5 राज्यों में हो गया है चुनाव का एलान – देखलो अब तक के सर्वे किसके पक्ष में है ?

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चुनाव आयोग ने पांच राज्यों में होने वाले चुनावों की तारीखों की घोषणा कर दी है. इस साल नवंबर और दिसंबर की शुरूआत में मध्यप्रदेश, राजस्थान, छत्तीसगढ़, मिजोरम और तेलंगाना में वोटिंग होनी है. इनका रिजल्ट 11 दिसंबर को आएगा.

छत्तीसगढ़ में दो चरण में चुनाव होगा. सबसे पहले नक्सली प्रभावित इलाके में 12 नवंबर को वोटिंग होगी. उसके बाद बाकी बचे हुए इलाके में 20 नवंबर को वोट डाले जाएंगे. मध्यप्रदेश और मिजोरम में एक साथ चुनाव होने हैं. वहां पर 28 नवंबर को मतदाता वोटिंग मशीन पर बटन दबाएंगे. सबसे आखिर में राजस्थान और तेलंगाना में एक साथ मतदान होगा, यहां 7 दिसंबर को वोटिंग होनी है.

पिछले दिनों कुछ मीडिया संस्थानों ने चुनावी सर्वे करवाए हैं. इनके आधार पर जो तस्वीर निकल कर सामने आ सकती है वो कुछ इस तरह है.

India Today-Axis survey

राजस्थान- बदलाव चाहते हैं लोग

सर्वे के मुताबिक राजस्थान के लोग वसुंधरा राजे से बुरे तरीके से नाराज हैं. बताते चलें कि पिछली बार चुनावों में बीजेपी को 163 सीटें मिली थीं, वहीं कांग्रेस को 21 और अन्य को 16 सीटें मिली थीं. इस सर्वे में 9850 लोग शामिल हुए थे.

सरकार के कामकाज पर लोगों की राय

  • अच्छा रहा- 32 फीसदी
  • सामान्य- 15 फीसदी
  • बदलाव- 48 फीसदी

मुख्यमंत्री के तौर पर प्रदेश के लोगों की पसंद:इस

फोटो:तरुण अग्रवाल

मध्यप्रदेश- बेहतर स्थिति में शिव का राज

सर्वे में सामने आया कि शिवराज अभी भी सीएम के तौर पर प्रदेश को लोगों की पहली पसंद हैं. लेकिन ज्योतिरादित्य सिंधिया की लोकप्रियता भी तेजी से बढ़ रही है.

फोटो:तरुण अग्रवाल

सर्वे में शामिल लगभग आधे लोग शिवराज के कामों से संतुष्ट है. पर असंतुष्ट लोगों की भी बड़ी तादाद है. पिछले चुनावों में 230 में से बीजेपी को रिकॉर्ड 165 सीटें मिली थीं. वहीं कांग्रेस को 58 सीटों पर ही संतोष करना पड़ा था.

  • अच्छा रहा- 47 फीसदी
  • सामान्य- 13 फीसदी
  • बदलाव- 34 फीसदी

छत्तीसगढ़-अधर में लटकी मौजूदा सरकार

फोटो: तरुण अग्रवाल

सर्वे के मुताबिक मुख्यमंत्री के तौर पर तो अब भी रमन सिंह लोगों की पहली पसंद हैं, लेकिन उनके काम को अच्छा करार देने वाले लोग माइनॉरिटी में हैं (अगर सामान्य और बदलाव को शामिल करें).

  • अच्छा रहा- 39 फीसदी
  • सामान्य- 11 फीसदी
  • बदलाव- 34 फीसदी

2013 के विधानसभा चुनाव में बीजेपी को 49 सीटें, कांग्रेस को 39 और अन्य को 2 सीटें मिली थीं. इंडिया टुडे-एक्सिस का ये सर्वे टेलीफोन के जरिए कराया गया था, जिसमें कुल 4,598 लोग शामिल हुए.

