जावर क्षेत्र में ग्रामीण महिला सशक्तिकरण की मिसाल बनी तारा और कमला हिंदुस्तार जिंक की सखी परियोजना से जुड़कर परिवार के लिए बनी सबला

जावर क्षेत्र में ग्रामीण महिला सशक्तिकरण की मिसाल बनी तारा और कमला
हिंदुस्तार जिं़क की सखी परियोजना से जुड़कर परिवार के लिए बनी सबला

उदयपुर जिले से मात्र 40 किलोमीटर दूर स्थित जावर ग्रामीण क्षेत्र में आता है जहा संचालित हिन्दुस्तान जिं़क की जावर माइंस अपने क्षेत्र के आस पास ग्रामीण विकास कार्यक्रमों से स्थानीय समुदाय को लाभान्वित कर रहा है। समाजिक विकास के कार्यक्रमों के तहत् हिन्दुस्तान जिं़क द्वारा संचालित की जा रही सखी परियोजना से जुड़कर परिवार का आर्थिक संबंल बनी तारा देवी और कमला मीणा महिला सशक्तिकरण की मिसाल है। हिन्दुस्तान जिंक के सखी अभियान से जुडकर स्वावलम्बी और आत्मनिर्भर बन चुकी सखी महिलायें कोराना महामारी के बीच परिवार की आर्थिक स्थिति में कंधे से कंधा मिला कर सहयोग कर रही है। सिलाईं के प्रशिक्षण के बाद वर्तमान समय में मास्क का उत्पादन हो या स्वरोजगार के लिए स्वयं का किराना या चाय की हाॅटल का व्यवसाय जावर के ग्रामीण क्षेत्र में ये ये महिलाएं कही पिछे नहीं है। इन्हें गर्व है कि वे अपने कौशल के बलबूते पर परिवार की समृद्ध आर्थिक ईकाई के रूप में अलग पहचान बना रही है।

तारा देवी अब आत्मनिर्भर स्वर में आत्मसम्मान के साथ बताती है कि सखी परियोजना से जुड़ने से पहले परिवार की मासिक आय से परिवार के पालन पोषण और बच्चों की पढाई में बहुत सारी समस्याओं का सामना करना पड़ता था। कई बार पति द्वारा अर्जित की गयी मजदूरी और कर्ज पर निर्भर रहना मजबूरी थी। लेकिन आज वे किसी अन्य पर आश्रित नही है। वर्ष 2016 मंे हिन्दुस्तान जिंक द्वारा मंजरी फाण्डेषन के सहयोग से संचालित सखी परियोजना में स्वयं सहायता समूह से जुड़कर बचत का महत्व समझ आया। समूह से ऋण लेकर घर के समीप ही चाय की दुकान शुरू की। इस स्वरोजगार से ना सिर्फ जल्द ही समूह का ऋण चुकता किया बल्कि अब तो घर की आवश्यकता की वस्तुएं भी खरीदी जा सकी है।
चाय की दुकान के सफल संचालन के साथ उसमें अन्य बिक्री योग्य सामग्री प्रसाद, नारियल अगरबत्ती भी रखना शुरू कर दिया जिससे परिवार की आवश्कता के लिए पर्याप्त आय प्रारंभ होने लगी है। अब तारा देवी गर्व से कहती है कि मैं अपने परिवार की आर्थिक रूप से सबला होने के साथ ही जरूरी मामलों में राय और फैसलों से खुश हूं।

इसी तरह कभी घर से बाहर के कार्यो के प्रति संकोच रखने वाली कमला मीणा हिन्दुस्तान ंिजं़क के सखी समूह से जुड़ने से पूर्व बचत और स्वरोजगार से अनभिज्ञ थी। किसी भी कार्य को करने के लिए स्वंतत्र रूप से निर्णय लेना संभव नही था। समूह से जुड़कर 20 रूपयों से शुरूआत करने वाली कमला मीणा की बचत बढ़ने के बाद उन्होंने समूह से ऋण लेकर स्वयं की कराने की दुकान की शुरूआत की साथ ही सिलाई मशीन भी खरीदी। कमला देवी वर्तमान में उत्साह के साथ अपनी बात साझा करते हुए कहती है कि जिंक के सखी अभियान से जुडकर आज वे सुखी और समृद्ध जीवन जीने के बुंलद हौसंले के साथ परिवार का सहयोग कर रही है।
सखी अभियान ने महिलाओं को समाज की मुख्य धारा से जोड़ा
जावर माइंस क्षेत्र में सखी परियोजना विगत 4 वर्षो से हिन्दुस्तान ज़िंक द्वारा मंजरी फाउण्डेषन के सहयोग से क्रियान्वित की जा रही है। वर्तमान में सखी परियोजना जावर माइंस क्षेत्र के आस पास के 12 ग्राम पंचायत के 26 गाॅवों में संचालित है। जिसमंे कुल 394 स्वयं सहायता समूहों के माध्यम से 5071 ग्रामीण महिलाएॅ सम्मिलित है। जो आज परिपक्व हो कर 30 ग्राम संगठनों से जुड गयी है, फलस्वरूप एक नये स्तर पर इन ग्राम संगठनों को सखी फेडरेषन के रूप में नई पहचान मिली है। अब तक सखी महिलाओं द्वारा 1.35 करोड रूपये की बचत सुनिश्चित हुई है महिलाओं द्वारा ऋण के रूप में 5.19 करोड़ रूपयों का लेनदेन किया जा चुका है जिसका समय पर पुर्नभुगतान इनके आर्थिक अनुशासन का परिचायक है जिसका मूल उद्धेश्य आजीविका सृजन है।
हिन्दुस्तान जिंक ने सखी अभियान से महिलाओं को समाज की मुख्य धारा से जोडने का अनुकरणीय कार्य किया है। हिन्दुस्तान जिंक अपने सामाजिक सरोकार के तहत महिलाओं को आत्म निर्भर बनाने के लिए विगत 14 वर्षों से ग्रामीण क्षेत्र की महिलाओं का स्वंय सहायता समूह बनाकर उनक रूचि एवं आवश्यकता आधारित प्रशिक्षण देकर समाज में अपनी अलग ही पहचान दिलाने का अनुठा प्रयास कर रहा है। फलस्वरूप इस अभियान से जुडी महिलाओं में अदम्य विश्वास मुखरित हुआ है। आज वे आत्मनिर्भर बनकर परिवार की आर्थिक समृद्धि को निरंतर गति दे रही है।

