उदयपुर। भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो टीम ने सोमवार को कार्रवाई करते हुए जल ग्रहण विकास एवं भू संरक्षण विभाग (वाटर शेड) के एईएन विपिन कुमार और जेईएन गोपाल पटेल को 2 लाख 4 हजार रुपए की रिश्वत लेते गिरफ्तार किया है। यह रिश्वत आरोपी अधिकारी पीड़ित ठेकेदार से ४० लाख का बिल पास करने के लिए कमीशन के रूप में मांग रहे थे।
एईएन और जेईएन पीड़ित ठेकेदार रतन सिंह चूंडावत ने बिल के 20 प्रतिशत के अनुसार 8 लाख 4 हजार रुपए राशि कमीशन के तौर पर रिश्वत में मांगी थी। इसमें से 6 लाख रुपए एईएन-जेईएन पीड़ित से ले चुके थे।
जानकारी के अनुसार 2लाख रुपए की रिश्वत लेते गिरफ्तार हुए वाटर शेड विभाग के जेईएन-एईएन कमीशन के नाम पर ठेकेदारों से रिश्वत लेने के लिए उनसे हस्ताक्षरशुदा चेक पहले ही एडवांस में ले लेते थे, ताकि बाद में ठेकेदार इनकार नहीं कर दे। एडिशनल एसपी डॉ. राजेश भारद्वाज ने बताया कि भूपालपुरा निवासी एईएन विपिन बापना पुत्र शिवकुमार को 2 लाख 4 हजार रुपए की रिश्वत लेते हुए उसके घर से और जेईएन गोपाल पुत्र रामलाल पटेल के कब्जे से पीड़ित का 7 लाख रुपए का चेक जब्त कर मनवाखेड़ा स्थित घर से गिरफ्तार किया है। विभाग ने बड़गांव पंचायत समिति के कठार गांव में ट्रेंच और कच्चे चेकडेम सहित अन्य कार्य के 1 करोड़ रुपए के टेंडर किए थे। यह ठेका दशरथ सिंह शक्तावत के नाम पर हुआ था, इसके प्रतिनिधि झालों का गुड़ा निवासी रतन सिंह चूंडावत ने ठेके का काम करवाया। रतन सिंह 80 लाख रुपए के काम करवा चुका था। अभी उसका 40 लाख रुपए का बिल पास होना था। यह बिल पास करने की एवज में एईएन और जेईएन कुल राशि के 20 प्रतिशत के अनुसार 8 लाख 4 हजार रुपए की रिश्वत राशि मांग रहे थे। बिल पास करवाने के लिए एईएन और जेईएन को परिवादी रतन सिंह अलग-अलग समय में 6 लाख रुपए दे चुका था। एईएन और जेईएन ने 40 लाख रुपए का बिल पास करते समय परिवादी का हस्ताक्षर किया हुआ 7 लाख रुपए का एडवांस चेक पहले ही ले लिया था, ताकि बची हुई रिश्वत राशि 2 लाख 4 हजार रुपए परिवादी देने से इनकार नहीं कर दे। पीड़ित को एईएन-जेईएन ने धमकी दी थी कि रिश्वत की बची राशि नहीं दी तो वे इस चेक का दुरुपयोग करेंगे और ठेके का नो-ड्यूज और पूरा हिसाब नहीं करेंगे। काफी परेशान होने के बाद रतन सिंह ने एसीबी ऑफिस शिकायत की।
निरीक्षक हनुवंत सिंह ने बताया कि जेईएन गोपाल पटेल की 2015 में ही विभाग में भर्ती हुई है। वि नवंबर 2015 से प्रोबेशन पीरियड में वाटर शेड के प्रतापनगर स्थित कार्यालय में काम कर रहा था। प्रोबेशन पीरियड में ही रिश्वत लेनी शुरू कर दी थी। इसी महीने 6 नवंबर को उसका प्रोबेशन पूरा हुआ था। वहीं एईएन विपिन कुमार बापना 1997 में विभाग में जेईएन पद पर भर्ती हुए थे, 2013 में पदोन्नत होकर एईएन बने और तब से यहीं पर कार्यरत थे।