ABP-CVOTER survey

BJP के छत्तीस‘गढ़’ में Cong के कब्जे का अनुमान

छत्तीसगढ़ में इस साल किसकी सरकार बनने जा रही है? राज्य के लोगों का सियासी मूड जानने के लिए एबीपी न्यूज ने सीवोटर के साथ मिलकर सर्वे किया. सर्वे के मुताबिक, 15 साल पुरानी बीजेपी की रमन सरकार को बड़ा झटका लग सकता है. बीजेपी को 2013 के मुकाबले 16 सीटों का नुकसान वहीं कांग्रेस को 15 सीटों के फायदे का अनुमान है.

सर्वे के मुताबिक, छत्तीसगढ़ की 90 विधानसभा सीटों में से बीजेपी को 33, कांग्रेस को 54 और अन्य को 3 सीटें मिल सकती हैं. 2013 के विधानसभा चुनाव में बीजेपी को 49 सीटें, कांग्रेस को 39 और अन्य को 2 सीटें मिली थीं.

सबसे लोकप्रिय मुख्यमंत्री उम्मीदवार?

सर्वे में ये भी जानने की कोशिश हुई कि छत्तीसगढ़ में सबसे लोकप्रिय मुख्यमंत्री उम्मीदवार कौन है? नतीजों के मुताबिक, सर्वे में शामिल लोगों में से मौजूदा सीएम रमन सिंह को सबसे ज्यादा 34.3% लोगों ने पसंद किया है.

इसके बाद दूसरे स्थान पर अजीत जोगी हैं, जिन्हें 17.5% लोगों ने अपनी पसंद बताया है. भूपेश बघेल 8.6 फीसदी के साथ तीसरे नंबर पर है.

ABP न्यूज-सीवोटर सर्वे:

राजस्थान में राजे की भारी हार का अनुमान

सर्वे के मुताबिक, इस बार राजस्थान की वसुंधरा सरकार को बहुत बड़ा झटका लगने जा रहा है.

सर्वे के मुताबिक, राजस्थान की 200 विधानसभा सीटों में से बीजेपी को 57, कांग्रेस को 130 और अन्य को 13 सीटें मिल सकती हैं. 2013 के विधानसभा चुनाव में बीजेपी को 163 सीटें, कांग्रेस को 21 और अन्य को 16 सीटें मिली थीं. इस लिहाज से बीजेपी को कुल 106 सीटों का नुकसान और कांग्रेस को 109 सीटों का फायदा होने का अनुमान है.

वोट शेयर में कांग्रेस की भारी बढ़त

इस साल 28 जून से लेकर 10 अगस्त तक हुए सीवोटर के इस सर्वे में अनुमान है कि कांग्रेस को वोट शेयर के लिहाज से काफी फायदा हो सकता है. पार्टी को 2013 विधानसभा चुनाव के मुकाबले 17.7% वोट का फायदा हो सकता है. वहीं बीजेपी को 8.2 फीसदी वोट का नुकसान होने का अनुमान है.

सबसे लोकप्रिय मुख्यमंत्री उम्मीदवार?

सर्वे में ये भी जानने की कोशिश हुई कि राजस्थान में सबसे लोकप्रिय मुख्यमंत्री उम्मीदवार कौन है? नतीजों के मुताबिक, सर्वे में शामिल लोगों में से कांग्रेस के वरिष्ठ नेता अशोक गहलोत को 40.6% लोगों ने पसंद किया है. इसके बाद दूसरे स्थान पर सीएम वसुंधरा राजे सिंधिया हैं, जिन्हें 24.1% लोगों ने अपनी पसंद बताया है. सचिन पायलट 17.7 फीसदी के साथ तीसरे नंबर पर हैं.

विधानसभा चुनाव की रणभेरी बजी – राजस्थान की जनता अपना हक़ इस्तमाल करेगी 7 दिसंबर को .

