उदयपुर विधानसभा चुनाव के पहले राहुल ने अपनी टीम घोषित की और मेवाड़ में कांग्रेस की राजनीति में रातों रात भूचाल आगया। उत्साह और इस तरह का भूचाल आना लाज़मी भी है क्यूँ की मेवाड़ के कांग्रेसी नेता रघुवीर मीना को अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी की सबसे बड़ी कांग्रेस वर्किंग कमेटी (सीडब्ल्यूसी) में शामिल किया गया। पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के बाद रघुवीर मीना ही इसे है जो मेवाड़ से अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी में शामिल हुए है। सबसे ज्यादा चौंकाने वाली खबर यह है कि मेवाड़ के ही कद्दावर नेता सीपी जोशी को दरकिनार कर दिया गया। जानकार कहते है की सीपी जोशी को अब राजस्थान का कार्यभार सौंपा जाएगा लेकिन इसका अंदेशा अभी दूर दूर तक दिखाई नहीं देता। सीपी जोशी के समर्थकों में एक तरह की उदासी भी है वहीँ गहलोत और रघुवीर के समर्थकों का उत्साह देखते बनता है।
उदयपुर के पूर्व सांसद रघुवीर सिंह मीणा के के कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष राहुल गांधी के नजदीक दिल्ली ले जाने को लेकर मेवाड़ की 28 विधानसभा सीटों की गणित भी शामिल है, इनमें से कई सीटें आदिवासी बाहुल्य क्षेत्र में आती है और कांग्रेस चाहती है कि भाजपा के कदवर नेताओं की तरह पार्टी का भी कोई मजबूत नेता हो और उसी सोच से रघु के नाम को आगे किया गया, रघु पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के भी नजदीक है और उनका भी इसमें बड़ा रोल है। इधर इसी कमेटी में से मेवाड़ से आने वाले सीपी जोशी का नाम काटने पर उनके समर्थकों में चर्चा शुरू हो गई कि साहब के नाम से प्रसिद्ध सीपी जोशी को राजस्थान भेजने की यह कवायद् है। कांग्रेस के अंदर एक बड़े धड़े में इस चर्चा ने जोर पकड़ लिया है कि सीपी जोशी को राजस्थान की चुनाव अभियान की जिम्मेदारी सौंपी जाने वाली है, इसलिए उनको इस कमेटी में नहीं लिया गया। सीपी विरोधी नेताओं में रात को ये थी कि कई राज्यों से प्रभार वापस लेने के बाद अब इस कमेटी से भी सीपी की छूट्टी कर दी गई है और गहलोत का शक्ति केन्द्र बढ़ा है
राहुल की गणित अशोक-सचिन-सीपी वैसे राहुल गांधी की ओर से विधानसभा चुनाव को लेकर एक बड़ी गणित राजस्थान में तैयार की जा रही है। इसमें यह पूरा जोर दिया जा रहा है कि राजस्थान के चुनाव में पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत, सीपी जोशी व प्रदेश अध्यक्ष सचिन पायलट को अलग-अलग जिम्मेदारी दी जाए। उनकी सोच है कि मुख्यमंत्री के नाम और अलग-अलग गुटों में पार्टी और उसका कार्यकर्ता नहीं बंटे इसके लिए तीनों को बेहतर जिम्मेदारी दे दी जाए ताकि पार्टी को जीत में बड़ी मदद मिलेगी।
रघुवीर की नियुक्ति के मायने
फायदे – रघुवीर का दखल मेवाड़ में बढ़ेगा, विधानसभा चुनाव में टिकट में भी उनकी चलेगी, पार्टी में उनका कद बढ़ा।
नुकसान – अब ज्यादातर समय पार्टी के लिए देना होगा स्थानीय दौरों की बजाय दिल्ली में ज्यादा रहना होगा सलूंबर क्षेत्र से जमीनी पकड़ कमजोर होगी।
एक परिचय रघुवीर का- बीए पास रघु सबसे पहले यूथ कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष रहे और उसके बाद वे 1993 में विधायक बने। इसके बाद 2002 में राज्य में मंत्री बने। 2009 में सांसद बने। वे संसदीय समितियों में भी रहे और कांग्रेस में कई बड़े पदों पर काम कर चुके है।
सुखाड़िया विश्वविद्यालय के संघटक कॉमर्स कॉलेज में सरकारी सीटें बढ़ाने के लिए मंगलवार को दोनों प्रमुख संगठनों के समर्थक छात्र आमने-सामने हो गए। एबीवीपी ने काउंसलिंग रुकवा दी, जिसका एनएसयूआई सदस्यों ने विरोध किया। माहौल बिगड़ता देख पुलिस जाप्ते ने लाठियां भांजकर छात्रों काे खदेड़ा। कुछ छात्राें को चोटें भी आईं। पुलिस ने केन्द्रीय छात्रसंघ अध्यक्ष सहित एबीवीपी से जुड़े चार छात्रों को शांतिभंग में पकड़ा, जिन्हें शाम को जमानत पर रिहा किया गया। इससे पहले काउंसलिंग तो बहाल हो गई, लेकिन नए छात्र सहमे रहे। कॉलेज परिसर में दिनभर जाप्ता तैनात रहा।
