महिला की दिल दहला देने वाली हुई मौत – पहले मोबाइल के इयर फोन से दबाया गया और फिर ,..

पोस्ट न्यूज़. सलुम्बर के पूर्बिया मोहल्ले में दिनदहाड़े एक महिला की अज्ञात हमलावर ने हत्या कर दी । मौके पर पड़े शव के अनुसार पुलिस ने बताया कि महिला की हत्या के लिए हमलावर ने मोबाइल के ईयर फोन का इस्तेमाल उसका गला दबाने में किया और उसके पश्चात मकान की फर्श पर जोर से सिर पटक कर हत्या कर दी। घटना के दौरान महिला अपने घर में अकेली थी। हत्या के कारणों का फिलहाल कुछ भी पता नहीं चल पाया है मगर यह माना जा रहा है कि किसी रंजिश के चलते यह हत्या की गई है ।
घटना के अनुसार, मृतका राजू देवी 45 धर्मपत्नी मुकेश मेवाड़ी जाति गांछा का पुत्र चयन मेवाड़ी जो कि सलूंबर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में संविदा पर कार्यरत है वह दोपहर 3:00 बजे अपने घर पहुंचा तो घर का दरवाजा बाहर से बंद था। जब वह अपने घर के प्रथम मंजिल के कमरे पर गया तो वहां फर्श पर अपनी मां का खून से लथपथ शव पड़ा हुआ था। घटना की पुलिस को सूचना दी गई जिस पर अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक नारायण सिंह व्रत निरीक्षक शैलेंद्र सिंह जलारा थाना अधिकारी कपिल पाटीदार व अन्य पुलिसकर्मी मौके पर पहुंचे और मौका मुआयना क‍िया । पुलिस के अनुसार किसी रंजिश के चलते अज्ञात हमलावर उनके घर में प्रवेश कर गया और महिला की हत्या कर दी । नगर के व्यस्ततम इलाके में इस प्रकार की घटना से पूरे बाजार में सनसनी फैल गई। घटनास्थल पर बड़ी संख्या में लोग जमा हो गए। मृतका का पति भी राजकीय एमबी हॉस्पिटल में रेडियोग्राफर के रूप में कार्यरत है।

राजसमन्द फिर सुर्ख़ियों में युवक के पेट में मारा चाक़ू -आंते आगई बाहर

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उदयपुर . लगता है राजसमन्द हमेशा अमानवीय घटनाओं के कारण देश भर में हमेशा चर्चित बना रहेगा . चाकू बाजी के घटनाओं में अब तक की सबसे खोफ्नाक घटना आज घटी जिसमे एक युवक को कुछ युवकों ने मिल कर चाक़ू से एसा वार कर दिया की घायल युवक की आंते पेट से बाहर आगई . घायल युवको उदयपुर के अस्पताल में रेफर किया गया है.

शहर के कमल तलाई में दो युवकों में तनातनी के बाद एक युवक ने दूसरे युवक के पेट में चाकू घोंप दिया। चाकू से ऐसा वार किया कि उस युवक के पेट से आंतें बाहर निकल आई, जिसे तत्काल आरके जिला अस्पताल ले गए, जहां से गंभीर हालत में उदयपुर रेफर कर दिया गया। दूसरी ओर चाकूवार करने वाले कतिपय युवकों की क्षेत्रीय लोगों ने पकड़ कर धुनाई कर डाली। बाद में पुलिस पकडक़र उसे कांकरोली थाने ले गई। घटना के बाद कमल तलाई क्षेत्र में भारी पुलिस जाब्ता तैनात कर दिया गया, लेकिन चाकूबाजी के कारण स्पष्ट नहीं हो पाए हैं। जानकारी के अनुसार देवली निवासी उदयलाल (20) पुत्र सोहनलाल गमेती की कमत तलाई पचास फीट रोड पर किसी ने पेट में चाकू घोंप दिया। जिससे उसके पेट की आंते बाहर निकल आई। इसके बाद आस पास के कई लोग एकत्रित हो गए और चाकूवार करने वाले आरोपित की पकड़ कर धुनाई शुरू कर दी। साथ ही गंभीर घायल उदयलाल को आरके जिला अस्पताल पहुंचा दिया, जहां प्राथमिक उपचार कर उसे उदयपुर रेफर कर दिया गया। उसकी हालत गंभीर बताई जा रही है।
कमल तलाई के 50 फीट रोड पर बाइक सवार तीन युवकों ने आकर उदयलाल गमेती के पेट में चाकू घोंप दिया। चाकू घोंपने के बाद तीनों युवक फिर बाइक से भागने लगे, मगर एकत्रित लोगों ने एक युवक को पकड़ लिया। साथ ही उसकी धुनाई करने के बाद उसे पुलिस के हवाले कर दिया। अन्य दोनों युवकों की तलाश के लिए अलग अलग पुलिस दल गठित कर दिए और तलाश शुरू कर दी।
युवक के पेट में चाकूवार की घटना के बाद तनाव के हालात उत्पन्न हो गए। हालात बिगडऩे से पहले ही घटना स्थल के साथ ही राजसमंद शहर के विभिन्न चौराहों व गली मोहल्ले तक पुलिस बल तैनात कर दिया गया। राजसमंद शहर में अब तक जितनी भी चाकूबाजी की घटनाएं हुई, उनमें सबसे ज्यादा खौफनाक घटना थी ।

