पुलिस कर्मियों ने वेतन को लेकर किया मेस का विरोध – नहीं खाया खाना

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उदयपुर। वेतन की विसंगतियों को लेकर जिले के सभी थानों के जवान सरकारी निति के विरोध में उतर आये है और एक साथ उन्होंने मेस का बहिष्कार कर दिया है। सोमवार को जिले के किसी भी थाणे में किसी पुलिस के जवाब ने खाना नहीं खाया। या विरोध अनिश्चित काल के लिए है।
पुलिस के जवानों ने वेतन विसंगतियों के विरोध में अपने तरह का विरोध शुरू कर दिया। सोमवार को जिले भर के थाणे के चूल्हे नहीं जले मेस में खाना ना तो बना ना किसी पुलिस जवान ने खाया नहीं। वेतन विसंगति को लेकर यह विरोध तो सभी पुलिसकर्मियांे का लम्बे समय चल रहा है लेकिन सरकार की ओर से कोई संतोशप्रद जवाब नहीं आया। सरकार की तानाषाही के विरोध के सोमवार को जिले भर के पुलिसकर्मियों ने एक साथ मैस का बहिष्कार कर दिया। जानकारी के अनुसार जिले भर के थानों में मैस में किसी तरह की कोई हलचल नहीं हुई। हालाकि पुलिसकर्मी अपनी बात को खुलकर नही बता रहे हंै लेकिन दबी जुबां में यह जरूर कह रहे हैं कि अगर अब भी सरकार उनकी वेतन विसंगतियों को दूर नही करती है तो आने वाले समय में अनिश्चितकालीन समय के लिए मैस का बहिष्कार का किया जाएगा।

बांसवाडा अंजुमन सदर सोहराब खान की गोली मार कर हत्या

उदयपुर के निजी अस्पताल में तोड़ा दम
बाइक पर सवार होकर आए हमलावरों ने किए थे तीन फायर
बांसवाड़ा में धारा 144 लागू
पोस्टमार्टम रविवार को

न्यूज़ पोस्ट बांसवाड़ा। शहर में शनिवार शाम अंजुमन सदर सोहराब खान पर बाईक पर सवार होकर आए दो लोगों ने तीन फायर किए तथा मौके से भाग खड़े हुए। अचानक हुई फायरिंग की इस घटना से अफरातफरी मच गई तथा लोग सकते में आ गए। गोली लगने से सदर गंभीर रूप से घायल हो गए। उन्हें प्राथमिक उपचार के बाद उदयपुर रेफर किया गया। उदयपुर के जीबीएच अमेरिकन हॉस्पीटल में लाने के पहले उनकी साँसे थम गयी थी, आपात स्थित डॉक्टरों सदर की साँसे वापस लाने के काफी प्रयास किये सीपीआर दे कर सदर की थमती साँसों को वापस लाने के प्रयास भी काम नहीं आये और उन्हें मृत घोषित कर दिया गया . प्रशासन के कहने और माहोल के मद्देनजर दस बजे अस्पताल प्रशासन ने सदर की मौत की जानकारी दी। शव को उदयपुर के महाराणा भूपाल चिकित्सालय के मुर्दाघर में रखा गया जहां रविवार सुबह पोस्टमार्टम सहित अन्य कार्यवाही होगी। जानकारी के अनुसार शनिवार शाम करीब छह बजे अंजुमन सदर सोहराब खान ईदगाह रोड पर रउफ लाला की घुमटी पर बैठे हुए थे। इस दौरान एक बाइक पर सवार होकर दो लोग आए और वाहन से नीचे उतर उन्होंने सदर सोहराब खान पर तीन फायर किए। हमलावर फायर करने के बाद मौके से भाग खड़े हुए। फायरिंग से सदर घायल होकर गिर पड़े। अचानक हुए इस घटनाक्रम से क्षेत्र के लोग सकते में आ गए तथा अफरा तफरी मच गई।

