
विधानसभा चुनाव की रणभेरी बजी – राजस्थान की जनता अपना हक़ इस्तमाल करेगी 7 दिसंबर को .

पैसे न मिलने पर छात्र को रेल पुलिस ने चलती ट्रेन से फेंका .
https://youtu.be/oPqn5G-WXz0
रांची-पटना जनशताब्दी एक्सप्रेस से यात्रा कर रहे छात्र वेंकटेश की मौत हादसा नहीं बल्कि हत्या थी। उसे रेल पुलिस ने ही चलती ट्रेन से धक्का देकर मारा था। एक वीडियो वायरल होने के बाद छात्र के परिजनों ने यह आरोप लगाए हैं। इस वीडियो में कुछ यात्री यह कहते हुए एक सिपाही को लात-घूंसों से पीट रहे हैं कि उसने चलती ट्रेन से एक यात्री को फेंक दिया है। यह घटना 28 सितंबर की है। 29 को छात्र का शव मिलने पर रेल पुलिस ने मौत का कारण ट्रेन से गिरना बताया था।
नशे में धुत्त लड़कियों का हंगामा – पुलिस को करनी पड़ी मशक्कत .
https://youtu.be/l-K_L7WmMUE
ठाणे के भायंदर पश्चिम के मैक्सेस मॉल के ग्राउंड में चार युवतियां नशे में चूर आपस मे लड़ रही थी। उनका हंगामा देख किसी ने पुलिस को इसकी जानकारी दे दी। इसके बाद मौके पर पहुंची पुलिस टीम ने उन्हें समझाने का प्रयास किया, लेकिन झगड़ा खत्म करने की जगह चारों ने पुलिस टीम के साथ मारपीट शुरू कर दी। उन्हें काबू करने के लिए महिला पुलिसकर्मी को उनपर लाठी भी चलानी पड़ी।
राजस्थान में अक्षय कुमार का साइकिल पर स्टंट ( विडियो )
https://www.youtube.com/watch?v=C3AHMnqG1kc&t=2s
अक्षय कुमार इन दिनों जैसलमेर में फिल्म हाउसफुल-4 की शूटिंग कर रहे हैं। इसी दौरान वे अपने डेली रूटीन के कुछ वीडियो भी इंस्टाग्राम पर शेयर करते जा रहे हैं। हाल ही में अक्षय ने दिन निकलने के साथ ही सड़क पर साइकिल चलाने का एक वीडियो पोस्ट किया है। जिसमें वे हाथ छोड़कर साइकिल चला रहे हैं। फुल स्पीड में चल रही साइकिल के साथ ही अक्षय हवा में ही मुक्के मारते दिख रहे हैं। लिखा मैसेज – सड़कों पर ट्राय न करें : अक्षय ने वीडियो के साथ एक मैसेज भी लिखा है- आप यकीन नहीं कर सकते कितना फ्री महसूस कर रहा हूं। मेरे अंदर काम वैसा ही है, जैसे जैसलमेर की रेतीली सड़क पर बिना पकड़े साइकिल चलाना। संतुलन और स्थिरता ही जीवन है, लेकिन इसे क्रियाशील भी बनाना है। लेकिन कृपया इसे सड़कों पर ट्राय न करें। जल्दी उठते हैं अक्षय : वीडियो में दिख रहे सूर्योदय से यह पता चल रहा है कि अक्षय इस उम्र में खुद को फिट रखने के लिए जल्दी उठ जाते हैं। अक्षय ने पोस्ट में भी लिखा है – राइज विद द सन। हालांकि यूजर्स ने उनके हेलमेट न पहनने की शिकायत की और ऐसे स्टंट न करने की सलाह दी है।
एक दिन की जयंती, एक दिन की श्रद्धा, और एक दिन का सम्मान।
इतने दिनों से याद नहीं आया गांधी जी का चश्मा, धुल फांकती प्रतिमा।

