उदयपुर । शहर में त्योहारी सीजन के चलते लोग खरीदारी के लिए जुट गए है। शहर के मुख्य बाजारों की संकरी गालियों में रविवार को लोगों की अच्छी खासी भीड़ देखने को मिली। गुरू पुष्य नक्षत्र में अच्छी ग्रहाकी के बाद धनतेरस से दीपावली तक अच्छे कारोबार की उम्मीद है। सोमवार सुबह से ही बाजारों में अच्छी भीड़ देखी गई। सुबह सुबह ही शहर के मालदासी स्ट्रीट, बाबुबाजार, अशवनी बाजार, मंड़ी, सिंधी बाजार आदी पर लोगों की भीड़ देखी जा सकती है। सराफा, इलेक्ट्रॉनिक आयटम, ऑटोमाबाइल, दीप, पटाखों व गारमेंट्स सहित अन्य दुकानों पर लोगों ने जमकर खरीदारी की।
मुख्य बाजारों की संकरी गालियां होने से दिनभर कई बार जाम की स्थिती बनी। सबसे ज्यादा परेशानी मालदास स्ट्रीट व मंडी की नाल में वाहनों को निकलने में काफी समस्या आई, जिसके कारण यहां पर बार-बार जाम लगाता रहा। वहीं याताया व्यावस्था भी चरमराने लगी है, लेकिन कोई ट्रैफिक जवान तैनात नहीं होने से स्थिती बार-बार बिगड़ती रही।
ठेला गाड़ी बनी समस्या
शहर के मख्य में स्थित मंडी में ठेला गाड़ी पर दुकान लगाने वालों के कारण वाहन चालकों को काफी समस्या उठानी पड़ी। संकरा मार्ग होने के बावजूद भी ठेला रोड पर ही अपने छोटे-मोटे सामान बेचने लगते है और इनके कारण टै्रफिक व्यवस्था बिगड़ गई। मार्ग पर खड़े रहने के कारण अन्य वाहनों को निकलने में काफी दिक्कतें उठानी पड़ी।
लुभा रहे फैन्सी पटाखे :
पटाखा बाजार में दुकानों लग गई है। लव कुश स्टेडियम में लगी दुकानों में कई पटाखे आए है। लोगों को इस बार बाजार में फै ंसी पटाखे अधिक लुभाएंगे। जहां फुलझड़ी जलाने पर ट्रेन की आवाज निकलेगी। वहीं रंग दरबार के १२ शॅाट आसमान में दिखाई देंगे। १२ कलर म्यूजिक शॉट के साथ ही सितारे निकलेगें। इसके साथ ही उडऩ छतरी, म्यूजिकल ट्रेन के अलावा अन्य पटाखे भी लोगोंं के आकर्षण का कंछ्र बनेगें। स्कुलों की अवकाश होने के कारण पटाखों की दुकानों में भीड़ देखने को नहीं मिली। व्यापारियों ने बताया कि धनतेरस में लोगों की अच्छी भीड़ आने और उसके मुताबिक अच्छे व्यापार की उम्मीद है। पटाका व्यापारियों ने बताया कि हीरो-हीरोइनों के नाम के पटाके बाजार में आये है। जिसके करीना रॉकेट, केटरीना फुलझड़ी, मल्लिका शेरावत के नाम पर रस्सी बंब बिक रही है। इस बार गोङ्क्षवद और ऐश के नाम पर बमों की लड़ी बाजार में है।
कपड़ों की दुकानों पर भीड़ : शहर में रेडीमेट कपड़ों की दुकानों पर खासी भीड़ लगी हुई है दिवाली के चलते कई शो रूम्स पर विशेष ऑफर लगे हुए है जिसके चलते खासी भीड़ जमी हुई है और महिलाएं और पुरुष जम कर खरीददारी कर रहे है | शोरूम्स मालिकों के अनुसार इस बार युवाओं में ब्रांडेड कपडे खरीदने का काफी क्रेज दिख रहा है |
इलेक्ट्रॉनिक्स की बूम : बापूबाज़ार सूरज पोल आदि जगह इलेक्ट्रॉनिक्स आइटम्स के लिए खासे ऑफर्स का इंतज़ाम किया हुआ है और उदयपुर वासी जम कर खरीददारी करने में लगे हुए है | टाउन हॉल पर तो यह आलम है की शोरूम मालिकों ने अपनी दूकान के बाहर तक टीवी फ्रीज आदि जमा रखे है बड़े बड़े गेट लगेहुए है |
दुपहिया और चार पहिया वाहनों की बुकिंग : मंगलवार को धनतेरस होने से पिछले कई दिनों से आज के दिन वाहनों की डिलिवरी के लिए लोगों ने आर्डर बुक किये हुए है एक शोरूम्स मालिक के अनुसार सिर्फ धनतेरस के दिन १८०० दुपहिया वाहनों को डिलीवर करना है जिसकी तैयारी पिछले कई दिनों से कर रखी है |
सजावट के सामान से दुकानें सजीं :
दीवाली में घर-आंगन और मुख्य द्धार को सजाने के लिए कृ त्रिम फुलों की लड़ी, गुलदस्ते और आकर्षक मालाओं का बाजार भी सज गया है। कृत्रिम फू लों से सजी दुकानों बाहर तक सजी हुई है। वहीं विघुत झालरों की दुकानें भ्ज्ञी जगमगाने लगी है। दीवाली पर कमल और फुल मालाओं को बेचने माली समाज के लोग तैयारी कर रहे है।