ऐसे बढ़ा विवाद :सुबह एबीवीपी ने सरकारी सीटें बढ़ाने के लिए बीकॉम प्रथम वर्ष की काउंसलिंग रुकवा दी। एनएसयूआई कार्यकर्ता छात्रों ने यह कह विरोध शुरू कर दिया कि काउंसलिंग के लिए कई छात्र दूर-दराज से आए हैं। उन्हें वापस कॉलेज आना पड़ेगा। कुछ छात्र काउंसलिंग के लिए जा रहे थे। इन्हें राेकने और नहीं रोकने की बहस में लोकेंद्र सिंह राव और अमन असनानी के बीच धक्का-मुक्की हो गई। पुलिस ने इन्हें छुड़ाया। सूचना पर भूपालपुरा सीआई हरेन्द्र सिंह भी जाप्ता लेकर पहुंचे। लेकिन छात्र नेता उनसे भी बहस करने लगे। डीएसपी भगवतसिंह हिंगड़ सहित अन्य थानों के सीआई भी आ गए। समझाइश बेअसर देख पुलिस ने हंगामा करते छात्रों पर लाठियां फटकारनी शुरू कर दी। कुछ छात्रों को लाठियां भी पड़ीं। पुलिस ने भवानी शंकर बोरीवाल, गजेंद्र राणा, अविनाश कुमावत व लोकेंद्र सिंह राव को शांतिभंग में पकड़ा। इन्हें शाम को जमानत पर छोड़ा गया। एबीवीपी का कहना है कि कॉमर्स कॉलेज में सीटों को बढ़ाने के लिए दो साल से ज्ञापन दे रहे हैं। हाल ही उच्च शिक्षामंत्री किरण माहेश्वरी काे भी ज्ञापन दिया। मंगलवार को कुलपति से भी मिले, जिस पर कुलपति ने कॉमर्स की 10 फीसदी सरकारी सीटें बढ़ाईं।
जाप्ते की तैनातगी से छावनी में तब्दील हुआ कॉलेज, नए छात्र सहमे
दो का अनशन खत्म करवाया कि एनएसयूआई वाले बैठे भूख हड़ताल पर, शाम तक मनाया
घटनाक्रम के बाद विश्वविद्यालय प्रशासन ने कॉमर्स कॉलेज में 16 सरकारी सीटें बढ़ाई। घोषणा के साथ कॉमर्स डीन प्रो. जी. सोरल और पुलिस अधिकारियों ने अनशन कर रहे कमलेश सामरिया और जयदीप सिंह राठौड़ काे जूस पिलाया। यह सब हुआ ही था कि 16 सीट के इजाफे को नाकाफी बताते हुए एनएसयूआई कार्यकर्ताओं ने भूख हड़ताल शुरू कर दी। उनका कहना था कि इससे छात्रों को कोई राहत नहीं मिली है। विश्वविद्यालय ग्रामीण अंचल के छात्रों के लिए पर्याप्त सीटें बढ़ाए। भूख हड़ताल पर बैठने वालों में एनएसयूआई के जिलाध्यक्ष कुशलेश चौधरी, कॉमर्स कॉलेज अध्यक्ष हिमांशु पंवार, अर्पित कोठारी, महेश रोत शामिल थे। शाम को डीन ने इन्हें भी मनाया। कहा कि कॉलेज-विश्वविद्यालय प्रबंधन के अधिकार क्षेत्र में जितनी सीटें बढ़ाना था, बढ़ा चुके। ज्यादा के लिए सरकार स्तर पर बातचीत होगी।
हिरण शिकार मामले में अभिनेता सलमान खान को पांच अप्रेल को सुनाई गई सजा के स्थगन की अपील पर मंगलवार को सत्र न्यायालय में सुनवाई होगी। इसी अदालत में राज्य सरकार की ओर से सलमान को अवैध हथियार मामले में बरी किए जाने के खिलाफ दायर अपील पर भी सुनवाई होगी। गत 7 तथा 17 मई को मामलों की अलग-अलग सुनवाई के दौरान सलमान के अधिवक्ता के आग्रह के बाद न्यायाधीश चंद्रकुमार सोनगरा ने दोनों मामलों में पक्षकार तथा तथ्यों की समानता के मद्देनजर एक ही दिन सुनवाई रखने का आदेश दिया था।
सलमान को अवैध हथियार मामले में 18 जनवरी 2017 को मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट दलपतसिंह ने बरी कर दिया था। इसके खिलाफ राज्य सरकार की ओर से सत्र न्यायालय में की गई अपील पर सुनवाई होगी। इस मामले में अब तक 9 सुनवाई हो चुकी है। पिछली सुनवाई के दौरान सरकारी अधिवक्ता पोकरराम विश्नोई ने 6 दिसंबर 2017 को दिए गए प्रार्थना पत्र के आधार पर मामले को फिर से निचली अदालत में भेजने का आग्रह किया था। सलमान के अधिवक्ता हस्तीमल सारस्वत ने इसका विरोध किया। न्यायाधीश सोनगरा ने मौखिक रूप से कहा कि इस प्रार्थना पत्र पर निर्णय मेरिट के आधार पर तय किया जाएगा।
गौरतलब है कि मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट जोधपुर जिला के पीठासीन अधिकारी देवकुमार खत्री ने 5 अप्रेल को कांकाणी काले हिरण शिकार मामले में सलमान को पांच साल की सजा सुनाई थी। इस सजा के खिलाफ सलमान ने जिला न्यायालय में अपील दायर की थी। सात मई को गत पेशी के दौरान इस मामले में बहस नहीं हुई थी। उस दौरान सलमान कोर्ट में हाजिर हुए थे.