उदयपुर। मोहनदास करमचंद गांधी जी हाँ वही जो एक लाठी लेकर निकले थे भारत को आज़ाद कराने अहिंसा के मार्ग से और अपने मकसद में कामयाब भी हुए और आज़ादी भी दिलवाई। आज जब उनके सम्मान की बात आती है तो यह सम्मान सिर्फ एक दिन में सिमट कर रह जाता है। बाकी के 364 दिन उनकी प्रतिमा को वेसे ही धुल खाने के लिए छोड़ दिया जाता है जैसे उनके आदर्शों उनकी कही बातों को हम कही कोने में डाल देते है।
जी हाँ शहर के सबसे बड़े बाग़ गुलाब बाग़ में लगी माहात्मा गांधी जी की प्रतिमा 364 दिन उपेक्षित रहती है। कभी उसकी साफ़ सफाई या रख रखाव की तरफ किसी जिम्मेदार का ध्यान नहीं जाता। सिर्फ २ अक्तूबर यानी गांधी जयंती के एक दिन पहले उसकी साफ़ सफाई करवाई जाती है। यहाँ तक की इस प्रतिमा का चश्मा पिछले काफी समय से नहीं है कोई असमाजिक तत्व लेकर चला गया या क्षतिग्रस्त कर दिया, लेकिन ना तो गुलाब बाग के मालिकाना हक वाली पीडब्ल्यूडी ने इस तरफ कोई ध्यान दिया ना ही इसका मेंटिनेंस करने वाले निकाय नगर निगम ने ध्यान दिया। जब हमने प्रतिमा की इस उपेक्षा का कारण नगर निगम के महापौर से जानना चाहा तो उन्होंने कहा कि गुलाबबाग के मालिकाना हक का ही झगडा नहीं सुलझा हम तो सिर्फ रख रखाव करते है। या अह गुलाब बाग़ अधीक्षक या पी डब्ल्यू डी विभाग के अधिकारियों को चाहिए कि ध्यान रखे। खैर यह झगडा काफी पुराना है और इसका गाँधी जी की प्रतिमा की साफ़ सफाई का कोई लेना देना नहीं वह तो महापोर जी को भी पुचने पर कुछ तो कहना था सो उन्होंने कह दिया लेकिन असल बात तो यही है कि आज गांधी जी भी हमे बस २ अक्तूबर को ही याद आते है वह भी फूल मालाएँ चडाने के लिए। उनके आदर्शों पर विचार करने के लिए नहीं।
चाहे जिम्मेदार ध्यान रखे ना रखें चाहे कोई गांधी वादी गांधी जी की प्रतिमा को साफ़ करे ना करे लेकिन फिर भी गांधी जी के जो विचार है और जो उनके वचन है उन्हें हर वक़्त याद किये जाते रहना चाहिए सिर्फ एक दिन गांधी जी को याद कर देने से या उनकी प्रतिमा को दूध से नहलाने या फूल मालाएं चढाने से कोई मतलब नहीं जब तक कि उनकी दी हुई शिक्षा उनके विचारों को हम असल जीवन में नहीं उतार लेते।
जांबाज पुलिसकर्मियों की दिलेरी की शहरभर ने की प्रशंसा, गोगा सहित कई दहशतगर्द भूमिगत, खौफजदा हुआ माफियाजगत.

उदयपुर . फतहनगर के लदानी गांव में पुलिस और बदमाशों के बीच मुठभेड़ हो गई । इसमें करीब दस सालों पहले अपराध की दुनिया में कदम रखने वाले मुजफ्फर उर्फ गोगा ने फिल्मी स्टाईल में दोनों हाथों में पिस्टल थामते हुए दनादन फायर कर दिए। पुलिस व बदमाशों की बीच सीधी मुठभेड़ के दौरान गोगा के दो साथी वाहन सहित डिवाईडर से टकराने पर नीचे गिर गए। इनमें इमरान उर्फ इमू गोगा की तरफ भागने लगा तभी पुलिस की एक गोली उसके कुल्हे पर लग गई। आपको बतादे कि गोगा हिस्ट्रीशीटर कुंजड़ा का खास गुर्गा है जिसकी कुख्यात बदमाश आजम और वायपर से सालों पुरानी रंजिश है और इमरान कुंजड़ा इन सब पर अपनी धाक जमान के लिए आए दिन ऐसी वारदातें करता रहता है। पुलिस की माने तो 19 