बचाया नहीं, तमाशा देखते रहे लोग : चाकू से युवक का पेट काटने से आंतें बाहर निकल आई और युवक रोता, बिलतखता व तड़पता रहा, मगर लोग तत्काल अस्पताल पहुंचाने की बजाय सिर्फ तमाशा देखते रहे। खौफनाक घटना के बावजूद कुछ लोग फोटो, वीडियो बनाने में व्यस्त रहे। हालांकि बाद में एक युवक ने मानवता दिखाते हुए अकेले ही तड़पते युवक को ऑटो से जिला अस्पताल पहुंचाया। मददगार युवक भी पूरी तरह खून से लथपथ हो गया।

Zinc can protect your children’s eyesight…

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Children have especially high Zinc needs because they are growing rapidly. Fatigue, insufficient appetite, delayed development, poor attention spans, and increased susceptibility to infection are sometimes quite visible. Even among adults, with long working hours and chronic stress, computer vision syndrome & digital eye strain are common issues. Headache, blurred vision, irritation, extra tearing, excessive blinking and even neck pain could also be symptoms of Zinc deficiency.

 In the last decade, excessive use of computers, smartphones, laptops and video games have become common with children. Numerous studies have linked increased time spent by children indoors with greatly reduced outdoor activity time, as the key factor contributing to the rapid deterioration in children’s eyesight.

Studies indicate that intense blue light of electronic devices may cause damage to the retina of the eye. This heavy exposure in children could possibly lead to early onset macular degeneration which is a leading cause of blindness in future.

As children’s eyes are still developing, the blue light is able to penetrate efficiently & directly into the retina.Though blue wavelengths are crucial during daylight as they boost attention, reaction and mood, but they are disastrous at night as they interfere with circadian rhythms and disrupt sleep.

It is very sad to note that in India over 25% of childhood blindness is due to nutrient (primarily Vitamin-A) deficiency.

Many dietary supplements can improve vision, protect the retina and the eye lens, like Vitamin-E, Vitamin-C, and the trace minerals – Selenium & Zinc.

Zinc, the essential trace mineral, or ‘helper molecule’, is vital for eye health. Zinc is highly concentrated in the eye, mostly in the retina and choroid, the vascular tissue layer under the retina. It plays a crucial role in bringing vitamin-A from the liver to the retina in order to produce melanin, a protective pigment in the eyes.

At the cellular level, Zinc regulates the communication between retinal cells and controlling channels that allow ions to flow in and flow out of cells. The retinal pigment epithelium is a barrier that transports nutrients into the retina. It can only function when Zinc-dependent proteins are present.

Children have especially high Zinc needs because they are growing rapidly. Fatigue, insufficient appetite, delayed development, poor attention spans, and increased susceptibility to infection are sometimes quite visible.

Even among adults, with long working hours and chronic stress, computer vision syndrome & digital eye strain are common issues. Headache, blurred vision, irritation, extra tearing, excessive blinking and even neck pain could also be symptoms of Zinc deficiency.

In fact research has shown that over 285 million people in the world suffer from visual disorders, including visual impairment thus making crucial to focus on vision health.

Zinc has been shown to protect against age-related macular degeneration, night blindness, damage to optic nerve, impaired vision, poor night vision and cloudy cataracts. A person with Zinc deficiency in the body is also at risk for alopecia (loss of hair from eyebrows and eyelashes), mental sluggishness and increased susceptibility to infection.

Because Zinc is found in high concentrations in the eye, it is known to play a large part in eye health. Researchers have discovered that taking Zinc, along with various other antioxidants, could lower the risk of developing age-related macular degeneration by about 25%.

Studies published in the African Journal of Food, Agricultural, Nutrition and Development, have found that Zinc deficiency may be implicated in the high prevalence of cataract formation. The incidence of cataract development is more common in tropical countries due to the pronounced exposure to sunlight, and Zinc has the ability to protect the lens of the eye from oxidative damage. Cataract is in fact responsible for around 60% cases of visual impairment in India.

