जिंक स्मेल्टर देबारी को मिला आईसीसी एन्वायरमेंट एक्सीलेंस अवार्ड-2020

उदयपुर। हिंदुस्तान जिंक की इकाई जिंक स्मेल्टर देबारी ने पर्यावरण प्रबंधन में एक और उपलब्धि हासिल की है। ज़िंक स्मेल्टर देबारी प्रतिष्ठित आईसीसी एन्वायरमेंट एक्सीलेंस अवार्ड 2020 से पुरस्कृत किया है। यह अवार्ड कंपनी की पर्यावरण प्रतिबद्धता को दर्शाता है। जैव विविधतता को हिंदुस्तान जिंक ने अपने कार्यक्षेत्रों पर पहली प्राथमिकता पर रखा है। सभी जगहों पर जैव विविधता को आगे बढ़ाने के लिए निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं। कंपनी ने माइनिंग और स्मेल्टर के संचालन में पर्यावरण के लिए अनुकूल कदम उठाए हैं। भविष्य में भी इसमें लगातार नवाचार की योजना पर काम चल रहा है

14वें आईसीसी एन्वायरमेंट एक्सीलेंस अवार्ड के लिए जूरी पैनल में प्रख्यात बिजनेस लीडर, पर्यावरण विशेषज्ञ, मैनेजमेंट, अर्थशास्त्री, न्यायाधीश समेत कई प्रतिष्ठित लोग शामिल थे। इसकी अध्यक्षता अलोके मुखर्जी ने की थी। हिंदुस्तान जिंक के देबारी स्मेल्टर ने बड़े व्यवसायिक संगठनों लार्ज बिजनेस आर्गेनाइजेशन श्रेणी में यह अवार्ड जीता है। जिंक स्मेल्टर देबारी की ओर सघन वृक्षारोपण अभियान पर्यावरण क्षेत्र में मील का पत्थर बना। वनमहोत्सव में महिलाओं, किसानों और स्वयं सहायता समूहों सहित समुदायों ने अपने क्षेत्र में 7500 से अधिक पौधे लगाने का संकल्प लिया।

अवार्ड की खासियत पर्यावरण के क्षेत्र में आईसीसी एनवायरमेंट एक्सीलेंस अवार्ड सबसे प्रतिष्ठित है जो भारतीय चैंबर आफ काॅमर्स यानी आईसीसी द्वारा बेहतर पर्यावरण प्रबंधन के लिए एक कंपनी या समूह को दिया जाता है। यह आयोजन पर्यावरण जागरूकता लाने के साथ सतत् विकास की दिशा में संगठनों को प्रेरित करने के लिए मंच प्रदान करता है।

हिन्दुस्तान जिंक द्वारा बिछड़ी में किसान सम्मेलन आयोजित

उदयपुर। हिंदुस्तान जिंक द्वारा बिछड़ी गांव में हिंदुस्तान जिंक एवं बायफ संस्थान के संयुक्त तत्वाधान में समाधान परियोजना के तहत किसान सम्मेलन आयोजित किया गया। सम्मेलन में किसानों को संबोधित करते हुए देबारी के निदेशक लीलाधर पाटीदार ने कहा कि समय के साथ किसान पारंपरिक खेती को बदलें जिससे उनकी आमदनी में बढ़ोतरी हो सके। उन्होंने कहा कि किसान सब्जियों फलों की खेती करें जिससे उनकी आय बढ़ सके। कार्यक्रम में महाराणा भूपाल एग्रीकल्चर कॉलेज से आए वैज्ञानिक कपिला आमेटा ने किसानों से कहा की खेती के बारे में कोई भी कितना किसान को जानकारी दे दे लेकिन जब तक किसानों की भागीदारी नहीं होगी किसान आगे नहीं बढ़ पाएगा किसानों ने जो मानस बना रखा है गेहूं मक्का बोने का उसको समय के बदलाव के साथ बदल कर अन्य उत्पादनो की खेती करें, अधिक उत्पादन के लिए अच्छे बीज एवं जैविक खाद का उपयोग करें। कार्यक्रम में खेती में अच्छे कार्य करने वाले किसानों को कृषि उपकरण देकर सम्मानित किया गया। इस अवसर पर देबारी स्मेल्टर के सीएसआर से अधिकारी शिव भगवान, बायफ संस्थान के संकुल प्रभारी रसिक भाई पटेल, डॉ नारायण लाल पटेल, कृषि पर्यवेक्षक प्रेमशंकर पालीवाल, सरपंच धर्मी बाई गमेती, चुन्नी लाल डांगी, भेरू लाल डांगी सहित 60 से अधिक किसान उपस्थित थे।

ग्रामीण क्षेत्र में प्राथमिक स्वास्थ्य हेतु संजीवनी है हिन्दुस्तान जिंक की स्माइल ऑन व्हील्स

