उदयपुर जिले के एटीम में केश ख़त्म – बैंक में भी हो सकती है मुसीबत

l_bank-open-on-sunday-1478745586उदयपुर। नोत्बंदी को लेकर शहर में परेशानियाँ बढ़ रही है और अगर पुरे उदयपुर जिले की बात करे तो करीब २५० से अधिक एटीम खाली है। केश निकालने के लिए लोग एटीम के चक्कर लगाते हुए दिख जाते है। शहर के २५-३० एटीम मे ही रविवार शाम तक नोट थे। इधर आरबीआई से आने वाले केश के बारे में भी बैंक अधिकारियों के पास कोई सूचना नहीं है।  बैंकों ने अपना रिजर्व केश भी निकाल लिया है। अगर आर्बीईइ से केश नहीं आता है तो एटीम में तो केश नहीं होगा लेकिन बैनोजं में भी केश नहीं मिलेगा। लीड बैंक अधिकारी मुकुन्द भट्ट ने बताया कि बैंकों में महज एक-दो दिन का कैश बचा है। वहीं एसबीआई और इलाहबाद काे छोड़ अन्य बैंकों की स्थिति बेहद खराब होने से एक दिन निकालना भी मुश्किल हो सकता है। भट्ट ने बताया कि आरबीआई को 500 करोड़ की डिमांड भेजी गई है।

