उदयपुर | उदयपुर से देहली हज़रत निजामुद्दीन चलने वाली मेवाड़ एक्सप्रेस में मंगलवार सुबह तड़के मथुरा में उदयपुर के परिवार के साथ लूट की घटना होगयी जिसमे मोबाइल नगदी और सामन लूट लिए गए | मथुरा जीआरपी द्वारा घटना की रिपोर्ट दर्ज जाँच कर रही है |
जानकारी के अनुसार शाम ६.२० पर चलने वाली मेवाड़ एक्सप्रेस में मंगलवार सुबह चार बजे करीब भरतपुर और मथुरा के बीच थर्ड ऐसी बी२ में बैठे उदयपुर निवासी एके गुप्ता के परिवार के साथ लूट की घटना हुई गुप्ता अपने परिवार सहित देहली जा रहे थे | लूट की घटना की जानकारी ए. के. गुप्ता ने मथुरा जीआरपी में दी जिसके अनुसार भरतपुर ट्रैन सुबह ३.१५ पर पहुंची थी तब उनके कोच में एक युवक चढ़ा था और भरतपुर और मथुरा के बीच जब उनके सहित सभी यात्री गहरी नींद में थे तब उस युवक ने उनका मोबाइल पर्स और सामान लूट कर भाग गया मथुरा स्टेशन आने के पहले ट्रैन धीरे चल रही थी उसी दौरान उस युवक ने इस घटना को अंजाम दिया जब तक गुप्ता उस युवक को पकड़ पाते व् अन्य यात्री उठते तब तक युवक ट्रैन से कूद कर भाग गया | मथुरा जीआरपी सीओ अनिल कुमार यादव ने उक्त घटना को लूट ना होकर चोरी की घटना बताई है उन्होंने बताया की भारत पर से मेवाड़ एक्सप्रेस के बी २ डिब्बे में उचक्का चढ़ गया था और यात्री का सामान चुरा कर फरार हो गया घटना कि रिपोर्ट दर्ज कर ली गयी है | जिसमे यात्री के पास से कुछ नगदी मोबाइल और कुछ सामन चोरी होने कि जानकारी है कार्रवाई कि जा रही है | रिपोर्ट देने के बाद उसी ट्रैन में एके गुप्ता और उनका परिवार देहली के लिए रवाना होगया |
ट्रैन में बढती लूट : ट्रेनों में सुरक्षा कि कमी के चलते लूट कली घटना बढती जा रही है पिछले कुछ समय में ही ग्वालियर एक्सप्रेस और रतलाम में लूट कि घटना हो चुकी है | इसका मुख्य कारण ट्रेनों के डिब्बों में सुरक्षा गार्ड की तैनाती नहीं होना | आज होने वाली घटना में भी गार्ड नहीं होने की वजह से लूटेरे घटना को अंजाम दे गए | जबकि थर्ड ऐसी कोच में एक गार्ड, और रेलवे का अन्य स्टाफ मौजूद रहता है |
ऐसी कोच में लूट की घटना गंभीर है क्यों कि ऐसी कोच में यात्रा करने वालों कि सूचि पहले से तय होती और किसको कहाँ से चढ़ना है यह भी पहले से तय होता है | भरतपुर से देहली पहुचने में मात्र ढाई घंटे लगते है | और इसके बीच मुख्यतः कोई ऐसी कोच में सफर नहीं करता इसके बावजूद भरतपुर से चढ़ने वाले व्यक्ति से टिकिट कलेक्टर या किसी गार्ड ने पूछताछ नहीं की ३.१५ पर चढ़ा युवक आधे घंटे तक ऐसी कोच में सवार रहा उसके बाद वारदात को अंजाम देकर फरार हुआ |
मेवाड़ एक्सप्रेस में मथुरा के पास लूट की घटना
अजमेर दरगाह में रौनक, जायरीन की आवक तेज
अजमेर। मोहर्रम यानी मिनी उर्स में शिरकत करने के लिए देशभर से जायरीन के यहां पहुंचने का सिलसिला तेज हो गया है। इससे दरगाह में खासी रौनक बनी हुई है। चारों तरफ जायरीन ही जायरीन नजर आ रहे हैं।