दिया-बाती की दुकानें लगीं :
धन देवी मॉ लक्ष्मी की पूजा अर्चना के त्यौहार दीपावली में दिया और बाती का महत्व है। मिट्टी के दिये और रूई की बाती बेचने बाजार में दुकानों सजी हुई है। एक व्यापारी ने बताया की मिट्टी के छोटे दिये सबसे ज्यादा बिकते है। त्यौहार के सिजन में दिपक एक रूपये में एक मिल रहा है। वहीं चमकदार रंग-बिरंगे दिये भी ग्राहक पंसद कर रहे है। दीवाली पर घर में मॉ लक्ष्मी का आहान करने द्धार और आंगन में रंगोली सजाने बाजार में रंग बिंरगाी रंगोली सजाने बाजार में रंग बिंरगे रंगोली, मिठाई और फलों की दुकानों भी आकर्षक ढंग से सजाई गई है। श्री लक्ष्मी, गणेश की मूर्तियों तस्वीर बेचने वाले व्यापारी भी दुकान सजाने की तैयारी में है।
त्योहारी सीजन में बड़ी बाजारों में हलचल – बाजारों में छाई रौनक
न तो रूद्राक्ष का खुलासा हुआ, न ही अक्षरा का
अक्षरा की हत्या को हुए चार दिन, गांव मे पूछताछ जारी
उदयपुर। न तो कोटा में अपहृत रूद्राक्ष की हत्या का खुलासा हुआ है और न ही उसी तर्ज पर शहर के प्रतापनगर थाना क्षेत्र स्थित पाड़ा खादरी, साकरोदा में चार दिन बाद भी दो साल की अक्षरा की हत्या के मामले का खुलासा हो पाया है। हालांकि पुलिस अधीक्षक अजयपाल सिंह लाम्बा का दावा है कि महत्वपूर्ण सुराग हाथ लगे हैं और जल्द ही खुलासा कर दिया जाएगा।
पुलिस गांव में अक्षरा के परिजनों सहित अन्य लोगों से पूछताछ कर रही है, लेकिन मृतक के परिवार से किसी की रंजिश होना भी सामने नहीं आ रहा है। पुलिस हत्या में परिवार के ही किसी व्यक्ति का हाथ होने की आंशका जता रही है। ग्रामीणों ने बताया कि अक्षरा का कोई भाई नहीं था। अक्षरा से तीन बड़ी बहनें ही हैं। हालांकि अक्षरा के घर में ही उसके बड़े पापा का लडक़ा रहता है। पुलिस ने रविवार को मृतक अक्षरा के पिता, चाचा, रिश्तेदारों, पड़ोसियों सहित ग्रामीणों से पूछताछ की। पुलिस ने बताया कि जांच के दौरान दो युवकों से पूछताछ की गई जिसमें एक युवक ने बच्ची को बाइक पर ले जाते देखा बताया तो दूसरे ने केवल दोनों बाइक सवारों को ही देखा।
उल्लेखनीय है कि शुक्रवार को पाड़ा खादरी निवासी उपसरपंच भैरू सिंह की पोती और रामसिंह की बेटी अक्षरा लापता हो गई थी। शनिवार सुबह अक्षरा घर के पीछे सौ मीटर दूर कुएं में शव मिला था। पुलिस हत्या का मामला मानकर तफ्तीश कर रही है।
राजे सरकार ने आरएएस अफसरों को दिया दिवाली तोहफा
जयपुर। राज्य सरकार ने दिवाली से पहले सोमवार को एक आदेश जारी कर 121 आरएएस अफसरों को पदोन्नति का तोहफा दिया है।
इनमें से 20 को हायर सुपर टाइम स्केल, 21 को सुपर टाइम स्केल, 42 को सलेक्शन स्केल और 38 को सीनियर स्केल में पदोन्नति दी गई है।
हायर सुपर टाइम स्केल में पदोन्नत अधिकारियों में नानूमल पहाडिय़ा, कैलाश बैरवा, प्रतिभा सिंह, रामचंद्र ढेनवाल, पूरणचंद्र गुप्ता, रामकृष्ण पारीक, राकेश कुमार जायसवाल, इन्द्रसिंह राव, वीरेन्द्रसिंह बांकावत, ओम पारीक गुप्ता, जुल्फिकार बेग मिर्जा, शमसुद्दीन खान, शांतिलाल नागदा, रामदयाल मीणा, यज्ञमित्रसिंह देव, छोटीराम मीणा, प्रकाशचंद्र पवन, भैरूशंकर गर्ग, महेशचंद्र शर्मा, श्यामलाल गुर्जर शामिल हैं।
सुपरटाइम स्केल में पदोन्नत अधिकारियों में टीसी बोहरा, हरजीलाल अटल, किशनलाल बाठेडिय़ा, महावीरप्रसाद मीणा, खजान सिंह, एमएल चौहान, जमीन अहमद कुरैशी, लक्ष्मीनारायण मंत्री, सुनील कुमार शर्मा, पवन कुमार जैन, इकबाल खान, कल्पना अग्रवाल, धीरज कुमार, मनीषा अरोड़ा, राजेन्द्र प्रसाद शर्मा, सुनील शर्मा, पुष्पा सत्यानी, पुखराज सेन, श्रुति भारद्वाज, शंकरलाल शर्मा, प्रतापसिंह राजावत शामिल हैं।
