राजस्थान पुलिस बेड़े में बड़ा बदलाव, एसीबी डीजी और आईजी का ट्रांसफर,

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Untitled-1436899247-1446458482जयपुर, राजस्थान सरकार ने पुलिस बेड़े में अप्रत्याशित और चौंकाने वाला बड़ा फेरबदल किया है। सरकार ने एक आदेश जारी कर भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो के महानिदेशक नवदीप सिंह का तबादला कर दिया है।  नवदीप सिंह को तत्काल प्रभाव एसीबी से हटाकर डीजी होमगार्ड के पद पर लगाया है।

इसी तरह से ब्यूरो में महानिरीक्षक पद संभाल रहे हवा सिंह घुमारिया को भी एसीबी से हटाकर महानिरीक्षक विशेष अपराध एवं आर्थिक अपराध शाखा सीबी-सीआईडी के पद पर लगाया है।  एडीजी भूपेंद्र सिंह दक को फिलहाल के लिए एसीबी डीजी का अतिरिक्त चार्ज सौंपा गया है। सरकार ने तीसरा और महत्वपूर्ण बदलाव करते हुए महानिदेशक गृह रक्षा जसवंत सम्पतराम का तबादला कर उन्हें अध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशक राजसीको लगाया गया है। कार्मिक विभाग ने तबादला आदेश जारी कर इन सभी अधिकारियों को तुरंत प्रभाव से अपने विभाग छोड़कर नए पद पर कार्य ग्रहण करने के आदेश दिए हैं।

इसलिए हटाया डीजी एसीबी नवदीप सिंह को 

सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक़ केंद्रीय गृह मंत्रालय को एसीबी डीजी नवदीप सिंह के खिलाफ भ्रष्टाचार की शिकायतें मिली थी। जिसके बाद इस बदलाव को हरी झंडी दी गई है।

बताया जा रहा है कि शिकायतों की जांच करने के संबंध में गृह मंत्रालय के डिप्टी सेक्रेट्री (पुलिस) जीसी यादव ने राज्य के मुख्य सचिव को एक पत्र भेजा है।

पत्र में मंत्रालय को मिली शिकायत पर उचित कार्रवाई कर इसकी जानकारी न केवल शिकायतकर्ता को देने बल्कि मंत्रालय को भी भिजवाने के निर्देश दिए गए हैं।

गृह मंत्रालय ने चिट्ठी के साथ श्रीगंगानगर जिले के भाजपा भ्रष्टाचार विरोधी मंच के शमशेर की उस शिकायत को भेजा है जो गृह मंत्री राजनाथ सिंह को भेजी गई थी। शिकायत में शमशेर ने पार्टी एवं मुख्यमंत्री की छवि में लगातार आ रही गिरावट को रोकने के लिए नवदीप सिंह एसीबी के डीजी पद से हटाने की मांग की गई थी।

शिकायतकर्ता ने लिखा है कि अजमेर नगर सुधार न्यास के पूर्व चेयरमैन नरेश साहनी के रिश्वत प्रकरण में एफआर सहित आधा दर्जन मामलों में नवदीप सिंह की भूमिका पर सवाल उठाए हैं।

इसमें बताया गया है कि किस तरह से भ्रष्टाचारियों से सांठगांठ करके उन्हें रियायत देने की कोशिश हो रही है। शिकायतकर्ता ने एसीबी के खिलाफ हाईकोर्ट की ओर से समय-समय पर की गई टिप्पणियों का भी हवाला दिया गया है।