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राजस्थान में चुनावी जंग के दिन का एलान कर दिया गया है । ७ दिसंबर , जी हाँ यही एक दिन होगा राजस्थान में चुनावी जंग लडे जाने का। चुनावी रणभेरी बजने के साथ ही दोनों राजनैतिक पार्टियां भाजपा और कांग्रेस अपने पुरे साजो लश्कर के साथ मैदान में है। इस जंग का परिणाम आएगा ११ दिसंबर को। राजस्थान के साथ ही मध्यप्रदेश, छत्तीसगढ़, मिजोरम और तेलंगाना के लिए विधानसभा चुनावों की तरीखों की घोषणा भी हो गयी है।
चुनाव आयोग ने शनिवार को एक प्रेस कॉन्फ्रेस में राजस्थान चुनाव की तारीखों का ऐलान कर दिया है। प्रदेश में 200 विधानसभा सीटों पर 7 दिसंबर को मतदान एक ही चरण में होगा। 11 दिसंबर को मतगणा होगी। चुनाव आयोग की और से चुनाव की तारीखों के ऐलान के साथ ही प्रदेश में आचार संहिता लागू हो गई है।
मुख्य चुनाव आयुक्त ओपी रावत ने बताया कि राजस्थान, मध्यप्रदेश, छत्तीसगढ़ और मिजरोम के विधानसभा चुनाव एक साथ होंगे। चारों राज्यों में ईवीएम और वीवीपैट मशीनों से मतदान करवाया जाएगा। चुनाव आयोग ने राजस्थान के अलावा मध्यप्रदेश, छत्तीसगढ़, मिजोरम और तेलंगाना के लिए विधानसभा चुनावों की तरीखों की घोषणा भी की।  छत्तीसगढ़ में 12 नवंबर और 20 नवंबर को वोट डाले जाएंगे। मध्यप्रदेश और मिजोरम में 28 नवंबर को वोटिंग होगी। वहीं, राजस्थान और तेलंगाना में 7 दिसंबर को मतदान होगा। सभी राज्यों के नतीजों का ऐलान 11 दिसंबर को किया जाएगा। आपकी जानकारी के लिए बतादें कि अभी मध्यप्रदेश, छत्तीसगढ़ और राजस्थान में भाजपा की सरकार है। मिजोरम में कांग्रेस की सरकार है। तेलंगाना में टीआरएस सत्ता में थी। वहां विधानसभा भंग हो चुकी है। जनता अब किसकी सरकारें चुनती है कोण इस जंग में जनता का चाहता बन क्र उभरता है और कोण कोने में पांच साल तक दुबक कर बैठ जाता है यह अब आने वाला वक़्त बताएगा।

पैसे न मिलने पर छात्र को रेल पुलिस ने चलती ट्रेन से फेंका .

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https://youtu.be/oPqn5G-WXz0

रांची-पटना जनशताब्दी एक्सप्रेस से यात्रा कर रहे छात्र वेंकटेश की मौत हादसा नहीं बल्कि हत्या थी। उसे रेल पुलिस ने ही चलती ट्रेन से धक्का देकर मारा था। एक वीडियो वायरल होने के बाद छात्र के परिजनों ने यह आरोप लगाए हैं। इस वीडियो में कुछ यात्री यह कहते हुए एक सिपाही को लात-घूंसों से पीट रहे हैं कि उसने चलती ट्रेन से एक यात्री को फेंक दिया है। यह घटना 28 सितंबर की है। 29 को छात्र का शव मिलने पर रेल पुलिस ने मौत का कारण ट्रेन से गिरना बताया था।

नशे में धुत्त लड़कियों का हंगामा – पुलिस को करनी पड़ी मशक्कत .

