आज शाम को फिर से बंद रहेगें पेट्रोल पम्प

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petrolऑल इण्डिया पेट्रोलियम डीलर्स एसोसिएशन के आह्वान पर बुधवार को एक बार फिर देश भर के पेट्रोल पंप पर पंद्रह मिनट के लिए ब्लैक आउट रहेगा। शाम 7 से लेकर 7.15 बजे तक पेट्रोल पंप अपनी लाइटें बंद करके पेट्रोल-डीजल की आपूर्ति बंद कर देंगे। इस दौरान ग्राहकों को पेट्रोल-डीजल उपलब्ध नहीं हो पाएगा।

राजस्थान पेट्रोलियम डीलर्स एसोसिएशन के जिलाध्यक्ष गोपालसिंह और सचिव जितेंद्र ने बताया कि पेट्रोलियम कम्पनियों को एसोसिएशन की ओर से पांच सूत्रीय मांग पत्र सौंपा गया था, लेकिन उस पर आशानुरुप कार्यवाही नहीं होने से डीलर्स में रोष है। इससे पहले 19 अक्टूबर को भी पेट्रोल पंपों पर पंद्रह मिनट का ब्लैकआउट किया गया था। अगर सरकार तब भी नहीं चेतती है तो 3 नवम्बर को पेट्रोलियम कम्पनियों से कोई भी पेट्रोल-डीजल की खरीद नहीं करेगा। इसके बाद 15 नवम्बर को न तो पेट्रोल-डीजल खरीदा जाएगा और ना ही ग्राहकों को दिया जाएगा, यानि पूर्ण हड़ताल रहेगी।

मुंबई दुनिया का 14th सबसे अमीर शहर – 45,000 करोडपति रहते है यहां .

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मुंबई.देश की आर्थिक राजधानी मुंबई देश का सबसे अमीर शहर है जबकि दुनिया में यह 14वां अमीर शहर है। मुंबई के लोगों के पास कुल 55 लाख करोड़ रुपए की प्रॉपर्टी है। यहां 45,000 करोड़पति और 28 अरबपति रहते हैं। इसके बाद देश में दिल्ली दूसरा और बेंगलुरु तीसरा अमीर शहर है।
 न्यू वर्ल्ड वेल्थ की रिपोर्ट के मुताबिक कुल प्रॉपर्टी से मतलब लोगों की निजी प्रॉपर्टी से है। इसमें उनकी सभी प्रॉपर्टी (प्रॉपर्टी, नकद, इक्विटी, बिजनेस) शामिल हैं। इसमें से बकाए को घटाया है और सरकारी फंड अलग रखा गया है।
 इसके मुताबिक अगले 10 साल में भारत को रियल एस्टेट, फाइनेशियल सर्विस, आईटी, हेल्थ, मीडिया क्षेत्र में मजबूत बढ़ोतरी से फायदा हो सकता है।
 देश में कुल 2.64 लाख करोड़पति और 95 अरबपति हैं। देश में जून 2016 तक कुल प्रॉपर्टी 374.58 लाख करोड़ रुपए आंकी गई है।
कोलकाता में बेंगलुरु और हैदराबाद की तुलना में ज्यादा करोड़पति और अरबपति लोग हैं। लेकिन कुल प्रॉपर्टी के मामले में वह इन दोनों शहरों से पीछे है।
 दुनिया के टॉप-15 अमीर शहरों में बीजिंग, शंघाई, मुंबई, सिडनी के लोगों की प्रॉपर्टी 10 साल में सबसे तेजी से बढ़ी है।
– यह भी कहा गया है कि इन सभी शहरों में से अगले 10 साल में सबसे ज्यादा ग्रोथ मुंंबई में देखने को मिलेगी।