उदयपुर से आठ नई उड़ानें शुरू

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उदयपुर. दिल्ली व मुंबई के लिए इंडिगो एयरलाइंस की उड़ान सेवा रविवार से शुरू हो गई। इसके तहत चार उड़ान मुंबई-उदयपुर के बीच और चार उड़ान दिल्ली से उदयपुर के बीच निर्धारित की गई है। सवा घंटे में उदयपुर से दिल्ली पहुंच सकेंगे और एक घंटे में दिल्ली से उदयपुर। इसी तरह  डेढ़ घंटे में उदयपुर से मुंबई और उतने समय में मुंबई से उदयपुर जा सकेंगे। इंडिगो एयरलाइंस ने 1 अक्टूबर से ही विमानों की टिकट व कारगो बुकिंग शुरू कर दी थी। कंपनी ने चारों जहाज बोइंग-320 शुरू किए हैं। प्रत्येक में 180 यात्रियों के बैठने की क्षमता है। देशी-विदेशी पर्यटकों के आगमन के सीजन में चार नए विभाग चलने से 720 हवाई यात्री अधिक सफ र कर सकेंगे। उदयपुर रूट पर विमानों का संचालन करने वाली इंडिगो चौथी कंपनी है। इससे पहले एयर इंडिया, जेट एयरवेज और स्पाइस जेट कंपनियों की उड़ानें महाराणा प्रताप एयरपोर्ट से संचालित हैं।

यह है समय सारिणी

विमान संख्या-कहां से कहां तक- उड़ान का समय- अवतरण का समय-किराया

6ई 746- दिल्ली- उदयपुर-8.25-9.45-2699

6ई 747- उदयपुर-दिल्ली-2.20-3.35-2699

6ई 751-दिल्ली-उदयपुर-1.40-2.45-2699

6ई 752- उदयपुर-दिल्ली-शाम 7.40-शाम 8.40-2699

6ई 749-मुंबई-उदयपुर-12.25-1.50-2699

6ई 748- उदयपुर-मुंबई-10.15-11.40-2699

6ई 764- मुंबई-उदयपुर-शाम 5.20- शाम 6.50-2699

6ई 753- उदयपुर-मुंबई-3.15-4.35-2699

ऐश्वर्या बीएड कॉलेज में नवआगन्तुक छात्रों का स्वागत

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उदयपुर । ऐश्वर्या शिक्षक प्रशिक्षण महाविद्यालय के नवआगन्तुक विद्यार्थियों का पाँच दिवसीय अभिनवन कार्यक्रम का शुभारंभ 26 अक्टूबर से 30 अक्टूबर 2015 तक आयोजित किया गया। प्राचार्य डॉ. कय्यूम अली बोहरा ने बताया कि अभिनवन कार्यक्रम के मुख्य अतिथि मुरली मनोहर शर्मा, सेवानिवृत सह -निदेशक एस.आई.ई.आर.टी. थे। उन्होंने नवआगन्तुक विद्यार्थियों को कहा कि- वह व्यक्तितव का विकास करे एवं उसे अभिव्यक्त करे, अपने उद्देश्यों को स्पष्ट रखे, अपनी प्रतिभा को पहचान कर उसका सदुपयोग करे। विद्यार्थी स्वयं में परिवर्तन लाए जिससे समाज अपने आप बदलेगा। अपनी प्रतिभा को पहचान कर समाज का नवनिर्माण करें, अवसरों का लाभ प्राप्त करें, निराशा का त्याग करें, सृजनात्मकता लाए, स्वयं में सकारात्मक सोच विकसित कर स्व-सीखने की प्रवृति विकसित करें।
अभिनवन कार्यक्रम में विद्यार्थियों के लिए परिचय सत्र, खोज एवं प्रतिभा सत्र, वाद-विवाद प्रतियोगिता, टेलेन्ट ऑडिशन आदि मनोरंजक कार्यक्रम रखे गए एवं नवाचार तकनीक ;च्च्ज्द्ध का प्रयोग करते हुए छात्राध्यापकों को दो वर्ष तक होने वाले वर्षपर्यन्त शैक्षिक व सह-शैक्षिक गतिविधियों से अवगत कराया गया।
बी.एड में नवआगन्तुक छात्राध्यापकों का पाँच दिवसीय अभिनवन कार्यक्रम का समापन शुक्रवार 30 अक्टूबर को रखा गया, स्मृति चिन्ह पूर्व छात्र मोहन लाल मीणा ने एवं धन्यवाद की रस्म श्रीमती मोनिका भादवीया द्वारा प्रदान की गई ।