सितम्बर को कीर की चोकी पर हुए झगड़े में बीच बचाव करने आए कालू खान की हत्या मामले में भी मुजफ्फर उर्फ गोगा को नामजद किया गया था और वारदात के बाद से ही पुलिस इमरान कुंजड़ा के गुर्गे गोगा पर नजर रखी तो वह साथियों के साथ अलग – अलग जगह पर घूमता रहा। गुरूवार को वह मनु मेवाती, इमू व साजिद के साथ भीलवाड़ा से कपासन पंहुचा। सूचना मिलने ही पुलिस हथियारों से लैंस होकर दबिश देने पंहुची। तभी आरोपियों से लदानी गांव में आमना – सामना हो गया। मावली थाना पुलिस ने चारों आरोपियों के खिलाफ फायरिंग व राजकार्य में बाधा का मामला दर्ज करवाया है।
आपको बता दे कि गुरूवार को एण्टी ह्यूमन ट्रेफिक यूनिट की टीम को सूचना मिली की गोगा अपने साथियों के साथ दो मोटर साईकल पर भीलवाड़ा से उदयपुर की तरफ आ रहा है। इस पर यूनिट के प्रभारी गोवर्धन सिंह भाटी, भूपालपुरा थानाधिकारी हरेंद्र सिंह सौदा, डबोक थानाधिकारी रविंद्र प्रताप सिंह ने मय जाब्ता मावली चैराहे पर नाकाबंदी कर दी। वहीं कांस्टेबल प्रहलाद पाटीदार एवं भंवरलाल चारों ही अपराधियों को देखने के लिए प्राईवेट नम्बर की कार फतहनगर की तरफ रैकी करने के लिए निकले। तभी प्रहलाद पाटीदार ने चारों ही बदमाशों को देख लिया और अधिकारियों की सूचना दे दी कि बदमाश उदयपुर की ओर बढ़ रहे है और हम इनका पीछा कर रहे है। तभी मावली नाकाबंदी में मौजुद एण्टी ह्यूमन ट्रेफिक यूनिट और खाकी के जवान मय जाब्ता पुलिस वाहनों के साथ फतहनगर की ओर बड़े। तभी लदानी गांव के कुछ आगे जाने पर सामने से चारों ही आरोपी आते हुए दिखाए दिए, जिनको रोकने के लिए पूरा जाब्ता वाहनों से उतरा तो सभी आरोपी वापस फतहनगर की ओर भागने लगे, इस पर पीछे से आ रहे प्रहलाद पाटीदार और भंवरलाल की टीम ने अपराधियों को रोकने की कोशिश की तो गोगा और बड़ा मेवाती ने जान से मारने की नियत से दोनों जवानों पर चार राउण्ड फायर किए। तभी अपनी आत्मरक्षा में पुलिस ने भी चार राउण्ड फायर किए, जिसमें से एक गोली इमरान उर्फ इमू को लगी और साहिद उर्फ सईद का पांव मोटर साईकिल से गिरने से टूट गया। वहीं गोगा और बड़ा मेवाती फरार होने में सफल रहे।
उदयपुर की जांबाज पुलिस ने आखिरकार बड़ी सफलता हांसिल करते हुए एक बार फिर दहशतगर्दों को बता दिया है कि अब उनकी खैर नहीं है। घटना के बाद से ही अपराधी किस्म के लोग या तो भूमिगत हो गए या आगे अपराध करने से भी तोबा कर रहे हैं। वहीं माफियाजगत में तो यह भी चर्चा ही कि जल्द ही गोगा खुद सरेंडर कर देगा। वैसे वारदात के बाद से ही गोगा के एनकाउंटर की सूचना आग की तरह सभी जगह फैल गई और सोशल मीडिया पर भी रात भर यही चलता रहाकि मुठभेड़ में गोगा मारा गया लेकिन यह कोरी अफवाह थी, हां मुठभेड़ के बाद पुलिस दो बदमाशांे को पकड़ने में जरूर सफल रही।
4 माह का भ्रूण सोशल मिडिया पर घूमता रहा , जिम्मेदार डॉक्टर और अस्पताल कर्मी बेपरवाह .