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https://youtu.be/l-K_L7WmMUE

 

ठाणे के भायंदर पश्चिम के मैक्सेस मॉल के ग्राउंड में चार युवतियां नशे में चूर आपस मे लड़ रही थी। उनका हंगामा देख किसी ने पुलिस को इसकी जानकारी दे दी। इसके बाद मौके पर पहुंची पुलिस टीम ने उन्हें समझाने का प्रयास किया, लेकिन झगड़ा खत्म करने की जगह चारों ने पुलिस टीम के साथ मारपीट शुरू कर दी। उन्हें काबू करने के लिए महिला पुलिसकर्मी को उनपर लाठी भी चलानी पड़ी।

राजस्थान में अक्षय कुमार का साइकिल पर स्टंट ( विडियो )

https://www.youtube.com/watch?v=C3AHMnqG1kc&t=2s

अक्षय कुमार इन दिनों जैसलमेर में फिल्म हाउसफुल-4 की शूटिंग कर रहे हैं। इसी दौरान वे अपने डेली रूटीन के कुछ वीडियो भी इंस्टाग्राम पर शेयर करते जा रहे हैं। हाल ही में अक्षय ने दिन निकलने के साथ ही सड़क पर साइकिल चलाने का एक वीडियो पोस्ट किया है। जिसमें वे हाथ छोड़कर साइकिल चला रहे हैं। फुल स्पीड में चल रही साइकिल के साथ ही अक्षय हवा में ही मुक्के मारते दिख रहे हैं। लिखा मैसेज – सड़कों पर ट्राय न करें : अक्षय ने वीडियो के साथ एक मैसेज भी लिखा है- आप यकीन नहीं कर सकते कितना फ्री महसूस कर रहा हूं। मेरे अंदर काम वैसा ही है, जैसे जैसलमेर की रेतीली सड़क पर बिना पकड़े साइकिल चलाना। संतुलन और स्थिरता ही जीवन है, लेकिन इसे क्रियाशील भी बनाना है। लेकिन कृपया इसे सड़कों पर ट्राय न करें। जल्दी उठते हैं अक्षय : वीडियो में दिख रहे सूर्योदय से यह पता चल रहा है कि अक्षय इस उम्र में खुद को फिट रखने के लिए जल्दी उठ जाते हैं। अक्षय ने पोस्ट में भी लिखा है – राइज विद द सन। हालांकि यूजर्स ने उनके हेलमेट न पहनने की शिकायत की और ऐसे स्टंट न करने की सलाह दी है।