Zinc deficiency not only affects vision but has been ranked amongst the leading risk factors towards causing diseases worldwide. The underdeveloped nations regularly suffer from high mortality rates since Zinc deficiency causes childhood diarrhoea and pneumonia.

Experts recommend daily Zinc consumption of 8 milligrams (mg) for women and 11 mg for men. Good food sources of Zinc include nuts, seafood, spinach, mushroom, milk, yoghurt, eggs, cocoa, black-eyed peas, tofu and wheat germ.

Hindustan Zinc is India’s only and the world’s second largest integrated Zinc producer, proudly known as Zinc of India…

Pavan Kaushik

Article by- Pavan Kaushik, Head – Corporate Communication, Hindustan Zinc

PNB की मुंबई शाखा के 11,547 करोड़ के घोटाले का आरोपी देश छोड़ हुआ फरार

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भारत में दूसरे सबसे बड़े राष्ट्रीयकृत बैंक पंजाब नेशनल बैंक की मुंबई स्थित एक शाखा में करीब 1.8 अरब अमेरिकी डॉलर के घोटाले का आरोपी देश छोड़ कर फरार हो चूका है.

घोटाले का आरोपी डायमंड व्यापारी नीरव मोदी एफआईआर दर्ज होने से पहले ही देश छोड़ कर चला गया है. बताया जा रहा है कि वह स्विटजरलैंड के दावोस में है. ध्यान रहे इससे पहले बैंकों के 9000 करोड़ लेकर कारोबारी विजय माल्या फरार हो चूका है. जो अब तक पुलिस की गिरफ्त से बाहर है.

ध्यान रहे बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज में बैंक की तरफ से दी गई जानकारी के मुताबिक यह फ्रॉड करीब 1.77 बिलियन डॉलर का हुआ है. इस घोटाले को अंजाम देने का आरोप बैंक के पूर्व डिप्टी मैनेजर गोकुलनाथ शेट्टी पर भी लगा है. जिसने फर्जी दस्तावेज यानी एलओयू देकर विदेश में भारतीय बैंकों से दोनों को 280 करोड़ दिलाए.

प्राप्त जानकारी के अनुसार, पीएनबी से नीरव मोदी ने 2000 करोड़ और मेहुल चौकसी ने 9000 करोड़ रूपये लिए थे. ये दोनों विदेशों से कच्चा हीरा आयात करते थे. पंजाब नेशनल बैकं के दो अधिकारियों की मिलीभगत से नीरव मोदी और उनके सहयोगियो ने साल 2017 में  विदेश से सामान मंगाने के नाम पर बैंकिंग सिस्टम में जानकारी डाले बिना ही आठ एलओयू जारी करवा दिए, जिससे बैंक को 280 करोड रुपये से ज्यादा का नुकसान हुआ. हालांकि ये पूरा घोटाला 11 हजार 500 करोड़ का है..

नीरव मोदी दुनिया की डायमंड कैपिटल कहे जाने बेल्जियम के एंटवर्प शहर के मशहूर डायमंड ब्रोकर परिवार से ताल्लुक रखते हैं. नीरव की दो कंपनियां हैं. पहला हीरो का कारोबार करने वाली कंपनी फायरस्टार डायमंड और दूसरा ब्रांड नीरव मोदी. इसके अलावा नीरव मोदी के साथ साथ मेहुल चौकसी भी घोटाले में आरोपी हैं. जो ज्वेलरी कंपनी गीतांजलि के मालिक है.

सोहराबुद्दीन शेख मुठभेड़ केस में बढ़ सकती हैं अमित शाह की मुश्किलें

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सोहराबुद्दीन शेख मुठभेड़ केस मामले में भारतीय जनता पार्टी अध्यक्ष अमित शाह की मुश्किलें बढ़ सकती हैं। केस से जुड़े रहे बॉम्बे हाई कोर्ट के पूर्व न्यायाधीश अभय एम थिप्से ने कहा है कि इस मामले में “न्याय-प्रक्रिया का पूरी तरह पालन नहीं हुआ था।”

पूर्व जस्टिस अभय एम थिप्से ने अंग्रेजी अखबार इंडियन एक्सप्रेस को दिए एक साक्षात्कार में कहा है कि इस मामले में हाई प्रोफाइल न्यायिक प्रक्रिया में “अनियमितता” और गवाहों पर दबाव और सबूतों से “छेड़खानी” और अभियुक्त बरी होने के तरीके, से “न्याय प्रक्रिया की विफलता” का पता चलता है।

बता दें जस्टिस थिप्से बॉम्बे हाई कोर्ट की उस पीठ के सदस्य थे जिसने सोहराबुद्दीन शेख मुठभेड़ मामले से जुड़े चार अभियुक्तों की जमानत पर सुनवाई की थी। जस्टिस थिप्से मार्च 2017 में इलाहाबाद उच्च न्यायालय के जज के तौर पर मार्च 2017 में रिटायर हुए थे।

