53 Villages to get Free Primary Health Facilities through Mobile Vans by Hindustan Zinc

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Hindustan Zinc under its Community Service Initiatives has launched 2 Mobile Health Vans in the districts of Udaipur (Zawar Miens area) and Chittorgarh covering more than 53 villages around its business locations. These mobile health vans will target rural & tribal areas that are currently devoid of adequate primary healthcare facilities. These Vans will provide free treatment to the villagers and are equipped to provide more than 10 types of Health related tests. Every mobile medical van are equipped with a doctor, driver and a coordinator along with the necessary medicines and diagnostic kits.

These Vans are being launched under the Smile on Wheels Campaign, in association with Smile Foundation.

Through this initiative, in Chittorgarh district more than 20000 rural people of 25 villages will be benefitted and in Udaipur, more than 15000 rural & tribal people of 28 villages will be benefitted.

Hindustan Zinc’s through its various health initiatives is committed to support measures for ensuring health and well-being of people living around its operational areas, as well as the public at large has been acknowledges for long. Apart from specialized care, thousands of families benefit from regular health, awareness, ayurvedic & other specialized camps that are organized in communities around the company’s operations.

सत्यार्थ प्रकाश महोत्सव के दौरान गुलाब बाग़ में लगे बुक स्टाल पर इस्लाम और पैगम्बर विरोधी पुस्तकों की बिक्री – समाज के लोगों ने जताया विरोध कहा शांत शहर में अशांति फैलाने की बाहरी तत्वों की साजिश।

उदयपुर। नफरत का सौदा करने वाले कम नहीं है और यह कोई मौका नहीं चूकते। पिछले तीन दिनों से उदयपुर के गुलाब बाग़ में सत्यार्थ प्रकाश महोत्सव चल रहा था जहाँ पर बाहर से आये कुछ लोगों द्वारा सत्यार्थ प्रकाश साहित्य के नाम पर कुछ किताबों की स्टालें भी लगी हुई थी यही। इन स्टालों में इस्लाम और पैगम्बर को बदनाम करने के लिए ऐसी पुस्तकों को बेच रहे थे जिसमे मुस्लिम के सबसे बड़े धर्म गुरु के बारे में आपत्तिजनक व्याख्या के थी। साथ ही इस्लाम और इस्लाम की धार्मिक किताब के बारे में आपत्तिजनक व्याख्या करती हुई पुस्तकों का बेचान किया जा रहा था। इन किताबों को लेकर उस वक़्त हंगामा हो गया जब कुछ मुस्लिम युवक वहां गए और उनकी नज़र जब उन किताबों पर पड़ी तो आक्रोशित हो गए। जब स्टाल मालिकों से पूछा तो वह कुछ जवाब नहीं दे पाया। मामला बढ़ा तो पुलिस तक पहुंचा। अंजुमन के सदर मोहम्मद खलील सहित कई समाज के लोग सूरजपोल थाने जमा हो गए और थाना अधिकारी से कार्रवाई की मांग करने लगे। समाज के लोगों ने थाना अधिकारी को परिवाद दिया है और दो दिन के अंदर कार्रवाई करने की मांग की है। अंजुमन के सदर मोहम्मद खलील ने कहा है की गुलाब बाग़ के नवलखा महल में सत्यार्थ प्रकाश महोत्सव में जो किताबे बेचीं जा रही थी उस स्टाल मालिक महोत्सव के आयोजक के खिलाफ कार्रवाई करे।
आज जबकि हर तरफ एक अजीब सा माहोल तय्यार किया जारहा है ऐसे दौर में इस तरह की पुस्तकों का खुलेआम स्टाल लगा कर बेचना एक धर्म के नाम पर दुसरे धर्म को बदनाम करने की कुछ घटिया लोगों की साजिश है। हद तो यह है कि हिंदी में छपी इस किताब का प्रकाशक पाकिस्तान के किसी पब्लिकेशन का नाम छापा हुआ है। पुलिस द्वारा इस बात की गहन जांच होनी चाहिए कि कहीं हिन्दू मुस्लिम में नफरत पैदा करने की साजिश तो नहीं जो इस तरह की किताबें सत्यार्थ प्रकाश महोत्सव के दौरान बेचीं जा रही है।
गुलाब बाग़ में जमा हुए युवाओं ने भी समझदारी दिखाते हुए वहां पर कोई विवाद नहीं किया और सूचना सीधे पुलिस को दी और समाज के जिम्मेदार लोगों को बुला कर पुलिस में रिपोर्ट दर्ज करवाई। समाज के मोतबिर और अंजुमन कमिटी के सदर मोहम्मद खलील, नायब सदर मुनव्वर अशरफ खान, पार्षद राशिद खान, मोहसिन खान ने भी बिना किसी हंगामे और बिना किसी विवाद के सूरजपोल थाना अधिकारी को रिपोर्ट देते हुए कारवाई करने की मांग की है। सदर मोहम्मद खलील का कहना है कि यह हमारे शांत उदयपुर में नफरत फैलाने की साजिश है।
पार्षद राशिद खान और मोहसीन खान ने भी कहा कि चुनाव है और शायद हो सकता है कि चुनाव के मद्देनज़र यह कृत्य बाहरी तत्वों द्वारा किया गया है। शहर में भाईचारे का माहोल है और यहाँ पर माहोल खराब करने की साजिश है। लेकिन इस साजिश को हम कतई कामयाब नहीं होने देंगे। इसीलिए हमने बिना किसी हंगामे के शांति पूर्वक रिपोर्ट दी है जिस पर हमे आशा है कि पुलिस उचित कारवाई करेगी।

