अबकी बार मुझे वोट मत देना कुएं में डाल देना – कटारिया ने कहा जनता को .

उदयपुर।  जनता जब नेताओं को वोट देती है तो उसके बदले में काम भी चाहती है और जब काम नहीं होता है तो जनता का हक़ है वह उन नेताओं से सवाल करे जिसको उसने वोट देकर जिताया है।  लेकिन सवाल करने पर अगर नेता वह भी राज्य के गृहमंत्री उसी जनता को यह कह दें कि ठीक हे अगली बार वोट मत देना कुएं में डाल देना तो ये बड़ी शर्म की बात है। ये नेता लोग जनता के सेवा का वादा लेकर चुनाव के आठ दिन पहले वोट मांगने के लिए हाथ जोड़ कर जनता के बिच में जाते है,.. और चुनाव जितने के बाद जब जनता इनसे सवाल करती है तो कहते हे अबकी बार मत देना वोट।
ऐसा किया है राजस्थान के गृहमंत्री गुलाबचंद कटारिया ने,…  अपने गृह क्षेत्र उदयपुर शहर विधानसभा में वार्डों का दौरा करते समय और वह भी  महिलाओं की एक उचित मांग पर ।  ।
जी हाँ ये बात है आज शुक्रवार की जन गृहमंत्री गुलाबचंद कटारिया उदयपुर नगर निगम के वार्ड १० में  जन सुनवाई कर रहे थे तब वहां की महिलाओं ने एक शराब के ठेके को लेकर विरोध किया और उसको हटाने की मांग की। कटारिया ने आश्वासन दिया की हटवा देंगे लेकिन महिलाएं जब मौका देखने की जिद करने लगी तो कटारिया फिर अपने मंत्री वाले तेवर में आगये महिलाओं से कह दिया के ठीक क्या होगा ज्यादा से ज्यादा वोट नहीं दोगे मत देना वोट डाल देना कुँए में दाल देना।
https://youtu.be/Y0ZW6q7UsvY
जनता से बात करने का नेताओं का यह मालिकाना रवैया ठीक नहीं है। यह जनता है और किसी भी बड़े से बड़े नेता को जमीन पर लाने में वक़्त नहीं लगाती फिर चाहे इस शहर के भाईसाब गुलाबचंद कटारिया ही क्यों ना हो। अगर आप जनता की समस्या चाहे चुनाव के वक़्त ही सही लेकिन अगर सुनने निकले है तो अपने तेवरों पर थोड़ा संयम रख कर जनता की बात सुननी चाहिए।

उदयपुर में हुआ ब्लास्ट तीन मंजिला मकान ही उड़ गया .

उदयपुर पोस्ट . बेडवास के गायत्री नगर में गुरुवार की शाम को एक मकान में एसा ब्लास्ट हुआ कि तीन मंजिला मकान ही ढह गया . जब ब्लास्ट हुआ उस वक़्त घर में ना मकान मालिक मोजूद थे ना ही कोई किरायदार मोजूद था. आशंका जताई जा रही है कि ब्लास्ट गैस सिलेंडर फटने से हुआ है लेकिन एक गेस सिलेंडर सही सलामत मलबे में से निकला, पुलिस मामले की जांच कर रही लोगों ने ब्लास्ट के ठीक पहले कीसी युवक को मकान के बाहर निकलते हुए और चिल्लाते हुए देखा था कि मकान में ब्लास्ट होने वाला है. जानकारी के अनुसार पुलिस ने उस युवक को भी हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू की है .

यह विडियो भी देखिये 

https://www.youtube.com/watch?v=ofl9yschybc&t=7s

बेड़वास के गायत्री नगर निवासी भंवर सिंह पुत्र बालू सिंह शक्तावत के मकान में गुरुवार शाम ब्लास्ट हो गया। तब घर में कोई नहीं था, इसलिए जनहानि नहीं हुई। हालांकि बाहर से गुजर रही दो राहगीर महिलाएं जख्मी हुई हैं। पुलिस जांच में प्रथम दृष्टया एलपीजी सिलेंडर फटना सामने आ रहा है, लेकिन ऐसा कोई पुख्ता सुबूत नहीं मिला है। मलबे से एक सिलेंडर सुरक्षित निकला है। आसपास के लोगों के मुताबिक धमाका इतना तेज था कि इसे दो किलोमीटर दूर प्रतापनगर चौराहे तक सुना गया। पूरी कॉलोनी मेंं झटका महसूस किया गया। क्षतिग्रस्त मकान के सामने ही एक दुकान का शटर टूट गया और कुछ घरों में बर्तन गिर गए। मौके पर पूरी कॉलोनी आ जुटी। दो थानों की पुलिस के अलावा फायर ब्रिगेड, एंबुलेंस भी आई। किसी के दबे होने की आशंका में देर तक सर्च और रेस्क्यू ऑपरेशन चला। हालांकि कोई हताहत मलबे में नहीं मिला। पुलिस ने बताया कि भंवर सिंह अपने बेटे फतह सिंह और प्रहलाद सिंह के साथ यहां रहता है। वह ट्रक ड्राइवर है और पत्नी विष्णुकुंवर घर में आटा चक्की चलाती है। शाम को विष्णुकुंवर बड़े बेटे फतह सिंह के घर गई थी। मकान के बाहरी हिस्से की दुकान ट्रांसपोर्ट कंपनी को किराए दे रखी है, जो बंद थी। किरायेदार तीन छात्र भी किसी दोस्त के घर थे।

