The Power in the First Step: Accepting Powerlessness For Recovery

a recovered alcoholic is no longer powerless over alcohol

I can’t cop out behind a smokescreen of powerlessness. We admitted we were powerless over alcohol—that our lives had become unmanageable. “We admitted we were powerless over alcohol—that our lives had become unmanageable. We came to believe that a power greater than ourselves could restore us to sanity.”

a recovered alcoholic is no longer powerless over alcohol

Recovery Coaching

a recovered alcoholic is no longer powerless over alcohol

Get the help you need from a therapist near you–a FREE service from Psychology Today. In this article, we’ll explain the language in greater detail and in simpler terms. And with the help of well-known recovery author Jeff Jay, we’ll also figure out how to actually work the Step and what it’s trying to teach us.

  • Once sober, if I decide to pick up a drink or drug, that’s on me too.
  • It’s not easy to admit this, but if we don’t accept that we are powerless, then we won’t be able to move forward.
  • The accountability and encouragement in meetings and therapy break the power of secrecy where addiction thrives.
  • Having had a spiritual awakening as a result of these Steps, we tried to carry this message to alcoholics, and to practice these principles in all our affairs.
  • In the one-year period after day one of going “dry” (this probably includes entering detox for several weeks or months at the outset) 40 % of those who report high levels of helping other alcoholics (top half) are still sober.

Narcotics Anonymous (NA)

a recovered alcoholic is no longer powerless over alcohol

He is the medical director at Alcohol Recovery Medicine. For over 20 years Dr. Umhau was a senior clinical investigator at the National Institute on Alcohol Abuse and Alcoholism of the National Institutes of Health (NIH). Recovery presents its own challenge, mostly because there is no obvious finish line. ‘” Dr. Heinzerling says, adding that it requires a lot of small choices https://ecosoberhouse.com/ every day that add up for the rest of your life. Alcoholics Anonymous is a fellowship of men and women who share their experience, strength and hope with each other that they may solve their common problem and help others to recover from alcoholism. Our family therapy program is second to none.Learn how we can help your family by calling a Treatment Advisor now.

Step 1 in AA – Why You Aren’t Powerless

  • This could mean God, a general belief system or the recovery community itself.
  • We admitted we were powerless over alcohol — that our lives had become unmanageable.
  • First, such a Higher Power functions to create an absolute quality to abstinence, which becomes more than a mere human contrivance or a matter of “relative” value.
  • Others come in no longer spiritual or religious, but having been so earlier in life.

I know it says it in the opening of the Big Book but the idea of saying I’m recovered is a bit scary. Our primary purpose is to provide a forum for discussing the A.A. Fellowship, its 12-step program of recovery, and related topics. AA members will usually emphasize to newcomers that only problem drinkers examples of powerlessness over alcohol themselves, individually, can determine whether or not they are in fact alcoholics. Unfortunately, there was an entire self-help industry out there waiting to enable us in denial. Their sales pitch is that 12 Step programs, whether AA or NA, make us weak by brainwashing us into thinking we are powerless.

Using the Right Words to Support a Recovering Alcoholic

As we abandoned responsibilities, our problems began to mount. Ashamed to admit failure, we began hiding our use from the same people who tried to help us, and then we pushed them away. We started doing things to support our habits that we never would have dreamed of doing before, sometimes taking risks with our health or crossing the law. We lost jobs, homes, and businesses, not to mention our self-respect. We beat ourselves up inside with guilt and shame because our best efforts just weren’t good enough, and we didn’t understand why. A cloud of doom and foreboding hung over us, as did depression and, for some of us, thoughts of suicide.

“recovered alcoholics”

It wasn’t until I had a full understanding of this word that my spiritual journey really was able to begin. It also made me realize that I’m not a bad person or a weak person. I finally understood what an alcoholic and addict really is.

Understanding Powerlessness

  • We live in a society that tells us we should be able to figure out our problems and overcome challenges on our own; that if we can’t, we’re weak.
  • However, AA still holds this idea for a reason and, in fact, the idea of powerlessness fits in many ways with the current scientific understanding of addiction.
  • To acknowledge the way these substances have impacted your life is to admit that alcohol and drugs have made your life unmanageable and you can’t fix it on your own.
  • We offer peer-led recovery programs that are rooted in the 12-Step program of recovery from Alcoholics Anonymous.