खुले पिंजरे में आगया सफ़ेद टाइगर – पर्यटकों की भीड़ बायलोजिकल पार्क में

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उदयपुर। उदयपुर के बायलॉजीकल पार्क आने वाले पर्यटकों को शुक्रवार को नई सौगात मिली। पर्यटकों के आकर्षण के लिये बॉयलोजीकल पार्क लाये गये सफेद बाघ रामा को आज डीस्प्ले एरिया में छोडा गया। सफेद बाघ को देखने के लिये बडी तादाद में पर्यटक भी बॉयलोजीकल पार्क पहुंचे। रामा पर्यटकों व शहरवासियों के लिए विशेष आकर्षण का केन्द्र हो गया है। बाघ ने अपना क्वेरेंन्टाइन पीरियड समाप्त कर लिया है और बाघ स्वस्थ है।
उदयपुर का सज्जनगढ बॉयलोजीकल पार्क चिंकारे और टाईगर की मौत के बाद कई बार विवादों में रह चुका हैं। लेकिन आज इस पार्क में खुशियों की सौगात आई। बॉयलोजीकल पार्क में चेन्नई के जू से लाया गया व्हाईट टाईगर रामा को आज पर्यटकों के देखने के लिये खोला गया। करीब इक्कीस दिन पहले रामा को चेन्नई से उदयपुर लाया गया लेकिन वन विभाग के नियमों के तहत क्वेरेंटाईन पिरियड के बाद आज उसे एन्क्लोजर में छोडा गया। सुबह मुहर्त के चलते ठीक 10.15 पर टाईगर के पिंजरे को खोल उसे एन्क्लोजर की ओर भेजा। इस दौरान उदयपुर वन विभाग के मुख्य वन अधिकारी राहुल भटनागर, डीएफओ टी मोहन राज मौजुद रहे। व्हाईट टाईगर रामा जैसे ही बाहर निकला उसे अपने समीप के एन्क्लोजर में मौजुद टी24 टाईगर उस्ताद की गंध ने अपनी ओर खिंच लिया। रामा करीब एक से डेढ घंटे तक टी 24 के एन्क्लोजर के आस पास ही घुमता रहा उस दौरान टी 24 भी रामा के एन्क्लोजर के पास मौजुद रहा। दोनो मेल टाईगर के एन्क्लोजर आस पास होने के चलते वन विभाग के अधिकारी चिंतित भी थे और उन्होंने इसके बचाव के लिये दोनो एन्क्लोजर के बिच टीन शेड लगवा दिये ताकि एक दुसरे को ना देख सके। वन विभाग के अधिकारियों की माने तो दोनो मेल टाईगर आक्रामक हैं और वे लडने को तेयार हैं इसके लिये पुख्ता इंतेजामात किये गये हैं कि वे एक दुसरे का सामना ना करे।
लेकिन रामा बाघ के डिस्प्ले एरिया में आने के बाद करीब डेढ घंटे वो टी 24 के एन्क्लोजर के पास घुमा रहा। एन्क्लोजर के एक ओर टी24 चक्कर लगा रहा था तो दुसरी ओर उसकी गंध पाकर रामा भी उससे दुर नहीं जा रहा था। रामा का केयर टेकर रामसिंह लगातार रामा की गतिविधियों पर नजर बनाये रखे था और वो उसे टी 24 के एन्क्लोजर से दुर करने की कोशिश करने में लगा रहा। इस दौरान करीब डेढ घंटे बाद रामा पर्यटको के समीप जा पहुंचा। रामा का बचपन चेन्नई जू में बिता हैं ऐसे में वो सिर्फ तमिल भाषा भी समझता हैं। रामा के साथ फेमिलियर होने के लिये स्थानीय केयरटेकर रामसिंह ने भी तमिल भाषा के कुछ शब्द सिखे और रामा से नजदीकियॉं बढाई है। रामा को उदयपुर छोडने के लिये चेन्नई जू से उसका केयर टेकर चौल्लाईया उदयपुर आया था रामसिंह को तमिल भाषा के वे शब्द जो रामा समझता हे सिखा कर गया।
पर्यटकों में उत्साह रू
रामा के डीस्प्ले एरिया में छोडे जाने की जानकारी जैसे ही पर्यटकों को मिली तो बॉयलोजीकल पार्क में पर्यटकों की संख्या भी बढने लगी। रामा को सबसे पहले सिली गुड़ी से आये पर्यटकों ने देखा। इस दौरान पर्यटकों में सफेद बाघ को लेकर काफी उत्सुकता देखने को मिली। पर्यटकों ने रामा के साथ सेल्फी भी क्लिक की। पहली बार सफेद बाघ देखने वाले पर्यटकों की खुशी उनके चेहरे से साफ झलक रही थी। रामा को पास से देखने की मंशा लेकर बॉयलोजीकल पार्क आने वाले पर्यटकों ने काफी नजदीक से उसे निहारा। रामा के पर्यटकों के बीच आने के बाद अब वन विभाग के अधिकारी भी खासे खुश थे। अधिकारियों का मानना कि यह बाघ उदयपुर के इस बॉयलोजीकल पार्क की शोभा तो बढायेगा ही साथ ही उदयपुर में पर्यटकों की संख्या में इजाफा करने में भी सहयोगी होगा।

गीतांजली में दाड़ी देख मरीज के साथ भेदभाव बिना ऑपरेशन के थमा दिया डिस्चार्ज टिकिट

