राजस्थान का कड़वा सच – अपने ही लूट रहे है महिलाओं की अस्मत।

उदयपुर। राजस्थान में महिलाओं से होने वाले आंकड़ों पर एक नज़र डाली जाय तो शर्म से हर राजस्थानी का सर नीचा हो जाय। राष्ट्रीय अपराध रिकोर्ड ब्यूरो ने हाल ही में 2016 के आंकड़े जारी किये। और ये आंकड़े सच में चोंकाने वाले है। रिकोर्ड के अनुसार साल 2016 में 3656 महिलाओं से दुष्कर्म हुआ जिसमे सबसे चोंकाने वाली बात यह सामने आई कि 555 ऐसे मामले है जिसमे अपनों ने ही रिश्तों को तार तार करते हुए महिलाओं से दुष्कर्म किया। इन अपनों में निकट के रिश्तेदार ही शामिल है। आंकड़ों के मुताबिक इनमें दादा, पिता, भाई और बेटे तक के नाम शामिल हैं। एक चोकाने वाला पह्लु यह भी है की 18 फीसदी मामलों में बलात्कारी पडोसी रहा।

एनसीआरबी के आकंड़ों के मुताबिक देश में दुष्कर्म के कुल मामलों में राजस्थान का चौथा स्थान है। सबसे ज्यादा मामले मध्यप्रदेश (4882) में दर्ज किए गए। उत्तर प्रदेश में (4816) और महाराष्ट्र में (4189) मामले दर्ज किए है।
घटनाएं हो रही हैं उन्हें मनोविज्ञान में कौटोम्बिक व्यभिचार (इनसेस्ट) कहा जाता है। समाज में ऐसी घटनाओं के बढऩे का मुख्य कारण संस्कारों में कमी आना है और शराब और अन्य नशे की लत है। सामूहिक परिवारों के विघटन के चलते लोगों में नैतिकता की कमी हो रही है। जिसके चलते इस तरह की घटनाएं बढ़ रही हैं।
राजस्थान के पंकज कुमार सिंह एडीजी क्राइम कहते है कि परिवार के सदस्यों द्वारा महिला और बच्चियों के साथ यौन दुराचार के मामले बढ़े हैं। पहले तो ऐसे मामले घर से बाहर ही नहीं निकलते थे, लेकिन अब जागरूकता आई है, पीडि़त थाने पहुंचने लगे हैं। पुलिस भी ऐसे मामलों में संजीदगी से पेश आती है।
राजस्थान महिला आयोग की अध्यक्ष सुमन शर्मा का कहना है कि ये हमारे लिए चौंकाने वाला और आंखें खोलने वाला आंकड़ा है। समाज के सभी तबकों में ब’िचयां और महिलाएं घर में भी सुरक्षित नहीं है। पुलिस घर में नहीं हो सकती। हमने इसीलिए घरेलू महिलाओं की काउंसलिंग व्यवस्था शुरू की है। जिसके परिणाम जल्द ही आने लगेंगे।

