शोभायात्रा के दौरान भाजपा नेता ने की SSP आवास पर तोड़फोड़, सांसद समेत 8 लोगों पर मुकदमा-यूपी

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उत्तर प्रदेश के सहारनपुर जिले में गुरुवार को डॉ. भीमराव अंबेडकर शोभायात्रा के दौरान हुआ झड़प तुल पकड़ता जा रहा है। इस मामले में दोनों पक्षों पर केस दर्ज किया गया है। भाजपा सांसद राघव लखनपाल शर्मा समेत उनके 8 समर्थकों पर मामला दर्ज किया है।

बताया जा रहा है कि सांसद ने जानबूझकर उस इलाके से शोभायात्रा निकाला जहां तनाव होने के पूरी संभावना थी। प्रशासन ने इस इलाके में जाने पर प्रतिबंध लगाया था। लेकिन सांसद और उनके समर्थक नहीं माने और शरारतन जूलूस का रुख गांव की तरफ मोड़ दिया। जैसे ही शोभायात्रा जनकपुरी थाने के दूधली इलाके पहुंची स्थानीय लोगों और भाजपा समर्थकों के बीच गाली-गलौज और पथराव शुरू हो गया।

इतना ही नहीं मौके पर भारी पुलिस बल के साथ पहुंचे वरिष्ठ अधिकारी पर भी पथराव किया गया। इस दौरान भाजपा और हिन्दू संगठन के लोगों ने एसएसपी लव कुमार के आवास को घेर लिया। डीएम की गाड़ी तोड़ दी गई।

इस ही नहीं भाजपा नेताओं ने अपने समर्थकों के साथ मिलकर एसएसपी आवास के सीसीटीवी कैमरे, नेम प्लेट को भी तोड़ दिया। कई दुकानों में तोड़फोड़ की और उसका सामान लूट लिया है। आगे चलकर मामला इतना संगीन हो गया कि डीएम और एसएसपी ने भागकर अपनी जान बचानी पड़ी। इस दौरान कमिश्नर की गाड़ी पर भी पथराव किया गया। इसके बाद उल्टे सांसद सांसद राघव लखनपाल शर्मा ने डीएम और एसएसपी पक्षपात का आरोप लगाया और कहा कि वे पूर्व सरकार से प्रभावित हैं।

वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक लव कुमार ने बताया कि प्रशासन की अनुमति के बिना गांव में शोभायात्रा निकाली जा रही थी, जिससे दो समूहों में पथराव शुरू हो गया। हालांकि स्थिति अब पूरी तरह से नियंत्रण में है। उन्होंने यह भी बताया कि दोनों तरफ से हुए पथराव में सांसद समेत कई लोग घायल हुए है। इसमें कुछ पुलिसकर्मी भी घायल हुए हैं।

पुलिस ने फिलहाल पूरे जिले में हाई अलर्ट जारी कर दिया है। डीआईजी जितेंद्र कुमार शाही ने आसपास के जनपदों से पुलिस बल मंगवाया है। अपर पुलिस महानिदेशक दलजीत चौधरी ने बताया कि स्थिति अभी नियंत्रण में है। वहीं प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि शोभायात्रा को निकालने के लिए भाजपा सांसद राघव लखन पाल शर्मा, पूर्व विधायक राजीव गुंबर वगैरह बीच सुबह प्रशासन और उनके बीच कहा सुनी हुई थी। लेकिन प्रशासन ने इलाके से शोभायात्रा न निकलने को कहा। इसके बाद तय हुआ कि शोभायात्रा गांव के बाहर से ही निकाली जाएगी।

लेकिन जैसे ही शोभायात्रा निकला तो उसे गांव में प्रवेश करा दिया गया। उसके बाद दूसरी तरफ से पथराव शुरू हो गया। इसके बाद सड़क दूधली गांव के अंदर और हाइवे पर मौजूद दुकानों में लूटपाट की गई और तोड़फोड़ किया। कई दुकानों को आग के हवाले कर दिया गया।

इस लड़की के इन्स्टाग्राम पर हैं लाखों फैन, आप भी जानिये वजह

 

पोस्ट: आइये मिलवाते है आपको सोशल मीडिया की एक ऐसी सेलेब्रिटी से जिसके फैन फोल्लोविंग दिन प्रतिदिन बढती जा रही है, इस लड़की ने अपना वज़न इस हद तक कम किया है की देखने वाले दाँतों तले अँगुली दबा ले. आज जिसकी हम बात कर रहे है उनका नाम है सपना व्यास जिनका वज़न 19 वर्ष की आयु में 86 किलोग्राम था जिसके लिए उन्होंने रात दिन मेहनत करके ऐसे परफेक्ट फिगर प्राप्त किया है.

भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) नेता तथा राज्य के पूर्व स्वास्थ्य मंत्री जयनारायण व्यास की पुत्री सपना व्यास पटेल ने भी न सिर्फ ऐसा ही कारनामा कर दिखाया, बल्कि आज की तारीख में वह इंस्टाग्राम पर बेहद लोकप्रिय फिटनेस ट्रेनर के रूप में भी मशहूर हैं… उनकी तस्वीरें बहुत जल्द वायरल हो जाती हैं, जिनमें वह बेहद खूबसूरत दिखती हैं…

मीडिया में प्रकाशित समाचारों के मुताबिक सपना पटेल जिस समय किशोरावस्था की दहलीज़ लांघ रही थीं, यानी 19 साल की थीं, उनका वज़न लगभग 86 किलोग्राम था, लेकिन अब वह महज़ 55 किलोग्राम की हैं…

जंतर-मंतर पर एक महीने से ज्यादा समय से धरना दे रहे किसानों ने मूत्र पीकर जताया विरोध

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जंतर-मंतर पर एक महीने से ज्यादा समय से विरोध प्रदर्शन करने रहे तमिलनाडु के किसानों का धैर्य अब जवाब दे रहा है। धरना दे रहे किसानों ने कहा था कि अगर मोदी सरकार ने हमारी मांगें नहीं मानीं, तो हम शनिवार को विरोध स्वरूप मूत्र पीएंगे और रविवार को मल खाने के लिए मजबूर होंगे। वहीं किसानों ने मूत्र पीकर विरोध जताना शुरू कर दिया है। इसकी तस्वीरें आने के बाद सोशल मीडिया में काफी वायरल हो रही हैं।

गौरतलब है, तमिलनाडु के किसान 38 दिनों से केंद्र से कर्जमाफी और वित्तीय सहायता की मांग के साथ धरने पर हैं। वे अब जंतर मंतर में प्लास्टिक की बोतलों में एकत्र मूत्र के साथ बैठे हैं और सरकार से प्रतिक्रिया की प्रतीक्षा कर रहे हैं। इससे पहले विरोध जताते हुए ये किसान निर्वस्त्र हो चुके हैं।

नैशनल साउथ इंडियन रिवर लिंकिंग फॉर्मर्स असोसिएशन के राज्य अध्यक्ष पी अय्याकनकु ने कहा, तमिलनाडु में पीने के लिए पानी नहीं मिल रहा और प्रधानमंत्री मोदी हमारी प्यास की अनदेखी कर रहे हैं। ऐसा लगता है कि मोदी सरकार हमें इंसान ही नहीं समझती है।

जंतर-मंतर पर तमिलनाडु के सूखा पीडि़त किसान पिछले महीने से विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं। सरकार और प्रशासन का ध्यान अपनी बदहाली की ओर खींचने के लिए गले में खोपड़ी पहनने से लेकर सड़क पर सांभर-चावल और मरे हुए सांप-चूहे खाने तक, इन किसानों ने कई सांकेतिक तरीकों का सहारा लिया। सूखे के कारण उनकी फसल मारी गई है। इन किसानों की मांग है कि सरकार उनके लिए सूखा राहत पैकेज जारी करे।

जमीन विवाद में पूर्व सरपंच की हत्या

उदयपुर . डबोक थाना क्षेत्र के नांदवेल गांव में जमीन विवाद के चलते साकरोदा पूर्व सरपंच उषा शर्मा की कमला शर्मा ने हथियारों से वार कर हत्या कर दी। घटना शनिवार सुबह जमीन पर कब्जा लेने के दौरान उपजे विवाद पर हुई।  पुलिस ने कमला को पकड़ लिया व शव को मुर्दाघर रखवाया।