प्रत्यक्षदर्शी बोले- युवक चिल्लाते हुए निकला था घर से दूर रहना… और 10 मिनट बाद धमाका
आसपास के लोगों का कहना है कि घटना से पहले कोई युवक शक्तावत के घर से भागते हुए निकला था। वह चिल्ला रहा था कि घर से दूर रहना, ब्लास्ट होने वाला है। इसके 10 मिनट बाद धमाका हो गया। सूत्रों के अनुसार इस युवक को हिरासत में ले लिया गया है, लेकिन पुष्टि नहीं हुई है। क्षेत्रवासियों का अनुमान है कि डेटोनेटर से घर में ब्लास्ट किया होगा, क्योंकि मलबे में एलपीजी का एक सिलेंडर सही सलामत मिला है। घर वाले भी स्पष्ट जवाब नहीं दे पा रहे हैं कि उनके पास एक ही सिलेंडर था या या दो। बताया जाता है कि भंवर और छोटे बेटे प्रहलाद के बीच सुबह घर को लेकर विवाद हुआ था। इसके बाद भंवर काम से निकल गया। घटना के बारे में लाेगों से पता लगने के बाद भी वह देर रात तक नहीं लौटा था। इधर, फतह सिंह मौके पर आया, लेकिन प्रहलाद नहीं था।
आशियाने काे मलबे में तब्दील देख बिलखती विष्णुकुंवर (बाएं) और मलबे से निकला एलपीजी सिलेंडर।

पुलिस ने बताया कि मलबे से एक सिलेंडर निकला है। पुलिस घरेलू विवाद के एंगल से भी जांच कर रही है। हालांकि यह विस्फोट का कारण नहीं हो सकता। एफएसएल टीम शु़क्रवार सुबह घटना स्थल का मुअायना और जांच करेगी।

 

सलमान खान की जमानत पर कल होगा फैसला – आजका दिन भी कटेगा जेल में .

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काला हिरण शिकार मामले में सलमान खान  अभी जेल में ही रहेंगे। सलमान खान की ओर से जिला एवं सत्र न्यायालय में पेश की गई सजा स्थगन आैर जमानत की अपील पर आज सुनवाई हुई। दोनों पक्षों की ओर से बहस की गई। अदालत ने मामले का पूरा रिकॉर्ड मंगवाया है। अब इस मामले में कल सुनवाई होगी। सुनवार्इ के दाैरान पूरा काेर्ट रूम खचाखच भरा था।

की सीजेएम ग्रामीण कोर्ट ने काला हिरण शिकार केस में सलमान खान को पांच साल की जेल और 10 हजार रुपए का जुर्माना लगाया गया था। मामले में सह आराेपी सैफ अली खान , तब्बू, नीलम और सोनाली बेंद्रे को बरी कर दिया गया .

शनिवार को सुबह 10.30 सलमान की जमानत पर सेशन कोर्ट के जज सुनाएंगे फैसला

– जज रवींद्र कुमार जोशी ने सलमान के वकील की सारी दलीलें सुनीं –

करीब डेढ़ घंटे चली बहस

– सेशन कोर्ट के जज रवींद्र कुमार जोशी सलमान की जमानत पर शनिवार को सुनाएंगे फैसला

– जोधपुर सेशन कोर्ट में सलमान खान की सजा के स्थगन पर बहस पूरी हो गई है.

– सेशन कोर्ट में सलमान की सजा के स्थगन पर बहस जारी, वकील ने कहा ‘लंबी चल सकती है बहस’

– सलमान के वकील महेश बोड़ा ने दलीलें पेश करनी शुरू कीं

– सेशन कोर्ट के बाहर इकट्ठा हुआ बिश्नोई समाज

– सेशन कोर्ट के जज रवींद्र कुमार जोशी ने सलमान खान की जमानत याचिका पर सुनवाई शुरू की

– सलमान के वकील महेश बोड़ा का दावा, मिल रही है धमकी. बोड़ा ने आरोप लगाया है कि उन्हें धमकी भरे कॉल और मैसेज आए. इसके बावजूद वह सलमान के केस से जुड़े रहेंगे.

– वकील ने जताया भरोसा, आज सलमान को मिल जाएगी जमानत

– सलमान की जमानत पर सुनवाई के लिए जज रवींद्र कुमार जोशी भी कोर्ट पहुंचे

– वकील देसाई और सलमान की दोनों बहनों के साथ सलमान के बॉडीगार्ड शेरा भी मौजूद हैं

– वकील आनंद देसाई के साथ सलमान की दोनों बहनें अलवीरा और अर्पिता सेशन कोर्ट पहुंचीं

– सेशन कोर्ट में जज रवींद्र कुमार जोशी करेंगे सुनवाई

– सलमान के खिलाफ केस दर्ज कराने वाले फॉरेस्ट अफसर ललित बोरा ने नागपुर में मीडिया से कहा कि उन्होंने कभी नहीं सोचा कि वह एक बॉलीवुड सितारे के खिलाफ कार्रवाई कर रहे हैं

– सुबह करीब 8.0 बजे सलमान के बॉडीगार्ड शेरा और उनके वकील आनंद देसाई जोधपुर सेंट्रल जेल पहुंचे

– आनंद देसाई के पास कुछ फाइलें हैं. वकील ने सलमान से कुछ बातचीत की और फाइलों पर उनके साइन लिए.

– आज सुबह 7.30 बजे सलमान ने जेल कैंटीन से अपने लिए ब्रेड और दूध ऑर्डर किया.

– सुबह 6.30 बजे सोकर जगे सलमान खान – सलमान की जेल में पहली रात बैचेनी में गुजरी

– रातभर सलमान उसी कपड़े में रहे, जो पहनकर वह गुरुवार को कोर्ट की सुनवाई में शामिल होने आए थे.

– रात 12.30 बजे सलमान बैरक के अंदर गए.

– रात 12.30 बजे तक सलमान बैरक के बाहर टहलते रहे

– सलमान ने जेल में रात का खाना लेने से किया इनकार

– जेल में सलमान का मेडिकल चेकअप हुआ, जिसमें उनका ब्लड प्रेशर बढ़ा मिला.

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जब जेल पहुंचे सलमान सलमान

जेल के अंदर जाते ही डीआईजी विक्रम सिंह के कमरे में गए और उनसे करीब डेढ़ घंटे बातचीत की. सलमान जोधपुर सेंट्रल जेल में पहले भी कुछ दिन बिता चुके हैं. इसी दौरान उनकी पहचान जिन कैदियों से हुई थी, उनके बारे में उन्होंने डीआईजी से जानकारी ली. उन्होंने कैदी रमेश के बारे में भी पूछा.

