
ब्रह्मा से जैमिनी तक ऋषि परम्परा के प्रतिनिधि थे दयानन्द – ज्वलन्त कुमार शास्त्री

टेक्नो कॉलेज के निदेशक पर चाकू वार और आरोपित विद्यार्थी की आत्महत्या : कारण और समाधान
डॉ. अनिल मेहता

शहर के एक नामी इंजीनियरिंग कॉलेज के विद्यार्थी ने निदेशक पर चाकू से हमला किया और फिर स्वयं ने आत्महत्या कर ली। यह घटना झकझोर देने वाली है। निदेशक एक उच्च प्रशिक्षित, सहज प्रवृति के व्यक्ति है। उनको चाकू लगना दुख देता है। वंही एक खूबसूरत युवा का मर जाना उसके माता पिता, परिवार के लिए बहुत पीड़ादायी और आपदा पूर्ण है।यह दुर्घटना वर्तमान समाज की भयावह स्थिति का भी चित्रण करती है। सब तरफ संवेदनाएं घटी है और महत्वकांक्षाएं, गुस्सा, निराशा बढ़ी है। परिवारों में स्नेह नही है, अभिभावक स्वयं अपने कामो में उलझे हैं, वे अपने बच्चो के सामने कोई आदर्श उपस्थित नही कर रहे। अभिभावको में नैतिक साहस घट रहा है । वे स्वयं मोबाइल, सोशल मीडिया पर इतने अस्त व्यस्त है कि अपने बच्चों को यह नही समझा पाते हैं कि मोबाइल,इंटरनेट का सही उपयोग क्या है। आप इन युवा बच्चो के मोबाइल में झांक नही सकते क्यो कि वे इसे अपनी निजता का हनन मानते है। इनके मोबाइल में अधिकांश सामग्री वो है जो घोर अश्लील है और स्वस्थ मस्तिक के विकास के लिए बाधा कारी है। फिर, अभिभावक इन बच्चों की जिद के कारण इतने मजबूर है कि वे उन्हें स्पोर्ट्स बाइक दिलाते है और स्पीड कंट्रोल , हेलमेट के उपयोग के लिए कुछ नही कह पाते। बच्चे में निराशा , गुस्सा और हिंसक प्रवृति है तो परिवार में ये समझ नही कि वो उसका मनोवैज्ञानिक समाधान चुने। ऐसे में अपने बच्चों की समस्याओं का समाधान स्कूल , कॉलेज में ढूंढते है। स्कूल , कॉलेज में अध्यापक, प्रोफेसर भी इसी समाज से आते है, उन्हें स्वयं यह समझ नही कि युवा वर्ग के सामने क्या आदर्श प्रस्तुत करना है। उनमे से कई खुले आम शराब पीते, धूम्रपान करते, गाली गलौच करते मिल जाएंगे। कई लोग दिन भर अश्लील चुटकलों, फ़ोटो , वीडियो क्लिप को भेजते, खोलते मिल जाएंगे।संस्थाओ में इस बात पर चर्चा नही होती कि एक युवा लड़के, लड़की की भावनात्मक, शारीरिक समस्याओ,परिवर्तनो को कैसे देखा जाए, कैसे उन्हें रचनात्मकता प्रदान की जाए।