उदयपुर | विगत दो वर्षो में 1 लाख से अधिक लोगों को निःशुल्क प्राथमिक स्वास्थ्य एवं परामर्श
ग्रामीण क्षेत्र में स्वास्थ्य सेवा उपलब्ध कराने के लिए स्माइल ऑन व्हील्स, वरदान साबित हो रही है। अक्टूबर 2018 से यह परियोजना हिन्दुस्तान जिंक द्वारा स्माइल फाउंडेशन के सहयोग से प्रारम्भ की गयी जिसे ग्रामीण क्षेत्र में स्वास्थ्य सेवा हेतु संजीवनी वाहिनी माना जाता है। विगत दो वर्षों से जारी निःशुल्क स्वास्थ्य सेवा का एकमात्र उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्र में जहां दूर दराज तक चिकित्सा सुविधा उपलब्ध नही है वहां किस प्रकार लोगो को स्वास्थ्य के प्रति जागरूक एवं निदान करने हेतु सहायता दी जा सके। यह परियोजना हिन्दुस्तान जिंक की तीन इकाईयों उदयपुर में जावर माइंस, भीलवाड़ा जिलें में रामपुरा आगूचा माइंस एवं चित्तौडगढ़ में चन्देरिया लेड जिंक स्मेल्टर के आस पास के 83 गांव के लोगों के लिए संचालित की जा रही है जिससे उपलब्ध प्राथमिक चिकित्सा सेवा ने लोगों स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता एवं परामर्श और रोगोपचार में महत्वपूर्ण भूमिका निभायी हैं।
कोरोना काल में भी स्माइल ऑन व्हील्स ने पूरी सावधानी एवं सरकार द्वारा जारी गाइडलाइन के अनुसार लोगों को जागरूक करने के साथ ही स्वास्थ्य सेवाएं मुहैया कराई। भीषण गर्मी और उमस भरे दिनों में मेडिकल स्टाफ का पीपीइ किट पहनकर लोगों एवं स्वयं की सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए अनवरत सेवाएं प्रदान करना एक बहुत बड़ी चुनौती रही। फरवरी 2020 में पूरे माह राजकीय विद्यालयों में कोरोना संक्रमण पर सघन जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किये गए। ’विगत दो वर्षों में स्माइल ऑन व्हील्स के द्वारा लगभग 3070 परामर्श ओपीडी आयोजित किए गये जिसमें लगभग 97662 लोगों ने स्वास्थ्य जाँच करा प्राथमिक स्वास्थ्य का लाभ लिया। इस दौरान लगभग 18.69 प्रतिशत बच्चों , 42.96 प्रतिशत महिलाओं, 38.34 प्रतिशत पुरुषों को स्वास्थ्य लाभ प्रदान किया गया।
स्माइल ऑन व्हील्स द्वारा परियोजना क्षेत्र के लगभग सभी गांव में विभिन्न स्वास्थ्य सम्बन्धी पोषण एवं स्वास्थ्य, व्यक्तिगत स्वच्छता एवं सफाई, एनीमिया, गर्भावस्था एवं शिशु देखभाल, डायबिटीज, कुपोषण एवं संतुलित आहार एवं ज्वलन्त मुद्दों जैसे विश्व आत्महत्या दिवस, प्राथमिक चिकित्सा दिवस, आर्थराइटिस दिवस, ओ आर एस दिवस पर 229 सामुदायिक जागरूकता कार्यक्रम भी आयोजित किये गए जिसमें लगभग 13587 लोगों ने भाग लिया।
स्माइल ऑन व्हील्स स्वास्थ्य टीम द्वारा ओ पी डी के अतिरिक्त निरन्तर पॉइंट ऑफ केयर टेस्ट -रैपिड टेस्ट, एवं रेफरल सेवा के साथ ही गर्भवती माताओं की जाँच सुनिश्चित की जा रही है एवं आवश्यकता अनुसार आशा एवं ए एन एम के माध्यम से समुचित स्वास्थ्य सेवा मुहैया कराई जा रही है।
विगत दो वर्षो में टीम द्वारा लगभग 3693 पोइंट आॅफ केयर टेस्ट किये गए एवं आवश्यकता अनुसार दवा एवं परामर्श दिया गया साथ ही लगभग 1113 मरीजों को बेहतर स्वास्थ्य जाँच एवं सुविधा के लिए रेफर भी किया गया। रेफर किये गए सभी मरीजों को बेहतर तरीके से सामुदायिक कार्यकर्ता द्वारा ट्रैक किया जाता है तथा समय समय पर काउंसलिंग की जाती है। इस अवधि में 992 गर्भवती माताओं की स्वास्थ्य जाँच सुनिश्चित करते हुए उन्हं आयरन एवं कैल्शियम की खुराक के साथ पोषण सलाह भी प्रदान की गयी।

हिन्दुस्तान जिंक की इकाई पंतनगर मेटल प्लांट क्वालिटी काॅन्सेप्ट अवार्ड 2020 से सम्मानित

उदयपुर | 5 जनवरी, हिन्दुस्तान जिं़क की इकाई पंतनगर मेटल प्लांट को क्वालिटी फाॅरम आफ इण्डिया (क्यूसीएफआई) द्वारा क्वालिटी काॅन्सेप्ट अवार्ड 2020 पर आयोजित 34वें नेशनल कन्वेंशन में ‘‘पार एक्सीलेन्सी अवार्ड’’ एण्ड ‘‘एक्सीलेन्स अवार्ड’’ से सम्मानित किया गया है।

क्वालिटी काॅन्सेप्ट अवार्ड के लिए हिन्दुस्तान जिं़क की इकाई पंतनगर मेटल प्लांट की तीन टीमों -टीम वारियर, टीम ज्यान्ट्स एण्ड टीम आविष्कार ने भाग लिया था। इन टीमों ने इन पुरस्कारों को दो श्रेणियों में हासिल किये है। ‘पार एक्सीलेन्स अवार्ड’ टीम ज्यान्ट्स को मिला जिसमें सदस्य भारतेन्दु सिंह, अतुल शर्मा, गौतम सिंह, कैलाश जोशी, कृपाल सिंह, अतुल अग्रवाल, शशांक जोशी और संजय कुमार शामिल थे। टीम वाॅरियर को भी ‘पार एक्सीलेन्स अवार्ड’ मिला जिसमें सदस्य शुभम सौरव, उमेश महतो, प्रवीण रमोला, गोविन्द आधिकारी, अतुल अग्रवाल और शशांक जोशी शामिल थे। वहीं टीम आविष्कार में मोहित कुमार, सजनाथ पासवान, संतोष कुमार यादव, संतोष यादव, महेश कुमार नागले, रवीन्द्र कुमार और शुभम अभिनव सोनी ने ‘ऐक्सीलेन्स अवार्ड’ जीता।