उदयपुर . प्रदेश सरकार चाहे जननी सुरक्षा को लेकर कितने ही दावे करती हो लेकिन ये दावे जमीनी स्तर पर खोखले ही नजर आते हैं. ऐसा ही एक माजरा देखा गया उदयपुर के सलूंबर कस्बे में स्थित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में। जहां एक 4 माह के भ्रूण का वीडियो सोशल मीडिया पर खूब वायरल हो रहा है. लेकिन सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के जिम्मेदारों के पास इसका कोई ठोस जवाब नहीं है। यह वीडियो सोशल मीडिया पर घूमता हुआ जब वापस सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के अधिकारियों के पास पहुंचा तो उनके होंश उड़ गए। इस दौरान सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के डॉक्टरों ने आनन – फानन में अस्पताल स्टाफ से इस भ्रूण के अस्पताल परिसर से हटवा कर डिस्पोजल करवाया ।
दरअसल सलूंबर स्वास्थ्य केंद्र पर एक गर्भवती महिला इलाज के लिए भर्ती हुई। इस दौरान उसको दर्द उठा तो वह शोच के लिए बाहर आई जहां पर उसने स्वास्थ केंद्र परिसर में ही 4 माह के अनमेच्योर भ्रूर्ण को जन्म दिया। इस दौरान प्रसूता को तो उसके परिजन अस्पताल परिसर में स्थित वार्ड में ले गए। लेकिन भू्रण को वहां से हटाने की जिम्मेदारी अस्पताल के स्टाफ की थी। इस घटना के बाद 20 नर्सिंग कर्मियों और 9 डॉक्टरो वाले इस सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के लोगों की इंसानियत सबके सामने आ गयी। दरअसल अस्पताल कर्मी द्वारा इस भ्रूण को यहाँ से तत्काल हटाना था लेकिन असंवेदनशील स्टाफकर्मियों ने इस भ्रूर्ण को कुत्तों के नोंचने के लिए अस्पताल की चारदीवारी को सड़क पर पड़ा रहने दिया गया । जब यह माजरा एक जागरूक आदमी ने अपने मोबाइल में कैद किया तो अस्पताल प्रबंधन की नींद उड़ी और आनन-फानन में इस भ्रूण को डिस्पोजल कराया । ऐसे में इस घटनाक्रम के सामने आने के बाद आखिर सवाल यह उठता है कि जननी शिशु सुरक्षा के लिए सरकार द्वारा इतना बजट खर्च किया जा रहा है लेकिन फिर भी जमीन पर स्थितियां कैसे ढाक की तीन पात बनी हुई है .
डूंगरपुर में प्रेमी युगल ने पेड़ से फांसी लगा की आत्महत्या।

डूंगरपुर। वरदा थाना क्षेत्र के लोलकपुर गांव में शुक्रवार को प्रेमी युगल ने फंदा लगा कर आत्महत्या कर ली। घटना से गांव में सनसनी फैल गई। पुलिस ने मृतकों के शव जिला अस्पताल पहुंचाए। पुलिस ने बताया कि लोलकपुर गांव के दीपक पिता नरेंद्र रोत और घोड़ासर निवासी रीना कलासुआ पिता धूलेश्वर कलासुआ दोनों लोलकपुर विद्यालय में क्रमशः 10 वीं और 8वीं में पढ़ते थे। रीना लोलकपुर में ही अपने मामा जयंतीलाल के घर रहती थी। दोनों में प्रेम प्रसंग चल रहा था। रीना गुरुवार सुबह शोच जाने का बहाना करके\ घर से निकली, लेकिन वापस नहीं लौटी। उधर दीपक भी घर से गायब था। परिजन उनकी तलाश कर रहे थे। इसी बीच शुक्रवार सुबह कुछ बच्चों ने गांव के काला तालाब की पाल पर एक पेड़ पर दोनों को फंदे से लटका देखा। सुचना पर परिजन मोके पर पहुँचे। वरदा थाने से पुलिस दल भी आया। पुलिस ने शव फंदे से उतार कर जिला अस्पताल पहुँचाया। यहाँ पोस्टमार्टम सहित अन्य कार्रवाई चल रही है।
राजस्थान में अचानक मौसम ने खाया पलटा, ओलों की हुई बरसात, किसानों की फ़िक्र बढ़ी