प्रोफेशनल संस्थानों खास कर इंजीनियरिंग संस्थानों में स्थिति ज्यादा गंभीर है । कई दुकान नुमा कॉलेज है। जो सीटे भर कमाई के लिए बिहार, पूर्वोत्तर भारत , कश्मीर, गुजरात, और मेवाड़ वागड़ के ग्रामीण क्षेत्रो से विद्यार्थियों को, उनके अभिभावकों को बरगलाकर प्रवेश देते है। वे अनैतिक वादे करते है कि बिना पढ़े फर्स्ट डिवीजन मिल जाएगा। वे फर्जी अस्तित्वहीन कंपनियों के नाम बताकर वादा करते है कि विद्यार्थी को ऊंची तनख्वाह की नॉकरी की गारंटी है। ऐसे विद्यार्थी फिर उदयपुर में दिन रात धमा चौकड़ी ही मनाते है। शहर में कई हुक्का कैफे है जंहा शराब से लेकर ड्रग्स मिलती है। और लड़के लड़कियो को एक दो घंटे के एकांत की सुविधा उपलब्ध है।
पर, परिवार इस जूठे मुगालते में रहता है कि बच्चा बड़ी पढ़ाई कर रहा है और बड़ी नॉकरी प्राप्त करने वाला है।फिर जब तीन साल , चार साल बाद विधार्थी को लगता है कि उसने कुछ नही सीखा, वह कुछ नही कर सकता , तब वह गहरी निराशा हताशा में जाता है। वह शार्ट कट ढूंढता है कि कैसे पैसा कमाया जाए।
वक्त आ गया है कि राजस्थान में तकनीकी संस्थाओं की वास्तविक क्षमता का आंकलन करवाया जाए, वंहा किस स्तर की शिक्षण, सलाह, मार्गदर्शन की सुविधाएं है उन्हें जांचा जाए। फर्जीवाड़ा कर रही संस्थाओ पर प्रभावी रोक लगाई जाए। अभिभावकों के प्रशिक्षण की भी समाज मे व्यवस्था बने। संस्थानों में निरंतर इस बात का विमर्श चले कि तकनीकी शिक्षा का उद्देश्य क्या है। तकनीकी शिक्षा के साथ साथ जीवन की शिक्षा की एक अनौपचारिक किंतु प्रभावी व्यवस्था बने। संस्थान भी नकल करवाने, जुठ बोलने, लूटने के इरादे से कार्य नही करे तथा अभिभावक भी संस्थाओ पर बिना सीखे अच्छे रिजल्ट रिपोर्ट कार्ड का दबाव नही बनाये। संस्थान और अभिभावक एक दूसरे के पूरक बन , सहयोग कर, निरंतर संवाद बना कर विद्यार्थी की रचनात्मकता का पोषण करे।
उदयपुर जिले के स्कूलो में बच्चो की सुरक्षा के मापदंड निर्धारित कर सख्ती से लागू करवाने की मांग।