नवाचार की संस्कृति को बढ़ावा देने और गुणवत्ता पर ध्यान केन्द्रित करने के लिए पंतनगर मेटल प्लांट में वर्तमान में 17 एक्टिव क्वालिटी सर्किल टीमें कार्य कर रही है। कर्मचारियों को स्वैच्छिक रूप से सर्किल्स को चलाने और व्यावसायिक लक्ष्यों को पूरा करने के लिए नई ऊंचााइयों को प्राप्त करने, संपत्ति की विश्वसनीयता को मजबूत करने और सस्टेनेबल विकास, टीम बिल्डिंग और तनाव मुक्त कार्य वातावरण बनाने में हमें बहुत गर्व है।

ज्ञातव्य रहे कि तीनों टीमें अब अंतर्राष्ट्रीय कन्वेशन आईसीक्यूसीसी-2021 के लिए क्वालीफाई कर चुकी है।

सस्टेनेबल माइनिंग हेतु प्रतिबद्धता के लिए हिंदुस्तान जिंक बना सीओपी26 बिजनेस लीडर

उदयपुर,1 जनवरी। सस्टेनेबिलिटी हिन्दुस्तान की अंतःस्थापित प्रणाली में है एवं स्थायी प्रथाओं और प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण के लिए पूर्ण रूप से प्रतिबद्ध है। जिम्मेदार खनन के प्रति अपनी प्रतिबद्धता को फिर से दोहराते हुए, कंपनी को सीओपी 26 बिजनेस लीडर की मान्यता प्रदान की गई है। कार्बन फुटप्रिंट को कम करने के लिए कंपनी द्वारा विज्ञान आधारित लक्ष्य प्राप्त करने के लिए निरंतर प्रयास किये जा रहे है।
इस अवसर पर हिन्दुस्तान जिंक के मुख्य कार्यकारी अधिकारी अरुण मिश्रा ने कहा कि, ‘‘एक जिम्मेदार कॉर्पोरेट के रूप में हिन्दुस्तान जिंक अपने परिचालन से कार्बन फुटप्रिंट को कम करने के लिए ग्लोबल प्रेक्टिस को अंगीकार करने और उसे निरंतर संधारण के लिए प्रतिबद्ध है। विज्ञान आधारित तकनीक से हमें स्थायी दिशानिर्देश को निर्धारित करने में सहायता मिली है जिससे निश्चित तौर पर कंपनी द्वारा समग्र ऊर्जा खपत को कम करने, सुरक्षित भविष्य एवं ब्रांड वैल्यू बढ़ाने की उम्मीद है।‘‘
व्यवसाय के विस्तार के साथ ही विज्ञान-आधारित लक्ष्यों को पूरा करने की चुनौती को स्वीकार करते हुए हिन्दुस्तान जिं़क ने कार्बन उत्सर्जन कम करने हेतु निरंतर प्रयास किये है। कंपनी पर्यावरणीय अनुकूल तरीकों का उपयोग करते हुए ऊर्जा और वेस्ट के कुशल उपयोग की दिशा में निवेश कर रही है। कंपनी की ऊर्जा क्षमता 349 मेगावाट है, जिसमें 275 मेगावाट पवन ऊर्जा , 40 मेगावाट सौर क्षमता और 34 मेगावाट अपशिष्ट ताप से प्राप्त ऊर्जा शामिल है जिन्हें गोल्ड स्टैंडर्ड प्राप्त हैं।
पिछले 17 वर्षों में, हिंदुस्तान जिंक ने परियोजनाओं का विस्तार कर 3 बिलियन से अधिक का निवेश किया है एवं 1.2 मिलियन टन की खनन धातु क्षमता प्राप्त की है, जिससे राज्य और राष्ट्र के विकास में मूल्य वृद्धि हुई है। कंपनी की इकाइयों में 19,000 से अधिक कर्मचारी कार्यरत है एवं ग्रेट प्लेस टू वर्क इंस्टीट्यूट द्वारा ग्रेट प्लेस टू वर्क सर्टिफाइड है। कंपनी देश की जीडीपी में 0.53 प्रतिशत एवं राजस्थान राज्य की जीडीपी में लगभग 1.8 प्रतिशत का योगदान दे रही है।
हिंदुस्तान जिंक ने गुणवत्ता और दक्षता मानकों के अनुरूप धीरे-धीरे अपनी क्षमताओं और उत्पाद संविभाग में वृद्धि की है। कंपनी की मान्यता है कि सफलता सस्टेनेबिलिटी से ही संभव है। कंपनी सामूहिक सहभागिता एवं विकास की भावना के अनुरूप उद्धेश्यों को ध्यान में रखकर सस्टेनेबल माइनिंग और दीर्घकालीन पर्यावरण सरंक्षण एवं सामुदायिक विकास से परिचालन करती है।
सस्टेनेबल माइनिंग हेतु निरंतर प्रयासों के लिए हिन्दुस्तान जिं़क को डॉव जोन्स सस्टेनेबिलिटी इंडेक्स द्वारा एशिया पेसिफिक मंे पहला स्थान मिला है, 2.41 गुना वाटर पाॅजिटिव कंपनी, लगातार 4 वर्षो से एफटीएसई4गुड इंडेक्स की सदस्य एवं जलवायु संरक्षण हेतु सीडीपी द्वारा ए स्कोर प्राप्त है।
हिंदुस्तान जिंक ने सस्टेनेबिलिटी लक्ष्य 2025 के लिए सर्वागींण दृष्टिकोण को सम्मिलित किया है जिसके तहत् कंपनी अगले पांच वर्षो में और अधिक सकरात्मक बदलाव हेतु कार्य करेगी। अगले पांच वर्षो में कंपनी सस्टेनेेबल विकास के अपने लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए और अधिक उत्कृष्ट कार्य हेतु अवसरों को क्रियान्वित कर कार्बन प्रभावों को कम करने हेतु विशेष बल देगा।
सीओपी26 बिजनेस लीडर्स का उद्देश्य आर्थिक क्षेत्र के उन विशिष्ट और अनुभवी अग्रणी उद्योग समूह को आगे लाना है जो कि मूल्य आधारित एवं जलवायु सरंक्षण हेतु दृष्टिकोण को प्रतिपादित करने की दिशा में अग्रसर हो।