जानकारी के अनुसार झगड़ा जिस जमीन के लिए हुआ था उससे जुड़ी जमीन देवस्थान विभाग की थी, जिस पर कब्जा करने को लेकर विवाद हुआ था । घटना की खबर आस पास के इलाके में आग की तरह फैल गई और काफी लोग इकट्ठे हो गए।

IPL मैच के दौरान टीम पर सट्टा लगाते 3 गिरफ्तार

उदयपुर. स्पेशल टास्क फोर्स ने आईपीएल सीरिज के मैच के दौरान देवदर्शन होटल सूरजपोल के मालिक सीपी गांधी उर्फ  चन्द्रप्रकाश गांधी सहित तीन बुकी को  मुंबई इंडियन व किंग इलेवन पंजाब टीम पर सट्टा लगाते गिरफ्तार किया ।पुलिस अधीक्षक राजेन्द्र प्रसाद गोयल ने बताया कि आईपीएल क्रिकेट मैच के दौरान उदयपुर में करोड़ों रुपए का सट्टा लगने की जानकारी मिलने से अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक, शहर  सुधीर जोशी के निर्देशन व पुलिस उप अधीक्षक भंवर सिंह हाड़ा के नेतृत्व में स्पेशल टास्क फोर्स ने मुखबिर तैनात किए। गुरूवार देर शाम को स्पेशल टीम के जवान प्रह्लाद कुमार को जरिये मुखबिर सूचना मिली कि आईपीएल सीरीज के मैच मुंबई इंडियन व किंग इलेवन पंजाब टीम पर कुछ व्यक्ति थाना हिरणमगरी सर्कल के तितरड़ी गांव के पास सुनसान जगह में बने मकान में बैठ मैच पर सट्टा लगा रहे हैं। इस पर स्पेशल टीम ने कार्रवार्ई करते हुए मकान पर देर शाम दबिश दी। जहां टेलीविजन पर मैच चल रहा था व एक मोबाइल फोन पर तोता लाइन चल रही थी व तीन व्यक्ति मैच के सेशन व हर बोल पर भाव बता कर आगे लाइन दे रहे थे। उनके पास 5 मोबाइल,  हिसाब-किताब का रजिस्टर जिसमें 1 करोड़ 10 लाख 15 हजार का हिसाब व 4320 रु. नकद मिले। मौजूद तीनों व्यक्तियों का नाम पता पूछा तो चंद्र प्रकाश गांधी पुत्र शेषमल गांधी निवासी सीए सर्कल सेक्टर 14, अमर सिंह पुत्र सुरेश सिंह निवासी टेकरी, प्रदीप सिंघवी पुत्र अर्जुन सिंह निवासी मनवा खेड़ा थाना हिरणमगरी उदयपुर होना बताया जिनको मौके पर ही गिरफ्तार कर लिया गया। साथ ही टेलीविजन, 5 मोबाइल, 4320 रुपए, हिसाब-किताब का रजिस्टर जप्त किया । थाने पर लाकर उनके खिलाफ  प्रकरण दर्ज कराया गया।

उदयपुर – नीमच लोकल ट्रेन टकराने की सूचना से अधिकारियों के फूल गए हाथ-पैर

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उदयपुर. मावली जंक्शन एवं भीमल स्टेशन के बीच शुक्रवार सुबह साढ़े 7 बजे रेलवे अधिकारियों की मुश्तैदी जांचने के लिए मॉकड्रिल की गई। नीमच से उदयपुर जाने वाले लोकल गाड़ी सुबह 07:200 बजे मावली से रवाना हुई, जो मावली एवं भीमल स्टेशन के बीच अचानक रुक गई। रेलवे अधिकारियों को सूचना दी गई कि भीमल के बीच ट्रेन किसी दूसरी गाड़ी से टकरा गई है। इसको लेकर साढ़े 7 बजे ट्रेन को बीच में ही रोका गया है।

मौके से 108 को भी सूचना दी गई। जैसे ही कर्मचारी एवं 108 मौके पर पहुंची, तब अधिकारियों एवं कर्मचारियों को मॉकड्रिल की सूचना दी गई। इसके बाद रेलवे कर्मचारियों ने राहत की सांस ली। मॉकड्रिल के कारण नीमच-उदयपुर ट्रेन डेढ़ घंटा लेट हुई, जो उदयपुर करीब 09:20 बजे पहुंची। इससे यात्रियों को गंतव्य तक पहुंचने में देरी हुई।