उदयपुर जिले के स्कूलो में बच्चो की सुरक्षा के मापदंड निर्धारित करने की मांग को लेकर शहर जिला कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष गोपाल कृष्ण शर्मा एवं पूर्व नेता प्रतिपक्ष नगर निगम शहर विधानसभा प्रत्याशी रहे दिनेश श्रीमाली के नेतृत्व में प्रतिनिधिमंडल ने जिला कलेक्टर को ज्ञापन सौपा।
ज्ञापन में गोपाल कृष्ण शर्मा एवं दिनेश श्रीमाली ने बताया की आज समूचे देश के कोने कोने से स्कूलो में बच्चो के साथ सुरक्षा में चुक की कई निंदनीय घटनाएं सामने आ रही है । उदयपुर भी शिक्षा के क्षेत्र में काफी तरक्की पर है यहाँ भी कई नामचीन स्कूल चल रहे है पर प्रतिस्पर्धा की होड़ में किसी भी स्कूल ने कोई सुरक्षा का मापदंड निर्धारित नहीं किया हुआ है।
दिनेश श्रीमाली ने कहा की स्कूलो में सीसीटीवी कैमरेए मान्यता प्राप्त सिक्युरिटी एजेंसी से भूतपूर्व सैनिक या गार्ड नहीं है, स्कूल प्रबंधन प्रत्येक कर्मचारी की जाँच व पुलिस वेरिफिकेशन नहीं कराता है, स्कूलो में जो बसेध्वेनध्ऑटो चलते है उनकी भी कोई जाँच व पुलिस वेरिफिकेशन नहीं होता है कई वेने ऐलपीजी सिलेंडर लगा कर चल रही है, बसे ध्ऑटो में जो कर्मचारी है उनकी भी कोई जाँच व पुलिस वेरिफिकेशन नहीं होता है, स्कूल बसे,वेन एवं ऑटो में बच्चो की संख्या का किसी प्रकार से निर्धारण नहीं होता है जिससे आये दिन सडक दुर्घटनाये होती है कभी बच्चा चलते ऑटो में से घिर जाता है तो कभी चलती बस में से निचे उतर जाता है बच्चे घर से पानी की बोटल साथ में ले जाते है स्कूलो में पानी की पर्याप्त सुविधा नहीं है। अभिभावक बच्चो को शिक्षित करने के लिए स्कूल भेजता है पर स्कूल प्रबंधन इन अभिभावकों को किसी भी प्रकार की सुरक्षा की गारंटी नहीं देते। छात्राओं के लिए स्कूल प्रबंधन प्रथक से महिला पीटीआई व नृत्य सिखाने के लिए महिला नृत्य शिक्षक नहीं है। छोटे बच्चो में छात्र-छात्राओं के टॉयलेट अलग-अलग नहीं है, स्कूल के समस्त कर्मचारियों, ड्राईवरो, कंडक्टरो का कोई ड्रेस कोड निर्धारित नहीं है।
प्रतिनिधि मंडल में नवीन धाबाई, भूषण श्रीमाली, दिनेश आचार्य, विनोद साहू, जितेश कुमावत,,दिलीप श्रीमाली,राकेश कुमावत, हेमंत शर्मा, नकुल कटारा, तरुण भटनागर, रजत आमेटा, भूपेंद्र सिंह धाबाई, शाहबाज हुसैन,हितेश पुरोहित, भानुप्रताप गुर्जर, लोकेश शर्मा, हरीश दुर्गावत,मुकेश बडगुर्जर, प्रवीण नरवाडीया,राकेश सेन, राजेश कुमावत,संजय दशोत्तर, पुष्पेन्द्र पुर्बिया मुकेश हिंगड, शशिकांत त्रिवेदी, देवेन्द्र माली, सहित आदि लोग मौजूद थे ।
उदयपुर में हुई जिला स्तरीय मदरसा प्रतियोगिता

उदयपुर । दो दिवसीय मदरसा पैराटीचर की ‘‘त्रिपद प्रतियोगिता’’ एवं मदरसा छात्र छात्रा खेलकूद एवं साहित्यिक प्रतियोगिता का समापन भण्डारी दर्शक मण्डप, गांधी ग्राउण्ड में हुआ । समापन समारोह की मुख्य अतिथि राजस्थान मदरसा बोर्ड चेयरमेन मेहरूनिशा टांक एवं अध्यक्ष सांसद अर्जुनलाल मीणा, अति विशिष्ट अतिथि यूआईटी चेयरमेन रविन्द्र श्रीमाली तथा विशिष्ट अतिथि हज जिला संयोजक जहीरूद्धीन सक्का, मदरसा बोर्ड जिला संयोजक सलीम रजा, समाजसेवी अतुल चण्डालिया, फारूक हुसैन, राजेश वैष्णव, जाकिर हुसैन घाटीवाला, शफीक भारती आदि थे एवं सम्बोधित किया । सम्मान समारोह में स्वागत उदबोधन जिला अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी महेशचन्द्र चैहान ने प्रस्तुत किया । इस त्रिपद प्रतियोगिता एवं छात्र-छात्रा खेलकूद प्रतियोगिता में प्रथम एवं द्वितीय स्थान प्राप्तकर्ता मदरसा पैराटीचर के उत्साहवर्धन हेतु अध्यक्ष एवं मुख्य अतिथि के शुभ हाथो से पारितोषिक वितरण किया गया।
इन मदरसो के छात्र छात्राओं ने बाजी मारी । खो-खो छात्र वर्ग में मदरसा दस्तगीर भीण्डर प्रथम, कबड्डी छात्र वर्ग में मदरसा अंजुमन गौसिया कोलोनी प्रथम, सामान्य ज्ञान प्रतियोगिता में मदरसा अलीपुरा ने तीनो स्थान हथियायें।