सूत्रों के अनुसार दोनों मामलों में सुनवाई के दौरान सलमान की उपस्थिति आवश्यक नहीं है। इसलिए मंगलवार को कोर्ट में हाजिरी माफी पेश की जाएगी। उल्लेखनीय है कि पिछली सुनवाइयों में आए सलमान को जेल जाना पड़ा था। कुछ दिन उन्हें जेल में गुजारने पड़े थे।
12 जुलाई की रात जब कल्पेश याग्निक की मौत हुई तो इसका कारण दिल का दौरा बताया गया, लेकिन अब पुलिस आत्महत्या के एंगल को भी टटोल रही है. मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा है कि कल्पेश याग्निक की संदिग्ध आत्महत्या मामले की उचित जांच होगी. इस मामले में किसी महिला पत्रकार द्वारा याग्निक को झूठे केस में फंसाने की बात की जारही है . याग्निक का महिला पत्रकार से बातचीत का एक ऑडियो भी वायरल हो रहा है हालाँकि उदयपुर पोस्ट इस ऑडियो की सत्यता की पुष्ठी नहीं करता .
https://youtu.be/x6tflnuaPBY
मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने बीते रविवार को कहा कि वरिष्ठ पत्रकार कल्पेश याग्निक की संदिग्ध आत्महत्या के मामले की उचित जांच कराई जाएगी.
मालूम हो कि दैनिक भास्कर अख़बार के 55 वर्षीय समूह संपादक कल्पेश याग्निक ने अपनी मौत से कुछ ही दिन पहले पुलिस के एक आला अधिकारी से मिलकर उन्हें बताया था कि एक महिला पत्रकार उन्हें झूठे मामले में फंसाने की धमकी दे रही है.
स्थानीय पत्रकारों ने मुख्यमंत्री से इंदौर स्थित रेसीडेंसी कोठी में मुलाकात की और याग्निक की मौत के मामले की उच्चस्तरीय जांच की मांग की.
पत्रकारों की बात सुनने के बाद शिवराज ने याग्निक की मौत पर गहरा अफसोस जताते हुए कहा, ‘हम इस मामले की निश्चित तौर पर उचित जांच कराएंगे.’
मुख्यमंत्री ने याग्निक के घर पहुंचकर उनके शोकसंतप्त परिजनों से मुलाकात भी की और वरिष्ठ पत्रकार के निधन पर संवेदना व्यक्त की.
ज़ी न्यूज़ की रिपोर्ट के अनुसार, मुख्यमंत्री शिवराज चौहान ने कहा, ‘जो भी कल्पेश याग्निक की मौत का कारण है, उसे बख्शा नहीं जाएगा, उसे कड़ी से कड़ी सज़ा दिलाई जाएगी. साथ ही उन्होंने एडीजी को जो पत्र सौंपा है उसे अनदेखा नहीं किया जाएगा. जो कोई भी उनकी मौत के पीछे का कारण है उसे सामने लाना ज़रूरी है.
पुलिस को शुरुआती जांच के बाद संदेह है कि याग्निक ने इंदौर के एबी रोड स्थित दैनिक भास्कर की तीन मंज़िला इमारत की छत से बीते 12 जुलाई की रात छलांग लगाकर आत्महत्या कर ली थी. उनके शव की पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट में खुलासा हुआ है कि उनकी कई हड्डियां टूटी हुई थीं.
इस बीच, इंदौर रेंज के अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक (एडीजी) अजय कुमार शर्मा ने इस बात की पुष्टि की कि याग्निक अपने छोटे भाई के साथ करीब 10-12 दिन पहले उनसे मिलने आए थे.
उन्होंने कहा कि इस मुलाकात के दौरान याग्निक ने उन्हें बताया था कि उनके अख़बार की नौकरी से निकाली गई एक महिला पत्रकार बहाली के लिए उन पर कथित रूप से दबाव बना रही है. इसके साथ ही, उन्हें कथित तौर पर धमका रही है कि अगर वह उसे दोबारा नौकरी पर नहीं रखवाएंगे तो वह उन्हें किसी झूठे मामले में फंसा देगी.
एडीजी ने महिला पत्रकार के नाम का खुलासा किए बगैर बताया, ‘याग्निक ने हमसे अनुरोध किया था कि अगर वह महिला पत्रकार पुलिस को उनके खिलाफ कोई शिकायत करती है, तो इस शिकायत पर किसी तरह का कानूनी कदम उठाए जाने से पहले एक बार उनका पक्ष भी सुना जाए.’
उन्होंने बताया कि याग्निक ने अपने इस अनुरोध को लेकर उन्हें एक औपचारिक आवेदन पत्र भी सौंपा था. लेकिन उन्होंने संबंधित महिला पत्रकार के खिलाफ किसी कानूनी कार्रवाई की मांग पुलिस से नहीं की थी.