सत्यापन में एईएन और जेईएन के रिश्वत मांगने की पुष्टि हुई। इस पर सोमवार को एसीबी निरीक्षक हरीश चन्द्र सिंह और हनुवंत सिंह के नेतृत्व में टीम ने ट्रेप का जाल बिछाया। एईएन ने रिश्वत लेने के लिए परिवादी रतन सिंह को अपने घर ही बुला लिया। एसीबी टीम ने एईएन विपिन कुमार को 2 लाख 4 हजार रुपए की रिश्वत लेते हुए गिरफ्तार किया। इसके बाद एसीबी टीम ने जेईएन गोपाल को उसके मनवाखेड़ा स्थित घर पर दबिश देकर गिरफ्तार कर लिया।
दो लाख की रिश्वत लेते भ्रष्टाचारी अधिकारी को एसीबी ने किया गिरफ्तार
सावधान चोरी की रिपोर्ट दर्ज करवानी है तो चोर भी खुद को पकड़ना पड़ेगा – और बाद में जेल भी खुद को जाना पड़ेगा।
उदयपुर। क्या हो गया है शहर की पुलिस को, शहर के आला पुलिस के अधिकारी की पकड़ शहर पर काम होती जा रही है। एक चोरी की एफआईआर दर्ज करवाने के लिए लोगों को थाने के कई चक्कर लगाने पड़ते है। यही नहीं कई बार तो आइओ को कार्रवाई करने के लिए जेब भी गरम करनी पड़ती है। मोटरसाइकिल चोरी हुई पुलिस ने चार दिन तक रिपोर्ट दर्ज नहीं कि, जब परिवादी खुद मोटरसाइकिल चोर को पकड़ के लाया और थाने में सूचना दी तो उसको ही अपहरण के केस में जेल में दाल दिया।
खुद काम करेगें नहीं और अगर कोई खुद काम करेगा तो उसको भी नहीं मानेगें और उसको ही सजा देने बैठ जायेगें। आखिर पुलिस चाहती क्या है।
पिछले दिनों भी पुष्प वाटिका में शादी समारोह के दौरान पांच लाख के आभूषण चोरी हो गए। तुरंत अम्बामाता थाने में सूचना दी तो ड्यूटी पर तैनात पुलिस karmiyon ने ना to एफआईआर लिखी ना ही तुरंत मोके पर आकर जांच की। यही नहीं अगले दिन आइओ ने पीड़ित पक्ष को बुला कर खर्चे पानी की मांग और कर ली। uस चोरी की रिपोर्ट तीन दिन बाद दर्ज की गयी जिसकी कारवाई पूछताछ के अलावा कुछ नहीं हुई।
और अब एक ये मामला जिसमे एक युवक की गोवर्धनविलास थाने में बाइक चोरी की रिपोर्ट कराने वाले बाइक मालिक के दोस्तों ने जिस चोरी के आरोपी को दबोचा, उस आरोपी के दोस्तों की अपहरण की अन्य रिपोर्ट पर अंबामाता थाना पुलिस ने बाइक मालिक सहित पांच दोस्तों को गिरफ्तार कर जेल भिजवा दिया। लेकिन बाइक चोरी का आरोपी एक माह तक आजाद घूमता रहा। बाद में जब जेल से छूटकर आए युवकों ने कोर्ट में इस्तगासा पेश कर रिपोर्ट दर्ज कराई तो उसके भी एक महीने बाद बाइक चोरी के असली आरोपियों को पुलिस ने गिरफ्तार किया।
यह मामला उपरोक्त दोनों थानों के बीच में हुआ है, जिसमें बाइक मालिक सहित उसके दोस्तों को जेल में 10 दिन बिताने पड़े।
