भाजपा हाईकमान अभी कटारिया के पक्ष में झुकता नजर आ रहा है पार्टी के द्वन्द में!

Gulab chand katariaराजस्थान में व्यक्ति गत करिशमा और राजनैतिक संगठन के बीच सर्वोच्चता की लडाई चल रही है जहां भाजपा सरकार के पूर्व गृहमंत्री गुलाबचंद कटारिया ने उदयपुर जिले में गागुंदा से जनसम्पर्क यात्रा आरंभ कर पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे को सीधी चुनौती दी है।

इस वर्ष मई में पहले कटारिया को अपनी लोक जागरण यात्रा राजे की धमकी के बाद स्थतगित करनी पडी थी, राजे ने जिन्होंने राष्ट्रीय नेतृत्व पर दबाव बनाया था। अपने पूर्व गृहमंत्री को राजी करने के लिये कि वो अपने मिशन से दूर रहें। राजे इसे अपने नेतृत्व को चुनौती मान रही थीं।

नई दिल्ली और जयपुर दोनों जगह यह पूछा जा रहा है कि तब से अब तक ऐसा क्या हुआ कि कटारिया में यात्रा आरंभ करने का साहस आ गया। संभावित उत्तर ये दिए जा रहे हैं कि गुजरात को जीता जा चुका है और अब पडौसी राज्य राजस्थान की बारी है जिसे भाजपा को राज्य के साथ केन्द्र में भी सत्ता में वापस लाना है।

इस प्रश्न का दूसरा जवाब है कि यदि इस मुद्दे को लटके रहने दिया जाता है, तो सामूहिक नेतृत्व अथवा एक व्यक्ति की सर्वोच्चता का मुद्दा पार्टी की विश्वसनीयता को कमजोर करेगा, जिसकी वैचारिक रूप से यह मान्यता रही है कि संगठन व्यक्ति से ऊपर है तथा राष्ट्रीय हित पार्टी से भी सर्वोपरि होता है।

एक वरिष्ठ नेता ने कहा कि यह मैसेज पार्टी में हर एक को जाना चाहिये, चाहे वो साधारण कार्यकर्ता हों या राजसी पृष्ठ भूमि से, कि सामान्यतया संघ और विशेष रूप से पार्टी ऐसी स्थिति नहीं आने देना चाहती कि कोई एक व्यक्ति पार्टी पर हुकुम चलाये। उन्होंने आगे जोडा कि संघ अफसोस करता है कि उसने गुजरात के मुख्यमंत्री नरेन्द्र मोदी को इस स्तर तक बढने दिया कि आज वे किसी की भी परवाह नहीं करते।

पर्यवेक्षकों का कहना है कि कटारिया को इस बार न केवल राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ का मूक समर्थन है बल्कि राष्ट्रीय नेतृत्व के वर्ग का समर्थन प्राप्त है, जो पूर्व मुख्यमंत्री के ’निरंकुश’ रवैये से नाराज है। उनका कहना है कि राजे सत्ता का सुख भोगना चाहती है, उसके लिये ’खून-पसीना’ बहाये बिना।

एक वरिष्ठ नेता ने इस संवाददाता को बताया कि ’’ वे जयपुर आकर आगे से (प्रं*ट से) नेतृत्व नहीं करना चाहती, पर धौलपुर में अपने महल में बैठकर पार्टी पर रिमोट कंट्रोल करना चाहती है।’’ वे गत सप्ताह जयपुर में कोर कमेटी की मीटिंग तक में शामिल नहीं हुई, जिसे संघ तथा राष्ट्रीय नेतृत्व उनका अपनी ’एक्सकलूजिविटी’ (विशिष्ठता) दर्शाने का प्रयास मानना है।

जहां राज्य के नेताओं ने जयपुर मीटिंग में उनकी अनुपस्थिति पर टिप्पणी नहीं की थी, कटारिया ने जरूर कहा था,’’ यह बेहतर होता यदि राजे ने अपना फीडबैक अभियान जयपुर में किया होता।’’

केन्द्रीय नेतृत्व ’देखों और ’इंतजार करों’ का खेल खेल रहा है और उसने कटारियों को मेवाड क्षैत्र में अपनी जनसम्पर्क यात्रा शुरू करने के लिये गोपनीय स्वीकृति दी है। यह क्षैत्र भीलवाडा जिले के साथ, राज्य विधानसभा में 36 विधायक भेजता है।

केन्द्रीय नेतृत्व को राजस्थान के महत्व का भी अहसास है, क्योंकि यहां से 25 लोकसभा सांसद चुने जाते हैं और 2014 के आम चुनावों के बाद यह राष्ट्रीय राजनीति में महत्वपूर्ण भूमिका निभायेगा। राजनीति के भविष्य वक्ताओं का यह मानना है कि राज्य में कांग्रेस के खिलाफ हवा हि रही है तथा अशोक गहलोत सरकार के फीके प्रदर्शन ने 2013 के विधानसभा चुनावों में भजपा की वापसी के लिये जमीन तैयार की है। एक भाजपा नेता ने दिल्ली में कहा कि कटारिया कार्यकर्ताओं से निकले हैं तथा उनका राज्य की, विशेषकर उदयपुर क्षेत्र की जनता से सीधा जुडाव है, और उन्हें एक जन नेता के रूप में उभारा जा सकता है व वे विधानसभा चुनाव में विजय के लिये पार्टी का नेतृत्व कर सकते है। उनका मानना है कि राजे के झांसे(ब्लफ) को निपटाना होगा, वरना बहुत देर हो जायेगी। राजे राजस्थान की पहली महिला मुख्यमंत्री थीं। यह राज्य विचारों में तथा शासन की स्टाइल में सामन्तवादी रहा है। राजे ने शासन में रहते समय राज्य के संघ कार्यकर्ताओं पर ध्यान नहीं दिया बल्कि उनकी अनदेखी की।