कायड़ स्थित विश्राम स्थली पर भी रविवार शाम तक 243 बसें पहुंच चुकी हैं। हालांकि प्रशासनिक इंतजाम नाकाफी हैं। उधर, दरगाह क्षेत्र में मर्सियाख्वानी और बयान-ए-शहादत का दौर भी शुरू हो गया है। कुछ खादिमों ने दरगाह क्षेत्र में भी प्रशासनिक इंतजाम सही नहीं होने पर रोष जताया है।
मेाहर्रम पर जायरीन की लगातार आवाजाही से दरगाह क्षेत्र में जाम की स्थिति रही। दरगाह परिसर भी जायरीन से खचाखच भरा नजर आया। स्थिति यह थी कि जियारत के लिए आस्ताना शरीफ से अंजुमन कार्यालय तक जायरीन की कतार लगी रही। जायरीन सिर पर फूलों की टोकरी और चादर लिए आगे बढ़ते रहे।
मोहर्रम की पहली तारीख यानी रविवार को ख्वाजा साहब की दरगाह स्थित अहाता-ए-नूर में जोहर की नमाज के बाद शहादत पर बयान हुआ और असर की नमाज के बाद सलाम पढ़ा गया। इसी तरह शाहजहानी मस्जिद, छतरीगेट, लंगरखाना, हताई आदि क्षेत्रों में बयान-ए-शहादत और मर्सियाख्वानी हुई। यह सिलसिला मोहर्रम की दस तारीख तक चलेगा। शहीदे कर्बला की याद में मुस्लिम समुदाय के कुछ लोगों ने हरे कपड़े भी पहने हैं।
अव्यवस्थाओं का आलम, जायरीन परेशान
कायड़ विश्राम स्थली पर भले ही हजारों जायरीन ठहर चुके हैं, लेकिन अभी भी अव्यवस्थाओं का आलम है। पीने के पानी के लिए सबसे ज्यादा परेशानी हो रही है। पानी के हौज भी साफ नहीं किए गए हैं। मैदान में चारों तरफ झाडियां व घास उगी हुई है, जिन पर बैठकर जायरीन खाना पका रहे हैं। यहां तक कि दमकल वाहन भी नहीं है।
उधर, दरगाह क्षेत्र में अव्यवस्थाओं को लेकर खादिम एस.एफ.हसन चिश्ती ने रोष्ा जताया। उनका आरोप है कि मोहर्रम शुरू होने के बाद तक सड़कें टूटी पड़ी, गंदगी पसरी पड़ी है। उन्होंने कहा कि काफी समय पहले ही प्रशासन को समस्याएं गिना दी गई। प्रशासनिक अधिकारियों ने व्यवस्थाओं का जायजा भी लिया, लेकिन कोई फायदा नहीं हुआ।
29 को खुलेगा चिल्ला
दरगाह स्थित बाबा फरीद का चिल्ला 29 अक्टूबर को खोला जाएगा। चिल्ले की जियारत के लिए बड़ी संख्या में जायरीन यहां आते हैं। यह चिल्ला 72 घंटे तक जियारत के लिए खुला रहेगा।
जयपुर में 1100 गर्ल्स बनाएंगी “वर्ल्ड रिकॉर्ड”
जयपुर। दुनिया भर में पॉपूलर हो रहा फोटोग्राफी का ट्रैंड सेल्फी पिंकसिटी में कीर्तिमान का आधार बनेगा।
तीन नवंबर को बिड़ला ऑडिटोरियम में इस रिकॉर्ड के लिए 1100 स्मार्टफोन से ली जाने वाली इस सेल्फी में पर्सनल और गु्रप सेल्फी शामिल होंगी।
ऑल इंडिया वेलफेयर सोसायटी की ओर से आयोजित कुरजां-5 के तहत यह इवेंट होगा।
बनेगा वर्ल्ड रिकॉर्ड
कार्यक्रम संयोजक विक्रम सिंह राठौड़ के अनुसार यह वर्ल्ड में पहला प्रयास होगा, जब इतनी बड़ी संख्या में गर्ल्स सेल्फी लेंगी।
कार्यक्रम में प्रदेश की 21 बेटियों को बेटी सृष्टि रत्न अवॉर्ड भी दिया जाएगा।
अब तक 283 सेल्फी का रिकॉर्ड