उदयपुर जिले में लगा तीन दिन का “साइबर कर्फ्यू” हटा

उदयपुर। उदयपुर जिले में तीन दिन बाद शुक्रवार को नेट बंदी से राहत मिली और जिले भर की इंटरनेट सुविधा वापस शुरू होने से लोगों ने चैन की सांस ली। कई रुके हुए काम पुरे करने में लग गए। सोशल मीडिया पर आपत्तिजनक टिप्पणियों के बाद जिला प्रशासन द्वारा मंगलवार रात १० बजे से नेट बंद करवा दिया गया था जिसके बाद शुक्रवार दोपहर तीन बजे पुनः शुरू किया गया।
शुक्रवार दिन में तीन बजे सबसे पहले बीएसएनएल का ब्रॉड बेंड चलाया गया उसके बाद एक एक कर सभी मोबाइल कंपनी ने नेट सर्विस चालु करदी। जिला प्रशासन के आदेशों के बाद शहर में तीन दिनों से नेट बंद चल रहा था । यह सब इसलिए हुआ कि मंगलवार को कुछ मनचलों ने आपत्तिजनक पोस्ट सोषल मिडिया पर डाल दी इसके बाद बवाल बढ़ने की आषंका को देखते हुए प्रषासन ने पूरे इलाके में नेटबंदी की अचानक घोशणा कर दी। इसके बाद मानों पूरे इलाके में साइबर कफ्र्यू लग गया हो शहरवासी बेहाल हो गए थे। पिछले तीन दिन से शहर वासियों के मन में एक ही सवाल था कि इतना क्या बड़ा मामला हो गया कि प्रषासन ने इस तरह का कदम उठाते हुए स्मार्ट सिटी को डिजिटल इण्डिया में गुलाम बना दिया हो। क्या प्रषासन की कोई जवाब देही नहीं बनती लेकिन अधिकारी पूरी तरह चुप रहे,नेटबंदी की घोशणा के बाद कुछ नहीं बोले कि आखिर ऐसा कदम क्यों उठाना पड़ा। उदयपुर की 95 फिसदी जनता आज इंटरनेट पर निर्भर है ऐसे में सभी को भारी परेषानी का सामना करना पड़ा। चैतरफा प्रषासन की आलोचना होती रही लेकिन जिले में पदासिन्न यह लोग चुप्पी साधे रहे। करीब 63 घण्टे बाद आखिरकार सभी इन्टरनेट कम्पनियों को सेवाएं सुचारू करने के लिए हरि झण्डी दे दी गई तब कहीं जाकर उदयपुर जिले में लगे साइबर कफ्र्यू को हटाया जा सका। जैसे ही यह सेवाएं षुरू हुई मानो पूरे शहर की जान में जान आ गई हो। वाट्स एप्प, फेसबुक पर कई कमेन्ट आना शुरू हो गए, जिसमें जिला प्रषासन पर खूब मजाकिया तंज भी कसे गए। सभी अपने – अपने लहजे में यही कहते दिखाई दे रहे थे कि जिले के जिम्मेदारों ने जो कृत्य किया है, वह कमजोर प्रशासक की निशानी है, नहीं संभल पाए तो पद छोड़ देना चाहिए पूरे शहर को परेशां करना किसी अपराध से कम नहीं है। इस पूरे मामले ग्रामीण विधायक फुलसिंह मीणा का कहना था कि जिन लोगों ने आपत्तिजनक टिप्पणी की है, उन लोगों के खिलाफ कड़ी से कड़ी कार्रवाई होनी चाहिए लेकिन पूरे जिले की जनता को परेषान करना ठीक नहीं है। व्यापारी, स्टूडेंट, बरोजगारों को इन 63 घण्टों में काफी परेषानी का सामना करना पड़ा। व्यापारियों की माने तो नेटबंदी से करोड़ों का व्यापार रुक गया। शहर के कई लोगों ने प्रशासन के इस नेट बंदी कार्रवाई को सही नहीं बताया। साइबर एक्सपर्ट विकास सिंह का कहना है कि प्रशासन में कोई आईटी एक्सपर्ट भी होना चाहिए जो प्रशासन को यह राय दे कि अगर सोशल मीडिया ने शहर का माहौल खराब हो रहा है तो बजाय पूरी नेट सर्विस बंद करने के नेट के सर्विस प्रोवाइडर को बोल कर सिर्फ फेसबुक व्हाट्सअप भी बंद करवाया जासकता है। नेट को पूरी तरह से बंद करवाने से कई जरूरी काम काज मानों ठप्प हो जाते है। हालाँकि पुलिस प्रशासन अभी भी स्थिति पर नज़र बनाये हुए है, फिर कोई भड़काऊ पोस्ट डाली गयी और शहर का माहौल खराब होने जैसी स्थिति हुई तो उसके खिलाफ कार्रवाई कर नेटबंदी की जासकती है।