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मरीज अख्तर राही

उदयपुर। मेडिकल जैसे पवित्र पेशे में भी मजहब के हिसाब से भेदभाव करने की बात विचित्र लगाती है, लेकिन उदयपुर निवासी एक मरीज ने गीतांजली अस्पताल के कर्मचारियों पर यह गंभीर आरोप लगाया है। मरीज ने आरोप लगाया कि अस्पताल में ऑपरेशन के लिए दिन भर भूख प्यासा रखा जांचे करवाई लेकिन वार्ड में तैनात कर्मचारियों ने शाम तक उसका ऑपरेशन में नंबर नहीं लिया मरीज का आरोप है कि उसकी दाड़ी और धर्म के लिहाज से उसके साथ भेदभाव बरता गया और आखिर बिना ऑपरेशन किये उसकी छुट्टी कर दी दर्द से तड़पता हुआ वह अपने परिजन के साथ दूसरे अस्पताल में इलाज के लिए गया। हालाकिं अस्पताल प्रशासन ने इस तरह की घटना से इनकार किया है, और अगर किसी को इस तरह की शिकायत भी है तो उसकी हर तरह से जांच की जाएगी कि मरीज का ऑपरेशन क्यों नहीं हुआ।
जानकारी के अनुसार शहर के सबसे बड़े निजी अस्पताल गीतांजलि में उदयपुर निवासी अख्तर राही पेट में तेज दर्द के चलते जांच के लिए गया जहाँ डॉक्टरों ने अख्तर के 18 एम्एम् की पथरी किडनी में होना बताया और जल्दी ऑपरेशन करने कि सलाह दी। अस्पताल में ऑपरेशन का खर्च तीस हज़ार रुपया बताया। मरीज के परिजन ऑपरेशन के लिए तैयारहो गए और 17 अक्टूबर को ऑपरेशन होना तय हुआ। ऑपरेशन के पहले जितनी भी जांचे होनी थी पहले ही करवा ली गयी थी, जिसमे अख्तर को ऑपरेशन के उपयुक्त पाया गया। 17 अक्टूबर को पथरी के होने वाले ऑपरेशन की लिस्ट में सबसे पहला नाम अख्तर राही का था। अख्तर ने आरोप लगाया कि ऑपरेशन वाले दिन जब वह वार्ड में भर्ती किया गया तो वार्ड में तैनात नर्सिंग कर्मी और वार्ड इंचार्ज का रवैया सुबह से ही उसके साथ खराब था। वे लोग उसकी दाड़ी और मुस्लिम होने की वजह से ना तो ढंग से बात कर रहे ना ही किसी बात का जवाब दे रहे थे। अख्तर ने बताया कि जब उसका नाम लिस्ट में पहले नंबर था इसके बावजूद भी उन्होंने उसको कह दिया कि आज तुम्हारा ऑपरेशन नहीं होगा। डॉक्टरों को शिकायत की तो उन्होंने भी उसकी बात को ध्यान नहीं दिया। यही नहीं शाम को पांच बजे तक आखरी ऑपरेशन तक अख्तर राही दर्द में कराहते हुए इंतज़ार करता रहा अपने ऑपरेशन का लेकिन उसका नंबर नहीं लिया। शाम को जब अख्तर और उसके परिजनों ने इस बात का विरोध किया तो गीतांजलि के जिम्मेदार लोगों ने बेरुखा रवैया अपनाते हुए उनके हाथ में डिस्चार्ज टिकिट पकड़ा दिया और कह दिया कि जाओ कही और करवा लो ऑपरेशन यहां पर नहीं होगा। डॉक्टरी जैसे पवित्र पेशे में भी गीतांजलि जैसे अस्पताल में इस तरह के नफरत फैलाने वाले कर्मचारी नर्सिंग कर्मी भरे हुए है अस्पताल प्रशासन ने भी बजाय उनके खिलाफ कुछ कारवाई करे तडपते मरीज को डिस्चार्ज टिकिट थमा दिया। मरीज के परिजन हालाँकि तुरंत उसको अन्य अस्पताल में लेगये और ऑपरेशन करवाया । गौर तलब है कि गीतांजलि मेडिकल कोलेज के इस अस्पताल में सिर्फ उदयपुर ही नहीं संभाग भर से सभी मरीज आते है और मरीज किसी धर्म का नहीं होता वो सिर्फ मरीज होता है और उसका सबसे बड़ा धर्म उसका दर्द होता है ऐसे में एक मरीज का मजहब और उसकी दाड़ी से सोतेला रवैया चिंता जनक है।
हालाँकि गीतांजलि अस्पताल के पीआरओ चंचलेश भट्ट ने कहा की गीतांजली अस्पताल में ऐसी घटना होना संभव नहीं है। क्यों की यहाँ पर अफगानिस्तान तक से लोग इलाज करवाने आते है और यहाँ पर धर्म को लेकर कोई भेदभाव नहीं किया जाता है। चंचलेश ने कहा कि अगर ऐसी कोई भी घटना हुई है तो इनकी जांच करवाई जाएगी और अगर कोई दोषी हुआ तो उसके खिलाफ कार्रवाई भी की जाएगी।

