डूंगरपुर शहर की राजकीय उच्च माध्यमिक महारावल स्कूल में पिता पुत्र ने टोपीदार बन्दूक से की फायरिंग

उदयपुर. अंधाधुंध फायरिंग की घटना अमेरिका यूरोप में सुअनाने को मिलती है लेकिन राजस्थान के डूंगरपुर जिले में शहर की राजकीय उच्च माध्यमिक महारावल स्कूल में पिता पुत्र ने अंधाधुंध टोपीदार बन्दूक से फायरिंग कर दी. फायरिंग की घटना से पुरे शहर में दहशत का माहोल हो गया . स्कूल के दरवाजे पर लगे फायर में तीन छात्रों को हलकी चोटे आई . पुलिस ने आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है .

जिस समय फायरिंग की घटना हुई उस वक़्त स्कूल में उस समय विधिक साक्षरता कार्यक्रम चल रहा था। जिसमें जिला न्यायाधीश भी मौजूद थे। स्कूल में 1700 बच्चे पढ़ते हैं जो इस कार्यक्रम में बैठे हुए थे, लेकिन 12वीं विज्ञान-बी के क्लासरूम में कोई चोरी कर ले, इस कारण 5 बच्चों को मॉनिटरिंग के लिए बैठा रखा था। तभी आरोपी जुम्मे मेवाफरोश और उसके पुत्र अमजद ने मिलकर स्कूल के कमरे की खिड़की पर ताबड़तोड़ फायरिंग की।

जानकारी के अनुसार जुम्मे मेवाफरोश ने स्कूल से लगती सरकारी जमीन पर कब्जा कर रखा था। यहीं पर उसका एक बगीचा भी है। प्रशासन ने जमीन को अतिक्रमण से मुक्त कराकर स्कूल को सौंपी थी। और स्कूल ने 12वीं क्लास के लिए रूम बना दिया था। बच्चे बगीचे की दीवार फांदकर भागते थे। इससे वह बच्चों से चिढ़ता था और अक्सर स्कूल में नुकसान होने की बात कहकर गाली-गलौच करता था। बुधवार को भी वह आया और गाली-गलौच करने लगा। शिक्षकों ने समझाने की कोशिक की लेकिन वह नहीं माना। इसी दौरान उसने बंदूक निकालकर फायरिंग शुरू कर दी। कुछ देर बाद उसका बेटा भी बंदूक लेकर गया। उसने भी ताबड़तोड़ फायरिंग की और फरार हो गया।

शहरके राजकीय उच्च माध्यमिक स्कूल महारावल में बुधवार को गोली चलाने की घटना से ठीक आधे घंटे पहले हमलावर जुम्मे खान स्कूल में पहुंचा था, जहां उसने स्टाफ के साथ गाली-गलौच की।
इस दौरान धमकाते हुए कहा था कि सभी को गोली से उड़ा दूंगा। ठीक इसके आधे घंटे के बाद वापस लौटा और गोलियां चाल दी। इसकी पुष्टि करते हुए स्कूल के शिक्षकों ने बताया कि वह हर रोज स्कूल में आकर गाली-गलौच करता है। बुधवार को सुबह 11.30 बजे हुई इस घटना के बाद एक ओर पूरे शहर में सनसनी फैल गई, वहीं गोली चलाने के बाद भी अपने खेत में आरोपी करीब दो घंटे तक खड़ा रहा।

हिन्दुस्तान जिंक में 41वां भूमिगत खान सुरक्षा, स्वच्छता एवं सीलिकोसिस जागरूकता सप्ताह मनाया।