डॉक्टरों की लापरवाही से महिला को सड़क पर हुआ प्रसव

IMG_0472

IMG_0471उदयपुर। अदालत ने गुरूवार को न्यायालय आदेश की अवमानना प्रकरण में निर्णय देते हुए तत्कालिन नगर विकास प्रन्यास अध्यक्ष सहित तीन जनों को दो माह के कारावास की सजा सुनाई।
प्रकरण के अनुसार परिवादी दया लाल चौधरी ने अदालत में परिवाद दिया था कि उसके पिता धनराज चौधरी का सवीना में तीस गुणा बीस वर्ग फिट का एक भूखण्ड है जिसको अवैध निर्माण बताते हुए यूआईटी निर्माण नहीं करने दे रही थी जिस पर २६ जुलाई २००३ को परिवादी अदालत से स्थगन आदेश लेकर आया। अदालत के निर्णय के विरूद्घ यूआईटी ने जिला सत्र न्यायालय में अपील दायर की जहां से न्यायालय ने निचली अदालत के निर्णय को यथावत रखते हुए यूआईटी की अपील खारिज कर दी। परिवादी ने न्यायालय को बताया कि यूआईटी ने अदालत के आदेश की अवमानना करते हुए १४ जून २००६ को उक्त भूखण्ड पर निर्मित एक एसटीडी बूथ, बाउण्ड्रीवाल एवं एक कोटडी को जबरन ध्वस्त कर दिया था। परिवादी ने इस मामले में तत्कालिन यूआईटी अध्यक्ष शिव किशोर सनाढय, यूआईटी सचिव उज्जवल राठौ$ड तथा तत्कालिन कार्यवाही तहसीलदार मुकेश जानी, जिला कलेक्टर शिखर अग्रवाल, एडीएम सिटी राजीव जैन तथा तत्कालिन सहायक आयुत्त* देवस्थान मुकेश बारहठ को मुल्जिम बनाया।
अदालत ने आज अपने पै*सले में यूआईटी अध्यक्ष सनाढय, सचिव राठौड तथा कार्यवाही तहसीलदार जानी को मामले में दोषी करार देते हुए दो माह के सिविल कारावास की सजा सुनाई। शेष तीन को दोषी नहीं मानते हुए बरी कर दिया।

पूर्व यूआईटी अध्यक्ष सहित तीन को २ माह का कारावास

imagesउदयपुर। अदालत ने गुरूवार को न्यायालय आदेश की अवमानना प्रकरण में निर्णय देते हुए तत्कालिन नगर विकास प्रन्यास अध्यक्ष सहित तीन जनों को दो माह के कारावास की सजा सुनाई।
प्रकरण के अनुसार परिवादी दया लाल चौधरी ने अदालत में परिवाद दिया था कि उसके पिता धनराज चौधरी का सवीना में तीस गुणा बीस वर्ग फिट का एक भूखण्ड है जिसको अवैध निर्माण बताते हुए यूआईटी निर्माण नहीं करने दे रही थी जिस पर २६ जुलाई २००३ को परिवादी अदालत से स्थगन आदेश लेकर आया। अदालत के निर्णय के विरूद्घ यूआईटी ने जिला सत्र न्यायालय में अपील दायर की जहां से न्यायालय ने निचली अदालत के निर्णय को यथावत रखते हुए यूआईटी की अपील खारिज कर दी। परिवादी ने न्यायालय को बताया कि यूआईटी ने अदालत के आदेश की अवमानना करते हुए १४ जून २००६ को उक्त भूखण्ड पर निर्मित एक एसटीडी बूथ, बाउण्ड्रीवाल एवं एक कोटडी को जबरन ध्वस्त कर दिया था। परिवादी ने इस मामले में तत्कालिन यूआईटी अध्यक्ष शिव किशोर सनाढय, यूआईटी सचिव उज्जवल राठौ$ड तथा तत्कालिन कार्यवाही तहसीलदार मुकेश जानी, जिला कलेक्टर शिखर अग्रवाल, एडीएम सिटी राजीव जैन तथा तत्कालिन सहायक आयुत्त* देवस्थान मुकेश बारहठ को मुल्जिम बनाया।
अदालत ने आज अपने पै*सले में यूआईटी अध्यक्ष सनाढय, सचिव राठौड तथा कार्यवाही तहसीलदार जानी को मामले में दोषी करार देते हुए दो माह के सिविल कारावास की सजा सुनाई। शेष तीन को दोषी नहीं मानते हुए बरी कर दिया।