हिन्दुस्तान जिंक सीआईआई-आईटीसी कॉर्पोरेट ऐक्सीलेंस सस्टेनेबिलिटी अवार्ड 2020 से पुरस्कृत

 

*हिन्दुस्तान जिंक को मिला ’कमेंडेशन फॉर सिगनिफिकेंट अचीवमेंट’
*वित्त एवं कॉर्पोरेट मामलों के राज्य मंत्री अनुराग सिंह ठाकुर की उपस्थिति में आयोजित वर्चुअल समारोह में यह पुरस्कार प्रदान किया गया

उदयपुर, 24 दिसंबर 2020 भारत की एकमात्र एवं विश्व की अग्रणी जस्ता-सीसा एवं चांदी उत्पादक कंपनी हिन्दुस्तान जिंक को प्रतिष्ठित सीआईआई-आईटीसी कॉर्पोरेट ऐक्सीलेंस सस्टेनेबिलिटी अवार्ड 2020-कमेंडेशन फॉर सिगनिफिकेंट अचीवमेंट से नवाजा गया है। हिन्दुस्तान जिंक को यह पुरस्कार 15वें सीआईआई-आईटीसी सस्टेनेबिलिटी अवार्ड्स के वर्चुअल समारोह में वित्त एवं कॉर्पोरेट मामलों के राज्य मंत्री अनुराग सिंह ठाकुर की उपस्थिति में प्रदान किया गया।

हिन्दुस्तान जिंक सस्टेनेबल भविष्य के लिए नवाचारों में विश्वास करता है तथा निरंतर अपने व्यावसायिक कार्यों में अधिक जिम्मेदारी के साथ नये तरीकों की तलाश करता है। हिन्दुस्तान जिंक ने पवन और सौर ऊर्जा परियोजनाओं की स्थापना करके रिन्युबल एनर्जी परिसम्पत्तियों पर जोर दिया है। कंपनी 275 मेगावाट के पवन ऊर्जा प्रोजेक्ट और 40 मेगावाट के सौर ऊर्जा प्रोजेक्ट को प्रतिष्ठित गोल्ड स्टैंडर्ड के अंतर्गत प्रमाणित किया गया है। कंपनी ने स्टेनेबिलिटी डेवलपमेंट गोल्स 2025 को तय करके स्थिरिता के लिए अपनी प्रतिबद्वता को और पुख्ता किया है।

ज्ञातव्य रहे कि हिन्दुस्तान जिंक ने 2019 में पर्यावरण श्रेणी में सीआईआई-आईटीसी सस्टेनेबिलिटी अवार्ड से सम्मानित किया गया था। सीआईआई-आईटीसी सस्टेनेबिलिटी अवार्ड को देश का सबसे विश्वसनीय सस्टेनेबिलिटी अवार्ड माना जाता है।

वेदांता समूह ने कार्बन उत्सर्जन कम करने और ईएसजी सर्वोच्च प्रथाओं के लिए अपनी प्रतिबद्धता को दोहराया