मामला यह है कि 22 सितम्बर को बाइक मालिक आवेश पुत्र अली मोहम्मद, इसके दोस्त मुस्तफा पुत्र खुर्शीद अहमद, इमरान हुसैन पुत्र अनवर हुसैन और गुलाम मोइनुद्दीन पुत्र हकीम मोहम्मद सहित अन्य युवक अहमदाबाद हाइवे स्थित काठियावाड़ी होटल गए। वहां उनकी बाइक चोरी हो गई। उस रात आवेश अपने दोस्तों के संग गोवर्धन विलास थाने आया और बाइक चोरी की सूचना दी। पुलिस ने उस समय बाइक चोरी की सूचना वायरलेस पर प्रसारित करवा दी। लेकिन रिपोर्ट दर्ज नहीं की। इसके बाद 23 सितम्बर को आवेश फिर थाने गया लेकिन रिपोर्ट नहीं लिखी गई। 24 सितम्बर को पुलिस ने रोजनामचा दर्ज किया पर रिपोर्ट तब भी नहीं लिखी। युवकों ने सीसी टीवी फुटेज निकाले, जिसमें चोरी के आरोपी युवकों की पहचान हुई। इसके बाद 26 सितम्बर को सीसी टीवी फुटेज के आधार पर आरआर डेंटल कॉलेज में पढ़ने वाले कृष्णा नामक युवक को शास्त्री सर्कल पर बाइक मालिक ने ही पकड़ लिया। उससे बाइक के बारे में पूछा तो उसने मल्लातलाई चलने के लिए कहा। मल्लातलाई पहुंचे तो वहां चोरी के अन्य आरोपी रणधीर और सुमित भी गए। फिर वे सभी चकमा देकर भाग गए। इसकी सूचना बाइक मालिक और उसके दोस्तों ने गोवर्धनविलास थाना पुलिस को दी। तब भी पुलिस ने कोई कार्रवाई नहीं की।
कमाल की बात यह है कि इस मामले में पुलिस इन्वेस्टिगेशन कही भी नहीं दिख रहा। अगर पुलिस तत्परता दिखाती तो शायद मामला जिस दिन बाइक चोरी गयी उसी दिन सारा मामला निपट जाता और बाइक चोरी का आरोपी पकड़ में होता लेकिन यहाँ तो खुद पुलिस ने परिवादी को ही अपहरण के केस में जेल में डाल दिया।
राजस्थान, मध्यप्रदेश और पंजाब में पद्मावती पर लगी रोक

उदयपुर . राजस्थान में पद्मावती फिल्म के लिए फिलहाल रोक लगा दी गयी है साथ ही पंजाब और मध्यप्रदेश में भी पद्मावती फिल्म के प्रदर्शन पर रोक लगा दी गयी है .
राजस्थान की मुख्य मंत्री वसुंधरा राजे ने सूचना एवं प्रसारण मंत्री स्मृति इरानी को लेटर लिख कर फिल्म में विवादों पर बदलाव करने के सुझाव दिए थे . इसके बाद जब तक बदलाव नहीं हो जाते तब तक राज्य में पद्मावती के प्रदर्शन पर रोक लगा दी गयी है . राज्य सरकार ने पत्र में सुझाव दिया था कि उक्त फिल्म और उसके कथानक पर प्रसिद्ध इतिहासकारों, फिल्मी हस्तियों और समाज के प्रतिनिधियों की एक समिति से समीक्षा सुनिश्चित कराई जाए। इससे पूर्व सीमा सुरक्षा को लेकर बुलाई बैठक में गृहमंत्री गुलाबचंद कटारिया ने फिल्म पर बैन को लेकर पुलिस अधिकारियों से चर्चा की। इसमें डीजी अजीत सिंह, एडीजी (इंटेलीजेंस) यूआर साहू व गृह विभाग के अधिकारी मौजूद थे। इसमें पहले सीमा सुरक्षा और पाक हिंदू विस्थापितों के मुद्दे पर चर्चा हुुई। इसके बाद एडीजी साहू ने फिल्म को लेकर उपजे तनाव पर रिपोर्ट दी। इसमें बताया कि फिल्म रिलीज होने पर कई जगह तनाव हो सकता है।
