जांबाज पुलिसकर्मियों की दिलेरी की शहरभर ने की प्रशंसा, गोगा सहित कई दहशतगर्द भूमिगत, खौफजदा हुआ माफियाजगत.

उदयपुर . फतहनगर के लदानी गांव में पुलिस और बदमाशों के बीच मुठभेड़ हो गई । इसमें करीब दस सालों पहले अपराध की दुनिया में कदम रखने वाले मुजफ्फर उर्फ गोगा ने फिल्मी स्टाईल में दोनों हाथों में पिस्टल थामते हुए दनादन फायर कर दिए। पुलिस व बदमाशों की बीच सीधी मुठभेड़ के दौरान गोगा के दो साथी वाहन सहित डिवाईडर से टकराने पर नीचे गिर गए। इनमें इमरान उर्फ इमू गोगा की तरफ भागने लगा तभी पुलिस की एक गोली उसके कुल्हे पर लग गई। आपको बतादे कि गोगा हिस्ट्रीशीटर कुंजड़ा का खास गुर्गा है जिसकी कुख्यात बदमाश आजम और वायपर से सालों पुरानी रंजिश है और इमरान कुंजड़ा इन सब पर अपनी धाक जमान के लिए आए दिन ऐसी वारदातें करता रहता है। पुलिस की माने तो 19 सितम्बर को कीर की चोकी पर हुए झगड़े में बीच बचाव करने आए कालू खान की हत्या मामले में भी मुजफ्फर उर्फ गोगा को नामजद किया गया था और वारदात के बाद से ही पुलिस इमरान कुंजड़ा के गुर्गे गोगा पर नजर रखी तो वह साथियों के साथ अलग – अलग जगह पर घूमता रहा। गुरूवार को वह मनु मेवाती, इमू व साजिद के साथ भीलवाड़ा से कपासन पंहुचा। सूचना मिलने ही पुलिस हथियारों से लैंस होकर दबिश देने पंहुची। तभी आरोपियों से लदानी गांव में आमना – सामना हो गया। मावली थाना पुलिस ने चारों आरोपियों के खिलाफ फायरिंग व राजकार्य में बाधा का मामला दर्ज करवाया है।
आपको बता दे कि गुरूवार को एण्टी ह्यूमन ट्रेफिक यूनिट की टीम को सूचना मिली की गोगा अपने साथियों के साथ दो मोटर साईकल पर भीलवाड़ा से उदयपुर की तरफ आ रहा है। इस पर यूनिट के प्रभारी गोवर्धन सिंह भाटी, भूपालपुरा थानाधिकारी हरेंद्र सिंह सौदा, डबोक थानाधिकारी रविंद्र प्रताप सिंह ने मय जाब्ता मावली चैराहे पर नाकाबंदी कर दी। वहीं कांस्टेबल प्रहलाद पाटीदार एवं भंवरलाल चारों ही अपराधियों को देखने के लिए प्राईवेट नम्बर की कार फतहनगर की तरफ रैकी करने के लिए निकले। तभी प्रहलाद पाटीदार ने चारों ही बदमाशों को देख लिया और अधिकारियों की सूचना दे दी कि बदमाश उदयपुर की ओर बढ़ रहे है और हम इनका पीछा कर रहे है। तभी मावली नाकाबंदी में मौजुद एण्टी ह्यूमन ट्रेफिक यूनिट और खाकी के जवान मय जाब्ता पुलिस वाहनों के साथ फतहनगर की ओर बड़े। तभी लदानी गांव के कुछ आगे जाने पर सामने से चारों ही आरोपी आते हुए दिखाए दिए, जिनको रोकने के लिए पूरा जाब्ता वाहनों से उतरा तो सभी आरोपी वापस फतहनगर की ओर भागने लगे, इस पर पीछे से आ रहे प्रहलाद पाटीदार और भंवरलाल की टीम ने अपराधियों को रोकने की कोशिश की तो गोगा और बड़ा मेवाती ने जान से मारने की नियत से दोनों जवानों पर चार राउण्ड फायर किए। तभी अपनी आत्मरक्षा में पुलिस ने भी चार राउण्ड फायर किए, जिसमें से एक गोली इमरान उर्फ इमू को लगी और साहिद उर्फ सईद का पांव मोटर साईकिल से गिरने से टूट गया। वहीं गोगा और बड़ा मेवाती फरार होने में सफल रहे।
उदयपुर की जांबाज पुलिस ने आखिरकार बड़ी सफलता हांसिल करते हुए एक बार फिर दहशतगर्दों को बता दिया है कि अब उनकी खैर नहीं है। घटना के बाद से ही अपराधी किस्म के लोग या तो भूमिगत हो गए या आगे अपराध करने से भी तोबा कर रहे हैं। वहीं माफियाजगत में तो यह भी चर्चा ही कि जल्द ही गोगा खुद सरेंडर कर देगा। वैसे वारदात के बाद से ही गोगा के एनकाउंटर की सूचना आग की तरह सभी जगह फैल गई और सोशल मीडिया पर भी रात भर यही चलता रहाकि मुठभेड़ में गोगा मारा गया लेकिन यह कोरी अफवाह थी, हां मुठभेड़ के बाद पुलिस दो बदमाशांे को पकड़ने में जरूर सफल रही।

4 माह का भ्रूण सोशल मिडिया पर घूमता रहा , जिम्मेदार डॉक्टर और अस्पताल कर्मी बेपरवाह .

