आईआईटी में उदयपुर के चित्रांग देश में अव्वल

Chitrang

उदयपुर। इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी (आईआईटी) के ज्वाइंट एंट्रेंस एक्जाम के आज घोषित हुए परिणाम में पूरे देश में उदयपुर के चित्रांग मुर्डिया अव्वल रहे हैं। उदयपुर के ही कौशल बाबेल २७वें स्थान पर रहे हैं। चित्रांग पुत्र मनीष मुर्डिया डीपीएस के १२वीं कक्षा के छात्र हैं। डीपीएस की प्राचार्य नीरू टंडन ने बताया कि चित्रांग काफी काबिल और होशियर छात्र है। इससे पूर्व भी कई प्रतियोगिता परीक्षा में वह अव्वल रह चुका है। अभी चित्रांग परिवार के साथ जयपुर में हैं, जो कल उदयपुर पहुंचेगा। कौशल बाबेल पुत्र सत्यवीर बाबेल एमडीएस स्कूल का छात्र है। स्कूल संचालक शैलेंद्र सोमानी ने बताया कि कौशल मेधावी छात्र है, कौशल की उपलब्धि पर पूरे स्कूल को नाज है।

भाजयुमो जिलाध्यक्ष पर महिला कार्यकर्ता से बदसूलकी का आरोप

-महिला कार्यकर्ता ने सुखेर थाने में दर्ज कराया मामला, पहले जिलाध्यक्ष सूरजपोल थाने में करवा चुका है रिपोर्ट दर्ज
-मुख्यमंत्री को भी भेजा जिलाध्यक्ष के खिलाफ शिकायती पत्र
उदयपुर। भाजयुमो जिलाध्यक्ष जिनेंद्र शास्त्री के खिलाफ एक महिला कार्यकर्ता ने बदसलुकी का आरोप लगाते हुए सुखेर थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई है। यह प्रकरण ५०६, ५०९ आईपीसी एवं ६६ (ए) आईटी एक्ट के तहत दर्ज किया गया है। महिला कार्यकर्ता ने क्रमददगारञ्ज को एक रिकार्डिंग उपलब्ध कराई है, जिसमें जिनेंद्र शास्त्री के खिलाफ कार्रवाई करने पर एक असामाजिक तत्व द्वारा उसे भद्दी गालियां देते हुए जान से मारने की धमकी दी गई। हालांकि उक्त महिला कार्यकर्ता के खिलाफ जिनेंद्र शास्त्री सूरजपोल थाने में पहले ही रिपोर्ट दर्ज करा चुका हैं, जिसमें उसने महिला कार्यकर्ता के खिलाफ मानहानि का आरोप लगाया है। इस संबंध में महिला कार्यकर्ता द्वारा मुख्यमंत्री को भी पत्र लिखकर जिलाध्यक्ष जिनेंद्र शास्त्री के खिलाफ शिकायत की है।
सूत्रों के अनुसार महिला कार्यकर्ता न्यू भूपालपुरा क्षेत्र की रहने वाली है। उसने दर्ज कराई रिपोर्ट में बताया कि जब से वह पार्टी से जुड़ी है, तभी से भाजयुमो जिलाध्यक्ष जिनेंद्र शास्त्री उससे नजदीकी बढ़ाने लगा। पार्टी में बड़ा पद देने का लालच देने लगा। इनकार करने पर दोनों के बीच विवाद हो गया। महिला कार्यकर्ता द्वारा इसकी शिकायत पार्टी में करने पर उसे धमकाया जाने लगा। भाजयुमो जिलाध्यक्ष के नाम से कॉल आने लगे, जिसमें उसे जान से मारने तक की धमकियां दी जाने लगी। इस संबंध में महिला कार्यकर्ता ने मुख्यमंत्री से भी शिकायत की है। इस मामले की जांच सूरजपोल सीआई रमेश शर्मा को सौंपी गई है।
वर्जन…
इस मामले मेें मेरे विरोधी गुट का हाथ है, जो इस युवती को भ्रमित कर रहा है। जहां तक धमकी भरी रिकार्डिंग की बात है, वह उसने खुद ने बनवाई है, जो जांच में स्पष्ट हो जाएगी।
-जिनेंद्र शास्त्री, जिलाध्यक्ष, युवा मोर्चा
जहां तक मुझे जानकारी है, उक्त युवती भारतीय जनता पार्टी की कोई सदस्यता नहीं है।
अल्का मूंदड़ा, अध्यक्ष, महिला मोर्चा

बाबेल की हत्या करने का था प्लान !