इसी दौरान उनका ब्लड प्रेशर चेक किया गया, जो बढ़ा हुआ था. हालांकि आधे घंटे बाद बल्ड प्रेशर सामान्य हो गया था. सलमान ने डीआईजी से बाथरूम के बारे में भी जानकारी ली. उन्होंने बाथरूम की टाइल्स के बारे में भी पूछा. डीआईजी के मुताबिक सलमान को इस बार बाथरूम अच्छी अवस्था में मिल रहा है. हालांकि सलमान चाहते हैं जेल में गीजर की भी व्यवस्था होनी चाहिए, लेकिन उन्होंने किसी बात की डिमांड नहीं की है.

जब सुनाई गई सलमान को सजा

जोधपुर की CJM कोर्ट ने गुरुवार को सलमान खान को जोधपुर के कांकणा में अक्टूबर, 1998 में दो काले हिरणों का शिकार करने का दोषी पाया. सलमान को दोषी करार दिए जाने के करीब तीन घंटे बाद कोर्ट ने सजा का एलान किया और सलमान को पांच साल की कैद और 10 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई.

हालांकि कोर्ट ने सलमान के साथ आरोपी बनाए गए सैफ अली खान, तब्बू, सोनाली बेंद्रे और नीलम को सबूतों के अभाव में बरी कर दिया. सलमान सहित सभी सितारे बुधवार को जोधपुर पहुंचे थे. इस मामले में अंतिम बहस 28 मार्च को हुई थी. इसके बाद सीजेएम ने अपना फैसला सुरक्षित रख लिया था.

कोर्ट ने जब अपना फैसला सुनाया उस समय सलमान के साथ उनकी दोनों बहनें अलवीरा और अर्पिता उनके साथ कोर्ट रूम में ही मौजूद थीं और सजा का एलान होते ही वे सलमान से लिपटकर रो पड़ीं. सलमान खान भी दुखी और हताश नजर आए. कोर्ट रूम में उनके साथ सलमान के सबसे विश्वस्त बॉडीगार्ड शेरा भी मौजूद रहे.

उदयपुर के नन्हे फेन्स सलमान के लिए प्रार्थना कर रहे है – जानिये कौन है ये बच्चे।

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उदयपुर। २० साल पुराने काले हिरन के शिकार के मामले में बॉलीवुड के सुपर स्टार सलमान खान को पांच साल की सजा हो गयी है, सलमान की सज़ा को लेकर उनके फेन्स में काफी मायूसी है, सलमान खान को आज के युग का हातिम ताई भी कहा जाता है,.क्यों कि सलमान अपनी कमाई का एक बड़ा हिस्सा जरूरतमंद लोगों को दान कर देते है। अपने beeing ह्यूमन संस्था के तहत सलमान बंद मुट्ठी से ऐसे ऐसे लोगों की सहायता कर देते है जिनकी पुरे जहाँ में किसी ना सुनी हो, और अपनी हातिम ताई रुतबे के लिए वो हर दिल पर राज करते है। यही नहीं सलमान बच्चों के बिच भी उतने ही प्रिय है। सलमान के जेल जाने पर कई बच्चे भी उनकी सजा कम होने और उन्हें बेल मिल जाने की प्रार्थना कर रहे है और प्रार्थना करने वालों में राजस्थान के उदयपुर के वे बच्चे भी प्रार्थना कर रहे जो मेंटली डिसेबल है, और उसकी वजह हे सलमान द्वारा उनके प्रति जताया गया प्यार, जब सलमान खान प्रेम रतन धन पायो की शूटिंग करने के लिए उदयपुर kumbhalgarh आये थे तब विशवास समर्पित मंदबुद्धि विद्यालय की सचिव सरिता कपूर अपने विद्यालय में पढने वाले मेंटली डिसेबल बच्चों को सलमान खान से मिलवाने ले गयी थी। जब सरिता कपूर बच्चों को मिलवाने के लिए निकली थी तब उन्हें भी नहीं पता था कि वे बच्चों से मिलेगें भी या नहीं, लेकिन जैसे ही सलमान खान ने सूना कि उनसे मिलने के लिए कुछ बच्चे आये है तो सलमान अपनी साड़ी शूटिंग छोड़ कर बच्चों के बिच में आगये, सबके लिए खाने पिने का इंतज़ाम करवाया। सलमान बच्चों के साथ काफी देर तक खेलते रहे बतियाते रही। मेंटली डिसेबल यह बच्चे चाहे कोई बात समझे ना समझे लेकिन मोहब्बत्ब समझते है और इसीलिए वे सलमान खान की बच्चों के लोइए मोहब्बत को इन्होने महसूस किया। आज जब उन्हें सलमान की सजा के बारे में पता चला तो सलमान को याद कर वे प्रार्थना के लिए खड़े हो गए। अदालत का अपना काम है और कोर्ट के आदेश में कोई हस्तक्षेप भी नहीं लेकिन सलमान के फेंस और बच्चों के दिल से पूछे तो शायाद सलाम की सजा के लिए सभी को काफी बुरा लग रहा है।

https://youtu.be/ofl9yschybc

काला हिरण शिकार केस में सलमान 20 साल बाद दोषी: 5 साल की सजा, जमानत पर कल होगी सुनवाई

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बीस साल पुराने काला हिरण शिकार मामले में गुरुवार को जोधपुर की चीफ ज्युडिशियल मजिस्ट्रेट (सीजेएम) की कोर्ट ने सलमान खान को दोषी करार दिया। लंच ब्रेक के बाद सीजेएम देव कुमार खत्री ने सलमान खान को 5 साल कैद और 10 हजार जुर्माने की सजा सुनाई। सलमान को जोधपुर जेल भेजा गया। वे चौथी बार जोधपुर जेल गए हैं, इससे पहले 1998, 2006 और 2007 में सलमान 18 दिन जेल में रहे थे। इस केस में सह आरोपी सैफ अली, तब्बू, सोनाली और नीलम को संदेह के लाभ पर बरी कर दिया गया है। पेशी के लिए ये सभी बुधवार को यहां पहुंच गए थे। मामला सितंबर-अक्टूबर 1998 का है। तब ये सभी फिल्म ‘हम साथ-साथ हैं’ की शूटिंग के सिलसिले में जोधपुर में थे। सलमान खान और उनके साथियों पर 2 चिंकारा और 3 काले हिरणों (ब्लैक बक) के शिकार का आरोप लगा था। सलमान पर आर्म्स एक्ट के तहत भी केस दर्ज हुआ था।

बताया जा रहा है कि सलमान खान को जोधपुर के सेंट्रल जेल में भेजा जाएगा, जहां पहले से ही आसाराम कैद में है. सरकारी वकील का कहना है कि सलमान खान को एक रात जेल में बितानी होगी. सलमान खान के खिलाफ जजमेंट 196 पेज का है.