सलेक्शन ग्रेड में रामदयाल मीणा, किरोड़ीलाल मीणा, दिनेश कुमार शर्मा, प्रदीप सांगावत, जयसिंह, संजू शर्मा, पंकज कुमार ओझा, ज्योति चौहान, अजरा परवीन, मुक्तबिहारी जांगिड, निमिषा गुप्ता, कैलाशचंद्र यादव, कालूराम, निशा मीणा, रामचंद्र खराड़ी, मोहम्मद सरवर आलम सिद्दीकी, सुभाष मेहरिया, सुनीता डागा, छोगाराम देवासी, कविता पाठक, श्वेता फगेडिय़ा, सीमा कुमार, रेणु खंडेलवाल, बिन्दू करुणाकर, दाताराम, हजारीलाल, आशु चौधरी, राजरानी शर्मा, राजेन्द्रसिंह राठौड़, बनवारीलाल रमन, प्रियंका जोधावत, नीतू राजेश्वर, ज्ञानचंद्र रेगर, मोहनलाल गुप्ता, यशोदानंदन श्रीवास्तव, राजेन्द्र प्रसाद सारस्वत, प्रकाशचंद्र जैन, अत्तरसिंह मेवला, रामशरण शर्मा, ओमप्रकाश जांगिड़, कृष्णावतार त्रिवेदी और सेवाराम स्वामी शामिल हैं।
सीनियर स्केल में दयानंद शर्मा, रामचंद्र पोटलिया, मोहनलाल वर्मा, महेन्द्रसिंह राठौड़, अशोक कुमार पुरस्वानी, चंदगीराम जाजरिया, सुरेश कुमार सिंधी, ओमप्रकाश शर्मा, सत्यनारायण आचार्य, लक्ष्मणसिंह शेखावत, कमरुद्दीन, चेनाराम चौधरी, अमिताभ कौशिक, चूनाराम विश्नोई, मोहनसिंह राजपुरेाहित, राधे प्रताप सिंह, पुष्कर राज शर्मा, कैलाशचंद्र शर्मा, पारसचंद्र जैन, अमानुल्ला खां, जगदीशचंद्र हेड़ा, विनय कुमार नंगायच, अरविंद कुमार सेंगवा, भागीरथ हावा, लोकेश कुमार गौतम, गोविंदसिंह देवड़ा, रामचंद्र बैरवा, भगवतसिंह देवल, ईश्वरसिंह राठौड़, योगेश कुमार श्रीवास्तव, राजेन्द्र पसाद चतुर्वेदी, करतार सिंह पूनिया, बृजमोहन बैरवा, होशियारसिंह, सुरेन्द्रसिंह मीणा, मेघराजसिंह मीणा, रामकृष्ण मीणा हर्षवर्धनसिंह राठौड़, छगनलाल बेनीवाल, मोहनलाल जाट, नरेन्द्र कुमार जैन, राकेश कुमार गुप्ता, हंसराज मीणा, भागीरथसिंह मीणा, मोहनलाल प्रतिहार शामिल हैं। ताज मोहम्मद एवं राधेश्याम मीणा को वेटिंग में रखा गया है।
सीनियर स्केल में पदोन्नत होने वाले सेवानिवृत्त एसएस चौधरी, रमेश चंद्र मीणा, एमआर मन, अजयपाल ज्ञानी, बजरंगलाल वर्मा, श्रीकृष्ण शर्मा, करतारसिंह मीणा, श्याम लोट, नाथूलाल मीणा, नरेन्द्रपालसिंह, नारसिंह शामिल भगवती प्रसाद प्रजापत, वीरेन्द्रसिंह, अनुराग भार्गव एवं सुरेन्द्रसिंह तंवर शामिल हैं। कमला एवं अजय कुमार पाराशर को वेटिंग में रखा गया है।
घर के पिछवाड़े कुएं में मृत मिली 2 साल की अक्षरा
उदयपुर। साकरोदा के पाड़ा खादरी गांव में शुक्रवार सुबह से अपह्वत बताई गई 2 साल की बच्ची अक्षरा शनिवार सुबह मृत मिली। मकान के पिछवाडे खेत में स्थित कुएं से उसका शव बरामद हुआ। पुलिस का मानना है कि कुएं पर मंुडेर नहीं है लेकिन बच्ची वहां अकेली नहीं पहुंच सकती। कोई बच्चा उसे ले गया और हादसा हो गया। या, किसी निकटतम ने उसकी जान ले ली। हालांकि पुलिस ने अपहरण से इनकार किया है लेकिन हर पहलू पर बारीकी से जांच कर रही है। अक्षरा उपसरपंच भैरूसिंह राजपूत की पोती थी, जो शुक्रवार सुबह 10 बजे घर से लापता हो गई थी।
शाम तक खेजबीन के बावजूद नहीं मिलने पर पिता रामसिंह ने यहां प्रतापनगर थाने में अपहरण का मामला दर्ज कराया था। परिजन ने पुलिस को बताया था कि काली बाइक पर सवार दो युवक बच्ची को ले गए। इस पर पुलिस ने जिलेभर में नाकाबंदी कराई थी लेकिन बालिका का कोई पता नहीं चला था। पुलिस अधीक्षक अजयपाल लाम्बा, एएसपी रेवन्तदान, हनुमान प्रसाद मीणा सहित कई अधिकारी मौके पर पहंुचे और डॉग स्कवायड को भी मौके पर बुलाया।
सर्च के दौरान डॉग मकान व उसके पिछवाड़े खेत में 300 मीटर के दायरे में घूमता रहा। पुलिस ने शुक्रवार देर रात तक आसपास खूब खोजबीन की लेकिन कुछ हाथ नहीं लगा। परिजनोें के शक के आधार पर पुलिस ने दामाद को हिरासत में लेकर पूछताछ भी की।
सौ जवान लगाए, तब मिला शव
डॉग स्कवायड के मकान के आसपास ही घूमने पर पुलिस ने रात को घटनास्थल सीज कर दिया। शनिवार सुबह करीब 100 जवानों की 2 टीमों ने सर्च अभियान चलाया। तब पुलिस को खेत में बिना मंुडेर के कुएं में बच्ची का शव नजर आया। दोपहर को एमबी अस्पताल में पोस्टमार्टम के बाद शव परिजन को सौंप दिया गया।