वे अपने आपकों ’राजसी’ मानती है, जिसका अधिकार है शासन करना। भाजपा इस ’राजसी करिश्में’ का लाभ तो लेना चाहती है पर यह ’राजसी व्यवहार’ स्थानीय नेताओं की नाराजगी बढाता है, क्योंकि उनका मानना है कि यह उनकी कडी मेहनत थी जिससे भाजपा इस स्थिति(स्तर) तक पहुंची। राज्य एक नेता ने नाम उजागर नहीं करने की शर्त पर यह बात कही।

राजे और पार्टी के बीच संघर्ष आने वाले सप्ताहों और महीनों में और तीप होगा। इसका पहला संकेत था राज्य के वरिष्ठ नेता रामदास अग्रवाल का मंगलवार को यह कहना कि पार्टी किसी एक नेता का पर्याय नहीं है।

उनहोंने कहा कि अटल बिहारी वाजपेयी और एल के आडवाणी जैसे महान नेताओं ने कभी ऐसे कार्यकर्ताओं को प्रोत्साहन नहीं दिया जो कहते थे कि पार्टी ’ ऐ (अटलबिहारी) से शुरू होकर ’ए’ आडवाणी पर समाप्त होती है, पर इन दिनों हम सुनते हैं कि पार्टी ’वी’ से शुरू होकर ’वी’ पर समाप्त होती है। वसुंधरा का नाम लिये बिना उन्होंने कहा कि यह प्रवृत्ति खतरनाक है।

अग्रवाल ने स्पष्ट शब्दों में कहा,’’ राजस्थान में पार्टी ’ ए बी सी डी’ से नहीं चलती बल्कि विचारधारा से चलती है। पार्टी किन्हीं विशिष्ट नेताओं तक सीमित नहीं है तथा कार्यकर्ताओं को समझना चाहिये।’’ वे पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी के जन्म दिवस के अवसर पर पार्टी कार्यकर्ताओं को सम्बोधित कर रहे थे। पार्टी ने यह दिवस सुशासन दिवस के रूप में मनाया है।

 

साहित्यकारों को अपने प्रजातंत्र की मूल संस्कृति का संरक्षण करने के लिए आगे आने की आवश्यकता है – प्रो. एम.एल. कुमावत

उदयपुर, हम जिस संस्कृति में रहते हैं, जिसकी पैरवी करते हैं, जिस जाति धर्म की दुहाई देते हैं उसमें कहीं न कहीं खोट है। आज 5000 वर्ष पुरानी संस्कृति के उस घटाटोप को हम जब तक नहीं तोड़ेगे तब तक एक नई संस्कृति जन्म नहीं ले सकती।

DSC_0123उक्त विचार यहां एस. आई. ई. आर. टी. के सभागार में राजस्थान साहित्य अकादमी के अध्यक्ष वेद व्यास ने शनिवार प्रातः ‘कला मेला-2012’ में ‘राजस्थान का सांस्कृतिक पुनर्जागरण’ विषयक राष्ट्रीय संगोष्ठी में व्यक्त किए। राजस्थान साहित्य अकादमी एवं कला साहित्य, संस्कृति एवं पुरातत्तव विभाग, राजस्थान सरकार के तत्वावधान में आयोजित त्रिदिवसीय राष्ट्रीय संगोष्ठी में व्यास ने आगे कहा कि सांस्कृतिक पुनर्जागरण व संस्कृति की पुनर्स्थापना में लेखकों व साहित्यकारों की महत्त्वपूर्ण भूमिका है।

वेद व्यास ने कहा कि साहित्य मनोरंजन के लिए नहीं होता। साहित्य में यहां सन्नाटा पसरा है। औरतों, आदिवासियों के लिए साहस व नई समझ के साथ संस्कृति के पुनर्स्थापन की जरूरत है।

संगोष्ठी में संस्कृति व भाषा के रिश्ते को परिभाषित करते हुए राजस्थानी भाषा, साहित्य व संस्कृति अकादमी, बीकानेर के अध्यक्ष श्याम महर्षि ने कहा कि भाषा अगर जीवित नहीं रहेगी तो संस्कृति लंगड़ी होगी व अंत में बेरंग हो जाएगी। उन्होंने कहा कि साहित्य व संस्कृति एक दूसरे के पूरक हैं मगर इसमें भाषा भी उतनी ही महत्त्वपूर्ण है।

संगोष्ठी में संस्कृति व प्रजातंत्र के संयुक्त बंधन को परिभाषित करते हुए पुलिस प्रशिक्षण एवं अनुसंधान अकादमी, जोधपुर के कुलपति एम.एल. कुमावत ने कहा कि इस देश को हमारे प्रजातंत्र ने आजादी के बाद, शिक्षा का अधिकार बोलने – कहने की ताकत, वोट का अधिकार और जीने का अधिकार दिया है।

संगोष्ठी में महर्षि दयानंद सरस्वती विश्वविद्यालय, अजमेर के कुलपति प्रो. रूपसिंह बारहठ ने कहा कि राजस्थान में सांस्कृतिक पुनर्जागरण की महती आवश्यकता है। यह एक सही समय है जब हमें साहित्यिक और सामाजिक परिवर्तन के साथ प्रजातांत्रिक मूल्यों में बदलाव की बात पुरजोर स्वरों में करनी चाहिए।