एक दिन की जयंती, एक दिन की श्रद्धा, और एक दिन का सम्मान।

इतने दिनों से याद नहीं आया गांधी जी का चश्मा, धुल फांकती प्रतिमा।

उदयपुर। मोहनदास करमचंद गांधी जी हाँ वही जो एक लाठी लेकर निकले थे भारत को आज़ाद कराने अहिंसा के मार्ग से और अपने मकसद में कामयाब भी हुए और आज़ादी भी दिलवाई। आज जब उनके सम्मान की बात आती है तो यह सम्मान सिर्फ एक दिन में सिमट कर रह जाता है। बाकी के 364 दिन उनकी प्रतिमा को वेसे ही धुल खाने के लिए छोड़ दिया जाता है जैसे उनके आदर्शों उनकी कही बातों को हम कही कोने में डाल देते है।
जी हाँ शहर के सबसे बड़े बाग़ गुलाब बाग़ में लगी माहात्मा गांधी जी की प्रतिमा 364 दिन उपेक्षित रहती है। कभी उसकी साफ़ सफाई या रख रखाव की तरफ किसी जिम्मेदार का ध्यान नहीं जाता। सिर्फ २ अक्तूबर यानी गांधी जयंती के एक दिन पहले उसकी साफ़ सफाई करवाई जाती है। यहाँ तक की इस प्रतिमा का चश्मा पिछले काफी समय से नहीं है कोई असमाजिक तत्व लेकर चला गया या क्षतिग्रस्त कर दिया, लेकिन ना तो गुलाब बाग के मालिकाना हक वाली पीडब्ल्यूडी ने इस तरफ कोई ध्यान दिया ना ही इसका मेंटिनेंस करने वाले निकाय नगर निगम ने ध्यान दिया। जब हमने प्रतिमा की इस उपेक्षा का कारण नगर निगम के महापौर से जानना चाहा तो उन्होंने कहा कि गुलाबबाग के मालिकाना हक का ही झगडा नहीं सुलझा हम तो सिर्फ रख रखाव करते है। या अह गुलाब बाग़ अधीक्षक या पी डब्ल्यू डी विभाग के अधिकारियों को चाहिए कि ध्यान रखे। खैर यह झगडा काफी पुराना है और इसका गाँधी जी की प्रतिमा की साफ़ सफाई का कोई लेना देना नहीं वह तो महापोर जी को भी पुचने पर कुछ तो कहना था सो उन्होंने कह दिया लेकिन असल बात तो यही है कि आज गांधी जी भी हमे बस २ अक्तूबर को ही याद आते है वह भी फूल मालाएँ चडाने के लिए। उनके आदर्शों पर विचार करने के लिए नहीं।
चाहे जिम्मेदार ध्यान रखे ना रखें चाहे कोई गांधी वादी गांधी जी की प्रतिमा को साफ़ करे ना करे लेकिन फिर भी गांधी जी के जो विचार है और जो उनके वचन है उन्हें हर वक़्त याद किये जाते रहना चाहिए सिर्फ एक दिन गांधी जी को याद कर देने से या उनकी प्रतिमा को दूध से नहलाने या फूल मालाएं चढाने से कोई मतलब नहीं जब तक कि उनकी दी हुई शिक्षा उनके विचारों को हम असल जीवन में नहीं उतार लेते।

जांबाज पुलिसकर्मियों की दिलेरी की शहरभर ने की प्रशंसा, गोगा सहित कई दहशतगर्द भूमिगत, खौफजदा हुआ माफियाजगत.