गाँव में संचालित हो रहे मिनी बैंक की शाखा पर प्रश्नचिन्ह

उदयपुर पोस्ट.आप सालो साल अपनी मेहनत की कमाई किसी बैंक में जमा करे,एक अच्छी खासी रकम जमा हो जाने के बाद या मच्योरिटी के समय और अचानक आपको पता चले की न तो यहाँ बैंक है ना हीं वो बैंक मेनेजर साहब के कोई अते पते हैं तो आप क्या करेंगे ?चोक गए न आप लेकिन आजकल छोटे गावो कस्बो ,ढानियों में बैंक की सुविधा के अभाव में मिनी बैंक संचालित हो रहे हैं इन बैंक्स में भोले भले गरीब और मजदूर वर्ग के लोग अपनी म्हणत का पैसा ये सोचकर जमा कर देते है की आगे चलकर उनके या उनके बच्चों के काम आएगा। काया बारापाल और आस पास के गावो के कुछ लोगो के साथ मिनी बैंक के नाम पर धोखा हुआ है यहाँ कई सालो से अरुण मीना नाम के व्यक्ति ने मिनी बैंक संचालित कर लोगो से पैसे लेकर जमा किये हैं परन्तु अब जब ये लोग अपने पैसे वापस मांग रहे हैं तो न तो बैंक खुल रहा है और न ही मेनेजर साहब का कही कोई पता मिल रहा है। पहले तो उन्हें ये आश्वासन भी मिल गया था की बैंक खोल रहे हैं परन्तु बात वही की वही ,उनसे संपर्क करने पर मोबाइल नंबर स्विच ऑफ आता है। अब इन ग्रामवासियों को समझ नहीं आता की ये जाये तो कहा जाये। गोवेर्धन विलास थाने में शिकायत करने पहुचे तो शिकायत दर्ज नहीं की ऐसा ग्रामवासियों का कहना है। थक हार कर इन्होने सीबीसी न्यूज़ को अपनी पीड़ा बताई एवं सोमवार को करीब ३० लोगो ने मिलकर सारे कागज़ और खातो की कॉपी लेकर एस पी कैलाश चन्द्र विश्नोई के सामने अपनी समस्या रख दी है। समस्या को लेकर एस पी कैलाश चन्द्र विश्नोई ने पूर्ण अनुसन्धान के बाद ही कुछ कहने की बात कही। सम्बंधित ठाणे को अग्रिम अनुसन्धान के लिए कहा जायेगा उसके बाद ही पता चलेगा की इन ग्रामीणों को न्याय मिलेगा या इनकी जुटाई हुई पाई पाई इन्हें वापस मिलेगी या नहीं। ये लोग शहरी लोगो की तरह स्मार्ट और टेक्निकली नहीं होते ये नहीं जानते की ऐसे बैंक, किस विभाग या किसके अधीन ये मिनी बैंक संचालित हो रहे है या इनकी प्रमाणिकता क्या है। क्या गारंटी है इनमे जमा करवाए गए पैसो की और अगर उनको ये पैसा नहीं मिला तो वे लोग कहा जायेंगे न्याय के लिए किसका दरवाजा खात्खातेंगे या किसके सामने गुहार लगायेंगे। कोरोना ने वैसे भी सबकी हालत खराब कर रखी है। हर कोई आर्थिक समस्याओ से जूझ रहा है ऐसे में जमापुंजी भी अगर नहीं मिले तो ये गरीब लोग कहा जायेंगे।

कटारिया ने बीटीपी की गतिविधियाें पर उठाया सवाल, डीजीपी काे लिखा पत्र

उदयपुर पोस्ट . विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष गुलाबचंद कटारिया ने पुलिस महानिदेशक भूपेंद्र यादव को पत्र लिख उदयपुर संभाग में भारतीय ट्राइबल पार्टी (बीटीपी) की गतिविधियाें पर सवाल उठाया। कटारिया ने लिखा कि बीटीपी के लाेग जनजाति क्षेत्र में धर्म संस्कृति और समाज विरोधी गतिविधियां कर रहे हैं।