मौत पर ग्रामीण रह गए अवाक
अक्षरा को मृत देख परिजन की रूलाई फूट पड़ी। शव मिलने की सूचना पर गांव व आसपास के क्षेत्रों से भीड़ मौके पर जुट गई। इस दौरान हर कोई इस सवाल को लेकर उलझन में नजर आया कि नन्हीं सी जान का दुश्मन आखिर कौन हो सकता है? पुलिस ने घटनास्थल के आसपास कई ग्रामीणों से पूछताछ भी की।
शक और जांच के तथ्य
– मकान से कुएं तक मार्ग के बीच में दो खेत हैं। इन खेतों में एक जगह कांटे की बाड़ है, दो जगह 3-3 फीट ऊंची पत्थर की कोट है। वहां बच्ची अकेली जा नहीं सकती है।
– पुलिस का कहना है कि अक्षरा मां-बाप की तीसरी बेटी थी। ऎसे में आशंका है कि किसी निकटतम ने उसकी जान ली हो। इस दृष्टि से भी परिजनों से पूछताछ की जा रही है।
– परिजनों ने जिस दामाद हमेरसिंह पर रंजिश के चलते अपहरण का आरोप लगाया था, उससे उनका 9 माह पहले झगड़ा हुआ था। पुलिस ने उसकी मोबाइल कॉल डिटेल व घटना के समय की लोकेशन का पता लगाया। प्रारंभिक जांच में उसके खिलाफ अपहरण की कोई स्थिति सामने नहीं आई।
– परिजनों का कहना है कि बच्ची सुबह 10 बजे गायब हुई थी जबकि दोपहर 3 बजे उन्होंने बाइक सवार दो लोगों को बच्ची को ले जाते देखा था। इसे पुलिस यह कहकर खारिज कर रही है कि अपहर्ता 5 घंटे तक बच्ची को लेकर क्षेत्र में नहीं घूम सकता।
– जांच में सामने आया कि परिजन का किसी से कोई झगड़ा नहीं था। परिवार इतना धनाढ्य भी नहीं कि मामला फिरौती का हो।
– घटनास्थल के आसपास दोपहर 1.30 बजे तक एक महिला चारा काट रही थी। पास में गैस संयत्र का सायरन बजने के बाद वह खाना खाने घर गई थी और शाम 4 बजे लौट आई थी। पूछताछ में उसने अपहरण या कुएं के आसपास किसी के आने से इनकार किया है। पुलिस का मानना है कि घटना संभवत: दोपहर 1.30 बजे बाद की है। –
थाने में वकील की धुनाई की पुलिस ने
उदयपुर। पारिवारिक विवाद में हुए झगड़े के एक मामले में रविवार को तब बवाल खड़ा हो गया, जब एक अधिवक्ता ने एएसआई पर मारपीट का आरोप लगाया। थाने पर अधिवक्ताओं के प्रदर्शन और घेराव के बाद एएसआई को लाइन हाजिर कर दिया गया।
मामले के मुताबिक, मल्लतलाई निवासी नरेन्द्र नागदा व उनके परिवार के बीच घरेलू विवाद चल रहा था। रविवार सुबह नरेन्द्र की मां व भाभी के मकान पर जाने पर बहस हो गई। बाद में पुलिस दोनों को थाने ले आई। नरेन्द्र का आरोप है कि पुलिस को उन्होंने बुलवाया लेकिन एएसआई माधूसिंह ने थाने मे अभद्रता, मारपीट की। इसकी सूचना पर बार अध्यक्ष भरत जोशी, गोपालसिंह चौहान, अनिल पालीवाल, कल्पित जैन, दिलीप पालीवाल, कैलाश भारद्वाज आदि थाने पहंुचे और प्रदर्शन-घेराव कर एएसआई को हटाने की मांग की। बाद में एएसपी रेवन्तदान ने एएसआई को लाइन हाजिर कर दिया।
बीटेक छात्रा ने आत्महत्या की, शिनाख्त नहीं
उदयपुर। शहर के पानेरियों की मादड़ी क्षेत्र में किराये के कमरे पर रह रही एक कॉलेज छात्रा ने रविवार रात फांसी का फंदा गले में डाल आत्महत्या कर ली। उसकी शिनाख्त नहीं हो पाई है। हिरणमगरी पुलिस के अनुसार 20 वर्षीय उक्त छात्रा ने चार माह पहले उक्त कमरा किराये पर लिया था लेकिन वह वहां कम ही रहती थी। मकान मालिक ने पुलिस को बताया कि कमरा देते समय उसने छात्रा के बारे में ज्यादा जानकारी नहीं ली थी।
उसे केवल इतना पता है कि उसका नाम दुर्गा था। वह दुर्गा जीनगर थी या दुर्गा बुनकर, इसे लेकर वह संशय में है। वह बीटेक की छात्रा थी लेकिन कहां की निवासी थी और किस कॉलेज में पढ़ती थी, इसकी भी उसे जानकारी नहीं है। पुलिस को उसके कमरे से मोबाइल फोन, डायरी या नाम-पते जैसी कोई चीज भी नहीं मिली।
बेटी का सिर काटने वाला दोषी करार, सजा का ऎलान आज

Udaipur।जिला एवं सेशन न्यायाधीश बीएस कुमावत ने बेटी का सिर धड़ से काट उसकी हत्या करने के आरोपित बाप को दोष्ाी माना है। न्यायाधीश सजा के मामले में शनिवार को फैसला सुनाएंगे।