उदयपुर . फतहनगर के लदानी गांव में पुलिस और बदमाशों के बीच मुठभेड़ हो गई । इसमें करीब दस सालों पहले अपराध की दुनिया में कदम रखने वाले मुजफ्फर उर्फ गोगा ने फिल्मी स्टाईल में दोनों हाथों में पिस्टल थामते हुए दनादन फायर कर दिए। पुलिस व बदमाशों की बीच सीधी मुठभेड़ के दौरान गोगा के दो साथी वाहन सहित डिवाईडर से टकराने पर नीचे गिर गए। इनमें इमरान उर्फ इमू गोगा की तरफ भागने लगा तभी पुलिस की एक गोली उसके कुल्हे पर लग गई। आपको बतादे कि गोगा हिस्ट्रीशीटर कुंजड़ा का खास गुर्गा है जिसकी कुख्यात बदमाश आजम और वायपर से सालों पुरानी रंजिश है और इमरान कुंजड़ा इन सब पर अपनी धाक जमान के लिए आए दिन ऐसी वारदातें करता रहता है। पुलिस की माने तो 19 सितम्बर को कीर की चोकी पर हुए झगड़े में बीच बचाव करने आए कालू खान की हत्या मामले में भी मुजफ्फर उर्फ गोगा को नामजद किया गया था और वारदात के बाद से ही पुलिस इमरान कुंजड़ा के गुर्गे गोगा पर नजर रखी तो वह साथियों के साथ अलग – अलग जगह पर घूमता रहा। गुरूवार को वह मनु मेवाती, इमू व साजिद के साथ भीलवाड़ा से कपासन पंहुचा। सूचना मिलने ही पुलिस हथियारों से लैंस होकर दबिश देने पंहुची। तभी आरोपियों से लदानी गांव में आमना – सामना हो गया। मावली थाना पुलिस ने चारों आरोपियों के खिलाफ फायरिंग व राजकार्य में बाधा का मामला दर्ज करवाया है।
आपको बता दे कि गुरूवार को एण्टी ह्यूमन ट्रेफिक यूनिट की टीम को सूचना मिली की गोगा अपने साथियों के साथ दो मोटर साईकल पर भीलवाड़ा से उदयपुर की तरफ आ रहा है। इस पर यूनिट के प्रभारी गोवर्धन सिंह भाटी, भूपालपुरा थानाधिकारी हरेंद्र सिंह सौदा, डबोक थानाधिकारी रविंद्र प्रताप सिंह ने मय जाब्ता मावली चैराहे पर नाकाबंदी कर दी। वहीं कांस्टेबल प्रहलाद पाटीदार एवं भंवरलाल चारों ही अपराधियों को देखने के लिए प्राईवेट नम्बर की कार फतहनगर की तरफ रैकी करने के लिए निकले। तभी प्रहलाद पाटीदार ने चारों ही बदमाशों को देख लिया और अधिकारियों की सूचना दे दी कि बदमाश उदयपुर की ओर बढ़ रहे है और हम इनका पीछा कर रहे है। तभी मावली नाकाबंदी में मौजुद एण्टी ह्यूमन ट्रेफिक यूनिट और खाकी के जवान मय जाब्ता पुलिस वाहनों के साथ फतहनगर की ओर बड़े। तभी लदानी गांव के कुछ आगे जाने पर सामने से चारों ही आरोपी आते हुए दिखाए दिए, जिनको रोकने के लिए पूरा जाब्ता वाहनों से उतरा तो सभी आरोपी वापस फतहनगर की ओर भागने लगे, इस पर पीछे से आ रहे प्रहलाद पाटीदार और भंवरलाल की टीम ने अपराधियों को रोकने की कोशिश की तो गोगा और बड़ा मेवाती ने जान से मारने की नियत से दोनों जवानों पर चार राउण्ड फायर किए। तभी अपनी आत्मरक्षा में पुलिस ने भी चार राउण्ड फायर किए, जिसमें से एक गोली इमरान उर्फ इमू को लगी और साहिद उर्फ सईद का पांव मोटर साईकिल से गिरने से टूट गया। वहीं गोगा और बड़ा मेवाती फरार होने में सफल रहे।
उदयपुर की जांबाज पुलिस ने आखिरकार बड़ी सफलता हांसिल करते हुए एक बार फिर दहशतगर्दों को बता दिया है कि अब उनकी खैर नहीं है। घटना के बाद से ही अपराधी किस्म के लोग या तो भूमिगत हो गए या आगे अपराध करने से भी तोबा कर रहे हैं। वहीं माफियाजगत में तो यह भी चर्चा ही कि जल्द ही गोगा खुद सरेंडर कर देगा। वैसे वारदात के बाद से ही गोगा के एनकाउंटर की सूचना आग की तरह सभी जगह फैल गई और सोशल मीडिया पर भी रात भर यही चलता रहाकि मुठभेड़ में गोगा मारा गया लेकिन यह कोरी अफवाह थी, हां मुठभेड़ के बाद पुलिस दो बदमाशांे को पकड़ने में जरूर सफल रही।

4 माह का भ्रूण सोशल मिडिया पर घूमता रहा , जिम्मेदार डॉक्टर और अस्पताल कर्मी बेपरवाह .