सांसद एवं यूआईटी चेयरमेन द्वारा हुई प्रमुख घोषणायें:-
जिले के समस्त पंजीकरण मदरसो के 750 विद्यार्थियों को यूनिफार्म देगे । जिसके लिए 5 लाख रूपये की घोषणा की एवं यूआईटी चेयरमेन रविन्द्र श्रीमाली ने सभी विद्यार्थियों को जूते एवं मोजे देने की घोषणा की एवं सवीना स्थित राजकीय अल्पसंख्यक बालिका छात्रावास की बाउण्ड्रीवाल बनाने की जिम्मेदारी ली ।
त्रिपद प्रतियोगिता मे अपना परचम लहराने वाले मदरसा पैराटीचर गणित विषय मे मदरसा अलीपुरा की तरन्नमु बानो प्रथम, उर्दू विषय में मुर्तजा अली प्रथम, निबन्ध प्रतियोगिता मंे इम्तियाज बानो प्रथम, पत्रवाचन मंे साईस्ता परवीन प्रथम रहे।
समापन समारोह मे प्रतियोगिता प्रतिवेदन कार्यक्रम अधिकारी मो. सलीम शेख ने प्रस्तुत किया एवं संचालन मोहनगिरी गोस्वामी ने किया ।
उदयपुर की लक्षिता गौड़ ने लहराया विश्व में मेवाड़ का परचम
उदयपुर। उदयपुर की लक्षिता गौड़ ने हाल ही में दिल्ली में आयोजित द्वितीय अंतर्राष्ट्रीय कांफ्रेंस विषयक कार्यशाला में ‘अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर शोध एवं टारगेट प्राप्त करने’ में बेहतरीन शोध पत्र पढक़र समूचे विश्व में मेवाड़ का परचम लहराया है।
यहां उदयपुर की सिक्योर मीटर्स के एचआर डिपार्टमेंट में कार्यरत लक्षिता गौड़ यहां निमित्त कार्य के अलावा शोध पत्र भी तैयार कर रही है। दिल्ली के ग्रेटर नोएडा स्थित जीएल बजाज इंस्टीट्यूट ऑफ मैनेजमेंट एण्ड रिसर्च में आयोजित इस द्वितीय अंतर्राष्ट्रीय सेमीनार में विश्व भर के चयनित 25 प्रतिभागियों ने भाग लिया। श्रीमती लक्षिता गौड़ ने कार्यक्षेत्र में महज एक या दो कोनों पर निशाना नहीं साधकर समूचे 360 डिग्री पर कार्य करने की रूपरेखा प्रस्तुत की। उनके प्रस्तुतिकरण पर कार्यशाला में समूचे सदन ने करतल ध्वनि कर भूरि-भूरि प्रशंसा की। इस अवसर पर उन्हें विशेष प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया।
छात्र ने पहले डायरेक्टर को मारा चाक़ू फिर पिछोला में कूद कर देदी जान