सदर के गले में गोली लगने की वजह से उनकी हालत गंभीर बनी हुई थी । बांसवाड़ा में प्राथमिक उपचार के बाद उन्हें उदयपुर रेफर किया गया। उदयपुर में सदर को जीबीएच अमेरिकन निजी चिकित्सालय में भर्ती कराया गया अस्पताल सूत्रों की माने तो सदर की साँसे रास्ते में ही थम गयी थी, निजी अस्पताल में लेजाने के बाद उनकी थमी हुई साँसों को सीपीआर देकर वापस लाने की कोशिशें भी काम नहीं आई और रात करीब दस बजे अस्पताल प्रशासन ने उनकी मौत की जानकारी दी। इसके बाद शव को महाराणा भूपाल चिकित्सालय के मुर्दाघर ले जाया गया जहां रविवार सुबह पोस्टमार्टम व अन्य कार्यवाही होगी।

नाकाबंदी शुरू, धारा 144 लागू
इस घटना के बाद हमलावरों की धरपकड़ को लेकर बांसवाड़ा सहित संभाग भर में नाकाबंदी शुरू कर दी गई है। डूंगरपुर में भी इसे लेकर जिले भर में नाकाबंदी शुरू की गई। स्थान-स्थान पर पुलिस बल वाहनों की चैकिंग कर रहा है। इधर प्रशासन ने इस घटना के बाद बांसवाड़ा शहर के कोतवाली थाना क्षेत्र में शांति एवं कानून व्यवस्था बनाए रखने को लेकर धारा 144 लागू कर दी है। पुलिस हालात पर पूरी नजर रखे हुए है तथा अतिरिक्त पुलिस बल भी तैनात कर दिया गया है। गौरतलब है कि सदर सोहराब खान के पहले उसके बड़े भाई अबुलाला अंजुमन के सदर थे और उनकी भी रंजिश के चलते तीन साल पहले गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। अबुलाला की हत्या में सिराज की भूमिका सामने आई थी।

अस्पताल में लोगों की भीड़, जताया आक्रोश
सदर पर फायर की खबर शहर में जंगल में आग की तरह फैल गई। अस्पताल में बड़ी सं या में लोग एकत्र हो गए तथा उन्होंने इस घटना पर जमकर आक्रोश जताया। मौके पर एएसपी गणपति महावर, उपाधीक्षक वीराराम चौधरी, एसडीएम डॉ. भंवरलाल, अंजुमन के पदाधिकारी, पंचों के सदर पहुंचे एवं आक्रोशित लोगों को समझाइश कर शांत किया।

बांसवाडा अंजुमन के सदर को मारी गोली – हालत बनी हुई है गंभीर

न्यूज़ पोस्ट बांसवाड़ा। बांसवाड़ा शहर में शनिवार शाम को अंजुमन के सदर सोहराब खान को गोली मार दी गयी। सदर की हालत गंभीर होने पर उदयपुर रेफर किया है। बताया जा रहा है कि 2 लोगों ने सदर पर 3 फायर किये जिसमे एक उनके गर्दन पर व् एक गोली अन्य हिस्से में लगी है।
जानकारी के अनुसार शनिवार शाम को बांसवाडा अंजुमन के सदर सोहराब खान करीब छह बजे ईदगाह रोड ओअर रउफ लाला की घुमटी पर रोज़ की तरह बैठे हुए थे, तभी वहां एक बाइक पर लोग आये और निचे उतरते ही उन्होंने सदर सोहराब खान पर फायर कर दिए। हमलावर फायर करने के बाद भाग गए। इधर सदर सोहराब खान घायल हो कर गिर पड़े। घायल सदर को महात्मा गांधी अस्पताल ले जाया गया। सदर पर फायर की खबर शहर में आग की तरह पल भर में फ़ैल गयी और अस्पताल में हज़ारों की तादाद में लोग जमा हो गए, हमले के विरोध में काफी हंगामा भी किया बाद में पुलिस अधिकारियों ने समझाइश कर मामला शांत किया । इधर सदर सोहराब खान के गले में गोली लगने की वजह से हालत गंभीर बनी हुई है। उन्हें करीब सात बजे एम्बुलेंस से उदयपुर के लिए रेफर किया गया। घटना स्थल पर पुलिस अधिकारी भी तुरंत मोके पर पहुच गए और जांच शुरू कर दी हमलावर कोन थे अभी तक पता नहीं चला है।
बांसवाडा एसपी कालू राम रावत का कहना है कि पुरानी रंजिश का मामला लग रहा है लेकिन पुलिस हर पहलु पर जांच कर रही है। शहर की नाका बंदी करवा दी गयी है हमलावर जो भी होंगे जल्दी ही गिरफ्तार कर लिया जायेगा।
गौरतलब है कि सोहराब खान के पहले इनके बड़े भाई अबुलाला भी अंजुमन के सदर थे और उनकी भी रंजिश के चलते तीन साल पहले गोली मार कर ह्त्या करदी गयी थी। अबुलाला की ह्त्या का आरोपी सिराज है। मना जा रहा है कि यह हमला भी सिराज गेंग द्वारा करवाया गया है।