जोधपुर के चीफ ज्यूडिशियल मजिस्ट्रेट (CJM) की अदालत में सज़ा पर बहस के दौरान जहां सरकारी वकील ने अधिकतम सजा की मांग की थी, वहीं सलमान के वकील ने कम से कम सजा की मांग की थी.

वहीं, विश्नोई समाज अन्य सभी आरोपियों को बरी किये जाने से नाराज हैं. उनका कहना है कि सलमान के साथ अन्य सभी को भी सजा मिलनी चाहिए थी.

मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट देव कुमार खत्री ने 1998 में हुई इस घटना के संबंध में 28 मार्च को मुकदमे की सुनवाई पूरी करते हुये फैसला बाद में सुनाने की घोषणा की थी. गौरतलब है कि फैसला सुनाये जाने के समय सभी आरोपी कलाकार सलमान खान, सैफ अली खान, तब्बू, सोनाली बेन्द्रे और नीलम अदालत में मौजूद थे.

देखिये विडियो

https://youtu.be/UifxRfdEXLU

चुनाव के पहले गृहमंत्री निकले जनता का दर्द सुनने – झेलना पड रहा है जनता का आक्रोश

उदयपुर। शहर विधायक और गृह मंत्री  गुलाबचंद कटारिया को इन दिनों भारी विरोध झेेलना पड़ रहा है। कभी पलकों पर बिठाने वाले मतदाता ही कटारिया को खूब खरीखोटी सुना रहे हैं। रविवार से शुरू हुआ कटारिया का विधानसभा वार्डों का दौरा काफी भारी पड़ रहा है। कटारिया ने रविवार से वार्ड की समस्याओं के लिये मैराथन दौरा शुरू तो कर दिया है लेकिन पग-पग पर उनका भारी विरोध हो रहा है। कटारिया ने वार्ड चालीस से अपने दौरे की षुरूआत की थी और वहीं से उनको विरोध का सामना करना पड़ा था आज भी कटारिया को विरोध का सामना करना पड़ा और काले झण्डे दिखाए गए।
अपने विधानसभा क्षेत्र वार्डों का दौरा अभियान के दौरान मंगलवार को आयड़ से वार्ड ३६ के प्रताप चौक पाहेड़ा में पहुंचे वहां पर कांग्रेस समर्थित कार्यकर्ताओं व् अन्य स्थानीय लोगों ने वार्ड की समस्या को लेकर काफी आक्रोश जताया। यहाँ तक की कटारिया को काले झंडे भी दिखाये गये। प्रताप चौक में जैसे कटारिया पहुंचे और समस्या सुनने के दौरान कांग्रेस समर्थित कार्यकर्ताओं ने विरोध शुरू कर दिया। उनका कहना था कि कटारिया ने विकास के नाम पर इस वार्ड में कुछ नहीं किया फिर पर्चे बांट कर वह गुमराह क्यों कर रहे हैं।कांग्रेस नेता सूर्य प्रकाश उपाध्याय ने कहा कि जब यहां पर कटारिया का दौरा था तो लोगों को पट्टे की समस्या के समाधान की बात कह कर बुलाया लेकिन कटारिया ने पट्टे देने की बात को सुनने से इंकार कर दिया। कांग्रेस समर्थित कार्यकर्ताओं ने काले कपड़े बताकर कटारिया का विरोध किया। ज्यादा माहौल खराब हो उससे पहले ही कटारिया वहां से निकल गए लेकिन पीछे भाजपा और कांग्रेस के कार्यकर्ता आपस में एक-दूसरे के खिलाफ नारेबाजी कर रहे थे। रविवार को कटारिया के खिलाफ हुए विरोध को देखते हुए मंगलवार को इस क्षेत्र में दौरे के दौरान भारी पुलिस बल उनके साथ तैनात किया था। हालाकि मौजुदा पार्शद काफी प्रयास कर रहे हैं कि कटारिया को उन इलाकों में न ले जाया जाए जहां पर जनता आक्रोषित है और यही वजह है कि जनता के गुस्से के सामने पार्षद तो क्या विधायक भी टिक नहीं पा रहे है। सबसे ज्यादा समस्या, सड़कों, सीवरेज, पानी और बिजली की झेलनी पड़ रही है। क्षेत्रवासियों का आरोप है कि पिछले 20 साल से नालियों और सड़कों की स्थिति काफी खराब है। लेकिन स्थानीय पार्षदों द्वारा इस ओर ध्यान नहीं दिया जा रहा है। ऐसे में ग्रहसेवक का वार्ड – वार्ड विरोध हो रहा है।
देखिये विडियो
https://youtu.be/mvPKtEWTr2k
इधर  राणाप्रताप मंडल के वार्ड नं. 38, 36, 35, 34 की जन समस्याओं को जानने के बाद गृहमंत्री गुलाब कटारिया ने कहा कि आमजन सकारात्मक सोच रखे और किए गए कार्यो की भी सराहना करे सिर्फ विरोध के लिए विरोध न करे हाॅ समस्याए तो होगी लेकिन दौरे के दौरान बडी समस्या नहीं आई सिर्फ नाली की सफाई, सफाई,  बिजली,  पानी का कम दबाव का आना, सुबह 03 बजे का पानी आना, गली में ब्रेकर्स बनाना, आवारा पशुओ के सडको पर घूमने, कुडादान न होने जैसी समस्या आई जिसका तत्काल सम्बंधित विभाग से समाधान भी करवा दिया जो आगामी दिनोें में पूरी हो जायेगी। कटारिया ने जनसुनवाई के दौरान जिला कलक्टर विष्णु चरण मलिक, यूआईटी सचिव राम निवास मेहता व नगर निगम सचिव से जनसुनवाई के दौरान आने वाली समस्याओं का त्वरित निरस्तारण कर कार्यवाही करावे। कटारिया ने  कहा कि आगामी 06 माह में आयड में 06 एनीकट बनाये जिससे वर्ष पर इसमें पानी भरा रहेगा जिससे उदयपुर की सुन्दरता में चार चांद लग जायेगे साथ ही इसके दोनो जहाॅ भी जगह मिलेगी गार्डन बनाने का प्रस्ताव है जिससे पर्यटन भी इसका लाभ उठा सकेगे।  वार्ड दौरे के दौरान गृहमंत्री गुलाब कटारिया ने कहा कि शहर में किराये पर रह रहे 10 हजार परिवारों न्यूनतम व रियायती दर पर सरकार की ओर से मकान दिये जायेगे।  महापौर चन्द्रसिंह कोठारी ने कहा कि वार्डो में खाली पडे प्लोट पर आस पास वालो द्वारा गंदगी डाली जाती है जिससे कई परेषानिया होती है जिस पर उनके मालिक को चिन्हित कर उन्हे नोटिस देने का कार्य किया जा रहा है। गृहमंत्री कटारिया के वार्डो में दौरे के दौरान पुलिस एवं इंटलीजेंस की महिला एवं पुरूष की टीमें पुरे समय साथ रही ओर कटारिया के इर्द गिर्द ही सुरक्षा का घेरा लिए खडे रहे ज्ञातव्य है कि कल बंद के दौरान भीम सेना द्वारा पूरे देष भर में उत्पात मचाया और उनकी गिरफ्तारिया भी हुई जिसे लेकर सूचना मिली कि कुछ दौरे के दौरान गडबडी कर सकते है।
कटारिया के वार्डो में दौरे दौरान आरएसईबी विभाग, पीएचडी, नगर निगव व यूआईटी विभाग के आलाअधिकारी साथ साथ चल रहे थे और आने वाली समस्या को जनसूनवाई के दौरान सम्बंधित विभाग को भी निर्देष दे रहे थे।