गौरतलब है कि गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्डस में द लॉन्गेस्ट सेल्फ फोटोग्राफ्स, रिले चेन का रिकॉर्ड सैमसंग इलैक्ट्रॉनिक्स, अमरीका और हैबीटाट फॉर ह्यूमैनिटी ने मिलकर 14 अक्टूबर को बनाया था।
इसमें 283 लोगों ने एक साथ मिलकर सेल्फी ली थी। कम्यूनिटी कॉज के लिए हुए इस इवेंट से 50 हजार डॉलर इकठ्ठा किए गए थे।
15 अक्टूबर को आईआईटी दिल्ली के स्टूडेंट्स ने 1000 सेल्फी लेकर गिनीज रिकॉर्ड के लिए प्रयास कर चुके हैं।
तानों से परेशान मां ने ली तीसरी बेटी की जान
उदयपुर। दो साल की मासूम अक्षरा की जान उसकी मां रेखा ने ही ली थी।
पुलिस से पूछताछ में रेखा ने जुर्म कबूल लिया। उसने पूछताछ में पुलिस को बताया, उसे तीसरी बेटी होने के बाद अस्पताल से ही ससुराल में ताने मिल रहे थे।
इससे वह कभी मानसिक तनाव से उबर नहीं पाई और इसी तनाव में उसने अक्षरा की हत्या कर दी। बाद में पुलिस ने रेखा को गिरफ्तार कर लिया।
उधर, हत्या का कारण जान गांव सन्न रह गया। रेखा ने मझली बेटी को जन्म के छह माह बाद ही बहन के पास छोड़ दिया था। रेखा ने पुलिस को बताया कि तीसरी बार भी बेटी न हो जाए, इस डर से गर्भपात का प्रयास भी किया था।
रेखा ने पुलिस को बताया कि 17 अक्टूबर सुबह उसने अक्षरा को अपने हाथों से चाय पिलाई। उसके बाद पति के घर में मौजूद रहने के दौरान ही मौका देखकर उसे घर के पिछवाड़े कुएं में पटककर आ गई।
घटना के समय उसकी किसी पर नजर नहीं पड़ी। पति ने भी ध्यान नहीं दिया और वह नौकरी पर चला गया। बाद में उसने ससुर व पति को उसके 4 लापता होने की जानकारी दी। पुलिस ने अपहरण का मामला दर्ज कर दूसरे दिन अक्षरा का शव कुएं से बरामद कर लिया।
इस्लामी नया साल शुरू

उदयपुर । इस्लामी हिजरी संवत 1436 के साथ ही इस्लामी नये साल के पहले माह मोहर्रम की शनिवार बाद नमाज मगरीब चांद दिखने के साथ ही शुरूआत हुई।
मोहर्रम माह का चांद दिखने के साथ ही मुस्लिम समुदाय के लोगों ने एक-दूसरे को हिजरी संवत की मुबारकबाद दी। हजरते इमामे हसन-हुसैन एवं उनके 72 जानिसारों की शहादत के तौर पर मनाए जाने वाले मोहर्रम पर्व के शुरू होने के साथ अब दस दिनों तक विभिन्न मुस्लिम मौहल्लों में पानी की सबीलें लगाई जाएगी। जहां शर्बत एवं हलीम आदि बना तबर्रूक के तौर पर लोगों को बांटा जाएगा।
आज मुस्लिम समुदाय के लोगों ने हिजरी संवत की शुरूआत के साथ घरों में इमामे-हुसैन की फातेहा लगवाई। इस माह की सातवीं तारीख को छडी का जुलूस निकाला जाएगा जो चेटक सर्कल स्थित पलटन की मस्जिद पर सम्पन्न होगा। वहीं नवीं तारीख की रात को भडभुजा घाटी में शहादत की रात मनाई जाएगी एवं दसवीं तारीख को मोहर्रम पर्व मनाया जाएगा।
फिदायिनी हमले की धमकी भरे खत के बाद उदयपुर एयरपोर्ट पर भी सुरक्षा बड़ी

उदयपुर | एयरपोर्ट अथॉरिटी ऑफ इंडिया (एएआई) को मिले धमकी भरे खत के बाद ट्यूरिस्ट सिटी को देखते हुए उदयपुर एयर पोर्ट पर भी अतिरिक्त सुरक्षा बढ़ा दी गयी है | और हर आने जाने वालों की विशेष रूप से चैकिंग की जा रही है |