अभियोजन पक्ष के अनुसार 17 जून 2012 को चारभुजा तहसील के डूंगरजी का गुड़ा गांव निवासी आरोपित ओगड़सिंह सोलंकी पुत्र दौलतसिंह ने अपनी बेटी मंजू देवी की ( 20) तलवार से सिर काट कर नृशंस हत्या कर दी थी।
गुस्से में पागल ओगड़सिंह मुण्ड चोटी से पकड़कर गांव में घूमता रहा था। तत्कालीन चारभुजा थानाप्रभारी लालसिंह ने आरोपित को गिरफ्तार कर हत्या का मामला दर्ज किया था। जांच मेें पता चला कि आरोपित बेटी के चाल चलन से नाराज था। कई बार उसने मंजू को समझाया था, लेकिन जब वह नहीं मानी तो ओगड़ सिंह ने उसकी हत्या कर दी।
लोक अभियोजक प्रदीप सांचीहर ने बताया कि मामले में 18 गवाह पेश किए गए, लेकिन सुनवाई के दौरान अधिकांश गवाह अपने बयानों से मुकर गए, लेकिन पुलिस द्वारा बरामद तलवार पर लगा खून, ओगड़सिंह के कपड़ों के खून के धब्बों के डीएनए को जब मृतका के डीएनए से मिलान किया गया तो यह एक पाया गया। डीएनए टेस्ट की रिपोर्ट व पुलिस तफ्तीश के आधार पर न्यायाधीश ने मामले में ओगड़सिंह को दोषी पाया। सजा के बिन्दु पर शनिवार को विचार कर अंतिमरूप से फैसला सुनाया जाएगा।
चर्चित रहा मामला
बेटी की इस तरह नृशंस हत्या करने का यह मामला खासा चर्चित रहा था। जिला मुख्यालय, उदयपुर व जयपुर स्थित कई महिला संगठनों की खूब भत्र्सना की थी। महिला मंच व पीयूसीएल जयपुर की महिला संगठनों ने गांव में जाकर विरोध प्रदर्शन किया था। राज्य मानवाधिकारी के दल ने भी घटनास्थल का दौरा किया था। इधर, आरोपित ओगड़सिंह के लिए भी काफी लोगों में सहानुभूति दिखीा।
“लव जेहाद” और करीना से शादी पर खुलकर बोले सैफ
बॉलीवुड अभिनेता सैफ अली खान ने “लव जेहाद” पर मचे बवाल पर खुलकर अपनी बात रखी है। उन्होंने कहा है कि हिंदू और मुस्लिम के बीच शादी होना जेहाद नहीं है।
उन्होंने लिखा है, “मैं एक खिलाड़ी का बेटा हूं, इंग्लैंड, भोपाल, पटौदी, दिल्ली और मुंबई में पला बढ़ा हूं। मैं हिंदू या मुसलमान होने से ज्यादा एक भारतीय हूं क्योंकि मुझे पता है कि मैं दोनों ही हूं। मैं लोगों पर या देश और गांव में सांप्रदायिकता पर टिप्पणी के लिए नहीं लिख रहा हूं, इसके पीछे कारण वह एक मुद्दा है जो मेरे दोस्तों और उनके परिवार से जुड़ा है।”
मां-बाप की शादी का जिक्र
उन्होंने लिखा है, “जब मेरे मां-बाप ने शादी करने का फैसला किया था तो यह किसी के लिए आसानी से मानने वाली बात नहीं थी। राजशाही परिवार के अपने मसले थे और ब्राह्मण परिवार के अपने। वास्तव में दोनों तरफ के अतिवादी लोगों से जान का खतरा था। लेकिन तब भी शादी हुई। हम लोग असल जिंदगी की प्रेम कहानी के बीच बडे हुए, हमारे अपने बड़ों ने प्यार के लिए शादी की, परंपराओं के बारे में ज्यादा चिंतित नहीं हुए। हमलोगों को इस बात में विश्वास है कि ईश्वर एक है पर उसके नाम कई हैं।”
करीना कपूर से शादी
“जब मैं और करीना ने शादी की तब भी वैसे ही जान के खतरे थे। इंटरनेट पर लोग लव जेहाद को लेकर बेतुकी बातें कर रहे हैं। हम लोग उस धर्म या आध्यात्मिक बातों को मानते हैं, जिसमें हमारा विश्वास है। हम दोनों उनके बारे में बातें करते हैं और एक दूसरे के विचारों का सम्मान करते हैं। मुझे पूरी उम्मीद है कि मेरे बच्चे भी ऎसा ही करेंगे।”
“मैंने चर्च में प्रार्थना की है और करीना के साथ समारोह में शामिल हुआ हूं, जबकि वह दरगाह पर माथा टेकती हैं और मस्जिद में इबादत करती हैं। जब हमलोगों ने अपने नए घर में प्रवेश किया तो हमने हवन भी कराया और कुरान का पाठ भी हुआ। एक पंडित ने पवित्र जल में छिड़के।”
मुस्लिमों से शादी करने से क्यों डरते हैं लोग