कोटा विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. मधुसूदन शर्मा ने कहा कि दुखद सच्चाई है कि वैश्वीकरण के इस माहौल में भारतीय आगे बढ़ रहे हैं, मगर भारत यथार्थ में पिछड़ रहा है। आंकडे सिद्ध करते हैं कि व्यक्तिवादिता के कारण हमारी संस्कृति के मूल्य विघटन का असर समाज के हर क्षेत्र में है। आज हम विकास और प्रजातांत्रिक स्तर पर पिछड़ रहे हैं।

अकादमी सचिव डॉ. प्रमोद भट्ट ने ‘कला मेले’ के तीसरे दिन के कार्यक्रम की जानकारी देते हुए बताया कि दिनांक 30 दिसम्बर, को पूर्वाह्न 11.00 बजे राज्य शैक्षिक अनुसंधान एवं प्रशिक्षण संस्थान के सभागार में ‘कवि-गोष्ठी’ आयोजित होगी। इसमें उदयपुर संभाग के कवि, गीतकार भागीदारी करेंगे।

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आजम ने कुबूला कारोबारियों को धमकाना

aajam1उदयपुर.शहर के तीन उद्योगपतियों को अवैध वसूली के लिए फोन पर धमकाने वाले कुख्यात अपराधी मोहम्मद आजम ने पुलिस पूछताछ में शुक्रवार को अपने ऊपर लगे आरोप कुबूल कर लिए।ये धमकियां उसने मुंबई से फोन पर दी थीं। पुलिस अब उसके साथियों की जानकारी लेने में जुटी है।

पूछताछ के बाद जांच अधिकारी मंजीत सिंह ने बताया कि आजम ने अक्टूबर से दिसंबर के बाद सर्वऋतु विलास स्थित मोगरावाड़ी निवासी उद्यमी शांति लाल जैन व होटल सहेली पैलेस के मालिक प्रमोद छापरवाल को एक-एक करोड़ तथा सज्जनगढ़ रोड स्थित कंप्लीट आर्ट शो रूम के मालिक इकराम कुरैशी को 20 लाख रुपए देने के लिए धमकी दी थी।

उसने सभी फोन मुंबई के अलग-अलग इलाकों के एसटीडी बूथ से करना कबूल किया है। जांच अधिकारी के मुताबिक अभी यह स्पष्ट नहीं हुआ है कि मुंबई से फोन पर धमकियां आजम ने अकेले ही दीं या वहां उसका कोई सहयोगी भी था। पुलिस को शक है कि मुंबई में रहने के दौरान उदयपुर से कोई आजम की मदद कर रहा था, जो उसके टारगेट उद्यमियों के मोबाइल फोन नंबर उपलब्ध करा रहा था।

आजम तीनों उद्यमियों से रुपए वसूलने में सफल नहीं हो पाया, अलबत्ता उद्यमियों ने ही पुलिस में रिपोर्ट कर दी थी। पुलिस के अनुसार आजम के खिलाफ शिकायत करने वाले तीन जनों के अलावा भी शहर के प्रतिष्ठित नागरिक हो सकते हैं, जिन्हें अवैध वसूली के लिए धमकाया गया हो लेकिन पुलिस के पास उनकी शिकायतें नहीं कराई गई।

 

तीन दिन के रिमांड पर भेजा

प्रतापनगर पुलिस ने शुक्रवार को आजम को अदालत में पेश किया। जांच अधिकारी ने पूछताछ के लिए रिमांड की मांग की थी। अदालत ने आजम को 30 दिसंबर तक रिमांड पर रखने के आदेश दिए। पुलिस सूत्रों के अनुसार सूरजपोल, धानमंडी व हाथीपोल थाना पुलिस को भी अन्य आपराधिक मामलों में आजम की तलाश है। प्रतापनगर पुलिस 30 दिसंबर को आजम को वापस अदालत में पेश करेगी। जिन थानों को उसकी तलाश है, वे अदालत में प्रोडक्शन वारंट पेश करेंगे।

 