डर के कारण बार-बार बयान बदल रहे हैं बाबेल, ठेकेदार माफिया ने रची हत्या की साजिश, आत्महत्या या हादसे जैसे कोई साक्ष्य नहीं लगे पुलिस के हाथ

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उदयपुर। नगर निगम के वरिष्ठ एक्सईएन समरथसिंह बाबेल ने आत्महत्या करने की कोशिश नहीं की थी, बल्कि उनकी हत्या करने के लिए कुछ बदमाशों ने उनकी कलाइयां काटकर उन्हेें वहां फेंक दिया था। पता चला है कि इस वारदात को ठेकेदार माफिया द्वारा अंजाम दिया गया है। हालांकि श्री बाबेल आज भी एमबी हॉस्पीटल के आईसीयू में उपचाराधीन है, लेकिन वहां भी उनकी जान को खतरा बना हुआ है।
विश्वस्त सूत्रों ने बताया कि श्री बाबेल की कलाइयां काटकर आत्महत्या की कोशिश का रूप दिया गया है। प्लान तो उनका मर्डर करने का था लेकिन भाग्य से वे बच गए। पता चला है कि श्री बाबेल के पास लाखों रुपयों के भुगतान की फाइलें पड़ी हुई हैं, जिन पर उनके हस्ताक्षर आवश्यक है। श्री बाबेल ने फर्जी बिलों पर हस्ताक्षर करने से मना कर दिया, इसी वजह से ठेकेदार माफिया उनकी जान लेने पर तुला हुआ है। बताया गया है कि करीब सात लाख रुपए के भुगतान की एक फाइल विवाद का कारण बनी तो उन्हें निबटाने की योजना बनाई गई। इसके तहत ठेकेदार माफिया ने सुपारी दे दी। सुपारी लेने वाले गिरोह ने रैकी करते हुए वारदात स्थल तय किया। जब बाबेल बाइक से दूधतलाई पहुंचे, तो कुछ लोगों ने उन्हें निर्जन स्थान पर दबोच लिया। उन्हीं लोगों ने बाबेल की कलाइयां काटी और उन्हें बेहोशी की हालत में वहीं छोड़ कर फरार हो गए। बताया यह भी गया है कि भय के कारण बाबेल बार-बार अपने बयान बदल रहे हैं। पता चला है कि निगम में हर काम पर १५ प्रतिशत कमीशन लंबे अर्से से बंधा हुआ है। इसमें से दो प्रतिशत एक्सईएन, एक-एक प्रतिशत जेईएन, दो प्रतिशत कमिश्नर और आधा प्रतिशत बाबू को मिलता है। बताया गया है कि निगम में ऐसे कई कर्मचारी है, जिन्होंने अपने परिजनों और विश्वास के लोगों के नाम पर ठेके भी ले रखे हैं। एक कर्मचारी तो ऐसा भी है, जिसने अकेले ने ३४ वार्डों में ठेके ले रखे हैं। बताया गया है कि ईमानदार कर्मचारियों पर भारी दबाव है। कुछ समय पहले एक क्लर्क महेश गोयर को एक पार्षद ने निगम के दफ्तर में ही पीट दिया लेकिन कमिश्नर ने मामला पुलिस मेें दर्ज नहीं कराया। बताया गया है कि वर्षों पहले कमिश्नर रणजीतसिंह गठाला पर कथित आठ हजार की सुपारी देकर चांदपोल क्षेत्र में हमला करवाया गया था। इसमें लिप्त लोगों को बाद में तत्कालीन कांग्रेस के गृहमंत्री ने अपने प्रभाव से बचाया। सूत्रों ने बताया कि पूर्व कमिश्नर के पीए रंगीन मिजाज रघुवीरसिंह राठौड़ को भी आधी रात में सूरजपोल चौराहे पर ट्रक से कुचल दिया गया। वह भी मर्डर था, लेकिन उसे एक्सीडेंट में निरूपित कर दिया गया। पता चला है कि पुलिस ने श्री बाबेल के नये बयान में सीढिय़ों से गिरने से घायल होना लिखा है, लेकिन जहां वे पड़े मिले वहां दूर-दूर तक सीढिय़ां है ही नहीं।