उदयपुर के वरिष्ठ पत्रकार अख्तर खान IFWJ के जिलाध्यक्ष बने

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उदयपुर पोस्ट . लेकसिटी के वरिष्ठ पत्रकार अख्तर खान को आई ऍफ़ डब्ल्यू जे का उदयपुर जिलाध्यक्ष नियुक्त किया गया। इंडियन फेडरेशन ऑफ़ वर्किंग जर्नलिस्ट के प्रदेश अध्यक्ष उपेंद्र सिंह राठोड ने वरिष्ठ पत्रकार अख्तर खान को नियुक्ति पत्र देते हुए उदयपुर में कार्यरत शर्म जीवी पत्रकारों के हितों के लिए कार्य करने का दायित्व सौंपा है। अख्तर खान उदयपुर जिले एवं उपखण्ड की शीघ्र ही कार्यकारणी की घोषणा करेगें।

उल्लेखनीय है कि इंडियन फेडरेशन ऑफ़ वर्किंग जर्नलिस्ट ( आई ऍफ़ डब्ल्यू जे ) देश में श्रम जीवी पत्रकारों का एक मात्र संगठन है। जो पत्रकार हितों एवं कल्याण के लिए सदैव संघर्षरत रहा है। खान की नियुक्ति पर जिले के पत्रकारों ने हर्ष व्यक्त किया है।

महिला पुलिस अधिकारी ने पुलिसियाई रॉब दिखा कर डॉक्टर की कार में भरवा दिया मृत गाय का शव – चिकित्सकों का विरोध करने पर अब करवाया जा रहा है संगठनों से विरोध .