पद्मावती फिल्म के विरोध में जयपुर के एसीजेएम कोर्ट 16 में सोमवार को परिवाद पेश किया गया है। परिवाद में बताया है कि फिल्म में इतिहास से छेडछाड और रानी पद्मनी का अपमान किया गया है। इस संबंध में परिवादी भवानी शंकर शर्मा ने एसीजेएम कोर्ट 16 में परिवाद पेश किया है। परिवादी के वकील फरीद खान ने बताया कि फिल्म निर्माण के दौरान निर्देशक संजय बंसाली ने इतिहास को गलत तरीके से पेश किया है। जिससे राजपूत समाज में काफी रोष है। पूरे प्रदेश में फिल्म के प्रति विरोध प्रदर्शन किए जा रहे हैं। कोर्ट ने परिवाद पर 22 नवंबर को सुनवाई करेगी।
मध्यप्रदेश की राजधानी में सोमवार को मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने ऐलान किया है कि मध्यप्रदेश में पद्मावती फिल्म पर प्रतिबंध रहेगा। राजपूत समाज के लोगों से मिलने के बाद यह बड़ा ऐलान कर दिया है।
राजधानी भोपाल में आज मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा है कि इतिहास के साथ छेड़छाड़ बर्दाश्त नहीं की जाएगी। हम लोग बचपन से पद्मावती के बारे में पढ़ते आ रहे हैं। इससे पहले राजधानी भोपाल समेत प्रदेश के कई जिलों में रानी पद्मावती पर आने फिल्म पर विवाद चल रहा था। मध्यप्रदेश सरकार ने देश में सबसे पहले यह कदम उठाते हुए फिल्म पर बैन लगा दिया है। इस फैसले से करणी सेना ने खुशी जाहिर करते हुए मुख्यमंत्री शिवराज सिंह का आभार व्यक्त किया है।
उदयपुर के फोटो जर्नलिस्ट ताराचंद गवारिया को मिला अन्तर्राष्ट्रीय गौरव

खिसकेले रेस्टोरेंट मालिक ने चालान तामिल करने गए कांस्टेबल पर उड़ेली सब्जी की कड़ाई – जद्दोजहद के बाद पकड़ में आए पति – पत्नी
उदयपुर। शहर के सुखेर थानाक्षेत्र में एक कांस्टेबल पर उबलती सब्जी फेंकने का मामला सामने आया है। इस हादसे में कांस्टेबल बुरी तरह से झुलस गया, जिसे उदयपुर के एक निजी चिकित्सालय में भर्ती करवाया है। वहीं बाद में मौके पर पंहुची खाकी ने आरोपी और उसकी पत्नी को बड़ी जद्दोजहद करके घसीटते हुए गाड़ी में धकेला और थाने ले गई। दरअसल सेलीब्रेषन माॅल के सामने स्थित राधे – रसोई नाम का एक रेस्टोरेंट है। जहाँ पर सोमवार को सुखेर थाने के दो कांस्टेबल एक चालान तामिल कराने के लिए गए थे। तभी आरोपी संचालक भड़क उठा और उबलती हुई सब्जी की कड़ाई कांस्टेबल राकेश जाट पर उड़ेल दी। कोई कुछ समझ पाता इससे पहले आरोपी साइड में पड़ी पेट्रोल की बोतल उठाकर सबको मार डालने की धमकी देता रहा। इतने में आरोपी ने जलती हुई गैस की नली निकाली और उसको पकड़ने पर पूरे इलाके को उडाने की धमकी दे ड़ाली। इस वाकये से आसपास के दूसरे व्यापारी अपनी दुकाने छोड़कर भागने लगे। कुछ देर में सुखेर थाने का जाब्ता मौके पर पंहुच गया और बड़ी मुष्किल से आरोपी को काबू करके गाड़ी में डाला। इस बीच आरोपी