सरकार के “संपर्क” पोर्टल पर सबसे अधिक शिकायत उदयपुर से की गयी लेकिन निस्तारण ?

न्यूज़ पोस्ट जयपुर. सरकार के संपर्क पोर्टल पर सबसे अधिक शिकायत करने वालों में उदयपुर वासी प्रदेश भर में सबसे जागरूक दिखाई डे रहे है . पोर्टल पर दिए गए आंकड़ों को माने तो समस्याओं का निर्स्तारण भी सबसे अधिक उदयपुर में ही किया गया है . लेकिन जमीनी स्तर पर इसका निस्तारण हुआ है या नहीं इसकी आशा कम ही है . संपर्क पोर्टल पर शिकायत करने वाले करीब 18 लोगों से हमने बात की जिसमे से १५ 12 लोगों का कहना है कि उनकी समस्या ज्यों की त्यों बनी हुई है .

dainik भास्कर अखबार में छापी एक खबर के अनुसार भी राजस्थानसंपर्क पोर्टल पर आने वाली शिकायतों के मामले में उदयपुर जिला टॉप पर है। इस जिले से सबसे अधिक शिकायतें दर्ज हुईं। दूसरा नंबर जयपुर का है। पिछले चार साल का रिकॉर्ड देखें तो सामने आता है कि पोर्टल पर रोज करीब 300 शिकायतें दर्ज हो रही हैं। अब तक इस पोर्टल पर 13 लाख से अधिक शिकायतें दर्ज हो गई हैं। इनमें से 62 हजार के करीब शिकायतों का निपटारा बाकी है। जन अभाव अभियोग निराकरण विभाग ने अन्य शिकायतें निपटाने का दावा किया है। सबसे अधिक शिकायतें भी उन विभागों से संबंधित होती हैं, जो सीधे तौर पर जनता से जुड़े हैं। राजस्थान सरकार ने लोगों की परेशानी और शिकायतों के घर बैठे निस्तारण के लिए राजस्थान संपर्क पोर्टल की शुरूआत की थी। कोई भी आम आदमी किसी कार्यालय में गए बिना इस पोर्टल के जरिए घर बैठे ही अपनी शिकायत दर्ज करा सकता है। वर्तमान में इसके साथ ही सरकार ने सिटीजन कॉल सेंटर 181 भी शुरू कर दिया है। इसमें फोन के जरिए भी शिकायत दर्ज कराई जा सकती है। यहां प्राप्त होने वाली शिकायतों की पूरी मॉनिटरिंग मुख्यमंत्री स्तर पर होती है। विभाग से प्राप्त जानकारी के अनुसार 1 जनवरी 2013 से लेकर 30 जून 2017 तक इस पोर्टल पर 13,64,351 शिकायते दर्ज की गई। इसके हिसाब से अनुमान लगाया जाए तो रोजाना 310 शिकायतें पोर्टल पर रही है। इनमें से 13,01,536 शिकायतों के निस्तारण का दावा किया गया है और 62815 शिकायतें लंबित है। यहां आने वाली शिकायतों को आजकल संबंधित विभाग में भेजा जाता है और उनके निस्तारण की तिथि भी साथ में अंकित होती है। संबंधित विभाग को उस तिथि तक संबंधित शिकायत का निस्तारण करके संपर्क पोर्टल पर इसकी सूचना देनी होती है।
पंचायतीराज से संबंधित शिकायतें होती हैं सर्वाधिक
सबसेअधिक शिकायतें पंचायतीराज विभाग से जुड़ी हैं। इनमें जमीन संबंधित विवाद, ग्रामीण विकास से संबंधित योजनाओं का लाभ नहीं मिलने, पंच-सरपंचों की शिकायतें प्रमुख हैं। एफआईआर दर्ज नहीं करने और एफआईआर पर कार्रवाई नहीं करने की भी शिकायतें रही हैं। इसके अलावा पानी की सुविधा नहीं होने, बिजली की सुविधा नहीं होने, सड़क नहीं बनने और टूटी सड़क की समय पर मरम्मत हीं होने की शिकायतें भी खूब पहुंचीं हैं। ग्रामीण इलाकों में स्कूलों में शिक्षकों की कमी, शिक्षकों के समय पर नहीं आने, तबादले कराने से लेकर खाद्य विभाग की राशन की दुकान पर समय पर खाद्य सामग्री नहीं मिलने जैसी शिकायतें भी बड़ी संख्या में मिलीं।