हिन्दुस्तान जिंक द्वारा जावर माईन्स के महाकुमार मंगलम स्टेडियम में महानिदेशालय खान सुरक्षा, उदयपुर व अजमेर क्षेत्र के तत्वावधान में 41 वां भूमिगत खान सुरक्षा, स्वच्छता एवं सीलिकोसिस जागरूकता सप्ताह आयोजित हुआ। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि महानिदेशक खान सुरक्षा पी.के.सरकार, विषिष्ट अतिथि उपमहानिदेशक खान सुरक्षा उत्तर पष्चिमी जोन उदयपुर नारायण राजक थे।
कार्यक्रम की शुरूआत अतिथियों ने विभिन्न खदानों द्वारा प्रदर्षित भूमिगत खदान आपातकालीन बचाव उपकरण एवं प्राथमिक सहायता प्रदर्षनी के अवलोकन कर की। तत्पष्चात विधिवत द्वीप प्रज्जवलन कर सभी ने उन लोगो। के लिये दो मिनट का मौन रखा जिनकी भारत में कही भी खनन के दौरान दुर्घटना से मृत्यु हो गयी हो। साईट प्रेसिडेंट जावर पीएस जैतावत ने अपने उद्बोधन में सभी अतिथियों का स्वागत किया।
मुख्य अतिथि महानिदेषक खान सुरक्षा पी.के.सरकार ने इस अवसर पर हिन्दुस्तान जिंक द्वारा अपने कर्मचारियों की सुरक्षा और जागरूकता के प्रति किये जा रहे कार्यो की सराहना करते हुए कहा कि हिन्दुस्तान जिं़क खनन के क्षेत्र में एषिया में दूसरे नंबर पर आता है जो कि अपने आस-पास के क्षेत्र में सीएसआर के तहत् भी सराहनीय कार्य कर रहा है। उन्होंने ज़ावर में फुटबाॅल अकादमी की स्थापना को भी महत्वपूर्ण पहल बताया। सरकार ने कहा कि जितने भी खदान मालिक और प्रबंधक है वे सिलिकोसिस बीमारी के प्रती गंभीरता से ध्यान दे। इस प्रकार के आयोजन को अगले वर्ष उन्होंने राष्ट्रीय स्तर पर आयोजित करने की मंषा जताई।
कार्यक्रम संयोजक निदेषक खान सुरक्षा उदयपुर क्षेत्र, एके पोरवाल ने इस वर्ष के सुरक्षा सप्ताह की थीम सुरक्षा, स्वच्छता एवं सीलिकोसिस जागरूकता के बारे मे अवगत कराते हुए कहा कि सिलिकोसिस एक गम्भीर व घातक बीमारी है जिसे उचित सावधानी व विवेकपूर्ण तरिके से रोका जा सकता है। सिलिकोसिस फेफड़ों की बीमारी है जो कि लम्बे समय तक सिलिका के कणों के श्वास के साथ फेफड़ों में जाने से होती है।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए हिन्दुस्तान जिं़क के मुख्य प्रचालन अधिकारी एलएस शेखावत ने कहा कि सुरक्षा हमारी पहली और महत्वपूर्ण प्राथमिकता रही है जिसके लिए किसी भी प्रकार के समझौते से हमारी हर खदान प्रभावपूर्ण कार्यप्रणाली हेतु प्रतिबद्ध है। सुरक्षा सबसे महत्वपूर्ण है और हम महानिदेषालय खनन सुरक्षा के सभी निर्देषों का पालन कर रहे हैं। हिन्दुस्तान जिं़क सदैव सुरक्षित काम के महौल पर उच्च मानकों को स्थापित करने के लिए हर कदम उठाने को तैयार है। उन्होंने कहा कि सुरक्षित खनन प्रणाली का सख्ती से पालन करने और किसी भी जोखिम से परे कार्य का वातावरण प्रदान करना उच्च मानकों के पालन की शर्त है यह कदम उसी दिषा की और महत्वपूर्ण है। सिलिकोसिस जैसी घातक बीमारी से बचाव एवं रोकथाम इस सप्ताह के महत्वपूर्ण पहलू में से एक है।
इस अवसर पर हिन्दुस्तान जिं़क के मुख्य वित्त अधिकारी अमिताभ गुप्ता ने हिन्दुस्तान जिं़क की सभी खदानों के मार्च 2018 तक भूमिगत खनन हो जाने की जानकारी दी।
इस अवसर पर सांस्कृतिक कार्यक्रमों और कठपुतली शो के माध्यम से खान सुरक्षा एवं स्वच्छता जागरूकता का संदेष दिया गया। सर्वश्रेष्ठ खान एवं कर्मचारियों को अतिथियों ने पुरस्कृत किया।
हिन्दुस्तान जिंक के हेड कार्पोरेट कम्यूनिकेशन पवन कौषिक ने बताया कि हिन्दुस्तान जिं़क ओपन कास्ट माइनिंग से पुरी तरह अंडरग्राउण्ड माइनिंग के परिचालन की ओर बढ़ रहा है सुरक्षा हमेषा से हमारी प्राथमिकता रही हैं। हम आॅन जाॅब और आॅफ जाॅब सुरक्षा पर ध्यान देते हैं, सुरक्षा के लिए हम आम लोगों को रोजमर्रा के जीवन में भी जागरूक करते रहते है बीईंग सेफ कार्यक्रम सुरक्षा के प्रति आम लोगों को जागरूकरने के का एसा माध्यम है जिसके माध्यम से कर्मचारियों, परिवार और स्कूली बच्चों को घर,सडक एवं कार्य स्थल पर सुरक्षा हेतु जागरूक किया जा चुका है।
इस अवसर पर निदेषक खान सुरक्षा अजमेर क्षेत्र अरविन्द कुमार, मानिदेषक खान सुरक्षा उदयपुर पीके कुण्डु, आॅपरेषन हेड राजीव श्रीमाली, हिन्दुस्तान जिं़क वर्कर्स फेडरेषन के महासचिव केएस शक्तावत सहित विभिन्न खदानों के प्रतिनिधी, कर्मचारी एवं कामगार उपस्थित थे।