उदयपुर बार अध्यक्ष बने महेन्द्र नागदा – 306 वोटों से हुई जीत हासिल

bar-prs-mahendr-nagadaउदयपुर.बार एसोसिएशन के रविवार को हुए चुनाव में महेंद्र नागदा ने चार बार अध्यक्ष रह चुके भरत जोशी को 306 वोटों से पराजित किया है। महासचिव पद पर चंद्रभान सिंह शक्तावत ने चेतन पुरी गोस्वामी को 181 वोट से, उपाध्यक्ष पद पर विजय सिंह चौहान ने सत्येंद्र सिंह सांखला को 117 वोट से, सचिव पद पर गोपाल पालीवाल ने ओम प्रकाश प्रजापत को 19 वोट से, वित्त सचिव पद पर उदयसिंह देवड़ा ने सुनील शुक्ला को 526 वोट से अौर पुस्तकालय सचिव पद पर अनिता गोस्वामी ने वीरेंद्र कुमार बापना को 137 वोट से पराजित किया।
रात करीब साढ़े आठ बजे चुनाव अधिकारी सुरेश चंद्र द्विवेदी और राजेश कुमार उपाध्याय ने चुनाव परिणाम की अधिकृत घोषणा की। नवनिर्वाचित अध्यक्ष महेंद्र नागदा को उनकी पत्नी शीतल मेहता नागदा ने जीत का हार पहनाया।
 बार एसोसिएशन के चुनाव में इस बार के चुनावी समीकरण अब तक चुनावों के मुकाबले अलग रहे। चुनाव में सर्वाधिक चार बार अध्यक्ष बनने का रिकॉर्ड बनाने वाले भरत जोशी के सभी विरोधी और असंतुष्ट धड़ा एकजुट होकर जोशी को चारों खाने चित कर दिया। जोशी ने इससे पहले लगातार तीन बार अध्यक्ष बनने का रिकॉर्ड अपने नाम किया फिर पिछले चुनाव में चौथी बार अध्यक्ष पद अपने नाम करने का दांव लगाया। इसमें भी जोशी ने प्रवीण खंडेलवाल को 248 वोट से पराजित कर बार एसोसिएशन का सरताज अपने सर सजाया। आत्म विश्वास के साथ जोशी पांचवीं बार अध्यक्ष बनने का सपना लेकर चुनावी मैदान में कूदे, लेकिन इस बार उनके सभी विरोधी और असंतुष्ट लोग एकजुट हो गए और जोशी का सपना साकार नहीं हो पाया। मतदान के दौरान भी कोर्ट परिसर में जोशी विरोधी खेमे के लोग पूरे समय महेंद्र नागदा के पक्ष में मतदान की अपील करते नजर आए।
बार एसोसिएशन के चुनाव में वैसे तो हर किसी की नजरें अध्यक्ष पद पर होने वाले मुकाबले पर टिकी थी, मगर सचिव पद के लिए मुकाबला भी रोचक रहा। त्रिकोणीय संघर्ष में गोपाल पालीवाल ने ओम प्रकाश प्रजापत को 19 वोटों से पराजित किया जबकि 33 वोट निरस्त हो गए। पालीवाल को 638 वोट मिले जबकि उनके निकटतम प्रतिद्वंदी प्रजापत को 619 वोट मिले।
6 पदों के लिए चुनाव में इस बार कुल 23 प्रत्याशियों ने भाग्य आजमाया। इसमें 2 महिला प्रत्याशी थी, उनमें से 1 ने बाजी मार ली। पुस्तकालय सचिव पद पर 6 प्रत्याशियों के चुनावी संघर्ष में अनिता गोस्वामी ने 137 वोट से जीत हासिल कर यह पद अपने नाम कर लिया। हालांकि वित्त सचिव पद पर शीतल नंदवाना जीत हासिल नहीं कर सकी। इस चुनाव में सबसे बड़ी जीत वित्त सचिव बने उदयसिंह देवड़ा के नाम रही। देवड़ा 526 वोट से जीते।
 हाइकोर्ट बैंच को लेकर बनेगी संघर्ष समिति, महिलाओं की सुविधा पर फोकस : नागदा
बार एसोसिएशन के अध्यक्ष निर्वाचित होने के बाद महेंद्र कुमार नागदा ने भास्कर को बताया कि उनकी पहली प्राथमिकता काेर्ट कैम्पस को व्यवस्थित करने की होगी। इसके अलावा बार एसोसिएशन का स्वाभिमान बना रहे, इस पर पूरा ध्यान दिया जाएगा।
नागदा ने बताया कि कोर्ट परिसर में अधिवक्ताओं के लिए चैम्बर बने, महिलाओं के लिए टॉयलेट की सुविधा हो, व्यवस्थित कैंटिन हो इसके लिए भी प्रयास किए जाएंगे। हाईकोर्ट बैंच को लेकर नागदा ने कहा कि तहसील स्तर पर संघर्ष समिति गठित की जाएगी। सीनियर अधिवक्ताओं की टीम बनेगी जो कि संभाग भर के आंकड़े एकत्र कर तथ्यात्मक प्रतिवेदन तैयार करेंगी। उस अाधार पर राज्य आैर केंद्र सरकार को यह बताया जाएगा कि उदयपुर में इसलिए हाईकोर्ट बैंच की जरूरत है।
कुल वोटर 1826, वोट पड़े 1537
– अध्यक्ष : महेंद्र कुमार नागदा 917, भरत कुमार जोशी 611, निरस्त 9, जीत का अंतर 306,
– उपाध्यक्ष : विजय सिंह चौहान 532, सत्येंद्र सिंह सांखला 415, सैय्यद हुसैन 268, हरीश पालीवाल 237, मनोज कुमार शर्मा 63, निरस्त 22, जीत का अंतर 117
– महासचिव : चंद्रभान सिंह शक्तावत 619, चेतन पुरी गोस्वामी 438, गिरधारी लाल शर्मा 254, शीतल नंदवाना 212, निरस्त 14, जीत का अंतर 181
– सचिव : गाेपाल लाल पालीवाल 638, ओम प्रकाश प्रजापत 619, मदन गोपाल सालवी 247, निरस्त 33,जीत का अंतर 19, जीत का अंतर 181
– वित्त सचिव : उदयसिंह देवड़ा 971, सुनिल शुक्ला 445, प्रताप सिंह मईडा 93, निरस्त 28, जीत का अंतर 526,
– पुस्तकालय सचिव : अनिता गोस्वामी 458, वीरेंद्र कुमार बापना 321, देवेंद्र सुयल 160, ललित कुमार सेन 236, मदनलाल मेघवाल 156, संतोश कुमार टांक 179, निरस्त 27, जीत का अंतर 137

शिक्षक ने किया 10 वर्षीय छात्रा के साथ दुष्कर्म का प्रयास

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rapeटोंक . निवाई के शिवाजी कॉलोनी स्थित एक निजी विद्यालय के शिक्षक के खिलाफ 10 वर्षीय छात्रा से दुष्कर्म के प्रयास का मामला निवाई थाने में रविवार को दर्ज कराया गया है।