“मुझे पता है कि अच्छे लोग अपनी बेटियों की शादी मुस्लिमों से करने से डरते हैं। वे बेटी के धर्मातरण, जल्द तलाक और अनेक विवाह जैसी बातों से डरते हैं क्योंकि यह लड़कियों से ज्यादे लड़कों के फेवर में है। नि:संदेह ये बातें पुरानी हो चुकी हैं। इस्लाम को सबसे ज्यादा आधुनिक होने की जरूरत है और स्वयं को प्रासंगिक बनाए रखने के लिए बदलाव जरूरी है। हमें अच्छाई औरी बुराई के बीच फासले के लिए आवाज उठाने की भी जरूरत है।”
“”लव जेहाद” क्या होता है”
“सबसे अच्छी खबर तो यह है कि किसी को शादी करने के लिए अपना धर्म बदलने की जरूरत नहीं होती है। भारत तो हिंदू, मुस्लिम और कई धर्म से मिलकर बना है। आधुनिक भारत में सबसे बड़ी चिंता इस बात की है कि हम अपने इतिहास को भूलते जा रहे हैं। मुझे नहीं पता कि “लव जेहाद” क्या होता है। देश में यह एक जटिल समस्या पैदा कर दी गई है।”
आदाब और नमस्ते करना एक साथ सीखा
“मुझे अंतरजातीय विवाहों के बारे में पता है क्योंकि मैं भी उनमें से ही एक का बेटा हूं और मेरे बच्चे भी वैसे ही होंगे। अंतरजातीय विवाह जेहाद नहीं है। अ ंतरजातीय विवाह भारत है, भारत मिले जुले समाज का एक रूप है। अंबेडकर ने भी कहा है कि जातीवाद को अंतरजातीय विवाह से खत्म किया जा सकता है। इन विवाहों से ही भविष्य के सच्चे भारतीय देश को सही दिशा में आगे ले जा सकते हैं। मैं भी अंतरजातीय विवाह का ही प्रमाण हूं। मेरे पूरी जिंदगी में ईद, होली, दीवाली के रंग भरे पडे हैं। हमे एक ही साथ आदाब और नमस्ते करना सिखाया गया है।”
एक दूसरे से प्यार करने की जरूरत
सैफ आगे लिखते हैं, “यह दुख की बात है कि धर्म को मानवता और प्यार से ज्यादा अहमियत दी जाने लगी है। मेरे बच्चे जन्म से मुस्लिम हैं लेकिन उनका रहन सहन एक हिंदू की तरह है। अगर वह बौद्ध धर्म अपनाना चाहें तो मेरा आर्शीवाद उनके साथ है। हम लोग मिश्रित हैं, यह महान देश हमारा है। ये तो हमारी अपनी दूरियां हैं जिससे हमे यह एहसास दिलाता है कि हम क्या हैं। हमे इससे आगे बढ़कर सोचने की जरूरत है, हमें दूसरों को स्वीकार करने, उसका सम्मान करने और एक दूसरे से प्यार करने की जरूरत है।”
“मुझे लगता है कि पूरे देश के लोगों के लिए एक ही कानून होना चाहिए, सबसे लिए एक ही नागरिक आचार संहिता होनी चाहिए। हम सबको एक राष्ट्र के तौर पर सोचना चाहिए। सभी धर्म उसके बाद आने चाहिए। हम अपने बच्चों को ईश्वर और उसके हजारों नामों के बारे में बताएं लेकिन उससे भी ज्यादा जरूरी ये है कि उनको यह भी बताएं कि वह अपने साथ वाले शख्स को सम्मान दे और प्यार करें। यह काफी महत्वपूर्ण है।”
‘सखी’ व ‘मर्यादा’ अभियान, हिन्दुस्तान जिंक की एक अदभुत पहल
‘सखी’ अभियान के तहत ग्रामीण महिलाओं का सामाजिक व आर्थिक सषक्तिकरण
एवं
‘मर्यादा’ अभियान के तहत गांवों के घरों में शौचालयों का निर्माण

उदयपुर | राजस्थान राज्य में प्रगति की मुख्य धारा गांवों से होकर गुजरती है। गांवों का विकास पर्याय है राज्य के विकास का। ग्रामीण घरों में विकास की डोर महिलाओं के सामाजिक व आर्थिक सषक्तिकरण से जुड़ी हुई है। महिलाओं का सषक्तिकरण एक पूरे
परिवार को सषक्त बनाता है तथा परिवार के साथ पूरा गांव व अन्ततः पूरा देष सषक्त होने के मार्ग पर चल पड़ता है।
हिन्दुस्तान जिंक राजस्थान में पांच जिलों के लगभग 200 गांवों में अपने सामाजिक सेवा के विभिन्न कार्य कर रहा है। एक सम्पूर्ण सोच से हिन्दुस्तान जिंक के सामाजिक कार्य एक नवजात षिषु से लेकर गांव के बढ़े बुजर्गों तक पहुंच रहे हैं।
इसी कड़ी में हिन्दुस्तान जिंक ने राजस्थान की ग्रामीण महिलाओं के लिए दो अद्भुत अभियान की शुरुआत की है। पहला अभियान ‘सखी’ जिसके अंतर्गत हिन्दुस्तान जिंक ने 6000 ग्रामीण व आदिवासी महिलाओं को जोड़ा है तथा उनकों उद्यमी बनाने की पहल की है। व्यवस्थित कार्यषालाओं द्वारा इन महिलाओं को कृषि, पशुपालन, साज-सज्जा, वस्त्र, घर के सामान, टेरीकोटा से बना सामान, जूट से बना सामान आदि का प्रषिक्षण दिया गया है। जिसके उपरान्त इन महिलाओं की मासिक आमदनी में प्रषंसनीय बढ़ोतरी हुई है।