सरकार और डॉक्टरों के बिच बेहाल है जनता

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उदयपुर। सेवारत चिकित्सकों की रस्म के बाद भी जारी हड़ताल के बिच पुलिस की गिरफ्तारी से बचने के लिए एक तरफ जिले भर के सेवारत चिकित्सक भूमिगत रहे वही. पुलिस मुखबिरों के जरिये उन्हें दिन भर जगह जगह तलाशती रही। इधर इनके समर्थन में रेजिडेंट डॉक्टरों की हड़ताल से महाराणा भूपाल चिकित्सालय की व्यवस्था भी चरमरा गयी। हालाँकि सीनियर और सेवारत चिकित्सकों ने व्यवस्था संभालने की पूरी कोशिश की है।
जिले भर में चिकित्सा विभाग का स्वस्थ लगभग पूरी तरह बिगड़ चुका है। जहाँ एक तरफ सेवारत चिकित्सक अपनी हटधर्मिता के चलते हड़ताल पर है और पुलिस से बचने के लिए इधर उधर छुपते फिर रहे है वही पुलिस की स्पेशल टीम इनकी गिरफ्तारी के लिए कई जगह दबिश दे रही है। बीती रात पुलिस की स्पेशल टीम ने उदयपुर से सीए सर्कल से अखिल राजस्थान सेवारत चिकित्सक संघ के प्रदेश उपाध्यक्ष डॉ. एसएल बामनिया और राजसमंद से डॉक्टर सुनील सोलंकी को गिरफ्तार किया है। उसके बाद से ही डॉक्टरों में और ज्यादा हलचल बढ़ गयी है। सेवारत डॉक्टरों के खिलाफ की गई कार्रवाई के विरोध में उदयपुर के एमबी चिकित्सालय के रेजिडेंट डॉक्टर भी सोमवार से अनिश्चितकालीन हड़ताल पर चले गए हैं। एमबी चिकित्सालय के 500 रेजिडेंट डॉक्टरों सहित 40 सीनियर रेजिडेंट और 20 स्पेशलिस्ट डॉक्टरों के हड़ताल पर जाने से हॉस्पिटल की व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई है। वहीं दूसरी और हड़ताल पर जाने के बाद सभी रेजिडेंट डॉक्टर भूमिगत हो गए हैं। हड़ताल के बाद एमबी हॉस्पिटल में सीनियर डॉक्टर मोर्चा संभाले हुए हैं। एम् भी हॉस्पिटल में पूरे संभाग के साथ – साथ मध्य प्रदेश के मंदसौर और नीमच के लोग भी इलाज कराने के लिए यहां पर आते हैं वहीं दूसरी और रेजिडेंट डॉक्टर्स अपनी मांग को लेकर पीछे हटने को तैयार नही हैं। सरकार द्वारा की गई कार्रवाई को वापस लेने सहित विभिन्न मांगों को पूरा करने के बाद ही रेजिडेंट डॉक्टर काम पर लौटने की बात कर रहे हैं। भूमिगत हुए डाक्टर्स का कहना है कि कि सरकार एक ओर डाक्टर्स से वार्ता कर समझौता लागू करने की बात करती है वहीं दूसरी ओर उस समझौते को नजर अंदाज कर डाक्टरों के तबादले सहित कार्यवाही के आदेश जारी करती है जो कि न्यायसंगत नहीं है।
डॉक्टरों की हड़ताल से। गिरफ्तारी से पूर्व राजस्थान सेवारत चिकित्सक संघ के प्रदेश उपाध्यक्ष डॉ. एसएल बामनिया ने कहा कि जिले के 900 से ज्यादा डॉक्टर सोमवार से भूमिगत रहेंगे। सरकार कितना भी तानाशाह रवैया अपना ले, हम पीछे हटने वाले नहीं हैं। सरकार 2011 में गिरफ्तारी कर चुकी है। हमने जमानत से लौटकर भी हड़ताल की। बस इस बार थोड़ा बचकर रहना होगा। इधर, जिले में पहली गिरफ्तारी होते ही अन्य डॉक्टर भी फोन स्विच ऑफ कर घरों से इधर-उधर हो गए।
सीएमएचओ डॉ. संजीव टांक ने बताया कि जिले के सभी 28 सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों पर निजी मेडिकल कॉलेजों के एक-एक चिकित्सक लगाए गए है । 74 आयुष डॉक्टरों को प्राथमिक और स्वास्थ्य केंद्रों पर तैनात किया गया है। जो डॉक्टर ड्यूटी नहीं देगा उसकी जानकारी जिला कलेक्टर को भी भेजी जाएगी।
दी राजस्थान मेडिकल कॉलेज टीचर्स एसोसिएशन के सचिव डॉ. राहुल जैन ने बताया कि एसोसिएशन के लगभग 150 सीनियर प्रोफेसर, प्रोफेसर, एसोसिएट प्रोफेसर और असिस्टेंट प्रोफेसर्स अस्पताल में सेवाएं देंगे। एसो. के करीब 100 डॉक्टर एमबी, 30-35 जनाना, 10 बाल चिकित्सालय और शेष अन्य अस्पतालों में इलाज करेंगे।

उदयपुर भाजपा ने गुजरात हिमाचल विजय पर्व मनाया .