थानाप्रभारी रामअवतार सिंह ताखर ने बताया कि छात्रा की मां ने इस बारे में प्राथमिक दर्ज कराई। रिपोर्ट में बताया कि पुत्री गत शुक्रवार सुबह विद्यालय जा रही थी।

रास्ते में विद्यालय में कार्यरत शिक्षक रामजस बैरवा का कमरा है। रामजस ने पुत्री को रोककर दुकान से दही लाने के लिए भेजा।

वापस आने पर उसने पुत्री को कमरे में बुलाकर दरवाजा बंद कर लिया। जहां उससे दुष्कर्म का प्रयास किया, लेकिन जैसे-तैसे वह बचकर विद्यालय और उसके बाद घर पहुंची।

जहां उसे ये बात बताई। छात्रा की मां ने रविवार को शिक्षक के खिलाफ मामला दर्ज कराया है। पुलिस ने मामले की जांच कर रही है।

महाराणा प्रताप के घोड़े चेतक पर चढ़ गया शराबी युवक

chetakउदयपुर. महाराणा प्रताप का घोड़ा “चेतक” वर्षों से लोगों की श्रद्धा और आस्था का केंद्र रहा है। लोगों की श्रद्धा का मजाक बनाते हुए एक युवक चेतक सर्किल पर स्थित चेतक घोड़े की प्रतिमा के ऊपर जा चढ़ा । लगभग 20-25 मिनट तक युवक चेतक पर चढ़ा रहा । इस दौरान वहां से गुजरते हर नागरिक का ध्यान इस युवक पर ही था । कई लोगों ने उसे नीचे उतारने के प्रयास  किए लेकिन युवक नीचे नहीं उतरा, बल्कि ऊपर ही बैठ अजीबोगरीब हरकते करता रहा । लगभग आधे घंटे बाद पुलिस ने वहां पहुंच कर जबरदस्ती उसे चेतक से नीचे उतारा और पुलिस थाने ले गई । युवक को नीचे उतारने के बाद पुलिस को पता चला कि युवक मानसिक रोगी है ।

महाराणा प्रताप के साथ ही लोगों के मन में चेतक घोड़े को लेकर भी अपार श्रद्धा हैं । ऐसा माना जाता है कि चेतक एक स्वामीभक्त घोड़ा था जो अपने ऊपर अपने स्वामी “महाराणा प्रताप” के अलावा किसी को नहीं बैठने देता था । ऐसे में युवक का इस तरह से घोड़े पर चढ़ना लोगों की के मन को ठेस पहुंचा गया । इस पूरे हंगामे के दौरान लोगों की भीड़ जमा हो गई।