गौरतलब है कि कल एयरपोर्ट अथॉरिटी ऑफ इंडिया को धमकी भरे खत मिले थे जिसको लेकर अथॉरिटी ने एअर इंडिया की कुछ फ्लाइट्स पर फिदायीन हमले की आशंका जताई है। अथॉरिटी को भेज गए धमकी भरे खत में शुक्रवार को अहमदाबाद से कोच्चि आ रही और कोच्चि से मुंबई जा रही की एअर इंडिया की दो फ्लाइट्स को निशाना बनाने की धमकी दी गई थी। जिसको लेकर शुक्रवार को भारत के तीन बड़े शहरों मुंबई, अहमदाबाद और कोच्चि के एयरपोर्टो पर हाई अलर्ट जारी कर दिया गया था।
सुरक्षा एजेंसी ने पिछले दिनों पर्यटन क्षेत्रों सहित उदयपुर को भी आतंक वादियों के निशाने पर बताया था | क्यों कि उदयपुर में भी विदेशी ट्यूरिस्ट काफी संख्या में आते है | इसी के मद्दे नज़र कल एएसआई को धमकी भरे खत मिलने के बाद तीन बड़े शहरों के साथ साथ उदयपुर में भी सुरक्षा बढ़ा दी गयी है | एयरपोर्ट डायरेक्टर के अनुसार उदयपुर एयर पोर्ट पर सुरक्षा व्यवस्था काफी पुख्ता है लेकिन कल के अलर्ट के बाद और अधिक बढ़ा दी गयी है |
इनका कहना…….
वैसे आमदिनों में भी एयरपोर्ट पर सुरक्षा व्यवस्था काफी मजबूत बानी रहती है | कल एआईसी को धमकी भरे खत मिलाने के बाद उदयपुर के एयरपोर्ट पर भी सुरक्षा और अधिक बढ़ा दी गयी है तथा हर आने जाने वाले और लगेज की जाँच की जारही है | अनिल कुमार वर्मा , डायरेक्टर , उदयपुर एयरपोर्ट
लेकसिटी में गुजराती पर्यटकों की जबरदस्त भीड़

उदयपुर | दिवाली के अगले दिन खेखरे से लेकसिटी में पर्यटकों की बहार आई हुई है | दिवाली ब्रेक का इंतज़ार कर रहे गुजराती पर्यटकों से शहर हो रहा है पर्यटन स्थलों पर भीड़ और कई जगह वाहनों के जाम लगे हुए है | झीलों के लबालब होने से भी पर्यटक अधिक आये हुए है | होटल अधिक तर फुल है प्रमुख बाजारों में भी सैलानियों की उपस्थिति से पर्यटन से जुड़े व्यवसायियों के चेहरों पर रौनक है। छुट्टियों का आनंद उठाने वाले सैलानियों में सर्वाधिक गुजराती हैं।
दिवाली ब्रेक की छुट्टियों में मुख्य तह गुजराती पर्यटकों से लेकसिटी भरी पड़ी है | शहर के सभी प्रमुख पर्यटन स्थल सहेलियों की बाड़ी, दूधतलाई, फतहसागर सिटी पैलेस सभी स्थल पर्यटकों से भरे पड़े हैं। इसी के तहत शहर के सभी होटल, रिसोर्ट, धर्मशालाओं फुल हैं। इधर, शहर की सड़कों की हालत यह है कि जो गाडिय़ां दौड़ रही हैं, उनमें से सबसे ज्यादा गुजरात नंबर प्लेट वाली हैं।

होटल-रेस्टोरेंट में वेटिंग :
पर्यटकों को जहां रुकने के लिए होटल संचालकों को मुंह मांगा किराया देना पड़ रहा है, वहीं रेस्टोरेंट और भोजनालय में सैलानियों को अपनी बारी के लिए इंतजार करना पड़ रहा है। दया भोजनालय के किशन दया ने बताया कि पर्यटकों की संख्या अब बढऩे लगी है। ऐसे में लंच और डिनर के लिए कुछ देर का इंतजार तो करना ही पड़ता है।म यही हाल शहर के और भी कई भोजनालयों के है | जहाँ खाने के लिए भी वेटिंग करनी पढ़ रही है |