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उदयपुर | मार्च 2020 तक ग्रीन हाउस गैस उत्सर्जन में लगभग 14प्रतिशत की कमी
डाउजाॅन्स सस्टेनेबिलिटी रेंकिग में एशिया पेसिफिक में वेदंाता की कंपनी हिन्दुस्तान जिंक पहले और वेदांता समूह दूसरे स्थान पर
नई दिल्ली/ मुंबई 22 दिसंबर, 2020। जलवायु सरंक्षण हेतु सेकण्ड इण्डिया सीईओ फोरम में कार्बन उत्सर्जन कम करने हेतु घोषणा पर विश्व की प्रमुख प्राकृतिक संसाधन कंपनी वेदांता ने हस्ताक्षर कर अपनी प्रतिबद्धता को दोहराया है।
इसका उद्धेश्य विशिष्ट उत्सर्जन उपायों के माध्यम से देश को शून्य उत्सर्जन लक्ष्य की ओर अग्रसर करना है, जिसमें अक्षय ऊर्जा को बढ़ावा देना, ऊर्जा दक्षता, जल-कुशल प्रक्रिया, हरित गतिशीलता, योजनाबद्ध वनीकरण एवं अपशिष्ट प्रबंधन और पुनर्चक्रण शामिल है।
इस अवसर पर माननीय पर्यावरण मंत्री, वन और जलवायु परिवर्तन सूचना और प्रसारण – भारी उद्योग और सार्वजनिक उपक्रम, प्रकाश जावड़ेकर ने जलवायु परिवर्तन पर सीईओ फोरम को संबोधित किया।
वेदांता समूह के मुख्य कार्यकारी अधिकारी सुनील दुग्गल ने कहा, कि “ हम कार्बन फुटप्रिन्ट को कम करने के लिए प्रतिबद्ध हैं हमारी कंपनी पूर्णतया सरकार के साथ मिल कर शून्य उत्सर्जन के लक्ष्य को प्राप्त करने के दिशा में सहयोग कर रही है। ‘जीरो हार्म, जीरो वेस्ट एंड जीरो डिस्चार्ज‘ वेदांता के मूल में है। हम निश्चित रूप से माननीय मंत्री द्वारा व्यक्त की गई भावनाओं के अनुरूप अगले एक दशक में अपने परिचालन को काफी हद तक डी-कार्बोनाइज करने के लिए तत्पर हैं। मैं इस महत्वपूर्ण पहल के लिए भारत सरकार को बधाई देना चाहता हूं और देश को अपनी कार्बन प्रतिबद्धताओं को प्राप्त करने में मदद करने के लिए हमारे पूर्ण समर्थन का आश्वासन देता हूं।
वेदांता के इन-हाउस कार्बन फोरम और इनोवेशन सेल में विश्वस्तरीय विशेषज्ञ शामिल हैं जो ऐसे नवाचारों पर सक्रिय रूप से काम कर रहे हैं जिनसे कंपनी को अपने कार्बन फुटप्रिंट को कम करने में सहायता मिलती हैं।
मार्च 2020 तक जिम्मेदारीपूर्ण खनन पर निरंतर ध्यान देने के साथ, कंपनी ने 2012 के बेसलाइन स्तर से ग्रीन हाउस गैस उत्सर्जन को लगभग 14 प्रतिशत कम किया है, जो कि वातावरण से 9 मिलियन टन से अधिक कार्बनडाइआॅक्साइड कम करने में सहायक होगा। पिछले वर्ष 582 मिलियन यूनिट अक्षय ऊर्जा का उत्पादन किया एवं पिछले 3 वर्षों में 6 मिलियन गीगा जूल की ऊर्जा बचत हासिल की। ऊर्जा के संरक्षण के लिए 70 परियोजनाओं को विभिन्न स्थानों पर लागू किया गया है। 40 मेगा वाट सौर परियोजना स्थापित करने के अलावा, देश के 5 राज्यों में 274 मेगावाट की क्षमता वाले विंड फार्म स्थापित किए गए।
वेदांता के जीरो हार्म, जीरो वेस्ट एंड जीरो डिस्चार्ज ’के अपने मार्गदर्शक सिद्धांत के प्रति मजबूत प्रतिबद्धता के साथ, कंपनी 88 प्रतिशत उच्च-मात्रा वाले कचरे के पुनर्चक्रण और 105 प्रतिशत फ्लाई ऐश उपयोग को प्राप्त करके परिपत्र अर्थव्यवस्था की अवधारणा को प्राप्त करने का प्रयास करती है।
वेदांता ने इस वर्ष धातु और खनन क्षेत्र में डाउ जोन्स सस्टेनेबिलिटी इंडेक्स (डीजेएसआई) रैंकिंग में 12वां स्थान प्राप्त किया है जो कि गत वर्ष 21वें स्थान पर थी। एशिया पैसिफिक में वेदांता को धातु और खनन श्रेणी में दूसरा स्थान मिला है जो कि गत वर्ष 7वां स्थान था। वेदांता की सहायक कंपनी हिन्दुस्तान जिं़क को डॉव जोन्स सस्टेनेबिलिटी इंडेक्स द्वारा धातु और खनन क्षेत्र में विश्व स्तर पर 5वां और एशिया पैसिफिक में प्रथम स्थान दिया गया है। हिंदुस्तान जिंक को जलवायु सरंक्षण हेतु महत्वपूर्ण उपलब्धि वाटर पाॅजिटिव कंपनी के रूप में घोषित किया गया है। समय-समय पर लक्ष्यों में प्रगति का आकलन करने के लिए, वेदांता सस्टेनेबिलिटी एश्योरेंस प्रोग्राम (वीएसएपी) को परिचालन के दौरान नियोजित किया जाता है और अवलोकनों की गहन निगरानी की जाती है।
33प्रतिशत महिलाओं को वरिष्ठ पदों पर अवसर देने के लक्ष्य के साथ, वेदांता समावेश और विविधता की संस्कृति पर प्रमुखता से ध्यान केंद्रित करता है। केंद्रित प्रयासों के माध्यम से, वेदांता ने अपने निर्णय लेने वाले निकायों में 28 प्रतिशत महिलाओं का प्रतिनिधित्व सुनिश्चित किया है।
वेदांता की प्रमुख सामुदायिक विकास पहल, नंद घर के माध्यम से, कंपनी का लक्ष्य देश में 8.5 करोड़ बच्चों और 2 करोड़ महिलाओं के जीवन को सकारात्मक रूप से परिवर्तित करना है। प्रोजेक्ट नंद घर, अनिल अग्रवाल फाउंडेशन की पहल, महिला एवं बाल विकास मंत्रालय के साथ समन्वय में, भारत में आंगनवाड़ी पारिस्थितिकी तंत्र को बदलने के साथ ही, बुनियादी ढांचे का आधुनिकीकरण, बाल कुपोषण के उन्मूलन के लिए सेवाओं पर ध्यान केंद्रित कर रहा है, इंटरैक्टिव शिक्षा प्रदान कर रहा है, गुणवत्ता स्वास्थ्य सेवा प्रदान कर रहा है, और कौशल प्रदान करके महिलाओं को सशक्त बनाता है। नंद घर ने 2021 तक भारत भर में 4000 नंद घर स्थापित करने के लक्ष्य हेतु अब तक 1700 केंद्रों की शुरुआत की है। हाल ही में अनिल अग्रवाल फाउंडेशन ने बिल एंड मेलिंडा गेट्स फाउंडेशन और महिला एवं बालविकास मंत्रालय के साथ उत्तर प्रदेश में अगले एक वर्ष में 500 नंद घर स्थापित करने के लिए भागीदारी की है।