Why Don’t Other Peer Support Groups Identify With the Idea of Powerlessness?

a recovered alcoholic is no longer powerless over alcohol

हिन्दुस्तान जिंक द्वारा समाधान परियोजना से जुडें किसानो ने उपलब्ध करायें गेहूं

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हिन्दुस्तान जिंक द्वारा बायफ संस्थान के सहयोग से संचालित समाधान परीयोजना के तहत क्षेत्र के जुडें  किसानों ने अनूठी पहल करते हुए निर्धन एवं गरीब परीवारों तक गेंहू पहुचा कर मदद की। कोरोना वैश्विक महामारी के दौरे में केन्द्र व राज्य सरकारों सहित भामाशाहों द्वारा किए जा रहे विभिन्न प्रयासों में समाधान परियोजना से जुडें किसान भी पिछे नही हैं। जावर माइंस संकुल के किसानो ने इसमें अपनी महती भूमिका निभाते हुए गत दिनों आपस में चर्चा की और अपनी मेहनत से कमाए गए अनाज में से कुछ हिस्सा निर्धन एवं गरीब परीवारों तक पहुंचाने का निर्णय लिया। संकुल क्षेत्र के 7 गांवों के काश्तकारों ने 760 किलो ग्राम गेहूं एकत्रित किया। किसानों ने गेंहु समाधान परीयोजना के माध्यम से निर्धन एवं गरीब परीवारों तक पहुंचाने का आहृन किया। इस पहल से 76 निर्धन एवं गरीब परीवारों तक गेहुं पहुचाया गया। किसानों की इस तरह की अनूठी पहल को देखकर क्षैत्र के अन्य किसानों में भी जागरूकता आई है। इस कार्यक्रम में हिन्दुस्तान जिंक लिमिटेड, जावर माइन्स के सीएस आर हेड आनन्द चक्रवर्ती, अधिकारी शुभम गुप्ता, सुश्री नेरूति साधंवी ,फील्ड कोर्डिनेटर मोहन मीणा, बद्री मीणा, प्रेम मीणा, एवं बायफ समाधान परीयोजना टीम से संकुल प्रभारी महिपाल सिंह, राजकुमार मीणा, कपिल मोर्दिया आदि उपस्थित थे।

ग्रेटर गुड के लिए के लिए कार्य करना हमारें डीएनए में – अनिल अग्रवाल कोविड-19 राहत कार्यो के लिए वेदांता द्वारा हिन्दुस्तान जिं़क के 7 फ्रंटलाइन लीडर्स सम्मानित