चावंड में दो समुदायों के लोग भिड़े, माहौल बिगड़ा

-आईजी, एसपी मौके पर पहुंचे, भारी पुलिस जाब्ता तैनात, दो गिरफ्तार
उदयपुर। चावंड में आज सुबह एक दुकान पर पान मसाले को लेकर पहले दुकानदार और एक युवक में झगड़ा हुआ, जिसने बाद में सांप्रदायिक रंग ले लिया। दोनों समुदाय के लोग आमने-सामने हो गए। तनावपूर्ण हालात को देखते हुए भारी पुलिस जाब्ता तैनात किया गया। दोपहर में आईजी जीएन पुरोहित और कार्यवाहक एसपी हनुमान प्रसाद भी मौके पर जायजा लेने गए। कार्यवाहक एसपी हनुमान प्रसाद ने बताया कि स्थिति नियंत्रण में हैं और निगरानी रखी जा रही है।
सूत्रों के अनुसार चावंड में मातेश्वरी डेयरी हैं, जहां आज सुबह समुदाय विशेष का एक युवक गया, जिसने डेयरी मालिक नारायण तेली से पान मसाला मांगा। रुपए के लेन-देन को लेकर दोनों में झगड़ा हो गया। इससे समुदाय विशेष के लोग वहां पहुंच गए, जिन्होंने दुकान में घुसकर तोडफ़ोड़ कर दी। काफी माहौल गरमा गया और दोनों समुदाय के लोग आमने-सामने हो गए। सूचना पर पहुंची पुलिस ने समझाइश करके दोनों समुदाय के लोगों को शांत किया। उदयपुर और आसपास के थानों से भारी जाब्ता चावंड भेजा गया है, जो निगरानी रखे हुए हैं। आईजी जीएन पुरोहित, कार्यवाहक एसपी हनुमान प्रसाद ने भी वहां पर हालात का जायजा लिया। अभी हालात नियंत्रण में बताए जा रहे हैं। पुलिस ने शांतिभंग के आरोप में दो लोगों को गिरफ्तार किया है।
वर्जन…
पान मसाले को लेकर दो पक्षों में झगड़ा हो गया था। मामले की जांच की जा रही है। हालत नियंत्रण में हैं। भारी जाब्ता तैनात कर दिया गया है, जो नजर रखे हुए हैं।
-हनुमान प्रसाद, कार्यवाहक एसपी

टेंशन देती है, नगर निगम

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-परिजनों के सौभाग्य से बच गए बाबेल, पहले भी एक कर्मचारी को आया अटैक, दूसरे ने छत से कूदकर किया आत्महत्या का प्रयास