शर्मा ने बताया कि उन्होंने याग्निक के आवेदन को शहर के पुलिस उप महानिरीक्षक (डीआईजी) हरिनारायणचारी मिश्र को भेज दिया था.
उन्होंने बताया, ‘संदिग्ध हालात में याग्निक की मौत के मद्देनज़र हमने इस आवेदन को केस डायरी में शामिल कर लिया है. हम जांच कर रहे हैं कि कहीं इस पत्र की इबारत का याग्निक की मौत से कोई संबंध तो नहीं है.’
नई दुनिया की रिपोर्ट के अनुसार, डीआईजी ने याग्निक के परिवार को सूचित किया है कि याग्निक के लैपटॉप, मोबाइल और आईपैड के साथ छेड़छाड़ न की जाए. मामले की जांच सीएसपी जयंत राठौर को सौंपी गई है. इस बारे में परिजनों से भी पूछताछ की जाएगी.
एडीजी ने कहा, ‘याग्निक की मौत के मामले में हम जल्दबाजी में किसी नतीजे पर नहीं पहुंचना चाहते. हम सभी पहलुओं पर जांच कर रहे हैं. मामले से जुड़े सभी लोगों से पूछताछ की जाएगी.’
उन्होंने याग्निक की हत्या के संदेह को ख़ारिज करते हुए कहा कि पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट और शुरुआती जांच के बाद पहली नज़र में यही लगता है कि उन्होंने मीडिया संस्थान की छत से कथित तौर पर छलांग लगा कर जान दे दी थी. हालांकि, पुलिस को अब तक उनकी ओर से छोड़ा गया कोई सुसाइड नोट नहीं मिला है.
एडीजी ने बताया, ‘हम इस पहलू पर भी जांच कर रहे हैं कि कहीं याग्निक इमारत से दुर्घटनावश तो नहीं गिर गए थे.’
मालूम हो कि बीते 12 जुलाई की रात करीब 10:15 बजे कल्पेश याग्निक दैनिक भास्कर के इंदौर स्थित ऑफिस परिसर में बेहोशी की हालत में गिरे मिले. गार्ड की सूचना पर उन्हें तुरंत बॉम्बे हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया, पर देर रात डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया.
उस रात ख़बर फैली थी कि उन्हें दिल का दौरा पड़ा है. हालांकि अगले दिन 13 जुलाई को पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट में मौत की वजह ऊंचाई से गिरने और मल्टीपल फ्रैक्चर बताई गई. इसके बाद महिला पत्रकार द्वारा उन्हें धमकी दिए जाने और आत्महत्या के एंगल से पुलिस ने मामले की जांच शुरू की.
नई दुनिया की रिपोर्ट के अनुसार, पुलिस ने मामला दर्ज कर आत्महत्या के कारणों की जांच कर रही है. उनके लैपटॉप, मोबाइल और आइपैड भी जांचे जा रहे हैं.
रिपोर्ट के अनुसार, 12 जुलाई की रात डीआईजी हरिनारायणचारी मिश्र और एसपी अवधेश गोस्वामी सहित एफएसएल अधिकारी घटनास्थल पहुंचे. फॉरेंसिक टीम छत (तीसरी मंजिल) पर पहुंची तो पैराफिट वॉल पर लगे एसी के कंप्रेशर पर जूते के निशान मिले. डीआईजी के मुताबिक, याग्निक एसी के कंप्रेशर पर पैर रखकर कूदे.
पुलिस ने उनका जूता और एसी पर जमी मिट्टी की परत जब्त कर ली है. इसकी सागर स्थित फॉरेंसिक लैब से जांच कराई जा रही है.
21 जून 1963 को जन्मे कल्पेश याग्निक 1998 में दैनिक भास्कर समूह से जुड़े थे. वह समूह संपादक के पद पर कार्यरत थे.
उदयपुर . शहर में अपराधी बैखोफ है . उन्हें ना कानून का डर है ना ही किसी पुलिस द्वारा पकडे जाने की चिंता. उदयपुर शहर का सबसे मुख्य बाज़ार में आज बदमाशों ने दिन दहाड़े बैखोफ फायरिंग की घटना को अंजाम दिया . एक बदमाश को पकडे जाने की सूचना है .
सोमवार शाम बाइक सवार दो नकाबपोश युवकों ने प्रोपर्टी डीलर हिस्ट्रीशीटर कन्नू कुमावत पर फायर कर दिया। गोली कार के शीशे में छेदकर कुमावत के हाथ को छूकर निकल गई। दूसरा फायर करने से पहले उसने संभलते हुए आरोपियों की तरफ एकदम कार दौड़ा दी, इससे वे देहलीगेट की तरफ तेज गति से भाग निकले। जानकारी मिली की एक बदमाश को पकड़ लिया गया है .