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वेदांता का बड़ा उद्देश्य हमारे समाज, समुदाय और देश को पुनः लौटाना है। राष्ट्रीय समृद्धि और सतत विकास की दिशा में ‘द ग्रेटर गुड‘ के लिए कार्य करना हमारे डीएनए में है। यह बात वेदांता के चैयरमेन अनिल अग्रवाल ने वेदंात केयर्स की शुरू की गयी अनूठी पहल के बाद ई टाउनहाॅल में कही। इसका आयोजन वेदांता द्वारा 7 अलग अलग स्थानों पर कोविड 19 में राहत कार्यो के लिए किए गये सहयोग हेतु प्रोत्साहन और सम्मानित करने के लिए किया गया। इस अवसर पर अग्रवाल ने हिन्दुस्तान जिं़क से संबद्ध 7 फं्रटलाइन लीडर्स को चैयरमेन अवार्ड की घोषणा की। अग्रवाल ने वेदांता द्वारा कोविड 19 महामारी में राहत कार्यो के तहत दैनिक मजदूरी, जरूरतमंद और घूमंतु पशुओं और प्रभावितों तक मदद पहंुचानें वाले सहयोगियों को सम्मानित करने हेतु इस ईटाउनहाॅल में 150 से अधिक लोगो से बातचीत कर उनका उत्साहवर्धन किया, जिसमें एनजीओ,व्यापारिक भागीदारों, अनुबंध कंपनियों और कर्मचारी सम्मिलित है।
इस अवसर पर हिन्दुस्तान जिं़क की सखी परियोजना के संचालन हेतु एनजीओ पार्टनर मंजरी फाउण्डेशन द्वारा स्वयं सहायता समूह की महिलाओं द्वारा गे्रन बेंक की स्थापना कर 10 टन से अधिक खाद्यान्न इकट्ठा कर जरूरतमंदों तक पहुंचाने और 1 लाख से अधिक मास्क बना कर कोरोना योद्धाओं और ग्रामीणों को उपलब्ध कराने के लिए सम्मानित किया। साथ ही श्रीनाथ ट्रावेल एजेंसी, टेक्नोमिन कंस्ट्रक्शन लिमिटेड एवं हिन्दुस्तान जिं़क के कर्मचारी देबांशु चटर्जी, विनय कुमार, अनागत आशीष एवं ऋषिराज शेखावत को उनके द्वारा कोराना महामारी से राहत कार्यो और जरूरतमंदो तक सहायता प्रदान करने में योगदान हेतु चैयरमेन अवार्ड की घोषणा की।
इस अवसर पर संबोधित करते हुए, वेदांता के चैयरमेन अनिल अग्रवाल ने कहा, “हम राष्ट्र के साथ मिलकर इस संकट से लड़ रहे हैं। हमने उन समुदायों की सेवा करने में अपना योगदान देकर वेदांता के सिद्धांत समाज को पुनः लौटाने को प्रतिपादित किया। हमारी टीम ने दिन रात कार्य करते हुए, समुदायों का सहयोग करने में कोई कसर नहीं छोड़ी है। मैं इस सहयोग के लिए हमारे सहयोगियों, संगठनों और वेदांता टीम के प्रत्येक सदस्य आभारी हूं जिन्होने परिवार की तरह इस संकट का मुकाबला किया है। हम समुदायों और प्रशासन के साथ कार्य करना जारी रखेंगे, इससे सेवारत समुदायों में दूसरों को प्रेरणा मिलेगी और उम्मीद है कि हम इस स्थिति से उबरेगें। ”
मंजरी फाउंडेशन के एक्जीक्यूटीव डायरेक्टर संजय शर्मा ने कहा कि हिन्दुस्तान ंिजं़क के नेतृत्व में, सखी एसएचजी महिलाओं ने मजबूत सामुदायिक प्रतिनिधि के रूप में वृद्धि की है। सखी परियोजना द्वारा गांवों में कोई भी भूखा ना सोये के उद्धेश्य को सुनिश्चित करने के लिए ग्रेन बैंक की स्थापना कर 10 हजार किलो खाद्यान्न इकट्ठा किया जिससे समुदायों को माहामारी से लड़ने में सहायता मिली। हम इस प्रकार किसी भी समय में समुदाय की मदद के लिए त्वरित सहायता के लिए प्रतिबद्ध है।
उल्लेखनीय है कि वेदांता ने पीएम केआरईएस फंड, स्टेट फंड्स, और देश भर में राहत प्रदान करने के लिए 201 करोड़ रुपये का योगदान दिया है। सरकार के प्रयासों के सहयोग करते हुए वेदांता के कर्मचारियों ने एक दिन के वेतन को पीएम केयर्स फंड में योगदान किया है। अपने मिल फाॅर आॅल कार्यक्रम के तहत 13 लाख से अधिक लोगो को भोजन प्रदान किया। साथ ही वेदांता प्रतिदिन 50हजार से अधिक घुमंतु जानवरों को आहार का बीड़ा उठाया । इस पहल के तहत, वेदांता ने अब तक दिल्ली, मुंबई, जयपुर और पुणे में 12.70 लाख से अधिक जानवरों को आहार उपलब्ध कराया है।
महामारी से बचाव हेतु स्वास्थ्य सेवा को बढ़ाने के वेदांता के प्रयास में, 7 लाख मास्क और 1 लाख साबुन और सैनिटाइजर हिन्दुस्तान जिं़क के 5 जिलों एवं पंतनगर सहित पूरे भारत में निर्मित और वितरित किए गए। कपड़ा मंत्रालय के सहयोग से 23 पीपीई मशीनों का आयात किया गया, जिससे प्रति सप्ताह 40,000़ पीपीई का उत्पादन हो सके। अपोलो अस्पताल के सहयोग से, कर्मचारियों और परिवारों को चिकित्सा सलाह के लिए एक समर्पित चैबिसो घंटे हेल्पलाइन स्थापित की गई।

वेदांता द्वारा विश्व पर्यावरण दिवस का आयोजन हिन्दुस्तान जिंक में मनाया विश्व पर्यावरण दिवस

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05 जून, को विश्व की प्रमुख तेल, गैस और धातु कंपनी में से एक वेदांता लिमिटेड हमेशा जल, ऊर्जा और कार्बन प्रबंधन जैसे विषयों पर ध्यान केंद्रित करता है। समूह ने हिंदुस्तान जिंक, केयर्न ऑयल एंड गैस, इलेक्ट्रोस्टील स्टील, सेसा आयरन आॅर बिजनेस और वेदांता एल्यूमीनियम सहित अपने समूह की कंपनियों के माध्यम से पानी की खपत का अनुकूलन करने, ऊर्जा उत्पादकता बढ़ाने, जलवायु परिवर्तन को कम करने और जैव विविधता को सुरक्षित रखने के लिए उन्नत तकनीकों को अपनाया है।

विश्व पर्यावरण दिवस के उपलक्ष में हिन्दुस्तान जिंक के प्रधान कार्यालय में विश्व पर्यावरण दिवस को थीम ’अन्तर्राष्ट्रीय जैव विविधता’ पर मनाया गया। विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर सोश्एिल डिस्टेंसिंग का पालन करते हुए हिन्दुस्तान जिं़क प्रधान कार्यालय में श्री सुनील दुग्गल-मुख्य कार्यकारी अधिकारी, श्री अरूण मिश्रा-उपमुख्य कार्यकारी अधिकारी, हेड-कार्पोरेट सर्विसेज, श्री वी. जयरमन, चीफ-सेफ्टी, श्री आर.एस. आहुजा, कंपनी सचिव-श्री राजेन्द्र पण्डवाल तथा कर्मचारियों ने सीताफल, अमरूद, नीम एवं आम के पौधों का पौधारोपण किया।