उदयपुर में आदित्य बिरला ग्रुप के प्लेनेट फैशन शोरूम का भव्य शुभारभ

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उदयपुर | झीलों की नगरी उदयपुर में आदित्य बिरला  ग्रुप की चेन प्लेनेट फैशन के  पहले शोरूम शुभारम्भ  रविवार  अशोक नगर में रोड पर हुआ ।
शुभारभ के पहले दिन शहर के गणमान्य उद्योगपति और नागरिकों के आलावा शोरूम पर ग्राहकों की खासी भीड़ रही । शोरूम का उद्घाटन मुख्य अतिथि विहान नोवाल द्वारा किया गया  । शोरूम के प्रोप्राइटर शुभम शर्मा व ज्योतिर्विद और वास्तुशास्त्री कल्पना शर्मा ने बताया कि शोरूम पर कम्पनी के सभी प्रमुख आठ ब्रांड उपलब्ध रहेंगे । ब्रांड में विशेष रूप से लिनन , एलेन सोली , लुइ फ्लिप , वेन हुसेन ,लिवाइस आदि ब्रांड के उत्कृष्ट उत्पाद की सम्पूर्ण  रेंज उपलब्ध हे  । फेस्टीवल सीजन में शोरूम पर ग्राहकों के लिए कई सारे ऑफर उपलब्ध हे इनमे 6500 की खरीद पर ग्राहक को मात्र 5000  रुपयों का  ही भुगतान करना पड़ेगा।  वही 10,000 की खरीद पर ग्राहक को मात्र 7500  रुपयों का  ही भुगतान करना पड़ेगा , साथ में खरीदी करने वाले गाहक को आकर्षक बेग  उपहार  में दिया जाएगा ।

‘सुकून’ की हेल्पलाईन सेवा 9828073690 जारी

sukoon logoउदयपुर | खारोल कोलोनी स्थित ‘सुकून’ ने हेल्पलाईन सेवा 9828073690 शुरु की है। जिस पर फोन करके कोई भी जरुरतमंद व्यक्ति या संस्था कुछ भी उपयोगी सामान निःषुल्क प्राप्त कर सकता है।
‘सुकून’ के फाऊंडर सम्पत बापना ने बताया की पिछले एक़ वर्ष से लगभग 20-25 स्वेच्छिक सेवाभावी साथीयों के साथ हम यह कार्य कर रहे हे, दीपावली पर लोग घर एवं आफीस से अनेकों काम में आने लायक नये-पुराने उपयोगी सामान कपड़े, जुते, किताबे, फर्निचर, इलेक्ट्रोनिक सामान, वॉकर, साइकिल, वाहन, बर्तन, आर्टिफिशल ज्वेलरी, टॉयस, पर्स, सिलाई मशीन, चश्में, बेल्ट, घड़ी, तस्वीरें, म्यूजिकल इन्स्ट्रूमेन्ट, पर्दे, गैस चूल्हा, खेल सामग्री, चार्जर, मोबाईल, कम्प्यूटर, प्रिंटर, पेनड्राईव, कम्बल, दरी, रजाई, बिस्तर, गिफ्ट आर्टिकल, धार्मिक किताबें, मेग्जीन, स्टेशनरी, सेनेट्री या हार्डवेयर सामान, कोठी या ड्रम, खेतीबाड़ी बागवानी का सामान, औजार, मषीन, टुल्स इत्यादि कई उपयोगी सामान ‘सुकून’ सेंटर आकर गिफ्ट कर रहे है। महंगी उपयोगी वस्तुएं देने वाले ये लोग कहते है कि आपके यहां से किसी जरुरतमंद को यह सामान निःषुल्क मिल जाता है तो इससे हमें भी सुकून मिलता है।
सम्पत बापना ने बुद्विजीवी लोगो से भी आग्रह किया है कि आपके घर एवं आफीस के आस पास या गांव मे कोई भी जरुरतमंद व्यक्ति या संस्था को किसी भी सामान की जरुरत दिखाई पड़े (दवाईयां एवं पैसे के अलावा क्योंकि हम दवाई एवं पैसे किसी से लेते ही नहीं है।) तो ऐसे व्यक्तियों की जानकारी नाइन एट टु एट जीरो सेवन थ्री सिक्स नाइन जीरो द्वारा कभी भी सुबह से शाम बिना किसी अवकाश के हम तक पहुंचाकर इस देशव्यापी मिशन का हिस्सा बनकर सुकून के भागीदार जरुर बनें।