फेसबुक ब्लड डोनेशन फीचर

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न्यूज़ पोस्ट . हाल हीमें फेसबुक ने खास तौर पर भारत के लिए नए फीचर की शुरुआत की है जिससे ब्लड डोनर ढूंढना ज्यादा आसान होगा। नेशनल ब्लड डोनेशन डे (1 अक्टूबर) को इसकी शुरुआत की गई है। इस आसान और मददगार फीचर को बनाने की शुरुआत भारतीय प्रोडक्ट डेवलपर्स ने इंटर्नल हैकथॉन के दौरान की थी। फीचर के उपयोग के लिए फेसबुक यूजर को सबसे पहले साइन-अप करना होगा जिसमें उन्हें अपना ब्लड ग्रुप भी बताना होगा। ये यूजर के ऊपर है कि वो ये जानकारी पब्लिक करे या प्राइवेट ही रखे। इसके बाद जब भी किसी को ब्लड की जरूरत होगी तो वो फेसबुक पर एक अलग पोस्ट शेयर करेगा जिसमें जरूरी जानकारी होगी। जो व्यक्ति उस एरिया के आसपास होगा, उसे नोटिफिकेशन मिलेगा। वो रिक्वेस्ट ले सकता है और चाहे तो सीधे जरूरतमंद को संपर्क भी कर सकता है। ये फीचर फिलहाल फेसबुक के एंड्रॉयड और मोबाइल वेब वर्जन पर मिलेगा।
जल्द ही इसमें अस्पताल और ब्लड बैंक भी जोड़ा जाएगा जिससे वे भी जरूरत पड़ने पर ब्लड डोनर्स से संपर्क कर सकें। इसमें सही समय पर सही व्यक्ति के पास रिक्वेस्ट पहुंचने के पूरे आसार हैं। फीचर की शुरुआत करते हुए मार्क जकरबर्ग ने अपनी फेसबुक पोस्ट में कहा है कि भारत में कई बार लोग खून की जरूरत पड़ने पर मदद मांगते दिखाई देते हैं लेकिन एक भरोसेमंद व्यक्ति खोजना मुश्किल हो जाता है। ये फीचर ऐसे भरोसेमंद लोगों को जोड़ने में बहुत मदद करेगा।

स्वाइन फ्लू की मॉनिटरिंग नियंत्रण के लिए ‘टास्क फोर्स’ बनाकर भूल गई सरकार

न्यूज़ पोस्ट जयपुर . एकतरफस्वाइन फ्लू बेकाबू होने के साथ ही लोगों का काल बना हुआ है, वहीं मॉनिटरिंग, नियंत्रण बचाव के लिए गठित ‘स्टेट लेवल टास्क फोर्स’ को सरकार भूल गई है। फरवरी-2015 में गठित स्टेट लेवल टास्क फोर्स की इस साल में एक भी बैठक नहीं हुई। लगातार पॉजिटिव केस मौत के मामलों के बढ़ते ग्राफ के कारण बीमारी रोकने के दावे फेल हो रहे हैं। चौंकाने वाली जानकारी यह है कि इस साल सिर्फ सितंबर माह में ही 1,807 पॉजिटिव केस मिले। इनमें से 90 की मौत हुई है। पिछले 9 साल में इतने ज्यादा पॉजिटिव केस नहीं मिले हैं। वर्ष -2015 के फरवरी माह में राज्य में 5,311 पॉजिटिव केस मिले थे। इसमें से 247 की मौत हो गई थी और मार्च में 1055 केसेज में से 112 लोगों की मौत हुई। जबकि इस साल अब तक 2,892 पॉजिटिव में से 226 की मौत हो चुकी है।