उदयपुर . प्रदेश सरकार चाहे जननी सुरक्षा को लेकर कितने ही दावे करती हो लेकिन ये दावे जमीनी स्तर पर खोखले ही नजर आते हैं. ऐसा ही एक माजरा देखा गया उदयपुर के सलूंबर कस्बे में स्थित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में। जहां एक 4 माह के भ्रूण का वीडियो सोशल मीडिया पर खूब वायरल हो रहा है. लेकिन सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के जिम्मेदारों के पास इसका कोई ठोस जवाब नहीं है। यह वीडियो सोशल मीडिया पर घूमता हुआ जब वापस सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के अधिकारियों के पास पहुंचा तो उनके होंश उड़ गए। इस दौरान सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के डॉक्टरों ने आनन – फानन में अस्पताल स्टाफ से इस भ्रूण के अस्पताल परिसर से हटवा कर डिस्पोजल करवाया ।
दरअसल सलूंबर स्वास्थ्य केंद्र पर एक गर्भवती महिला इलाज के लिए भर्ती हुई। इस दौरान उसको दर्द उठा तो वह शोच के लिए बाहर आई जहां पर उसने स्वास्थ केंद्र परिसर में ही 4 माह के अनमेच्योर भ्रूर्ण को जन्म दिया। इस दौरान प्रसूता को तो उसके परिजन अस्पताल परिसर में स्थित वार्ड में ले गए। लेकिन भू्रण को वहां से हटाने की जिम्मेदारी अस्पताल के स्टाफ की थी। इस घटना के बाद 20 नर्सिंग कर्मियों और 9 डॉक्टरो वाले इस सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के लोगों की इंसानियत सबके सामने आ गयी। दरअसल अस्पताल कर्मी द्वारा इस भ्रूण को यहाँ से तत्काल हटाना था लेकिन असंवेदनशील स्टाफकर्मियों ने इस भ्रूर्ण को कुत्तों के नोंचने के लिए अस्पताल की चारदीवारी को सड़क पर पड़ा रहने दिया गया । जब यह माजरा एक जागरूक आदमी ने अपने मोबाइल में कैद किया तो अस्पताल प्रबंधन की नींद उड़ी और आनन-फानन में इस भ्रूण को डिस्पोजल कराया । ऐसे में इस घटनाक्रम के सामने आने के बाद आखिर सवाल यह उठता है कि जननी शिशु सुरक्षा के लिए सरकार द्वारा इतना बजट खर्च किया जा रहा है लेकिन फिर भी जमीन पर स्थितियां कैसे ढाक की तीन पात बनी हुई है .

डूंगरपुर में प्रेमी युगल ने पेड़ से फांसी लगा की आत्महत्या।

डूंगरपुर। वरदा थाना क्षेत्र के लोलकपुर गांव में शुक्रवार को प्रेमी युगल ने फंदा लगा कर आत्महत्या कर ली। घटना से गांव में सनसनी फैल गई। पुलिस ने मृतकों के शव जिला अस्पताल पहुंचाए। पुलिस ने बताया कि लोलकपुर गांव के दीपक पिता नरेंद्र रोत और घोड़ासर निवासी रीना कलासुआ पिता धूलेश्वर कलासुआ दोनों लोलकपुर विद्यालय में क्रमशः 10 वीं और 8वीं में पढ़ते थे। रीना लोलकपुर में ही अपने मामा जयंतीलाल के घर रहती थी। दोनों में प्रेम प्रसंग चल रहा था। रीना गुरुवार सुबह शोच जाने का बहाना करके\ घर से निकली, लेकिन वापस नहीं लौटी। उधर दीपक भी घर से गायब था। परिजन उनकी तलाश कर रहे थे। इसी बीच शुक्रवार सुबह कुछ बच्चों ने गांव के काला तालाब की पाल पर एक पेड़ पर दोनों को फंदे से लटका देखा। सुचना पर परिजन मोके पर पहुँचे। वरदा थाने से पुलिस दल भी आया। पुलिस ने शव फंदे से उतार कर जिला अस्पताल पहुँचाया। यहाँ पोस्टमार्टम सहित अन्य कार्रवाई चल रही है।