तेल पर 2.5 रूपये की सरकारी छूट का नहीं निकला नतीजा – डीज़ल 76 के पार .

केंद्र और कई राज्यों द्वारा तेल कीमतों में राहत देने के बाद तेल के दामों में तीसरे दिन भी बढ़ोतरी हुई। राज्य में डीजल 76 रुपए प्रति लीटर के पार चला गया। गौरतलब है कि रविवार को पेट्रोल प्रति लीटर 15 पैसे महंगा हुआ और सोमवार को 21 पैसे की बढ़ोतरी हुई। सोमवार को को पेट्रोल की कीमत 82.48 रुपए प्रति लीटर पर पहुंच गई। डीजल भी तीन दिनों में में 1.15 पैसे महंगा होकर 76.12 रुपए प्रति लीटर हो गया।
करों में राहत से पहले गुरुवार को पेट्रोल 84.43 रुपए व डीजल 77.55 रुपए प्रति लीटर था। उत्पाद शुल्क कटौती तथा सरकारी तेल कंपनियों की एक रुपए सब्सिडी दिए जाने के बाद ईंधन के दाम में यह बढ़ोतरी दर्ज की गई। वहीं, वित्त मंत्री अरुण जेटली ने इस मामले में निवेशकों को भरोसा दिया है। जेटली ने शनिवार को फेसबुक पोस्ट में लिखा, यह बात मैं अलग से स्पष्ट कर देता हूं कि तेल कीमतें फिर सरकारी नियंत्रण के दौर में नहीं जाएंगी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अक्टूबर 2014 में तेल की कीमतों को सरकार के नियंत्रण से बाहर करने का फैसला लिया था। तब से हर दिन सुबह 6 बजे तेल की कीमतें बाजार के आधार पर तय होती हैं।
डिमांड एवं सप्लाई वित्त मंत्री जेटली ने भी तेल की बढ़ती कीमतों के पीछे मौजूद अंतरराष्ट्रीय कारणों का जिक्र करते हुए कहा था कि तेल उत्पादक देशों ने अपने उत्पादन को सीमित कर दिया है और इसलिए मांग और आपूर्ति (डिमांड एवं सप्लाई) में अंतर पैदा हो गया है, जिससे तेल के दाम बढ़ रहे हैं।
दाम में कमी चुनावी लॉलीपॉप: कांग्रेस कांग्रेस नेता पवन खेड़ा ने कहा, पेट्रोल और डीजल के दाम में फिर बढ़ोतरी से सरकार का पाखंड उजागर हो गया है। यह कटौती पांच राज्यों में होने वाले चुनाव के लिए चुनावी लॉलीपॉप थी। इसे जीएसटी के दायरे में लाया जाए।
एेसे बढ़े दाम

तारीख        पेट्रोल          डीजल
4 अक्टबर    84.43       77.55
5 अक्टूबर    81.96       75.58
(उत्पाद शुल्क घटाया)
6 अक्टूबर    82.12       75.25
7 अक्टूबर    82.27       75.83
8 अक्टूबर    82.48       76.12

Amazon Great Indian Festival – फेस्टिवल पर अमेज़न भारी डिस्काउंट सेल जानिये कब से और कितना ?