हिन्दुस्तान जिंक ने ग्रामीण महिलाओं के सशक्तीकरण के लिए वर्ष 2005-06 में स्वयं सहायता समूहों का गठन शुरू किया था। प्रत्येक समूह में 12 से 15 ग्रामीण एवं आदिवासी महिलाओं को शामिल किया जाता है। स्वयं सहायता समूह की इन महिलाओं को बचत करने, उन्हें बैंकों से जोड़ने एवं उनकी इच्छानुसार प्रशिक्षण दिया जाता है। वर्तमान में हिन्दुस्तान ज़िंक के पास पांच जिलों-उदयपुर, चित्तौड़गढ़, राजसमंद, भीलवाड़ा और अजमेर में 450 से अधिक ‘सखी’ स्वयं सहायता समूह कार्यरत है जिनसे 6000 से अधिक ग्रामीण व आदिवासी महिलाएं जुड़ी हुई हैं।
व्यावसायिक प्रषिक्षण मिलने के उपरान्त इन महिलाओं को विभिन्न कस्बों के साथ बड़े शहरों से भी ऑर्डर मिलने लगते हैं। हिन्दुस्तान जिं़क की ओर से एक क्लस्टर के प्रबंध के लिए एक समन्वयक रखा जाता है जो आर्डर लाने में इनकी मदद करता है।
हर महिला कपड़े, सामान, घर की सामग्री या अन्य उत्पादों में प्रशिक्षित नहीं होना चाहती बल्कि अपने परंपरागत कृषि और पशुधन विकास में प्रशिक्षण चाहती हैं। ऐसी महिलाओं के लिए विशेष प्रोजेक्ट्स एवं प्रशिक्षण शिविर लगाए जाते हैं। इनमें नकदी फसल की खेती, जल संचयन, ग्रीन-हाउस डवलपमेंट, बीज चयन जैसे आयोजन प्रषिक्षण प्रजनन और कृत्रिम गर्भाधान के प्रबंध प्षुधन एवं टीकाकरण पर प्रषिक्षण दिया जाता है।
हिन्दुस्तान जिं़क का दूसरा अभियान है ‘मर्यादा’, जिसके अंतर्गत तीन जिलों के दूरदराज गांवों में शौचालयों का निर्माण किया जा रहा है तथा साफ-सफाई व स्वच्छता के प्रति जागरूकता लाई जा रही है।
गांवों के घरों में शौचालयों न होने का कुरूप्रभाव महिलाओं पर अधिक पड़ता है। महिलाओं का ख्ुाले में शौच जाना, सुरक्षा, लज्जा एवं मर्यादा का प्रष्न है। अधिकतर ग्रामीण महिलाएं जो खुले में शौच जाती या तो सूर्योदय से पहले जाती है, या सूर्यास्त के बाद। गर्भवती महिलाओं के लिए कठिनाइयां और भी बढ़ जाती है। खुले में शौच जाने से एवं स्वच्छता के अभाव से इन महिलाओं में डायरिया, कोलरा, टायफायड आदि व स्वच्छता से संबंधित अनेकों बीमारियां होने का खतरा लगा रहता है।
राजस्थान सरकार की पहल पर हिंदुस्तान जिंक ने 30 हजार शौचालय बनाने के एमओयू पर हस्ताखर किये हैं। अब तक हिंदुस्तान जिं़क 30,000 में से 10,000 शौचालयों का निर्माण पूरा कर चुका है।

खुले में शौच करने वाले देशों में भारत की एक बड़ी आबादी शामिल है। यूनिसेफ की रिपोर्ट्स के अनुसार भारतीय ग्रामीण आबादी के केवल 48 प्रतिषत क्षेत्र में स्वच्छ शौचालयों की सुविधा हैं। भारतीय आबादी के 50 प्रतिशत से अधिक खुले में शौच करते हैं। भारत की ग्रामीण आबादी का केवल 21 प्रतिशत हिस्सा स्वच्छ
शौचालय की सुविधा का उपयोग करता हैं।
बांग्लादेश और ब्राजील जैसे देशों में भी उनकी जनसंख्या का केवल 7 प्रतिशत खुले में शौच करता है। चीन में जनसंख्या का केवल 4 प्रतिशत हिस्सा खुले में शौच करता है।
हिन्दुस्तान जिं़क के हेड-कार्पोरेट कम्यूनिकेषन पवन कौषिक ने बताया कि भारत में विशेष रूप से राजस्थान की आबादी का 60 प्रतिशत हिस्सा खुले में शौच करता है। विश्व स्वास्थ्य संगठन की रिपोर्ट के अनुसार देश में 50 करोड़ से अधिक लोग गटर, नालों एवं झाड़ियों के पीछे खुले में शौच जाते हैं। इसके पीछे मुख्य कारण जागरूकता की कमी एवं आधारभूत ढांचे का अभाव है। इसमें कोई दो राय नहीं कि ग्रामीण भारत के लिए ये आंकड़े काफी अधिक हैं। परन्तु बड़े शहर और महानगर भी पीछे नहीं हैं।
उदयपुर में दस दिनों में मिले 27 एड्स रोगी, 532 यौन रोगी
20 गांवों के 4,322 लोगों को मिला निःशुल्क जांच का लाभ
शिविर के अंतिम दिन पडावली व वास में पाए गए 8 एड्स रोगी