जस्टिस थिप्से ने इंडियन एक्सप्रेस से कहा कि बॉम्बे हाई कोर्ट को मामले में स्वतः संज्ञान लेते हुए इस मामले की फिर से सुनवाई करनी चाहिए।
सोहराबुद्दीन शेख मुठभेड़ मामले की मुंबई की सीबीआई अदालत में सुनवाई चल रही है। जस्टिस थिप्से ने कहा कि अदालत मानती है कि सोहराबुद्दीन का अपहरण किया गया और उनका मुठभेड़ सुनियोजित था फिर भी वरिष्ठ पुलिस अधिकारी बरी हो गये। जस्टिस थिप्से ने कहा कि मामले से जुड़े कई पहलू संदेह पैदा करते हैं।
जस्टिस थिप्से ने कहा कि मामले में कई अभियुक्तों को कमजोर सबूतों का हवाला देकर बरी कर दिया गया लेकिन उन्हीं सबूतों के आधार पर ट्रायल कोर्ट ने कुछ अभियुक्तों के खिलाफ मुकदमा चलाया।

जस्टिस थिप्से ने कहा कि पुलिस को दिए कुछ गवाहों के बयान को कुछ मामले में सही माना गया और उन्हीं गवाहों के उन्हीं बयानों को कुछ अन्य लोगों को बरी करने के मामले में गलत ठहराया गया।

जस्टिस थिप्से ने इंडियन एक्सप्रेस से कहा,

“आपको यकीन है कि उसका (सोहराबुद्दीन शेख) अपहरण हुआ था। आपको ये भी यकीन है कि मुठभेड़ फर्जी थी। आपको ये भी यकीन है कि उसे फार्महाउस में गैर-कानूनी ढंग से बंधक रखा
गया। लेकिन आपको इस पर यकीन नहीं है कि वंजारा (उस समय गुजरात के डीआईजी), दिनेश एमएन (तब राजस्थान पुलिस के एसपी) या राजकुमार पांडियन (तब गुजरात पुलिस के एसपी) इसमें शामिल थे।

9 साल बाद सलमान खान 10 का दम में एक बार फिर दिखाएगें अपना swag वाला दम

सलमान खान 9 साल बाद टीवी के पॉपुलर गेम शो ’10 का दम’ के सीजन-2 को होस्‍ट करेंगे। खबरों के मुताबिक, ‘इस शो का प्रोमो शूट किया जा चुका है, जो जल्द ही रिलीज होगा। इस प्रोमो शूट की कुछ तस्वीरें सोशल मीडिया पर वायरल हो चुकी हैं। बताया जा रहा है कि सलमान का यह गेम शो इसी साल जून में टेलिकास्ट किया जाएगा! सलमान ने एक इंटरव्यू में यह खुलासाबॉलीवुड के दबंग खान बड़े पर्दे के साथ—साथ छोटे पर्दे पर लगातार अपना दम दिखा रहे हैं। करीब 8 साल से बिग—बॉस के सभी सीजन को होस्ट करने वाले सलमान टीवी पर अपने एक पुराने शो को लेकर लंबे समय के बाद वापसी कर रहे हैं। जी हां, हम बात कर रहे हैं सलमान खान के पॉपुलर गेम शो ’10 का दम’ की।
सलमान 9 साल बाद ’10 का दम’ के सीजन-2 को एक बार फिर होस्‍ट करेंगे। खबरों के मुताबिक, ‘इस शो का प्रोमो शूट किया जा चुका है, जो जल्द ही रिलीज होगा। इस प्रोमो शूट की कुछ तस्वीरें सोशल मीडिया पर वायरल हो चुकी हैं। बताया जा रहा है कि सलमान का यह गेम शो इसी साल जून में टेलिकास्ट किया जाएगा! सलमान ने एक इंटरव्यू में यह खुलासा किया था कि ’10 का दम’ ही वो सीरियल है, जिसने उन्हें घर-घर में पहचान दिलवाई थी।

