
पोस्ट न्यूज़ बॉलीवुड की चुलबुली एक्ट्रेस श्रीदेवी हमारे बीच नहीं रहीं। शनिवार की रात दुबई में एक शादी समारोह के दौरान दिल का दौरा (कार्डियक अरेस्ट) पड़ने से 54 साल की इस अदाकारा का निधन हो गया। श्रीदेवी अपने पति बोनी कपूर और छोटी बेटी खुशी कपूर के साथ इस शादी में शामिल होने के लिए दुबई गई थीं। श्रीदेवी की मौत की खबर मिलने के बाद बॉलीवुड में शोक की लहर दौड़ गई है। निधन की सूचना मिलते ही कई कलाकार मुंबई में श्रीदेवी के घर पहुंचे। श्रीदेवी ने हिन्दी के साथ तेलगु, तमिल, कन्नड़ और मलयाली फिल्मों में भी किया है। श्रीदेवी का जन्म 13 अगस्त 1963 को तमिलनाडु के शिवकाशी में हुआ था।
वे दुबई में अपने भांजे मोहित मारवाह की शादी में शरीक होने के लिए गई थीं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उनके निधन पर शोक जताया है। अमिताभ बच्चन, कमल हासन, प्रियंका चोपड़ा समेत तमाम कलाकारों ने उन्हें श्रद्धांजलि दी है। अमिताभ ने देर रात ट्वीट कर कहा- “न जानें क्यों, एक अजीब सी घबराहट हो रही है।” श्रीदेवी को 2013 में पद्मश्री सम्मान से नवाजा गया था।
राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को दिग्गज अभिनेत्री श्रीदेवी के निधन पर शोक जताया। श्रीदेवी का दुबई में दिल का दौरा पड़ने से निधन हो गया। राष्ट्रपति ने ट्वीट किया, “फिल्म अभिनेत्री श्रीदेवी के निधन की खबर सुनकर स्तब्ध हूं। वह लाखों प्रशंसकों को दर्द दे गईं। मूंद्रम पिराई, लम्हे और इंग्लिश विंग्लिश जैसी फिल्मों में उनका अभिनय अन्य कलाकारों को प्रेरित करता रहेगा। उनके परिवार और करीबियों के लिए मेरी संवेदनाएं हैं। मोदी ने भी ट्विटर पर लिखा, “सुप्रसिद्ध अभिनेत्री श्रीदेवी के असामयिक निधन से दुख हुआ। वह फिल्म उद्योग की दिग्गज हस्ती थीं जिन्होंने अपने लंबे करियर में विविध भूमिकाएं निभाईं और यादगार अभिनय किया। इस दुख की घड़ी में मेरी संवेदनाएं उनके परिवार और प्रशंसकों के साथ हैं। उनकी आत्मा को शांति मिले। दिग्गज अभिनेत्री श्रीदेवी (54) अपने पति बोनी कपूर और छोटी बेटी खुशी कपूर के साथ एक पारिवारिक विवाह समारोह में हिस्सा लेने दुबई गई थीं। श्रीदेवी को ‘मिस्टर इंडिया’, ‘सदमा’, ‘चालबाज’, ‘चांदनी’ जैसी कई बेहतरीन फिल्मों के लिए जाना जाता है। श्रीदेवी को 2013 में पद्मश्री से सम्मानित किया गया था।
श्रीदेवी का बॉलीवुड में प्रवेश 1978 के फिल्म सोलहवां सावन से हुआ था, लेकिन उन्होंने वर्ष 1983 की फिल्म हिम्मतवाला से खूब सुर्खियां बटोरीं. श्रीदेवी की सदमा, नागिन,निगाहें, मिस्टर इन्डिया, चालबाज़, लम्हे, खुदा गावाह और जुदाई फ़िल्में हैं. श्रीदेवी को पांच फिल्मफेयर अवॉर्ड भी मिलेे.