भीलवाड़ा में फिर तनाव – तोड़फोड़ आगजनी पथराव के बाद दहशत

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bhilwaraभीलवाडा। भीलवाडा में ईद मिलादुन्नबी नबी के दिन से बना तनाव जारी है जिसके चलते रविवार को एक धार्मिक जुलुस पर पथराव के बाद फिर माहोल गरमा गया। शहरमें एक बार फिर हालात बेकाबू हो गए। इस बार वजह धार्मिक जुलूस पर पथराव थी। गायत्रीनगर में रविवार शाम पत्थरबाजी के बाद कई मकानों वाहनों में तोड़फोड़ की गई। सात दिन पहले पुराना शहर में तनाव से लोग उबरे नहीं थे कि एक बार फिर दहशत फैल गई। कुल चार लोग घायल हुए हैं जिनमें एक पुलिसकर्मी है। पुलिस ने 22 लोगों को हिरासत में लिया है। रात तक हालात सामान्य हो गए थे अजमेर, टोंक नागौर के साथ ही चित्तौडगढ से भी जाब्ता बुलाया गया।
शहरवासीपांच दिन भी सुकून से नहीं रह पाए और रविवार को फिर माहौल तनावपूर्ण हो गया। गायत्रीनगर में धार्मिक जुलूस पर पत्थरबाजी के बाद दो पक्ष आमने-सामने हो गए। यहां पुलिया के पास एक मकान मोपेड में आग लगा दी गई। करीब एक दर्जन मकानों और दो कारों सहित एक दर्जन वाहनों में तोड़फोड़ की गई। करीब पौन घंटे तक पत्थरबाजी होती रही। पुलिसकर्मियों पर भी पत्थर फेंके गए तब पुलिस ने बल प्रयोग कर भीड़ को खदेड़ा। दहशत के कारण लोगों ने मकान दुकानें बंद कर दीं। चार घायलों को महात्मा गांधी हॉस्पिटल में भर्ती कराया है। इसके बाद संजय कॉलोनी में तीन जगह और नेहरू रोड पर एक निजी अस्पताल के पास कुछ देर पत्थरबाजी हुई तो रात को नेहरू रोड पर एक कार आदर्श नगर में एक बाइक को आग लगा दी गई। इसके बाद तिलकनगर में भी एक केबिन को आग लगा दी गई। शाम करीब 3:30 बजे गायत्री नगर में माहौल खराब होने के बाद पुराना भीलवाड़ा शहर में भी पथराव की सूचना मिली। इससे प्रशासन पुलिस अफसर सकते में गए। एएसपी ज्योतिस्वरूप शर्मा पुलिस जाब्ता लेकर पुराना भीलवाड़ा पहुंचे। वहां पता चला कि यह केवल अफवाह थी। तब तक सर्राफा मार्केट सहित अन्य बाजार बंद हो गए। एसपी प्रदीपमोहन शर्मा एडीएम (सिटी) आनंदीलाल वैष्णव गायत्रीनगर पहुंचे। गायत्रीनगर में पथराव को लेकर 22 को हिरासत में लिया है। कलेक्टर महावीर प्रसाद शर्मा एसपी ने भी संवेदनशील क्षेत्रों का दौरा किया।

फ्लॉप फिल्म जैसी कहानी बता कर पुलिस खुद आगई शक़ के घेरे में – रुचिता हत्याकांड

img_20161201_125749उदयपुर। चार दिन पहले हुआ रुचिता हत्याकांड पुलिस की बचकानी और फ्लॉप फिल्म की जैसी कहानी की वजह से और ज्यादा उलझता जारहा है। पहले पति केबी गुप्ता पर शक कर उसको हिरासत में लेना उसके बाद उसी अपार्टमेन्ट में रहने वाले दिव्य कोठारी का ह्त्या करना कुबुलना और पुलिस उसको बच्चा समझ कर साइकोसिस का मरीज कह कर पागल बताना। पुलिस द्वारा एसी बचकानी कहानी सुनानना जो की किसी के भी गले नहीं उतर रही। यहाँ तक की जब मिडिया और शहर की जनता में पुलिस की इस फ़िल्मी कहानी की किरकिरी हुई तो पुलिस अधिकारी अपने ही बयान से पलट गए। शहर के पुलिस अधिकारियों ने जधन्य हत्याकांड को मजाक बना कर रख दिया है।
हत्याकांड से जुड़े इसे बीसियों सवाल है जो शहर की आम जनता और मीडिया कर्मियों को नज़र आरहे है, लेकिन पुलिस उनको अनदेखा कर कभी आरोपी को पागल बता कर बचाव कर रही है तो कभी उस की जांच और पूछताछ करने की बात कह रही है। साफ़ तौर पर लग रहा है कि पुलिस अपने किसी निजी नफ़ा नुक्सान या ऊपर के प्रेशर के चलते ह्त्या की गुत्थी को उलझा रहे है और जांच एसी कर रहे है की आरोपी तीन महीने में बाहर आजाये। शहर में तो यहाँ तक कहा जा रहा है कि जिस महिला की ह्त्या हुई वह, जिसने ह्त्या की वह, शहर का गृह मंत्री और पुलिस अधीक्षक के एक ही समाज का होना पुरे मामले में संदेह पैदा कर रहा है। यही नहीं इस मामले के स्पेशल निपटारे के लिए सालों शहर में रहे और हाल में कोटा ट्रांसफर हुए पुलिस अधिकारी जितेन्द्र आंचलिया को कोटा से यहाँ विशेष तौर पर बुलाया जाना भी चर्चा में हैव् कई संदेह पैदा कर रहा है। हत्याकांड का आरोपी दिव्य कोठारी को जहाँ पुलिस अधीक्षक राजेन्द्र प्रसाद गोयल ने “पागल बच्चा” कह कर मदहोशी की हालत में ह्त्या करने का बयान दिया था अब आज उसी थाणे में पुलिस उपाधीक्षक गोपाल सिंह भाटी कुछ और ही बयान दे रहे है कि आरोपी पागल नहीं है और पुलिस को गुमराह कर रहा है। हकीकत क्या है पुलिस जानने के बावजूद खुलासा नहीं कर रही है।