नन्हें कलाकारों ने दिखाया हुनर

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उदयपुर। जिस कला को सिखने और पारंगत होने में कलाकारों को वर्षों मेहनत और अभ्यास की जरूरत होती है, उसी कला को चंद घंटों में कलात्मकता को साकार कर नन्हे बच्चों ने अपना हुनर दिखाया और आकर्षक कलाकृति एक दिन की कार्यषाला में पहली बार में ही तैयार कर दिखाई। मौका था सेन्ट्रल पब्लिक स्कूल में इंटेक (इंडियन ट्रस्ट फॉर आर्ट एंड कल्चरल हैरिटेज) उदयपुर चैप्टर की ओर से विरासत जागरूकता कार्यषाला के आयोजन का।
भावी पीढ़ी युवाओं ने लगन और तल्लीनता से टेराकोटा से भगवान गणेष की मूर्ति को आकार दिया वहीं पिछवाई कला में अपनी नन्हीं कूचियों से श्रीनाथ जी का रूप साकर किया। वर्तमान पीढ़ी को प्राचीन विरासत से रूबरू कराने एवं पारंपरिक कलाओं के संरक्षण हेतु उन्हें जागरूक करने के उद्देष्य से आयोजित इस कार्यषाला में महाराणा मेवाड़ पब्लिक स्कूल, सीपीएस, आलोक संस्थान एवं सेट ऐन्थॉनी सी.सै.स्कूल के कुल 80 स्टूडेंट्स ने पद्मश्री मोहन लाल कुम्हार, राजा राम शर्मा एवं राजेष वैष्णव के सानिघ्य में नाथद्वारा के मुलेला गांव की प्रसिद्ध टेराकोटा कला , पिछवाई एवं जल सांझी कला को सीखा और उसकी बारीकियों को समझा। कार्यषाला के उद्घाटन सत्र को संबोधित करते हुए मुख्य वक्ता वरिष्ठ साहित्यकार डा. महेन्द्र्र भानावत, इंटेक छत्तीसगढ़,रायपुर के राज्य संयोजक ललित सुरजन चित्रकार डा.शैल चोयल ने ने अपने व्यक्तव्य में पांरपरिक कलाओं को संरक्षित करने पर जोर देते हुए युवाओं को इस क्षेत्र में अपना योगदान देने का आह्वान किया। इंटेक के स्थानीय संयोजक एस.के.वर्मा ने स्कूलों में हैरिटेज क्लब गठित करने पर सीपीएस की डायरेक्टर अल्का शर्मा को विद्यार्थियों के लिए विरासत जागरूकता कार्यक्रम आयोजित करने पर आभार जताया। इस अवसर पर बच्चों द्वारा बनाई गई टेराकोटा की सर्वश्रेष्ठ कृतियों में सीपीएस की मंजू देवासा, अवनी पंड्या, उर्वषी, दीप पांचाल, महाराणा मेवाड़ पब्लिक स्कूल की वर्तिका राठी एवं आलोक सी.सै. स्कूल हिरन मगरी की रितिका भानू का चयन किया गया। वहीं पिछवाई पेंटिग में सीपीएस की ओसिन शर्मा, आयुष बंसल, सेंट एन्थोनी सी.सै. स्कूल के दिव्यराज सिंह राठौड़ एवं आलोक सी.सै. स्कूल के रोहित प्रजापत की कृतियों सर्वश्रेष्ठ रही। कार्यषाला में सीपीएस की डायरेक्टर अल्का शर्मा ने आभार व्यक्त कर स्कूली बच्चों एवं संस्थाओं को विरासत से जुड़े रहने और उनके संरक्षण पर कार्य करने पर बल दिया। उन्होंने रॉक वुड हाई स्कूल में भी हेरिटेट क्लब गठन कर विरासत संरक्षण हेतु कार्य करने का निर्णय लिया।