पत्‍नी के साथ बलपूर्वक यौन संबंध बनाकर, पति दिखा रहा था LIVE

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Post। समाज में यौन अपराधों की क्रूरता दिन-ब-दिन अमानवीय स्तर छूती जा रही है। पुलिस, प्रशासन और न्याय का रोल किसी भी अपराधिक घटना के हो गुजरने के बाद ही शुरू होता है। याने मूलतः यौन अपराध को होने से पहले रोका नहीं जा सकता। कठोरतम न्याय व्यवस्था का भय ही शायद ऐसे अपराधों को थोड़ा कम कर सकता है।

साइबर क्राइम पुलिस को एक साफ्टवेयर इंजीनियर महिला ने शिकायत दर्ज कराई कि कुछ पोर्न साइट्स पर कोई व्‍यक्ति दो लोगों के यौन संबंध बनाते हुए वीडियो पोस्‍ट कर रहा है। पुलिस अधिकारी ने बताया कि बाद में जांच करने पर पता चला कि यह वीडियो एक ख्‍यात पोर्न वेबसाइट पर एक व्‍यक्ति के बेडरूम से लाइव स्‍ट्रीम के जरिये पोस्‍ट किया गया था।

आरोपी ने स्‍वीकारा कि वह बचपन से पोर्न एडिक्‍ट है। यह सब वह धन के लालच में कर रहा था। 33 वर्षीय सॉफ्टवेयर इंजीनियर अपनी पत्‍नी के साथ बलपूर्वक यौन संबंध बनाकर उसे पोर्न वेबसाइट पर दिखा रहा था। पूछताछ के दौरान उसने कबूल किया कि उसने लैपटॉप को इस तरह रखा था कि यौन संबंध बनाते समय वह लाइव दिखता रहे। पत्‍नी को चकमा देने के लिए उसने उसी समय लैपटॉप पर एक फिल्‍म भी चला रखी थी।

हालांकि पिछले सप्‍ताह उसे गिरफ्तार कर लिया गया लेकिन पुलिस ने अभी मामले को अधिक उजागर नहीं किया है ताकि पीडि़ता व उसके परिवार की पहचान गुप्‍त रखी जा सके।