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जवाब मांगते सवाल :

1 – पहला सवाल सबसे बड़ा यह कि ह्त्या का कारण अभी भी स्पष्ट नहीं हुआ क्यों ?

2.- पोस्ट मार्टम रिपोर्ट में आया की उसके चहरे पर धारदार हथियार से वार किये तो धारदार हथियार वाहन के टूल में कैसे बदल गया ?

3 . – आरोपी चूहे मारने की दवाई खा कर मदहोश केसे हो गया जबकि डॉक्टर के अनुसार चूहे मारने की दवाई खाने से मदहोशी नहीं आती।

4 . – अगर आरोपी साइकोसिस का मरीज है या पागल है तो परिजनों ने कभी उसका इलाज क्यों नहीं करवाया ?

5 – आरोपी को बच्चा और साइकोसिस का मरीज बता कर क्यों बचाया जा रहा है ? बचाने के पीछे कही भ्रस्ताचार का खेल तो नहीं ?

6 – पुलिस ने चार दिन में आरोपी की जांच के दौरान किसी सरकारी बड़े मनोचिकित्सक से सलाह या जांच क्यों नहीं करवाई ?

7 . – पुलिस काफी हद तक सच जान चुकी है इसके बावजूद सच को छुपाने के पीछे उसकी क्या मंशा है ?

गौरतलब है कि चार दिन पहले शोभागपुरा के ऑर्बिट अपार्मेंट के फ्लेट नंबर ७०२ में रहने वाली रुचिता गुप्ता की बड़ी बेरहमी से ह्त्या करदी गयी। पुलिस ने शक के आधार पर पहले रुचिता के पति कृष्ण वल्लभ गुप्ता को हिरासत में लिया। लेकिन अगले ही दिन कहानी में नया मोड़ आया और उसी अपार्मेंट में ऊपर के माले में फ्लेट नंबर 802 में रहने वाला 23 वर्षीय दिव्य कोठारी ने फतहपुरा चोकी में आत्मसमर्पण किया और पुलिस के अनुसार उसने कुबूला की उसने ही रुचिता की ह्त्या की। पुलिस ने चार दिन तक तप्तिश करने के बाद शनिवार को पत्रकार वार्ता में सारे मामले का खुलासा किया। खुलासे में पुलिस अधीक्षक राजेन्द्र प्रसाद गोयल ने बचकानी और बेमतलब की कहानी मीडिया कर्मियों को सूना दी जो किसी के भी गले नहीं उतरी। पुलिस अधीक्षक के अनुसार आरोपी दिव्य कोठारी ने दो बार सीए एंट्रेंस का एक्साम दिया लेकिन सफल नहीं हो पाया और उसके सफल नहीं होने पर उसकी माँ उसको उलाहने देती थी की वह तो चोकीदार बनेगा। ऐसे उलाहनों को सुन कर वह पगला गया और साइकोसिस का मरीज हो गया। घटना वाले दिन सुबह उसने चूहे मारने की दवा कोल्ड ड्रिंक में मिला कर पी और मदहोश हो गया बाद में बजाय अपने फ्लेट में जाने के वह उसके निचे वह भी गलती से रुचिता के फ्लेट नंबर ७०२ में पहुच गया, वहां पर रुचिता ने उसको मदहोशी की हालत में देखा वह अपने घर के अन्दर लेकर आई। रुचिता ने दिव्य को को पानी पिलाया। उसी समय दिव्य कोठारी ने मदहोशी की हालत में रुचिता को अपनी माँ समझ कर उस पर किसी पाने या टूल से वार किये और उसको घसीट कर स्टोर रूम में लगाया और वहां पर भी उसके चहरे पर करीब 15- २० वार किये और उसको बेरहमी से मारडाला। उसके बाद वह अपने फ्लेट में आया और वहां पर खून से सने कपडे बदल कर घर के बाहर निकल गया। घर पर एक नोट छोड़ गया की मेने रुचिता आंटी को नहीं मारा मेरा इस क़त्ल में कोई हाथ नहीं है। पुलिस अधीक्षक ने बताया की उस बच्चे ने यह क़त्ल; मदहोशी और पागलपन में किया। उसको कुछ भी याद नहीं है। पुलिस में उसने पुरे २४ घंटे बाद आत्म समर्पण किया और इस २४ घंटों के दौरान उसने ९ बार खुद को मारने के प्रयास भी किये लेकिन सफल नहीं हुआ इसमे उसने पिछोला में कूड़ा, बड़ी तालाब में कूड़ा १२० की स्पीड से बाइक भी चलाई। यह सब उसने पागल; पण में किया। यह बचकानी कहानी पुलिस अधीक्षक ने बताई। अब जब इस कहानी से सेकड़ों विरोधाभासी सवाल खड़े हुए और लोग और मिडिया सवाल करने लगी तो [उलिस अधीक्षक और एनी पुलिस अधिकारी अपनी ही बात से पलट गए। आज रवीवार को पुलिस उपाधीक्षक गोपाल सिंह भाटी ने बताया की दिव्य कोठारी पागल नहीं है और खुद को बचाने के लिए एसा कर रहा है।
कल जब पुलिस अधीक्षक ने मीडिया को जो बताया था आज पुलिस उपाधीक्षक ने उसके बिलकुल विपरीत बताया। पुलिस खुद ही उलझ गयी है की अब खुद की बनाई हुई फ़िल्मी कहानी से कैसे पीछा छुडाए।