दाे दिन पहले उदयपुर में लाेगाें ने वैधानिक कार्रवाई के लिए कलेक्टर के जरिए राज्यपाल को ज्ञापन दिया था। ज्ञापन में आराेप लगाया कि बीटीपी समर्थक लगातार दक्षिणी राजस्थान की जनजाति संस्कृति को नुकसान पहुंचा समाज में वैमनस्य और अन्य समाजों से भी दूरियां उपजाने का प्रयास कर रहे हैं।

सोशल मीडिया से अनर्गल संदेश प्रसारित कर सामाजिक सौहार्द बिगाड़ने का प्रयास कर रहे है। कटारिया ने लिखा कि विरोध करने वालों को धमकियां दी जा रही है। बीटीपी की इन गतिविधियों से समस्त जनजाति, संत-समाज आहत है। क्षेत्र में कानून व्यवस्था बिगड़ने का पूरा अंदेशा है। समय रहते ऐसी गतिविधियों में लिप्त लोगों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई करें।

ग्रामीण प्रतिभाओ को अवसर प्रदान कर लक्ष्य के लिए दक्ष बना रहा हिन्दुस्तान जिंक

Udaipur. शिक्षा को समर्पित परियोजनाओं से लाभान्वित हो रहे  5 जिलों के 68 हज़ार होनहार
कोरोना महामारी के दौरान भी शिक्षक ईलर्निंग से छात्रों को जोड़ कर सुनिश्चित कर रहे कक्षाएं एवं दैनिक गतिविधियां