राजस्थान में अचानक मौसम ने खाया पलटा, ओलों की हुई बरसात, किसानों की फ़िक्र बढ़ी

उदयपुर पोस्ट. राजस्थान में मानसून विदाई के एक दिन पहले प्रदेश में फिर से मौसम पलटा खा गया। प्रदेश के श्रीगंगानगर जिले में शुक्रवार को अचानक मौसम बदला और तेज हवाओं के साथ ओलों की बारिश हो गई। श्रीगंगानगर के गजसिंहपुर क्षेत्र के गांवों में तेज बारिश के साथ ओले गिरे। गजसिंहपुर के समीप के गांवों में जोरदार बारिश और तेज हवाओं के साथ मटर के आकार के ओले गिरे। वहीं ओले गिरने से किसानों की चिंता और बढ़ गई है। क्षेत्र में पड़ रही है तेज बारिश ओलों से पकी फसल को काफी नुकसान की आंशका है।
गौरतलब है कि प्रदेश के पश्चिमी इलाकों से शनिवार को मौसम केंद्र मानसून विदाई की औपचारिक घोषणा करने वाला है। बीते तीन दिनों से प्रदेश के अधिकांश जिलों में बारिश का दौर थमा रहा है वहीं अब दिन में गर्मी के तेवर तीखे होने लगे हैं। हालांकि सुबह शाम में हवा में नमी के कारण मौसम का मिजाज ठंडा रहा है। वहीं श्रीगंगानगर में अचानक मौसम ने अपना रुख जाते जाते बदल दिया और एक बार फिर मेघ मेहरबान हो गए। लेकिन इस बार ये मेघ जाते जाते किसानों की चिंता बढ़ा गए।
प्रदेश के पश्चिमी मैदानी इलाकों में दिन का तापमान 35 डिग्री व उससे ज्यादा रहने पर फिर से गर्मी का अहसास हो रहा है। मानसून के आखिरी दौर में प्रदेश में मेघ जमकर बरसे। बीते चार दिन में हुई भारी बारिश ने छोटे बड़े करीब 16 बांध लबालब हो गए। अब तक प्रदेश के 141 बांध छलक चुके हैं जबकि अब भी 324 बांधों में पानी की आवक का इंतजार बना रहा।
राजधानी में आज सुबह भी मौसम का मिजाज शुष्क रहा। दिन का तापमान सामान्य से ज्यादा दर्ज हो रहा है वहीं आसमान साफ रहने पर दिन में धूप की तपिश भी मौसम में गर्माहट बढ़ा रही है। जयपुर मौसम केंद्र के अनुसार शहर में आज सुबह मौसम शुष्क रहेगा वहीं दिन के तापमान में आंशिक बढ़ोतरी हो सकती है।
जयपुर को दो महीने जलापूर्ति जितना पानी बांध में उपलब्ध हो गया है। प्रदेश से मानसून अगले चौबीस घंटे में लगभग विदा हो जाएगा, लेकिन विदाई से पहले बीते सप्ताह चले बारिश के आखिरी दौर ने जयपुर, टोंक और अजमेर की लाइफ लाइन बीसलपुर बांध में दो महीने जलापूर्ति लायक पानी का इंतजाम कर दिया है। हालांकि बीते तीन दिन से प्रदेशभर में बारिश का दौर थमा हुआ है बावजूद इसके बांध में पानी की आवक लगातार हो रही है।
बीसलपुर कंट्रोल रूम के अनुसार आज सुबह छह बजे बांध का जलस्तर 310.08 आरएल मीटर रिकॉर्ड हुआ है जो इस सीजन का सर्वाधिक स्तर रहा है। त्रिवेणी में अब भी पानी का बहाव 1.70 मीटर उंचाई पर चल रहा है जिससे बांध में लगातार पानी की आवक बनी हुई है। बीती रात तक औसतन प्रतिघंटे बांध का जलस्तर एक सेंटीमीटर तक बढ़ रहा था जो आज सुबह थोड़ा कम हुआ है, लेकिन फिर भी अगले तीन चार दिन तक बांध में पानी की आवक बने रहने की उम्मीद है।

उदयपुर में पुलिस और हिस्ट्रीशीटर गोगा गैंग के बीच फायरिंग – गोगा के एनकाउंटर की अफवाह, लेकिन असल में हुआ फरार।

उदयपुर. फतहनगर के लदानी गांव में गुरुवार को पुलिस और हिस्ट्रीशीटर मुजफ्फर उर्फ गोगा गैंग के चार साथियों के बीच मुठभेड़ हुई। मुठभेड़ में दो अपराधी घायल हो गए जब की मुजफ्फर उर्फ़ गोगा व् एक और उसका साथी फरार हो गया। इधर शहर में गोगा के एनकाउंटर की अफवाह सोशल मीडिया पर चल रही है जबकि पुलिस ने अपने प्रेस नॉट में साफ़ किया कि गोगा फरार ह गया।
पुलिस जानकारी के अनुसार दो बाइक पर आए गोगा गैंग के चार सदस्यों को पुलिस ने घेर लिया तो गोगा ने पुलिस पर चार फायर किए। जवाबी कार्रवाई में पुलिस ने भी चार राउंड फायर किए, जिसमें गैंग के सदस्य सज्जननगर कच्ची बस्ती के मोहम्मद इमरान को गोली लगी।
बाइक से गिरने पर सविना के साजिद का पैर फैक्चर हो गया। गोगा और उसका साथी बड़ा मेवाती उर्फ इस्माइल फरार हो गए। पुलिस ने उनका कपासन तक पीछा किया लेकिन हाथ नहीं लगे।
फायरिंग में घायल साजिद और इमरान को पुलिस ने एंबुलेंस से एमबी हॉस्पिटल भेजा, जहां उसके परिजन और दोस्तों की भीड़ जमा हो गई। दोनों का देर रात तक उपचार चलता रहा।
इधर, इमरान के घायल होने की सूचना पर इमरान के पिता शकील एमबी हॉस्पिटल पहुुंचे और चिल्लाते रहे कि पुलिस ने मेरे और मेरे बेटे के साथ धोखा किया है।

पुलिस प्रेस नोट के आधार पर विस्तार से खबर :
जिला पुलिस अधीक्षक कुंवर राष्ट्रदीप ने बताया कि कुख्यात वांछित अपराधी मुज्जफर उर्फ गोगा की धरपकड़ के लिए थानाधिकारियों एवं एसटीएफ को निर्देश दिए थे. विगत दो वर्षो से गोगा अपनी गैंग के साथ कई गंभीर अपराधों में लिप्त रहा है. गत 19 सितंबर को थाना खेरोदा क्षेत्र में इसने साथियों के साथ कालू पिंजारा की गोली मारकर हत्या कर दी थी. गुरुवार शाम को पुलिस को सूचना मिली कि गोगा चार साथियों के साथ दो मोटर साइकिल पर भीलवाड़ा से उदयपुर की तरफ आ रहा है. इस पर स्पेशल टीम प्रभारी गोवर्धन सिंह भाटी मय टीम एवं भूपालपुरा सीआई हरेन्द्र सिंह सोदा मय टीम को रवाना किया. साथ ही वल्लभनगर वृत के सभी थानाधिकारियों को भी संभावित रास्तों पर धरपकड़ के निर्देश दिए.