उदयपुर पोस्ट।  अब तक आपने सुना होगा कि साम्प्रदायिका को हवा देने के पीछे समाज कंटकों की भूमिका रहती है। लेकिन “उदयपुर पोस्ट” एक ऐसा खुलासा कर रहा है कि आप भी दंग रह जाएंगे। गत २८ मार्च को शहर में तैनात एक आरपीस महिला पुलिस अधिकारी ने ऐसा करने की धमकी दे डाली। मामला था एक मृत पशु के निस्तारण का लेकिन निस्तारण हो रहा था इन आरपीएस के एक निजी भूखण्ड से ५०० मीटर की दूरी पर जो शायद इन्हें नागवार गुजरा।
आइये अब हम ले जाते है आपको घटनाक्रम की ओर २८ मार्च को लोयरा निवासी श्रीमती तुलसी सुथार पत्नी ओमप्रकाश सुथार ने सरकारी वरिष्ठ पशु चिकित्सक दत्तात्रेय चौधरी से सम्पर्क कर निवेदन किया कि उनकी भामाशाह बीमा योजनान्तर्गत बीमित गाय की मृत्यु हो गई है अत: उसका मौके पर आकर पोस्टमार्टम कर प्रमाण पत्र दिला दे। इस निवेदन पर सरकारी सेवा के तहत डॉ. चौधरी घटनास्थल पर गए और मृत पशु का पोस्टमार्टम कर उसके शव का निस्तारण हेतु पशुपालक को आवश्यक निर्देश देकर पशु चिकित्सालय लौट आए।
इस दौरान पशु पालक ने मृत गाय का निस्तारण हेतु जेसीबी मंगवा ली तथा गड्डा खोदकर उसमें शव को दप*नाने की तैयारी थी। इसी दरम्यान पुलिस उपाधीक्षक दिव्या मित्तल जिनका कि घटनास्थल से ५०० मीटर की दूरी पर एक फ़ार्म हाउस निर्माणाधीन है वहां पहुंची तथा शव निस्तारण से पशु पालक को रोक दिया तथा अपने लवाजमे के साथ पशु चिकित्सालय पहुंची तथा वरिष्ठ सरकारी पशु चिकित्सक दत्तात्रेय चौधरी को मोके पर पोस्टमार्टम करने पर धमकाया गया तथा उन्हें एक अपराधी की तरह पुलिस की जीप में बिठाकर घटनास्थल पर लाया गया तथा पोस्टमार्टम को गंभीर अपराध बताते हुए उन्हें धमकी दी गई कि  उपनाम के अनुसार तुम मुस्लिम प्रतीत होते है अत: तुम्हारे विरूद्घ तो गाय काटने के जुर्म में सांप्रदायिक मामला दर्ज होगा। अन्यथा इस शव का तुम अन्यत्र निस्तारण करो।
 चिकित्सक ने जब बताया कि ऐसे पोस्टमार्टम हमेशा पशुपालक के स्थान पर ही किए जाते है तो पुलिस उप अधीक्षक दिव्या मित्तल ने वर्दी का रौब दिखाते हुए उनके साथ अभद्रता की तथा उनसे पोस्टमार्टम की हुई गाय का शव उठवा कर पशु चिकित्सक की निजी कार में जबरन रखवाया गया,…..  जब गाय को कार में रखवाया । पशु चिकित्सक चौधरी एवं उनके दो प्रशिक्षु सहायकों ने बडी मुश्किल से क्षत विक्षप्त गाय का शव अपनी कार में रखा। मृत गाय की खाल पशुपालक पोस्टमार्टम के बाद ही किसी से निकलवा चुका था। स्कीन लेस गाय के शव को कार में लदवाया तो उसके पैर खिडकी से बाहर आ रहे थे। कोई हंगामा न हो इस पर चिकित्सक ने अपनी शर्ट खोल कर मृत गाय के शव के पैर बांधे। डॉ. चौधरी के कपडे मृत गाय के रक्त से रंजित हो गए। तब  पुलिस उप अधीक्षक ने उन प्रशिक्षकों को अपने स्तर पर गाय का शव निस्तारण करने का निर्देश देते हुए डॉ. चौधरी को पुलिस की गाडी में मुल्जिम की भांति थाने ले जाने की धमकी देते हुए बिठाया गया तथाा फतहपुरा चौराहा के समीप उन्हें जीप से उतार दिया। इस बीच पूरे मार्ग में उन्हें मानसिक प्रताडना दी गई।
इस दौरान इधर दोनों प्रशिक्षु पशु चिकित्सक गाय का शव लेकर रवाना हुए। वे दोनों ही केरल से यहां आकर प्रशिक्षण ले रहे है और ईसाई समुदाय से थे। भय यह था कि यदि कोई मृत गाय का शव उनकी कार में ले जाते हुए देख लेता तो हम उसकी कल्पना कर ही थर्रा जाते है कि आगे क्या होता। लेकिन वे दोनों युवा चिकित्सक शव के साथ पशु चिकित्सालय पहुंचे और नियमानुसार सूचना देकर शव का निस्तारण कराया। इस बीच डॉ. चौधरी बदहवास हालत में किसी से लीफ लेकर संयुक्त निदेशक पशुपालन विभाग के दफ्तर पहुचे और महिला पुलिस अधिकारी दिव्या मित्तल के खिलाफ शिकायत दर्ज करवाई ।
https://www.youtube.com/watch?v=EIl2d2fYIT0&feature=youtu.be

भारत बंद: राजस्थान में आगजनी, तोडफ़ोड और पथराव, अलवर में एक की मौत , डूंगरपुर आसपुर में 9 घायल

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पोस्ट । एससी-एसटी एक्ट के प्रावधानों में किए गए बदलाव के विरोध में दलित संगठनों के भारत बंद के दौरान सोमवार को प्रदेश के कई हिस्सों में स्थिति तनावपूर्ण रही। बाड़मेर, अलवर, सीकर, श्रीगंगानगर, दौसा, पाली, जालोर, डूंगरपुर कोटा , धौलपुर, भरतपुर, नागौर में दुकानदारों और पुलिस के साथ बंद समर्थकों की झड़प हुई तो कई जगह उपद्रवियों ने वाहनों में तोडफ़ोड़ और आगजनी की।बंद समर्थकों और पुलिस के बीच झड़प के दौरान एक युवक की मौत हो गई। इसके बाद उपद्रवियों ने पुलिस के वाहनों को आग के हवाले कर दिया। इसके अलावा किशनगढ़बास डीएसपी और जोधपुर में एसआई समेत पांच पुलिसकर्मी घायल हुए हैं
माहौल बिगडऩे पर फलौदी, नीमकाथाना, बाड़मेर, सीकर, नागौर और डूंगरपुर में धारा 144 लगा दी गई। भीलवाड़ा, अलवर, भरतपुर, जोधपुर में बंद समर्थकों ने ट्रेनें रोक दी। जिससे यात्रियों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ा। डूंगरपुर के आसपुर कसबे में दो गुटों में आपस में पथराव की घटना के दौरान 9 लोग घायल हो गए जिसमे से दो घायलों को गंभीर हालत में उदयपुर रेफर किया गया
अलवर: दो थानों में आगजनी, बंद समर्थकों ने मचाया उत्पात बंद समर्थकों ने अलवर शहर सहित जिलेभर में जमकर उत्पात मचाया। हाथों में लाठियां लेकर निकले बंद समर्थकों ने दुकानदारों से मारपीट की। खैरथल व एनईबी थाने में आग लगा दी। दाउदपुर फाटक के समीप करीब 400 मीटर तक रेल पटरियां उखाड़ दी। पुलिस थानों एवं रोडवेज बसों पर पथराव किया। जिसमें कई लोगों को चोटें आई। इनमें कई पुलिसकर्मी भी शामिल थे। जवाबी कार्रवाई में पुलिस ने भी कई राउण्ड गोलियां चलाई। खैरथल में पुलिस की गोली लगने से एक बंद समर्थक की मौत हो गई। अलवर में भी बंद समर्थकों ने एनईबी थाने में तोडफ़ोड़ की।
उन्होंने थाने के बाहर खड़े वाहनों में आग लगा दी। बाद में खुद जिला पुलिस अधीक्षक ने गोलियां चला बंद समर्थकों को तितर-बितर किया। शहर में बंद समर्थकों के उग्र होने से हालत बिगड़ते देख जिला कलक्टर राजन विशाल ने दोपहर करीब 2.30 बजे से रात 8 बजे तक इंटरनेट सेवा बंद करने के आदेश दिए।