उदयपुर। नगर निगम के एक्सईएन समरथसिंह बाबेल महाराणा भूपाल चिकित्सालय के आईसीयू मेें अब खतरे से बाहर है। श्री बाबेल ने कथित रूप से आत्महत्या के लिए दोनों हाथों की कलाइयां काट ली थी, लेकिन परिवार वालों के सौभाग्य से बच गए।
बताया गया है कि श्री बाबेल पर गलत काम करने के लिए लगातार दबाव डाला जा रहा था, जिससे परेशान होकर उन्होंने आत्महत्या का प्रयास किया। इससे पहले बाबेल ने एक सुसाइड नोट में सारा वृतांत लिखकर आत्महत्या करने की मजबूरी बताई। यह पत्र पुलिस ने बरामद किया लेकिन उसे रिकार्ड पर लेने से पहले ही कुछ लोगों ने इसे लेकर फाड़ दिया। इसके बाद इस नोट के स्थान पर दूसरा कागज रखवा दिया गया। अब सारे मामले को दुर्घटना का रूप देने की कोशिश की जा रही है।
पता चला है कि श्री बाबेल के बयान भी अब बदलवा दिए गए हैं। उल्लेखनीय है कि इसी तरह गलत काम करने का दबाव डालने से पिछले वर्षों में उमेश दांत्या को तनाव के कारण ऑफिस में ही हार्ट अटैक हुआ और महेश गोयर ने छत से कूदकर जान देने का प्रयास किया था। बताया गया है कि निगम में प्रतिनिधि गिरोहबद्ध होकर काम कर रहे हैं, जिनसे अधिकारियों और कर्मचारियों में खौफ का माहौल बना हुआ है। समरथ सिंह बाबेल के मामले को अब सत्ता पक्ष के पार्षद, महापौर और पुलिस साथ मिलकर एक्सीडेंट का रूप दे रहे है। घटना कल दिन की है, दूध तलाई क्षेत्र में नगर निगम के एक्सईएन समरथ सिंह बाबेल घायल व लहूलुहान अवस्था में पड़े मिले। उनकी हाथ की दोनों कलाइयां कटी हुई थी, जिनको बाद में महाराणा भूपाल चिकित्सालय पहुंचाया गया। डॉक्टरों का कहना है की हाथ की कलाइयां देख कर लगता है कि आत्महत्या की कोशिश की गई है।
सुसाइड नोट दो लाइन में बदला : सूत्रों के अनुसार समरथ सिंह बाबेल ने जब आत्महत्या की कोशिश की तब उनके जेब में सुसाइड नोट भी था, जिसमें उन्होंने कोलपोल में बन रहे अवैध नाले का जिक्र किया था। अब पुलिस बता रही है कि उनकी डायरी में सिर्फ दो लाइनें लिखी थी, जिसमें आत्महत्या खुद करना कुबूला तथा इसमें किसी का हाथ नहीं होना लिखा है।
नाले को लेकर थे परेशान : कोलपोल में बनने वाला नाला तकनीकी रूप से सही नहीं था, जिसको समरथसिंह बाबेल ने अपनी देख-रेख में बनाने से मना कर दिया था, उनका कहना था कि नाला बनाने के बाद अगर कोई बात हुई, तो मैं ही फंसूंगा। इस बात को लेकर उन्हें काफी प्रताडि़त कर रखा था। इससे पूर्व भी उनके साथ दुव्यवहार किया जाता रहा। लेकिन बाद में कुछ अधिक हो गया। बताया जा रहा है कि उनसे निगम द्वारा दिया गया वाहन और सारे अधिकार भी छीन लिए गए। एक्सईएन होते हुए भी उनसे व्यवहार एक चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी जैसा हो रहा था। बाबेल चार महीनों बाद सेवा निवृत होने वाले थे और उनके व्यवहार को लेकर निगम का हर कर्मचारी उनकी तारीफ करता है।
वर्जन…
:निगम में ऐसा कोई कारण नहीं है कि वह आत्महत्या करें। यहां उनका व्यवहार अच्छा था। सत्ता पक्ष की तरफ से उन्हें कभी प्रताडि़त नहीं किया गया। छोटे-मोटे कामों की वजह से कुछ टेंशन हो सकती है, जो रूटीन है। लेकिन ऐसा कोई बड़ा कारण नजर नहीं आता।
– रजनी डांगी, महापौर
: नगर निगम में अफसरों पर दबाव बनाकर अवैध काम करवाए जा रहे हैं, जो अफसर अवैध काम से इनकार कर देता है, उसको प्रताडि़त किया जाता है। समरथसिंह बाबेल से मिलकर सभी विपक्ष के पार्षद इस तरह के कृत्य के खिलाफ आवाज उठाएंगे।
-दिनेश श्रीमाली, नेता प्रतिपक्ष
: समरथसिंह बाबेल एक भला आदमी है, जिससे सत्ता पक्ष के जनप्रतिनिधि अवैध काम करवाना चाहते थे। मना करने पर उन्हें अपमानित किया गया। और यह परिपाटी काफी समय से चली आ रही है। पूर्व में भी कई अफसरों और कर्मचारियों को प्रताडि़त किया जा चुका है, जिन्होंने आत्महत्या की कोशिश की और इस्तीफा भी दे दिया।
– अजय पोरवाल, कांग्रेसी पार्षद
:मुझे नहीं लगता की नाले की बात को लेकर वह कोई दबाव में थे। उनके साथ कोई दुर्घटना हुई होगी, जिसकी पुलिस जांच चल रही है। निगम में उनसे कभी दुव्र्यव्हार नहीं हुआ।
– प्रेमसिंह शक्तावत, अध्यक्ष, निर्माण समिति
: समरथसिंह बाबेल को घायल अवस्था में अस्पताल लाया गया, उन्होंने अपने साथ दुर्घटना होने का बयान दिया है। जेब में दो लाइन का सुसाइट नोट मिला है, मामले की जांच की जा रही है।
-दुर्गाराम, थानाधिकारी घंटाघर

ट्रेन लूट पर पर्दा डालने की गंदी कोशिश

स्वीकार क्यों नहीं कर लेते की लूट हुई थी?, पीडि़तों ने जब लूट की वारदात बताई, तो चोरी में क्यों रिपोर्ट दर्ज की गई?