हिन्दुस्तान जिंक की समाधान से जुडे़ किसान उगा रहें हाईवेल्यू फल और सब्जियां

उदयपुर | जिस जमीन पर अब तक परंपरागत खेती से नियमित होने वाली आमदनी हुआ करती थी उसी जमीन पर आधुनिक तकनीक से ना केवल उत्पादन बढ़ा है बल्कि आमदनी में भी दोगुनी बढ़ोतरी हुई है। कृषि क्षेत्र में किसानों द्वारा परंपरागत तौर पर मुख्य व्यवसाय के रूप में अपनाने के साथ ही हिन्दुस्तान जिं़क की समाधान परियोजना से जुड कर उन्नत तकनीक से जहां पैदावार में बढोतरी हुई है वहीं युवा किसान भी कृषि की और आकर्षित हुए है। जहां परंपरागत खेती में गेहूंए मक्काए बाजरा और सोयाबिनए चना की पैदावार के लिए अच्छी गुणवत्ता के बीज और खाद के साथ उच्च तकनीक के समावेश से उत्पादन में वृद्धि हो रही है वहीं दूसरी ओर आधुनिक तकनीक से हाइवेल्यू सब्जियां और फल उत्पादन से आमदनी में बढ़ोतरी हुई है।
पिछले वर्ष परियोजना क्षेत्र में 4 किसानों को सब्जी उत्पादन की विधि का प्रदर्शन कराया गया जिसमें 0. 2 हेक्टेयर ईकाइ क्षेत्र में बेड पर मल्चिग शीट पर बून्द.बून्द सिचाई के माध्यम से सब्जियों की खेती की गई जिसके शानदार प्रदर्शन के फलस्वरूप किसानों ने परम्परागत विधि से होने वाली खेती के सापेक्ष 5.6 गुना अधिक आय अर्जित की जो लाखों मे थी। इस प्रदर्शन को देखते हुए किसानों ने इस वर्ष उत्साह दिखाते हुए 36 किसानों को जोडा गया एवं पिछले वर्ष की भाति इस वर्ष भी बेहतर परिणाम आने के आसार है। चूकि यह विधि कम मेहनत एवं कम लागत की है जिससे अधिक लाभ के कारण किसानों में लोकप्रिय हो रही है ।

कृषि तकनीकी केंद्र एमपीयूएटी उदयपुर के प्रभारी डाॅ इन्द्रजीत माथुर का कहना है कि हिन्दुस्तान जिंक द्वारा बायफ के सहयोग से संचालित की जा रही समाधान परियोजना से प्रदेश के 5 जिलों में किसान लाभान्वित हो रहे है। परियोजना में मृदापरीक्षणए कृषि बीजए बागवानी पौधों की गुणवत्ताए पशुओं की नस्लों में सुधार के साथ साथ तकनीक और प्रोद्योगिकी में सुधार पर विशेष ध्यान दिया जाता हैै जिससे किसानों की आय दुगुनी हुइ है।
भीलवाड़ाए आगूंचा के हनीफ मंसूरी का कहना है कि श्मैं इस तरीके से सब्जियों की खेती के बारे में नहीं जानता था। जब मैंने समाधान टीम को किसानों की इस प्रकार की खेती में मदद करते हुए देखाए तो मैं थोड़ा चिंतित था। मैंने समाधान टीम के निर्देशन में सब्जियों की खेती करने का फैसला किया और यह मेरे लिए एक बड़ी सीख है। ऐसी बहुत सी छोटी.छोटी बातें थीं जिनके बारे में हम ध्यान नहीं रखते थे। लेकिन अब मैं सब्जियों की खेती करने में सक्षम हूं और वह भी सुरक्षित है। श्
चित्तौडगढ़ के नगरी गांव के राजेन्द्र कीर का कहना है कि श्पिछले साल मैंने देखा कि समधान टीम के साथ एक किसान सब्जी की खेती कर रहा था जिसका खेत आकर्षक लग रहा था। जानकारी लेने पर पता चला कि वह किसान टमाटर और सब्जी की खेती कर रहा है। आश्चर्य भी हुआ की मिर्ची और टमाटर की खेती इतने नियोजित तरीके से की जा रही है तभ्ीा से मैने भी इस तकनीक का उपयोग कर खेती की और उम्मीद है कि पहले से अधिक आमदनी होगी।
गावं सिघटवाडा जावर माईन्स उदयपुर लाल सिंह ने हाइटेक खेती से जुड कर मिर्ची की खेती की साथ ही नारायण लाल नायक गांव रघुनाथपुराए दरीबा राजसमन्द ने भी इसी प्रकार समाधान परियोजना से जुड कर नवीनतम तकनीक से खेती कर हमेशा से दुगुनी आय प्राप्त की।

इसी प्रकार सालेराए के शंकर जाट ने अपने अनुभव बताते हुए कहा कि समाधान की टीम हमें एक्सपोजर विजिट के लिए ले गई और मुझे ड्रिप और मल्चिंग शीट का उपयोग करके वेजिटेबल खेती करने के बारे में सीखने को मिला। उस वर्ष इस खेती के बारे में अधिक जानने के लिएए मैंने एक बीघा जमीन पर खेती करना शुरू किया जिससे मुझे तीन गुना ज्यादा कमाई हुई। इस वर्षए मैंने बिना किसी सहायता के 2 बीघा जमीन पर हाई.टेक कल्टिवेशन का विस्तार किया है। मैं ड्रिप लाया और उन्हें स्थापित किया जिससे मुझे 80 क्विंटल की बम्पर सब्जी उत्पादन की उम्मीद है।