दो साल पहले घातक हुआ फ्लू तो बनाई राज्य और जिला स्तर पर टास्क फोर्स
फरवरी-2015में स्वाइन फ्लू की मॉनिटरिंग, प्रीवेंशन एवं नियंत्रण के लिए स्टेट लेवल टास्क फोर्स (एसएलटीएफ) का गठन किया गया था। कमेटी में प्रमुख सचिव (चिकित्सा एवं स्वास्थ्य), मेडिकल शिक्षा सचिव, चिकित्सा निदेशक (जन स्वास्थ्य आईईसी), एसएमएस मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य, एसएमएस अस्पताल अधीक्षक, विभागाध्यक्ष ( पीएसएम, मेडिसन माइक्रोबायलोजी) सदस्य शामिल है। कमेटी को रोजाना पॉजिटिव केसेज, मौत, दवा की उपलब्धता, जांच पर विशेषज्ञों से सुझाव लेकर नियंत्रण के लिए निर्देश जारी करना था। इसी तरह से संभाग जिला स्तर पर भी टास्क फोर्स का गठन किया गया था।

इस मामले देनिक भास्कर में छापी खबर के अनुसार जब उन्होंने चिकित्सा मंत्री काली चरण सर्राफ से बात की तो उनका कहना है कि हम भूले नहीं है, स्वाइन फ्लू के लिए वर्ष -2015 में गठित स्टेट लेवल टास्क फोर्स को दिखवाता हूं। पॉजिटिव मौत के आंकड़ों की रोजाना मॉनिटरिंग की जा रही है। अधिकारियों को दवा और जांच की उपलब्धता के निर्देश दिए गए है।

उदयपुर में युवक की सीने में गोली मार की ह्त्या – पुलिस जुटा रही है हत्या के सूत्र

उदयपुर . गोवर्धन विलास थाना क्षेत्र में युवक की लाश मिलने से सनसनी फ़ैल गयी है . पुलिस के मुताबिक़ युवक की ह्त्या किये जाने की आशंका है युवक के साइन में गोली मारी गयी है .  मौके पर मृतक की स्‍कूटी एवं खून बिखरा हुआ मिला। पुलिस के अनुसार मृतक का नाम राकेश कुमार सिंधी बताया जा रहा है। सूचना मिलते ही मौके पर मृतक के परिजन भी पहुंच गए थे।

परिजनों ने बताया कि रात को बिना कहे राकेश घर से निकला था। रात 12 बजे बाद उसका मोबाइल स्विच ऑफ रहा, तब से उसके बारे में पूरा परिवार चिन्तित था। पुलिस को मौके पर शव के पास ही उसकी एक्टिवा भी पड़ी मिली। पुलिस ने पास ही होटल व आसपास रहने वाले लोगों से पूछताछ की। लेकिन सभी ने घटना से अनभिज्ञयता जताई है। पुलिस मृतक के साथ में रात को रहे लोगों का पता लगा रही है। मोबाइल की कॉल डिटेल भी निकलवाई गई है, मौके पर उप अधीक्षक ओम कुमार और सीआई रविन्द्र कुमार चारण ने घटना स्थल का निरीक्षण किया। शव को एमबी चिकित्सालय के मुर्दाघर में भिजवाया गया है। पुलिस का मानना है कि घटना मध्यरात्रि के बाद की है। घटना में अहम सुराग तलाशने के लिए एफएसएल टीम को बुलवाया गया है। मौके पर खून के कतरें मिले है व भारी मात्रा में भीड जमा हो गई। पुलिस मामले की जांच कर रही है।

 

पुलिस कर रही है “वसूली भाई” वाला काम – धमका कर राठोड़ी से उगाही कर रही है .