बाल दिवस पर उदयपुर कलेक्टर ने बलून बेचने वालों के हाथों में थमाई पुस्तकें – एक दिन का ड्रामा या बदलेगी सूरत

उदयपुर. 14 नवम्बर “बालदिवस के रूप में मनाया जाता है . हर स्वयं सेवी संस्थान इस दिन बच्चों के लिए कोई ना कोई कार्य करते है . जिला कलेक्टर ने सुखाडिया सर्कल पर बलून व् अन्य सामग्री बेचने वाले बच्चों को पास बुलाकर उनके हाथों में पुस्तकें  गिफ्ट किट थमाई जिसमे किट में स्कूल बैग, स्लेट, पेन्सिल, बॉक्स, हिन्दी की अक्षरमाला, पानी की बोटल, स्वेटर एवं खिलौने शामिल थे और उन्हें प्यार से पास बुला कर ढेर सारी बातें की उन्हें पढ़ाई के बारे में भी पूछा कि क्या वह पढ़ना चाहते है . गैर सरकारी संगठन इम्पिटस ने उन बच्चों को पढ़ाने का का जिमा भी उठाया रोज़ शाम को आधा घंटा उन्हें वही पढ़ने आने के लिए वादा लिया . इस दौरान नगर निगम आयुक्त ओपी बुनकर, महिला एवं बाल विकास विभाग की उप निदेशक डॉ. तरू सुराणा एवं रेडक्रॉस सोसायटी के उपाध्यक्ष डॉ. रणवीर मेहता आदि उपस्थित थे। इससे पूर्व सभी बच्चों का स्वास्थ्य परीक्षण किया गया

हालाँकि बाल मजदूरों के लिए उद्या गया यह कदम काफी अच्छा है लेकिन क्या इस कदम को सार्थक माना जा सकता है? क्या यह बच्चे रोज़ की तरह बलून आदि नहीं बेचेगें ? क्या इस पहल से कोई सूरत बदलने वाली है या यह सिर्फ एक दिन का छपाउ ड्रामा बन कर रह जायेगा ? क्या कोई एसी व्यवस्था नहीं की जा सकती जिससे यह बच्चे अपनी पढ़ाई नियमित कर सकें और इनके परिवार के काम में कुछ हाथ भी बंटा सकें.