सिंगापुर में दिल्‍ली गैंगरेप पीड़िता की मौत

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राजधानी में चलती बस में 16 दिसंबर को बलात्‍कारियों का शिकार हुई गैंगरेप पीड़िता की माउंट एलीजाबेथ अस्‍पताल, सिंगापुर में मल्‍टी ऑर्गन फेलियर के बाद मौत हो गई। पीड़िता की मौत के बाद देश भर में शोक की लहर दौड़ गई है। दिल्‍ली में सुरक्षा बढ़ा दी गई है, नार्थ ब्‍लॉक और इंडिया गेट की ओर जाने वाले रास्‍ते बंद कर दिये गये हैं। गैंगरेप की शिकार हुई पैरा 29-mount-elizabethमेडिकल की छात्रा को 27 दिसंबर को सफदरजंग अस्‍पताल से शिफ्ट कर सिंगापुर के माउंट एलीजाबेथ अस्‍पताल भेज दिया गया था। अस्‍पताल के डॉक्‍टरों ने कहा कि अब पीडि़ता को मल्‍टी ऑर्गन ट्रांसप्‍लांट की जरूरत पड़ सकती है और यह सुविधा हिन्‍दुस्‍तान में नहीं है, लिहाजा इसे सिंगापुर या लंदन भेजना पड़ेगा। लेकिन सिंगापुर ले जाते वक्‍त विमान में ही पीडि़ता की तबियत बिगड़ गई। विमान में तबियत बिगड़ने के बाद उसे तुरंत माउंट एलीजाबेथ के आईसीयू में एडमिट कर दिया गया। अस्‍पताल में दो दिन तक आईसीयू में रहने के बाद आज सुबह 2 बजे उसकी मौत हो गई। इस खबर के आते ही दिल्‍ली पुलिस के वरिष्‍ठ अधिकारियों की रात को ही एक बैठक बुलायी गई और सुरक्षा की समीक्षा की गई। सुरक्षा की समीक्षा के बाद दिल्‍ली में पहले अलर्ट जारी किया गया उसके बाद मौत की खबर तड़के मीडिया को दी गई। भारतीय दूतावास के अधिकारी टीसीए राघवन ने बताया कि उन्‍हें पीडि़ता की मौत पर बेहद दुख है। उसको जब यहां लाया गया था, तभी वो बेहोशी की हालत में थी। उसकी हालत बेहद गंभीर थी। 16 दिसंबर को दिये गये घाव इतने गंभीर थे, कि डॉक्‍टर उनसे जंग जीत नहीं पाये। यहां पीडि़ता के शव और उसके परिवार को भारत भेजने की तैयारी की जा रही है। दूतावास अधिकारी ने बताया कि उसे यहां डॉक्‍टरों की टीम के साथ लाया गया था, इसलिये यह कहना कि रास्‍ते में कुछ हुआ, गलत होगा। दिल्‍ली और सिंगापुर दोनों जगह के डॉक्‍टर पहले से ही कह रहे थे कि उसे बहुत ज्‍यादा घाव दिये गये थे। सिंगापुर उसे इसलिये लाया गया था, ताकि उसे अच्‍छी से अच्‍छी स्‍वास्‍थ्‍य सेवाएं मिल सकें। दूतावास के कई अधिकारी अस्‍पताल में पूरे समय उसके साथ रहे। यहां के कई विशेषज्ञ डॉक्‍टरों की टीम उसके साथ रही। सभी जरूरी औपचारिकताएं पूरी करने के बाद युवती के शव को आज दोपहर तक भारत भेज दिया जायेगा। राघवन ने मीडिया और सरकार से अपील की कि वो परिवार के नाम को गोपनीय रखें।

 

 

चर्चा बना आजम को विमान से लाना

उदयपुर एयरपोर्ट से बहार आते आज़म और पुलिस अधिकारी
उदयपुर एयरपोर्ट से बहार आते आज़म और पुलिस अधिकारी

उदयपुर, किसी अपराधी को विमान से लाना शहर में चर्चा का विषय बना हुआ है कि किसी कुख्यात अपराधी को लाने के लिए हवाई मार्ग का उपयोग किया गया है। हांलाकि पुलिस इसे गिरप*तारी के बाद निर्धारित अवधि में अदालत में पेश करने की अनिवार्यता बता रही है। लेकिन सूत्र बताते है कि इस कुख्यात अपराधी के संबंध में पुलिस कोई ’’रिस्क’’ नहीं लेना चाहती है। पूर्व में कथित प*र्जी एनकाउंटर मामले में शहर के एक पूर्व एसपी सहित चार पुलिस अधिकारी गत चार वर्षो से जेल में है तथा हाल ही में उन्हें अहमदाबाद की साबरमती जेल से मुंबई जेल स्थानान्तरित कर दिया गया है। इसलिए पुलिस ने सडक मार्ग पर किसी प्रकार की अनहोनी को टालने के लिए हवाई मार्ग को चुना तथा उदयपुर हवाई अड्डे से न्यायालय लाने में भी सुरक्षा के पुख्ता प्रबंध किए गए थे।

कौन लेगा ५०हजार का ईनाम : इधर ५० हजार के ईनाम को लेकर बहस छिडी है। आजम को घर से दबोचने का दावा करने वाली पुलिस इस पर अपना हक जता रही है । दूसरी ओर घोषणा के अनुसार इस अपराधी का सुराग देने वाले को ५०हजार का ईनाम की भी घोषणा की गई थी। घोषणा के अनुसार यह ईनाम सीबीआई को मिलना चाहिए अब देखना है कि संबंधित विभाग क्या निर्णय लेता है ’’ वेट एण्ड वॉच’’।

 

“आज़म” “सी.बी.आई”.”पुलिस” और एन्काउन्टर

मुम्बई में सीबीआई के सामने हुए सरेण्डर

विमान से उदयपुर लाई पुलिस

एक ही दिन में सरेंडर गिरफ्तार फिर जेल और फिर गिरफ्तार

Untitledउदयपुर। मुंबई में बैठकर उदयपुर के व्यवसायियों को फिरौती मांगने अपहरण एवं हत्या की धमकी देने के मामले में पुलिस की मूंछ का सवाल बने कुख्यात अपराधी मोहम्मद आजम ने बुधवार को मुंबई में सीबीआई के सामने आत्मसर्मण कर दिया। सूचना मिलने पर उदयपुर पुलिस की विशेष टीम विमान द्वारा मुंबई पहुंची जहां से उसे गिरफ्तार कर उदयपुर लाया गया। पुलिस इसे अपनी सफलता बता रही है जबकि वास्तव में भारी पारिवारिक एवं पुलिस के दबाव के चलते यह आत्मसर्मपण हुआ है।