उदयपुर से पहुंची टीम ने थानाधिकारी डबोक रविन्द्र प्रताप सिंह मय जाप्ता ने मावली चौराहे पर नाकाबंदी की एवं कांस्टेबल प्रहलाद एवं भंवरलाल की टीम को प्राईवेट कार से रैकी के लिए फतहनगर सीमा पर भेजा गया. चारों अपराधियों को देखने पर सूचना मावली चौराहे पर नाकाबंदी कर रही टीम को दी कि गोगा, बड़ा मेवाती, इमरान उर्फ इमू, एवं साजिद उर्फ सईद दो मोटर साइकिल पर उदयपुर की तरफ आ रहे है. हम उनका पीछा कर रहे है. इस पर चौराहे पर नकाबंदी कर रही पुलिस टीम फतहनगर की तरफ रवाना हुई. मावली से करीब नौ किलोमीटर पहुंचने पर लदानी गांव से कुछ आगे चारों अभियुक्त आते दिखाई दिए.

लदानी गांव के निकट चारों आरोपियों को पकड़ने के लिए पुलिस का जाब्ता रूका तो उन्होंने वापस फतहनगर की तरफ भागने का प्रयास किया. इस पर पीछा कर रहे कांस्टेबल प्रहलाद एवं भंवरलाल पर गोगा एवं बड़ा मेवाती ने जाने से मारने की नियत से 4 राउंड फायर किए. पुलिस ने भी अपनी आत्मरक्षा में 4 राउंड फायर किए जिनमें से गोली इमरान उर्फ इमू को लगी तथा साजिद उर्फ सईद का मोटर साइकिल से गिरने से पैर में फैक्चर हो गया. गोगा व बड़ा मेवाती फरार हो गए. इस घटनाक्रम को लेकर मावली थाने में चारों अपराधियों के विरूद्ध जान से मारने की नियत एवं राजकार्य में बाधा का प्रकरण दर्ज किया गया. दोनों घायल को हिरासत में लेकर प्राथमिक उपचार करवा कर एम.बी. हॉस्पीटल में भर्ती कराया गया है. फरार दोनों अपराधियों की तलाश जारी है.

सुप्रीम कोर्ट के तीन अहम् फैसले – आधार , आरक्षण और प्रसारण ,.. जानिये क्या है ?

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सुप्रीम कोर्ट ने बुधवार को तीन अहम फैसले दिए। पहला अाधार की अनिवार्यता पर था। शीर्ष अदालत ने आधार की संवैधानिक वैधता को बरकरार रखा। कहा- ‘सरकारी योजनाओं के लाभ के लिए यह अनिवार्य रहेगा। हालांकि, स्कूलों में एडमिशन और बैंक खाता खोलने के लिए यह जरूरी नहीं है।’ दूसरा फैसला सरकारी नौकरी में प्रमोशन में आरक्षण का लाभ देने पर था। इस पर कोर्ट ने अपना 2006 का फैसला बरकरार रखते हुए कहा कि राज्यों को प्रमोशन में आरक्षण के लिए आंकड़ा जुटाने की जरूरत नहीं है। तीसरे फैसले में अदालती कार्रवाई की लाइव स्ट्रीमिंग को मंजूरी दी गई। कोर्ट का कहना था कि इससे पारदर्शिता आएगी।

आधार कहां जरूरी, कहां नहीं; इस पर सुप्रीम कोर्ट के दिशा-निर्देश

  1. ‘‘सरकारी योजनाओं का लाभ लेने के लिए आधार जरूरी है। पैन कार्ड को लिंक करने और इनकम टैक्स रिटर्न फाइल करने के लिए आधार कार्ड जरूरी रहेगा।’’
  2. ‘‘शिक्षा ही हमें अंगूठे के निशान से दस्तखत की ओर ले गई। अब टेक्नोलॉजी हमें दस्तखत से दोबारा अंगूठे के निशान पर ले जा रही है, लेकिन स्कूलों में एडमिशन के लिए आधार को जरूरी नहीं किया जा सकता।’’
  3. ‘‘यूजीसी, नीट और सीबीएसई की परीक्षाओं के लिए आधार जरूरी नहीं है। अदालत की इजाजत के बिना किसी भी एजेंसी के साथ बायोमैट्रिक डेटा साझा न किया जाए।’’
  4. ‘‘बैंक खाता खोलने के लिए आधार कार्ड जरूरी नहीं है।’’
  5. ‘‘आधार एक्ट की धारा 57 रद्द की जाती है। निजी कंपनियां आधार कार्ड नहीं मांग सकेंगी।’’
  6. ‘‘मोबाइल फोन कनेक्शन या नया सिम कार्ड खरीदने के लिए आधार जरूरी नहीं है।’’
  7. ‘‘आधार नहीं दिखा पाने के चलते किसी भी बच्चे को किसी योजना के लाभ से वंचित नहीं किया जा सकता।’’

 

डेटा की हिफाजत के लिए कानून बनाए सरकार :  जस्टिस सीकरी और सुप्रीम कोर्ट ने अपनी टिप्पणियों में कहा, “यह जरूरी नहीं है कि हर चीज सर्वोत्तम (बेस्ट) हो, कुछ अलग (यूनिक) भी होना चाहिए।” आधार हाशिए पर मौजूद समाज के तबके को सशक्त करने और उन्हें पहचान देने का काम करता है। आधार दूसरे आईडी प्रूफ की तुलना में अलग है, क्योंकि इसका डुप्लीकेट नहीं बनाया जा सकता। एक व्यक्ति को आवंटित हुआ आधार नंबर किसी दूसरे व्यक्ति को नहीं दिया जा सकता। केंद्र को डेटा की हिफाजत के लिए जल्द से जल्द कानून बनाने की जरूरत है। सरकार यह सुनिश्चित करे कि देश में किसी भी अवैध प्रवासी को आधार कार्ड आवंटित न हो।