ग्रामीण प्रतिभाओं को आगे लाने और उन्हें सुविधाएं प्रदान कर अपने विषय में माहिर बना उन्हें अवसर देने का कार्य देश की अग्रणी धातु और खनीज कंपनी हिन्दुस्तान जिं़क बढ़चढ़ कर निभा रही है। देश के सर्वोच्च इंजीनियरिंग काॅलेज में चयनित छात्रों की बात हो, एसजीएफआई और सुब्रोतो कप में राजस्थान का प्रतिनिधित्व करने का गौरव हो शिक्षा संबंल कार्यक्रम ग्रामीण और शहरी प्रतिभाओं को लक्ष्य के लिए दक्ष बना रहा है। शिक्षा संबंल कार्यक्रम से जुडें ग्रामीण क्षेत्र मंे अध्ययन कर रहे छात्रों के परिणाम में अभूतपूर्व सुधार की बात हो, यह उपलब्धियां बताती है कि आने वाले समय में ये ‘शिष्य‘ अपने विषय और हुनर के गुरू साबित होगें। कोरोना महामारी के दौरान सभी छात्रों को ईलर्निंग और आॅनलाईन कक्षाओं के माघ्यम से जोड कर नियमित कक्षाएं और गतिविधियां आयोजित की जा रही है।
हिन्दुस्तान जिं़क द्वारा अपने शिक्षा संबल कार्यक्रम में  ग्रामीण विद्यार्थियों के परीक्षा परिणाम में सुधार हेतु विषय अध्यापक उपलब्ध कराना, उंची उड़ान कार्यक्रम में आईआईटी की कोचिंग, उच्च शिक्षा के लिए सुविधा, आवासीय शिविरों,आधुनिक शिक्षा के लिए माइंड स्पार्क, ग्रामीण फुटबाॅल खेल प्रतिभाओं के लिए जिं़क फुटबाॅल अकादमी एवं ग्रामीण क्षेत्र में बच्चों के शिक्षा, स्वास्थ्य और सुपोषण के लिए सरकार के साथ मिलकर कार्यक्रम का संचालन कर रहा है। दीलीप परिहार सहायक निदेशक सीएसआर, निदेशालय माध्यमिक शिक्षा राजस्थान, बिकानेर ने हिन्दुस्तान जिंक के सामाजिक सहभागिता के क्षेत्र में कार्यक्रमांे की सराहाना करते हुए बताया कि कौशल विकास या आंगनवाडी से लेकर स्कूल शिक्षा तक हिन्दुस्तान जिंक एवं वेदांता समूह द्वारा राजस्थान में शिक्षा के क्षेत्र में किए गये नवाचारों से राज्य ही नही वरन देश में अपनी उपस्थिति दर्ज करायी है। शिक्षक दिवस के अवसर पर शिक्षा के क्षेत्र में अपना योगदान देने वाले सभी साथियों को हार्दिक शुभकामनाएं।
हिंदुस्तान जिंक के मुख्य कार्यकारी अधिकारी अरुण मिश्रा ने बताया कि “ ंहम ग्रामीण छात्रों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्रदान करने और उन्हें अपने सपनों को पूरा करने की दिशा में कार्य कर रहे है जिससे उनका सर्वागीण विकास हो सके। हमारी पहल शिक्षा के लिए अनुकूल वातावरण बनाने में सहायक है जिससे देश की भावी पीढी में सीखने और साझा करने की प्रवृति और ठहराव सुनिश्चित होगा। शिक्षा संबल के माध्यम से वर्ष 2007 से हिंदुस्तान जिंक ने एक ऐसा मंच प्रदान किया है जो ग्रामीण छात्रों को उच्च शिक्षा प्राप्त करने और भविष्य में देश के विकास और प्रगति में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने के लिए प्रतिष्ठित संस्थानों से जुड़ने के उनके सपने को पूरा करने का प्रयास किया है। राजस्थान के 5 जिलों चित्तौड़गढ़, भीलवाड़ा, राजसमंद, अजमेर और उदयपुर के 64 से अधिक राजकीय स्कूलों में पहुँच रहा है। जिसमें इस वर्ष, 7000 से अधिक छात्र लाभान्वित हुए हैं जिसे विद्या भवन सोसाइटी के सहयोग से शिक्षा की गुणवत्ता को मजबूत करने का कार्य किया जा रहा है। शिक्षा संबल कार्यक्रम के शिक्षकों तथा अकादमिक टीम द्वारा राजकीय शिक्षकों के साथ मिलकर विद्यार्थियों को अतिरिक्त सहयोग दिया जा  रहा  है। जिसके अंतर्गत समर कैम्प तथा विंटर कैम्प का आयोजन, अतिरिक्त तथा नियमित कक्षाओं की व्यवस्था, विद्यार्थियों को अतिरिक्त सहयोगी शिक्षण सामग्री तथा स्कूलों को पुस्तकालय व प्रयोगशाला हेतु पुस्तकें व सामाग्री प्रदान की जाती है और इनका उपयोग सुनिश्चित किया जाता है।  राजकीय शिक्षकों के साथ शिक्षा संबल कार्यक्रम का यह प्रयास कार्यक्रम में शामिल स्कूलों के बोर्ड परीक्षा परिणाम में दिखाई दे रहा है। पिछले पाच सालों में 10वीं का पास प्रतिशत 64 से 80 तथा प्रथम श्रेणी 14 से बढ़कर 22 प्रतिशत हुआ साथ ही आस पास के ऐसे स्कूल जो शिक्षा संबल से नहीं जुड़े हैं उनकी तुलना में इन स्कूलों का परिणाम औसतन 10 प्रतिशत बेहतर रहा है। ऊंची उड़ान जैसे महत्वपूर्ण कार्यक्रम के तहत आर्थिक रूप से वंचित चयनित विद्यार्थियों को आई.आई.टी. एवं अन्य प्रतिष्ठित इंजीनियरिंग काॅलेजों में प्रवेश के लिए उत्कृष्ट कोचिंग प्रदान की जा रही है जिसे आॅनलाईन जारी रखा जा रहा है। यह उदयपुर में दो वर्षीय स्कूल एकीकृत आवासीय कोचिंग है। रेज़ोनेन्स एडवन्चर्स प्रा.लि. एवं विद्या भवन कोचिंग के लिए भागीदार संस्थाएं हैं। इन छात्रों को मार्गदर्शन के साथ 11वीं एवं 12वीं के छात्रों को फिजिक्स, केमिस्ट्री एवं मैथ्स की नियमित पढ़ाई कराने की जिम्मेदारी भी पुरी की जा रही है। इस वर्ष सौ प्रतिशत परिणाम के साथ वर्तमान में 4 बैच में 123 विद्यार्थी इस कार्यक्रम में अध्ययनरत है। माइंडस्पार्क कार्यक्रम 34 राजकीय विद्यालयों में पहली से आठवीं कक्षा के 6 हजार से अधिक छात्रों और 150 अध्यापकों को लाभ पहुंचा। इस कार्यक्रम से बच्चों को तैयार करने के लिए सरकारी स्कूलों को तकनीकी सहायता प्रदान की गयी। यह कार्यक्रम 2 विषयों हिंदी और गणित पर केंद्रित है जो है। एक डैशबोर्ड शामिल है जो छात्रों के आगे मार्गदर्शन के लिए शिक्षकों और स्कूल के कर्मचारियों के साथ साझा किया जाता है जिसमें लैपटॉप के साथ माइंड स्पार्क लैब स्थापित की गयीं। जिंक फुटबॉल अकादमी ग्रामीण फुटबाॅल खिलाडियों के लिए अद्वितीय एफ-क्यूब तकनीक के साथ जमीनी स्तर पर उनका विकास कर रहा है। यह अकादमी देश में अपने प्रकार की एक मात्र हैं। जिं़क फुटबाॅल अकादमी की टीम ने एसजीएफआई और सुब्रोतो कप में राजस्थान का प्रतिनिधित्व किया है। इस वर्ष जिं़क फुटबाल युथ टूर्नामेंट का आयोजन किया गया जिसका पहला चरण पूरा हो चुका है। जिसके तहत्  2800 ग्रामीण एवं शहरी फुटबाॅल प्रतिभाओं ने भाग ले कर अपनी प्रतिभा दिखाई।
हिंदुस्तान जिंक द्वारा महिला एवं बाल विकास विभाग आईसीडीएस आंगनवाड़ी परियोजना के तहत् 3117 आंगनवाडियों में सहयोग कर 60 हजार से अधिक नौनिहालों के सर्वागिण विकास को सुनिश्चित किया जा रहा है। कोराना महामारी के अनिश्चित समय के दौरान भी आईसीडीएस विभाग और यूनिसेफ के साथ सभी आंगनवाड़ियों में ई-लर्निंग वीडियो प्रसारित करने के लिए सहयोग किया। लगभग 1910 से अधिक आंगनवाडी केंद्रो के बच्चों के 13000 से अधिक अभिभावक को व्हाट्सएप से जोडकर बच्चों में शाला पूर्व शिक्षा को बढ़ावा दिया जा रहा है।