सेल देखने के लिए फोटो पर क्लिक करिए .

Amazon Great Indian Festival सेल का आगाज़ 10 अक्टूबर से होगा। अमेजन प्राइम मेंबर्स के लिए सेल एक दिन पहले यानी 9 अक्टूबर दोपहर 12 बजे से शुरू हो जाएगी। अन्य ग्राहकों के लिए सेल की शुरुआत 10 अक्टूबर दोपहर 12 बजे से होगी। Amazon Prime मेंबर्स 9 अक्टूबर को आयोजित Mi TV Pro Series की एक्सक्लूसिव फ्लैश सेल में हिस्सा ले सकेंगे। इसी के साथ सबसे पहले प्राइम मेंबर्स के पास Vivo V9 Pro को खरीदने का मौका होगा। स्मार्टफोन और इलेक्ट्रॉनिक प्रोडक्ट के अलावा सभी अमेजन डिवाइस (Fire TV Stick, सेकेंड-जेन Echo स्पीकर्स, Kindle e-book) की कीमत में कटौती और शानदार डील्स मिलेंगी।

अमेजन सेल 15 अक्टूबर तक चलेगी। Vivo V9 Pro की कीमत वैसे तो 19,990 रुपये है लेकिन सेल के दौरान यह हैंडसेट डिस्काउंट के बाद 17,990 रुपये में बेचा जाएगा। इसके अलावा Redmi Y2, Honor 7C, Huawei Nova 3i, Honor Play, Realme 1 और Vivo Y83 की कीमत में भी कटौती की जाएगी। सेल के दौरान वनप्लस 6 पर 5,000 रुपये के डिस्काउंट के बाद ग्राहक इस हैंडसेट को 29,999 रुपये में खरीद सकेंगे। पुराना फोन एक्सचेंज करने पर सैमसंग गैलेक्सी नोट 8 पर अतिरिक्त डिस्काउंट दिया जाएगा।

Amazon Pay के जरिए बिल का भुगतान करने पर प्राइम मेंबर को 2,400 रुपये तक का कैशबैक मिलेगा। अमेजन पे को टॉप-अप करने पर अतिरिक्त 300 रुपये का कैशबैक दिया जाएगा। एसबीआई कार्ड से भुगतान पर 10 प्रतिशत का इंस्टेंट डिस्काउंट है। 9 अक्टूबर को 32 इंच और 49 इंच वाला Mi TV Pro वेरिएंट पहली बार Prime मेंबर्स के लिए उपलब्ध होगा। अमेजन ने प्राइम मेंबर्स को कैशबैक और एक्सक्लूसिव ऑफर देने के लिए Swiggy, Yatra, BookMyShow और Urban Clap से पार्ट्नरशिप की है। अमेजन प्राइम मेंबर्स को स्मार्टफोन, टीवी, एप्लायंसेज, कंज्यूमर इलेक्ट्रॉनिक, होम और किचन प्रोडक्ट, फैशन और अन्य प्रोडक्ट पर शानदार डील्स मिलेंगी। सलाह दी जाती है कि सेल शुरू होने से पहले पता और भुगतान संबंधित जानकारी को दर्ज कर लें। दो प्लान मौजूद हैं, आप चाहें तो एक साल का प्राइम सब्सक्रिप्शन 999 रुपये और प्रति माह वाला प्लान 129 रुपये में ले सकते हैं।

5 राज्यों में हो गया है चुनाव का एलान – देखलो अब तक के सर्वे किसके पक्ष में है ?

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चुनाव आयोग ने पांच राज्यों में होने वाले चुनावों की तारीखों की घोषणा कर दी है. इस साल नवंबर और दिसंबर की शुरूआत में मध्यप्रदेश, राजस्थान, छत्तीसगढ़, मिजोरम और तेलंगाना में वोटिंग होनी है. इनका रिजल्ट 11 दिसंबर को आएगा.