की पत्नी भी खाकी के जवानों को रोकने लगी तो जवानों ने उसे भी गाड़ी में बिठा दिया और थाने ले गए। पता चला है कि तीन माह पूर्व आरोपी ने ऐसा ही कृत्य एक युवक पर किया था। जिससे वह भी बुरी तरह झुलस गया था। उसी मामले का चालान तामिल कराने के लिए सोमवार को सुखेर थाने से कांस्टेबल इसके रेस्टोरेंट पर पंहुचे थे। बहरहाल खाकी के जवानो ने आरोपी और उसकी पत्नी को पकड़कर आगे की कार्रवाई षुरू कर दी है, जबकिं घायल कांस्टेबल राकेष जाट का एक नीजि चिकित्सालय में इलाज चल रहा है।
ऑनलाइन ठगी- एटीम चुरा कर निकाल लिए 50 हज़ार रूपये , बैंक कर्मचारी के मिलीभगत की आशंका
उदयपुर . ट्रेन से बेग चोरी हुआ उसमे रखे दो एटीम भी चुरालिये लेकिन ताज्जुब की बात यह है कि उन एटीम से 50 हज़ार रुपये निकलवा लिए गए . जब कि चुराने वाले के पास अटीम के पिन नंबर कहाँ से आगये .
ऑनलाइन ठगी के मामले तो सामने आते रहे हैं लेकिन इस प्रकार का मामला पहली बार सामने आया है जब पिन नंबर का पता कर ठगी हुई। पुलिस इस मामले में साइबर एक्सपर्ट की सलाह ले रही है। परिवादी ने मामले में कैनरा बैंक के कर्मचारियों की मिलीभगत का आरोप भी लगाया है। पुलिस के अनुसार बेदला बड़गांव लिंक रोड निवासी दिलीप कुमार पुत्र सुरेश नाथ नंदा ने मामला दर्ज कराया है। केस में परिवादी ने बताया है कि 13 अक्टूबर को पत्नी मंदिरा नंदा के साथ ट्रेन से कोलकाता गया था। उनके पास एक बड़ा बैग और एक छोटा बैग था जिसमें बैंक एटीएम सहित कई दस्तावेज थे। कोलकाता पहुंचने के बाद जब बैग देखा तो छोटा बैग नहीं था जिससे यह शंका हुई कि उदयपुर घर पर ही छूट गया होगा। इसके एक माह बाद 4 नवंबर को उदयपुर लौटे तो घर पर भी बैग नहीं था तो उन्होंने बैंक में जाकर जानकारी ली। इस दौरान सामने आया कि कोलकाता, हरियाणा में एटीएम मशीन से करीब 50 हजार रुपए नकदी निकाली गई।
एफआईआरमें बताया कि मधुबन स्थित कैनरा बैंक में खाता है। नकदी विड्रॉल होने पर बैंक की तरफ से पंजीकृत मोबाइल पर मैसेज या अन्य प्रकार से सूचना नहीं दी। बैंक के कर्मचारियों ने इस बारे में पूछा तो उन्होंने दो बार हमारे मोबाइल नंबर की बजाए अन्य मोबाइल नंबर के बारे में बताया। इससे यह लगता है कि बैंक के कर्मचारियों की मिलीभगत है। वहीं 15 अक्टूबर को खाते में 9163 रुपए थे लेकिन एटीएम से 10 हजार रुपए विड्रॉल हुए।
साइड नहीं देने की छोटी सी बात पर चला दिए चाक़ू – तीन युवक घायल
उदयपुर . लगता है युवकों को जेब में चाक़ू लेकर निकलना एक फेशन या मानसिक बिमारी बन गयी है, इसे युवकों को ना तो घर के किसी बड़े सदस्य की सिख याद रहती है ना ही पुलिस का खोफ रहता है . चाँदपोल में रविवार की रात सिर्फ साइड नहीं देने जैसी छोटी सी बात पर चाक़ू बाजी हो गयी .