उल्लेखनीय है कि आजम उदयपुर शहर के धानमण्डी पुलिस थाने का हिस्ट्रीशीटर है उसके खिलाफ 25 अपराधिक प्रकरण दर्ज होने के अलावा शहर के विभिन्न थानाक्षेत्रों में प्रोपर्टी डीलर्स तथा व्यवसायियों को धमकियां देकर फिरौती मांगने के 5 मामले दर्ज है। पिछले लम्बे समय से वह मुंबई में रह रहा है तथा वहां से उदयपुर के व्यवसायियों को फ़ोन कर धमका कर फिरौती मांगने तथा ऐसा नहीं करने पर हत्या की धमकी देने जैसे संगीन आरोप है। इसी के साथ गत दिनों शहर में हुई फायरिंग की वारदातों में गिरफ्तार अपराधियों ने भी आजम के आदेश पर घटनाओं को अंजाम देने की बात पुलिस के समक्ष स्वीकारी है। लेकसिटी में लगातार मिलती धमकियों से सनसनी फैलाई थी तथा यह घटनाएं पुलिस के लिए सिरदर्द बन गई थी। व्यवसाय जगत में इस अपराधी के बढते आंतक के कारण इसे पकडना पुलिस की मूंछ का सवाल भी बन गया था। इस अपराधी की गिरफ्तारी के लिए गत दिनों पुलिस ने 50हजार रूपये का ईनाम की भी घोषणा की थी।

यहां गौरतलब है कि अपराधी आजम देश भर में चर्चित सोहराबुद्दीन फर्जी [quote_right]प्रोपट्री डीलर को आज़म का , आज़म को एन्काउन्टर का, और पुलिस को सी.बी.आई. का खोफ [/quote_right]एनकाउंटर मामले में सीबीआई का अहम गवाह हे। इसी नाते आजम को सीबीआई अधिकारियों से नजदीकियां है माना जाता है कि मुंबई में रहने का कारण भी सीबीआई है। लेकिन आजम ने इस आड में अपना वर्चस्व बनाए रखने के लिए अवैध वसूली का क्रम जारी रखा।

इधर इस मामले में पुलिस की लगातार हो रही फजीहत के चलते पुलिस ने आजम को परिवार पर डाले सरेण्डर करवाने का दबाव डाला। दूसरी ओर वर्चस्व की लडाई में अपना अस्तित्व बनाए रखने के लिए अन्य अपराधियों ने भी शहर में फायरिंग की वारदात करते हुए आजम के परिवार को भी निशाना बनाया। इससे तिलमिलाए आजम का बिल से बाहर आना भी लाजमी था। आजम ने सीधे सीबीआई से सम्पर्क साधा। इससे पूर्व वह उदयपुर आकर अपनी सारी फिल्डिंग जमा गया। बुधवार को अपनी पूर्व योजनानुसार उसने मुंबई में सीबीआई के उप अधीक्षक एन.एस.राजू के सामने सरेण्डर कर दिया। सीबीआई से सूचना मिलने पर जिला पुलिस अधीक्षक ने प्रतापनगर सीआई मंजीत सिंह के नेतृत्व में एक विशेष पुलिस टीम विमान से मुंबई भेजी जहां से उसे गिरफ्तार करने की औपचारिकता करते हुए सुरक्षा के दृष्टिकोण से विमान द्वारा ही उदयपुर लाया गया।

[quote_left]एक ही दिन में सरेंडर गिरफ्तार फिर जेल और फिर गिरफ्तार [/quote_left]गुरूवार को उदयपुर पहुंचने पर भूपालपुरा पुलिस ने उसे भाजपा नेता मोती लाल डांगी पर फायर करवाने के मामले में अदालत में पेश किया। जहां से उसे जेल भेज दिया। इधर धाम प्रतापनगर पुलिस ने सर्वऋतु विलास निवासी एक व्यवसायी को फिरौती मांगने के आरोप में प्रोडक्शन वारंट के जरिए पुन: गिरफ्तार कर लिया है।

इधर जिला पुलिस अधीक्षक ने इस मामले में जुटी पुलिस टीम को पुरस्कृत करने की घोषणा की है वहीं एक अन्य कुख्यात अपराधी रशीद का को भी जल्द ही दबोचने का आश्वासन दिया है।

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प्रन्यास ट्रस्ट गठन की आहट से जुगाड में जुट गए कांग्रेसी कार्यकर्ता

mn_building_uitउदयपुर, नए साल के आने के साथ ही यू.आई.टी. में ट्रस्ट के गठन और ट्रस्टियों के उम्मीदवारों की सरगर्मियां बढ गयी है गहलोत सरकार भी अपने आखरी वर्ष के कार्यकाल में कार्यकर्ताओं को ओब्लाईज करने के लिए ट्रस्ट का मनोनयन करने वाली है और इसके लिए शहर हो या देहात हर जगह से दिग्गज नेता अपने चहेते कार्यकर्ताओं के लिए जोडतोड और उनके नाम पहुंचाने की जुगत में लगे हुए है ।

पिछले दिनों उदयपुर दौरे पर आये कांग्रेस के प्रदेश प्रभारी आर.आर. तिवारी ने किसान भवन में कार्यकर्ताओं की बैठक में संकेत दिए थे कि राज्य सरकार प्रदेश की प्रत्येक यू.आई.टी. में सार्वजनिक ट्रस्ट देखना चाहती है और इसके लिए सभी यू.आई.टी. अध्यक्षों को ट्रस्ट के गठन की प्ररिया शुरू करने के आदेश दे दिए है ।