उदयपुर पोस्ट. राजस्थान में मानसून विदाई के एक दिन पहले प्रदेश में फिर से मौसम पलटा खा गया। प्रदेश के श्रीगंगानगर जिले में शुक्रवार को अचानक मौसम बदला और तेज हवाओं के साथ ओलों की बारिश हो गई। श्रीगंगानगर के गजसिंहपुर क्षेत्र के गांवों में तेज बारिश के साथ ओले गिरे। गजसिंहपुर के समीप के गांवों में जोरदार बारिश और तेज हवाओं के साथ मटर के आकार के ओले गिरे। वहीं ओले गिरने से किसानों की चिंता और बढ़ गई है। क्षेत्र में पड़ रही है तेज बारिश ओलों से पकी फसल को काफी नुकसान की आंशका है।
गौरतलब है कि प्रदेश के पश्चिमी इलाकों से शनिवार को मौसम केंद्र मानसून विदाई की औपचारिक घोषणा करने वाला है। बीते तीन दिनों से प्रदेश के अधिकांश जिलों में बारिश का दौर थमा रहा है वहीं अब दिन में गर्मी के तेवर तीखे होने लगे हैं। हालांकि सुबह शाम में हवा में नमी के कारण मौसम का मिजाज ठंडा रहा है। वहीं श्रीगंगानगर में अचानक मौसम ने अपना रुख जाते जाते बदल दिया और एक बार फिर मेघ मेहरबान हो गए। लेकिन इस बार ये मेघ जाते जाते किसानों की चिंता बढ़ा गए।
प्रदेश के पश्चिमी मैदानी इलाकों में दिन का तापमान 35 डिग्री व उससे ज्यादा रहने पर फिर से गर्मी का अहसास हो रहा है। मानसून के आखिरी दौर में प्रदेश में मेघ जमकर बरसे। बीते चार दिन में हुई भारी बारिश ने छोटे बड़े करीब 16 बांध लबालब हो गए। अब तक प्रदेश के 141 बांध छलक चुके हैं जबकि अब भी 324 बांधों में पानी की आवक का इंतजार बना रहा।
राजधानी में आज सुबह भी मौसम का मिजाज शुष्क रहा। दिन का तापमान सामान्य से ज्यादा दर्ज हो रहा है वहीं आसमान साफ रहने पर दिन में धूप की तपिश भी मौसम में गर्माहट बढ़ा रही है। जयपुर मौसम केंद्र के अनुसार शहर में आज सुबह मौसम शुष्क रहेगा वहीं दिन के तापमान में आंशिक बढ़ोतरी हो सकती है।
जयपुर को दो महीने जलापूर्ति जितना पानी बांध में उपलब्ध हो गया है। प्रदेश से मानसून अगले चौबीस घंटे में लगभग विदा हो जाएगा, लेकिन विदाई से पहले बीते सप्ताह चले बारिश के आखिरी दौर ने जयपुर, टोंक और अजमेर की लाइफ लाइन बीसलपुर बांध में दो महीने जलापूर्ति लायक पानी का इंतजाम कर दिया है। हालांकि बीते तीन दिन से प्रदेशभर में बारिश का दौर थमा हुआ है बावजूद इसके बांध में पानी की आवक लगातार हो रही है।
बीसलपुर कंट्रोल रूम के अनुसार आज सुबह छह बजे बांध का जलस्तर 310.08 आरएल मीटर रिकॉर्ड हुआ है जो इस सीजन का सर्वाधिक स्तर रहा है। त्रिवेणी में अब भी पानी का बहाव 1.70 मीटर उंचाई पर चल रहा है जिससे बांध में लगातार पानी की आवक बनी हुई है। बीती रात तक औसतन प्रतिघंटे बांध का जलस्तर एक सेंटीमीटर तक बढ़ रहा था जो आज सुबह थोड़ा कम हुआ है, लेकिन फिर भी अगले तीन चार दिन तक बांध में पानी की आवक बने रहने की उम्मीद है।
उदयपुर में पुलिस और हिस्ट्रीशीटर गोगा गैंग के बीच फायरिंग – गोगा के एनकाउंटर की अफवाह, लेकिन असल में हुआ फरार।

उदयपुर. फतहनगर के लदानी गांव में गुरुवार को पुलिस और हिस्ट्रीशीटर मुजफ्फर उर्फ गोगा गैंग के चार साथियों के बीच मुठभेड़ हुई। मुठभेड़ में दो अपराधी घायल हो गए जब की मुजफ्फर उर्फ़ गोगा व् एक और उसका साथी फरार हो गया। इधर शहर में गोगा के एनकाउंटर की अफवाह सोशल मीडिया पर चल रही है जबकि पुलिस ने अपने प्रेस नॉट में साफ़ किया कि गोगा फरार ह गया।