अपराधी फायरिंग कर भाग रहे थे तब कुछ ही दूरी पर खड़ी चेतक वाहन में बैठे सिपाहियों की आरोपियों की नजर पड़ गई। उन्होंने आरोपियों के पीछे जीप दौड़ाते हुए उन्हें टक्कर मार नीचे गिराया। आरोपी बाइक छोड़कर पैदल दौड़े तो सिपाहियों ने पीछा कर एक को पकड़ लिया
पकड़ में आए आरोपी ने छूटने के लिए कांस्टेबल पर भी पिस्टल तानी लेकिन उन्होंने उसे धरदबोचा। पुलिस आरोपी से पूछताछ के बाद साथी का पता लगाने में जुटी है।
इस बीच कुमावत ने सूरजपोल चौकी पहुंच उपाधीक्षक भगतवतसिंह हिंगड़ को पूरा घटनाक्रम बताया, उन्होंने तुरंत कुमावत को अस्पताल पहुंचाकर उपचार करवाया। सहेलीनगर निवासी कन्हैयालाल (58) पुत्र डालचंद कुमावत ने पुलिस को बताया कि वह नाड़ाखाड़ा स्थित कार्यालय से कार से घर जा रहा था। बापूबाजार वुडलैंड शो-रूम के बाहर वह फल विक्रेता से बात कर रहा था तभी बाइक पर दो नकाबपोश युवक उसके पास आए। एक ने पिस्टल निकालकर फायर कर दिया। पुलिस ने कुमावत की रिपोर्ट पर जानलेवा हमले का मामला दर्ज किया।
Monsoon in India is all about having a cup of hot tea with a plate of snacks, listening to 90’s retro music and enjoying the view of raindrops falling on the ground refreshing the environs. But, the reality is a bit different. This picture perfect situation disappears when you step out of your home on a rainy day.
Here are the most common monsoon diseases that you need to look out. While most of these are treatable to quite an extent, some qualify as fatal and life-threatening diseases and must be treated at the earliest to avoid facing consequences.
1 . Malaria
Malaria is the most common disease of the monsoon season. It typically spreads from the
डॉ. काजल वर्मा
bite of a female Anopheles mosquito. Since water logging is a standard problem during the monsoon season in India, it serves as the best breeding ground for the mosquitoes. These mosquitoes fly around to our houses and spread the disease. Many pieces of study prove that almost 90% of the Indian population is at the risk of suffering this monsoon disease. Weakness,
recurring fever,
muscle pain and
bouts of shivering
are the most prominent symptoms of Malaria
Causes of Malaria: Since the infection of Malaria are typically injected into the bloodstream by the Anopheles mosquito, this means that the use of shared syringes, organ transplant, and blood transfusion can easily aid in the transfer this disease from one person to another. An infected mother can also transmit Malaria infection to her unborn child.
Viral Fever is another common monsoon disease. It often causes the body temperature to rise as high as 104 °F and trigger many related problems such as constant sneezing, sore throat and even breathing problem.
Causes of Viral Fever: The common cold is the most common cause of viral fever, which is caused by a viral infection that particularly affects the upper respiratory tract.
While it can leave a person weak and fatigued, the common cold rarely causes any chronic medical complications. There are over 200 different types of viruses that are associated with cold & very often, more than one virus is present in the body causing the condition to grow and weaken the immune system. Some other standard causes include viral gastroenteritis, sinus infections, mono (kissing disease), and seasonal influenza (the flu).
Prevention against Viral Fever: The best way to prevent yourself from getting the viral fever is by avoiding getting drenched in the rain. But, if you do get caught up in the rain and catch the viral fever, seek medical assistance right away. For there may not be any reparations of getting wet in the rains, but there certainly are of acquiring the viral fever.
3. Dengue
This mosquito borne disease has, over the past decade, taken the lives of many. Dengue is quite common during the monsoon season for the reason that it’s the time of the year that mosquitoes get favorable conditions to breed and spread infection. When a person is injected with the virus of Dengue, he/she is expected to witness symptoms like
persisting headache, high fever, rashes, and pain in the muscles and the joints.
In severe cases, one may experience severe bleeding and shocks, which can be life threatening.
Causes of Dengue: When an infected mosquito bites a human, it injects one of the four known viruses of Dengue into his/her the bloodstream. Furthermore, the mosquito either picks this virus from an already infected person, or from surrounding environs.
Prevention against Dengue:
Sleeping in Mosquito beds is a good way to prevent yourself from mosquito bites.Aerosol and liquid sprays are a good way to effectively kill mosquito.Try and wear long-sleeved clothes when going outside.You can prevent yourself from mosquito bites by applying insect repellent on clothes or on the skin, especially that’s exposed.
4. Jaundice
Jaundice is a condition wherein the color of the skin and the eyes turns yellow. It is the cause of increased levels of bilirubin in the bloodstream.
The color of the skin and sclera varies depending up on raised level of bilirubin; mildly elevated levels display yellow skin and sclera, while highly elevated levels display brownish color. Jaundice can be caused by a number of conditions, typically including the inflammation of the liver and the presence of an obstruction in the bile duct.
#Causes of Jaundice#: Jaundice may be caused by a number of diseases. The best way to know the kind of Jaundice type you have is by identifying the problems that disrupt the normal bilirubin metabolism and/or excretion.
Pre-hepatic (pre bile production stage) – In this case Jaundice is a result of rapid increase in the breakdown and destruction of the red blood cells (hemolysis), overwhelming the liver’s ability to adequately remove the increased levels of bilirubin from the blood. Examples of conditions that cause increased breakdown of red blood cells include:
Post-hepatic (after bile has been made in the liver) – Jaundice, in such a case, is also termed as obstructive jaundice. This is caused by conditions that interfere with the normal drainage of conjugated bilirubin, in the form of bile, from the liver into the intestines.