शहर से भी अध्यक्ष रूपकुमार खुराना के कुर्सी सँभालने के बाद से कई दिग्गज नेता और कार्यकर्ताओं ने मुख्य मंत्री तक ट्रस्ट के लिए मांगे पहुंचना शुरू कर दिया था दिग्गजों का मानना है की यदि कार्यकर्ता ही खुश नहीं होंगे तो पार्टी में काम कोन करेगा । कई बार यह भी आरोप लगे है की ट्रस्ट के अभाव में शहर के विकास का कार्य ठप्प है ।

हाल ही २५ दिसंबर को दुर्गा नर्सरी रोड पर हुई बैठक में प्रदेश प्रभारी आर.आर.तिवारी शहर जिलाध्यक्ष नीलिमा सुखाडिया , सांसद रघुवीर मीणा आदि की उपस्थिति में कार्यकर्ताओं और पदाधिकारिर्यों ने यू.आई.टी. ट्रस्ट बनाने की मांग की थी ।

कार्यकर्ता रूप कुमार खुराना को लेकर संशय में है की जब पहले रूप कुमार खुराना अध्यक्ष थे तब भी ट्रस्ट का गठन नहीं हुआ था और अब भी खुराना अध्यक्ष है ।

ट्रस्टियों के नामों को लेकर देहात कांग्रेस में भी काफी सरगर्मिया बढ गयी है क्योंकि पर फेरी में आने वाले गावों की संख्या ६२ से बढ कर १२५ हो गयी हैऔर इसी वजह से ग्रामीण क्षेत्रों से ट्रस्टी बनाने की मांग जोर पकडने लगी है ।

सूत्रों की माने तो जहां शहर में डी.आई.खान, दिनेश दवे , कौशल नागदा , पंकज शर्मा , के.जी. मुंदडा , नजमा मेवाप*रोश, कमला मीणा, लक्ष्मी लाल मेघवाल के नाम ट्रस्टियों की दौड में है तो ग्रामीण क्षेत्रों से भी देहात कांग्रेस के सचिव कमल चौधरी (थूर), देहात कांग्रेस प्रवक्ता हेमंत श्रीमाली ा(बडगांव), कांग्रेस कार्यकर्ता धर्मसिंह सुहालका (खोडियात), कांग्रेस किसान मोर्चा के सचिव रमेशपुरी (डबोक), सरपंच रमेश पटेल (थूर) और कांग्रेस किसान मोर्चा के सदस्य सुरेश सुथार (चीरवा) का नाम दौड में शामिल है ।

यू.आई.टी. अध्यक्ष रूप कुमार का कहना है की हाँ ट्रस्ट तो बनेगा लेकिन कब तक बनेगा कहना कठिन है क्यों की यह सब सरकार के हाथ में है और यह फेसला सरकार को ही करना है ।

 

मौत के मातम में बदली, शादी की ख़ुशी

उदयपुर. हिरणमगरी सेक्टर तीन स्थित मधु नर्सरी में मंगलवार शाम शादी समारोह था, लेकिन खुशियां नहीं थीं। मेहमान थे मगर उनके चेहरे उदास थे। शहनाई और म्यूजिक सिस्टम खामोश था।

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सजे हुए स्टेज और कुर्सियां जैसे मेहमानों के आने का इंतजार कर रहे थे। फूलों से मानो खुशबू उड़ चुकी थी। यहां मुर्शीद नगर निवासी जफरुल्ला खान की बड़ी बेटी सायमा का निकाह होना था। बारात कोटा से उदयपुर आ रही थी, तभी चित्तौड़गढ़ के पास बारातियों की एक कार पलटने से दूल्हे की बहन व भतीजे की मृत्यु हो गई।

इस घटना से दोनों परिवारों की खुशियां गम में तब्दील हो गईं। शादी में आने वाले मेहमानों को भी नर्सरी में आधा अंधेरा और खामोशी देखी तो अनहोनी का अंदेशा हुआ। थोड़ी देर में इस हादसे का पता चला। यह देख और सुनकर उनके चेहरे भी उदास हो गए।

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हादसे के बाद दूल्हे व उनके परिजनों के देर रात तक निकाह के लिए यहां पहुंचने की उम्मीद जताई जा रही थी, लेकिन दोनों परिवारों में बातचीत के बाद शादी टाल दी गई। पारिवारिक सूत्रों के अनुसार संभवत: निकाह बुधवार को होगा।

ऐसे हुआ हादसा

मृतक आतिफ
मृतक आतिफ

कोटा से उदयपुर जा रही बारात की कार चित्तौड़गढ़-कोटा फोरलेन पर स्थित तेजपुर गांव के पास टायर फटने से बेकाबू होकर पलट गई। कार में सवार दूल्हे की बहन तरन्नुम व भतीजे आतिफ की मौत हो गई, जबकि भाभी कहकशां तथा भांजा समर घायल हो गए। कार में बैठा डेढ़ साल का छोटा भतीजा आरिज कार से निकल कर नाले में जा गिरा। उसके चोट नहीं लगी।

 

उदयपुर जाने वाली बारात बिना निकाह के कोटा लौट आई। घायलों को तलवंडी के निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया। पुलिस के अनुसार सीएफसीएल में इंजीनियर शाहीक पठान का उदयपुर में मंगलवार को निकाह होना था। एक बस व 7 कारों से बाराती निकाह में जा रहे थे। घायलों को कोटा लाकर तलवंडी के निजी अस्पताल में भर्ती कराया।

 

एक कार में दूल्हे का बड़ा भाई तारीक पठान, भाभी कहकशां, बहन तरन्नुम, जीजा डॉ. रियाज मोहम्मद, भतीजे आतिफ, आदिल और भांजा समर सवार थे। पारसोली थाना क्षेत्र के तेजपुर गांव के पास नेशनल हाईवे पर अचानक उनकी कार का अगला टायर पंचर हुआ और अनियंत्रित हो गई।

