वालों के टिकट कटवाने और नए चेहरों को लाने में सफल रहे। पायलट टोंक से और पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत सरदारपुरा से ही चुनाव लड़ेंगे। सीपी जोशी नाथद्वारा से, रामेश्वर डूडी नोखा से और गिरिजा व्यास उदयपुर से चुनाव मैदान में उतरेंगी। राजस्थान में 7 दिसंबर को चुनाव हैं और 11 दिसंबर को परिणाम आएंगे।
