उदयपुर . झीलोंकी नगरी में भाई-बहनों के अटूट प्रेम के पर्व रक्षा बंधन पर सोमवार को दिनभर खुशी-उत्साह छलका। बहनों ने भाइयों को सुबह 11.05 बजे से दोपहर 1.28 बजे के बीच रक्षा सूत्र बांधकर मुंह मीठा कराया। वहीं भाइयों ने बहनों को उपहार भेंट किए। घर-घर में खुशियों का माहौल रहा। शहर में ग्रहण के चलते जगदीश मंदिर, अस्थल मंदिर, श्रीनाथजी मंदिर सहित अन्य मंदिरों में दोपहर 1.28 बजे तक विशेष पूजा-अर्चना की गई। इसी दौरान शिप भक्तों ने भोलेनाथ, मां पार्वती, श्रीगणेश, कार्तिकेय, नंदी का पूजन सुख-समृद्धि की कामना की। कई कन्याओं और महिलाओं ने सोलह सोमवार की कथा सुनकर प्रसाद बांटा। गुलाबबाग में लगा 5वां सुखिया सोमवार मेला दिनभर सखियों से गुलजार रहा। इस दिन फतह सागर, पीछोला, सज्जनगढ़, छोटी मदार, बड़ी मदार, थूर की पाल सहित अन्य स्थलों पर शहरवासियों की भीड़ उमड़ी, जहां बच्चों, युवाओं और महिलाओं ने समूह में खूब मौज-मस्ती की।

तार संस्थान के वृद्धाश्रम में सोमवार को सेवा भारती ने बुजुर्गों को राखी बांधकर रक्षाबंधन पर्व मनाया। मुख्य वक्ता चित्तौड़ प्रांत कार्यालय मंत्री गोपाल कनेरिया कहा कि जहां सेवा करनी है, वहां अगर अपनापन नहीं हुआ तो सेवा नहीं हो सकती। इस मौके पर वृद्धाश्रम व्यवस्थापक हेमराज पोद्दार ने आश्रम के बारे में जानकारी दी। इधर, मारवाड़ी युवा मंच उदयपुर एवं महिला लेकसिटी शाखा के सदस्यों ने सोमवार को चेतक सर्कल स्थित थियोसोफिकल सोसायटी में अनाथ बच्चों को राखी बांधकर उनकी सुरक्षा का संकल्प लिया।

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