या यह कार्यक्रम सिर्फ एक बालदिवस के दिन फोटो खिचाऊ और खबर छपाऊ कार्यक्रम बन कर ही रह जाएगा . अगले साल फिर 14 नवम्बर आयेगा फिर एक संस्था के साथ सारे अधिकारी मिल कर एक और नया कार्यक्रम आयोजित करेगें फिर एक दिन की वाहवाही होगी फिर खबर चलेगी फिर फोटो अखबारों में छपेगा और फिर बच्चे रोज़ की तरह पांच का एक लेलो साहब पांच का एक लेलो साहब कहते हुए बलून बेचेगें ?

पद्मावती का ट्रेलर दिखाने पर सिनेमा हॉल में करनी सेना ने की जम कर तोड़फोड़

कोटा पोस्ट। संजय लीला भंसाली की फिल्म पद्मावती का विरोध कम होने का नाम नहीं ले रहा है। करणी सेना सहित कई संगठनों ने फिल्म का विरोध कर फिल्म प्रदर्शित नहीं किये जाने की चेतावनी दी है। राजस्थान के कोटा में आकाश माल में फिल्म पद्मावती का ट्रेलर दिखाए जाने पर सिनेमा हाल में करणी सेना के कार्यकर्ताओं ने जम कर तोड़ फोड़ की। मॉल की तीसरी मंजिल पर स्थित गोल्ड सिनेमा हाल में करणी सेना ने तोड़ फोड़ की और वहां मोजूद पुलिस वालों के सामने ही निकल कर चले गए। माल के आगे और पीछे के गेट से घुसे करणी सेना के कार्यकर्ता मॉल की पहली मंजिल से तीसरी मंजिल तक तोड़ फोड़ करते हुए घुसे जहाँ भी कांच दिखा तोड़ते गए। फिल्मों के पोस्टर फाड़ दिए कई फर्नीचर आदि तोड़ दिए। मॉल में मोजूद म्नाहिलाएं बच्चे बुरी तरह डर गए जो धह्शत के मारे चिल्लाते हुए बाहर निकले।

प्रदर्शनकारियों ने आधे घंटे तक मॉल में दहशत का माहौल पैदा कर दिया। एक साथ सिनेमा हॉल में नारेबाजी करते हुए १० से १५ कार्यकर्ता अंदर घूसे और जमकर तांडव मचाया। उनके आक्रोश को देखते हुए उन्हें कोई रोक नहीं सका। सिनेमा हॉल में से लोग बाहर भागने लगे। कई लोग भगदड में नीचे गिर गए। महिलाओं की चीख पुकार के बीच करणी सेना ने दरवाजों के कांच तोड़ दिए . आकाश मॉल में करणी सेना के कार्यकर्ताआें ने कई खिड़की व दरवाजों के कांच तोड़ दिए। कम्प्यूटर, एलसीडी, काउंटर, फ्रिज, वाटर कूलर, कॉफी मशीन, शोकेस, बिलिंग मशीन, कुर्सिया, डस्टबीन तोड़ दिए .

करनी सेना ने फिल्म के विरोध के चलते मॉल पर पथराव किया। पथराव करते ही बाहर भगदड़ मच गई। लोग इधर-उधर बचने का प्रयास करते रहे। पुलिस जाप्ता पहले कम था लेकिन बाद में अतिरिक्त जाप्ता बुलाया गया और पुलिस ने करणी सेना के कार्यकर्ताओं लाठियां भांजना शुरू कर दिया। पुलिस ने आईटीआई कॉलेज तक कार्यकर्ताओं को दौडाया और उनपर लाठियां बरसाई। इसके साथ ही पुलिस ने बंदूक के उल्टे बट से भी कार्यकर्ताओं को ठोका।