Causes of obstructive jaundice include:
Gallstones in the bile ducts,
Cancer (pancreatic and gallbladder/bile duct carcinoma),
Strictures of the bile ducts,
Cholangitis,
Congenital malformations,
Pancreatitis,
Parasites,
Pregnancy, and
Newborn jaundice.
Also, check out some common causes of newborn jaundice:
Physiological jaundiceMaternal-fetal blood group incompatibility (Rh, ABO)
Breast milk jaundiceBreastfeeding jaundice
Cephalohematoma (a collection of blood under the scalp)
Prevention against Jaundice: Here are some of the ways to prevent Jaundice on time:
Vaccines for hepatitis (hepatitis A, hepatitis B)Avoid heavy alcohol consumptionTake medications which prevent malaria before traveling to high-risk regions.Avoid potentially contaminated foods/water intake and maintain a good hygiene
. 5 leptospirosis
bacterial infection transmitted when urine and feces of infected animals such as rodents, contaminate the soil, water, and vegetation.
A person may get leptospirosis by ingesting contaminated food or water, when broken skin and open wounds, or when eyes, nose, sinuses and mouth come in contact with contaminated water (usually flood water) or soil. Incubation period of bacteria is 7-10 days.
Signs include:
Fever
Muscle pain
Headache
Calf-muscle pain and reddish eyes
For severe cases (liver/brain involvement or kidney failure)
Yellowish body discoloration
Dark-colored urine
Light stools
Low urine output
Severe headache
#How to prevent#
Avoid swimming or wading in flood water
Use boots and gloves
Drain potentially contaminated water
Control rodents in the household by using rat traps or rat poison
Maintain cleanliness in the house
Prevention
Monsoon is the time when dirty water mixed with sewage and soil can cause infections. Overflowing ground water can contaminate tap water too. “Make drinking water safe by boiling, filtering and by using ultraviolet purifiers to ensure its purity. Or just stick to bottled mineral water to protect yourself against water borne diseases”
Prevent stagnation of water near your house, in flower pots, coolers etc.
All sources of water such as wells and storage tanks should be covered and cleaned to avert breeding of mosquitoes and prevent mosquito borne diseases.
Use insect repellents, disinfectants and take precautions to stay away from mosquitoes, flies, cockroaches and termites. Dried neem leaves, camphor or cloves emit fresh odour.
Clean your salads and leafy vegetables under running water, steaming them is the best way to get rid of germs. Soaking the greens in salt water for about 10 minutes can help remove germ Avoid eating roadside food items such as cut fruits, chaat, ‘pani puris’ or salads. Eat only freshly cooked food.
During monsoon, special attention is required to prevent fungal feet. Keep them dry.
Opt for open shoes during hot and humid days to prevent fungal feet.
Do not wear wet clothes for long to prevent fungal infections of the skin or nails.
Diabetics should not walk bare foot since the soil on which they walk is a reservoir of all types of germs.
Wash your hands before handling food, after eating food and after visiting the toilet.
Avoid motorcycling in the rain if possible. Those who must ride should take extra precautions.
Slow down. Rain causes oil in the road to rise to the surface. Water and oil make the road both wet and slick.
Homoeopathy approach
Homeopathy is superior to modern medicine due to the following reasons:
It is better and safe for all, as modern medicine has its own adverse effects.
Medicines like rhus tox ,dulcamara ,arsenic , gelsemium,bapticia,eup.perf ,china , chelidoneum etc are of great importance.
Rightly prescribed Homeopathic medicine brings back health in a very gentle way, without causing unwanted adverse effects, in a very short span of hours.