जोधपुर: जमकर उत्पात, पांच पुलिस कर्मी घायल, एसआई गंभीर शहर में दलित संगठनों के युवाओं ने जमकर उपद्रव मचाया। जबरन दुकानें बंद कराने को लेकर शहर में कई जगह झड़पे हुईं। करीब 3 घंटे तक शहर में माहौल खराब रहा। इस दौरान उपद्रवियों ने पुलिस पर पथराव किया। इससे एक थाना अधिकारी, एक उप निरीक्षक सहित पांच पुलिसकर्मी घायल हो गए।
जिनमें उपनिरीक्षक महेंद्र चौधरी की हालत गंभीर बताई जा रही है। भीड़ को काबू करने के लिए पुलिस में 100 से अधिक आंसू गैस के गोले छोड़े। उपद्रव के दौरान पुलिस का जाब्ता भी कम पड़ गया। उपद्रवियों ने मालगाड़ी व यात्री गाड़ी को रोक दिया।
करीब दर्जनभर दुकानों में तोडफ़ोड़ की गई। इसमें करीब आधा दर्जन लोग घायल होने की सूचना है। फलोदी में धारा 144 लगाई गई है। जोधपुर ग्रामीण इलाके में इंटरनेट सेवाएं बंद कर दी गई है।
बाड़मेर: पथराव, आगजनी और लूटपाट बाड़मेर में चौहटन चौराहे पर उपद्रवियों ने एक बाइक शोरूम को आग लगा दी, हालांकि दमकल की मदद से इस पर जल्द ही काबू पा लिया। इसके बाद दुकान बंद करवाने को लेकर दो पक्षों में पथराव हो गया। बंद समर्थकों ने दुकानों में जमकर तोडफ़ोड़ की। अहिंसा सर्किल पर उपद्रवियों ने खूब हुड़दंग और लूटपाट की।
जो आगे आया, उसी पर टूट पड़े। इसके बाद पुलिस ने आंसू गैस छोडक़र भीड़ को खदेड़ा। उपद्रवियों ने पुलिस पर भी पथराव किया। इसके जवाब में पुलिस ने लाठियां भांजी। इस दौरान एक दर्जन लोग घायल बताए जा रहे हैं। माहौल बिगड़ता देख धारा 144 लगा दी और इंटरनेट भी बंद कर दिया गया। बाड़मेर और बालोतरा को छोड़ जिले में कहीं भी बंद का असर नजर नहीं आया।

उदयपुर: वाहन रैली निकालकर बंद करवाया : उदयपुर कोर्ट चौराहे पर सैकड़ों की संख्या में बंद समर्थकों ने रैली निकाली। उदयपुर के सनवाड़ क्षेत्र में बंद समर्थकों ने वाहन रैली निकालकर दुकानों को बंद करवाया। इस दौरान हल्की झड़प भी हुई। भीण्डर, कानोड, सेमारी, जावरमाइंस, कुराबड़ में भी बंद का मिलाजुला असर दिखा।
कोटा: सांगोद और इटावा में हंगामा जिले के सांगोद में बंद समर्थकों ने एक दुकान में तोडफोडक़र दुकानदार से मारपीट कर दी, इससे नाराज व्यापारियों ने हंगामा कर दिया। पुलिस व प्रशासनिक अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर शांत करवाया। इटावा में भी बाजार बंद कराने को लेकर हंगामा हुआ। रामगंजमंडी, मोडक़ आदि में बंद का मिलाजुआ असर रहा
डूंगरपुर: आसपुर में पथराव, तनाव, धारा 144 लागू : डूंगरपुर में पूर्णतया सफल रहा। जिला मुख्यालय पर सुबह से शाम तक बाजार बंद रहे। हालांकि ग्रामीण क्षेत्रों में कई जगह बंद का मिला जुला असर दिखा। आसपुर कस्बे में दो पक्षों के बीच हिंसक झड़प हुई। इसमें 9 -लोग घायल हो गए। करीब एक घंटे तक माहौल तनावपूर्ण रहा। हालात को काबू करने के लिए प्रशासन ने धारा 144 लागू कर दी है।

पथराव में एसडीओ, सीओ व कई पुलिस कर्मियों के आई चोटें गंगापुरसिटी में उपद्रवियों जमकर उत्पात मचाया। सालौदा मोड़ से उदेई मोड़ तक मुख्य सडक़ पर कई जगह टायर आदि जला दिए। साथ ही पथराव किया। इसमें एसडीओ, पुलिस उपाधीक्षक तथा करीब आधा दर्जन पुलिस कर्मियों के चोटें आई है। इधर उपद्रवियों की दहशत से बाजार बंद रहा। दोपहर बाद सालोदा क्षेत्र में उपद्रव होने से दुकानदारों ने दुकानें बंद कर दी। बाजार बंद कराने को लेकर सुबह रैली निकालने के दौरान दुकानें बंद कराई गई। इसका व्यापारियों ने विरोध किया। ऐसे में दोनों पक्षों में तनाव की स्थिति पैदा हो गई। हालांकि पुलिस ने बाजार बंद कराने वालों को खदेड़ दिया। इसके बाद दोपहर बारह बजे बाद बाजार बंद कराने वालों का उपद्रव तेज हो गया।
सालौदा मोड़ से उदेई मोड़ तक पुलिस व प्रशासन पर पथराव किया। बाजार में भी पथराव किया गया। पुलिस ने उपद्रवियों पर काबू पाने के लिए आंसू गैस के गोले भी छोड़े। उपद्रवी गलियों में घुसकर घरों में दुबक गए। पुलिस उन्हें तलाश करती रही। इस बीच रुक-रुक कर पथराव होता रहा। पुलिस बल भी क्षेत्र में तैनात रहा।
बंद के नाम पर उत्पात, पुलिस-प्रशासन नजर आए बेबश