उदयपुर.भारतीय जनता पार्टी शहर जिला उदयपुर ने गुजरात और हिमाचल विधानसभा में बहुमत प्राप्त कर चुनाव में जबरदस्त विजय हासिल करने पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए  सूरजपोल पर आतिशबाजी कर जश्न मनाया ।इस अवसर पर भाजपा जिलाध्यक्ष दिनेश भट्ट,उपाध्यक्ष कुंतीलाल जैन,महापौर चंद्रसिंह कोठारी उपमहापौर लोकेश दिवेदी पूर्व प्रदेश मंत्री प्रमोद सामर, पार्षद पारस सिंघवी,मन्दाकिनी धाबाई,गनपत सोनी,राजेश वैरागी,रामेश्वर भट्ट,सुरेश यादव,जगदीश मेनारिया, जिला मंत्री जिनेन्द्र शास्त्री, उदयपुर जिला सहकारी संघ का उपाध्यक्ष किरण कुमार नागौरी ओबीसी मोर्चा के प्रदेश उपाध्यक्ष जगदीश शर्मा महिला मोर्चा पर प्रदेश मंत्री अलका मुंदडा युवा मोर्चा प्रदेश उपाध्यक्ष गजपाल सिंह राठौड़ युवा मोर्चा जिला महामंत्री मोहन गुर्जर मण्डल अध्यक्ष नंदलाल वेद चंचल कुमार अग्रवाल ,देव नारायण धाबाई,शम्भू जैन,गिरीश शर्मा,अतुल चण्डालिया,दिनेश धाबाई,अमृत मेनारिया, पार्षद सत्यनारायण मोची ,प्रवीण मारवाड़ी रमेश चंदेल ,सुशील जैन,लव बागड़ी,दिनेश गुप्ता,  राधेश्याम अग्रवाल , मनोज मेघवाल, नवीन गांधी, प्रभु प्रजापति, रामजी वार्ष्णेय ,राव नरपतसिंह, रेवाशंकर माली, यशवंत पालीवाल ,नरेंद्र सिंह शेखावत अजीत सिंह खींची महिला मोर्चा जिला महामंत्री विजयलक्ष्मी कुमावत ,हेमलता जैन ,मनोरमा गुप्ता, ओमप्रकाश खोखावत , प्रकाशअग्रवाल, अल्पसंख्यक मोर्चा अध्यक्ष जाकिर हुसेन, घाटी वाला ,ईरशाद चेनवाला अमृत मेघवाल  ,उस्मान हेदर,सहित कई कार्यकर्ता उपस्थित थे ।इस अवसर पर जिलाध्यक्ष दिनेश भट्ट प्रमोद सामर चंद्रसिंह कोठारी, पारस सिंघवी,लौकेश द्विवेदी ने संबोधित किया।संचालन महामंत्री प्रेमसिंह शक्तावत ने व धन्यवाद चंचल अग्रवाल ने दिया।

Zinc – The Powerhouse of Electricity Poles

When India is looking ahead providing electricity in every village and progressively moving towards Smart Cities Project, Digital India and Make in India, the very basis of infrastructure, the power transmission, needs to be protected for many years…. And that is where Zinc will again prove to be a future metal.

When was the last time we saw a tall standing electrical pole and thanked him for providing electricity to our houses. Well, we all have grown seeing these poles and they do have memories of our childhood.  Little we knew that these poles are protected through hot-dip zinc galvanization and this is the reason they are standing tall from years after years, and have seen perhaps more age and weather conditions than us.

Since the advent of high voltage lines hot-dip galvanized steel has been used in the electric utility market.  Whether in a generation facility, substation, lattice tower, or renewable energy components, galvanized steel has been a backbone of any country.