वाहनों का जमघट :
प्रमुख पर्यटन स्थल, चौराहों के आसपास स्थित खाने-पीने की दुकानों के बाहर पर्यटकों के वाहनों का जमघट लगा हुआ है। देहली गेट कंट्रोल रूम के सामने तीन डायनिंग हाल होने से वाहनों से सड़क का काफी हिस्सा ब्लॉक हो जाता है, जिससे आने-जाने वालों को परेशानी उठानी पड़ रही है। दूध तले समोर बाग़ जगदीश चौक मार्ग पर भी पर्यटक वाहनों की वजह से जाम लगा हुआ रहता है |
होटल फुल, धर्मशाला, गेस्ट हाउस बने विकल्प :
शहर की प्रमुख होटल ही नहीं बजट होटलों में इन दिनों रूम के लिए सैलानियों को मशक्कत करनी पड़ रही है। होटल व्यवसायी अरुण जैन के अनुसार होटलों में कमरे नहीं मिलने पर जैन धर्मशाला, चंपालाल धर्मशाला, गेस्ट हाउस सैलानियों के लिए विकल्प बने हुए हैं। लक्जरी होटल और पांच सितारा होटल तो दिवाली पूर्व ही बुक हो चुके थे |
दिवाली की रात शहर में लगी छह जगह आग, फायर फाइटर ने पाया आग पर काबू
उदयपुर| दिवाली की रात उदयपुर शहर में छह जगह आग लगी अधिकतर जगह पटाखों की वजह से खाली प्लाट में पड़े कचरे के ढेर में आग लगी एक जगह मादड़ी में अनाज के गोदाम में लगी आग को तुरंत फायर फाइटर द्वारा काबू पाने से बड़ी घटना होने से रोक दिया |
दिवाली के रात अलर्ट रहे फायर फाइटर ने शहर के अलग अलग हिस्सों में छह जगह लगी आग को छोटी से बड़ी होने से रोका और समय पर हर जगह फरार ब्रिगेड पहुंच जाने से कही भी बड़ी घटना नहीं हुई | चीफ फायर ऑफिसर हरीश थानवी ने बताया कि इस बार दिवाली के दिन शहर के अलग अलग हिस्सों में छह जगह आग लगी जिसमे मादड़ी स्थित अनाज के गोदाम में एक कमरे में आग लगी जिसमे रखी कुछ कुर्सियां और खाली बोरियां जली समय पर फायर ब्रिगेड पहुंच जाने से आगे को ज्यादा बढ़ने रोक दिया गया | इसके अलावा बीएन कॉलेज के सामने एक मकान के पास खाली प्लाट में, मेनारिया गेस्ट हाउस के पास खली प्लाट में पड़े कचरे के ढेर में, से. ११ स्थित शाही बाग़ के पास खली पड़े प्लाट में कचरे के ढेर में | देवाली स्थित सेवा मंदिर के पास खाली पड़े प्लाट में, रेलवे स्टेशन के पास जवाहर नगर में रोड पर, आग लगी थानवी ने बताया कि अधिकतर जगह पटाखों के चिंगारी की वजह से कचरे के ढेरों में ही आग लगी जिनको तुरंत काबू किया गया और किसी भी बड़ी घटना को होने से रोक दिया |
शहर भर में तैनात रहे फाइटर :
चीफ फायर ऑफिसर हरीश थानवी ने बताया कि आग की बड़ी घटना ना हो इसको लेकर शहर में फायर अलर्ट जारी कर रखा था जिसकी वजह कही भी बड़ी घटना होने से रोक दिया गया फायर स्टेशन में मौजूद दस फायर ब्रिगेड गाड़ियों को शहर के अलग अलग हिस्सों में अम्बामाता थाना, प्रतापनगर थाना, फतहपुरा, भंडारी दर्शक मंडप, से. ४, से. ११, अशोक नगर फायर स्टेशन में फायर फाइटर सही दमकल वाहन तैनात किये हुए थे जिन्होंने पूरी रात जाग कर शहर में किसी अनहोनी होने से बचाने के लिए अलर्ट रहे | फायर ऑफिसर हरीश थानवी के अलावा सहायक फायर ऑफिसर जय सिंह चौहान , ओमप्रकाश कुमावत, शिवराज मीणा , पुरषोतम, आदि फायर मेन तैनात रहे और रात भर शहर पर नज़र रखे रहे |