छत्तीसगढ़ में दो चरण में चुनाव होगा. सबसे पहले नक्सली प्रभावित इलाके में 12 नवंबर को वोटिंग होगी. उसके बाद बाकी बचे हुए इलाके में 20 नवंबर को वोट डाले जाएंगे. मध्यप्रदेश और मिजोरम में एक साथ चुनाव होने हैं. वहां पर 28 नवंबर को मतदाता वोटिंग मशीन पर बटन दबाएंगे. सबसे आखिर में राजस्थान और तेलंगाना में एक साथ मतदान होगा, यहां 7 दिसंबर को वोटिंग होनी है.

पिछले दिनों कुछ मीडिया संस्थानों ने चुनावी सर्वे करवाए हैं. इनके आधार पर जो तस्वीर निकल कर सामने आ सकती है वो कुछ इस तरह है.

India Today-Axis survey

राजस्थान- बदलाव चाहते हैं लोग

सर्वे के मुताबिक राजस्थान के लोग वसुंधरा राजे से बुरे तरीके से नाराज हैं. बताते चलें कि पिछली बार चुनावों में बीजेपी को 163 सीटें मिली थीं, वहीं कांग्रेस को 21 और अन्य को 16 सीटें मिली थीं. इस सर्वे में 9850 लोग शामिल हुए थे.

सरकार के कामकाज पर लोगों की राय

  • अच्छा रहा- 32 फीसदी
  • सामान्य- 15 फीसदी
  • बदलाव- 48 फीसदी

मुख्यमंत्री के तौर पर प्रदेश के लोगों की पसंद:इस

फोटो:तरुण अग्रवाल

मध्यप्रदेश- बेहतर स्थिति में शिव का राज

सर्वे में सामने आया कि शिवराज अभी भी सीएम के तौर पर प्रदेश को लोगों की पहली पसंद हैं. लेकिन ज्योतिरादित्य सिंधिया की लोकप्रियता भी तेजी से बढ़ रही है.

फोटो:तरुण अग्रवाल

सर्वे में शामिल लगभग आधे लोग शिवराज के कामों से संतुष्ट है. पर असंतुष्ट लोगों की भी बड़ी तादाद है. पिछले चुनावों में 230 में से बीजेपी को रिकॉर्ड 165 सीटें मिली थीं. वहीं कांग्रेस को 58 सीटों पर ही संतोष करना पड़ा था.

  • अच्छा रहा- 47 फीसदी
  • सामान्य- 13 फीसदी
  • बदलाव- 34 फीसदी

छत्तीसगढ़-अधर में लटकी मौजूदा सरकार

फोटो: तरुण अग्रवाल

सर्वे के मुताबिक मुख्यमंत्री के तौर पर तो अब भी रमन सिंह लोगों की पहली पसंद हैं, लेकिन उनके काम को अच्छा करार देने वाले लोग माइनॉरिटी में हैं (अगर सामान्य और बदलाव को शामिल करें).

  • अच्छा रहा- 39 फीसदी
  • सामान्य- 11 फीसदी
  • बदलाव- 34 फीसदी

2013 के विधानसभा चुनाव में बीजेपी को 49 सीटें, कांग्रेस को 39 और अन्य को 2 सीटें मिली थीं. इंडिया टुडे-एक्सिस का ये सर्वे टेलीफोन के जरिए कराया गया था, जिसमें कुल 4,598 लोग शामिल हुए.

ABP-CVOTER survey

BJP के छत्तीस‘गढ़’ में Cong के कब्जे का अनुमान

छत्तीसगढ़ में इस साल किसकी सरकार बनने जा रही है? राज्य के लोगों का सियासी मूड जानने के लिए एबीपी न्यूज ने सीवोटर के साथ मिलकर सर्वे किया. सर्वे के मुताबिक, 15 साल पुरानी बीजेपी की रमन सरकार को बड़ा झटका लग सकता है. बीजेपी को 2013 के मुकाबले 16 सीटों का नुकसान वहीं कांग्रेस को 15 सीटों के फायदे का अनुमान है.