इस अवसर पर कंपनी के सभी उच्च अधिकारियों ने पर्यावरण संरक्षण पर अपने वर्चअुल पौधारोपण पर विचार व्यक्त किये। सभी ने जैव विविधता संरक्षण एवं पर्यावरण सुरक्षा पर ध्यान देने तथा जागरूकता का आव्हान किया। जिं़क काॅलोनी में आम, चीकू, अमरूद कठहल, नीबू के पौधे एवं सीड्स वितरित किये गये। इस अवसर पर कर्मचारियों एवं उनके परिजनों के लिए पर्यावरण स्लोगन, पर्यावरण पर आधारित क्वीज प्रतियोगिता, पोस्टर, निबंध आदि प्रतियोगिताओं का आयोजन किया तथा विजेताओं को पुरस्कृत किया जाएगा।

हिन्दुस्तान जिं़क की इ्रकाई जावर खदान में पर्यावरण दिवस मनाया गया। खदान के प्रबन्धक-खान, प्रबन्धक-बीपी प्रोजेक्ट, यूनियन प्रतिनिधि, प्रबन्धक-ओईएम प्रोजेक्ट प्रत्येक ने व्यक्तिगत रूप से पौधों को गोद लिए है तथा वे पिता की तरह पौधों की देखभाल करेंगे और उन्हें बढ़ते देखेंगे।

विश्व पर्यावरण दिवस मनाते हुए, वेदांता समूह की कंपनी हिंदुस्तान जिंक ने वाॅटर पाजिटिव कंपनी बनने का अनूठा गौरव हासिल किया। कंपनी द्वारा खपत किए गए पानी में से 2.41 गुना वाॅटर पाॅजिटिव होने से यह वैश्विक स्तर पर शीर्ष जल संरक्षण कंपनियों में से एक है। डॉउजोन्स सस्टेनेबिलिटी इंडेक्स द्वारा हिन्दुस्तान जिं़क को एशिया पैसिफिक में स्थिरता में पहला स्थान दिया गया है।

विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर, वेदांता समूह के मुख्य कार्यकारी अधिकारी, सुनील दुग्गल ने कहा, कि “हमारे पास जल प्रबंधन के लिए एक दीर्घकालिक दृष्टिकोण है जिसका उद्देश्य हमारे प्रदर्शन में निरंतर सुधार करना है, पानी के महत्व को पहचानना और स्थायी जल प्रबंधन में योगदान करना है। यह उपलब्धि उन प्रयासों का प्रमाण है जो हमारी टीम ने वर्षों से जारी रखें हैं हम इस स्कोर में लगातार सुधार करते हुए इसे जारी रखेंगे।
वेदांता समूह का मानना है कि जल संरक्षण एक सामूहिक जिम्मेदारी है और सतत विकास के लिए नाॅन नेगोशिएबल है। प्रचुरता में होने के बावजूद केवल 4 प्रतिशत पानी का औसत मनुष्य के लिए उपयुक्त माना जाता है। इस प्रकार, पानी हमेशा संरक्षित होने के लिए एक महत्वपूर्ण प्राकृतिक संसाधन है।

शून्य क्षति, शून्य अपशिष्ट, शून्य निर्वहन के अपने स्थिरता स्तंभों पर ध्यान केंद्रित करते हुए, वेदांता ने अक्षय ऊर्जा की 1,653 इकाइयां बनाई हैं, जबकि सौर ऊर्जा परियोजनाओं को 22 मेगावाट बिजली का उत्पादन करने के लिए कमीशन किया गया है। फ्लाई-ऐश, स्लैग और जारोसाइट जैसे उच्च मात्रा वाले कम प्रभाव वाले कचरे का लगभग 92 प्रतिशत पुनर्नवीनीकरण किया जा रहा है। वेदांता हरित खनन के लिए प्रतिबद्ध है और कंपनी कार्बन फुटप्रिंट को कम करने के लिए व्यवसायों में वैश्विक दृष्टिकोण अपना रही है।

