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हिंदुस्तान जिंक ने वित्त वर्ष 2025-26 में लगभग 23 अरब लीटर पानी रीसायकल किया, रीसाईक्लिंग दर बढ़कर 49 प्रतिशत हुई

हिंदुस्तान जिंक ने 3.32 गुना वाटर पॉजिटिव स्थिति बनाएं रखी जल-संकट वाले क्षेत्रों में 280 से अधिक जल संरक्षण परियोजनाएं लागू 16 जुलाई 2026 विश्व की सबसे बड़ी एकीकृत जिंक उत्पादक कंपनी और चांदी के प्रमुख वैश्विक उत्पादकों में से एक हिंदुस्तान जिंक लिमिटेड, ने वित्त वर्ष 2025-26 के दौरान लगभग 23 अरब लीटर पानी रीसाइकल किया। इसके साथ कंपनी की वार्षिक रीसाइक्लिंग  दर बढ़कर 49 प्रतिशत हो गई है। वहीं, कंपनी ने कुल जल उपयोग में भी कमी आई है। इसके अलावा हिंदुस्तान जिंक ने अपनी 3.32 गुना वाटर पॉजिटिव स्थिति भी बनाए रखी है, जो जल उपयोग दक्षता बढ़ाने और ताजे पानी पर निर्भरता कम करने के उसके प्रयासों को दर्शाती है। यह सुधार कंपनी की उस लंबी अवधि की रणनीति की वजह से आया है, जिसके तहत वह एडवांस्ड वॉटर रिकवरी टेक्नोलॉजी, जीरो लिक्विड डिस्चार्ज सिस्टम जिसमें एफ्लुएंट ट्रीटमेंट और वॉटर ट्रीटमेंट प्लांट शामिल हैं और ट्रीटेड वॉटर के अधिक उपयोग के माध्यम से अपने कामकाज में पानी की बचत को शामिल कर रही है। इससे शुद्ध जल की खपत कम हुई है और संसाधनों का बेहतर उपयोग सुनिश्चित हुआ है। इस उपलब्धि पर हिंदुस्तान जिंक के सीईओ अरुण मिश्रा ने कहा कि,  भविष्य का खनन केवल उत्पादन से नहीं, बल्कि प्राकृतिक संसाधनों के जिम्मेदार उपयोग से तय होगा। भारत के औद्योगिक और बुनियादी ढांचे के विकास के साथ पर्यावरण संरक्षण की जिम्मेदारी भी बढ़ती है। हिंदुस्तान जिंक में हम अपनी सभी वर्तमान और भविष्य की परियोजनाओं में जल प्रबंधन को प्राथमिकता दे रहे हैं, ताकि विकास और शुद्ध जल पर निर्भरता को अलग किया जा सके। हमारा उद्देश्य संचालन में उत्कृष्टता के साथ-साथ समुदायों, पर्यावरण और आने वाली पीढ़ियों के लिए जल संसाधनों का संरक्षण करना है। हिंदुस्तान जिंक अपने विभिन्न संयंत्रों में जीरो लिक्विड डिस्चार्ज सिस्टम, एफ्लुएंट ट्रीटमेंट प्लांट, रिवर्स ऑस्मोसिस यूनिट, मल्टी-इफेक्ट इवैपोरेटर और मैकेनिकल वेपर रिकम्प्रेशन जैसी आधुनिक तकनीकों का उपयोग कर पानी के रीसाइकल को बढ़ावा दे रही है। कंपनी ने फिल्टर्ड टेलिंग्स तकनीक का भी विस्तार किया है, जिससे टेलिंग्स से 80 प्रतिशत से अधिक पानी को पुनः प्राप्त किया जा रहा है। वित्त वर्ष 2025-26 में राजस्थान के राजपुरा-दरीबा में दूसरे फिल्टर्ड टेलिंग्स प्लांट की शुरुआत से रीसाइकल क्षमता और मजबूत हुई है। उदयपुर में राजस्थान सरकार के साथ पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप के तहत विकसित कंपनी का 60 एमएलडी सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट भी शहर के अपशिष्ट जल को औद्योगिक उपयोग योग्य पानी में बदल रहा है। इससे कंपनी की जल आवश्यकताओं की पूर्ति के साथ-साथ शहरी अपशिष्ट जल प्रबंधन को भी मजबूती मिल रही है। संचालन क्षेत्रों के अलावा हिंदुस्तान जिंक आसपास के समुदायों में भी जल सुरक्षा बढ़ाने के लिए लगातार कार्यरत है। पिछले पांच वर्षों में कंपनी ने जल-संकट वाले क्षेत्रों में 280 से अधिक जल संरक्षण कार्य किए हैं। इनमें वर्षा जल संचयन, तालाबों का पुनर्जीवन, चेक डैम निर्माण और भूजल पुनर्भरण जैसी पहल शामिल हैं। इन प्रयासों से समुदायों के लिए 6.23 करोड़ क्यूबिक मीटर जल भंडारण क्षमता का निर्माण हुआ है, जिससे दीर्घकालिक जल सुरक्षा और उपलब्धता को बढ़ावा मिला है। हिंदुस्तान जिंक की ये पहलें उसके ईएसजी लक्ष्यों के साथ-साथ संयुक्त राष्ट्र के सतत विकास लक्ष्य-6, स्वच्छ जल और स्वच्छता को भी समर्थन देती हैं। वेदांता समूह के सतत और समुदाय-केंद्रित विकास के विजन के अनुरूप कंपनी पर्यावरण और समाज दोनों के लिए सकारात्मक परिणाम सुनिश्चित कर रही