पुलिस जानकारी के अनुसार दो बाइक पर आए गोगा गैंग के चार सदस्यों को पुलिस ने घेर लिया तो गोगा ने पुलिस पर चार फायर किए। जवाबी कार्रवाई में पुलिस ने भी चार राउंड फायर किए, जिसमें गैंग के सदस्य सज्जननगर कच्ची बस्ती के मोहम्मद इमरान को गोली लगी।
बाइक से गिरने पर सविना के साजिद का पैर फैक्चर हो गया। गोगा और उसका साथी बड़ा मेवाती उर्फ इस्माइल फरार हो गए। पुलिस ने उनका कपासन तक पीछा किया लेकिन हाथ नहीं लगे।
फायरिंग में घायल साजिद और इमरान को पुलिस ने एंबुलेंस से एमबी हॉस्पिटल भेजा, जहां उसके परिजन और दोस्तों की भीड़ जमा हो गई। दोनों का देर रात तक उपचार चलता रहा।
इधर, इमरान के घायल होने की सूचना पर इमरान के पिता शकील एमबी हॉस्पिटल पहुुंचे और चिल्लाते रहे कि पुलिस ने मेरे और मेरे बेटे के साथ धोखा किया है।
पुलिस प्रेस नोट के आधार पर विस्तार से खबर :
जिला पुलिस अधीक्षक कुंवर राष्ट्रदीप ने बताया कि कुख्यात वांछित अपराधी मुज्जफर उर्फ गोगा की धरपकड़ के लिए थानाधिकारियों एवं एसटीएफ को निर्देश दिए थे. विगत दो वर्षो से गोगा अपनी गैंग के साथ कई गंभीर अपराधों में लिप्त रहा है. गत 19 सितंबर को थाना खेरोदा क्षेत्र में इसने साथियों के साथ कालू पिंजारा की गोली मारकर हत्या कर दी थी. गुरुवार शाम को पुलिस को सूचना मिली कि गोगा चार साथियों के साथ दो मोटर साइकिल पर भीलवाड़ा से उदयपुर की तरफ आ रहा है. इस पर स्पेशल टीम प्रभारी गोवर्धन सिंह भाटी मय टीम एवं भूपालपुरा सीआई हरेन्द्र सिंह सोदा मय टीम को रवाना किया. साथ ही वल्लभनगर वृत के सभी थानाधिकारियों को भी संभावित रास्तों पर धरपकड़ के निर्देश दिए.
उदयपुर से पहुंची टीम ने थानाधिकारी डबोक रविन्द्र प्रताप सिंह मय जाप्ता ने मावली चौराहे पर नाकाबंदी की एवं कांस्टेबल प्रहलाद एवं भंवरलाल की टीम को प्राईवेट कार से रैकी के लिए फतहनगर सीमा पर भेजा गया. चारों अपराधियों को देखने पर सूचना मावली चौराहे पर नाकाबंदी कर रही टीम को दी कि गोगा, बड़ा मेवाती, इमरान उर्फ इमू, एवं साजिद उर्फ सईद दो मोटर साइकिल पर उदयपुर की तरफ आ रहे है. हम उनका पीछा कर रहे है. इस पर चौराहे पर नकाबंदी कर रही पुलिस टीम फतहनगर की तरफ रवाना हुई. मावली से करीब नौ किलोमीटर पहुंचने पर लदानी गांव से कुछ आगे चारों अभियुक्त आते दिखाई दिए.
लदानी गांव के निकट चारों आरोपियों को पकड़ने के लिए पुलिस का जाब्ता रूका तो उन्होंने वापस फतहनगर की तरफ भागने का प्रयास किया. इस पर पीछा कर रहे कांस्टेबल प्रहलाद एवं भंवरलाल पर गोगा एवं बड़ा मेवाती ने जाने से मारने की नियत से 4 राउंड फायर किए. पुलिस ने भी अपनी आत्मरक्षा में 4 राउंड फायर किए जिनमें से गोली इमरान उर्फ इमू को लगी तथा साजिद उर्फ सईद का मोटर साइकिल से गिरने से पैर में फैक्चर हो गया. गोगा व बड़ा मेवाती फरार हो गए. इस घटनाक्रम को लेकर मावली थाने में चारों अपराधियों के विरूद्ध जान से मारने की नियत एवं राजकार्य में बाधा का प्रकरण दर्ज किया गया. दोनों घायल को हिरासत में लेकर प्राथमिक उपचार करवा कर एम.बी. हॉस्पीटल में भर्ती कराया गया है. फरार दोनों अपराधियों की तलाश जारी है.