फैसले से अलग जस्टिस चंद्रचूड़ की टिप्पणियां- आधार का डेटा डिलीट करें मोबाइल कंपनियां

  • जस्टिस डीवाई चंद्रचूड़ ने फैसले से अलग अपनी टिप्पणियों में कहा कि मोबाइल कंपनियों को ग्राहकों से लिया गया आधार का डेटा डिलीट कर देना चाहिए।
  • ‘‘आधार का डेटा संवेदनशील है। किसी थर्ड पार्टी या किसी वेंडर की तरफ से इसका दुरुपयोग होने का खतरा है।’’
  • ‘‘निजी कंपनियों को आप आधार के डेटा का इस्तेमाल करने देंगे तो वे नागरिकों की प्रोफाइल करेंगी और उनके राजनीतिक विचार जानने की कोशिश करेंगी। यह निजता का उल्लंघन है।’’
  • ‘‘क्या आप ये मानकर चल रहे हैं कि बैंक खाता खुलवाने वाला हर शख्स संभावित आतंकी या मनी लॉन्डरर है?’’
  • ‘‘आधार अपने मकसद में फेल हो चुका है। आज आधार के बिना भारत में रहना असंभव हो गया है और यह संविधान के अनुच्छेद 14 का उल्लंघन है।’’
  • ‘‘आधार एक्ट को मनी बिल के तौर पर संसद से पारित कराना संविधान के साथ धोखा है।’’

 

प्रमोशन में आरक्षण पर पुराना फैसला बरकरार

सुप्रीम कोर्ट ने सरकारी नौकरियों में आरक्षण पर 2006 में दिए अपने फैसले पर दोबारा विचार करने से इनकार कर दिया। यह फैसला एम नागराज के मामले में दिया गया था। इसमें कहा गया था कि राज्य सरकारें कुछ शर्तों के साथ प्रमोशन में आरक्षण दे सकती हैं, लेकिन इसके लिए उन्हें संबंधित समुदाय के पिछड़ होने के आंकड़े देने होंगे। केंद्र का कहना था कि इसमें शर्तें बेवजह लगाई गई हैं। ऐसे में इसे सात जजों की बेंच के पास दोबारा विचार के लिए भेजा जाना चाहिए।

प्रमोशन में आरक्षण के लिए आंकड़ा जुटाने की जरूरत नहीं : चीफ जस्टिस दीपक मिश्रा की अगुआई वाली पांच जजों की संविधान पीठ ने एकमत से फैसला सुनाया। बेंच ने कहा कि आरक्षण देने के लिए राज्य सरकारों को एससी-एसटी के पिछड़ेपन को बताने वाला संख्यात्मक आंकड़ा इकट्ठा करने की कोई जरूरत नहीं है। 2006 में पांच जजों की बेंच ने कहा था कि इन समुदायों के कर्मचारियों को पदोन्नत में आरक्षण देने से पहले राज्य सरकारी नौकरियों में उनके अपर्याप्त प्रतिनिधित्व और प्रशासनिक कार्यकुशलता के बारे में तथ्य पेश करेंगे।

 

लाइव प्रसारण को मंजूरी

सुप्रीम कोर्ट ने अदालती कार्यवाही के लाइव प्रसारण और वीडियो रिकॉर्डिंग को भी मंजूरी दे दी। कोर्ट ने कहा कि इसकी शुरुआत सुप्रीम कोर्ट से ही हो। इसके लिए नियम बनाएं जाएं। अदालती कार्यवाही के प्रसारण से न्यायिक व्यवस्था में जवाबदेही आएगी।

 

इन्फेक्शन दूर करने के लिए सूरज की किरणें बेस्ट होती हैं। इसी तरह लाइव स्ट्रीमिंग से न्यायिक कार्यवाही में पारदर्शिता आएगी। जनता को जानने का अधिकार मिलेगा -“सुप्रीम कोर्ट”

सरकार को आधार से 90 हजार करोड़ का फायदा

अरुण जेटली ने सुप्रीम कोर्ट के फैसले को ऐतिहासिक बताया। उन्होंने कहा कि यूनिक आइडेंटिटी नंबर (यूआईएन) को कानूनी समीक्षा के बाद ही स्वीकार किया गया था। इस अमल में लाने के बावजूद कांग्रेस यह नहीं जानती थी कि आधार से क्या होगा? भारत में 122 करोड़ लोगों के पास आधार कार्ड है। हमारा मानना है कि इससे सरकारी योजनाओं के हितग्राहियों के पहचान सुनिश्चित की जा सकती है और जाली हितग्राहियों को रोका जा सकता है। सरकार को इससे हर साल 90 हजार करोड़ का फायदा हो रहा है।

हिन्दुस्तान जिंक एवं सृजन द स्पार्क का दो दिवसीय ’’जष्न-ए-परवाज’’ कार्यक्रम 28 से