पुलिस ने नाइजीरियन हैकर्स से FB पर की दोस्ती, 3 करोड़ के फ्रॉड का खुलासा

gang_1492393884उदयपुर. देशभर में ऑनलाइन फ्रॉड करने वाले गिरोह के आरोपी दो विदेशियों सहित पांच बदमाशों को गिरफ्तार कर अंबामाता पुलिस ने 3 करोड़ रुपए के फ्रॉड का खुलासा किया है। अंबामाता पुलिस ने पहले ही गिरफ्तार मोहिन्द्र और नरेश से पूछताछ में मिली जानकारी के अनुसार सोशल नेटवर्किंग साइट पर गिरोह के जारी विज्ञापन से संपर्क किया और सोशल साइट पर चेटिंग कर आरोपियों को एहसास दिलाया कि वे उनके झांसे में फंस गए हैं। फिर तकनीकी संसाधनों से पुलिस आरोपियों तक पहुंच गई।
एसपी राजेन्द्र प्रसाद गोयल ने बताया कि, तकनीकी संसाधनों के आधार पर विरार, मुंबई से नाईजीरिया निवासी विक्टर उर्फ कैलविन, इडूमी चार्ल्स और मुंबई निवासी महिला प्रेमा दास सोनी को गिरफ्तार किया है। पुलिस गिरोह में शामिल भूपालपुरा निवासी संदीप मोहिन्द्रा पुत्र देवेन्द्र और नरेश पंचोली पुत्र उदयलाल को पहले ही गिरफ्तार कर चुकी है।
आरोपी विदेशी युवकों को पकड़ना पुलिस के लिए बड़ी चुनौती थी, ये तुरंत तुरंत स्थान बदल देते थे। गिरोह में शामिल उदयपुर के संदीप और नरेश को कुल राशि का 10 प्रतिशत हिस्सा मिलता था। आरोपियों ने लोगों से ठगे गए रुपयों से रेडीमेड कपड़े खरीदे और नाइजीरिया कार्गो के जरिए भेज दिए थे, जिसकी पुलिस पड़ताल कर रही है।
आरोपियों के खिलाफ धोखाधड़ी की धारा जोड़ने के साथ ही आपराधिक दुर्विनियोग के लिए आईपीसी की धारा 411 और 413 भी लगाई है। उदयपुर में धारा 413 का पहली बार ही उपयोग हुआ है। इन धाराओं में आजीवन कारावास तक का प्रावधान है। गिरोह का खुलासा डीएसपी गोपाल सिंह भाटी, थानाधिकारी चंन्द्रपुरोहित, अशाेक आंजना के नेतृत्व में बनी टीम ने किया है।
आरोपियों की महिला के नाम से बनी एफबी प्रोफाइल पर की चैटिंग और जाल में फंसाया
– थानाधिकारी चन्द्र पुरोहित ने बताया कि आरोपियों ने महिला के नाम से फेसबुक प्रोफाइल बनाई हुई थी, जिस पर फ्रेंड रिक्वेस्ट भेजी। महिला ने खुद को समुद्री जहाज पर अधिकारी बताया और चेटिंग की। पांच दिन बाद महिला ने रिप्लाई किया कि जहाज पर समुद्री डाकू आ गए हैं, उसके पास काफी डाॅलर, पाउंड और रुपए हैं। चार-पांच दिनों में काफी भरोसा हो गया है। इस रुपए को सुरक्षित रखने के लिए वह पार्सल के जरिए यह राशि भेज रही है, यह सुनकर अधिकतर चेटिंग करने वाला तत्काल पता दे देता था और भरोसे में आ जाता था।
इसके बाद महिला संपर्क नहीं करती थी, यहां मौजूद संदीप और नरेश फोन करते थे कि आपका पार्सल विदेश से आया है। इसकी कुरियर राशि खाते में जमा करवा दीजिए और पार्सल प्राप्त कर लीजिए। व्यक्ति तत्काल रुपए जमा करा देता था और ये लोग पीड़ित से संपर्क तोड़ देते थे।
इसके अलावा सोशल नेटवर्किंग साइट पर विभिन्न देशों के वीजा बनवाने का विज्ञापन करते थे। फर्जी वीजा की कॉपी स्कैन कर पीड़ित काे भेजते थे और उससे मोटी रकम प्राप्त करते थे। फर्जी सिम के जरिए लॉटरी लगने का झांसा देकर प्रोसेसिंग चार्ज के नाम से राशि हड़पने और इंस्टाग्राम, फेसबुक पर ब्रांडेड इलेक्ट्रॉनिक सामान और कपड़ों को सस्ते दाम में बेचने के नाम पर भी लोगों ने उनके खातों में रुपए डलवाकर ठगी की है।
फर्जी नाम से खाते खुलवाते और उसी में जमा कराते थे फ्रॉड की राशि
एएसपी सुधीर जोशी ने बताया कि आरोपियों ने फर्जी नामों से बैंक खाते खुलवाए थे। फ्रॉड से ली राशि इन खातों में ही डलवाई जाती थी। खातों का ट्रांजेक्शन की पड़ताल से पता चला कि आरोपियों ने अब तक सैकड़ों लोगों से 3 करोड़ रुपए की ठगी की है। इस राशि को सर्राफा व्यापारियों के खातों में अारटीजीएस करा उनसे सोना-चांदी खरीदते थे और फिर उन्हीं व्यापारियों को बेचकर कैश राशि प्राप्त कर लेते थे।
नाइजीरियन के पास हैदराबाद का वोटर कार्ड
पुलिस ने नाइजीरियन युवक विक्टर उर्फ कैल्विन के पास से भारत में बना हैदराबाद का वोटर आईडी बरामद किया है। आरोपी ने भारत आकर यहां धोखे से पहचान पत्र भी बनवा लिया था।

मस्जिद के सामने तेज आवाज़ में भड़काऊ गाना बजाना, मुस्लिम मोहल्लों में तलवारों से प्रदर्शन करना मकसद था रैली का ?