उदयपुर . प्रदेश सरकार चाहे जननी सुरक्षा को लेकर कितने ही दावे करती हो लेकिन ये दावे जमीनी स्तर पर खोखले ही नजर आते हैं. ऐसा ही एक माजरा देखा गया उदयपुर के सलूंबर कस्बे में स्थित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में। जहां एक 4 माह के भ्रूण का वीडियो सोशल मीडिया पर खूब वायरल हो रहा है. लेकिन सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के जिम्मेदारों के पास इसका कोई ठोस जवाब नहीं है। यह वीडियो सोशल मीडिया पर घूमता हुआ जब वापस सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के अधिकारियों के पास पहुंचा तो उनके होंश उड़ गए। इस दौरान सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के डॉक्टरों ने आनन – फानन में अस्पताल स्टाफ से इस भ्रूण के अस्पताल परिसर से हटवा कर डिस्पोजल करवाया ।
दरअसल सलूंबर स्वास्थ्य केंद्र पर एक गर्भवती महिला इलाज के लिए भर्ती हुई। इस दौरान उसको दर्द उठा तो वह शोच के लिए बाहर आई जहां पर उसने स्वास्थ केंद्र परिसर में ही 4 माह के अनमेच्योर भ्रूर्ण को जन्म दिया। इस दौरान प्रसूता को तो उसके परिजन अस्पताल परिसर में स्थित वार्ड में ले गए। लेकिन भू्रण को वहां से हटाने की जिम्मेदारी अस्पताल के स्टाफ की थी। इस घटना के बाद 20 नर्सिंग कर्मियों और 9 डॉक्टरो वाले इस सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के लोगों की इंसानियत सबके सामने आ गयी। दरअसल अस्पताल कर्मी द्वारा इस भ्रूण को यहाँ से तत्काल हटाना था लेकिन असंवेदनशील स्टाफकर्मियों ने इस भ्रूर्ण को कुत्तों के नोंचने के लिए अस्पताल की चारदीवारी को सड़क पर पड़ा रहने दिया गया । जब यह माजरा एक जागरूक आदमी ने अपने मोबाइल में कैद किया तो अस्पताल प्रबंधन की नींद उड़ी और आनन-फानन में इस भ्रूण को डिस्पोजल कराया । ऐसे में इस घटनाक्रम के सामने आने के बाद आखिर सवाल यह उठता है कि जननी शिशु सुरक्षा के लिए सरकार द्वारा इतना बजट खर्च किया जा रहा है लेकिन फिर भी जमीन पर स्थितियां कैसे ढाक की तीन पात बनी हुई है .

डूंगरपुर में प्रेमी युगल ने पेड़ से फांसी लगा की आत्महत्या।

डूंगरपुर। वरदा थाना क्षेत्र के लोलकपुर गांव में शुक्रवार को प्रेमी युगल ने फंदा लगा कर आत्महत्या कर ली। घटना से गांव में सनसनी फैल गई। पुलिस ने मृतकों के शव जिला अस्पताल पहुंचाए। पुलिस ने बताया कि लोलकपुर गांव के दीपक पिता नरेंद्र रोत और घोड़ासर निवासी रीना कलासुआ पिता धूलेश्वर कलासुआ दोनों लोलकपुर विद्यालय में क्रमशः 10 वीं और 8वीं में पढ़ते थे। रीना लोलकपुर में ही अपने मामा जयंतीलाल के घर रहती थी। दोनों में प्रेम प्रसंग चल रहा था। रीना गुरुवार सुबह शोच जाने का बहाना करके\ घर से निकली, लेकिन वापस नहीं लौटी। उधर दीपक भी घर से गायब था। परिजन उनकी तलाश कर रहे थे। इसी बीच शुक्रवार सुबह कुछ बच्चों ने गांव के काला तालाब की पाल पर एक पेड़ पर दोनों को फंदे से लटका देखा। सुचना पर परिजन मोके पर पहुँचे। वरदा थाने से पुलिस दल भी आया। पुलिस ने शव फंदे से उतार कर जिला अस्पताल पहुँचाया। यहाँ पोस्टमार्टम सहित अन्य कार्रवाई चल रही है।