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उदयपुर । सृजन द स्पार्क संस्था द्वारा हिन्दुस्तान जिंक के सहयोग से इस वर्ष आयोजित होने वाले ‘‘एक सकून जष्न ए परवाज़‘‘ कार्यक्रम के बारे में यषद भवन में आयोजित प्रेस वार्ता को संबोधित करते हुए हिन्दुस्तान ज़िंक के मुख्य कार्यकारी अधिकारी सुनील दुग्गल ने कहा कि हिन्दुस्तान जिंक कला और संगीत को बढ़ावा देने के लिए हमेषा आगे रहा है। वल्र्ड म्यूजिक फेस्टिवल, स्मृतियां और सृजन द स्पार्क जैसे राष्ट्रीय और अन्तर्राष्ट्रीय सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन हिन्दुस्तान जिं़क के सहयोग से किया जाता रहा है। उन्होंने आह्वान किया कि लेकसिटी की पहचान यहां की संस्कृति के साथ-साथ संगीत के लिए विश्वविद्यालय से हो जिसके लिए सभी कलाप्रेमी संस्थाएं मिल कर कार्य करें जिससें कला, कलाकारों और कार्यक्रम एवं उदयपुर को विष्वस्तरीय पहचान मिल सकें। उन्होंने कहा कि हावर्ड जैसी यूनिवर्सिटी संगीत के लिए उदयपुर में हो जोे कि विश्व में उदयपुर को प्लेटफार्म प्रदान करें।

हिन्दुस्तान जिं़क के मुख्य वित्तिय अधिकारी अमिताभ गुप्ता ने कहा कि हिन्दुस्तान जिंक कला और साहित्य के लिए अपनी जिम्मदारी निभाने के लिए हमेशा से अग्रणी रहा हैं उन्होंने कहा कि जिस तरह जयपुर की पहचान लिटरेचर फेस्टिवल के लिए है उसी प्रकार उदयपुर संगीत का मुख्य केन्द्र बने।

देष के प्रसिद्ध संगीतकार आनन्द मिलिन्द को इस वर्ष हिन्दुस्तान जिं़ंक सृजन पुरस्कार 2018 से नवाजा जाएगा। इनके साथ ही राजस्थान सहित देष में साहित्य, संगीत एवं कला के लिये अपना बहुमूल्य योगदान देने वाले 7 अन्य व्यक्तियों एवं संस्थाओं को भी इस बार पुरस्कार से नवाज़ा जाएगा। 28 सितंबर को सायं 7.45 बजे, लोककला मंडल में आयोजित होने वाले एक सुकून जष्न ए परवाज कार्यक्रम में विख्यात गज़ल गायक पंकज उधास अपनी प्रस्तुती देगें।

सृजन द स्पार्क के अध्यक्ष पीएस तलेसरा ने बताया कि गज़ल, शास्त्रीय संगीत एवं गायन के जरियें भारतीय संस्कृति की धरोहर को संजोये रखने के उददे्ष्य से गठित की गई इस संस्था द्वारा स्थानीय कलाकारों को मंच प्रदान करने के लिए अनेक कार्यक्रम आयोजित किये गये हंै। संस्था द्वारा अब तक तीन बार राष्ट्रीय मुषायरा आयोजित किया गया जिसमें ख्यातनाम शायरों ने भाग लिया है। संस्था के 2015 में आयोजित पहले कार्यक्रम में प्रख्यात गायक रूपकुमार राठौड़ एवं दूसरे वर्ष 2016 में शैलेष लोढ़ा, 2017 में देष के प्रसिद्ध संगीतकार आनन्द जी को सम्मानित किया जा चुका है।

‘एक सुकून जष्न ए परवाज़‘ के सचिव अब्बास अली बंदूक वाला ने कहा कि हिन्दुस्तान ज़िंक सृजन अवार्ड हिन्दुस्तान जिं़क के सहयोग से दिया जाता है जिसमें एक लाख रूपये की राषि दी जाती है जो इस वर्ष संगीतकार आनंद मिलिन्द की प्रसिद्ध जोड़ी को प्रदान किया जाएगा। गत वर्ष की भांति इस वर्ष भी साहित्य कला एवं संगीत के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य करने वाले लोगों एवं संस्थाओं कला प्रेरक अवार्ड दिये जा रहे हैं जिनमें सृजन आमीर खुसरों अवार्ड नई दिल्ली के गालिब इंस्टीट्यूट को, सृजन वीडी पालुस्कर अवार्ड चित्तौडगढ़ की मीरा कला संस्थान, सृजन खेमचंद प्रकाश अवार्ड दुबई के कस्तुब पिंगल को, सृजन औंकारनाथ ठाकुर अवार्ड मुबंई के पण्डित भवदीप जयपुरवाले, सृजन कोमल कोठारी अवार्ड उदयपुर के रियाज़ ए तहसीन, जावरा मध्यप्रदेश के मास्टर मदन अवार्ड अहमद रज़ा को दिया जाएगा।

कार्यक्रम संयोजक जीआर लोढ़ा ने प्रेसवार्ता में सृजन द स्पार्क द्वारा संगीत के लिए शुरू की जाने वाली अकादमी एवं योजना के बारे में जानकारी दी।

‘‘सृजन द स्पार्क’’ ‘‘एक सुकून जष्न ए परवाज़ 2018‘‘ की अध्यक्षता हिन्दुस्तान जिं़क के मुख्य कार्यकारी अधिकारी श्री सुनील दुग्गल ने की। पे्रसवार्ता में हिन्दुस्तान जिं़क के हेड कार्पोरेट अफेयर्स प्रवीण कुमार जैन, सृजन द स्पार्क के सदस्य उमेश मनवानी, अन्य पदाधिकारी सहित हिन्दुस्तान जिं़क के अधिकारी उपस्थित रहे। कार्यक्रम में प्रवेष निःषुल्क परंतु निमंत्रण पत्र द्वारा होगा।

हिन्दुस्तान जिं़क के हेड कार्पोरेट कम्यूनिकेषन पवन कौषिक ने बताया कि हिन्दुस्तान जिं़क सामाजिक कार्यक्रमों में अपनी पूर्ण सहभागिता के साथ ही अपनी संस्कृति एवं सांस्कृतिक विरासत को बढ़ावा देने के लिए अग्रसर रहा है जश्ने परवाज़ का चैथा संस्करण इस ओर अगला कदम है।

Manthan – Do not burn plastic, Instead recycle them

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There always has been a view point that burning plastic helps us in the reduction of waste and this is a reason that about 12% (756 Million Metric Tonnes) of plastic waste generated in this world is burnt. However, have we ever wondered the hazardous impact that plastic burning has?