जीवन तरंग जिं़क के संग कार्यक्रम  में 700 से अधिक विशेषयोग्यजन बच्चों को आत्मनिर्भर बनाने के लिए हर तरह की सहायता के देने एवं सीखनें की क्षमता को विकसित करने का प्रयास किया जा रहा है ताकि ये बच्चे अपने परिवार के लिए आर्थिक रूप से सक्षम सदस्य बन सकें और सम्मानजनक जीवन जी सकें। हिन्दुस्तान जिं़क ने नेत्रहीन लोगों के लिए टेकनाॅलोजी पर आधारित शिक्षा एवं मूक एवं बधिर बच्चों को साइन लैंग्वेज टेªनिंग एवं इनकी शिक्षा को सुदृढ़ बनाने के लिए सराहनीय कदम उठाएं हैं।

हिंदुस्तान जिंक इंजीनियरिंग करने वाले युवाओं के लिए यशद सुमेध योजना के तहत् छात्रवृत्ति प्रदान करता है। कंपनी वेदांता पोस्ट-ग्रेजुएट गर्ल्स कॉलेज, रिंगस में उच्च शिक्षा को आगे बढ़ाने के लिए अपने कार्य क्षेत्र के आसपास के गांवों की लड़कियों के लिए निःशुल्क अध्ययन करा रहा है।

सवीना सब्जी मंडी के बाहर आज पुलिस की चेकिंग के दौरान हुआ दर्दनाक हादसा,हिरणमगरी थाना

Udaipur Post .सवीना सब्जी मंडी के बाहर आज १० वर्षीय बच्चे की ट्रोले के निचे आजाने से मौत हो गयी।  मोके पर मोजूद प्रत्यक्ष दर्शियों के अनुसार पुलिस चेकिंग में चालान से बचने के लिए बैक सवार के पीछे बैठा बच्चा ट्रोले के निचे आगया जब कि हिरणमगरी थाना के जांच अधिकारी का कहना है कि एसी कोई बात नहीं यह एक एक्सीडेंट है।  वहां पर कोई ट्राफिक पुलिस मोजूद नहीं थी।

जानकारी के अनुसार आज सुबह  करीब 11 बजे भिलुराना कच्ची बस्ती निवासी 10 वर्षीय राजवीर मीना अपने पिटा और बड़े भाई के साथ सविना कृषि मंडी से सब्जी लेकर जा रहा था।  जैसा की प्रत्यक्ष दर्शियों ने बताया उसके अनुसार मंडी के बाहर निकलते ही चेकिं के लिए खड़े पुलिस कर्मी उनकी बाइक की तरफ लपके। बाइक मृतक राजवीर का बड़ा भाई चला रहा था।  वो चालान से बचने के लिए बाइक को रोक कर मुड़ाने लगाऔर बाइक सवार भाई ने गाड़ी आनन् फानन में गद्दे  में उतार दी और छोटा भाई अलग जा गिरा और ट्रोले के पहिये की चपेट में आगया।  मोके पर ही उसकी मौत हो गयी। मोके पर खड़े घटना के गवाह लोगों ने यही बताया कि  सवीना सब्जी मंडी के बाहर पुलिस वाहनों की चेकिंग कर रही थी उस दौरान उधर से शायद सब्जी लेने आये दुपहिया  वाहन धारी दो  भाई भी गुज़र रहे थे ,उनको आता देख पुलिस का जवान उनकी और लपका तो डर के मारे उस बाइ सवार  ने स्पीड बढ़ाई  और गाड़ी एक गद्दे में उतर गयी उसी दौरान पीछे से आती हुयी ट्रक के टायर के निचे बाइक पर बैठा हुआ छोटा भाई  कुचल गया जिसकी मोके पर ही दर्दनाक मौत हो गयी। हम आपको फोटो दिखा रहे है स्क्रीन पर परन्तु ये आपको विचलित कर सकता है इसलिए ब्लर्र करते हुए दिखा रहे है परन्तु उस बच्चे के हाथ में सब्ज़ी थैली अभी भी पकड़ी हुई थी। इधर मोके पर पहुची हिरन मगरी थाना पुलिस ने ट्रोले को जब्त कर मामला दर्ज किया और मृतक का शव मोर्चरी में रखवाया है। इस मामले की जांच कर रहे जांच अधिकारी लाल सिंह ने सीबीसी को बताया कि ये सिर्फ एक एक्सीडेंट है मोके पर कोई जांच नहीं हो रही थी कोई जांच करने वाले पुलिस कर्मी नहीं थे।  हालाँकि उन्होंने ये जरूर स्वीकारा की वहां पर रूटीन जांच हो है लेकिन आज नहीं हो रही थी। खेर चाहे जो हो लेकिन एक मासूम जान तो चली गयी अगर प्रत्यक्ष दर्शियों की माने तो क्या कसूर था उस बच्चे का उआ उसके भाई का बाप का  ?सिर्फ यही की शायद इन्होने हेलमेट नहीं लगाई ,या शायद लाइसेंस  इतना ही न लेकिन साहब जान तो आपने वैसे भी ले ली। क्या बचाव कर लिया आपने ?कौन ज़िम्मेदार है इस मौत का ?शायद ये जो सड़क किनारे वसूली का खेल चलता है न   चेकिंग की आड़ मेंवही इस बच्चे की मौत का असली  कारण भी है और इसका ज़िम्मेदार है पूरा का पूरा पुलिस प्रशाशन। देखते रहिये जाने और कितनी जाने जाएँगी।बंद कीजिये ये  खुनी खेल अब। क्या  हम बस चुपचाप ये सब देखते रहेंगेलेकिन ध्यान रहे आज ये बच्चा है कल को क्या पता हमारा कोई अपना ही हो इस जगह।