उदयपुर। भगवान के भक्तों के धर कर उनसे मिलन की वेला – का पारम्परिक पर्व रथयात्रा शनिवार को धूमधाम और हर्षोल्लास के साथ मनाया गया। उदयपुर के ऐतिहासिक जगदीश मंदिर में भगवान जगन्नाथ की रथयात्रा नगर भ्रमण के लिए दोपहर बाद शुरू हुई।हैलिकोप्टर से बरसते पुष्प हजारों भक्तों ने जय जयकारों के साथ भगवान को रथ में विराजमान कराया और उनके रथ की ओर खच भगवान के नगर भ्रमण का आगाज किया। इस बार रथयात्रा को निहारिक भव्य स्वरूप देने का प्रयास किया गया है। यात्रा में इस बार सांकेतिक हाथी के साथ घोड़े, 5 बैंड, ढोल, लवाजमा, रामरेवाडिया, भजन मंडलियों सहित 55 झांकियां व 30 म्यूजिक सिस्टम शामिल हुए। इधर, प्रशासन जहां सुरक्षा बंदोबस्त के लिए सजग रहा, वहीं नगर निगम सहित तमाम सरकारी महकमे गत पूरे मार्ग पर हालात संभाले हुए रहे।
दोपहर दो बजे जगदीश मन्दिर परिसर के अन्दर पारम्परिक रथयात्रा शुरू हुई. मेवाड़ के पूर्व राजघराने के सदस्यों के सान्निध्य में मन्दिर के अन्दर स्थित छोटे देवरियों पर परिक्रमा करने के बाद 3 बजे भगवान जगदीश को पुजारी परिवार द्वारा मंदिर से बाहर बारी-बारी रजत रथ में बिठया गया। रथयात्रा शुरू होने के पहले राजघराने के विश्वराज सिंह मेवाड़, देवस्थान मंत्री राजकुमार रिणवा, देवस्थान आयुक्त जीतेन्द्र कुमार उपाध्याय आदि ने जगदीश चौक पर रथ की आरती की इसके बाद साधु सन्तों की उपस्थिति में रथ को आम जनता द्वारा खींचा गया। इस दौरान पहली बार प्रभु के स्वागत में जगदीश चौक में हेलीकॉप्टर से 5 राउंड पुष्प वर्षा की गयी।
रथयात्रा में मानो पूरा शहर उमड़ पड़ा। दोपहर से ही श्रद्धालु पुरुष-महिलाएं-युवा
जगदीश चौक में एकत्र होना शुरू हो गए। शहर के विभिन्न हिस्सों से झांकियां भी आनी शुरू हो गई थी। जैसे ही भगवान जगन्नाथ के छवि स्वरूप को जगदीश मंदिर से चौक में उतारा गया, अपार जनमैदिनी ने भगवान के जैकारों से आसमान गुंजा दिया। उनके साथ बहन सुभद्रा और बलभद्र की छवि को भी रथ में बिराजमान कराया गया। हर जन जय जगदीश हरे की धुन में रम गया। फिर जैकारों के साथ रथ में बिराजे भगवान चल पड़े नगर भ्रमण पर। रथयात्रा मार्ग में दोनों ओर खड़े शहरवासियों ने लगातार जैकारों के साथ अपने आराध्य के दर्शन किए। मार्ग में भगवान की विभिन्न समाजों की ओर से आरती की गयी। भक्तों ने जगह-जगह भगवान को श्रीफल, भोग सामग्री, पुष्प, राशि आदि भेंट किया। रथयात्रा शहर रथयात्रा जगदीश मंदिर से शुरू होकर घंटाघर, बड़ा बाजार, मोचीवाड़ा, भड़भूजा घाटी, भोपालवाड़ी, संतोषी माता मंदिर, मंडी, झीणीरेत चौक, आरएमवी रोड, कालाजी-गोराजी, रंगनिवास, भटियानी चौहट्टा होते हुए रात १२ बजे तक पुन: जगदीश चौक पहुची। जग्दिश्चौक पहुचने के बाद महारती के साथ रथयात्रा संम्पन्न हुई। महारती में हजारों श्रद्धालुओं ने भाग लिया।
उदयपुर में रथयात्रा का इतिहास :
जगदीश मंदिर के वरिष्ठ पुजारी एडवोकेट हुकमराज, समिति अध्यक्ष दिनेश मकवाना व अन्य बताते हैं कि मेवाड़ में रथयात्रा की शुरुआत मेवाड़ के पूर्व महाराणा जगतसिंह-प्रथम ने 1652 में जगदीश मंदिर परिसर में शुरू की थी। जगन्नाथपुरी (उड़ीसा) की तर्ज पर पहली बार भगवान जगन्नाथ स्वामी नगर भ्रमण पर सन् 1995 में विक्रम संवत की आषाढ़ शुक्ल द्वितीया को 250 साल पुराने पारंपरिक रथ में सवार होकर निकले थे। वह भी महज 500-600 श्रद्धालु के साथ। इस दौरान प्रशासन ने कुछ कार्यकर्ताओं को कुछ समय के लिए गिरफ्तार भी कर लिया था, लेकिन जनता की जिद के आगे प्रशासन की नहीं चल सकी। अब आस्था का आलम यह है कि हर साल 50-60 हजार श्रद्धालु जगन्नाथराय को रजत में नगर भ्रमण कराकर समरसता की मिसाल पेश करते हैं। पिछले 11 वर्षों से सेक्टर-7 जगन्नाथ धाम का रथ भी साथ-साथ चलता है। जो सर्वाधिक 21 किमी की यात्रा पर निकलता है।
उदयपुर । ट्रेवेल एंड लेजर ग्रुप ने दुनिया भर की टॉप 100 होटलों में से लेकसिटी के पिछोला झील में स्थित लेकपैलेस को 25 वा स्थान दिया है। यह सर्वे दुनियां घूमने के शौकीन पर्यटकों के आधार पर किया गया है जिसमे टॉप 100 होटल और सिटिज़ की घोषणा की गयी।
उदयपुर विशव के प्रमुख पर्यटन स्थलों में शुलार है और यहाँ पिछोला झील के बीचोबीच स्थित ताज ग्रुप की लेकपैलेस होटल मुख्य आकर्षण का केंद्र भी है। हाल ही में ट्रेवेल एंड लेजर ग्रुप ने दिनिया भर के पर्यटकों के आधार पर एक सर्वे करवाया जिसमे टॉप 100 होटल और शहरों को सूचीबद्ध किया गया। इस बार उदयपुर की एक मात्र होटल ताज लेक पेलेस ने इस श्रेणी में अपना 25 वां स्थान बनाया है। 