उदयपुर। उमरड़ा स्थित टेक्नो इंडिया एनजेआर इंजिनियरिंग कॉलेज में मंगलवार दोपहर को एक छात्र ने कॉलेज के डायरेक्टर को चाकू मारकर गंभीर घायल कर दिया और उसके बाद छात्र ने खुद भी आत्महत्या कर ली।
जानकारी के अनुसार टेक्नो इंडिया एनजेआर इंजिनियरिंग कॉलेज में चतुर्थ वर्ष में पढ़ने वाले छात्र भाविक जैन ने कॉलेज के डायरेक्टर राजेन्द्रशेखर व्यास पर चाकू से हमलाकर कर गंभीर रूप से घायल कर दिया। घटना के बाद कॉलेज में अफरा तफरी का माहौल बन गया। तत्काल पुलिस को सूचना दी गई जिसके बाद पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने डायरेक्टर राजेन्द्रशेखर व्यास को हिरण मगरी स्थित गीतांजलि हॉस्पिटल में भर्ती कराया जहां व्यास का ईलाज चल रहा है।
इधर डायरेक्टर को चाकू मारने के बाद छात्र मौके से फरार हो गया था। उसके बाद छात्र भाविक जैन ने पीछोला स्थित अमराई के पास जाकर पानी में कूदकर आत्महत्या कर ली। समझा जा रहा है कि छात्र ने डर के मारे आत्महत्या कर ली। पुलिस ने मौके पर पहुंच कर शव को पानी से बाहर निकलवाया। इस दौरान घाट पर लोगों की भीड़ लग गई। इधर, छात्र के परिजन भी सूचना पर फलासिया से उदयपुर पहुंच गए। बेटे ने जो खतरनाक कदम उठाया उसे सुनकर उन्हें भी विश्वास नहीं हो पाया। वहीं, जिसने भी इस घटना के बारे में सुना उसके पैरों तले जमीन खिसक गई। सभी ये सोचने पर मजबूर हो गए कि आखिर शिक्षा के मंदिर में ऐसी खौफनाक वारदातें कैसे अंजाम लगाई जा रही हैं?

उदयपुर में ATS की कारवाई – रसूखदारों से 20 हथियार और 13 अवैध लाइसेंस जब्त

उदयपुर। एटीएस ने सोमवार को शहर में हथियारों के अवैध लाइसेंस व् हथियार की कार्रवाई करते हुए कुछ रसूखदार लोगों से हथियारों के लाइसेंस व् हथियार जब्त किये है। लाइसेंस की वैधता की जांच की जारही है क्यूँ की लाइसेंस जम्मू कश्मीर से जारी किये गए है।
उदयपुर में बेकाबू स्वाइन फ्लू – एमबी हॉस्पिटल के जिम्मेदार पल्ला झाड़ रहे है।