उदयपुर। अगर आपका रसूख है और अधिकारियों को खुश करने का माद्दा है तो शहर में आप कैसी भी फूहड़ता दिखा कर जनता को लूट सकते हो कोई सवाल नहीं उठाएगा ना ही कोई रोकने आएगा। चमक दमक दिखा कर अखबारों में बड़े बड़े विज्ञापन देकर पत्रकारों की कलम भी कुछ समय के लिए गिरवी रखी जा सकती है। पुलिस और प्रशासन के बड़े अधिकारियों को खुश कर कानून व्यवस्था के नाम पर पूरी तरह व्यावसायिक आयोजन में मुफ्त में पुलिस सेवाएं लेकर लाखों करोड़ों कमाए जा सकते है। फिर चाहे जनता को मुर्ख बना कर 6 घंटे का शो सिर्फ २ घंटे में समाप्त कर जनता को दिल खोल कर लूट लो,.. कोई सवाल नहीं करेगा। इस काम में इनका साथ देते है कुछ दलाल,.. जो मीडिया और प्रशासन को खुश करने की दलाली करते है वह आपका सारा काम आसान कर्देगें।
उदयपुर । शहर के खेलगांव में पिछले पन्द्रह दिनों से जग प्रसिद्ध नोटंकीबाज कुष्तियों के एक प्रारूप ‘एनकाउन्टर – 18’ की तैयारियों को अंतिम रूप दिया जा चुका है। खेलगांव के जिस मैदान पर यह नोटंकीबाज कुष्ती आयोजित की जा रही है, वहां पर भावी क्रिकेटरों को तैयार करने का ख्वाब इस खेलगांव का कर्ताधर्ताओं ने देखा होगा। लेकिन शहर के तथाकथित खेल अधिकारी ने अपने दिमागी कौशल से खेलगांव के नीजिकरण में कोई कसर नहीं छोड़ी। आज भी यहां के हालात तो यहीं कहते है खेलअधिकारी ललित सिंह झाला जब तक इस पद पर आसिन्न रहेंगे बिना रसूख वाले खिलाड़ियों का भविश्य तो नहीं बनेगा। खैर अब बात करते हैं नोटंकीबाज कुष्ती की जिसमें भाग लेने के लिए सारे ही पहलवान शूरवीरों की धरती में आ चुके है। सुना है इस कुष्ती दंगल से पहले नामचीन मोडल रिंग में अपने जलवे बिखेरकर दर्षकों का मनोरंजन करेगी, जो शायद पहली बार ही होगा। कार्यक्रम के आयोजकों ने जनता को मुर्ख बनाने के लिए कोई कसर नहीं छोड़ी और खली को ब्राण्ड एम्बेसेडर बनाते हुए विभिन्न कार्यक्रमों के माध्यम से गुमराह करके टिकिटों में खूब लूट खसौट की है। वैसे इस कुष्ती को लेकर सट्टा लगना भी शुरू हो गया है, माना जा रहा है कि यहां पर खली की जीत तय है और विदेशी पहलवान की हार। खैर यह नोटंकी कुष्ती शुरू से ही सट्टे पर ही आधारित रही है, लेकिन मेवाड़ में आज तक ऐसा खेल खुलेआम नहीं खेला गया जो तथाकथित आयोजकों ने सरकारी स्वीकृति करके कर डाला।
उदयपुर। एनकाउंटर 18 के नाम की रेसलिंग नोटंकी से उदयपुर की जनता को लूटने की तय्यारी पूरी की जाचुकी है। इस लूट की नोटंकी में साथ दे रहे है उदयपुर के खेल अधिकारी जिन्होंने शहर के खिलाड़ियों का खेल गाँव इन एनकाउंटर 18 वाले व्यवसाइयों को बेच दिया है। इस पुरे व्यावसायिक खेल में हर तरह से नुकसान शहर के खिलाड़ियों का ही होना है। सबसे पहले तो इस रेसलिंग नोटंकी की स्वीकृति भी ली है या नहीं ? अगर ली भी है तो पूरी तरह से व्यावसायिक गतिविधि जिसका टिकिट 500 रूपये से लेकर 10000 रूपये तक रखा गया है एसी व्यावसायिक