सर्वे के मुताबिक, छत्तीसगढ़ की 90 विधानसभा सीटों में से बीजेपी को 33, कांग्रेस को 54 और अन्य को 3 सीटें मिल सकती हैं. 2013 के विधानसभा चुनाव में बीजेपी को 49 सीटें, कांग्रेस को 39 और अन्य को 2 सीटें मिली थीं.

सबसे लोकप्रिय मुख्यमंत्री उम्मीदवार?

सर्वे में ये भी जानने की कोशिश हुई कि छत्तीसगढ़ में सबसे लोकप्रिय मुख्यमंत्री उम्मीदवार कौन है? नतीजों के मुताबिक, सर्वे में शामिल लोगों में से मौजूदा सीएम रमन सिंह को सबसे ज्यादा 34.3% लोगों ने पसंद किया है.

इसके बाद दूसरे स्थान पर अजीत जोगी हैं, जिन्हें 17.5% लोगों ने अपनी पसंद बताया है. भूपेश बघेल 8.6 फीसदी के साथ तीसरे नंबर पर है.

ABP न्यूज-सीवोटर सर्वे:

राजस्थान में राजे की भारी हार का अनुमान

सर्वे के मुताबिक, इस बार राजस्थान की वसुंधरा सरकार को बहुत बड़ा झटका लगने जा रहा है.

सर्वे के मुताबिक, राजस्थान की 200 विधानसभा सीटों में से बीजेपी को 57, कांग्रेस को 130 और अन्य को 13 सीटें मिल सकती हैं. 2013 के विधानसभा चुनाव में बीजेपी को 163 सीटें, कांग्रेस को 21 और अन्य को 16 सीटें मिली थीं. इस लिहाज से बीजेपी को कुल 106 सीटों का नुकसान और कांग्रेस को 109 सीटों का फायदा होने का अनुमान है.

वोट शेयर में कांग्रेस की भारी बढ़त

इस साल 28 जून से लेकर 10 अगस्त तक हुए सीवोटर के इस सर्वे में अनुमान है कि कांग्रेस को वोट शेयर के लिहाज से काफी फायदा हो सकता है. पार्टी को 2013 विधानसभा चुनाव के मुकाबले 17.7% वोट का फायदा हो सकता है. वहीं बीजेपी को 8.2 फीसदी वोट का नुकसान होने का अनुमान है.

सबसे लोकप्रिय मुख्यमंत्री उम्मीदवार?

सर्वे में ये भी जानने की कोशिश हुई कि राजस्थान में सबसे लोकप्रिय मुख्यमंत्री उम्मीदवार कौन है? नतीजों के मुताबिक, सर्वे में शामिल लोगों में से कांग्रेस के वरिष्ठ नेता अशोक गहलोत को 40.6% लोगों ने पसंद किया है. इसके बाद दूसरे स्थान पर सीएम वसुंधरा राजे सिंधिया हैं, जिन्हें 24.1% लोगों ने अपनी पसंद बताया है. सचिन पायलट 17.7 फीसदी के साथ तीसरे नंबर पर हैं.

विधानसभा चुनाव की रणभेरी बजी – राजस्थान की जनता अपना हक़ इस्तमाल करेगी 7 दिसंबर को .