सलामन आज बॉलीवुड के जाने माने अभिनेता है। उनकी शायद ही कोई फिल्म ऐसी हो जो बॉक्स आॅफिस पर कमाल न दिखाए, वरना उनकी सभी फिल्में जबरदस्त हिट रहती है। हाल ही रिलीज हुई उनकी फिल्म टाइगर जिंदा है सुपरहिट रही। उनकी करियर की बात करें तो सलमान ने करीब 30 साल पहले फिल्‍म इंडस्‍ट्री में कदम रखा था। जहां सलमान की शुरूआती फिल्में एक के बाद फ्लॅाप रहीं। वहीं 1989 में आई उनकी फिल्म ‘मैंने प्‍यार किया’ ने रातों-रात स्‍टार बना दिया। बता दें कि इस फिल्म में उन्होंने पहली बार बतौर लीड एक्‍टर किया था। इसके बाद उन्‍होंने ‘हम आपके हैं कौन’, ‘साजन’ जैसी कई हिट फिल्‍में दीं। लेकिन सलमान को घर-घर में पहचान ‘दस का दम’ (2008) से मिली। आज उनकी 12 फिल्‍में 100 करोड़ क्‍लब का हिस्‍सा हैं। हाल ही में एक इंटरव्यू में सलमान ने कहा,‘2008 की ही बात है। मेरा टीवी शो तब शुरू हो गया था। मैं अपने फार्म हाउस (पनवेल) के निकट बाइक राइड कर रहा था। वहीं कुछ लोग पास में काम कर रहे थे। मैंने उन्‍हें पहले भी देखा था। उन्‍होंने भी मुझे देखा था, लेकिन कभी कोई बात नहीं हुई। लेकिन उस दिन वो खुशी में मेरे पास आए और मुझसे पूछा कि आप टीवी पर आते हो ना। मैंने आपका सीरियल देखा है।’
सलमान हंसते हुए आगे कहते हैं, ‘मैंने तब खुद से कहा कि अरे यार मैं तो खुद को बड़ा स्‍टार मानता था, लेकिन ये तो मुझे जानते ही नहीं थे। जबकि मैं तो इनके बगल में रहता हूं।’ फिर उन्होंने कहा, ‘मुझे एहसास हो गया कि बड़ा पर्दा भले ही बड़ा हो, लेकिन आम लोगों से जितना अटूट रिश्‍ता छोटे पर्दे का है, उसका कोई तोड़ नहीं है।
बता दें, ’10 का दम’ इंटरनेशनल रिएलिटी गेम शो ‘पॉवर ऑफ 10’ का हिंदी वर्जन है। इस शो में कंटेस्टेट को पूछे गए सवालों के जवाब देने होते हैं। खास बात ये है कि जवाब हमेशा प्रतिशत में देना होता है। सभी सवालों के जवाब का सही परसेंट करने वाले को 10 करोड़ रुपये की इनामी राश‍ि दी जाती है। 2008 में प्रसारित इस शो के 51 एपिसोड दिखाए गए थे।