उदयपुर। बेकाबू स्वाइन फ्लू और जिम्मेदारों की चुप्पी महाराणा भूपाल चिकित्सालय के स्वाइन फ्लू वार्ड की कुछ अनोखी कहानी ही कह रही है। स्वाइन फ्लू के मरीजों की संख्या हर रोज़ बढ़ रही है, वार्ड में मौत का आंकड़ा भी बढ़ता जा रहा है । सोमवार को भी दो मरीज भर्ती किये गए छह मरीजों की हालत गंभीर है जब कि नो मरीज वेंटिलेटर पर है और २८ अन्य मरीज वार्ड में भर्ती है। इधर प्रशासन ने भी अलर्ट जारी कर दिया है।
स्वाइन फ्लू बेकाबू हो गया है और बिमारी से ज्यादा बेकाबू महाराणा भूपाल चिकित्सालय वार्ड के हालात है। प्रशासन की पूरी मुस्तेदी चिकित्सा विभाग की सतर्कता के बावजूद भी महाराणा भूपाल चिकित्सालय के जिम्मेदार अधीक्षक और वार्ड इंचार्ज अपनी जिम्मेदारियों से बचते फिर रहे है। १० बेड के वेंटिलेटर वार्ड में ९ मरीज वेंटिलेटर पर है जिसमे ६ मरीज अपनी जिंदगी और मौत के बिच झूल रहे है जिनकी आखरी साँसे अटकी हुई है। इसके अलावा स्वाइन फ्लू वार्ड ,में कुछ ३० मरीज भर्ती है। बेपरवाह अस्पताल प्रशासन की वजह से कई अक्सर जनरल वार्ड में भर्ती मरीज वेंटिलेटर पर पहुच रहे है। अस्पताल प्रशासन को जिला कलेक्टर ने स्वाइन फ्लू वार्ड को ५० बेड तक बढाने के आदेश दिए है लेकिन इसके बावजूद भी अभी तक बेड की संख्या नहीं बड़ाई गयी है। इधर जब महाराणा भूपाल चिकित्सालय अधीक्षक विनय जोशी व् वार्ड इंचार्ज ओपी मीणा से वार्ड की स्थिति के बारे में जानकारी मांगी जाती है तो कॉल कट कर दिया जाता है। सूत्रों की माने तो स्वाइन फ्लू वार्ड की अव्यवस्था धीरे धीरे स्वाइन फ्लू रोगियों के लिए मौत का वार्ड बनता जा रहा है।
डिप्टी सीएमएचओ डॉ. राघवेन्द्र रॉय ने बताया की सोमवार को दो स्वाइन के मरीजो पोजेटिव पाया गया केशव नगर निवासी ३५ वर्षीय महिला एवं स्वामी नगर निवासी ६१ वर्षीय व्राद्ध जिन्हें अस्पताल में भर्ती करवाया गया व् उस क्षेत्र में स्क्रीनिंग के लिए मेडिकल टीमें भेजी गयी।
अतिरिक्त जिला कलक्टर (शहर) सुभाष चन्द्र शर्मा ने कहा कि स्वाइन फ्लू के प्रभावी नियंत्रण के मद्देनजर चिकित्सा विभाग विशेष सतर्कता बरतें। शर्मा सोमवार को मौसमी बीमारी नियंत्रण को लेकर चिकित्सा, शिक्षा, जलदाय, विद्युत एवं संबंधित विभागों के अधिकारियों की समीक्षा बैठक की अध्यक्षता कर रहे थे। उन्होंने कहा कि स्वाइन फ्लू रोगी की तत्काल पहचान को लेकर जागरूकता लाने पर जोर दिया जाए। संभावित रोगियों को तुरंत उचित इलाज मुहैया कराने के साथ ही संक्रमण के बचाव पर विशेष ध्यान दें, जांच व दवा वितरण की पुख्ता व्यवस्था हो।
एडीएम ने विद्यालयों व जन सरोकार वाले विभागों के जरिए आईईसी सामग्री वितरण से जनजागरूकता लाने व शिक्षकों के माध्यम से अभिभावकों को भी जागरूक करने पर जोर दिया गया।उन्होंने मौसमी बीमारियों के नियंत्रण को लेकर मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. संजीव टांक से विस्तृत जानकारी ली। उन्होंने पेयजल क्लोरीनेशन, विद्यालयों में प्रार्थना सभाओं में विद्यार्थियों को जानकारी देने आदि पर जोर दिया।
Kidney stones and homoeopathy – Dr Kajal Verma


through which urine seeks its path outside the body from the urinary bladder. Kidney stones affect more men than women. The causes include decreased water intake, increase intake of protein, calcium, sodium, sugar or urinary tract infection. Diets rich in oxalates such as spinach, tomato, cabbage, coffee, chocolates, tea, blackberries, strawberries, beetroot and nuts also predispose a person to kidney stones. Excessive vitamin C, vitamin D and uric acid also increase the risk of kidney stone formation. Familial disposition is also a factor in developing kidney stones.
Kidney stones may lie silently in the kidney without any symptom. Severe pain with other associated symptoms appear when the stone tries to enter the ureter from the kidney or from the ureter into the urinary bladder or when it tries to pass down from the urinary bladder to the urethra. Pain caused by kidney stones is felt in the flanks (outer side of lower abdomen), lower back and often extends to the groin area (area where abdomen and thighs join) or genitals. The urine may contain blood or pus. Painful urination or urgency to urinate may also be present. Nausea and vomiting is yet another symptom associated with kidney pain.
प्रतिभाओं के सम्मान से नई प्रतिभाएं मिलती – झाला
क्षत्रिय रत्न सम्मान समारोह का आयोजन