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राजस्थान में चुनावी जंग के दिन का एलान कर दिया गया है । ७ दिसंबर , जी हाँ यही एक दिन होगा राजस्थान में चुनावी जंग लडे जाने का। चुनावी रणभेरी बजने के साथ ही दोनों राजनैतिक पार्टियां भाजपा और कांग्रेस अपने पुरे साजो लश्कर के साथ मैदान में है। इस जंग का परिणाम आएगा ११ दिसंबर को। राजस्थान के साथ ही मध्यप्रदेश, छत्तीसगढ़, मिजोरम और तेलंगाना के लिए विधानसभा चुनावों की तरीखों की घोषणा भी हो गयी है।
चुनाव आयोग ने शनिवार को एक प्रेस कॉन्फ्रेस में राजस्थान चुनाव की तारीखों का ऐलान कर दिया है। प्रदेश में 200 विधानसभा सीटों पर 7 दिसंबर को मतदान एक ही चरण में होगा। 11 दिसंबर को मतगणा होगी। चुनाव आयोग की और से चुनाव की तारीखों के ऐलान के साथ ही प्रदेश में आचार संहिता लागू हो गई है।
मुख्य चुनाव आयुक्त ओपी रावत ने बताया कि राजस्थान, मध्यप्रदेश, छत्तीसगढ़ और मिजरोम के विधानसभा चुनाव एक साथ होंगे। चारों राज्यों में ईवीएम और वीवीपैट मशीनों से मतदान करवाया जाएगा। चुनाव आयोग ने राजस्थान के अलावा मध्यप्रदेश, छत्तीसगढ़, मिजोरम और तेलंगाना के लिए विधानसभा चुनावों की तरीखों की घोषणा भी की।  छत्तीसगढ़ में 12 नवंबर और 20 नवंबर को वोट डाले जाएंगे। मध्यप्रदेश और मिजोरम में 28 नवंबर को वोटिंग होगी। वहीं, राजस्थान और तेलंगाना में 7 दिसंबर को मतदान होगा। सभी राज्यों के नतीजों का ऐलान 11 दिसंबर को किया जाएगा। आपकी जानकारी के लिए बतादें कि अभी मध्यप्रदेश, छत्तीसगढ़ और राजस्थान में भाजपा की सरकार है। मिजोरम में कांग्रेस की सरकार है। तेलंगाना में टीआरएस सत्ता में थी। वहां विधानसभा भंग हो चुकी है। जनता अब किसकी सरकारें चुनती है कोण इस जंग में जनता का चाहता बन क्र उभरता है और कोण कोने में पांच साल तक दुबक कर बैठ जाता है यह अब आने वाला वक़्त बताएगा।

पैसे न मिलने पर छात्र को रेल पुलिस ने चलती ट्रेन से फेंका .

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https://youtu.be/oPqn5G-WXz0

रांची-पटना जनशताब्दी एक्सप्रेस से यात्रा कर रहे छात्र वेंकटेश की मौत हादसा नहीं बल्कि हत्या थी। उसे रेल पुलिस ने ही चलती ट्रेन से धक्का देकर मारा था। एक वीडियो वायरल होने के बाद छात्र के परिजनों ने यह आरोप लगाए हैं। इस वीडियो में कुछ यात्री यह कहते हुए एक सिपाही को लात-घूंसों से पीट रहे हैं कि उसने चलती ट्रेन से एक यात्री को फेंक दिया है। यह घटना 28 सितंबर की है। 29 को छात्र का शव मिलने पर रेल पुलिस ने मौत का कारण ट्रेन से गिरना बताया था।

नशे में धुत्त लड़कियों का हंगामा – पुलिस को करनी पड़ी मशक्कत .

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https://youtu.be/l-K_L7WmMUE

 

ठाणे के भायंदर पश्चिम के मैक्सेस मॉल के ग्राउंड में चार युवतियां नशे में चूर आपस मे लड़ रही थी। उनका हंगामा देख किसी ने पुलिस को इसकी जानकारी दे दी। इसके बाद मौके पर पहुंची पुलिस टीम ने उन्हें समझाने का प्रयास किया, लेकिन झगड़ा खत्म करने की जगह चारों ने पुलिस टीम के साथ मारपीट शुरू कर दी। उन्हें काबू करने के लिए महिला पुलिसकर्मी को उनपर लाठी भी चलानी पड़ी।

राजस्थान में अक्षय कुमार का साइकिल पर स्टंट ( विडियो )