दिनदहाड़े महिला का हुआ मर्डर, पुलिस का शक महिला के पति पर

img_20161201_125749उदयपुर. शहर के शोभागपुरा स्थित एक अपार्टमेन्ट में ,अहिला की ह्त्या कर दी गयी। महिला की लाश फ्लेट के स्टोर रूम लहुलुहान पड़ी हुई थी। ह्त्या होने की सूचना महिला के पति केबी गुप्ता ने दी लेकिन पुलिस की शक की सुई पति पर ही जा रही है। ह्त्या के सुरागों की छान बीन कर पुलिस महिला के पति से पूछताछ कर रही है।

जानकारी के अनुसार, शोभागपुरा के द आर्बिट 1 अपार्टमेंट में रहने वाली रुचिता गुप्ता की लाश अपार्टमेंट के अंदर स्टोर में मिली। पुलिस के आला अधिकारी हत्याकांड की गुत्थी सुलझाने में जुट गए हैं। महिला के पति केबी गुप्ता ने बताया कि रुचि आरजेएस की तैयारी कर रही थी और वो खुद सीए और लॉ की तैयारी कर रहे हैं। सुबह रुचि दोनों बच्चों को स्कूल भेजने के बाद कोचिंग चली गई, उसके वह भी बाहर चला गया। वापस 11 बजे के करीब फ्लेट पर लौटा तो देखा बाहर से गेट खुला है, अंदर झांकने पर खून दिखा तो गार्ड को बुलाया और दरवाजे के अंदर जाकर देखा तो रुचि की खून से सनी लाश स्टोर में पड़ी है। हत्या सिर में भारी भरकम वस्तु के मारने से हुई है। हत्यारे के साथ काफी संघर्ष भी हुआ है जो हालात बयां कर रहे हैं। पति ने बताया कि रुचि कोचिंग गई थी और वापस आ गई। पुलिस ने पता किया तो रुचि जिस उदावत कोचिंग पर जाती थी वहां आज नहीं गई। पुलिस अपार्टमेंट के सीसीटीवी फुटेज खंगाल बच्चों से आसपडोस वालों से पूछताछ की।
पुलिस की पूछताछ में सामने आया की पति और पत्नी के बिच में अक्सर झगड़े हुआ करते थे। प्रथम द्रष्टाया पुलिस अधिकारियों को महिला का पति केबी गुप्ता पर शक हुआ है। शक के चलते पुलिस पति से पूछताछ करने थाणे ले कर आगई है। घटना से पुरे इलाके में सनसनी फ़ैल गयी है