मेवाड़ की धरा पर आकर पद्मावती के समर्थन में बोल कर चला गया नील नीतिन मुकेष, बयान में बोला कहानियां तो बदलती रहती है

उदयपुर। फिल्म पद्मावती को लेकर चल रहे विवाद के बिच में फिम अभिनेता मेवाड़ में आये और फिल्म का समर्थन करके चले गए। उन्होंने विवाद और विरोध को बेमानी बताया।
मेवाड़ ही नहीं पुरे राजस्थान में फिल्म पद्मावती के प्रदर्शन को लेकर विरोध चल रहा है। मंगलवार को फिल्म अभिनेता नील नितिन मुकेश एक निजी कार्यक्रम में भाग लेने के लिए आये जिसमे उन्होंने मिडियाकर्मियों से बातचीत की ओर पद्मावती फिल्म को लेकर पूछे गये सवाल पर फिल्म का समर्थन करते हुए कहा कि कोई भी फिल्म हो कहीं न कही लोग उसमें विवाद ढूंढ ही लेते है। उन्होंने यह भी कहा ​कि सभी लोगों को इसे एक फिल्म के रूप से देखना चाहिए और अगर वह उसे अपने अनुरुप ऑडियंस तक पहुंचाना चाहते है तो गलत कुछ भी नही है। कई बार ऐसा होता है कि हम इतनी कहानियां सुनते हैं और जब तक कहानियां एक से दूसरे तक पंहुच जाती है तब तक कई बार कहानिया भी बदल जाती हैं ओर हम भी किसी को कहानी सुनाते तो कहानी में कुछ बदलाव आ ही जाता है। हालांकि मुकेश ने इस फिल्म के टाइटल के बदलने को लेकर कुछ भी कहने से मना कर दिया लेकिन एक दर्शक होने के नाते यह जरूर कहा कि फिल्म को देखने के लिए दर्शक उत्सुक है वहीं तकनीकी जानकारी के बारे में यह कहा कि फिल्म से जुडे हुए नही है इसलिए उन्हे इसके बारे में ज्यादा पता नही है मेरी फिल्म होती तो शायद फिल्म के बारे में ज्यादा कुछ बता पाता। उन्होंने उम्मीद जताई है कि फिल्म अच्छे से आये और दर्शक इस फिल्म को देख सके और किसी कलाकार का नुकसान नही हो।

बालदिवस पर मुट्ठी संस्थान ने राजकीय विद्यालय के “बाल कलाकार” को प्रोत्साहित किया

उदयपुर। महिलाओं के स्वाभिमान और उनके हक़ के लिए काम करने वाली “मुट्ठी” संस्थान बाल दिवस के उपलक्ष में विभिन्न राजकीय विद्यालयों में बाल कलाकारों को निखारने और प्रोत्साहित करने का प्रयास कर रही है। मुट्ठी संस्थान ने बच्चों के साथ तीन दिवसीय “बाल कलाकार” प्रतियोगिताएं आयोजित की।
मुट्ठी संस्थान की संस्थापक अर्चना शक्तावत और सरोज पटेल ने बताया कि राजकीय स्कूलों में पढने वाले बच्चों में कई प्रतिभाएं छुपी हुई रहती है, बस उन्हें आगे आने के अवसर अक्सर कम मिलते है। बच्चों का मनोबल बढाने के लिए मुट्ठी संस्थान ने बाल दिवस पर तीन दिवसीय कार्यक्रम “बालकलाकार” अलग अलग राजकीय स्कूलों में आयोजित कर रहा है। यह प्रतियोगिताएं १३ से १५ नवम्बर तक यह विभिन्न स्कूलों में आयोजित किया जारहा है। बाल कलाकार कार्यक्रम के तहत बच्चों में दो प्रतियोगिताएं “वाद विवाद” एवं “पोस्टरमेकिंग” रखी गयी है।
संस्थान की संस्थापक अर्चना शक्तावत ने बताया कि आज बाल दिवस पर भूपालपूरा राजकीय बालिका उच्च माध्यमिक विद्यालय में दोनों प्रतियोगिता आयोजित की गयी जिसमे छात्राओं ने बढचढ कर हिस्सा लिया। वाद विवाद प्रतियोगिता मे बच्चों ने कन्या भ्रूण हत्या,बढ़ते हुए प्रदूषण और स्वच्छ भारत आदि कई विषयों पर अपना पक्ष रखा। वही पोस्टर मेकिंग प्रतियोगिता में दिल को छू लेने वाले विषयो को अपनी कलाकारी से रंग भर कर उनको और खूबसूरत बनाया। प्रतियोगिता के बाद प्रथम, द्वितीय, त्रतिय आने वाली छात्राओं को पुरुस्कृत किया साथ ही प्रतियोगिता में भाग लेने वाली हर छात्रा को सांत्वना पुरस्कार से सम्मानित किया गया।