उदयपुर। लाखों रुपये की वसूली का काम भी अब पुलिस कर रही है। शहर के हिरणमगरी थाना में दस लाख की वसूली पुलिस द्वारा किये जाने का मामला सामने आया है। थाणे के कांस्टेबल से लेकर थाना अधिकारी तक की भूमिका संदिघ्ध होने से आला अधिकारी भी सोच में है। मामले में की शिकायत लेकर पीड़ित पुलिस के आला अफसरों के चक्कर काट रहा है। लेकिन साबुत होने के बावजूद भी उसकी सुनवाई कहीं नहीं हो रही है।
जानकारी के अनुसार 138 के मामले में हिरण मगरी पुलिस के अवैध तरीके से वसूली करने का एक मामला सामने आया है जब इस अवैध वसूली की पूरी कार्रवाई पीड़ित ने अपने मोबाइल में वीडियो बनाकर कैद की तो सारे मामले की पोल खुल गई। इस संबंध में पीड़ित हरेन्द्र कुमार जाट ने पुलिस महानिदेशक को शिकायत भेजकर कार्रवाई करने की गुहार लगाई है। दरअसल सुरेशचंद्र पुत्र पूरणमल निवासी सुभाष नगर जिला भरतपुर से पीड़ित हरेन्द्रकुमार के बड़े भाई अनिल कुमार से 10 लाख रुपए मांगता है जिसके एवज में अनिल कुमार ने सुरेशचंद्र को चैक भी दिए थे, जो कि रिर्टन हो गए। इस बारे में सुरेशचंद्र ने 9 अगस्त को जरिए वकील 138 एक्ट के तहत एक नोटिस अनिल कुमार से दे दिया। पीडित हरेन्द्रकुमार के अनुसार दिनांक 30 अगस्त को हिरण मगरी थाने से अनिल कुमार के पास फोन आया जिसमें उसको बताया गया कि सुरेशचंद्र कहा है, जिस पर अनिल कुमार ने कहा कि मुझे क्या पता। एएसआई हमेरलाल ने पीडित के भाई अनिल कुमार से कहा कि 10 लाख रुपए देकर उसका मैटर निपटा दो नहीं तो सुरेशचन्द्र से रिपोर्ट लेकर तुम्हे बंद कर देंगे। इस पर पीड़ित हरेन्द्रकुमार और अनिल कुमार ने बताया कि सुरेशचन्द्र ने पहले ही 138 का नोटिस भेज रखा है, तो उसका जवाब भी उसी तरीके से दिया जाएगा। इस पर खाकी के रंगदारों ने जवाब देने की आवश्यकता नहीं होने की बात कहते हुए कहा कि रुपए लेकर थाने आ जाओ वरना अच्छा नहीं होगा। पीड़ित के अनुसार इसके अगले दिन सुबह 11 बजे रामजीलाल नामक एक पुलिसकर्मी पीडित की सब्जी मंडी स्थित दुकान पर आए और अनिल कुमार के बारे में पूछताछ करके चले गए। थोड़ी देर बाद हिरण मगरी पुलिस का हैड कांस्टेबल भगवानलाल और सिपाही रामजीलाल के साथ एक अन्य सिपाही प्रार्थी की दुकान में जबरन घूस गए और अनिल कुमार को बुलाने की जिद की । इतना ही नहीं 10 लाख रुपए सुरेशचन्द्र को देने के लिए धमकाया। पीडित के अनुसार उसने कारण पूछने पर इन वर्दीधारियों ने कहा कि तुम्हारे भाई के खिलाफ मामला दर्ज है, जब उसने षिकायत की काॅपी चाही तो भगवानलाल पीडित को धमकाने लगा और बोला कि इसको लिखित में चाहिए इसको उठाकर गाड़ी में डालो थाने में दिखाएंगे इसको शिकायत। हंगामा बढ़ता देखकर उगाई करने आये पुलिस कर्मी वहां से चले गए और शाम तक थाने में 10 लाख रुपए लेकर आने को कहा। इस पूरे घटनाक्रम के बाद 3 अक्टूबर की रात 9 बजे एएसआई हमेरलाल व उसके साथी पीडित के सेक्टर 14 स्थित घर गए और उसके छोटे भाई गजेन्द्र कुमार को उठाकर हिरण मगरी पुलिस स्टेशन ले गए और मारपीट की जिससे उसका कान के पर्दे में भी चोट आई । थाने में गजेन्द्र कुमार को धमकाया कि सुरेशचन्द्र के दस लाख रुपए नहीं देने और भगवानलाल के खिलाफ शिकायत नहीं ली तो तूझे झूठे मामले में फंसा कर जेल भेज देंगे। इसके बाद पीड़ित के भाई गजेन्द्रकुमार को 151 में बंद कर अगले दिन एसडीएम के सामने प्रस्तुत किया जहां से उसकी रिहाई हुई। पीडित के अनुसार उक्त पूरे घटनाक्रम की शिकायत पीड़ित अभी तक पुलिस महानिदेशक जयपुर, अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक विजिलेंश, अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक अपराध और पुलिस अधीक्षक उदयपुर को भी कर चूका है। इस संबंध में जब पुलिस के जिम्मेदारों से बात की तो उन्होंने अपनी अनभिज्ञता जाहिर की और एक दुसरे पर आरोप मढ़ते रहे।