According to the American Iron and Steel Institute, close to 1 million steel distribution poles have been installed in the United States since 1998 and are being used by more than 600 U.S. electric utilities. India might be having more poles but how many galvanised is still to be assessed.

Since zinc is anodic to steel, the hot-dip galvanizing also acts as a sacrificial anode if the galvanized coating is physically damaged to some degree. If individual areas of underlying steel become exposed, the surrounding zinc will provide sacrificial cathodic protection (CP) to the unprotected sites by corroding preferentially. The zinc is consumed as it sacrifices itself to protect the bare steel.

Generally speaking, galvanized steel can last for many years in non-aggressive environments, and typically does an excellent job of protecting steel when the structure is located in moderately corrosive environments.

It is also true that the galvanizing on structures will corrode over time. The rate that the

Pavan Kaushik

thickness of the zinc coating will diminish and the length of the remaining service life of the galvanizing—and the structure itself—are contingent on the active corrosivity of the environment. Several factors are associated with the corrosion rate of galvanized structures, such as the in-service atmospheric conditions to which the aboveground portion of the structure is exposed, and the soil environment where the structure’s foundation is buried.

When India is looking ahead providing electricity in every village and progressively moving towards Smart Cities Project, Digital India and Make in India, the very basis of infrastructure, the power transmission, needs to be protected for many years…. And that is where Zinc will again prove to be a future metal.

Hindustan Zinc is India’s only and world’s leading Zinc-Lead-Silver Producer..

Article by- Pavan Kaushik, Head – Corporate Communication, Hindustan Zinc

मोदी ने पार लगाई बीजेपी की नैया- गुजरात में एक बार फिर भाजपा, हिमाचल में भी खिलेगा कमल

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गुजरात चुनाव के नतीजे और कीर्तीश का कार्टून.

पोस्ट न्यूज़ . गुजरात और हिमाचल में विधान सभा चुनाव के नतीजे लगभग आचुके है दोनों विशंसभा में भाजपा का द्वाज लहराना तय है . प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने एक बार फिर भाजपा की कश्ती पार लगा दी है .

गुजरात में 182 सीटों पर गणना सुबह आठ बजे से शुरू हो गयी थी .

करीब 2.30 बजे तक भाजपा बहुमत से सिर्फ एक सीट की दूरी पर है .

भाजपा ने 91 विधानसभा जीत ली है और  9 विधानसभा की सीटों पर आगे चल रही है .

कांग्रेस 74 सीटें जीत चुकी है और 3 सीटों पर आगे चल रही है .

 गुजरात विधानसभा की 182 सीटों और हिमाचल की 68 विधानसभा सीटों पर वोटों की गिनती जारी हैैै. गुजरात और हिमाचल चुनावों में एक बार फिर पीएम नरेंद्र मोदी का मैजिक चला है. गुजरात में जहां एक बार फिर रुझानों में बीजेपी की सरकार बन रही है. वहीं हिमाचल में भी एक बार फिर से बीजेपी की सरकार बनती नजर आ रही है. बीजेपी ने दोनों ही विधानसभा चुनावों के रुझानों में बहुमत हासिल कर लिया है. गुजरात और हिमाचल विधानसभा चुनावों में मिली जीत पर गृहमंत्री राजनाथ सिंह ने कहा, राहुल गांधी को सिर मुड़ाते ही ओले पड़े. केंद्रीय मंत्री और बीजेपी नेता स्मृति ईरानी ने कहा, “यह हमारे लिए बहुत खुशी की बात है. यह विकास की जीत है.” उन्‍होंने कहा, “जो जीता, वही सिकंदर. यह प्रत्येक बूथ कार्यकर्ता की कड़ी मेहनत की जीत है, और उन लोगों की जीत है, जिन्हें विकास पर विश्वास था.”