बदजुबान नेताओं की ज़बान पर लगेगा अब ताला – एक एक कर आएगा सारे बद्जुबानों का नंबर

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पोस्ट न्यूज़। राजस्थान में हाल ही में हुए उपचुनाव में भाजपा की हर के बाद अंदरूनी कहल बाद गयी है। इसी अंदरूनी कहल के बाद कई भाजपा के वरिष्ठ नेताओं की ज़बान बदजुबानी में बदल रही है। हर रोज़ आरोप प्रत्यारोप के बिच अनाप शनाप बयान आरहे है। आने वाले विधान सभा को देखते हुए आलाकमान अब इस बयान बाजी पर विराम लगा कर भाजपा की जीत के साथ कोई समझोता नहीं करना चाहती। वरिष्ठ नेताओं की बदजुबानी के चलते राज्य में पार्टी की काफी किरकिरी हो रही है और इसीलिए अब इस पर लगाम लगाईं जा रही है।
सूत्रों की मानें तो अब पार्टी ऐसे ‘बदज़ुबान’ नेताओं पर सख्ती बरतने के मूड में दिखाई दे रही है जिनसे उसे फ़ज़ीहत का सामना करना पड़ रहा है। माना जा रहा है कि इस फहरिस्त में बीजेपी विधायक ज्ञानदेव आहूजा का सबसे पहला नंबर आ सकता है। सूत्रों के मुताबिक़ हाल ही में आहूजा के वायरल हुए एक ऑडियो से जुड़े मामले की शिकायत आलाकमान तक पहुंच गई है। लिहाज़ा अब उनपर अनुशासन का डंडा चलना तय माना जा रहा है। गौरतलब है कि आहूजा की बेबाक टिप्पणियां एक नहीं बल्कि कई बार सत्ता और संगठन को परेशानी में डाल चुकी है।
भाजपा विधायक आहूजा पर अब कभी भी अनुशासनात्मक कार्रवाई हो सकती है। भाजपा मुख्यालय पर बुधवार को हुई अनुशासन समिति की बैठक में हाल ही चल रहे आहूजा के वायरल ऑडियो और श्रम मंत्री जसवंत यादव के प्रकरण पर चर्चा की गई। चर्चा के बाद एक गुप्त रिपोर्ट को दिल्ली हाईकमान को भेजी गई है। सूत्रों की माने तो रिपोर्ट के खुलासे के बाद आहूजा के लिए मुश्किलें खड़ी हो सकती हैं।
आहूजा का पिछले दिनों एक ऑडियो वायरल हुआ। इस ऑडियो में नेतृत्व पर सवाल उठाते हुए हार की जिम्मेदारी सरकार पर डाली थी। अलवर से सांसद का चुनाव हार चुके श्रम मंत्री जसवंत यादव ने ज्ञानदेव आहूजा पर हमला करते हुए कहा कि अगर वायरल ऑडियो आहूजा का है तो उनकी मानसिक स्थिति ठीक नहीं है। प्रदेश के तीन उपचुनावों में भाजपा की हुई हार के बाद सबसे ज्यादा कलह अलवर में सामने आ रही है। अलवर की आठ में से सात सीटों पर भाजपा के विधायक हैं।
वहीं बीजेपी से ही दिग्गज विधायक घनश्याम तिवाड़ी पर पार्टी नेतृत्व अब भी चुप्पी साधे बैठा है। तिवाड़ी भी एक बार नहीं बल्कि कई बार सरकार के खिलाफ खुलकर अपने तेवर दिखा चुके हैं। उनकी सरकार विरोधी बेबाक बयानबाज़ी आज तक जारी है। चौंकाने वाली बात तो ये है कि उन्होंने सरकार के खिलाफ मोर्चा खोलते हुए पंडित दीनदयाल वाहिनी का गठन तक कर लिया है।
भाजपा विधायकों और मंत्रियों के बीच चल रही खींचतान अब विधानसभा में भी दिखाई देने लगी है। सत्तापक्ष के विधायक ही मंत्री की कार्यशैली पर सवाल उठाने लगे हैं। विधानसभा में बुधवार को सत्तापक्ष के विधायक शुभकरण चौधरी ने गृहमंत्री गुलाबचंद कटारिया पर सवाल उठाए। कटारिया ने चौधरी को खरीखोटी सुना दी। बहस को देखकर विधानसभा उपाध्यक्ष राव राजेंद्र सिंह ने नाराजगी जताई।
दरअसल, बुधवार को शून्यकाल के दौरान उदयपुरवाटी से भाजपा विधायक शुभकरण चौधरी ने पांच मामलों में जांच होने के बावजूद कार्रवाई नहीं होने पर यहां तक कह दिया कि मजाक बना रखा है, सरकार को चाहे जिसे बचा लो। 44 लाख खाने वाले को इस तरह नहीं बचाने दूंगा। एक ही व्यक्ति व परिवार के खिलाफ इतने आरोप होने के बावजूद कार्रवाई नहीं की जा रही। जांच में दोष सिद्ध होने के बावजूद फाइल को सीआईडी सीबी में मंगवा लिया जाता है। यदि आरोपी दोषी नहीं है तो मैं विधानसभा से इस्तीफा दे दूंगा।
गृहमंत्री कटारिया आरोपों का जवाब दे रहे थे, तब चौधरी ने टोकाटोकी का प्रयास किया। इस पर कटारिया ने कहा कि आप भी दूध के धुले हुए नहीं हो। जवाब में विधायक चौधरी ने कहा कि मैं तो दूध का धुला हूं, आप अपनी जबान ठीक करो।
कटारिया बोले, आप एक बात समझ लो, आप जिसके साथ मिले हो, मुझे पता है। किसी निर्दोष को न आज मुलजिम बनाउंगा, न कल बनाउंगा। चौधरी ने कहा कि मैं ऐसे नहीं सुनुंगा। बढ़ती बहस को देखकर उपाध्यक्ष राव राजेंद्र सिंह ने नाराजगी जताते हुए कहा कि पर्ची से मामला उठाने का अवसर मिलता है। मंत्री जवाब दे यह बाध्यकारी नहीं है। इस तरह बहस होगी तो पर्ची सिस्टम ही खत्म हो जाएगा। उपाध्यक्ष ने यहकर मामला शांत किया मंत्री का जवाब पर्याप्त है और इसके बाद कोई नहीं बोलेगा।

