उदयपुर। अखिल भारतीय नववर्ष समारोह समिति, नगर निगम उदयपुर, आलोक संस्थान और सर्व समाज संगठनों के संयुक्त तत्वाधान में नये वर्ष के स्वागत में सात दिवसीय कार्यक्रम आयोजित किए जायेगें। इसमे तिन दिनों तक मुख्य कार्यक्रम आयोजित किये जायेगें साथ ही 50 हजार षुभकामना संदेष कार्ड देकर देंगे नव संवत्सर की षुभकामनाएं दी जाएगी।
नव संवत्सर कार्यक्रमों की घोषणा करते हुए नववर्ष समारोह के राष्ट्रीय सचिव डॉ प्रदीप कुमावत ने बताया कि समिति की ओर से इस बार 14 मार्च से 18 मार्च तक विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किये जाएंगे। 14 मार्च को शहर के महाकाल मंदिर में गंगा आरती, 15 मार्च को सूरजपोल चैराहे पर भारत माता का पूजन, 16 मार्च को विश्व प्रसिद्ध ​झील फतहसागर की पाल पर पगडी सजाओं प्रतियोगिता के साथ – साथ कथक नृत्य की प्रस्तुति होगी। 17 मार्च को तीन अलग अलग जगहों से ज्योति कलश चेतना यात्रा का आयोजन किया जाएगा जिसका संघम हाथीपोल चैराहे पर होगा और वहां से यह यात्रा पैदल गणगौर घाट पर जाएगी। 18 मार्च को मुख्य कार्यक्रम होगा इसमें सुबह स्वागत किये के लिए अलग अलग चौराहों पर लोगों को हिंदी कैलेण्डर के अनुसार वर्ष 2075 के स्वागत के तौर पर सभी का तिलक लगाकर स्वागत किया जाएगा, वहीं दूसरी ओर
डाॅ. प्रदीप कुमावत ने जानकारी देते हुये बताया कि देश के करीब 77 प्रांतीय समन्वयकों तथा 233 केंद्रों पर छोटे-मोटे स्तर पर कोई न कोई कार्यक्रम हो रहा है। विदेषों में भी जहाँ-जहाँ भारतीय है वहाँ भी नव संवत्सर के आयोजन भव्य रूप से होते है।
नगर निगम के महापौर चन्द्र सिंह कोठारी ने बताया कि नये वर्ष के भव्य आयोजन को लेकर आने वाली पीढ़ी को हमारी संस्कृति से रूबरू करवाना है साथ ही नगर निगम शहरवासियों को जोडने के लिए 18 मार्च को मुख्य कार्यक्रम का आयोजन करता है जिसमें आतिशबाजी तो होती है लेकिन पर्यावरण को ध्यान में रखकर कोल्ड फायरिंग की जाती है ताकि किसी भी जीव या पर्यावरण को नुकसान नही हो।

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