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उदयपुर। देबारी के पास रतलाम-उदयपुर एक्सप्रेस ट्रेन में रविवार रात को हुई लूट की वारदात पर रेलवे और पुलिस, दोनों ही पर्दा डालने की गंदी कोशिश की जा रही है। सच को स्वीकार करने की हिम्मत दोनों ही महकमों में नहीं दिखाई पड़ रही है। रात एक बजे यहां राणा प्रतापनगर पर सैकड़ों यात्रियों ने हंगामा करते हुए लूट की वारदात की तस्दीक की, जिसे जांच के नाम पर ठंडे बस्ते में डाला जा रहा है, जबकि रेलवे और शहर पुलिस को चाहिए कि वे शहर के इतना करीब लूट की वारदात को अंजाम देकर गए बदमाशों को सींखचों के पीछे धकेले, लेकिन ऐसा नहीं किया जा रहा है, क्योंकि अगर लूट की वारदात को स्वीकार कर लिया जाता है, तो दोनों ही महकमों की भद्द पीट जाती है।
इस वारदात के बाद रेलवे और पुलिस के सभी अधिकारियों के अलग-अलग बयान आ रहे हैं। कोई लूट की वारदात से इनकार नहीं कर रहा है, तो कोई इस वारदात को महज चोरी की घटना बताकर पर्दा डाल रहा है, जबकि दूसरी तरफ
ट्रेन में मौजूद पीडि़त यात्री इस घटना को लूट की वारदात बता रहे हैं। वे ये भी बता रहे हैं कि लुटेरे कच्छा-बनियान गिरोह के थे और शरीर पर ग्रीस चौपड़ रखा था। पहली बार सुनियोजित ढंग से हुई रेल लूट की घटना ने पुलिस विभाग और रेल सुरक्षा की पोल खोल कर रख दी है। अभी तक कोई लुटेरा पुलिस के गिरफ्त में नहीं आया है। एक तरफ पुलिस मान रही है कि ऑउटर सिग्नल पर टेम्परिंग (सिग्नल में छेड़छाड़) या चैन पुलिंग कर टे्रन रोकी गई है, लेकिन दूसरी तरफ फरियादी महिला यात्री को प्रतापनगर जीआरपी थाने से डबोक थाने के चक्कर लगवाते हुए मामूली चोरी की रिपोर्ट दर्ज की जा रही है, जिसमें लूट की धारा बाद में जोडऩे का आश्वासन दिया जा रहा है
वर्जन…
रतलाम-उदयपुर एक्सप्रेस टे्रन में हुई वारदात को फरियादी महिला के बयानों के आधार पर चोरी का मामला दर्ज किया गया है, लेकिन घटना हालात को देखते हुए लूट से भी इनकार नहीं किया जा सकता है। मामले की जांच चल रही है, अगर मामला लूट का प्रकट होता है, तो लूट की धारा भी जोड़ दी जाएगी। ऐसी घटना दोबारा नहीं हो। इसके लिए रात में चलने वाली ट्रेनों में सुरक्षा बंदोबस्त बढ़ा जाएंगे।
-किशन सहाय, एसपी, जीआरपी
घटना को जितना बड़ा बताया जा रहा है, उतनी बड़ी घटना नहीं है। सिर्फ एक महिला का पर्स एक उचक्का लेकर भाग रहा था, जिसको देखकर वह चिल्लाई और उसकी चीख सुनकर ट्रेन के बाहर खड़े यात्री भी उसके पीछे भागे। हालांकि जांच में सामने आया है कि ट्रेन को सिग्नल में टेम्परिंग करके रोक गया था, लेकिन इसमें किसी गिरोह का हाथ नहीं है। फिर भी यदि लूट का मामला सामने आया, तो लूट की धारा भी जोड़ दी जाएगी।
-हनुमान प्रसाद, एएसपी (हेड क्र्वाटर)
मामले की जांच चल रही है। लुटेरे कितने थे? अभी इसका खुलासा नहीं हुआ है। जांच में अभी तक यही पता चला है कि तीन लोगों को ट्रेन में स उतरकर भागते हुए देखा था। चेन पुलिंग करके रोकी या सिग्नल में गड़बड़ी करके रोकी। यह रेलवे की रिपोर्ट आने पर ही पता चल पाएगा।
-राशि डोगरा, डबोक थानाधिकारी (प्रशिक्षु आईपीएस)