96.27 अंक हासिल करते हुए लेक पेलेस ने 25वां स्थान हासिल किया है। इस श्रेणी में पहला स्थान इंडोनेशिया के बाली स्थित फोर सीजऩस रिसोट्र्स ने प्राप्त किया है। इसके साथ ही देश के पांच बेस्ट रिसोर्ट होटल्स की श्रेणी में भी लेक पेलेस होटल ने अपना स्थान बनाया है। लेक पेलेस को मिली इस उपलब्धि अपनी खुशी ज़ाहिर करते हुए महाप्रबंधक नयन सेठ ने बताया कि इस उपलब्धि से हमारी जि़म्मेदारी और बढ़ गयी है। उन्होंने इस उपलब्धि का श्रेय अपनी टीम को देते हुए बताया की ताज होटल्स का प्रबंधन मुनाफे की बजाय ग्राहकों की संतुष्टि को सर्वोपरी रखता है। अपने सभी मेनेजर्स को इस उपलब्धि पर बधाई देते हुए नयन सेठ ने कहा कि ताज ग्रुप ऑफ़ होटल्स की प्रतिष्ठा बनाये रखना हम सबका कर्तव्य है। इसके साथ ही उन्होंने झीलों की नगरी को दुनिया बेस्ट सिटीज़ की श्रेणी में 10 स्थान बनाने पर उदयपुर वासियों को बधाई देते हुए कहा की किसी भी शहर की सुन्दरता को आंकने में वहां के नागरिकों का व्यवहार अहम् भूमिका निभाता है और मेवाड़ में मेहमान को भगवान का दर्जा दिया जाता है। इसीलिए यहाँ घूमने आने वाले पर्यटक अपने साथियों को यहाँ की वादियों का लुत्फ़ लेने की सलाह देते है। स्मार्ट सिटी की राह पर बढ़ रहे उदयपुर के लिए यह उदयपुर शहर के बाशिंदे और ताज लेक पेलेस मिलकर शहर को एक नई और अलग पहचान बनाने के लिए हमेशा प्रयास करते रहेंगे।
उदयपुर. समीपवर्ती उमरड़ा गांव में गुरूवार सुबह ट्रेक्टर व स्कूली बस भिडंत में खलासी की मौत हो गई और 3 स्कूली बच्चे घायल हो गए। हादसा ट्रेक्टर के टक्कर मारने के बाद बस के खाई में गिरने से हुआ। पुलिस ने बताया कि सुबह करीब 7.30 बजे उमरड़ा क्षेत्र से बाल वाहिनी बच्चों को लेकर शहर की तरफ आ रही थी। उमरड़ा घाटी पर ढलान में पीछे से तेज गति से आ रहे ट्रेक्टर से आगे चल रही बस को टक्कर मार दी। भिड़ंत इतनी जोरदार थी कि बस अनियंत्रित होकर सडक़ के नीचे 50 फीट खाई में जा गिरी। हादसे में खलासी की मौत हो गई जबकि चालक व उसमें सवार 3 बच्चों को मामूली चोटें आईं। दुर्घटना के बाद मौके पर आसपास के ग्रामीण दौड़ पड़े उन्होंने बस में सवार सभी को बाहर निकाला और अस्पताल पहुंचाया।
Hindustan Zinc, recognized as Zinc of India, is looking to expand its mining and smelting capacities. The company is on course to produce 1.2 million tonnes of metal on immediate basis and subsequently 1.35 million tonnes in 3-4 years’ time and eventually 1.5 million tonnes in about 5 years. The mines are also under expansion and Hindustan Zinc is looking to increase mine production from all its mines to support the smelters.
To take this vision forward 250 graduate engineers (GETs) from 61 colleges of 23 States of India have joined Hindustan Zinc. These engineers are from different streams like – mining, electrical, metallurgical, chemical, instrumentation, electronics, civil engineering, mechanical and computer engineering and would be going through a rigorous process of induction. During the induction, they would be given exposure to different businesses, departments and challenges. Leaders from all the departments of Hindustan Zinc would be interacting with them to give exposure of business. Post induction these engineers would be placed in Hindustan Zinc mines and smelters located at Udaipur, Zawar, Bhilwara, Chanderiya, Dariba, and Ajmer in Rajasthan and Pantnagar in Uttarakhand.
Speaking on the occasion Sunil Duggal, CEO of Hindustan Zinc said, I am very happy to see GETs from across the country joining Hindustan Zinc and it only proves that the importance of mining is understood across all top engineering colleges in India, as one of the most important sectors towards economic development of a nation. Our mines are expanding and each GET who is joining has a leader within. Your career graph will depend upon how you want to grow and how much energy and passion you bring to your work. Hindustan Zinc is an open field for your ideas and innovations. Hindustan Zinc is a place where safety is given utmost importance. There is zero-tolerance on safety. Each one of the GETs has to 100% adhere safety norms and ensure there is no deviation.”
The company is also expanding in its silver portfolio. With current production capacity of about 550 tonnes of Silver, Hindustan Zinc is the 10th largest Silver producer globally and is aiming to produce 1500 tonnes of Silver in the next 4-5 years and be counted amongst the top 3 global silver producers. Recently, the Company’s silver refinery at Pantnagar has been recognized by London Bullion Market Association for its quality.