पलटन मस्जिद के सामने रैली
पलटन मस्जिद के सामने रैली

उदयपुर। विश्वहिंदू परिषद और बजरंग दल ने प्रांतीय अधिवेशन के तहत उदयपुर शहर में निकाली गयी रैली के दौरान विश्व हिन्दू परिषद् और बजरंग दाल के कार्यकर्ताओं ने मानो शहर का माहौल बिगाड़ने की पूरी कोशिश की ? लेकिन पुलिस की सूझबूझ और मुस्तैदी के कारण इरादों में नाकाम रहे।
पलटन मस्जिद के सामने तेज आवाज़ में भड़काऊ गाना बजाना और नंगी तलवारों प्रदर्शन कर खूब हुड़दंग किया। बाद में मुखर्जी चौक और खांजीपीर जैसे मुस्लिम मोहल्लों से रैली निकालने पर अड़ गए लेकिन पुलिस के मन करने और रैली रोक देने के बाद मार्ग बदला गया।
jpr2615045-largeताज्जुब की बात यह है कि हथियारों से लेस होकर रैली निकालने की इजाजत नहीं देने पर भी रैली में हथियार खुले आम तलवारे लहराई गयी और माहौल खराब करने और नारों से भड़काने की पूरी कोशिश की गयी।
गृहमंत्री के गृह क्षेत्र में यह तमाशा दिन भर चलता रहा। तलवार लहराते कार्यकर्ताओं के साथ शोभागपुरा से शुरू हुई रैली 100 फीट रोड, आयड़, सेवाश्रम, सूरजपोल, आरएमवी रोड, समोरबाग, जगदीश मंदिर, हाथीपोल, चेटक, सुखाड़िया सर्किल, फतेहपुरा होते हुए शोभागपुरा पहुंची। इस दौरान सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए भारी जाप्ता तैनात रहा। शहर के एएससी, डीएसपी समेत कई पुलिस अधिकारी भी रैली के साथ-साथ पैदल चलते रहे। रैली के लिए प्रदेश के 24 जिलों से करीब 800 कार्यकर्ता आए थे। इतने ही संख्या में शहर के बजरंग दल और विहिप के कार्यकर्ता भी रैली में शामिल हुए। पुलिस ने सूझबूझ से रैली के बीच-बीच में पुलिस की गाड़ियां और जाब्ता तैनात कर रखा था, जिससे किसी अनहोनी को रोका जा सके। बता दें कि बजरंग दल की इस रैली को लेकर पुलिस प्रशासन की नजर एक दिन पहले सी ही थी क्योंकि रैली खांजीपीर, मुखर्जी चौक, आयड़ मस्जिद, पलटन मस्जिद से होकर गुजरनी थी। पुलिस प्रशासन लगातार रैली का रूट बदलने की मांग कर रहा था। पुलिसने कार्यकर्ताओं को तलवारें रखने की इजाजत नहीं दी थी। फिर भी कुछ कार्यकर्ताओं ने रैली में तलवारें लहराईं। पलटन के पास रैली पहुंचते ही डीजे में भड़काऊ गाना बजाया गया। कुछ कार्यकर्ताओं ने एक स्कूटी को लात मारकर माहौल बिगाड़ने की भी कोशिश की।
जुलूस में कुछ लोगों द्वारा उन्माद फैलाने के प्रयास, अभद्र नारे लगाने और हथियारों को लहराने सहित अन्य बिंदुओं पर कानून व्यवस्था के हुए उल्लंघन को लेकर शहर के अधिकतर थानाधिकारियों ने उनके थानों के रोजनामचा में रपट डाली है। पुलिस के अनुसार पूरे जुलूस की वीडियोग्राफी कराई गई है। ऐसे में संभव है कुछ लोगों के खिलाफ मामला दर्ज हो सकता है।

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