 

राम कृपा शर्मा उदयपुर बार एसोसिएशन के नए अध्यक्ष बने।

उदयपुर। भाजपा के देहात महामंत्री रामकृपा शर्मा ने बार एसोसिएशन चुनाव में कडी टक्कर के बाद अपने निकटम प्रतिद्धंद्धी भरत कुमार वैष्णव को 273 वोटो से परास्त कर विजयी श्री हासिल की। चुनाव घोषणा के बाद कोर्ट से बोहरा गणेश मंदिर तक विजयी जुलूस निकाला गया जिसमें बडी संख्याॅ में बार के सदस्यों ने शिरकत की। इस अवसर पर भाजपा जिलाध्यक्ष दिनेश भटृ, पूर्व अध्यक्ष प्रवीण खण्डेलवाल, महेन्द्र नागदा, भरत जोशी, रोशन लाल जैन, नानालाल बया, कृष्णकांत कुमावत, जितेन्द्र जैन, ने शर्मा को माला पहना कर बधाई दी। दिन भर पुलिस का कडा जाब्ता लगा रहा।
विजयी श्री के बाद रामकृपा शर्मा की पत्नि ने उन्हे गुलदस्ता भेंट कर बधाई दी।
उपाध्यक्ष पद पर सत्येन्द्र सिंह सांखला ने अपने निकटम प्रतिद्वंद्वी गजेन्द्र नाहर को 134 मतों से हराया
महासचिव पद पर चेतनपुरी गोस्वामी ने अपने निकटतम प्रतिद्वंद्वी आशुतोष पुरी गोस्वामी को 65 मतों से परास्त किया।
सचिव पद पर पूर्व में ही ओम प्रकाश प्रतापत निर्विरोध निर्वाचित हुए
वित्त सचिव पर हरीश शर्मा ने मनीष खण्डेलवाल को 733 मतों से परास्त किया।
पुस्तकालय सचिव पद पर हेमंत पालीवाल ने सुश्री सैयद रिजवाना रिजवी को 649 मतों से परास्त किया।

आज महात्मा गांधी होते तो कांग्रेस की दशा देख माथा पीट लेते, कांग्रेस के नेताओं ने अपने कर्मों से ही अपनी पार्टी को खत्म कर डाला- कटारिया

राज्यसरकार के तीन दिन पहले पूरे हुए चार साल कार्यकाल को लेकर शनिवार को गांधी ग्राउंड में हुए जिला स्तरीय समारोह में मुख्य अतिथि गृहमंत्री गुलाबचंद कटारिया बोलने लगे तो पांडाल खाली-खाली थी। उन्होंने एक बार फिर कांग्रेस नेताओं को बहस की चुनौती दी और कहा : कांग्रेस अपने वोटरों के लिए योजनाएं बनाती थी, लेकिन भाजपा सबके हित के कार्यक्रम बनाकर लागू करती है। कांग्रेस का कोई भी नेता चाहे तो उनसे इस मुद्दे पर कहीं भी किसी भी समय बहस कर ले। कटारिया ने कहा, आज महात्मा गांधी होते तो कांग्रेस की दशा देख माथा पीट लेते। कांग्रेस के नेताओं ने अपने कर्मों से ही अपनी पार्टी को खत्म कर डाला। कटारिया ने मुख्यमंत्री रहे मोहनलाल सुखाड़िया को दूरदर्शी बताया और कहा, इस नेता ने 1965 में 2050 तक पानी की जरूरतों की योजना आज से 52 साल पहले और जरूरत के समय से 85 साल पहले बनवा दी थी। उन्होंने देवास के चारों चरणों का प्लान ऐसे उस दौर में बनवा दिया, जब इंजीनियरिंग आज की तरह विकसित नहीं थी।
स्वाइन फ्लू आईसीयू बनेगा : प्रभारीमंत्री रावत ने कहा कि एमबी अस्पताल में स्वाइन फ्लू आईसीयू बनाने के लिए 1 करोड़ और एचडी डायलिसिस मशीन के लिए 30 लाख रुपए दिए गए हैं। सांसद अर्जुन लाल मीणा, नगर निगम महापौर चंद्रसिंह कोठारी, नगर विकास प्रन्यास के अध्यक्ष रवींद्र श्रीमाली ने अपने काम गिनाए।
जिला कलेक्टर सहित जिलाप्रमुख शांतिलाल मेघवाल, ग्रामीण विधायक फूलसिंह मीणा, मावली विधायक दलीचंद डांगी, गोगुंदा विधायक प्रताप गमेती, खेरवाड़ा विधायक नानालाल अहारी, सलूंबर विधायक अमृतलाल मीणा ने अपने क्षेत्रों में मिले बजट और करवाए गए विकास कार्यों की विस्तार से जानकारी दी।

