उदयपुर. अंधाधुंध फायरिंग की घटना अमेरिका यूरोप में सुअनाने को मिलती है लेकिन राजस्थान के डूंगरपुर जिले में शहर की राजकीय उच्च माध्यमिक महारावल स्कूल में पिता पुत्र ने अंधाधुंध टोपीदार बन्दूक से फायरिंग कर दी. फायरिंग की घटना से पुरे शहर में दहशत का माहोल हो गया . स्कूल के दरवाजे पर लगे फायर में तीन छात्रों को हलकी चोटे आई . पुलिस ने आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है .
जिस समय फायरिंग की घटना हुई उस वक़्त स्कूल में उस समय विधिक साक्षरता कार्यक्रम चल रहा था। जिसमें जिला न्यायाधीश भी मौजूद थे। स्कूल में 1700 बच्चे पढ़ते हैं जो इस कार्यक्रम में बैठे हुए थे, लेकिन 12वीं विज्ञान-बी के क्लासरूम में कोई चोरी कर ले, इस कारण 5 बच्चों को मॉनिटरिंग के लिए बैठा रखा था। तभी आरोपी जुम्मे मेवाफरोश और उसके पुत्र अमजद ने मिलकर स्कूल के कमरे की खिड़की पर ताबड़तोड़ फायरिंग की।
जानकारी के अनुसार जुम्मे मेवाफरोश ने स्कूल से लगती सरकारी जमीन पर कब्जा कर रखा था। यहीं पर उसका एक बगीचा भी है। प्रशासन ने जमीन को अतिक्रमण से मुक्त कराकर स्कूल को सौंपी थी। और स्कूल ने 12वीं क्लास के लिए रूम बना दिया था। बच्चे बगीचे की दीवार फांदकर भागते थे। इससे वह बच्चों से चिढ़ता था और अक्सर स्कूल में नुकसान होने की बात कहकर गाली-गलौच करता था। बुधवार को भी वह आया और गाली-गलौच करने लगा। शिक्षकों ने समझाने की कोशिक की लेकिन वह नहीं माना। इसी दौरान उसने बंदूक निकालकर फायरिंग शुरू कर दी। कुछ देर बाद उसका बेटा भी बंदूक लेकर गया। उसने भी ताबड़तोड़ फायरिंग की और फरार हो गया।
शहरके राजकीय उच्च माध्यमिक स्कूल महारावल में बुधवार को गोली चलाने की घटना से ठीक आधे घंटे पहले हमलावर जुम्मे खान स्कूल में पहुंचा था, जहां उसने स्टाफ के साथ गाली-गलौच की।
इस दौरान धमकाते हुए कहा था कि सभी को गोली से उड़ा दूंगा। ठीक इसके आधे घंटे के बाद वापस लौटा और गोलियां चाल दी। इसकी पुष्टि करते हुए स्कूल के शिक्षकों ने बताया कि वह हर रोज स्कूल में आकर गाली-गलौच करता है। बुधवार को सुबह 11.30 बजे हुई इस घटना के बाद एक ओर पूरे शहर में सनसनी फैल गई, वहीं गोली चलाने के बाद भी अपने खेत में आरोपी करीब दो घंटे तक खड़ा रहा।



उदयपुर. 14 नवम्बर “बालदिवस के रूप में मनाया जाता है . हर स्वयं सेवी संस्थान इस दिन बच्चों के लिए कोई ना कोई कार्य करते है . जिला कलेक्टर ने सुखाडिया सर्कल पर बलून व् अन्य सामग्री बेचने वाले बच्चों को पास बुलाकर उनके हाथों में पुस्तकें गिफ्ट किट थमाई जिसमे किट में स्कूल बैग, स्लेट, पेन्सिल, बॉक्स, हिन्दी की अक्षरमाला, पानी की बोटल, स्वेटर एवं खिलौने शामिल थे और उन्हें प्यार से पास बुला कर ढेर सारी बातें की उन्हें पढ़ाई के बारे में भी पूछा कि क्या वह पढ़ना चाहते है . गैर सरकारी संगठन इम्पिटस ने उन बच्चों को पढ़ाने का का जिमा भी उठाया रोज़ शाम को आधा घंटा उन्हें वही पढ़ने आने के लिए वादा लिया . इस दौरान नगर निगम आयुक्त ओपी बुनकर, महिला एवं बाल विकास विभाग की उप निदेशक डॉ. तरू सुराणा एवं रेडक्रॉस सोसायटी के उपाध्यक्ष डॉ. रणवीर मेहता आदि उपस्थित थे। इससे पूर्व सभी बच्चों का स्वास्थ्य परीक्षण किया गया

उदयपुर। फिल्म पद्मावती को लेकर चल रहे विवाद के बिच में फिम अभिनेता मेवाड़ में आये और फिल्म का समर्थन करके चले गए। उन्होंने विवाद और विरोध को बेमानी बताया।




उदयपुर। संजय लीला भंसाली की फिल्म पद्मावती का विरोध किसी भी तरह कम होने नाम नहीं लेरहा। राजस्थान के करीब करीब हर समाज के संगठनों ने फिल्म प्रदर्शन को लेकर आपत्ति जताई है। इसी कड़ी में आज भिंडर की जनता सेना ने जिला कलेक्ट्री पर धरना दिया और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नाम ज्ञापन देकर फिल्म के प्रदर्शन को रोकने की मांग की है।

उदयपुर । फिल्म निर्देशक संजय लीला भंसाली की निर्माणाधीन फिल्म पद्मावती के विरोध में मेवाड़ में राजपूतों की सशक्त संस्थान मेवाड़ क्षत्रिय महासभा सड़कों पर उतरेगी और प्रदर्शन करेंगी।महासभा के महामंत्री तनवीर सिंह कृष्णावत ने बताया कि मंगलवार को मेवाड़ क्षत्रिय महासभा के केंद्रीय कार्यकारिणी की बैठक आयोजित की जायेगी जिसमें समाज जनों के साथ ही जिले के समस्त समाज प्रमुखों के साथ सर्वसमाज की बैठक आहूत की होगी। बैठक में सर्व समाज से विरोध में समर्थन की अपील की जायेगी। कृष्णावत ने कहा कि फिल्म में क्षत्रियों के गौरवशाली इतिहास के साथ संजय भंसाली छेड़छाड़ कर रहे हैं। मीडिया रिपोर्ट के अनुसार फिल्म में महारानी पद्मिनी के चरित्र का गलत तरीके से चित्रण किया जा रहा है, जिसे बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। महासभा ने चेतावनी दी है कि उक्त फिल्म में गलत तथ्य प्रस्तुत करने पर प्रत्येक स्तर पर विरोध किया जाएगा। साथ ही फिल्म को प्रदेश में रिलीज नहीं होने दिया जाएगा।