पुलिस ने बताया कि लाल घाट निवासी नदीम पुत्र असलम शेख, राहुल पुत्र मोहनलाल सेन, जहीर उर्फ मोनू तीनों बाइक पर जा रहे थे। इधर नागा नगरी निवासी सोहेब और इरशाद रहे थे। दानों पक्षों में इंडिकेटर से साइड देने के बाद विवाद हो गया। इसके बाद सोहेब और इरशाद ने तीनों युवक पर चाकू से हमला कर दिया। बाद में पीड़ित पक्ष ने पुलिस में मामला दर्ज करवाया . ताज्जुब की बात है कि युवक जेब में चाक़ू लेकर चल रहे है क्या ये युवक घर से ही तय करके निकलते है कि रास्ते में जो कोई भी ज़रा सी कहा सुनी करेगा उन्हें चाक़ू मार देंगे . ईएसआई विकृत मानसिकता आखिर युवकों में किसलिए आरही है. इसे युवकों को इस बात का खोफ भी नहीं कि रास्ते में अगर पुलिस वाले कही चेकिंग करलेते है तो हमे मुसीबत का सामना करना पद जायेगा . छोटी सी बात पर किसी की जान लेने पर उतारू इसे युवकों पर पुलिस द्वारा कड़ी कारवाई की जानी चाहिए .
बीएन की छात्राओं ने बताया भंसाली को ऐसा होता है घूमर – कुम्भलगढ़ किया बंद

उदयपुर। मेवाड़ राजवंश के 42 वें वंशज राणा रावल रतन सिंह की महारानी पद्मिनी को लेकर संजय लीला भंसाली द्वारा बनाई गई विवादित फिल्म पद्मावती पर बवाल लगातार जारी है । इसी कड़ी में फिल्म निर्माता द्वारा जारी किए गएघूमर नृत्य के गाने को लेकर भी विवाद लगातार गहराता जा रहा है। इसी कड़ी में उदयपुर में पिछले कई वर्षों से शिक्षा के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य करने वाली भोपाल नोबल्स यूनिवर्सिटी की छात्राओं ने पारंपरिक परिधानों में घूमर नृत्य कर के इस फिल्म का और दीपिका पादुकोण द्वारा किए गए नृत्य का विरोध किया है। दरअसल बीएन कन्या महाविद्यालय की पढ़ने वाली यह राजपूत छात्राएं हाल ही में फिल्म के प्रोमो के रूप में रिलीज हुए घूमर नृत्य के गाने का विरोध कर रही है। इन गल्र्स दलील है कि पद्मावती फिल्म में यह गाना पूरी तरीके से गलत दर्शाया गया है । यही नहीं दीपिका पादुकोण द्वारा जिस तरह की वेशभूषा धारण की गई और जो फिल्म का सेट है वह भी पूरी तरह गलत है । ऐसे में लड़कियों ने पारंपरिक परिधानों में घूमर नृत्य पेश कर आने वाली पीढ़ी को इस नृत्य के बारे में जानकारी और उसका महत्व बताया । नृत्य करने वाली लड़कियों का साफ कहना है कि फिल्म में जो घूमर नृत्य दिखाया गया है वह पूरी तरीके से गलत है । राजपूत समाज की महारानिया न तो इस तरह का नृत्य कभी करती थी और ना ही उनका पहनावा इस तरीके क्या होता था । साथ ही महिलाओं द्वारा जहां पर नृत्य किया जाता था वहां पर पुरुषों की इंट्री तो कतई होती ही नहीं थी । ऐसे में आने वाली पीढ़ी को सही घूमर नृत्य को बताने और संजय लीला भंसाली को संदेश देने के उद्देश्य से इन कन्याओं ने पद्मिनी हाउस में नृत्य इसके बारे में अवगत कराया है ।