सुविवि : संभाग के 190 कॉलेजों के 2.20 लाख छात्र आज से देंगे परीक्षा

सुखाड़िया यूनिवर्सिटी के 2 लाख 20 हजार छात्र गुरुवार से वार्षिक परीक्षाएं देंगे। रेगुलर और प्राइवेट मिलाकर संभाग के 6 जिलों से परीक्षार्थी इसमें भाग लेंगे। परीक्षाएं 5 मई तक चलेंगी। विभिन्न संकायों के लगभग 100 वर्गों में परीक्षाएं होंगी। प्रतापगढ़, बांसवाड़ा और डूंगरपुर जिले के प्रथम वर्ष के छात्रों की परीक्षा इस बार यूनिवर्सिटी नहीं कराएगा।परीक्षा दो पारियों में होंगी। पहली पारी में गुरुवार को पहले दिन 20 हजार जबकि दूसरी पारी में 12000 छात्र बैठेंगे। यूनिवर्सिटी से सम्बद्ध 190 कॉलेजों के छात्र इस परीक्षा में बैठेंगे। 130 परीक्षा केंद्र बनाए गए हैं। परीक्षाओं के लिए फ्लाइंग कॉर्डिनेटर कॉमर्स कॉलेज के बीएल वर्मा को बनाया गया है। वहीं परीक्षाओं पर नियंत्रण रखने के लिए कंट्रोल रूम बनाया गया है।

सीसीटीवी हर हाल में लगाने अटेंडेंस पर सख्ती के निर्देश

यूनिवर्सिटी ने कॉलेजों में सीसीटीवी कैमरे को लेकर काफी सख्ती दिखाई है। कॉलेजों को निर्देश दे दिए हैं कि किसी भी सूरत में सभी कैमरे और सिस्टम बंद नहीं होने चाहिए। यूनिवर्सिटी के परीक्षा नियंत्रक आरसी कुमावत ने बताया कि अटेंडेंस को लेकर भी निर्देशित कर दिया गया है। फ्लाइंग स्क्वायड भी यूनिवर्सिटी में रहेगा।

परीक्षा के बाद मई से परिणाम आने शुरू होंगे

परीक्षा के बाद इस बार मई से ही परिणाम आना शुरू हो जाएंगे। 100 में से लगभग 40 परिणाम मई में जारी कर दिए जाएंगे। जबकि शेष जून माह तक जारी होंगे। अबतक जून से परीक्षा परिणाम जारी होते थे।

विधानसभा में भिंडर ने कटारिया से किया सवाल कब दोगे चोकियाँ – कटारिया ने कहा अभी नहीं ,…

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विधानसभा में बुधवार को प्रश्नकाल के दौरान वल्लभनगर के निर्दलीय विधायक रणधीर सिंह भींडर ने क्षेत्र में नई पुलिस चौकियां खोलने का मामला उठाया। भींडर ने गृहमंत्री गुलाबचंद कटारिया से सवाल किया कि क्षेत्र में जो थाने बहुत बड़े हैं और उनसे कुछ पंचायतें या गांव बहुत दूर पड़ते हैं, वहां लोग चार साल से नई चौकियां खोलने की मांग कर रहे हैं। कानोड़ थाने का लूणदा, खेरोदा थाने का सिहाड़ और पाणुंद भींडर थाने से 19 से 20 किलोमीटर दूर है। सामने चौकियां नहीं होने से लोगों को परेशानी हो रही है। यहां कब तक पुलिस चौकियां बनेंगीω विधायक के सवाल पर गृहमंत्री कटारिया ने कहा कि मैंने सारे प्रस्ताव नोट कर रखे हैं। जैसे ही संसाधन उपलब्ध होंगे, मांगें पूरी करने का प्रयास करेंगे।

झाड़ोल मेंं जारी नहीं हाे रहे हैं जाति प्रमाण पत्र, लोग हो रहे परेशान: दरांगी

झाड़ोल विधायक हीरालाल दरांगी ने स्थगन प्रस्ताव के जरिए प्रदेश में चले मीणा और मीना विवाद का जिक्र करते हुए झाड़ोल क्षेत्र में आदिवासियों को जाति प्रमाण पत्र जारी नहीं होने का मामला उठाया। विधायक ने कहा कि जाति प्रमाण पत्र के अभाव में युवा और छात्र वर्ग परेशान है। विधायक के सवाल पर सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्री अरुण चतुर्वेदी ने कहा कि रिट याचिकाओं में मामला कोर्ट में विचाराधीन है।

सलूंबर में माइनिंग क्षेत्रों में सड़कें बदहाल, लोग हो रहे परेशान: मीणा

विधायक अमृतलाल मीणा ने नियम 295 के तहत सलूंबर क्षेत्र में खस्ताहाल माइनिंग सड़कों की तरफ सरकार का ध्यान दिलाया। विधायक ने कहा कि सलूंबर, सराड़ा आैर सेमारी वन क्षेत्र में बड़ी संख्या में माइंस हैं। भारी वाहनों की आवाजाही रहने से कई सड़कें खस्ताहाल है। इससे ग्रामीणों को आने-जाने में भारी परेशानी हो रही है। इन सड़कों को जल्द से जल्द ठीक करवाया जाए।