वल्लभनगरऔर झाड़ोल में भाजपा के विधायक नहीं होने से दोनों विधानसभा क्षेत्रों में हुए विकास कार्यों के बारे में क्षेत्रों की जनता वंचित रह गई। कुछ लोगों की शिकायत थी कि सरकारी कार्यक्रम होने के बावजूद इसका पूरी तरह भाजपाकरण किया गया था। गैर भाजपाई विधायकाेंं को आमंत्रित नहीं किया गया। यह गलत बात है। दोनों गैर भाजपायी विधायकों के स्थान पर एसडीएम, तहसीलदार या बीडीओ से विकास कामों की जानकारी नहीं दिलाई गई। जिला कलेक्टर बिष्णुचरण मल्लिक, एडीएम प्रशासन छोगाराम देवासी, नगर निगम कमिश्नर सिद्धार्थ सिहाग उपखंड अधिकारियों ने मंच पर बैठे मंत्रियों, सांसद विधायकों काे दुपट्टे पहनाकर उनका स्वागत किया।

चित्तौड़ तक जलापूर्ति की योजना

कटारियाने कहा कि हमारा अगला प्लान देवास 3-4 को पूरा करना है। सरकार की सोच है कि सिर्फ उदयपुर ही नहीं राजसमंद और चित्तौड़ जिलाें को भी पानी मिले। यह सोच तभी मूर्त रूप लेगी जब हम देवास का तीसरा और चाैथा चरण बना कर पूरा करेंगे।

अपनारिपोर्ट कार्ड रखा है

कटारियाने कहा कि आज का आयोजन कोई जश्न या मेला नहीं अपितु हमने अपने विकास कार्यों का रिपोर्ट कार्ड पारदर्शिता के साथ जनता के सामने रखा है। पारदर्शिता से रिपोर्ट पेश करना कांग्रेस का कल्चर नहीं है।

उदयपुर . आमसभा में छात्राओं को लेपटॉप बांटे।

कटारिया ने कहा, सुखाड़िया ने जिन स्थानों पर देवास के डेम बनाने और जिन जगहों पर ग्रेविटी से पानी लाने के लिए सुरंगें बनाने की परिकल्पना की, आज वहीं पर यह सब काम हुए हैं। सुखाड़िया की सोच और योजना काे उनकी पार्टी ने आगे नहीं बढ़ाया लेकिन हमारी सरकार ने उसे मूर्त रूप दिया। देवास 2 प्रोजेक्ट बनकर तैयार हैं। पिछले 10 साल में हमारी झीलें कभी भी खाली नहीं रहीं। शहर को पेयजल मिल रहा है और पर्यटन फल फूल रहा है।

