
उदयपुर . राजस्थान में पद्मावती फिल्म के लिए फिलहाल रोक लगा दी गयी है साथ ही पंजाब और मध्यप्रदेश में भी पद्मावती फिल्म के प्रदर्शन पर रोक लगा दी गयी है .
राजस्थान की मुख्य मंत्री वसुंधरा राजे ने सूचना एवं प्रसारण मंत्री स्मृति इरानी को लेटर लिख कर फिल्म में विवादों पर बदलाव करने के सुझाव दिए थे . इसके बाद जब तक बदलाव नहीं हो जाते तब तक राज्य में पद्मावती के प्रदर्शन पर रोक लगा दी गयी है . राज्य सरकार ने पत्र में सुझाव दिया था कि उक्त फिल्म और उसके कथानक पर प्रसिद्ध इतिहासकारों, फिल्मी हस्तियों और समाज के प्रतिनिधियों की एक समिति से समीक्षा सुनिश्चित कराई जाए। इससे पूर्व सीमा सुरक्षा को लेकर बुलाई बैठक में गृहमंत्री गुलाबचंद कटारिया ने फिल्म पर बैन को लेकर पुलिस अधिकारियों से चर्चा की। इसमें डीजी अजीत सिंह, एडीजी (इंटेलीजेंस) यूआर साहू व गृह विभाग के अधिकारी मौजूद थे। इसमें पहले सीमा सुरक्षा और पाक हिंदू विस्थापितों के मुद्दे पर चर्चा हुुई। इसके बाद एडीजी साहू ने फिल्म को लेकर उपजे तनाव पर रिपोर्ट दी। इसमें बताया कि फिल्म रिलीज होने पर कई जगह तनाव हो सकता है।
पद्मावती फिल्म के विरोध में जयपुर के एसीजेएम कोर्ट 16 में सोमवार को परिवाद पेश किया गया है। परिवाद में बताया है कि फिल्म में इतिहास से छेडछाड और रानी पद्मनी का अपमान किया गया है। इस संबंध में परिवादी भवानी शंकर शर्मा ने एसीजेएम कोर्ट 16 में परिवाद पेश किया है। परिवादी के वकील फरीद खान ने बताया कि फिल्म निर्माण के दौरान निर्देशक संजय बंसाली ने इतिहास को गलत तरीके से पेश किया है। जिससे राजपूत समाज में काफी रोष है। पूरे प्रदेश में फिल्म के प्रति विरोध प्रदर्शन किए जा रहे हैं। कोर्ट ने परिवाद पर 22 नवंबर को सुनवाई करेगी।
मध्यप्रदेश की राजधानी में सोमवार को मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने ऐलान किया है कि मध्यप्रदेश में पद्मावती फिल्म पर प्रतिबंध रहेगा। राजपूत समाज के लोगों से मिलने के बाद यह बड़ा ऐलान कर दिया है।
राजधानी भोपाल में आज मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा है कि इतिहास के साथ छेड़छाड़ बर्दाश्त नहीं की जाएगी। हम लोग बचपन से पद्मावती के बारे में पढ़ते आ रहे हैं। इससे पहले राजधानी भोपाल समेत प्रदेश के कई जिलों में रानी पद्मावती पर आने फिल्म पर विवाद चल रहा था। मध्यप्रदेश सरकार ने देश में सबसे पहले यह कदम उठाते हुए फिल्म पर बैन लगा दिया है। इस फैसले से करणी सेना ने खुशी जाहिर करते हुए मुख्यमंत्री शिवराज सिंह का आभार व्यक्त किया है।


उदयपुर . ट्रेन से बेग चोरी हुआ उसमे रखे दो एटीम भी चुरालिये लेकिन ताज्जुब की बात यह है कि उन एटीम से 50 हज़ार रुपये निकलवा लिए गए . जब कि चुराने वाले के पास अटीम के पिन नंबर कहाँ से आगये .
उदयपुर . लगता है युवकों को जेब में चाक़ू लेकर निकलना एक फेशन या मानसिक बिमारी बन गयी है, इसे युवकों को ना तो घर के किसी बड़े सदस्य की सिख याद रहती है ना ही पुलिस का खोफ रहता है . चाँदपोल में रविवार की रात सिर्फ साइड नहीं देने जैसी छोटी सी बात पर चाक़ू बाजी हो गयी .


उदयपुर . पुरे देश में पद्मावती फिल्म का विरोध हो रहा है वही दूसरी तरफ चाहे केंद्र सरकार हो या राज्य सरकार विरोध में बयान दे रहे है लेकिन इसके बावजूद विरोध प्रदर्शन से दुरी बनाये हुए है वही राज्य में पहली बार उच्च शिक्षा मंत्री किरण माहेश्वरी सांसद हरिओम पंवार धरना प्रदर्शन में शामिल हुए.
उदयपुर। खाकी ने ही कुछ दिनों पहले खाकी का अपहरण किया और अब वहीं खाकी, खाकी की कैद मेें है। यह मामला सूरजपोल थाना क्षेत्र का बताया जा रहा है। पुलिस लाईन में तैनात कांस्टेबल कानसिंह ने गत 2 नवम्बर को उसके अपहरण का रिपोर्ट दर्ज करवाई थी। इसके तहत उसने बताया कि कांस्टेबल धर्मीचंद ने उसे लाईन के प्रवेष द्वार पर फोन करके बुलाया । जब वह वहां पंहुचा तो धर्मीचंद और उसके साथ आए चार लोगों ने उसे जबरन स्वीफ्ट कार में डालकर डबोक की ओर ले गए। जहां इन सभी आरोपियों ने उसके साथ मारपीट की और कहा कि अशोक मुंशी के खिलाफ आए दिन शिकायत करता रहता है इसलिए तुझे आज जिंदा नहीं छोड़ेंगे। हालाकि कानसिंह जैसे – तैसे खुद को आरोपियों के चंगुल से मुक्त होने में सफल रहा और रिपोर्ट दर्ज करवाई। इस पर सूरजपोल थाना पुलिस ने कई दिनों से फरार चल रहे धर्मीचंद को आखिरकार शुक्रवार को गिरफ्तार कर ही लिया। पुलिस ने आरोपी धर्मीचंद को अजमेर जिले से गिरफ्तार किया है। अब कांस्टेबल धर्मीचंद से पुलिस इस अपहरण और इसके पीछे छिपे राज उगलवाएंगी।