उदयपुर । प्रतिभाओं के सम्मान से उन्हें आगे बढने की प्रेरणा के साथ समाज को विभिन्न क्षेत्रों से नई-नई प्रतिभाएं मिलती है। शिक्षा और संगठन से ही समाज संगठित व् जागरूक होता है और विकास की और अग्रसर रहता है। समाज को आगे बढ़ाने में युवाओं की सक्रियता बहुत जरूरी है। किसी भी समाज की प्रगति उसकी युवा टीम पर निर्भर होती है,युवा पीढ़ी ही देश की भविष्य निर्माता है उक्त विचार राजस्थान हाइकोर्ट के न्यायाधीश रामचंद्र सिंह झाला ने शनिवार को मेवाड़ क्षत्रिय महासभा संस्थान की और से मीरा मेदपाट भवन चित्रकूट नगर में आयोजित प्रथम क्षत्रिय रत्न सम्मान समारोह में व्यक्त किये। उन्होंने बालिका शिक्षा को बढ़ावा देते हुए कहां की बालिका शिक्षा को बढ़ाने के लिए क्षत्रिय समाज के लोगों को आगे आना चाहिए। बुजुर्गों का सम्मान करने की परंपरा को जीवंत रखकर समाज में खुशहाली लाई जा सकती है। मेवाड़ क्षत्रिय महासभा के संरक्षक रावत मनोहर सिंह कृष्णावत ने कहा कि समाज में बहुत सी प्रतिभाएं मौजूद है लेकिन सुविधाओं और साधनों के अभाव में वो संघर्षरत है उनकी सुविधाओं के लिए महासभा द्वारा इन प्रतिभाओं को संसाधनों की पूर्ति में सहयोग किया जायेगा। उन्होंने शिक्षा के महत्व पर जोर देते हुए कहा कि शिक्षित समाज ही देश के विकास में सहयोगी हो सकता है। उन्होंने आह्वान किया कि समाज के विकास के लिए हमें निजी स्वार्थ से उपर उठकर कार्य करना होगा। समारोह में क्षत्रिय समाज के राजनीतिक,सामाजिक,प्रशासनिक क्षेत्र में अनुकरणीय योगदान के लिए पूर्व विधायक और भाजपा की वरिष्ठ नेता श्रीमती श्यामा कुमारी सेंगर, वल्लभनगर विधायक रणधीर सिंह भींडर,देहात कांग्रेस के जिलाध्यक्ष लालसिंह झाला, भूपाल नोबल्स संस्थान के पूर्व निदेशक तेजसिंह बांसी,भारतीय सेना के रि लेफ्टिनेंट जनरल एन के सिंह, प्रशासनिक सेवा के डॉ भोपाल सिंह चुंडावत, शिक्षाविद डॉ औंकार सिंह राठौड़, समाजसेवी भारत सिंह सिसोदिया व् सज्जन सिंह राणावत को शॉल,सम्मान पत्र प्रदान कर “क्षत्रिय रत्न सम्मान” से नवाजा गया। महासभा के अध्यक्ष बालू सिंह कानावत और महामंत्री तनवीर सिंह कृष्णावत ने अतिथियों का स्वागत किया,समारोह में न्यायाधीश रामचंद्र सिंह झाला का नागरिक अभिनन्दन किया गया। कार्यक्रम में पूर्व मंत्री मांगीलाल गरासिया, डॉ दरियाव सिंह चुंडावत,चंद्रगुप्त सिंह चौहान, खीम सिंह कितावत,कुंदन सिंह मुरोली,राजेंद्र सिंह सिसोदिया,भोपाल सिंह,डी डी सिंह ,गुमान सिंह ,अशोक सिंह मेतवाला सहित सैंकड़ो समाजजन मौजूद थे।समारोह में क्षत्रिय समाज की महिलाएं भी मौजूद थी

दिसम्बर में होगा महा सम्मलेन– मेवाड़ क्षत्रिय महासभा का संभाग स्तरीय सम्मलेन आगामी दिसम्बर माह में आयोजित होगा जिसमें संभाग से 40 हजार से अधिक क्षत्रिय समाज के लोग हिस्सा लेंगे।