 

कार की स्पीड तेज होने से हवा में लहराती हुई खेत में कूदी और वहां खड़े ट्रैक्टर पर गिरकर एक मकान में जा घुसी। कार में सवार तरन्नुम (30) तथा आतिफ (4) के गंभीर चोट लगी और उनकी मौके पर ही मौत हो गई। कहकशां के गर्दन की हड्डी टूट गई और समर के हाथ में चोट लगी। तारीक व डॉ. रियाज के मामूली चोटें आईं। आतिफ का छोटा भाई डेढ़ वर्षीय आरिज कार से निकलकर दूर नाले में जा गिरा, जिसे ग्रामीणों ने उठाया। हादसे के समय बारात के अन्य वाहन भी आगे पीछे ही थे। वे सब घटनास्थल पर आ गए। घायलों को कोटा लाकर तलवंडी के निजी अस्पताल में भर्ती कराया। वहां कहकशां की हालत गंभीर बनी हुई है।

 

 

बहू के आने की खुशी में बज रही शहनाई खामोश हो गई

मृतका तरन्नुम
मृतका तरन्नुम

 

 

चंद घंटों पहले तक घर में शहनाई बज रही थी। परिवार घर में बहू के आने का इंतजार कर रहा था। अचानक हुए हादसे से परिवार की सभी खुशियां काफूर हो गई। घर में मातम पसर गया। किसी को यकीन ही नहीं हो रहा था कि हादसे ने परिवार का मासूम आतिफ और बेटी तरन्नुम को छीन लिया था। परिवार की बहू कहकशां जिंदगी और मौत से संघर्ष कर रही है।

सुबह साढ़े 6 बजे विज्ञाननगर से बारात रवाना हुई थी। दूल्हे के चाचा शिक्षक नेता अजीम पठान ने बताया कि पहले रात को ही बारात को जाने का कार्यक्रम था, लेकिन कोहरे व अंधेरे की वजह से सुबह बारात को रवाना किया गया था। दो घंटे के बाद ही यह हादसा हो गया। पूरा परिवार हादसे से सदमे में है। हादसे के कारण पूरी बारात वापस कोटा आ गई। तरन्नुम का शव उसके ससुराल वाले मोड़क ले गए। जिनसे भी हादसे के बारे में सुना वह विज्ञाननगर घर पर पहुंचा। आतिफ को कोटा में ही सुपुर्दे खाक किया गया। उसके बाद अधिकतर परिवार वाले मोड़क तरन्नुम की गमी में पहुंचे।

 

 

मासूम को नहीं मालूम मां दुनिया में नहीं रही

 

तरन्नुम का बेटा समर हाथ में फ्रेक्चर होने से अस्पताल में है। उसे यह पता नहीं है कि उसकी मां अब दुनिया में नहीं रही। वहीं हादसे में घायल हुई कहकशां को भी नहीं पता कि बेटे आतिफ की मौत हो गई। हादसे के बाद से वह बेहोश है।

 

हवा में उछलकर गिरी कार

 

तेजपुर के पास हुए हादसे में कार जिस तरह से हवा में उछली और गिरी, उसे देख लोग हैरान रह गए। फोरलेन सड़क तेजपुर गांव से करीब 10 फीट ऊपर से गुजर रही है। तेज गति से आ रही कार सबसे पहले फोरलेन किनारे खंभे से टकराई। इसके बाद हवा में करीब डेढ़ सौ फीट उछलती हुई कार फोरलेन सड़क से नीचे खड़े ट्रैक्टर के बोनट पर गिरी और एक बार फिर उछलकर सामने स्थित मकान के बाहर लगे लोहे के चद्दरों से टकराकर नीचे जा गिरी। ट्रैक्टर व चद्दरों से टकराने के कारण बोनट व चद्दर भी टूट गए। इस हादसे को देखकर लोग आश्चर्य प्रकट कर रहे थे। कई लोग तो एक बार हवा में आती हुई कार का माजरा भी नहीं समझ पाए।

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खुदा के करम से बची मासूम की जान

टायर फटने के बाद कार जैसे ही फोरलेन से नीचे हवा में उछली। उस समय कार के ट्रैक्टर के बोनट पर गिरने

से पहले करीब डेढ़-दो वर्षीय मासूम बालक समर नीचे जा गिरा, मगर वह सुरक्षित बच गया। उसे मामूली खरोंच ही आई। रिश्तेदार बार-बार एक ही बात कह रहे थे कि मौत आई, मगर मासूम खुदा के रहमोकरम ने उसे बचा लिया।

बांसवाडा में सुलग रही है विवाद की चिंगारिया

दो पक्षो मे विवाद के बाद चली गोलियां हुआ पथराव

बांसवाडा, युवतियों के छेड़ने के मामले ने शांत बांसवाडा शहर की फिजा बिगाड़ दी हालात को नियंत्रण में रखने लिए प्रशाशन को धरा १४४ का इस्तमाल करना पडा है ।

मकरानी वाड़ा निवासी श्रीमती शबनम की तिन पुत्रियों को भोईवड़ा के असामाजिक युवक कपिल, राहुल व ३ अन्य ने छेडकानी करते हुए आधे घण्टे में उठा ले जाने की धमकी दी जिस पर युवतियों के परिजनों ने उन युवकों की पिटाई करदी और फिर शुरू होगया शांत बाँसवाड़ा में आशांति का राजनैतिक खेल ।