राजस्थान में अगले दो दिनों में बरसेंगे मेघ

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राजस्थान में लू का असर कम होने के बाद अब उमस पसीने छुड़ा रही है लेकिन अगले 48 घंटे में प्रदेश के दक्षिण पूर्वी हिस्सों से शुरू होने वाला मानसून पूर्व बारिश का दौर मौसम के तीखे तेवरों से राहत दिलाएगा। दक्षिण पश्चिमी मानसून गुजरात के दक्षिणी हिस्सों में दस्तक दे चुका है। हवाओं के बदले रूख और कम दबाव का क्षेत्र बनने पर प्रदेश के दक्षिण पूर्वी हिस्सों से मानसून पूर्व बारिश का दौर शुरू होने की अनुकूल परिस्थितियां बनने लगी हैं।

फिर भी तीखे रहेंगे तेवर
सोमवार को छितराए बादलों की आवाजाही शुरू होने पर सुबह धूप की तपिश से राहत मिली, वहीं करीब 18 किमी प्रतिघंटा की रफ्तार से चली हवाओं से उमस से थोड़ी राहत मिली। हालांकि बादलों के कारण सुबह पारा चढ़ा और सुबह नौ बजे दिन का तापमान 35 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया।

वहीं रात का तापमान 1.2 डिग्री बढ़कर 32.2 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड हुआ। मौसम विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार शहर में आज दिन में पश्चिमी हवाएं चलने पर दिन में गर्मी के तेवर तीखे रहेंगे। वहीं दोपहर बाद धूलभरी हवाएं चलने व बौछारें पड़ने से गर्मी से राहत मिलने की संभावना है।