इधर पद्मावती विवाद पर शहर विधायक व् गृहमंत्री गुलाबचंद कटारिया ने अपनी प्रतिक्रिया दी। कटारिया ने साफ किया कि अब फिल्म के प्रदर्शन पर एक बार रोक लग गयी है ओर कुछ लोगों ने फिल्म को देखा भी है, जिन्होने फिल्म देखी है वह सभी यही कह रहे हंै कि फिल्म में ऐसे कोई दृश्य नही है जो कि आपत्तिजनक हो, लेकिन फिर भी सेंसर बोर्ड के निर्णय के बाद ही फिल्म के प्रदर्शन पर सोचा जा सकता है।

कुम्भलगढ़ बंद रू
रानी पद्मिनि की फिल्म को लेकर चल रहा बवाल चित्तोड़ दुर्ग के बाद राजसमन्द जिले के एतिहासिक कुम्भलगढ़ किले तक पहुच चूका है। इसी कड़ी में शनिवार को राजपूत करनी सेना के कार्यक्रताआंे और सर्व समाजांे के सैंकड़ो लोगांे ने कुम्भलगढ़ किले पर प्रदर्शन करते हुए इसके मुख्य द्वार को बंद कर दिया। फिल्म पद्मावती का विरोध कर रहे इन लोगों ने दुर्ग के किले के मुख्य द्वार को बंद करने के बाद वहां पर जोरदार नारेबाजी की। इस दौरान बड़ी तादाद में सर्व समाजों के लोगों के साथ भारी पुलिस लवाजमा भी मौके पर तैनात रहा। कुम्भलगढ़ दुर्ग के बंद होने से अब वहां घुमने आने वाले देशी और विदेशी सैलानियों को मायुस होकर लौटना पड़ेगा। करणी सेना के पदाधिकारियों ने साफ किया कि इस फिल्म में जिस तरीके से मेवाड़ और पद्मिनि के इतिहास को तोड़ मरोड़ कर पेश किया गया है उसका कुम्भलगढ़ के सर्व समाजो में जोरदार विरोध है। ऐसे में सिर्फ एक दिन का बंद कर हम लोग चेतावनी देते हैं कि अगर इस फिल्म का प्रसारण होता है तो हमारी और से आगे उग्र आन्दोलन किया जायेगा !
पद्मावती पर मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे ने कहा आवश्यक बदलाव किये बिना फिल्म रिलीज़ ना हो

पोस्ट न्यूज़ .मुख्यमंत्री वसुन्धरा राजे ने सूचना एवं प्रसारण मंत्री श्रीमती स्मृति जुबिन ईरानी को पत्र लिखकर आग्रह किया है कि पद्मावती फिल्म तब तक रिलीज न हो, जब तक इसमें आवश्यक बदलाव नहीं किए जाएं ताकि किसी भी समुदाय की भावनाओं को ठेस न पहुंचे।
उन्होंने पत्र में कहा है कि इस संबंध में सेंसर बोर्ड को भी फिल्म प्रमाणित करने से पहले इसके सभी संभावित नतीजों पर विचार करना चाहिए। प्रसिद्ध इतिहासकारों, फिल्मी हस्तियों और पीड़ित समुदाय के सदस्यों की एक समिति गठित की जाए जो इस फिल्म तथा इसकी कथानक पर विस्तार से विचार-विमर्श करे। उसके बाद ऐसे आवश्यक परिवर्तन किए जाए जिससे किसी भी समाज की भावनाओं को आघात न लगे।
श्रीमती राजे ने कहा कि फिल्म निर्माताओं को अपनी समझ के अनुसार फिल्म बनाने का अधिकार है लेकिन कानून व्यवस्था, नैतिकता और नागरिकों की भावनाओं को ठेस पहुंचने की स्थिति में मौलिक अधिकारों पर भी तर्क के आधार पर नियंत्रण रखने का प्रावधान भारत के संविधान में है। इसलिए पद्मावती फिल्म की रिलीज पर पुनर्विचार किया जाए।