देश के सर्वाधिक हरित बिजली संयंत्रों में से एक के रूप में स्थापित, थर्मल पावर प्लांट टीएसपीएल पंजाब की बिजली की आवश्यकता का 30 प्रतिशत है और कम ग्रीन हाउस गैसों के उत्सर्जन, कम पानी की खपत और कम सहायक बिजली की खपत के साथ हायर सायकल एफिशिएंसी पर आधारित है । जीरो वेस्ट के अपने लक्ष्य की खोज में, टीएसपील ने पर्यावरण को शून्य क्षति सुनिश्चित करने के लिए विश्व स्तरीय तकनीक को अपनाया है। इसमें कम एनओएक्स बर्नर से लैस बॉयलर हैं और अलग-अलग ओवरफायर एयर (एसओएफए) सिस्टम बहुत कम एनओएक्स उत्सर्जन सुनिश्चित करता है।

केयर्न ऑयल एंड गैस जिला प्रशासन, सरकारी एजेंसियों और विशेषज्ञों के साथ मिलकर कार्य कर रहा है, ताकि न केवल न्यूनतम स्तर पर पर्यावरणीय फुटप्रिन्ट बनाए जा सकें, बल्कि बाड़मेर में ग्रीन बेल्ट क्षेत्र का विस्तार भी किया जा सके। मुख्य रूप से ध्यान जैव विविधता को संरक्षित करने पर रहा है, जो पर्यावरण दिवस 2020 के लिए केंद्रीय विषय है, ताकि क्षेत्र में कई लुप्तप्राय प्रजातियों की रक्षा हो सके।

हाल ही में समूह द्वारा अधिग्रहित इलेक्ट्रोस्टील स्टील (ईएसएल) द्वारा सस्टेनेबिलिटि को स्थापित करने में कोई समझौता नहीं है और कंपनी ने पर्यावरण के प्रदर्शन को बेहतर बनाने के लिए महत्वपूर्ण काम किया है। फ्लाई-ऐश के उत्पन्न केवल 10 प्रतिशत को पुर्नउपयोग से, ईएसएल 100 प्रतिशत वॉल्यूम के उपयोग में सक्षम हो गया है। यह सीमेंट कंपनियों के साथ फ्लाई-ऐश के लिए बिक्री समझौते की स्थापना के द्वारा प्राप्त किया गया है, जहां उप-उत्पाद का उपयोग कई मिश्रित सीमेंट अनुप्रयोगों में किया जाता है। वित्त वर्ष 2020 में, ईएसएल ने ् 108,000 मीट्रिक टन फ्लाई-ऐश सीमेंट कंपनियों को हस्तांतरित किया। इसी तरह की सफलता ब्लास्ट-फर्नेस स्लैग के साथ भी है, जहां ईएसएल ने उत्पन्न कचरे के पुनर्पूंजीकरण स्तर को 30 प्रतिशत से 100 प्रतिशत तक बढ़ाया है।

हिंदुस्तान जिंक वाटर पॉजिटिव कंपनी के रूप में प्रमाणित

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जल संरक्षण एक सामूहिक जिम्मेदारी है और सतत् विकास के लिए एक नॉन-नेगोशिएबल पहलू है। जल संरक्षण केवल समय की आवश्यकता के रूप में नहीं किया जाना चाहिए, बल्कि पर्यावरण संरक्षण के लिए अंतर्निहित है। प्रचुर मात्रा में होने के बावजूद केवल 4 प्रतिशत पानी का औसत मनुष्य के लिए उपयुक्त माना जाता है। इस प्रकार, पानी हमेशा संरक्षित होने के लिए एक महत्वपूर्ण प्राकृतिक संसाधन है।

प्रमुख खनन उद्योग में से एक वेदांता समूह की कंपनी हिंदुस्तान जिंक को थर्ड पार्टी आर्गेनाइजेशन द्वारा किए गए मूल्यांकन के आधार पर वाटर पॉजिटिव कंपनी घोषित किया गया है। 2.41 के अनुपात के साथ, हिंदुस्तान जिंक शीर्ष जल संरक्षण कंपनियों में प्रमाणित हुई है।

हिन्दुस्तान जिंक के मुख्य कार्यकारी अधिकारी सुनील दुग्गल ने कहा कि “हमारे पास जल प्रबंधन के लिए एक दीर्घकालिक दृष्टिकोण है जिसका उद्देश्य हमारे प्रदर्शन में निरंतर सुधार करना है, पानी के महत्व को पहचानना और स्थायी जल प्रबंधन में योगदान करना है। यह उपलब्धि उन प्रयासों का प्रमाण है जो हमारी टीम ने वर्षों से जारी रखें हैं हम इस स्कोर में लगातार सुधार करते हुए इसे जारी रखेंगे।