दो टोलियों में थे लुटेरे ट्रेन के अन्दर भी थे लुटेरे

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-देबारी के निकट रेल लूट का मामला, ट्रेन में भी सवार थी लूटेरों की एक टोली, दूसरी टोली ने देबारी के पास सिग्नल के तार काटे और दिया लूट की वारदात को अंजाम।
उदयपुर। देबारी के निकट देर रात रतलाम-उदयपुर एक्सप्रेस में हुई लूट के मामले में पुलिस को नई जानकारी हाथ लगी है। पता चला है कि कच्छा-बनियान गिरोह के बदमाश दो टोलियों में थे। इनमें से एक टोली ट्रेन में सवार थी, जिसने ट्रेन की चेन खींचकर ट्रेन को रूकवाया, वहीं दूसरी टोली ने देबारी आउटर के बाहर सिग्नल के तार कार दिए। ट्रेन रूकने के बाद लुटेरे ट्रेन के डिब्बों में चढ़े, जिन्होंने जमकर लूटपाट की। शहर के इतना करीब ट्रेन लूट की इस वारदात ने शहर पुलिस के साथ ही रेलवे पुलिस की मुस्तैदी की पोल खोल दी है। मामले की जांच की जा रही है, लेकिन लुटेरों का कोई सुराग अब तक हाथ नहीं लगा है।
घटना देर रात एक बजे की है। देबारी आउटर के बाहर ट्रेन में मौजूद लुटेरों ने
ने चेन खींच ली, वहीं बाहर मौजूद लुटेरों की दूसरी टोली ने सिग्नल के तार कार दिए। ट्रेन के रूकने के बाद लुटेरे ट्रेन में चढ़े, जिन्होंने जमकर लूटपाट की। यात्रियों के साथ मारपीट करके उनके मोबाइल छीन लिए, सोने की चेन और अन्य आभूषण उतरवाए। लुटेरों ने चेहरे व हाथ-पैरों पर ग्रीस लगा रखा था। यह लूटपाट जनरल कोच 14407 और 14407 की गई। बाद में यात्रियों से मारपीट और पथराव करते हुए लुटेरे भाग गए, जिनका कोई सुराग न तो रेलवे और ना ही शहर पुलिस के हाथ लगा है।
ट्रेन लेट होने की परवाह नहीं: अगर रेलवे विभाग मुस्तैद होता, तो शायद लुटेरे पकड़े जाते। जब ट्रेन आउटर पर रूकी, तो सिग्नल पर मौजूद गार्ड या रेलवे के कर्मचारी को जानकारी लेनी चाहिए थी। आधा घंटा लूट चलती रही लेकिन ट्रेन क्यों रूकी हुई है? इसकी किसी ने सुध नहीं ली, जबकि ट्रेन के जीपीएस से जुड़े होने के कारण हर जगह की इंफोर्मेशन होती है, जिससे पता चलता है कि ट्रेन कहां पर है?
असुरक्षित रेलवे : रेलवे पुलिस चाहे ट्रेनों और यात्रियों की सुरक्षा का दम भरती हो, लेकिन हकीकत कुछ और ही है। खुद रेलवे अधिकारी और कर्मचारी ही यात्रियों की सुरक्षा के प्रति गंभीर नहीं है। इसका अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि उदयपुर-जयपुर के बीच दिन में दो ट्रेने चलती है। उनमें एक भी सुरक्षा गार्ड नहीं होता। यही हाल बाकी ट्रेनों का भी है। यही नहीं साधारण डिब्बे के यात्रियों की कभी आईडी तक चैक नहीं की जाती।
सुरक्षागार्ड की कमी : उदयपुर से रोज करीब 16 ट्रेन जाती है और इतनी ही ट्रेनें आती है। इनमें कई ट्रेनें लंबी दूरी की है, जो रातभर सफर के बाद अपने गंतव्य पर पंहुचती है। कुछ ट्रेनों को छोड़ दे, तो रेलवे पुलिस यात्रियों की सुरक्षा को लेकर बिलकुल भी गंभीर नहीं है। लंबी दूरी की ट्रेनों के हर डिब्बे में एक बंदूकधारी गार्ड तैनात होना चाहिए, जबकि इन ट्रेनों में इक्का-दुक्का ही मिलते हंै। डेली चलने वाली इंटरसिटी और जयपुर स्पेशल एक्सप्रेस में तो वो भी नजऱ नहीं आते। ऐसे में कई बार यात्रियों में आपस में मारपीट भी हो जाए, तो बीच बचाव के लिए कोई नहीं आता।
टीसी खुद करते हैं सुरक्षा में छेद : नियमानुसार टीसी द्वारा हर यात्री की फोटो आईडी को चैक किया जाता है, लेकिन यहां टीसी खुद ही इन नियमों की धज्जियां उड़ाते देखे जा सकते हैं, जो लोग पहले से टिकट लेकर बैठते हैं, उनके तो आईडी चैक की जाती है, लेकिन अगर कोई छोटे या बीच में किसी स्टेशन से बैठे, तो उनको टीसी पैसे लेकर ना केवल सीट उपलब्ध करवाता है, बल्कि उनकी आईडी भी चैक नहीं की जाती।

हत्या के विरोध में कलेक्ट्री पर प्रदर्शन अजय पूर्बिया हत्याकांड के दो आरोपी रिमांड पर