केन्द्रीय मंत्री को पत्र लिखने के लिए मेवाड़ के एक प्रतिनिधिमंडल ने शनिवार को मुख्यमंत्री निवास पर श्रीमती राजे से मुलाकात कर उनका आभार जताया। प्रतिनिधिमंडल में यूडीएच मंत्री श्रीचंद कृपलानी, चित्तौड़गढ़ विधायक चन्द्रभान आक्या, मेवाड क्षत्रिय महासभा के अध्यक्ष बालू सिंह कानावत, मेवाड क्षत्रिय महासभा के संरक्षक मनोहर सिंह कृष्णावत एवं तेज सिंह बांसी, जोहर स्मृति संस्थान, चित्तौड़गढ़ के महामंत्री भंवर सिंह खरड़ी, कोषाध्यक्ष नरपत सिंह भाटी, चित्तौड़ क्षत्रिय महासभा के अध्यक्ष लक्ष्मण सिंह खोर शामिल थे।
बांसवाडा के दो अंजुमन सदर की हत्याओं का मास्टर माइंड सिराज नेपाल में गिरफ्तार
उदयपुर . बांसवाडा में पूर्व सदर अबुलाला और उसके भाई सोहराब खान की ह्त्या का मुख्य साजिशकर्ता हिस्ट्रीशीटर सिराज अहमदनि गेंग के साथ नेपाल में धर लिया गया . नेपाल पुलिस ने निवारक अधिनियम के तहत गिरफ्तार कर कोर्ट में पेश किया। जिस पर तीनों को 4 महीने की कैद की सजा सुनाई गई है। अब चार महीने बाद ही भारत लाने की कवायद की जा सकती है .
बांसवाडा अंजुमन इस्लामिया संस्था के मरहूम सदर सोहराब खान की गोली मारकर हत्या करने वाले मास्टर माइंड हिस्ट्रीशीटर भाइयों सिराज-इम्तियाज और साथी काशिफ को नेपाल पुलिस ने गिरफ्तार किया। यहां पर एक दूसरे मामले में उन्हें शुक्रवार को 4 महीने की कैद सुनाई गई है। तीनों को वहां की पुलिस ने सदर सोहराब की हत्या के ठीक 29 दिनबाद ही 4 नवंबर को गिरफ्तार कर लिया था। नेपाल पुलिस ने निवारक अधिनियम के तहत यह कार्रवाई की थी। जिसमें जांच में तीनों के स्थानीय नागरिक नहीं होने और अपराधिक रिकॉर्ड होना पाया गया था।
तीनों शातिरों में से शूटर काशिफ की गिरफ्तारी ने शहर पुलिस समेत निगरानी एजेंसियों की पोल भी खोलकर रख दी है। झालावाड़ का 24 वर्षीय काशिफ उर्फ कासम उर्फ कालू उन्हीं पांच शूटरों में से एक है, जिसने 7 अक्टूबर को अंजुमन इस्लामिया के सदर सोहराब खान की राजतालाब में गोली मारकर हत्या कर दी थी। पुलिस शूटरों को बांसवाड़ा और दूसरे शहरों में तलाशती रही, लेकिन काशिफ बॉर्डर पारकर नेपाल लौट गया। काशिफ पहले भी नेपाल सिराज के साथ रहता था और वारदात को अंजाम देने के लिए भारत लौटा
तीनोंआरोपियों को नेपाल के गिरफ्तार करने के बाद भी बांसवाड़ा पुलिस टीम भारत नहीं लौटी। टीम नेपाल-भारत के बीच सोनाली बॉर्डर पर ही कैंप कती रही। टीम इसका इंतजार कर रही थी कि अगर तीनों को जमानत मिल गई तो हो सकता है कि नेपाल पुलिस उनके भारत भेज दे। जिस पर तीनों को बॉर्डर पर ही गिरफ्तार कर लिया जाए, लेकिन ऐसा नहीं हुआ। सूत्रों के अनुसार सिराज और उनके साथियों की माली हालत भी वहां ठीक नहीं थी। हालांकि सिराज का परिवार फिलहाल कहां है, इसकी स्थिति अब तक साफ नहीं हो पाई है।