राजस्थान जैसे जल की कमी वालें राज्य में कार्य करना, पानी के महत्व को खासतौर पर दर्शाता है। राजस्थान में प्रमुख आर्थिक सहयोग देने वाली कंपनी होने के नाते हिंदुस्तान जिंक द्वारा जल स्रोत पर पानी की कमी, रिसाइक्लिंग, पानी के वैकल्पिक स्रोतों की खोज और विभिन्न संरचनाओं के माध्यम से पानी की पूर्ति के लिए जोर दिया गया है। हिंदुस्तान जिंक ने पानी के स्थायित्व के लिए लगातार प्रयास किए हैं। कंपनी के पास स्टेट एफ्लुएंट ट्रीटमेंट प्लांट्स और रिसाइकलिंग सुविधाएं, सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट, जल दक्षता में वृद्धि और वर्षा जल संचयन संरचनाएँ हैं जिसने जल-प्रबन्ध अभियान एवं प्रगति में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।

डॉव जोन्स सस्टेनेबिलिटी इंडेक्स द्वारा हिन्दुस्तान जिंक को एशिया-पैसिफिक में सस्टेनेबिलिटी में पहला स्थान प्रदान किया गया है। वाटर पॉजिटिव कंपनी सर्टिफिकेशन, मेटल और माइनिंग कंपनियों में हिंदुस्तान जिंक की स्थिरता और पानी के भंडारण की स्थिति को मजबूत करता है। कंपनी ने आने वाले वर्षों में चार गुना वाटर पॉजिटिव कंपनी बनने के लिए रणनीतियों और संरचनाओं को लागू करते हुए पानी के फुटप्रिन्ट को कम करने के लिए एक रोडमैप तैयार किया है।

Community at the core as Hindustan Zinc ramps up COVID-19 combat

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The Udaipur based Metal and Mining company has taken extensive and expansive measures to ramp up their existing community outreach across 189 villages in Rajasthan and Uttarakhand in an effort to effectively mitigate the community at risk.

As doctors, nurses, paramedics and several other frontline runners continue to help out people in this COVID-19 pandemic, there are certain communities facing a different problem in the state of a lockdown. Lack of food, amenities and essentials have made the situation adverse for daily wage earners, labourers and several other vulnerable communities. Hindustan Zinc, India’s largest producer of integrated Zinc – Lead – Silver based off Udaipur, is doing their bit to support and protect these communities. With an already extensive community outreach, the company has ramped up their initiatives across 189 villages and 6 districts in Rajasthan and Uttarakhand in a planned manner in partnership with the District Administration, their Partners and local community. The company is helping facilitate all government interventions with support of their implementing Project Partners.

Proactive measures have been taken and a definitive plan of COVID-19 Response Measures has been set up by Hindustan Zinc to minimise the risk of this pandemic on the communities. They have engaged their extensive network of stakeholders, including District Officials, Local Community Representatives, SHG Members, Union Members, etc to carry out these substantial response measures. The multi-fold plan involves support at district level, mainly in Udaipur, Bhilwara, Rajsamand, Ajmer and Chittorgarh percolating down to operational village areas.

The plan of action initially started with  the health and hygiene initiatives, disinfecting areas by spraying & fogging with the pre-requisite Sodium Hypochlorite solution, providing medical gears like masks, sanitisers & personal protective equipment and specific technology equipment to prepare PPE’s. The relief was extended to the community in form of dry ration support to 25,000+ families, supply of food grains through District Administration and stitching & distribution of masks within these communities. To reach to the last level of the communities, Hindustan Zinc senior management is in direct connect with the community at grassroot level to better understand the immediate concerns and situation at hand.

With critical emphasis towards on ground delivery of essentials directly to the communities, Hindustan Zinc has engaged their SHG Women and Partners to stich & distributearound 1 Lac masks. To support the Administration & others, another 50 thousand masksare also being procured. This is coupled with distribution of over 7500 dry food packets to daily wage earners while generating a massive livelihood for and within these communities. These initiatives are directly benefitting Gram panchayats, District Administration, Police Officers, Media, Community workers, Asha Workers & Anganwadi Workers. Under the Khushi – Nandghar project, Hindustan Zinc has ensured that no child remains hungry in its areas of operations. The identification & outreach to vulnerable communities through Partners & Baselines has reached these 189 villages including over 2000 Severely Acute Malnourished children and mass awareness plans connecting aged patients were conducted through Smile on Wheels project.

Despite the lockdown, Hindustan Zinc has taken it as a responsibility to help out the community in this unprecedented time while ensuring all possible safety measures for its on-ground teams and the community members. The company continues to amplify their relief projects to daily wage earners, children, SHG Women and communities by actively engaging with all necessary authorities and abiding to all current state laws.