“हिन्दुस्तान ज़िंक की सखी महिलाएं अब डिजिटल”

Udaipur. हिन्दुस्तान ज़िंक द्वारा मंजरी फाउण्डेशन के सहयोग से वर्तमान समय में डिजिटल लेनदेन और अन्य कार्यो के भी ऑनलाइन होने के कारण स्वयं सहायता समूह के लेनदेन और अन्य हिसाब को भी ऑनलाइन और पारदर्शी बनाने के लिए सखी सफल टैबलेट को लांच किया गया है जिसमे गाँवो में चल रहे स्वयं सहायता समूह के सदस्यों की बचत और अन्य लेन देन का संपूर्ण विवरण ऑनलाइन रहेगा। राजस्थान के 5 जिलों एवं उत्तराखंड के पंतनगर में इस टैबलेट का संपूर्ण संचालन भी चयनित ग्रामीण महिलाओं द्वारा ही किया जायेगा।
समूह सखी की महिलाओं को सफल सखी टैबलेट उपलब्ध करा सॉफ्टवेयर का प्रशिक्षण दिया गया और अब वह अपने अपने गाँवो के स्वयं सहायता समूह की जानकारी स्वयं के स्तर पर ऑनलाइन करेंगी। स्वयं सहायता समूहों द्वारा रेग्यूलर मोनिटरिंग एवं टैªकिंग सिस्टम आरएमटीएस का उपयोग किया जा रहा था। आरएमटीएस में मैनुअल अकाउंटिंग, डेटा एंट्री में त्रुटि और साॅफ्टवेयर अपडेट होने की कुछ समस्याओं को दूर करते हुए सफल सखी टैबलेट को लांच किया गया है। सफल सखी द्वारा प्रिंटर को जोड़कर व्यक्तिगत बचत के साथ साथ महिला समूहों की बचत के लिए भी प्रिंटेड रसीद उपलब्ध हो सकेगी। यह न केवल उनके दैनिक लेनदेन के रखरखाव के लिए महत्वपूर्ण साबित होगा बल्कि उन्हें कई वित्तीय और सरकारी योजनाओं के लाभ के साथ ही बैंको से सहयोग में भी उपयोगी होगा।
सफल सखी टैबलेट के वर्चुअल लांच के अवसर पर हिन्दुस्तान जिं़क के मुख्य कार्यकारी अधिकारी अरूण मिश्रा ने कहा कि सफल सखी टैबलेट डिजिटल इंडिया के दृष्टिकोण के अनुसार है एवं यह निश्चित तौर पर सखी महिलाओं को डिजिटल रूप से सशक्त बनाने में सफल साबित होगा। यह पहल महिलाओं के सामाजिक और आर्थिक आत्मनिर्भरता को सुदृढ़ करने का कार्य करेगी क्योकिं परिवार में महिलाएं स्थ्रिता बनाए रखने और बचत के सद्उपयोग को सुनिश्चित करती है।
राजस्थान के 5 जिलों उदयपुर, राजसमंद, चित्तौड़गढ़, भीलवाड़ा और अजमेर में महिला सशक्तीकरण हेतु अब तक 119 समुह सखियों को सफल सखी टैबलेट के उपयोग हेतु प्रशिक्षण दिया गया है। इस पहल के तहत् 193 गांवों की 201 समुह सखियों को प्रशिक्षित किया जाएगा। सफल सखी टैबलेट को वर्चुअल समारोह में हिन्दुस्तान जिं़क के मुख्यकार्यकारी अधिकारी अरूण मिश्रा, मंजरी फाउंडेशन के कार्यकारी निदेशक संजय शर्मा, हिन्दुस्तान जिं़क वरिष्ठ प्रबंधन के अधिकारियों, मंजरी फाउंडेशन के सदस्यों एवं समूह सखियों की उपस्थिति में लांच किया गया।

वर्तमान में जून 2020 तक सखी परियोजना के अंतर्गत 1857 सखी समूहों के बैंक खातों से जोड़ा जा चुका है जिनकी सामुहिक बचत 9.60 करोड़ से अधिक है एवं कुल ऋण 28.04 करोड़ है। अब तक 22 हजार 250 महिलाओं द्वारा कम ब्याज दरों पर आजीविका, आय सृजन, शिक्षा, स्वास्थ्य एवं ऋण भुगतान के लिए समूह ऋण का लाभ उठाया है।
सखी हिंदुस्तान जिंक की प्रमुख परियोजना है जिसमंे स्वयं सहायता समूहों के गठन के माध्यम से अपने परिचालन क्षेत्र के आसपास के ग्रामीण और आदिवासी गांवों की 26,000 से अधिक महिलाओं को सशक्त बनाया गया है। प्रत्येक समूह में 10 से 15 महिलाएं जुड़ी है जो बचत और अंतर-ऋण गतिविधियों से बचत शुरू करती हैं। स्वयं सहायता समूह की महिलाएं महत्वपूर्ण सामाजिक, आर्थिक और मनोवैज्ञानिक सहायता प्राप्त कर रही हैं।