शहर भर में रही दिवाली की धूम , सजे बाज़ार, रोशन हुए चेहरे

उदयपुर। शहर भर में दीपोत्सव पारम्परिक धूम धड़ाके और हर्शोल्लास के साथ मनाया गया और गुरूवार को दिवाली शुक्रवार को खेखरा और शनिवार को दीपोत्सव के अंतिम दिन भाई-दूज का पर्व हर्षोल्लास से मनाया जा रहा है। गुरूवार को दीपावली पर शहर सहित उपनगरों के बाजारों में खासी रोशनी की गई। रोशनी देखने पूरा नगर उमड़ पड़ा। बाजारों में रात नौ बजे बाद खासी भीड़ रही। विभिन्न व्यापार संगठनों की ओर से लोगों के मनोरंजन के लिए विविध आयोजन भी किए गए।
भाई दूज पर बहनों ने भाइयों को सपरिवार अपने घर खाने पर आमंत्रित किया है, जहां दोपहर में या शाम को भाई बहन के यहां जाएंगे और भोजन के बाद इच्छानुसार बहन को भेंट देंगे।

दीपावली पर उमड़ी भीड़ : दीपावली पर बाजारों बापूबाजार, सूरजपोल , बड़ा बाजार , भटियानी चोहट्टा में खासी भीड़ रही लक्ष्मी माता के मंदिर पर श्रद्धालुओं की सुबह से भीड़ रही। दिवाली के दिन भी खरीदारी के लिए शहर के अंदरुनी बाजारों में खासी भीड़ रही। शाम को शुभ मुहूर्त में व्यवसायियों ने अपने अपने प्रतिष्ठानों पर तो घरों में भी धन-धान्य से भरपूर रखने की आकांक्षा को लेकर माता महालक्ष्मीजी की पूजा-अर्चना की गई। महालक्ष्मीजी का पूजन कर नानाविध मिष्ठानों का भोग लगाया गया। घर-आंगन में रंग-बिरंगी रोशनी और मिट्टी के दीयों से रोशन कर खुशियां मनाई गई। लोगों ने एक-दूसरे का मुंह मीठाकर दीपोत्सव की शुभकामनाएं दीं। घरों में स्थिर लग्न तो व्यवसाय स्थलों पर चर लग्न में पूजन किया गया। परंपरागत गेरु का स्थान जहां पेंट ने ले लिया, वहीं समयाभाव के कारण रंगोली, माता महालक्ष्मीजी के पगल्ये आदि के स्टीकर लगाए गए।

खूब बिकी ये सामग्री भी: सूरजपोल पुलिस चौकी के पास कमल पुष्प, सीताफल, बेर, चावल और धान की फुल्ली व चाशनी से बने खिलौनों की खूब बिक्री हुई। घर-दुकानों की सजावट के लिए आसा पाल सहित गेंदे के फलों की बंदनवार का भी जोरदार उठाव रहा। दीये, नए कपड़े, रंगोलियां और सजावटी लाइट्स की खूब खरीदारी हुई। बाजार में सोने व चांदी के सिक्कों की खरीदारी की गई। इस बार पिछले साल के मुकाबले गेंदे के फूलों की माला के भाव बढ़ गए। गत वर्ष जो माला 10 रुपए की थी, उसके इस बार 20 से 30 रुपए तक वसूले गए।

आतिशबाजी की खरीद में दिखा उत्साह : शहर के बाजारों में सजे आतिशबाजी के काउंटरों पर दिनभर युवाओं और अभिभावकों के साथ आए बच्चों का तांता लगा रहा। युवा जहां जोरदार धमाके करने वाले सुतली और चमकीले बमों के साथ आकाश में जाकर रंगबिंरगी रोशनी करनेवाले पटाखे खरीदते नजर आए, वहीं बच्चों को जमीन चक्कर, अनार, फुलझडिय़ां और अन्य पटाखे खूब रास आए। इसके अलावा राकेट, एक बार चलाने पर २५ से लेकर ६० बार धमाके करने वाली आतिशबाजी की बिक्री भी चरम पर रही। कॉलोनियों में बच्चों ने सुबह से घरों की छतों पर चढ़कर पटाखे छोडऩा शुरू कर दिया, तो उन्हें पटाखे छोडऩे से रोकना महिलाओं के लिए मुश्किल हो गया। घरों-दुकानों पर भी भव्य सज्जा की गई। पूजन से पूर्व महिलाओं ने घरों में दीए प्रज्ज्वलित किए। उसके बाद पास के देवालयों, मंदिरों में भी दीए रखे गए। फिर पूजा की गई। शाम होते ही मानों बच्चों को मनचाही खुशी मिल गई। बच्चों ने जमकर पटाखे फोड़े। अभिभावक भी सुरक्षा के मद्देनजर उनके साथ ही रहे।

गोवर्धन पूजा: खेंखरे पर महिलाओं ने घर के बाहर गोबर से गोवर्धन बनाकर पूजा अर्चना की। मंदिरों में अन्नकूट के आयोजन हुए। शहर के अस्थल मंदिर, जगदीश मंदिर, श्रीनाथजी मंदिर सहित विविध स्थानों पर अन्नकूट का भोग धराकर श्रद्धालुओं में वितरित किया गया। फिर रामा-श्यामी का दौर चला, जो देर रात तक जारी रहा। मावे की मिठाइयों से दूर रहे शहरवासियों ने आने वाले मेहमानों की खातिरदारी ड्राई फ्रूट्स से ही की।
दीपोत्सव के अंतिम दिन आज भाई दूज भी परम्परा के अनुसार मनाया गया बहनों ने भाई का सत्कार किया और आरती कर उनकी लंम्बी उम्र की प्रार्थना की
भाजपा : सदस्यता के सवाल ने कई दावेदारों को परेशानी में डाला
उदयपुर. पार्षद पद की दावेदारी करने वाले भाजपा के कई कार्यकर्ताओं ने जोश में दावेदारी तो कर दी, मगर बाद में जयपुर से आए आवेदन पत्र में पार्टी के साधारण सदस्य सक्रिय सदस्य से जुड़ी शर्त ने कइयों को परेशानी में डाल दिया है। उदयपुर में जब तक दावेदारी प्रक्रिया पूरी हुई तब तक किसी कोे यह आभास नहीं था कि दावेदारी करने वाले को आवेदन पत्र भी भरना पड़ सकता है।
आवेदन पत्र मंगलवार शाम उदयपुर पहुुुंचे तो शर्त की जानकारी मिली। कई दावेदार ऐसे भी हैं जिन्होंने विधिवत तौर पर पार्टी की साधारण सदस्यता ग्रहण ही नहीं की। ऐसी स्थिति में बुधवार को कई दावेदार पार्टी पदाधिकारियों, मौजूदा भाजपा पार्षदों से संपर्क साध कर साधारण सदस्यता सक्रिय सदस्य बनने की प्रक्रिया से जुड़ी जानकारी करने में जुटे नजर आए। आम तौर पर सदस्यता अभियान के दौरान ही साधारण सदस्य बनाए जाते हैं और पुराने सदस्यों को सक्रिय सदस्य बनाया जाता है। आवेदन प्रक्रिया के बीच ही दीपावली पर्व आने से 25 अक्टूबर तक आवेदन पत्र जमा करवाने का मौका दिया जा रहा है।
दावेदार को आवेदन पत्र मेंं यह भी बताना है कि वार्ड की मतदाता सूची में उसका नाम किस क्रमांक पर है। हालांकि निगम चुनाव को लेकर मतदाता सूची का अंतिम प्रकाशन पिछले सप्ताह ही हुआ है, ऐसे में आम कार्यकर्ताओं तक मतदाता सूची नहीं पहुंच पाई है। इस कारण दावेदारों को नई मतदाता सूची में उसका नाम क्रमांक का पता लगाने मशक्कत ज्यादा करनी पड़ रही है। भाजपा में पार्षद पद की दावेदारी करने वालों को आवेदन पत्र लेने एक हजार रुपए खर्च करने होंगे।