नागौर. जिले भर में बंद समर्थकों ने जमकर उत्पात मचाया। बंद सफल नहीं होते देख बंद समर्थकों ने वाहनों के आग लगा दी व दुकानों में तोडफ़ोड़ के साथ लोगों में मारपीट की। नागौर में बंद समर्थक नंगी तलवारें व लाठियां लेकर पहुंचे। शहर की सडक़ों पर पहली बार ऐसा मंजर देख, खौफ में आ गए शहरवासी। गलियों में घुसे बंद समर्थकों की छितराई भीड़ को काबू करने में पुलिस के पसीने छूट गए। नागौर में सुगनसिंह सर्कल पर युवक की बुरी तरह पिटाई कर घायल कर दिया, जिसे जेएलएन अस्पताल पहुंचाया गया। शहर के काठडिय़ों का चौक व दिल्ली दरवाजा में दुकानों के कांच तोड़ दिए व सामान बाहर फेंक दिया। ठेलों से सब्जियां बिखेर दी। इसके विरोध में दुकानदारों ने रास्ता जाम किया।
श्रीगंगानगर: तोडफ़ोड़, पथराव, दुकानदार से मारपीट श्रीगंगानगर और हनुमानगढ़ जिलों में कई जगह झड़पें हुई। श्रीगंगानगर जिले के श्रीकरणपुर कस्बे में बंद समर्थकों ने चार दुकानों में तोडफ़ोड़ की वहीं हनुमानगढ़ जिले के पीलीबंगा कस्बे में दुकानदार से मारपीट की। श्रीकरणपुर में कुछ देर पत्थरबाजी भी हुई हालांकि इसमें किसी के घायल होने का समाचार नहीं है।

श्रीगंगानगर जिला मुख्यालय पर तीन दुकानों में तोडफ़ोड़ हुई। दो-तीन जगह दुकानदारों से झड़प भी हुई। बंद समर्थकों के भय से दुकानदारों ने दुकानें नहीं खोली। श्रीगंगानगर जिले में सर्वाधिक तनाव की स्थिति श्रीकरणपुर कस्बे में रही। वहीं तोडफ़ोड़ करने वाले लोगों के विरोध में दूसरे पक्ष के लोगों ने दोपहर एक बजे थाने के सामने धरना शुरू कर दिया।
नीमकाथाना में धारा 144, जिलेभर में इंटरनेट बंद, एएसपी चोटिल बंद का असर शेखावाटी में दिनभर रहा। बंद के दौरान नीमकाथाना में पुलिस व बंद समर्थन आमने-सामने हो गए और पथराव हुआ। पथराव में एएसपी चोटिल हो गए। जिलेभर में हालत बिगड़ते देख जिला कलक्टर नरेश कुमार ठकराल ने सोमवार रात आठ बजे तक इंटरनेट सेवा बंद करा दी। बंद समर्थकों की गिरफ्तारी व लाठीचार्ज के विरोध में नीमकाथाना में बंद समर्थकों ने पांच वाहनों को जला दिया। इसके बाद नीमकाथाना के खेतड़ी मोड क्षेत्र में धारा 144 लगा दी गई। सीकर में बंद समर्थकों पर पुलिस ने हल्का बल प्रयोग किया। वहीं झुंझुनूं जिले के उदयपुरवाटी में बंद समर्थकों ने विधायक शुभकरण चौधरी के पोस्टर फाड दिए। चूरू जिले में बंद समर्थकों ने रैली निकालकर जुलूस निकाला। कई स्थानों पर व्यापारियों से झड़प भी हुई।

https://www.youtube.com/watch?v=1Ijbql3lQrg&t=1s

कांग्रेस ने सीपी जोशी को बिहार प्रभारी के पद से हटाया, बाकी राज्यों के प्रभार से भी हो सकते है मुक्त -उदयपुर पोस्ट ने एक माह पहले दीठी जानकारी

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उदयपुर पोस्ट। कांग्रेस संगठन में अभी फ़ेरबदल जारी है। हाल ही में संगठन में गहलोत को संगठन महासचिव बनाने के बड़े फेरबदल के बाद अब कांग्रेस ने एक और बड़ा फेरबदल कर दिया है। हाल ही में हुई घोषणा के बाद कांग्रेस ने सीपी जोशी को बिहार प्रभारी पद से हटा दिया है। सीपी जोशी के मामले में उदयपुर पोस्ट पिछले एक माह पहले अपनी खबर में बता चुका था की कांग्रेस के महाधिवेशन के बाद सीपी जोशी से राज्यों के प्रभार छीने जा सकते है।
आगामी चुनावों को लेकर कांग्रेस की राजनीति में रणनीति के साथ बड़ी घोषणाएं हो रही है। हाल ही में कांग्रेस ने राष्ट्रीय महासचिव सीपी जोशी को बिहार प्रभारी पद से हटा दिया है। कांग्रेस ने जोशी की जगह बिहार के नए प्रभारी के स्थान पर
शक्ति सिंह गोहिल को नया प्रभारी का भार दिया है। शक्ति सिंह गोहिल गुजरात के वरिष्ठ कांग्रेस नेता है। जिन्हें बिहार का नया प्रभारी का पद सौंपा गया है। गहलोत ने संगठन महासचिव के पद से ये पहला आदेश पास किया की सीपी जोशी से बिहार प्रभारी का पद ले लिया है।
बिहार प्रभारी के पद के बाद भी जोशी के पास अभी भी पश्चिमी बंगाल, असम सहित नॉर्थ इस्ट के कई राज्यों का प्रभार है। सूत्रों की माने तो ये भी कांग्रेस की रणनीति का ही एक हिस्सा है की अब हर राज्य में अलग अलग प्रभारी ही रहेंगे।
गौरतलब है की गहलोत को पिछले साल गुजरात विधानसभा चुनाव से पूर्व पार्टी महासचिव नियुक्त करते हुए प्रदेश का चुनाव प्रभारी का पद सौंपा गया था। गहलोत ने गुजरात चुनाव में पार्टी का अच्छा प्रदर्शन किया था और इसी चीज़ के चलते गहलोत को कांग्रेस संगठन महासचिव का नए पद की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी सौंपी गई है। गहलोत ने आज कांग्रेस संगठन महासचिव के पद के साथ-साथ प्रशिक्षण का प्रभार भी संभाला है। इससे पहले इस पद की जिम्मेदारी जनार्दन द्विवेदी की थी। गहलोत पहले महासचिव पद पर थे लेकिन अब उन्हें संगठन महासचिव का काम दिया है। इसी के साथ गुजरात का प्रभार लोकसभा सदस्य राजीव सातव को दे दिया गया है।

यह भी पढ़िए : – सीपी जोशी का पत्ता साफ़ 

https://www.youtube.com/watch?v=JNnxA1dFDHk&t=53s