मुट्ठी संस्थान की संस्थापक सरोज पटेल ने बताया कि 13 नवम्बर से शुरू किये गए इस प्रतियोगिता का मुख्य उद्देश्य राजकीय विद्यालय के बच्चों को प्रोत्साहित करना था। 13 नवम्बर को कविता राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय में प्रतियोगिता आयोजित की थी जिसमे काफी बच्चों ने भाग लिया 15 नवम्बर को हैप्पी होम प्रतापनगर में प्रतियोगिता का आयोजन किया जाएगा।

Kids deserve to be happy,safe and healthy, with gentle and safe Homoeopathy- Dr. Kajal Verma

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Homeopathy is gaining recognition in the conventional field of medicine and has been subject to many clinical trials.

Homeopathic treatment for children can be separated into two categories: self-limiting,

डॉ. काजल वर्मा

acute conditions such as colds, sore throats, and stomach flu, or persistent, chronic conditions such as allergies and eczema. Homeopathy is successful in both categories.

Homoeopathy is effective in treating variety of troubles that a child faces. Whether it is an infantile colic, teething trouble, aches and pains or even a behavioral disturbance Homoeopathy can manage them althus helps in keeping illnesses at bay. It
strengthens the child’s natural defenses so that
withinhe or she can fight off the cold or flu that every child around him may be facing. And helps them stay healthy and illness-free for longer durations of time.

Homoeopathic medications not only relieve common and acute problems of children but also prevent recurrent episodes of ill-health. Recurrent tonsillitis,
enlarged adenoids,
bedwetting, allergies,
asthma,
bronchitis,
diarrhea,
constipation and many more illnesses can be safely and effectively treated with Homeopathy.

There is a wide range of emotional and mental conditions that homeopathy can help children with, such as:

Anxiety and Fears

Autism Spectrum Disorders

Behavioral Problems

Clinginess and whininess

Depression

Excessive anger

Grief

Hyperactivity

Nervousness and anxiety

Nightmares

Separation anxiety

Homeopathy is respectful of the mind/body connection. Experience teaches us that illness stems from the mind and from there manifests in the rest of the body. We therefore place great value on the mental and emotional symptoms as guides to the remedy.

The biggest advantage of Homeopathy is that the medicines are easy to administer and not bitter. Kids love them as they are small, sweet sugar pills which can be administered directly or can be crushed with the help of spoon and then given to the child. Children willingly and happily take Homeopathy. The amount of lactose content in Homoeopathic medications is so less that it poses no problems even in case of Diabetic children.

Homoeopathic system of medication believes that every person is unique and has his or her own ways of reacting to the environment and his or her own unique way of manifesting an illness. Your Homoeopath gives importance to each symptom that your child has, he also takes into consideration the causation of each complaint. It takes into consideration these differentiating, individualizing symptoms for prescribing. Hence, the treatment that each child receives is different from another child suffering from the same ailment.

The management strategy for each case is different and thus this approach is of great use in cases of children suffering from behavioral disorders. Homeopathic medications are not habit forming and thus one does not need to worry about ‘drug dependence’ especially in cases of emotional disturbances like ADHD, Autism, and Depression etc.