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-अन्य आरोपियों की तलाश,
उदयपुर। गोवर्धनविलास क्षेत्र में हिस्ट्रीशीटर नरेश हरिजन के राइट हैंड अजय पूर्बिया की गोली मार कर हत्या में शामिल घाणेराव की घाटी (घंटाघर) निवासी जगत पुत्र बिहारीलाल पालीवाल और चमनपुरा (हाथीपोल) निवासी पुष्करलाल पुत्र वेणीराम यादव को पुलिस ने गिरफ्तार कर आज न्यायालय में पेश किया, जहां से दोनों को पुलिस रिमांड पर भेज दिया है। बताया जा रहा है कि इन दोनों आरोपियों ने अजय की हत्या से पूर्व उसकी रैकी की थी।
पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि प्रवीण पालीवाल की हत्या का बदला लेने के लिए अजय पूर्बिया की हत्या की योजना बनाई थी। योजना के तहत प्रवीण पालीवाल के दोस्त प्रवीण वसीटा ने यह योजना बनाई और अजय पर नजर रखी जा रही थी। नौ जून को सूचना मिली कि अजय व उसका एक साथी विनोद जैन टेक्नोय मोटर्स पर कार सर्विस कराने जाएगा और उसी दिन शाम को परिवार सहित शहर से कहीं बाहर चला जाएगा। प्रवीण ने लगभग सात बाइक व पांच कारों में गैंग के सदस्यों को अजय के पीछे लगा दिया। प्रवीण को जैसे ही सूचना मिली कि अजय कार को सर्विस पर देकर बाहर निकल रहा है, तो बलीचा बाइपास पर प्रवीण वसीटा और उसके साथी ने अजय पूर्बिया की गोली मार कर हत्या कर दी। इस हत्याकांड में एक दर्जन से अधिक लोग शामिल थे, जिनकी तलाश की जा रही है। इधर, अजय पूर्बिया की हत्या के विरोध में आज कलाल समाज की तरफ से कलेक्ट्री पर प्रदर्शन किया गया। समाज के लोगों ने अजय के हत्यारों को गिरफ्तार करने की मांग की।

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अनियंत्रित बस दुकान में घुसी

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-चालक सहित एक दर्जन घायल, तीन गंभीर
उदयपुर। प्रतापनगर चौराहे के पास आज तड़के एक बस अनियंत्रित होकर एक दुकान में घुस गई। हादसे बस ड्राइवर सहित एक दर्जन से अधिक यात्री घायल हो गए। इनमें से तीन की हालत गंभीर बताई जा रही है।
पुलिस के अनुसार के आज तड़के बस उदयपुर से अहमदाबाद जा रही बस प्रतापनगर चौराहे के पास अनियंत्रित होकर आदिनाथ ऑटो मोबाइल्स नामक दुकान में घुस गई। बस इंद्रगढ़ निवासी गोविंद (३३) चला रहा था। इस हादसे में बस ड्राइवर गोङ्क्षवद सहित लगभग एक दर्जन यात्री घायल हो गए। सूचना पर पहुंची पुलिस ने १०८ एम्बुलेंस की मदद से सभी घायलों को एमबी हॉस्पीटल पहुंचाया, जहां तीन यात्रियों की हालत गंभीर बजाई जा रही है। पुलिस ने घायलों के परिजनों व बस मालिक को सूचना दे दी है। बताया जा रहा है कि बस में मध्यप्रदेश के लगभग ३० मजदूर सवार थे, जो अहमदाबाद मजदूरी के लिए जा रहे थे।
ये हुए हादसे में घायल: इस हादसे में बस चालक गोविंद, खलासी परमेश्वर, नंदू, अशरफ, जहांगीर, गुल्ली, निर्मल, पारखचंद, राहुल सहित लगभग एक दर्जन लोग हादसे में घायल हो गए।
आए दिन हादसे: शहर के प्रतापनगर क्षेत्र में खस्ताहाल सड़क के कारण आए दिन हादसे हो रहे हैं। यहां पर ट्रैफिक का दबाव भी ज्यादा है, जो भी हादसों का एक कारण है। पुलिस रिकार्ड पर गौर किए जाए, तो साल २०१४ में अब तक ५० से अधिक हादसे हो चुके हंै और १९ लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि ६५ से अधिक लोग घायल हो गए।
युवक की मौत: डबोक क्षेत्र के नांदवेल रोड पर रविवार को दो बाइक आमने -सामने टकरा गई। हादसे में एक युवक की मौत हो गई। पुलिस ने अनुसार करणपुर निवासी मांगीलाल (35) पुत्र रत्ता गमेती बाइक लेकर काम से जा रहा था। उसी दौरान डाग मोड़ पर सामने के आ रही एक अन्य बाइक ने उसे टक्कर मार दी। हादसे में दोनों बाइक सवार गंभीर रूप से घायल हो गए। गांव के लोगों ने तत्काल ही १०८ की मदद से दोनों को एमबी हॉस्पीटल में भर्ती कराया, जहां इलाज के दौरान मांगीलाल की मौत हो गई। पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिया गया।