हिन्दुस्तान ज़िंक सीआईआई-आईजीबीसी प्लेटीनम अवार्ड से सम्मानित

उदयपुर। हिन्दुस्तान जिंक को कन्फेडरेशन आॅफ इण्डियन इडिस्ट्री -इण्डियन ग्रीन बिल्डिंग काउन्सिल (सीआईआई-आईजीबीसी) ने ’प्लेटीनम अवार्ड 2017’ से ग्रीन बिल्डिंग कांगे्रस द्वारा जयपुर में आयोजित एक भव्य समारोह में 5 अक्टूबर, को सम्मानित किया। सीआईआई-आईजीबीसी द्वारा स्थापित प्रतिष्ठत प्लेटीनम अवार्ड से हिन्दुस्तान जिंक के प्रधान कार्यालय, यशद भवन, उदयपुर, को सम्मानित किया गया है। हिन्दुस्तान जिंक भारत की कुछ गिनी चुनी कंपनियों में से एक है एवं राजस्थान की पहली कंपनी है जो सीआईआई-आईजीबीसी प्लेटीनम रेटेड बिल्डिंग्स से सम्मानित है।

हिन्दुस्तान जिंक हिन्दुस्तान जिंक के हेड-कोर्पोरेट कम्यूनिकेशन पवन कौशिक ने बताया कि इस परियोजना के तहत 27 प्रतिशत ऊर्जा की तथा 37 प्रतिषत पानी की बचत हुई है। यशद भवन के अंदर ताजा हवा के लिए वेंटिलेषन सिस्टम स्थापित गया है। 100 किलोवाॅट अक्षय ऊर्जा की स्थापना की गई तथा ऊर्जा निष्पादन के ट्रेक नियंत्रण के लिए आॅनलाइन व्यवस्था की गयी है जिससे भवन की वातानुकूलित तथा वाटर रिकार्ड के लिए वाटर मीटर्स स्थापित किये गये है। हिन्दुस्तान जिं़क का प्रधान कार्यालय पूर्ण रूप से सोलर ऊर्जा से संचालित है तथा कंपनी के सभी परिसर एवं सयंत्रों में हरे-भरे पौधों की ग्रीन बेल्ट है।

उद्घाटन सत्र के दौरान राजस्थान सरकार के माननीय उद्योग मंत्री श्री राजपाल सिंह शेखावत ने हिन्ुदस्तान जिं़क की ग्रीन बिल्डिंग परियोजना की सराहना की तथा प्रधान कार्यालय यषद भवन पूरे देष की उन इमारतों के लिए उत्कृष्ट उदाहरण है जो कि अपने कार्यस्थल को सदैव हरियाली रखे हुए है। इस अवसर पर राजस्थान सरकार के माननीय वन एवं पर्यावरण मंत्री श्री गजेन्द्र सिंह खींवसर, श्री ताई ली सियांग (चेयर आॅफ दी बोर्ड, वल्र्ड ग्रीन बिल्डिंग काउन्सिल), सुश्री टेरी विल्स (सीईओ, डब्ल्यूजीबीसी) एण्ड डाॅ. प्रेम सी जैन (चेयरमैन, आईजबीसी) गणमान्य अतिथि उपस्थित रहे।