नगर निगम ने विजय दिवस पर पूर्व सैनिकों, प्रतिभाओं को सम्मानित किया

नगरनिगम, शहीद स्मारक पर शनिवार को निगम की सांस्कृतिक एवं खेलकूद समिति ने विजय दिवस मनाया। गृहमंत्री गुलाबचंद कटारिया और मेयर चंद्रसिंह कोठारी ने कहा कि सैनिक हर विपरीत परिस्थितियों में भी सीमा पर डटे रहते हैं। समिति अध्यक्ष जगदीशचंद्र मेनारिया ने बताया कि इस मौके पर 10 भूतपूर्व सैनिकों को सम्मानित किया गया। इनमें सबसे वरिष्ठ सैनिक एनके सिंह थे। निगम के दीपावली मेले में प्रस्तुति देने वाली 75 प्रतिभाओं को भी सम्मानित किया गया। इस दौरान निगम आयुक्त सिद्धार्थ सिहाग, उपायुक्त भोजकुमार आदि मौजूद थे। वहीं अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद उदयपुर महानगर ने मोहनलाल सुखाडिय़ा यूनिवर्सिटी के मुख्यद्वार पर शौर्य दिवस धूम-धाम से मनाया। भारतमाता का चित्र बनाकर दीप जलाए। महानगर मंत्री सोहन डांगी ने बताया कि देश में नेशनल डिफेंस यूनिवर्सिटी की मांग की गई। चंद्रप्रकाश चित्तौड़ा की बनाई गई 16 पेज की सूक्ष्म पुस्तक का विमोचन किया गया। विभाग संगठन मंत्री पूरनसिंह, जयेश जोशी आदि मौजूद थे।

‘UNCHI UDAAN’ GIVE WINGS TO 56 SELECT RURAL & TRIBAL STUDENTS

With a focus on Education, this year Hindustan Zinc initiated ‘Unchi Udaan’ – an Educational Excellence Initiative in association with Resonance Eduventures Pvt. Ltd. and Vidya Bhawan, Udaipur. Built on the company’s Shiksha Sambal Program, the initiative aims at providing free coaching to select 56 rural & tribal students to appear and get through the IITs and other prestigious Engineering Colleges. These bright students with almost 50% of girls from lower earning families are getting free coaching under multi-year school integrated residential program. These children were selected through a rigorous two-stage selection process conducted across 6 districts – Udaipur, Bhilwara, Chittorgarh, Rajsamand & Ajmer from Rajasthan and Pantnagar from Uttrakhand.

The technical partner, Resonance Eduventures Pvt. Ltd is giving coaching to these students for IIT entrance exam and is also responsible for teaching Physics, Chemistry & Maths of 10th, 11th & 12th. For schooling, boarding & lodging facilities, HZL has partnered with Vidya Bhawan, Udaipur where select students got admitted as per regular course for class 10th RBSE and can avail the facilities like music, sports while getting groomed for overall personality development during the program.

Hindustan Zinc through its educational programs like Shiksha Sambal, Yashad Sumedha Scholarship program and other coaching programs to appear in Govt. Competitive Exams have always focussed on inclusive growth of students from rural background.

‘Unchi Udaan’ is one such initiative where young minds are motivated financially to come forward and secure their future.

Approximately 2 billion people still remain at the risk of Zinc deficiency

Zinc deficiency is a global health problem. In spite of proven benefits of adequate Zinc nutrition, approximately 2 billion people still remain at the risk of Zinc deficiency.

 Zinc is supplied to the body through a diversified diet including meats, nuts, eggs, spinach, fish, mushrooms etc. which are seen to be inaccessible to people in developing countries. Children are especially vulnerable to Zinc deficiency which weakens their immune system making them prone to diarrhoea and pneumonia which are most common causes of death in developing countries. Surprisingly, India contributes to the largest child deaths in the world.  Zinc deficiency also leads to retarded growth & development and stunting with life-long impacts on health, productivity and income.

 According to Food and Health Organization (FAO), one third of the world population lives in countries that have high risk of Zinc deficiency, India being one of them. The most vulnerable are infants, young children, pregnant and lactating women due to their elevated requirements for Zinc.

 Affordable approaches to eliminate Zinc deficiency exist and need to be implemented urgently. Zinc can be added to mineral pre-mixes used in fortification programs and preventive Zinc supplementation to be given to children of less than 5 years age in high risk countries. Exclusive breastfeeding during first six months to a child is an excellent source of Zinc. Also, by applying agricultural and food processing technologies, the amount of absorbable Zinc can be increased in staple foods.

 Point is we do understand that we need Zinc but how many of us actually demand it…

 Hindustan Zinc is India’s only and world’s leading Zinc-Lead-Silver Producer..

Article by- Pavan Kaushik, Head – Corporate Communication, Hindustan Zinc

Pavan Kaushik