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उदयपुर – हवाई अड्डे पर वन्यजीवों को पकड़ने पिंजरा लगाया गया

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उदयपुर,  महाराणा प्रताप हवाई अड्डे पर विमानों एवं यात्रियों की सुरक्षा के मद्देनज़र वन विभाग द्वारा वन्य जीवों को पकड़ने के लिए एयरपोर्ट परिसर में संवेदनशील स्थान पर पिंजरा लगा दिया गया है जिससे कि सियारों को पकड़ कर दूर वन क्षेत्र में छोड़ा जा सके।

सहायक वन संरक्षक लायक अली खान ने एयरपोर्ट के अधिकारियाें के साथ रनवे एवं उसके आस-पास के क्षेत्र का स्थिति का जायजा लिया और इसके बाद यह प्रबंध किया गया।

इस बारे में सोमवार को हुई एयरपोर्ट पर्यावरण समिति की बैठक में भी एयरपोर्ट परिसर की सीमा से सियारों को बाहर करने एवं अंदर प्रवेश रोकने के मुद्दे पर विस्तृत चर्चा हुई। इसमें एयरपोर्ट के अधिकारियों को विमान के उड़ान भरने से पहले विशेषकर रात्रि के समय रनवे को चैक करने की सलाह दी गई।

उल्लेखनीय है कि पिछले दिनों महाराणा प्रताप हवाई अड्डे के रनवे पर जेट एयरवेज के विमान से उड़ान भरते समय एक सियार के टकरा जाने से विमान की इमरजेंसी लेण्डिंग करनी पड़ी थी और इससे एक बड़ा हादसा टल गया था। 

उल्लेखनीय है कि हवाई अड्डे की सीमा में बड़ी-बड़ी घास, ड्रेन, निर्माणाधीन रडार के लिये खोदे गये पिट एवं कुछ प्राकृतिक चट्टानों जैसी अनुकूल आवासीय परिस्थितियां पाये जाने के कारण संभवतया सियारों ने यहां अपना बसेरा बना लिया है जो रात्रिचर होने के कारण दिन में छुपे रहते हैं तथा सूर्यास्त होते ही बाहर निकलकर कई बार रनवे पर आ जाते हैं जिससे विमान दुर्घटना की संभावना बनी रहती है।

एयरपोर्ट के अधिकारियों से सूचना प्राप्त होने पर जिला प्रशासन एवं वन विभाग द्वारा इस स्थिति को गम्भीरता से लिया गया। वन विभाग की टीम द्वारा मौके पर पहुंच निरीक्षण किया गया। इसके बाद यह कार्यवाही की गई।

कर्बला के शहीदों को सलाम

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उदयपुर। हजरत मोहम्मद साहब के नवासे हजरत इमाम हुसैन और कर्बला में शहीद हुए तमाम शहीदों की याद में शनिवार को योमे आशूरा अकीदत और रंजो गम के साथ मनाया गया और शहर भर में ताजियों के जुलुस दो चरण में निकाले गए सुबह और शाम को निकलने वाली ताजियों की सवारी में अपार जन समूह उमड़ा।
शनिवार को ‘या हुसैन-या हुसैन’ की सदाओं के बीच ताजियों का जुलुस अपार जान समूह के साथ निकाला गया। मुहर्रम की दस तारीख को योमे आशुरा मनाया जाता है, ताजियों का जुलुस दो चरण में निकाला गया जिसमे सुबह १० बजे से शहर के सभी मुस्लिम मोहल्लों के के करीब २० ताजिये व् कई छोटी बड़ी मेह्न्दियों का जुलुस हाथीपोल हर्वेन जी के खुर्रे से रवाना हुआ सब से आगे महावत वाड़ी के ताजिये थे उसके बाद सिलावट वाड़ी, कल्ले सात , आदि कई मोहल्लों के सजे धजे ताजिये थे अबरक से बना ताजिया आकर्षण का केंद्र रहा, ताजियों की सवारी पुरे जोश खरोश , और या हुसैन या हुसैन की मातमी गुंजों के साथ आगे बड़ा साथ में युवा ढोल नगाड़ों पर मातमी ताल बजाते चल रहे थे ।
घंटा घर पर घेरा बना कर कई देर तक युवाओं ने या हुसैन या हुसैन कर मातम मनाया जुलुस घंटा घर से गणेशा घाटी होता हुआ पांडू वाड़ी पंहुचा जहा पर ताजियों और मेह्न्दियों को झीलों में ठंडा ना कर के पानी का छींटा दे कर वापस ले आये ।
शाम को शुरू हुआ बड़े ताजियों का दुसरा चरण जिसमे अकीदतमन्द भारी संख्या में मोजूद रहे । दुसरे चरण के ताजियों के लिए तीनों बड़े ताजियों के अलग अलग खंड जुलुस के रूप में १ बजे से तीज के चोक में लाना शुरू हो गए अलीपुरा, बड़ी पलटन, और ढोली बावड़ी के बड़े ताजिये तीज के चोक में जमा होकर वही सरे खंड जमाये गए और करीब ४ बाजे वहां से ताजियों का जुलुस निकला गया तिन बड़े ताजियों के साथ विभिन्न मोहल्लों के छोटे ताजिये भी थे ।