Burning of plastic waste in an open field is a major source of air pollution and is dangerous to human & environment health. When burnt gas like Carbon Monoxide, Dioxins and Furans are released into the air. Scary is that studies have linked Dioxins and Furans to cancer and respiratory diseases.

Interestingly, Plastic bags and bottles are the most common type of plastic that are burnt. Gases releases after burning of plastic may increase risk of heart disease, worsen respiratory illnesses – asthma & emphysema, causes rashes, nausea or headaches, damages the nervous system, kidney, liver and reproductive systems in the body. Dioxins tend to settle on crops and waterways eventually leading to the food we consume. As per the estimate by Central Pollution Control Board (CPCB), the plastic consumption in India, is 8 million tons per annum and about 5.7 million tons of plastic is converted into waste annually.

According to National Environmental Engineering Research Institute, open burning of plastic waste emits dioxins and furans that are estimated to be 8656.55 gTEQ (Grams of Toxicity Equivalency Quantity) annually. 44.65% of Kerala’s population is involved in burning of plastic and so, The Kerala High Court has banned burning of plastic in June 2018, in public spaces as it adds to 29.4% of Air pollution. In December 2016, The National Green Tribunal banned burning of plastics on the flood plains of river Ravi as it leads to severe water and air pollution Himachal Pradesh.

Burning of plastic also releases more greenhouse gases into the atmosphere causing climate change. This also affects the wildlife as these pollutants cause deformed offspring, reproductive system failure, immune related diseases and neurobehavioral effects in them.

Burning plastic is one of the most serious environmental disasters today. There is always a decision that brings change. This is not something that cannot be solved.

“Manthan”, an initiative by Hindustan Zinc, is a series of stories to bring awareness about various concerns like air pollution, water pollution, plastic pollution, noise pollution, climate change, road safety and wildlife protection.

“THANKS TO SAKHI PROJECT, NOW I HAVE MY OWN KIRANA STORE…”, NEEMA DEVI

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The empowered women empower families and in turn empower the society. Same goes with the story of 34 years old Neema Devi.

Neema Devi in spite of belonging to a small village Chapri, has completed her education till 10th standard. This shows not only her hard-work but her dedication to excel in life. Neema’s husband is a tailor and earns nearly 600-800 per day. Neema stays in a joint family with her 3 daughters and taking care of such a large family has always been a great responsibility.

Determined to help her husband and family, Neema was firm to do something of her own. Her determined and focused approach led her to look for options that could bring stability in her life. It is then she became a member of ‘Dashmata’ Self Help Group (SHG) under Hindustan Zinc Sakhi Project.

Neema has now been associated with Sakhi project for more than a year. With the aim to start something of her own, she took a loan of Rs. 10,000/- from her Village Organization (VO).

Today Neema has opened her own Kirana store.  With the help of her shop, she is earning Rs. 3,000 – 4,000 every month. All this while her family, especially her 3 daughters have supported her in setting up her own business.

“Hindustan SHG has given me hopes to grow further and help my family. I don’t have to worry about the economic conditions of my family anymore…”, Neema said, smiling with moist eyes.

The women of the SHGs in her village, plan and form groups, when they need to file petitions and appeals directly to the Sarpanch. This shows their escalated empowerment levels.

Sakhi Project has helped Neema in living a much more confident, living a happy & dignified life.

The Sakhi program promotes sustainable women run grassroots institutions like Self Help Groups (SHGs) to act as vehicles for empowerment. The program is geared to mobilize rural women and invest in developing their capacities around leadership, skill development, savings and entrepreneurship.

खाकी और खादी आमने सामने, गृहमंत्री पड़े पशोपेश में – जनता हुई पुलिस के साथ कहा नियम सबके लिए .