जिंक देबारी स्मेल्टर द्वारा कोरोना वायरस के नियन्त्रण एवं मदद की पहल

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उदयपुर। हिन्दुस्तान जिंक देबारी की ओर से आस पास के गांवों में हाइपोक्लोराइट का छिडकाव के लिए ग्रामवासीयों को सहयोग प्रदान किया जा रहा है। जिससे वायरस का संक्रमण रोका जा सके। विगत चार दिन से लगातार छिडकाव के साथ पर्सनल प्रोटेक्टिव एकिपमेन्टस जैसे मास्क का उत्पादन भी किया जा रहा है। मास्क बनाने का काम सखी परियोजना से जुडी गांव की 17 महिलाओं द्वारा किया जा रहा है। इन महिलाओं के पास दस हजार मास्क बनाने का आॅडर है। ये मास्क आस पास के गांवों में कोरोना वायरस की रोकथाम में लगी टीमे एवं सुरक्षा कर्मीयों को वितरण किया जायेगा। इस पहल के साथ ही जिला प्रशासन द्वारा आस पास के ऐसे ग्रामवासीयों का चयन भी किया जा रहा है जिनके आय का स्त्रोत नही है। उनको हिन्दुस्तान जिंक की ओर से मदद की जायेगी’। इनको खाद्य सामग्री जिसमें 10 किलो आटा, 2 किलो दाल, 1 किलो नमक, 1 किलो चावल, 200 ग्राम तेल आदि के दस हजार पैकेट वितरण किये जायेगे।

वेदांता लिमिटेड ने हिंदुस्तान जिंक के सीईओ, सुनील दुग्गल, को वेेदांता का अंतरिम सीईओ, नियुक्त किया

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वेदांता लिमिटेड ने हिन्दुस्तान जिं़क के सीईओ, सुनील दुग्गल, को वेदांता लिमिटेड के अंतरिम मुख्य कार्यकारी अधिकारी के रूप में नियुक्त करने की घोषणा की है। श्रीनिवासन वेंकटकृष्णन व्यक्तिगत कारणों से 5 अप्रैल 2020 से कंपनी के सीईओ और निदेशक के रूप में पद छोड़ेंगे।
कंपनी के चेयरमैन, नवीन अग्रवाल ने कहा ‘ हम वेंकट को कंपनी में दिये गये उनके योगदान के लिए उनकी प्रशंसा करते हुए उन्हें धन्यवाद देते हैं। कंपनी को चलाने के लिए अपने अथक प्रयास के अलावा, वें कंपनी की सस्टेनेबिलिटी का नेतृत्व करने में सबसे अग्रणी रहे हैं। उन्होंने कंपनी में मानदंड स्थापित किये है। हम उन्हें बहुत शुभकामनाएँ देते हैं। ”
उन्होंने कहा कि हम अंतरिम मुख्य कार्यकारी सुनील दुग्गल का गर्मजोशी से स्वागत करते हैं, जो परिपक्व और प्रमुख नेतृत्व मे ंहमेशा से सफल साबित रहे है और कंपनी को और अधिक ऊंचाइयों पर ले जाने के लिए तत्पर हैं। ”
बोर्ड ने भी अनिल अग्रवाल को वेदांता लिमिटेड के गैर-कार्यकारी अध्यक्ष के रूप में स्वागत और नियुक्त किया। नवीन अग्रवाल बोर्ड के कार्यकारी उपाध्यक्ष होंगे। कंपनी को एक प्रबंधन समिति द्वारा संचालित किया जाएगा, जिसमें सीईओ, सीएफओ, सीएचआरओ और सीसीओ शामिल हैं जो अध्यक्ष के मार्गदर्शन में सामूहिक रूप से सभी महत्वपूर्ण निर्णय लेंगे।
सुनील दुग्गल हिन्दुस्तान जिं़क के सीईओ और निदेशक के रूप में अपनी वर्तमान भूमिका के साथ-साथ अंतरिम सीईओ, वेदांता लिमिटेड के रूप में अतिरिक्त कार्यभार संभालेंगे। सुनील 36 वर्षो के समृद्ध और विविध नेतृत्व का अनुभव रखते हैं एवं पिछले 10 वर्षों से वेदांता समूह से जुड़े हुए हैं। उन्होंने पूर्व में अंबुजा सीमेंट के साथ काम किया है। सुनील कई उद्योग और पक्षपोषण मंचों के सक्रिय सदस्य है।
अपनी इस नियुक्ति पर सुनील दुग्गल ने कहा, “मैं इस नियुक्ति के लिए कंपनी का कृतज्ञ हूं। मुझे विश्वास है कि वेदांता अपने विकास की गति के माध्यम से हमारे देश की आर्थिक प्रगति में आगे भी योगदान करती रहगी। मैं इसे और अधिक मजबूत करने के लिए कटिबद्ध रहुंगा।

अगर किसी को खाद्य सामग्री की परेशानी है तो प्रशासन को बताएं – मुख्यमंत्री अन्नपूर्णा किट वितरण किया जा रहा है।