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सबसे आगे धोलीबावड़ी के ताजिये जिसको अलनावाज़ कमिटी के युवाओं ने अपने कंधों पर उठा रखा था सर पर सबके सफ़ेद रुमाल बंधा हुआ और सब युवा या हुसैन के नारों के साथ ताजियों को आगे ले कर बड़ा रहे थे साथ में माइक पर नात और मर्सियाह भी पड़ा जारहा था । धोली बावड़ी के बड़े ताजिये अपने आप में एक कारीगरी और आर्ट का नमूना थे ताजियों पर बड़ी बारीकी से पेपर और सुनहरी पन्नी और थर्मा कोल का खुबसूरत काम किया गया था।
दुसरे न. पर अलीपुरा के ताजिये थे उनको भी स्थानीय युवाओं ने बड़े करीने से काँधे पर उठा रखा था और सबसे आखिर में बड़ी पलटन के बड़े ताजिये थे, सभी ताजिये भडभुजा घटी बड़ा बाजार घंटा घर जगदीश चोक होते हुए रात ८ बजे तक लाल घाट स्थित कर्बला पहुचे जहाँ ताजियों को पानी का छींटा दिया गया ।
इस बिच बड़ा बाजार स्थित चिल्ले की मस्जिद पर ताजियों का मुकाम रुकवा कर सभी रोजदारों का रोजा खुलवाया गया और जगदीश चोक में विहंगम द्रश्य देखने को भरी जन सैलाब उमड़ा अन्धेरा होते ही सभी ताजिये आकर्षक रौशनी से जगमगा उठे ।
झीलों में ताजिये ठन्डे नहीं किये :
झीलों के बचाव के लिए न्यायालय आदेश के अनुसार इस बार समुदाय और समाज की कमेटियों ने तय किया था कि झीलों में ताजिये ठण्डे नहीं किए जाएंगे। इसके लिए जिला प्रशासन पहले ही समाज के प्रतिनिधियों से बैठककर चुका है। सुबह और शाम को जुलुस के साथ लाये गए ताजिये भी झील में ठण्डे होने के बजाय पानी का छींटा लगाकर वापस ले आए।
मन्नतें उतारी :
दुसरे चरण की सवारी में बड़े ताजियों पर कई लोगों ने अपनी मन्नतें उतारी तो कई यों ने मन्नते ली , कोई ताजियों के आगे लोटा तो कोई अपने बच्चे को लेकर ताजियों के निचे से निकला , जगह जगह महिलाओं ने फूल के सेहरे और नारियल पेशा किये ।
हर जगह सबिले लगायी गयी थी जिसमे शरबत चाय , पानी , हलवा , आइस क्रीम , पुलाव हलिम आदि खिलाये गए , हलिम तो शाम होते होते हर मुस्लिम मोहल्ले की हर गली में बनता हुआ दिखाई दिया ।