हिंदुस्तान जिंक राजस्थान में पोटाश ब्लॉक के लिए सफल बोलीदाता घोषित, भारत की उर्वरक सुरक्षा होगी मजबूत

सभी वैधानिक प्रक्रियाएं पूरी होने के बाद पोटाश और हैलाइट ब्लॉक के लिए सफल बोलीदाता घोषित। राजस्थान के हनुमानगढ़ जिले के झंडावाली-सतीपुरा ब्लॉक में स्थित है यह खदान। इस कदम से भारत के महत्वपूर्ण खनिज पारिस्थितिकी तंत्र में हिंदुस्तान जिंक की स्थिति और मजबूत होगी। उदयपुर, 13 अप्रैल’26।  विश्व की सबसे बड़ी एकीकृत जिंक उत्पादक वैश्विक स्तर पर शीर्ष पांच चांदी उत्पादकों में से एक कंपनी हिन्दुस्तान जिं़क को सभी वैधानिक प्रक्रियाओं को पूरा करने के बाद, राजस्थान में संयुक्त पोटाश और हेलाइट खनिज ब्लॉक के लिए आधिकारिक तौर पर सफल बोलीदाता घोषित किया गया है। पिछले साल की शुरुआत में, कंपनी को केंद्र सरकार द्वारा आयोजित प्रतिस्पर्धी नीलामी प्रक्रिया के माध्यम से पसंदीदा बोलीदाता घोषित किया गया था। अब सभी सरकारी कागजी कार्रवाई पूरी होने के बाद इसे औपचारिक रूप से कंपनी को सौंप दिया गया है। यह पोटाश ब्लॉक राजस्थान के हनुमानगढ़ जिले के झंडावाली-सतीपुरा सीएल ब्लॉक में स्थित है, जो 1,800 हेक्टेयर से अधिक क्षेत्र में फैला हुआ है, और इसे भारत सरकार की ई-नीलामी प्रक्रिया के ट्रेंच 5 के तहत आवंटित किया गया था। हाल ही में कंपनी ने आंध्र प्रदेश में टंगस्टन ब्लॉक और उत्तर प्रदेश के सोनभद्र में रेयर अर्थ एलीमेंटस  ब्लॉक के लिए भी सफलता हासिल की है। हिंदुस्तान जिंक लिमिटेड के सीईओ और पूर्णकालिक निदेशक, अरुण मिश्रा ने कहा कि पोटाश ब्लॉक के लिए सफल बोलीदाता बनना हमारी कार्यक्षमता और देश के लिए महत्वपूर्ण खनिज संसाधन जुटाने की हमारी प्रतिबद्धता को दर्शाता है। जैसे-जैसे भारत संसाधन सुरक्षा और आत्मनिर्भरता को प्राथमिकता देना जारी रखे हुए है, यह उपलब्धि महत्वपूर्ण खनिजों के क्षेत्र में हमारी रणनीतिक स्थिति को और मजबूत करती है। हम अपनी खनन विशेषज्ञता का उपयोग कर इस संपत्ति का पूरा लाभ उठाएंगे और भारत को आत्मनिर्भर बनाने में मदद करेंगे। पोटाश उर्वरक उद्योग के लिए एक अत्यंत महत्वपूर्ण खनिज है। यह एनपीके उर्वरकों के उत्पादन में अहम भूमिका निभाता है, जो भारत की कृषि अर्थव्यवस्था को सहारा देते हैं। वर्तमान में, भारत अपनी पोटाश