The benefits of Homoeopathy are much more than any other system of Medicine. Hence its time that you be wise, choose Homoeopathy and give your child the safest and most effective treatment for his or her illness.

पद्मावती का प्रदर्शन नहीं रुका तो कानून ही नहीं बहुत कुछ टूटेगा

उदयपुर। संजय लीला भंसाली की फिल्म पद्मावती का विरोध किसी भी तरह कम होने नाम नहीं लेरहा। राजस्थान के करीब करीब हर समाज के संगठनों ने फिल्म प्रदर्शन को लेकर आपत्ति जताई है। इसी कड़ी में आज भिंडर की जनता सेना ने जिला कलेक्ट्री पर धरना दिया और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नाम ज्ञापन देकर फिल्म के प्रदर्शन को रोकने की मांग की है।
भिंडर की जनता सेना ने आज जिला कलेक्टर पर धरना दिया जिसमे विधायक रणधीर सिंह भिंडर ने भी भाग लिया। जनता सेना के कार्यकर्ताओं ने जिला कलेक्ट्री पर धरने के दौरान प्रदर्शन किया और फिल्म पद्मावती के प्रदर्शन को रोके जाने की मांग की है। इधर धरने में शामिल रंधीर सिंह भिंडर ने गृहमंत्री गुलाब चाँद कटारिया के उस वक्तव्य का जवाब भी देदिया कि कटारिया ने कहा था फिल्म प्रदर्शन के दौरान किसी को कानून नहीं तोड़ने दिया जाएगा। कटारिया के घोर विरोधी माने जाने वाले रणधीर सिंह भिंडर ने पलटवार करते हुए आज कहा कि फिल्म का प्रदर्शन अगर नहीं रोका गया तो कानून क्या फिर तो हम बहुत कुछ तोड़ देंगे। भिंडर ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को ज्ञापन दिया जिसमे बताया कि फिल्म में तथ्यों को मोड़ तोड़ के पेश किये जाने की पूरी संभावना है क्यूँ कि अलाउद्दीन खिलजी ने चित्तोडगढ पर आक्रमण सामरिक महत्त्व के चलते किया था। और पद्मावत मालिक मोहम्मद जायसी ने लिखी थी जो दुर्ग आक्रमण के २२४ साल बाद लिखा गया। खुद मालिक मोहम्मद जायसी का कहना है कि पद्मावत सिर्फ रूपक के रूप में लिखा गया है। ऐसे में फिल्मकार संजय लीला भंसाली उस उपन्यास को इतिहास बता कर फिल्म में लाना चाहता है जो किसी भी सूरत में मानी नहीं है। रणधीर सिंह भिंडर ने कहा कि रानी पद्मावती की जीवनी पर बनी फिल्म में जिस तरह से रानी पद्मावती को नाचते हुए दिखाया गया है वह अपमानजनक है। इस फिल्म के निर्माण से पहले मेवाड़ से एक ​व्यक्ति को फिल्म निर्माता से मिलने भेजा था। उस समय ही तय हो गया था कि फिल्म की कहानी को राजघराने के पास भेजा जाएगा लेकिन ऐसा नही हुआ और फिल्म का निर्माण कर दिया साथ ही करणी सेना के विरोध के बाद तय हुआ था कि​ फिल्म को रिलीज करने से पहले आपत्तिजनक दृश्य को हटाया जाएगा और ऐसा भी नही हुआ। इतना ही नही अब प्रोमो रिलीज किया गया है जिसमें आपत्तिजनक दृश्य है तो पूरी फिल्म में कितने दृश्यआपत्तिजनक होंगे। जनता सेना ने प्रधानमंत्री से फिल्म के प्रदर्शन को रोकने की मांग की है फिल्म प्रदर्शित करने की सूरत में उग्र आन्दोलन की चेतावनी भी दी है।

उदयपुर की नन्‍ही बेटी को राष्‍ट्र्र्र्पति करेंगे पुरस्कृत, बाल दिवस पर मिलेगा सम्‍मान