गतिविधि की अनुमति इन खेल अधिकारियों ने दे खेल गाँव में कैसे दे दी? खेल गाँव को पहले तो एक-एक लाख रूपये की मेंबरशिप में सिर्फ शहर के ख़ास लोगों के हवाले कर दिया और अब उसके बाद एनकाउंटर 18 जैसी नोटंकी रेसलिंग आयोजित करवाई जा रही है, जिसका खामियाजा पूरी तरह से शहर के खिलाड़ियों को ही उठाना पडेगा। क्यूँ कि इस नाटकीय मेले के बाद खेल गाँव का जो नुक्सान होगा उसकी भरपाई कोन करेगा। रसूखदार और ख़ास लोगों को फायदा पहुचाने के लिए करवाए जारहे इस एन्काउंतर 18 जो सिर्फ स्मार्ट सिटी की जनता और स्मार्ट सिटी के खिलाड़ियों के साथ एक छलावा भर है। आयोजक इस रेसलिंग नोटंकी को पेश तो एक फेशन शो की तरह कर रहे है लेकिन इन्होने इसको दर्शाया एक खेल की तरह है जबकि सर्व विदित है कि wwe की तर्ज़ पर खेली जाने वाली यह नोटंकी सिर्फ एक पम्पिंग शो भर है इससे ज्यादा कुछ नहीं, जिसको देखने के बाद यक़ीनन 500 से 10000 रूपये खर्च करने वाले दर्शक खुद को ठगा महसूस करने वाले है ।

सुखाड़िया विश्वविद्यालय में असिस्टेंट रजिस्ट्रार के पदों पर भर्ती में हुई गड़बड़ियां सामने आने के बाद यूनिवर्सिटी प्रशासन ने शेष सभी नॉन-टीचिंग पदों पर भर्तियों को रद्द कर दिया है। भर्तियों के तहत अबतक जो भी प्रक्रिया हुई, उसे रद्द कर दोबारा नए सिरे से विज्ञापित किया जाएगा। इसके लिए योग्यता और नियमों में बदलाव भी यूजीसी और अन्य विवि के मानदंडों को देखते हुए किए जाएंगे। अब भर्तियां नए सिरे से निकाली जाएंगी। इससे पहले बुधवार सुबह गेस्ट फैकल्टी शिक्षकों ने प्रशासनिक भवन की घेराबंदी कर विवि प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी की और परीक्षाओं का बहिष्कार किया। इससे विवि प्रशासन के हाथ पांव फूल गए और उन्होंने आनन-फानन में आपातकालीन व्यवस्थाएं करते हुए गैरशैक्षिक कर्मचारियों को परीक्षा लेने के लिए लगाया। दैनिक भास्कर ने मंगलवार को असिस्टेंट रजिस्ट्रार की भर्तियों में हुई गड़बड़ी के संबंध में खबर प्रकाशित कर इस मामले का पूरा खुलासा किया था। इसके बाद बीसियों ऐसे पात्र अभ्यर्थी खुलकर सामने आए, जिन्हें एक अन्य कमेटी ने वंचित कर दिया था। इन सबने विवि प्रशासन का कड़ा विरोध किया था। मामले में यूनिवर्सिटी के रजिस्ट्रार शुरू से भर्तियों के विरोध में नजर आए, इसे भी सिर्फ भास्कर ने ही प्रकाशित किया। इसी का असर रहा कि आखिरकार विवि प्रशासन ने भर्तियों को रद्द कर दोबारा भर्तियां कराने का निर्णय लिया है।
उदयपुर। हर शाम चलने वाली चेटक ट्रेन के ड्राइवर की वजह से शुक्रवार शाम हादसा होता होता टल गया। राणा प्रताप नगर स्टेशन के कुछ ही दूरी पर ट्रेन के सामने एक वृद्ध अचानक आकर लेट गया। इंजन के ड्राइवर ने तुरंत ट्रेन के ब्रेक मार दिए और वृद्ध की जान बचा ली बाद में वृद्ध के परिजन उसको समझा बुझा कर घर ले गए। झटके से अचानक ट्रेन रुकने से यात्रियों में एक बार अफरा तफरी मच गयी।