कम क्षेत्रफल में अधिक से अधिक पौधे लगा कर सघन बागवानी को प्रोत्साहित किया जा रहा है। आम एवं अमरूद की सघन बागवानी की शुरूआत 0. 2 हेक्टेयर ईकाइ क्षेत्र में प्रति ईकाइ क्षेत्र से होने वाले उत्पादन को बढावा देने हेतु 46 किसानों के साथ सघन बागवानी शुरू की है पूर्व में बागवानी के 500 बगीचे स्थापित किये जा चुके है जिनमें निम्बूए आमए बेरए अमरूदए चीकू इत्यिादी फल वृक्षों का समावेश किया गया है।

परियोजना क्षेत्र में क्षमतावर्धन के साथ आजिविकावर्धन को बढावा देने हेतु कृषि क्षेत्र की विभिन्न गतिविधियां जैसे रबी एवं खरीफ की दलहनीए अनाजए तिलहनी एवं सब्जीवर्गीय फसलों के पैकेज आॅफ प्रेक्टिस जिसमें गेहूए चनाए मक्काए बाजराए सोयाबीनए उडद व मूंग की उन्नत किस्मों का समावेश उपरोक्त उद्वेश्य को बढावा देने के लिए किया जा रहा है। जिसमें उपजवृद्वि के साथ ही खेती के कुशल एवं उन्नत तरीको का क्षमतावर्धन भी किया जा रहा है जिसे देखकर अन्य किसान परिवार भी रूचि ले रहे है। इसके अतिरिक्त परियोजना द्वारा अन्य क्षेत्रों जैसे वर्षा आधारित क्षेत्रों में मृदाजल संरक्षणए पुष्पउत्पादनए बकरियों में नस्ल सुधार हेतु गांवो में बीजू बकरे उपलब्ध कराना व उन्नत कृषि को बढावा देने हेतु कृषक वैज्ञानिक संवादए कृषक शैक्षणिक भ्रमणए विभिन्न प्रकार के तकनीकी विधि प्रदर्शन तथा प्रशिक्षणों के साथ ही किसान दिवसों का आयोजन करना इत्यादी शामिल है।

परियोजना क्षेत्र में अन्य उन्नत तकनीको का प्रयोग भी किया जा रहा है जिसमें नस्ल सुधार हेतु कृत्रिम गर्भाधान की डोरस्टेप सुविधा के साथ ही पशुपालको की नवजात बछडियों हेतु मिनरल मिक्चर की सहायताए सालभर हरे चारे की उपलब्धता हेतु बहुवर्षीय चारा बीएनएच.10 का विस्तारए पशु स्वास्थ्य शिविरो का आयोजनए नियमित रूप से स्वास्थ्य परिक्षणए बाझपन निवारणए अजोला इकाई प्रदर्शन व क्षेत्र में उन्नत नस्ल को बढावा एवं प्रोत्साहन देने हेतु प्रतिस्पर्धातमक वत्स प्रदर्शन हेतु रैलियो का आयोजन इत्यादि गतिविधिया संचालित की जा रही है।

समाधानए संस्टेनेबल एग्रीकल्चर मेनेजमेन्ट एवं डव्हलपमेन्ट बाय हयूमन नेचर परियोजनाए हिन्दुस्तान जिंक लिमिटेड के सीएसआर विभाग एवं बायफ इंस्टीट्यूट फाॅर संस्टेनेबल लाईवलीहुडस एण्ड डेव्हलपमेन्ट के सयुक्त तत्वाधान में राजस्थान के 5 जिलों उदयपुरए राजसमन्दए चित्तौडगढए भीलवाडा एवं अजमेर के 174 गांवों में संचालित की जा रही हैं। जिसमें कृषि एवं पशुपालन की नवीनतम प्रौधोगिकी का उपयोग किसानों की आय बढाने एवं आजीविकावर्धन हेतु किया जा रहा है। परियोजना के अन्तर्गत क्षेत्र के 30 हजार कृषक परिवारों को लाभान्वित करने का लक्ष्य है। किसानों की आजीविका में बढ़ोतरी एवं सतत विकास हेतु एफपीओ यानि किसान उत्पादक संगठनों का गठन किया जा रहा है जिससे किसानों को तकनीक एवं बीज के साथ ही उत्पादन की कीमतों में भी फायदा मिलेगा।

हिन्दुस्तान जिंक को वाटर मैनेजमेंट के क्षेत्र में ‘नेशनल अवार्ड’

हिन्दुस्तान जिंक सीआईआई इंटरनेशनल वाटर इनोवेशन समिट में ‘सीआईआई नेशन अवार्ड फॉर एक्सीलेंस इन वाटर मैनेजमेंट 2020‘ से सम्मानित किया गया है। यह पुरस्कार हिन्दुस्तान जिंक की राजपुरा दरीबा काॅम्प्लेक्स स्थित एस के माइंस को प्रदान किया गया है।