की जरूरतों के लिए पूरी तरह से कनाडा, बेलारूस, जॉर्डन से आयात पर निर्भर है। इससे आयात पर निर्भरता कम होने की संभावना है, और साथ ही सस्ते उर्वरकों तक बेहतर पहुँच के जरिए कृषि क्षेत्र की दीर्घकालिक मजबूती भी बढ़ेगी। अपनी दीर्घकालिक रणनीति के अनुरूप, हिंदुस्तान जिंक का लक्ष्य उच्च गुणवत्ता वाली खनिज संपत्तियों का एक मजबूत पोर्टफोलियो तैयार करना है, जिनमें विकास की जबरदस्त क्षमता हो। अन्वेषण, परियोजना विकास और सस्टेनेबल खनन प्रक्रियाओं में अपनी सिद्ध विशेषज्ञता का लाभ उठाते हुए, कंपनी इन संपत्तियों से मूल्य सृजित करने के लिए सक्षम है, और साथ ही भारत की संसाधन सुरक्षा में भी अपना योगदान दे रही है।

250 Graduate Engineers from 61 colleges of 23 States of India Join Hindustan Zinc

Hindustan Zinc, recognized as Zinc of India, is looking to expand its mining and smelting capacities. The company is on course to produce 1.2...

HINDUSTAN ZINC AWARDED WITH STATE LEVEL 24th BHAMASHASH AWARD

4 units of Hindustan Zinc, Rampura Agucha Mine, Rajpura Dariba Mine, Zawar Mines and Zinc Smelter Debari, were honored with 24th Bhamashah Award on 28th June,...

HINDUSTAN ZINC DIGITIZES 100 RURAL GOVERNMENT SCHOOLS OF GWALIOR, MADHYA PRADESH

In association with Muskaan Dreams, to provide audio-visual content and internet support to over 15000 rural students Hindustan Zinc, India’s only and world’s leading integrated...

‘‘नवनियुक्त इंजीनियर्स को हिन्दुस्तान जिंक जैसी स्वतंत्रा कहीं भी नहीं मिलेगी’’- सुनील दुग्गल

हिन्दुस्तान जिंक द्वारा 180 जीईटी का काॅन्वोक्शन कार्यक्रम 2017 बैच के श्रेष्ठ 15 जीईटीज को किया सम्मानित हिन्दुस्तान जिंक विश्व की प्रतिष्ठित माईनिंग कम्पनी है एवं...

“Plastic pollution is an economic issue and needs to be addressed by every individual”, says Sunil Duggal, CEO Hindustan Zinc

Hindustan Zinc celebrated World Environment Day on the 5th of June, 2018, with an objective to create awareness about how the waste and discarded plastic...

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