यह प्रतिष्ठित सीआईआई-आईजीबीसी प्लेटीनम ग्रीन बिल्डिंग अवार्ड श्री वी. सुरेष, चेयरमैन-पाॅलिसी एण्ड एडोवेक्सी आईजीबीसी एवं हुडको, दिल्ली के पूर्व प्रबन्ध निदेषक, श्री सी.एन.राघवेन्द्र, चेयरमैन, आईजीबीसी-चैन्नई चैप्टर एण्ड श्री आनन्द मिश्रा, को-चेयर, आईजीबीसी-जयपुर चैप्टर, श्री के.एस. वैंकटगिरी-एग्जिक्यूटिव डायरेक्टर, सीआईआई सोहराबजी गोदरेज ग्रीन बिज़नेस सेन्टर, हैदराबाद ने प्रदान किया।

महापौर जी ये पत्रकार हैं, पार्षद नहीं जो आप बोर्ड बैठक की तरह डांट कर बैठा दोगे।

उदयपुर। उदयपुर नगर निगम महापौर श्री चंद्र सिंह कोठारी को लगता है कि नगर निगम के बोर्ड मीटिंग सभागार में होने वाली हर सभा निगम की साधारण सभा की बैठक होती है, और सामने बैठे लोग पार्षद होते है। जिन्हे डांट डपट कर बैठा दिया जाता है वो चाहे महापौर डांटे या शहर विधायक भाईसाब।
गुरुवार को भी दीपावली दशहरे मेले की पत्रकार वार्ता को महापौर चंद्र सिंह कोठारी साधारण सभा की बैठक समझ बैठे। पहले तो महापौर जी ने मेले के बारे में बता दिया और फिर पत्रकारों से सवालों के लिए कहा। जब पत्रकार सवाल करने लगे तो बोर्ड मीटिंग में आदत के अनुसार महापौर ने फरमान सूना दिया कि सभी पत्रकार एक साथ सवाल पूछे उसके बाद में सब के उत्तर दूंगा।
यही नहीं जब दीपावली मेले से हट कर शहर के विकास की बात होने लगी तब भी महापौर के तेवर तेज हो गए जैसे कि बोर्ड की बैठक में अजेंडे के अलावा कोई सवाल करने की मनाही होती है, ठीक उसी तरह कह दिया कि दीपावली मेले की वार्ता करनी है या शहर के विकास की बात करनी है।
दरसल अभी तक नगर निगम में भाजपा का ही बोर्ड बनते आया है। पिछले काफी समय से नगर निगम में बोर्ड की बैठक के दौरान हेडमास्टर और प्रिंसिपल की तरह नगर निगम के महापौर चन्द्र सिंह कोठारी और शहर विधायक गुलाबचंद कटारिया डेस्क पर आकर बैठ जाते है। किसी पार्षद की अगर कोई शिकायत हो तो उसको भरी सभा में भाईसाब एसी ठंडी धमकी की झिडकी पिलाते है कि दूसरी बार वो पार्षद या समिति अध्यक्ष हिम्मत नहीं करता कोई सवाल करने की वो क्या सभा में मोजूद सभी पार्षद मासूम बच्चे बन कर बैठ जाते है। यही नहीं विपक्ष के चार पार्षदों को भी कई बार चुप करा दिया जाता है। और बोर्ड की बैठक में ही यह परिपाटी भाईसाब ने डाली है कि सारे पार्षद एक साथ सवाल पूछो फिर सबके जवाब मिलेगें। सबके जवाब अलग अलग नहीं देंगे।
महापौर ने आज पत्रकार वार्ता को भी पार्षदों की सभा समझने की गलती करदी ” महापौर जी जवाब तो आपको देने पड़ेगे और हर बात के अलग अलग जवाब ही देने पड़ेगें।
जनता बड़ी उम्मीदों से पार्षदों को चुन कर नगर निगम भेजती है कि हमारे वार्ड का कुछ काम होगा। इस बार भी एसा ही हुआ लेकिन वार्डों और शहर की सड़कों की हालत खराब है। ऐसे में जवाब देहि महापौर की ही बनती है।