उदयपुर पोस्ट। 31 मार्च तक घाेषित लाॅक डाउन में किसी व्यक्ति या परिवार काे खाद्य सामग्री के अभाव में परेशान नहीं हाेना पड़े। इसके लिए प्रशासन ने इसके लिए हेल्प लाइन नंबर जारी किया है। कलेक्टर आनंदी ने बताया किसी काे भी खाद्य सामग्री की जरूरत महसूस हाेती हाे ताे वह कलेक्ट्री स्थित कंट्राेल रूम के टेलीफोन नंबर 0294-24146200294-2412049 पर सूचना दे सकता है। काेराेना से जुड़ी जानकारी भी इस नंबर पर दी जा सकती है। प्रशासन ने दिहाड़ी मजदूर, कचरा एकत्र वाले, रिक्शा चालक सहित अन्य जरूरतमंद परिवारों के लिए अन्नपूर्णा किट का वितरण शुरू किया है। इसमें एक परिवार के लिए 15 दिन की आवश्यक खाद्य सामग्री होगी और प्रति किट की राशि 410 रुपए है। अन्नपूर्णा किट में 10 किलो गेहूं का आटा, 3 किलो चने की दाल, 200 मिली खाद्य तेल तथा एक किलो नमक उपलब्ध कराया जाएगा। लॉक डाउन की अवधि में बैंकों में सिर्फ अति आवश्यक कार्य करने के निर्देश दिए हैं। जिले में लॉक डाउन की अवधि में जरूरी सेवाओं के बनाए रखने के लिए वाहनों के पास और अतिआवश्यक अन्य स्वीकृतियां जारी करने के लिए एडीएम सिटी और सभी एसडीओ काे अधिकृत किया गया है। आरटीओ कार्यालय में 24 मार्च को होने वाली जब्तशुदा वाहनों की नीलामी आगामी आदेश तक स्थगित कर दी गई है।
राशन वितरण व्यवस्था के लिए शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों में संयुक्त टीम का गठन किया गया है। कलेक्टर ने बताया कि प्रत्येक स्कूल के मीड डे मील में रखे स्टॉक का भी उपयोग आपातकाल स्थिति में करने ग्राम पंचायत स्तरीय या बूथ स्तरीय एवं उपखण्ड स्तरीय समिति को अधिकृत किया जाता है। प्रत्येक आंगनबाड़ी कार्यकर्ता 0-6 वर्ष के बच्चों को टेक-होम, पोषाहार उनके घर पहुंचाएगी।
संभागीय संयुक्त श्रम आयुक्त पीपी शर्मा ने निर्देश जारी किए हैं कि लॉकडाउन के दौरान कोई भी नियोक्ता या नियोजक किसी भी श्रमिक को रोजगार से मुक्त या

उदयपुर के एम् बी अस्पताल में पति पत्नी कोरोना पोजेटिव भर्ती – चिकित्सकों की देख रेख में हो रहा है इलाज।

उदयपुर पोस्ट। महाराणा भूपाल चिकित्सालय में भर्ती प्रतापगढ़ निवासी पति पत्नी कोरोना वायरस पोजेटिव पाए गए। पति की जांच तीन बार जयपुर एस एम् एस से करवाई गयी जिसके बाद उसको पोजेटिव पाया गया।
जानकारी के अनुसार प्रतापगढ़ निवासी पुरुष को पहले आर एन टी मेडिकल कोलेज में जांच के बाद पोजेटिव पाया गया था लेकिन जयपुर एस एम् एस लेब में जांच के नमूने नेगेटिव पाए गए। बाद में दो बार जांच करवाई जिसमे मरीज पोजेटिव पाया गया।
आरएनटी प्रिंसिपल डॉ. लाखन पोसवाल ने बताया कि इस मरीज की पत्नी भी एसएमएस की जांच रिपोर्ट में पॉजिटिव पाई गई है। दंपती का उपचार जारी है। इनके संक्रमित होने की बड़ी वजह क्लोज कांटेक्ट होना है। चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग की टीम प्रतापगढ़ में इस दंपती से पिछले 14 दिन में संपर्क आने वालों की स्क्रीनिंग में लग गई है। इस बीच आरएनटी की लैब में प्रतापगढ़ के 6 संदिग्धों की जांच की गई। इन सबकी रिपोर्ट निगेटिव आई है। सीएमएचओ डॉ. दिनेश खराड़ी ने बताया कि अब तक उदयपुर के 31 संदिग्धों की जांच की गई और सभी की रिपोर्ट निगेटिव निकली है। पिछले 14 दिन के अंदर महाराष्ट्र, प्रदेश के झुंझुनूं, भीलवाड़ा, प्रतापगढ़ से उदयपुर के विभिन्न क्षेत्रों में लौटे करीब 2750 लोगों की स्क्रीनिंग की गई। इसकी मॉनिटरिंग जिला परिषद सीईओ कमर चौधरी, सभी एसडीएम आदि ने की।