मावली में औद्योगिक क्षेत्र स्थापित करो : दलीचंद डांगी

मावली विधायक दलीचंद डांगी ने लिखित सवाल के माध्यम से मावली क्षेत्र में औद्योगिक क्षेत्र स्थापित करने की मांग की। उद्योग मंत्री ने लिखित जवाब में जानकारी दी कि निर्धारित मानदंडों के अनुरूप उपयुक्त भूमि की उपलब्धता के अाधार पर इस पर विचार किया जा सकेगा। भूदान यज्ञ बोर्ड की भूमि को नगर पालिका फतहनगर सनवाड़ को आवंटन करने के डांगी के सवाल पर राजस्व मंत्री ने लिखित जवाब में बताया कि विधिवत रूप से प्रस्ताव प्राप्त होने पर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।

नेशनल हाइवे 27 पर अधूरा पड़ा है ट्रोमा सेंटर : प्रताप

गोगुंदा विधायक प्रताप भील ने पर्ची के माध्यम से गोगुंदा क्षेत्र से होकर गुजर रहे नेशनल हाइवे 27 पर अधूरे पड़े ट्रोमा सेंटर की तरफ चिकित्सा मंत्री का ध्यान दिलाया। विधायक ने कहा कि 2012-13 में इस हाईवे पर ट्रोमा सेंटर स्वीकृत हुआ और 65 लाख रुपए जारी भी हुए, मगर काम पूरा नहीं हो सका है। काम पूरा करने के लिए अब भी करीब 72 लाख रुपए की और जरूरत है। विधायक ने सदन में बताया कि इस हाइवे पर तीन साल में 244 हादसे हुए। इनमें 293 लोग घायल हुए और 162 लोगों की मौत हुई है। ट्रोमा सेंटर का काम पूरा होने से लोगों को समय पर इलाज मिल सकेगा।

क्षतिग्रस्त नहरों से किसानों को हो रहा है नुकसान : नवनीत

घाटाेल विधायक नवनीत लाल ने माही बांध की क्षतिग्रस्त नहरों के कारण किसानों को हो रहे नुकसान की तरफ सरकार का ध्यान दिलाया। जलसंसाधन मंत्री डॉ. रामप्रताप ने कहा कि समस्या समाधान के लिए 159 करोड़ के आदेश जारी कर दिए हैं। विभाग ने टेंडर प्रक्रिया पूरी कर ठेकेदार को कार्यादेश भी जारी कर दिया है। यह काम होने से समस्या का स्थायी समाधान हो जाएगा। मंत्री ने विधायक को यह आश्वासन भी दिया कि फसलें खराब हो रही हैं उसकी वे खुद मॉनिटरिंग कर रहे हैं।

JEE और NEET के लिए ऑनलाइन तय्यार करेगा nit trichy

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पोस्ट न्यूज़। JEE और NEET की तय्यारी करने वालों के लिए एक अच्छी खबर है और यह ख़ास उन छात्रों के लिए है जो मंहगे मंहगे कोचिंग सेंटर में दाखिला नहीं ले सकते जो घर पर ही अपनी तय्यारी कर रहे है। JEE और NEET की तारीख की घोषणा हो गयी है। तारीखों की घोषणा के साथ ही
nit trichy ने एक ख़ास कदम उठाते हुए यह फैसला लिया कि वह भी स्टूडेंट्स को इस एग्जाम के लिए तैयार करेगा। वीडियो ट्यूटाेरियल के माध्यम से स्टूडेंट्स को ऑनलाइन पढ़ाया जाएगा। इसके वीडियो यूट्यूब पर भी अपलोड किए जाएंगे। इसी प्रकार कैंपस में होने वाली कोचिंग को भी वीडियो के माध्यम से स्टूडेंट्स तक पहुंचाया गया। इसकी शुरुआत हो चुकी है। nit trichy के ही इग्निटी क्लब ने इसका प्रारूप तैयार किया है। पिछले साल एनआईटी की ओर से सलेक्ट किए गए 20 स्टूडेंट्स को NEET के लिए तैयार किया था। इसमें से 13 स्टूडेंट्स ने नीट क्वालीफाई कर लिया।

दरअसल, नीट और JEE में केमेस्ट्री और फिजिक्स का सिलेबस एक जैसा ही होता है। नीट में मैथ्स की जगह बॉयोलाजी आती है। इस कारण एक एक्सपर्ट अलग से लिया जाता है। संस्थान की मंशा है आर्थिक हालात के कारण कोई भी स्टूडेंट्स अच्छे संस्थान से वंचित नहीं रहे। इस कारण यह पहल की गई है। अभी कक्षा 11 को इससे जोड़ा गया है। इसके बाद इसका विस्तार करते हुए 12वीं व बाद में 11वीं व 12वीं के लेक्चर्स को अपलोड कर दिया जाएगा।