पुरस्कार समारोह के मुख्य अतिथि सचिव, जल शक्ति मंत्रालय, भारत सरकार यूपी सिंह थे। हिन्दुस्तान जिंक की ओर से यह पुरस्कार एसबीयू निदेशक दरीबा सुजल शाह, यूनिट हेड एसके माइन विनोद जांगिड एवं डॉ अनुराग खंडेलवाल द्वारा प्राप्त किया गया। लगभग 100 प्रतिभागियों को तीन श्रेणियों कार्यक्षेत्र, कार्यक्षेत्र के बाहर और अभिनव उत्पाद हेतु मूल्यांकन किया गया था। हिंदुस्तान जिंक की एसके माइंस को यह पुरस्कार जल संसाधन संरक्षण के प्रति जिम्मेदारी से किए गए उपायों और नवाचारों के लिए दिया गया है। जल संसाधन प्रबंधन में उत्कृष्टता के लिए एसके माइन द्वारा सीवेज से उपचारित पानी के अधिकतम उपयोग द्वारा सकारात्मक जल की उपलब्धि, पेस्ट फिल ऑपरेशन के माध्यम से पानी का पुनर्चक्रण, टेलिंग डैम से पुनः प्राप्त पानी का उपयोग और भूजल पुनर्भरण हेतु प्रभावी उपाय किए गये है।

हिन्दुस्तान जिंक “कंपनी विद ग्रेट मैनेजर्स-2020” अवार्ड से सम्मानित

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Photo: पुरस्कार के साथ हिन्दुस्तान जिं़क के सीईओ श्री अरूण मिश्रा एवं सीएचआरओ कविता सिंह

उदयपुर | भारत की एकमात्र एवं विश्व की अग्रणी जस्ता-सीसा एवं चांदी उत्पादक कंपनी हिन्दुस्तान जिंक को “कंपनी विद ग्रेट मैनेजर्स 2020” अवार्ड से सम्मानित किया गया है। यह अवार्ड ई.टी.-पीपल बिजनेस द्वारा प्रदान किया गया है। ’ग्रेट मैनेजर अवार्ड्स’ का विज़न देश में महाप्रबन्धकों के पारिस्थितिकी तंत्र का निर्माण करना है।

हिन्दुस्तान जिंक के मुख्य कार्यकारी अधिकारी श्री अरूण मिश्रा ने बताया कि “कंपनी विद ग्रेट मैनेजर्स 2020” अवार्ड से सम्मानित होने पर हमें खुशी है तथा हिन्दुस्तान जिंक के राजेश लुहाडिया एवं साधना वर्मा को ’ग्रेट मैनेजर्स 2020’ के रूप में पहचाने जाने पर हमें गर्व है। हिन्दुस्तान जिंक एक मानव संसाधन केंद्रित व परफोर्मेन्स संचालित कंपनी है। हिन्दुस्तान जिंक हमेशा प्रतिभा प्राप्त करने, पोषण करने और विकसित करने में विश्वास करता हैं जो हमारे सभी स्टेकहोल्डर्स के साथ-साथ संगठन की सेवा करने के लिए आगे रहते हैं तथा हिन्दुस्तान जिंक के विज़न का राष्ट्र विकास में योगदान करते हैं।

यह पुरस्कार एक स्वस्थ कार्य वातावरण बनाने के लिए अपने कर्मचारियों और कंपनी के निरंतर प्रयास को सशक्त बनाने की दिशा में हिंदुस्तान जिंक का पुख्ता प्रमाण है। कंपनी उत्क्ष्टता की दिशा में प्रक्रियाओं और प्रणालियों में सुधार के लिए सदैव प्रतिबद्ध हैं।

ज्ञातव्य रहे कि अभी हाल ही में हिन्दुस्तान जिंक को धातु एवं खनन क्षेत्र में सस्टेनेबिलिटी के लिए विश्व प्रसिद्ध प्रतिष्ठत संस्था डाॅउ जोन्स सस्टेनेबिलिटी इंडेक्स में एशिया-पेसिफिक धातु एवं खनन क्षेत्र में प्रथम, विश्व स्तर पर पर्यावरण क्षेत्र में तीसरा और इंडेक्स सूची में 8वां स्थान मिला है। यह कंपनी के प्रचालन में सस्टेनेबिलिटी के तहत् किये गये सभी प्रयासों की मान्यता को दर्शाता है। सस्टेनेबिलिटी और जीरो हार्म, जीरो वेस्ट और जीरो डिस्चार्ज की दिशा में कंपनी ने कई प्रकार की नई पद्धति एवं आवश्यक कदम उठाएं है।

यह पुरस्कार महाप्रबन्धकों को पहचानने में मदद करते हैं कि संगठन अपने कर्मचारियों के माध्यम से वास्तविक प्रतिस्पर्धी फायदा मिले। प्रतिभागी संगठन चयनित किए जाने वाले प्रबन्धकों के एक समूह का चयन करते हैं, जो एक सर्वेक्षण प्रकिरिया से गुजरतें हैं। सर्वाधिक स्कोर वाली कंपनियों को ’ग्रेट मैनेजर्स’ वाली कंपनियां घोषित किया जाता है। संगठनों द्वारा चयनित प्रबंधकों का मूल्यांकन मुख्य प्रबन्धकीय मानदंडों पर किया जाता है और प्रबन्धकों की टीम के सदस्य एक सर्वेक्षण के माध्यम से प्रबन्धक के लिए प्रतिक्रिया प्रदान करते हैं, जिन्हें ’ग्रेट मैनेजर्स’ पुरस्कार से सम्मानित किया जाता है।

इस अवसर पर वेदान्ता समूह की कंपनियां वेदान्ता एल्युमीनियम-झारसुगुड़ा, वेदान्ता एल्युमीनियम-लांझीगढ़ एवं बाल्को को भी “कंपनी विद ग्रेट मैनेजर्स 2020” अवार्ड से सम्मानित किया गया है। यह हमारे नेतृत्व के मार्गदर्शन में वेल्यू निर्माण के लिए वनवेदान्ता के रूप में हमारी प्रतिबद्धता को दर्शाता है।