https://www.youtube.com/watch?v=C3AHMnqG1kc&t=2s

अक्षय कुमार इन दिनों जैसलमेर में फिल्म हाउसफुल-4 की शूटिंग कर रहे हैं। इसी दौरान वे अपने डेली रूटीन के कुछ वीडियो भी इंस्टाग्राम पर शेयर करते जा रहे हैं। हाल ही में अक्षय ने दिन निकलने के साथ ही सड़क पर साइकिल चलाने का एक वीडियो पोस्ट किया है। जिसमें वे हाथ छोड़कर साइकिल चला रहे हैं। फुल स्पीड में चल रही साइकिल के साथ ही अक्षय हवा में ही मुक्के मारते दिख रहे हैं। लिखा मैसेज – सड़कों पर ट्राय न करें : अक्षय ने वीडियो के साथ एक मैसेज भी लिखा है- आप यकीन नहीं कर सकते कितना फ्री महसूस कर रहा हूं। मेरे अंदर काम वैसा ही है, जैसे जैसलमेर की रेतीली सड़क पर बिना पकड़े साइकिल चलाना। संतुलन और स्थिरता ही जीवन है, लेकिन इसे क्रियाशील भी बनाना है। लेकिन कृपया इसे सड़कों पर ट्राय न करें। जल्दी उठते हैं अक्षय : वीडियो में दिख रहे सूर्योदय से यह पता चल रहा है कि अक्षय इस उम्र में खुद को फिट रखने के लिए जल्दी उठ जाते हैं। अक्षय ने पोस्ट में भी लिखा है – राइज विद द सन। हालांकि यूजर्स ने उनके हेलमेट न पहनने की शिकायत की और ऐसे स्टंट न करने की सलाह दी है।

एक दिन की जयंती, एक दिन की श्रद्धा, और एक दिन का सम्मान।

इतने दिनों से याद नहीं आया गांधी जी का चश्मा, धुल फांकती प्रतिमा।

उदयपुर। मोहनदास करमचंद गांधी जी हाँ वही जो एक लाठी लेकर निकले थे भारत को आज़ाद कराने अहिंसा के मार्ग से और अपने मकसद में कामयाब भी हुए और आज़ादी भी दिलवाई। आज जब उनके सम्मान की बात आती है तो यह सम्मान सिर्फ एक दिन में सिमट कर रह जाता है। बाकी के 364 दिन उनकी प्रतिमा को वेसे ही धुल खाने के लिए छोड़ दिया जाता है जैसे उनके आदर्शों उनकी कही बातों को हम कही कोने में डाल देते है।
जी हाँ शहर के सबसे बड़े बाग़ गुलाब बाग़ में लगी माहात्मा गांधी जी की प्रतिमा 364 दिन उपेक्षित रहती है। कभी उसकी साफ़ सफाई या रख रखाव की तरफ किसी जिम्मेदार का ध्यान नहीं जाता। सिर्फ २ अक्तूबर यानी गांधी जयंती के एक दिन पहले उसकी साफ़ सफाई करवाई जाती है। यहाँ तक की इस प्रतिमा का चश्मा पिछले काफी समय से नहीं है कोई असमाजिक तत्व लेकर चला गया या क्षतिग्रस्त कर दिया, लेकिन ना तो गुलाब बाग के मालिकाना हक वाली पीडब्ल्यूडी ने इस तरफ कोई ध्यान दिया ना ही इसका मेंटिनेंस करने वाले निकाय नगर निगम ने ध्यान दिया। जब हमने प्रतिमा की इस उपेक्षा का कारण नगर निगम के महापौर से जानना चाहा तो उन्होंने कहा कि गुलाबबाग के मालिकाना हक का ही झगडा नहीं सुलझा हम तो सिर्फ रख रखाव करते है। या अह गुलाब बाग़ अधीक्षक या पी डब्ल्यू डी विभाग के अधिकारियों को चाहिए कि ध्यान रखे। खैर यह झगडा काफी पुराना है और इसका गाँधी जी की प्रतिमा की साफ़ सफाई का कोई लेना देना नहीं वह तो महापोर जी को भी पुचने पर कुछ तो कहना था सो उन्होंने कह दिया लेकिन असल बात तो यही है कि आज गांधी जी भी हमे बस २ अक्तूबर को ही याद आते है वह भी फूल मालाएँ चडाने के लिए। उनके आदर्शों पर विचार करने के लिए नहीं।
चाहे जिम्मेदार ध्यान रखे ना रखें चाहे कोई गांधी वादी गांधी जी की प्रतिमा को साफ़ करे ना करे लेकिन फिर भी गांधी जी के जो विचार है और जो उनके वचन है उन्हें हर वक़्त याद किये जाते रहना चाहिए सिर्फ एक दिन गांधी जी को याद कर देने से या उनकी प्रतिमा को दूध से नहलाने या फूल मालाएं चढाने से कोई मतलब नहीं जब तक कि उनकी दी हुई शिक्षा उनके विचारों को हम असल जीवन में नहीं उतार लेते।