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प्रकरण के अनुसार शहर के उपला भोईवाडा क्षेत्र मे कुछ नकाबपोश लोगों ने बीती रात समुह बनाकर एक व्यक्ति के घर मे घूसकर मारपीट की, बाद में इन लोगों ने बाहर खडे वाहनो को क्षतिग्रस्त कर दिया ओर दुकान को भी नुकसान पहुंचाया। सुचना मिलते ही थानाधिकारी गोपीचन्द मीणा जाप्ते के साथ मौके पर पहुंचे और पीडित व आक्रोशित भोई समाज के लोंगो से समझाइश की। मीणा इसके बाद जैसे ही भोईवाडा की गली से निकलकर मुख्य सडक पर आए कि मकरानी वाडा क्षैत्र से गोलिया दागी गई और पथराव किया गया। गोलियां बंद दुकान के शटर में लगी। लगभग घंटे भर बाद पुलिस जाप्ता मौके पर पहुंचा तब जाकर स्थितियां नियंत्रण में आई। घटना के बाद जिला कलेक्टर कुंज बिहारी गुप्ता, पुलिस अधिक्षक डीएस चुण्डावत, अतिरिक्त जिला कलक्टर वीसी गर्ग, एएसपी महेश मीणा सहित आला अधिकारी मौके पर पहुंचे। देर रात को मामला शांत हुआ लेकिन सुबह लोंगो ने रैली निकाली और प्रमुख चौराहों पर टायर फुं के गए। शहर के डेगली माता चौक पर पूर्व राज्य मंत्री भवानी जोशी पहुंचे तो लोगो ने नारेबाजी की। इस दौरान बांसवाडा बंद पर चर्चा चली इस बीच कलेक्टर गुप्ता, एसपी चुण्डावत, एएसपी महेश मीणा, उपखण्ड अधिकारी वारसिंह आदि मौके पर पहुंचे और दो घंटो की मोहलत मांगी। जिस पर राजीनामा हुआ और लोग बिखरने लगे। इसी बिच पाला रोड कुछ युवको ने सब्जियों के थैले पलट दिए जवाब में दुसरे पक्ष के लोगो ने रास्ता जाम करने का प्रयास करते हुए जब पुलिस कर्मियो कि मौजूदगी मे राह चलते एक युवक पर हमला किया गया तो लोगो के सब्र का पैमाना टुट गया और लोग एक बार फिर सडको पर आने लगे। स्थितिया बिगडते देख पुलिस ने शहर के अंदुरनी भागों में धारा १४४ लागु कर दी। बताया जाता है कि एक पक्ष विशेष के लोगों ने दुसरे पक्ष के घरो मे घुसकर महिलाओ से अभद्र व्यवहार भी किया। जिसके चलते शहर के अंदुरनी भागों मे धारा १४४ लगानी पडी। आक्रोश का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि प्रदर्शन करने में बडी संख्या में महिलाएं भी सम्मिलित थी।

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पुलिस ने किया ७ जनों को गिरफतार : इस घटना के बाद पुलिस ने ७ जनों को शांति भंग के आरोप में गिरफतार किया है। इनमें शरीफ, असांर, फिरोज, अर्शफ, जावेद, सलीम व आसीफ शामिल है। इधर इस घटना को लेकर श्रीमती शबनम ने कपिल, राहुल व ३ अन्य के विरूद्घ मुकदमा दर्ज कराया है। उसने बताया कि उसकी तीन लडकिया बाजार गई तो इन लोगों ने छेडकानी करते हुए आधे घण्टे में उठा ले जाने की धमकी दी। इधर कैलाश पिता हीरजी भोई ने बिलाद, मुजफफर, अबरार सहित ५. जनों के विरूद्घ घर में घुसकर तोड फोड, मारपीट और देशी कट्टों से डराने का मामला दर्ज कराया है।

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सैण्ड आर्ट बना आकर्षण, खरीददारी जारी

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उदयपुर, पश्चिम क्षेत्र सांस्कृतिक केन्द्र द्वारा आयोजित शिल्पग्राम उत्सव-2012 में कलात्मक वस्तुओं की खरीददारी का दौर सोमवार को जारी रहा वहीं सुबल महाराणा की सण्ड आर्ट लोगों के आकर्षण का केन्द्र बनी हुई है।

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सोमवार को हाट बाजार के चर्म शिल्प में जरी की जूती, मोजड़ियां, लैदर बैग्स, तिल्ला जुत्ती, जैकेट्स, पर्स, बैल्ट की दूकानों पर युवाओं की भीड़ रही वहीं जूट शिल्प क्षेत्र में जूट के बने झूले, बोटल बैग, जूट की चप्पल, मोबाइल कवर आदि की बिक्री हुई। शिल्पग्राम के हाट बाजार में ही खुर्जा की कलात्मक व रंगबिरंगी पॉटरी के फूलदान, चाय के प्याले, टी सैट, मसाले दानी आदि उल्लेखनीय है। अलंकरण में विभिन्न प्रकार के आभूषण मोती के हार, पीतल के नैकलेस, उ़डीसा की पीतल की सजावटी नक्कशीदार मूर्तियाँ, जयपुर की तारकशी, लाख की चूड़ी, वूलन कारपेट, नमदे के बनी वॉल पीस की स्टॉल पर लोगों की खासी रौनक देखी गई। हाट बाजार में लोक कलाकारों ने अपनी प्रस्तुतियों से दर्शकों को रिझाया इनमें बहुरूपिया, महाराष्ट्र का शब्द भेद, विशाल पुतलियां प्रमुख हैं।

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