उदयपुर।  शुक्रवार की रात सूरजपोल चौराहे पर समय सीमा के बाद कवी सम्मलेन रुकवाने गए पुलिस अधिकारियों और भाजपा नेताओं में धक्का मुक्की हो गयी। जहाँ एक तरफ घटना को लेकर भाजपा नेता आक्रोशित है और गृहमंत्री से सूरजपोल थाना अधिकारी को हटाने की मांग कर रहे है वहीँ पुलिस 10 बजे बाद तेज आवाज़ में माइक नहीं बजाने को लेकर हाईकोर्ट के आदेशों की पालना करवाने का हवाला दे रही है। घटना के विडियो हुए वायरल जनता का मानना थाना अधिकारी ने कुछ गलत नहीं किया नियम सबके लिए बराबर चाहे कोई नेता ही क्यूँ ना हो.
जानकारी के अनुसार शुक्रवार की रात सूरजपोल चौराहे पर गणेश उत्सव के अंतर्गत हिन्दू महा सभा टाइगर फ़ोर्स द्वारा कवी सम्मलेन का आयोजन किया जा रहा था। कवी सम्मेनल में भाजपा जिलाध्यक्ष दिनेश भट्ट मंडल अध्यक्ष चंचल अग्रवाल सहित कई भाजपा नेता भी मोजूद थे। 11 बजे के बाद कवी सम्मलेन में सूरजपोल थाना अधिकारी आदर्श कुमार ने आयोजनकर्ता श्याम बाबा से कवी सम्मलेन बंद करने को कहा। एक बार कहने पर जब साउंड और कवि सम्मेलन  बंद नहीं हुआ तो थाना अधिकारी आदर्श कुमार ने कड़ाई से कवी सम्मलेन को बंद करने को कहा। कवी सम्मलेन में मोजूद भाजपा जिलाध्यक्ष दिनेश भट्ट ने बिच में बोला तो थाना अधिकारी ने नियमों का हवाला देते हुए कह दिया की नियम नहीं है कि ११ बजे बाद भी साउंड बजे। जिलाध्यक्ष को मना करने के बाद मोजूद भाजपा नेता और कार्यकर्ताओं ने अपनी प्रतिष्ठा का प्रश्न बना लिया कि जिलाध्यक्ष को एसा कैसे कह दिया . नियमों के आधार पर देखा जाए तो थाना अधिकारी आदर्श कुमार कही गलत नहीं थे. लेकिन जिलाध्यक्ष दिनेश भट्ट को मना कहना मोजूद भाजपा पदाधिकारियों को आखर गया और एक तरह से खादी और खाकी आमने सामने हो गए। एक तरफ थाना अधिकारी आदर्श कुमार बंद करवाने पर अड़े रहे वहीँ भाजपा नेता अपनी तोहीन समझ कवी सम्मलेन को चलाने पर आमादा रहे। धीरे धीरे सूरजपोल चौराहा पुलिस छावनी में तब्दील हो गया और कई अधिकारी मोके पर पहुच गए। एक बार तो एसा तक आगया कि पुलिस अधिकारियों के साथ भाजपा नेता और कार्यकर्ताओं ने धक्का मुक्की तक कर डाली।
शनिवार सुबह घटना के विडियो तेजी से शहर भर में वायरल होते रहे। भाजपा समर्थक एक तरफ भाजपा और सत्ता की तोहिन बता रहे है वही दूसरी तरफ आम शहरवासी नियम सबके लिए बराबर कह वीडियो वायरल कर रहे है।
पुलिस और नेताओं की यह लड़ाई शहर विधायक और राज्य के गृहमंत्री गुलाबचंद कटारिया के पास भी पहुची है।  कटारिया ने जांच के बाद कारवाई करने को कहा है।  इधर भाजपा नेता जिलाध्यक्ष दिनेश भट्ट के साथ थाना अधिकारी द्वारा दुर्वय्वार की बात को लेकर आक्रोशित है और कारवाई करने पर अड़े हुए है। वहीँ दूसरी तरफ भाजपा का दूसरा धड़ भैरोसिंह शेखावत मंच पुलिस अधिकारियों के पक्ष में आगया है और उनका कहना है कि चाहे कोई भी हो नियम सबके लिए बराबर है।
इस सारे मामले को लेकर सबसे ज्यादा पशोपेश जैसी स्थिति गृहमंत्री और जगत भाईसाहब कटारिया जी की है। वह न तो अपने विभाग के अधिकारी पर कार्रवाई कर सकते हैं न ही अपनी पार्टी के पदाधिकारी के अपमान को दरकिनार। वैसे इस मामले में गृहमंत्री गुलाबचंद कटारिया ने अपनी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि जन सुनवाई के दौरान पार्टी के कुछ लोगों की ओर से लिखीत शिकायत पत्र जरूर दिया है। बिना पढ़े किसी शिकायत पर किसी तरह की कोई कार्रवाई नहीं की जा सकती। शिकायत पर पहले जांच करवाई जाएगी और जिस किसी की ओर से गलती हुई है उस को दंड दिया जाएगा।
वीडियो हमने भी देखे और घटना के वक़्त मोजूद लोगों से बात भी की . देखा जाए तो थाना अधिकारी नियमों के हिसाब से कही भी गलत नहीं, लेकिन अगर थोड़ी रियायत देदी जाती तब भी चल सकता था . दूसरी तरफ यह भी देखा जा रहा है कि कवी सम्मलेन का संचालक श्याम बाबा का भी रिकार्ड इतना अच्छा नहीं कि पुलिस रियायत दे कर कोई मोका दे ,.. भाजपा के जिलाध्यक्ष सहित अन्य नेताओं को भी यह सब बात सोचनी चाहिए और इसे मोके पर जब कि हर तरफ सत्ता आपकी है तो शालीनता बरतते हुए सारी बातों को ध्यान में रख मामले को ठंडा करना चाहिए ताकि जो पुलिस जनता की सुरक्षा में रात भर जागती रहती है उसका मनोबल भी बना रहे .
फिल्म स्पाइडरमैन का एक डायलोग है जब साधारण युवा के पास स्पाइडरमैन वाली ताक़त आजाती है तब उसके अंकल कहते है .
ताकत जिसके पास होती है उसकी जिम्मेदारियां बढ़ जाती है,.. उसको हमेशा लोगों का ध्यान रखना पड़ता है लेकिन यहाँ सब कुछ उलटा है ,.. सत्ता के साथ साथ ताक़त आती है और ताक़त आते ही नेता इस ताक़त के नशे में मदमस्त हो जाते है और अपने आगे किसी को कुछ नहीं समझते . शायद यह घटना ऐसी ही ताक़त की परिणिति है .