राजस्थान में अचानक मौसम ने खाया पलटा, ओलों की हुई बरसात, किसानों की फ़िक्र बढ़ी

उदयपुर पोस्ट. राजस्थान में मानसून विदाई के एक दिन पहले प्रदेश में फिर से मौसम पलटा खा गया। प्रदेश के श्रीगंगानगर जिले में शुक्रवार को अचानक मौसम बदला और तेज हवाओं के साथ ओलों की बारिश हो गई। श्रीगंगानगर के गजसिंहपुर क्षेत्र के गांवों में तेज बारिश के साथ ओले गिरे। गजसिंहपुर के समीप के गांवों में जोरदार बारिश और तेज हवाओं के साथ मटर के आकार के ओले गिरे। वहीं ओले गिरने से किसानों की चिंता और बढ़ गई है। क्षेत्र में पड़ रही है तेज बारिश ओलों से पकी फसल को काफी नुकसान की आंशका है।
गौरतलब है कि प्रदेश के पश्चिमी इलाकों से शनिवार को मौसम केंद्र मानसून विदाई की औपचारिक घोषणा करने वाला है। बीते तीन दिनों से प्रदेश के अधिकांश जिलों में बारिश का दौर थमा रहा है वहीं अब दिन में गर्मी के तेवर तीखे होने लगे हैं। हालांकि सुबह शाम में हवा में नमी के कारण मौसम का मिजाज ठंडा रहा है। वहीं श्रीगंगानगर में अचानक मौसम ने अपना रुख जाते जाते बदल दिया और एक बार फिर मेघ मेहरबान हो गए। लेकिन इस बार ये मेघ जाते जाते किसानों की चिंता बढ़ा गए।
प्रदेश के पश्चिमी मैदानी इलाकों में दिन का तापमान 35 डिग्री व उससे ज्यादा रहने पर फिर से गर्मी का अहसास हो रहा है। मानसून के आखिरी दौर में प्रदेश में मेघ जमकर बरसे। बीते चार दिन में हुई भारी बारिश ने छोटे बड़े करीब 16 बांध लबालब हो गए। अब तक प्रदेश के 141 बांध छलक चुके हैं जबकि अब भी 324 बांधों में पानी की आवक का इंतजार बना रहा।
राजधानी में आज सुबह भी मौसम का मिजाज शुष्क रहा। दिन का तापमान सामान्य से ज्यादा दर्ज हो रहा है वहीं आसमान साफ रहने पर दिन में धूप की तपिश भी मौसम में गर्माहट बढ़ा रही है। जयपुर मौसम केंद्र के अनुसार शहर में आज सुबह मौसम शुष्क रहेगा वहीं दिन के तापमान में आंशिक बढ़ोतरी हो सकती है।
जयपुर को दो महीने जलापूर्ति जितना पानी बांध में उपलब्ध हो गया है। प्रदेश से मानसून अगले चौबीस घंटे में लगभग विदा हो जाएगा, लेकिन विदाई से पहले बीते सप्ताह चले बारिश के आखिरी दौर ने जयपुर, टोंक और अजमेर की लाइफ लाइन बीसलपुर बांध में दो महीने जलापूर्ति लायक पानी का इंतजाम कर दिया है। हालांकि बीते तीन दिन से प्रदेशभर में बारिश का दौर थमा हुआ है बावजूद इसके बांध में पानी की आवक लगातार हो रही है।
बीसलपुर कंट्रोल रूम के अनुसार आज सुबह छह बजे बांध का जलस्तर 310.08 आरएल मीटर रिकॉर्ड हुआ है जो इस सीजन का सर्वाधिक स्तर रहा है। त्रिवेणी में अब भी पानी का बहाव 1.70 मीटर उंचाई पर चल रहा है जिससे बांध में लगातार पानी की आवक बनी हुई है। बीती रात तक औसतन प्रतिघंटे बांध का जलस्तर एक सेंटीमीटर तक बढ़ रहा था जो आज सुबह थोड़ा कम हुआ है, लेकिन फिर भी अगले तीन चार दिन तक बांध में पानी की आवक बने रहने की उम्मीद है।