उदयपुर . राजस्थान से उदयपुर की सात साल की लब्धि सुराणा ने देश-दुनिया में स्केटिंग में अपने रिकार्ड और कई कीर्तिमान की असाधारण उपलब्धि के लिए राष्ट्रीय बाल पुरस्कार बाल दिवस पर प्रदान किया जाएगा। लब्धि इनलाइन स्पीड स्केटिंग कर रही है और उसको और परिवार जनों को जब राष्ट्रपति के हाथों अवार्ड मिलने की खबर मिली तो सबने खुशियां मनाई। उदयपुर के भूपालपुरा क्षेत्र में रहने वाली लब्धि सुराणा को भारत सरकार के महिला एवं बाल विकास मंत्रालय की ओर से 14 नवंबर को राष्ट्रपति भवन में राष्ट्रीय बाल पुरस्कार लेने के लिए आमंत्रित किया है।

उसे राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद यह अवार्ड प्रदान करेंगे। इसमें लब्धि को 10 हजार रुपए नकद, तीन हजार रुपए का बुक वाउचर, एक रजत पदक और प्रमाण पत्र प्रदान किया जाएगा।

लब्धि के पिता कपिल सुराणा मार्बल व्यवसायी है तो माता अंजलि सुराणा गृहणी है। मां अंजलि ने बताया कि लब्धि ने स्केटिंग की प्रेक्ट्रिस पिछले तीन साल से कर रही है और वह सवेरे पांच बजे उठकर प्रेक्ट्रिस करने लगती है, मां के अनुसार वह देश की की सबसे कम उम्र की स्केटिंग में पहली प्रतिभागी होगी। अंजलि ने बताया कि लब्धि ने स्केटिंग में जिस तरह से कीर्तिमान बनाए उसी तरह से वह पढ़ाई में भी पीछे नहीं है, रॉकवुड्स हाई स्कूल में दूसरी क्लास की छात्रा क्लास टॉपर है। लब्धि के पापा कपिल बताते है कि अण्डर-8 वर्ग में लब्धि ने अपने कोच मंजीत सिंह व पुष्पेन्द्र सिंह के साथ बहुत मेहनत की और उसने कई प्रतियोगिताओं में अव्वल स्थान पाया।

मेवाड़ के गौरव शाली इतिहास के साथ छेड़छाड़ बर्दाश्त नहीं करेगी मेवाड़ क्षत्रिय महासभा – तनवीर सिंह कृष्णावत

उदयपुर । फिल्म निर्देशक संजय लीला भंसाली की निर्माणाधीन फिल्म पद्मावती के विरोध में मेवाड़ में राजपूतों की सशक्त संस्थान मेवाड़ क्षत्रिय महासभा सड़कों पर उतरेगी और प्रदर्शन करेंगी।महासभा के महामंत्री तनवीर सिंह कृष्णावत ने बताया कि मंगलवार को मेवाड़ क्षत्रिय महासभा के केंद्रीय कार्यकारिणी की बैठक आयोजित की जायेगी जिसमें समाज जनों के साथ ही जिले के समस्त समाज प्रमुखों के साथ सर्वसमाज की बैठक आहूत की होगी। बैठक में सर्व समाज से विरोध में समर्थन की अपील की जायेगी। कृष्णावत ने कहा कि फिल्म में क्षत्रियों के गौरवशाली इतिहास के साथ संजय भंसाली छेड़छाड़ कर रहे हैं। मीडिया रिपोर्ट के अनुसार फिल्म में महारानी पद्मिनी के चरित्र का गलत तरीके से चित्रण किया जा रहा है, जिसे बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। महासभा ने चेतावनी दी है कि उक्त फिल्म में गलत तथ्य प्रस्तुत करने पर प्रत्येक स्तर पर विरोध किया जाएगा। साथ ही फिल्म को प्रदेश में रिलीज नहीं होने दिया जाएगा।