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जानकारी के अनुसार रुचि अजमेर के केसरगंज की रहने वाली है उसकी 15 साल पहले कोटा निवासी केबी गुप्ता से लव मैरिज हुई तभी से उदयपुर में रह रहे थे। महिला का पति पहले फर्टिलाइजर कंपनी का जॉब भी करता था जो 2 महीने से छोड़ कर सीए और लॉ की तैयारी कर रहा था। इस हत्याकांड की खबर आग की तरह पूरे शहर में फैल गई। रुचि के रिश्तेदार और दोस्तों को जब उसकी हत्या का पता चला तो सभी मौके पर पहुंच गए। अपार्टमेंट में रहने वाले लोग भी दहशत में आ गए।

पेट्रोल महंगा और डीजल हुआ सस्‍ता, आधी रात के बाद लागू होंगी नई कीमतें

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नई दिल्‍ली। नोटबंदी से परेशान लोगों के लिए ये भी अच्छी खबर नहीं मानी जा सकती है। आम आदमी पर एक बार फिर महंगाई की मार पड़ी है। तेल कंपनियों ने पेट्रोल के दाम 13 पैसे महंगा और डीजल की कीमत 12 पैसे प्रति लीटर सस्ता करने की घोषणा की है। नए दाम मध्यरात्रि से प्रभावी हो गये है ।

पेट्रोल 13 पैसे महंगा और डीजल 12 पैसे सस्‍ता हो गया है। आधी रात के बाद पेट्रोल और डीजल की नई कीमतें लागू होंगी।

गौरतलब है कि देश की तीन बड़ी ऑयल मार्केटिंग कंपनियां इंडियन ऑयल, भारत पेट्रोलियम और हिंदुस्तान पेट्रोलियम कच्चे तेल के अंतरराष्ट्रीय मूल्यों के आधार पर ईधन कीमतों की हर 15 दिन पर समीक्षा करती हैं। कच्चे तेल की कीमतों आए उतार-चढ़ाव के आधार पर देश में पेट्रोल और डीजल की कीमतें तय की जाती हैं।

अगस्त महीने से अब तक कई बार बढ़ चुके हैं पेट्रोल के दाम

31 अगस्त को पेट्रोल की कीमत में 3.38 रुपए प्रति लीटर का इजाफा, 15 सितंबर को पेट्रोल डीजल की कीमतों में इजाफा, 1 अक्टूबर को पेट्रोल की कीमत में 58 पैसे प्रति लीटर की बढ़ोतरी, 15 अक्टूबर में भी पेट्रोल और डीजल के दाम बढ़ाए गए थे। पेट्रोल के दाम जहां 1.34 रुपए प्रति लीटर बढ़े थे तो डीजल के दाम में 2.37 रुपए का इजाफा किया गया था। वहीं 5 नवंबर को तेल कंपनियों ने पेट्रोल की कीमत 89 पैसे प्रति लीटर और डीजल की कीमत में 86 पैसे प्रति लीटर का इजाफा कर दिया था।