देश के विकास में खनिज सम्पदाओं का अहम योगदान – श्री अरूण मिश्रा हिन्दुस्तान ज़िंक के प्रधान कार्यालय में हर्षोल्लास से मनाया स्वतंत्रता दिवस

Udaipur. हिन्दुस्तान जिं़क के प्रधान कार्यालय के प्रांगण में स्वतं़त्रता दिवस हर्षोल्लास से मनाया गया। भारतीय गणतंत्र के 74वें स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर समारोह के मुख्य अतिथि हिन्दुस्तान जिं़क के मुख्य कार्यकारी अधिकारी श्री अरूण मिश्रा ने कर्मचारियों एवं उनके परिजनों की उपस्थिती में राष्ट्रीय ध्वज फहराया एवं सभी को हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं दी।

इस अवसर पर कर्मचारियों को सम्बोधित करते हुए उन्होंने कहा कि देष के विकास में खनिज सम्पदाओं का अहम योगदान हैं। हिन्दुस्तान जिं़क का उदेद्ष्य खनिज संसाधनों का अधिक से अधिक सदपयोग कर देष की उन्नती एवं प्रगति में सहयोग करना है। हिंदुस्तान जिंक विष्व का सबसे बड़ा एवं भारत का एकमात्र जस्ता, सीसा एवं चांदी का सबसे बड़ा उत्पादक है। उन्होंने कहा कि भारत देष हमारा एवं हम सबका है इसलिए देष की प्रगति में सभी देषवासियों की अहम भूमिका है। सभी को अथक परिश्रम, लगन, समर्पित एवं जिम्मेदारी से कत्र्तव्यों का पालन करना चाहिए। आज सम्पूर्ण विष्व कोविड-19 कोरोना महामारी से त्रस्त है, इस महामारी में सभी कोरोना वारियर्स के प्रयास सराहनीय रहे है। इस स्थिति में सभी देषवासियों का कत्र्तव्य बनता है कि सभी को साथ लेकर चले ओर इसी भावना से हम इस विष्व महामारी से मुकाबला कर पायंगे एवं जीत हासिल करेंगे।

आज स्वतंत्रता दिवस का वो दिन है, जो हमें हमारे स्वतंत्रता सेनानियों के त्याग उनके बलिदान को याद दिलाता है। भारत को मिली ये आजादी बहुत महत्वपूर्ण थी क्योंकि इसके लिए देष के वीरों ने अपने प्राणों की कुर्बानी दी और वर्षों तक काफी संघर्ष किया।

इस अवसर पर कोविड-19 महामारी त्रास्ती के दौरान हिन्दुस्तान जिं़क डिस्पेंसरी के डाॅक्टर्स एवं टीम, हिन्दुस्तान जिं़क एवं सोडोक्सो के कर्मचारियों एवं टीम ने सराहनीय कार्य करने पर समारोह के मुख्य अतिथि अरूण मिश्रा ने सम्मानित किया।

सोषल डिस्टेंसिंग का पालन करते हुए कंपनी की सभी इकाइयों में 74वां स्वतंत्रता दिवस बड़े हर्षोंउल्लास से मनाया गया है।

हिन्दुस्तान ज़िंक द्वारा बिछड़ी में नवनिर्मित सामुदायिक भवन एवं बालिका शौचालय का उद्घाटन सामुदायिक भवन से 300 से अधिक सखी महिलाएं बढेंगी आत्मनिर्भरता की ओर, होगीं सशक्त