उदयपुर, 16 अक्टूबर का.स.) । पिछले दस दिनों से उदयपुर जिले में नेशनल एड्स कंट्रोल ऑर्गेनाइजेशन (नाको) व राजस्थान स्टेट एड्स नियंत्रण सोसायटी के निर्देश पर चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग, जिला एड्स नियंत्रण इकाई द्वारा चलाये जारहे चिकित्सा जांच शिविरों में अब तक २७ एच आई वी संक्रमित व्यक्ति पायेगये सबसे अधिक गुरूवार गोगुन्दा में पढ़ावली में हुए जाँच शिविर में पायेगये |
नोडल अधिकारी मनु मोदी ने जाकारी देते हुए बताया कि जिले में शुरू हुए सघन चिकित्सा जांच शिविरों के दसवें दिन आज गोगुन्दा उपखंड के पडावली व वास में सर्वाधिक आठ व्यक्ति एचआईवी संक्रमित पाए गए, इनमें दो महिलाएं और छ: पुरुष हैं। इन्हें मिलाकर दस दिनों से चल रहे शिविरों में अब तक 27 एचआईवी संक्रमित लोगों का पता लगाने में सफलता मिली है, इनमें से 13 महिलाएं और 14 पुरुष हैं। आज एचआईवी संक्रमित लोगों की इतनी बड़ी संख्या को देखते हुए सबके दुबारा टेस्ट किए गए, लेकिन सारी रिपोर्ट्स कन्फर्म निकली। भविष्य के उपचार एवं निःशुल्क दवाओं के लिए इन्हें उदयपुर में एम बी होस्पिटल स्थित एआरटी सेन्टर रेफर कर दिया गया है। डॉ मनु मोदी ने बताया कि जिले के दस उपखण्डों के बीस गांवों में इन शिविरों का आज दसवां दिन था। इन दस दिनों में कुल 4,322 लोगों को उपचार व परामर्श का लाभ मिला है, इनमें से 3,731 लोगों का एचआईवी टेस्ट किया गया, इनमें से 532 लोग यौन रोगों से पीड़ित थे व शेष अन्य बीमारियों से ग्रस्त पाए गए।
आज अभियान के आखरी केम्प में गोगुन्दा क्षेत्र के पडावली व वास में आज कुल 581 रोगियों की निःशुल्क जांच की गई तथा 524 लोगों का एचआईवी टेस्ट किया गया, इनमें से 72 लोग यौन रोगों से पीड़ित थे व शेष अन्य बीमारियों से ग्रस्त पाए गए, जिन्हें उपचार व परामर्श मुहैया कराया गया।
इन शिविरों में डॉक्टरों की टीम डॉ. ओमप्रकाश रायपुरिया, डॉ. शर्मीला रायपुरिया, डॉ. अजित सिंह वाघेला, डॉ. वैभव भटनागर व चल चिकित्सा इकाई ने रोगियों की जांच की। यहां शिक्षा प्रचार समिति के बी.पी. आमेटा और एल. आहारी का पूरा सहयोग रहा और उन्होंने अधिकाधिक रोगियों को शिविर में लाने में मदद की। स्वास्थ्य केन्द्र के नर्सिंग स्टाफ व अन्य कर्मचारियों का भी पूरा सहयोग रहा।
उप मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. राघवेन्द्र राय भी शिविर का जायजा लेने के लिए उपखण्डों पर उपस्थित होते रहे राय ने शिविरों में संक्रमित लोगों की संख्या को देखते हुए चिंता जताई और कहा कि जिस प्रकार यौन रोगों व एचआईवी संक्रमण के मामले सामने आए हैं, उनके मद्धेनजर क्षेत्र में कार्यरत एएनएम के माध्यम से वृहद् स्तर पर पूरा अभियान चलाया जाएगा।
राज्य के डॉ. मनु मोदी ने बताया कि दस दिन के इन शिविरों का सारा प्रबंधन डेप्क्यु के देवेन्द्र पाल, शूरवीरसिंह राणा, अजय गहलोत ने मिलकर संभाला, इनके सहयोग के बिना शिविरों को इतनी सफलता नहीं मिल सकती थी। कई जगह आशाओं, आंगनवाडी कार्यकर्ताओं के प्रचार के बावजूद जब लोग जांच के लिए नहीं आ रहे थे तो यही टीम माईक लेकर अलग-अलग मगरों व फलों में पहुंची और लोगों से समझाईश की, जिससे लोग अपने घरों से बाहर निकलकर जांच के लिए पहुंचे।
नोडल अधिकारी रूपक मोहंती ने बताया कि नेशनल एड्स कंट्रोल ऑर्गेनाइजेशन (नाको) व राजस्थान स्टेट एड्स नियंत्रण सोसायटी के निर्देश पर चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग, जिला एड्स नियंत्रण इकाई द्वारा हिन्दुस्तान जिंक लि. के वेदांता समूह के सहयोग से शिविर में मीरा संस्थान, मानव सेवा संस्थान, त्रिमूर्ति शिक्षा प्रसार समिति की चल चिकित्सा इकाई व प्रचार में जादूगर एम. लाल का सहयोग रहा। शिविरों में क्षेत्र में कार्यरत काउंसलर्स, एएनएम, आशाओं और आंगनवाडी कार्यकर्ताओं की विशेष ड्यूटी लगाई गई थी।