भ्रष्ट डॉक्टर को मिला एक वर्ष का कठोर कारावास

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उदयपुर . 9 साल पहले ग्रामीण से रिश्वत के एक मामले में भ्रस्टाचार निरोधक न्यायालय ने एक डॉक्टर को 400 रुपये की रिश्वत लेने के मामले में एक वर्ष का कठोर कारावास की सजा सुनाई है।
भ्रस्टाचार निरोधक की विशेष न्यायालय में पीठासीन अधिकारी सुनील पंचोली ने जनवरी २००७ के रिश्वत लेने के एक मामले में आरोपी रूप सिंह पिता किरोड़ी सिंह निवासी कोटवाड़ा टोडा भीम को दो धाराओं में एक एक वर्ष का कठोर कारावास और दो हज़ार रुपये की जुर्माना राशि जमा करवाने की सजा सुनाई है।
जानकारी के अनुसार २ जनवरी 2007 को बांसवाड़ा निवासी राजू निनामा भ्रस्टाचार निरोधक ब्यूरो के तत्कालीन डी एसपी के पास रूप सिंह चिकित्सा अधिकारी प्राथमिक स्वास्थ केंद्र माहि डेम की शिकायत लेकर गया था। शिकायत के अनुसार दो माह पहले उसकी पत्नी के स्वस्थ केंद्र में डिलीवरी हुई थी। जिसके एवज में सरकार की तरफ से मिलने वाली ७०० रुपये की राशि को वह लेने गया था। स्वस्थ केंद्र में ड्यूटी पर डॉक्टर रूप सिंह ने उससे 700 रुपये देने के लिए 400 रुपये की रिश्वत की मांग की थी। एसीबी द्वारा शिकायत की पुष्ठि होने के बाद भ्रस्टाचार की टीम ने डॉक्टर रूप सिंह को ५ जानवी को 400 रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार किया था। उक्त मामले में आज डॉक्टर को भ्रष्टाचार अधिनियम 1988 के तहत धारा 7 में दो हज़ार का जुर्माना और एक वर्ष का कठोर कारावास तथा धारा 13  (1) (D) सहायक धारा 13 (2) के तहत एक वर्ष का कारावास और २ हज़ार रुपये जुर्माना की सजा सुनाई गयी है। दोनों सजाएं एक साथ चलेगी। इस पुरे मामले में लोक अभियोजक गणेश चंद्र तिवारी ने पैरवी की है उन्होंने १५ गवाह और ३६ दस्तावेज कोर्ट को पेश किये जिसके मद्दे नज़र भ्रष्ट डॉक्टर को सजा हो पायी।

ये 5 घरेलु उपाय आपके पेट की चरबी कम कर सकते है !

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उदयपुर । ​पेट की चरबी कम करने के घरेलु उपाय – अगर आप भी शरीर में बढ़ गए चर्बी से परेशान हैं तो आजमाइए कुछ नुस्खे और कुछ ही दिनों में बाहर निकले तोंद और शरीर के अलग-अलग हिस्सों में जमी चर्बी को कम कर मोटापा को कहिए अलविदा.

चलिए देखते है पेट की चरबी कम करने के घरेलु उपाय –

1 – खीरे का जूस

रोज रात को सोने से पहले खीरे का जूस पीना काफी फायदेमंद साबित होता है खीरा का जूस फेट को बढ़ने नहीं देता इसमें 96% पानी और फाइबर पाया जाता है.

2 – नींबू पानी

नींबू पानी मोटापा कम करने मे काफी कारगर सिद्ध होता है. रोज रात को खाने के बाद एक गिलास गुनगुने पानी में नींबू का रस मिलाकर पीने से मोटापा बहुत जल्दी कम होता है. अगर जल्द मोटापा कम करना चाहते हैं, तो खाने के बाद जब भी पानी पिएं गुनगुने पानी में नींबू का रस निचोड़ कर पिएं. इससे शरीर की एक्स्ट्रा कैलरी बर्न होती है.

3 – अदरक का रस

एक गिलास गुनगुने पानी में 10 बूंद अदरक का रस, एक चम्मच शहद और आधा नींबू निचोड़ कर पीने से मोटापा कम करने में काफी मदद मिलता है.

4 – एलोवेरा जूस

एलोवेरा का जूस चर्बी घटाने में रामबाण की तरह काम करता है. हर रोज एक गिलास एलोवेरा का जूस पीना काफी फायदेमंद साबित होता है.

5 – शहद

एक गिलास गुनगुने पानी में दो से तीन चम्मच शहद मिलाकर पीना इम्यून सिस्टम को बूस्ट करने के साथ-साथ मोटापा को कम करने में भी कारगर सिद्ध होता है.

ये है पेट की चरबी कम करने के घरेलु उपाय – इस तरह के नुस्खे मोटापा कम करने के साथ-साथ शरीर के और भी बीमारियों को कम करने में मददगार साबित होता है. ये ऐसे नुस्खे हैं, जिन्हें अमल करना काफी आसान है.

इनके सेवन के साथ-साथ थोड़ी बहुत एक्सरसाइज भी करनी चाहिए.