Udaipur. हिन्दुस्तान जिं़क अपने संयंत्र के आसपास सामाजिक उत्तरदायित्व के कार्य प्रभावी रूप से करता रहा है। इसी क्रम में देबारी स्मेल्टर के आस-पास के समुदाय के कल्याण एवं शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए बिछड़ी ग्राम पंचायत के गायरा मंगरी में हिन्दुस्तान ंिज़ंक द्वारा नव निर्मित सामुदायिक हाॅल एवं राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय में बालिका शौचालय का उद्घाटन किया गया।
सोशल डिस्टेंसिंग एव कोविड 19 के संक्रमण के बचाव के लिए आवश्यक सभी सर्तकता सुनिश्चित करते हुए इस कार्यक्रम का उद्घाटन हिन्दुस्तान जिं़क की सीएसआर हेड अनुपम निधि, बिछड़ी राउमावि की प्रधानाध्यापिका श्रीमती सुनीता बोरीवाल, ग्राम सचिव हरीश सुथार, जन प्रतिनिधियों बाबू सिंह देवड़ा, जगन्नाथ सुथार द्वारा किया गया।
इस अवसर पर अनुपम निधि ने सखी परियोजना से जुडी महिलाओं से आव्हान किया कि वें लघु उद्योगो और आजिविका के अन्य संसाधनों से जुड़ कर नये आयाम स्थापित करें। जनप्रतिनिधियों ने इस अवसर पर हिन्दुस्तान ंिजं़क द्वारा किए गये नियमित विकास कार्यो की प्रशंसा एवं आभार व्यक्त किया एवं कहा कि महिलाओं के लिए किए गये इस कार्य से महिला सशक्तिकरण को बल मिलने के साथ ही सही मायने में ग्रामीण विकास को गति मिलेगी। सामुदायिक हाॅल को सखी महिलाओं के लिए हब के रूप में महिला समूहों और ग्राम स्तरीय बैठकों के साथ ही लघु उद्योगों एवं 300 से अधिक सखी महिलाओं के सशक्तिकरण हेतु उपयोग में लिया जाएगा।
राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय बिछड़ी में शौचालय का निर्माण बालिका शिक्षा को बढ़ावा देने और बेहतर शैक्षिक सुविधाएं प्रदान करने के उद्धेश्य से किया गया है। बालिका शौचालय की उपलब्धता से छात्राओं को सुविधा मिलने से विद्यालय छोड़ने की संख्या दर में भी कमी होगी। समारोह के दौरान हिन्दुस्तान जिं़क के वृक्षारोपण अभियान के तहत् उपस्थित सभी अतिथियों एवं प्रतिभागियों द्वारा पौधरोपण किया गया। इस अभियान के तहत् 6 हजार 5 सौ से भी अधिक पौधारोपण किया जाएगा।
इस अवसर पर हेड टेक्नोलॉजी सेल जिंक स्मेल्टर देबारी राकेश रोहिल्ला, हेड इलेक्ट्रिकल राम लाल शर्मा, हेड सिक्योरिटी एंड एडमिन, विनोद चावरे, हनुमान वन विकास समिति के डायरेक्टर राजकरन यादव और समुदाय के सदस्य एवं सखी समूह की महिलाएं उपस्थित थी।

Hindustan Zinc making Udaipur a greener city

Udaipur. The company conducted a plantation drive at the Sajjangarh Park in Udaipur

Conservation of biodiversity has become the need of the hour in recent times. It is not a compulsion but rather a necessity now. With this thought, Hindustan Zinc is taking up several initiatives to improve the biodiversity near their operational areas. The most recent activity was a sapling plantation drive held by their employees in Udaipur.

In order to commemorate Van-Mahotsav and support the local forest conservation activity, Hindustan Zinc employees got together to plant 500 saplings in the Sajjangarh Park. Despite the current situation, their care for environment did not have excuses as the employees ensured all rules of social distancing, as per COVID-19 protocols, were followed during this drive.

Biodiversity has always been an important area for Hindustan Zinc, and all their locations take consistent efforts to develop and improve biodiversity. The company had recently celebrated Van-Mahotsav with a huge plantation drive also launched a virtual plantation drive on the World Environment Day. The company is also associated with Department of Social Forestry, Hanuman Van Vikas Samiti & BAIF for these drives.

Regards

Corporate Communication Team

सुबह का भूला शाम को आया घर -हाईकमान ने सब तय किया, अगर पार्टी के लोग नाराज हैं तो मेरी जिम्मेदारी की उनसे बात करूं

उदयपुर . राजस्थान में बागी हुए सचिन पायलट 32 दिन बाद वापस लौट आए हैं। सचिन की वापसी पर मुख्यमंत्री अशोक गहलोत की मंगलवार को पहली प्रतिक्रिया सामने आई है। गहलोत ने कहा कि जो लोग वापस आए हैं, वो किन परिस्थितियों में गए थे इस बारे में मुझे पता नहीं। मुझसे क्या नाराजगी है। अगर मैं मुख्यमंत्री हूं, अगर मेरी पार्टी के लोग मुझसे नाराज हैं तो मेरी जिम्मेदारी है उनसे बात करूं।

उन्होंने आगे कहा कि सबकुछ हाईकमान ने तय किया है। कल जो भी फैसले हुए हैं, वो बता दिए जाएंगे। इसके बाद अब आगे की रणनीति बनेगी। भाजपा के नेताओं ने पूरा जोर लगा लिया था। सरकार को गिराने का। लेकिन, एक आदमी टूटकर नहीं गया। भाजपा को मुंह की खानी पड़ी है।

गहलोत ने कहा कि भाजपा नेताओं की धज्जियां उड़ गई हैं। उन्होंने विधायकों को गुजरात भेजने के लिए तीन प्लेन बुक किए थे। विधायक दल की बैठक बुलायी थी। लेकिन, सबकुछ कैंसिल करना पड़ा गया। इनकी दुर्गति हो गई। हमारे विधायकों ने एकजुटता दिखाई, जिससे भाजपा का अहंकार टूट गया

उन्होंने यह भी कहा कि अभी संकट लोकतंत्र को बचाने का है। जयपुर में क्या-क्या हो रहा है। कांग्रेस में सभी फैसले जनता के हिसाब से होते थे। लेकिन, केंद्र में जो सरकार आई है वह जनता के बारे में सोचती ही नहीं है। सिर्फ धर्म की राजनीति कर रही है। कांग्रेस पार्टी एकजुट है और अगले 5 साल तक शासन करेगी। फिर जीत कर आएंगे।