राजस्थान में 15 मिनट की पेट्रोल पम्प की हड़ताल – 15 मिनट का रहेगा ब्लेक आउट

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petrol-priceउदयपुर . पेट्रोल पम्प संचालकों की मांगों को लेकर पेट्रोल पम्पों पर बुधवार शाम 7 से 7.15 बजे तक ‘ब्लैक-आउट’ रहेगा। इस दौरान पेट्रोल की बिक्री नहीं होगी। इमरजेंसी वाहनों को छूट रहेगी। ऑल इंडिया पेट्रोलियम डीलर एसोसिएशन डीलर कमीशन की गणना में बदलाव समेत पांच सूत्री मांगों को लेकर आंदोलन कर रही है। ‘ब्लैक-आउट’ के दौरान पम्प की लाइटें बन्द रखकर विरोध जताया जाएगा।

राजस्थान के 3000 से अधिक पेट्रोल पम्पों पर हड़ताल का असर रहेगा। राजस्थान पेट्रोलियम डीलर एसोसिएशन के अध्यक्ष सुनीत बगई ने बताया कि ‘ब्लैक-आउट’ के लिए सभी पम्प संचालकों से सम्पर्क किया जा चुका है। ब्लैक आउट के दौरान आपातकालीन वाहन जैसे दमकल, एम्बुलेंस आदि को जरूरत पडऩे पर आपूर्ति की जाएगी। उन्होंने सरकार स्तर पर सुनवाई नहीं होने पर 15 नवम्बर को पेट्रोल पम्पों पर कामकाज बन्द करने की चेतावनी दी है।

19 व 26 नवम्बर : पम्पों पर शाम 7 से 7.15 बजे तक ब्लैक -आउट ।

3 नवम्बर : पेट्रोल पम्प के लिए डिपो से माल नहीं उठाया जाएगा।

15 नवम्बर : सभी पम्प पर खरीद-बिक्री पूरी तरह बन्द। डीलर हड़ताल पर रहेंगे।

अनुराधा पोड़वाल, कुमार शानू सजाएंगे सुरों की शाम, दशहरा-दीपावली मेला 21 से

 

diwali-melaउदयपुर. नगर निगम की ओर से दशहरा-दीपावली मेला इस बार 21 अक्टूबर से शुरू हो जाएगा। मेले के दो दिन स्थानीय प्रतिभाओं के नाम रहेंगे। इसके बाद अनुराधा पोड़वाल, कुमार शानू, प्रिंस ग्रुप जैसे बाहरी कलाकारों के नाम अलग-अलग नाइट रहेगी। मेले में सुरक्षा के व्यापक बंदोबस्त रहेंगे।

16 सालों से नगर निगम ओर से आयोजित किया जाने वाला दशहरा-दीपावली मेला इस बार 21 अक्टूबर से 30 अक्टूबर तक चलेगा। मेले में 21 से 27 अक्टूबर तक सांस्कृतिक कार्यक्रम होंगे। मेले को सफल बनाने के लिए निगम ने 18 समितियों का गठन किया है।  महापौर चंद्रसिंह कोठारी ने बताया कि मेले मे शहरवासियों को स्वच्छ और स्वस्थ मनोरंजन मिले इस बात का ध्यान रखा गया है।

इस बार 21 और 22 को स्थानीय प्रतिभाएं अपना जलवा दिखाएंगी। 23 को भजन और गजल गायक अनुराधा पोड़वाल नाइट होगी। 24 अक्टूबर को कुमार शानु के नाम सिंगर नाइट होगी, 25 को लाफ्टर नाइट रखी गई है जिमसें राजीव ठाकुर, अमित सिसोदिया और उनकी टीम गुदगुदाएगी। 26 अक्टूबर को प्रिंस गु्रप नाइट होगी। 27 को कवि सम्मेलन रखा गया है जिसमें संतोष आनंद, जगदीश सोलंकी, सुरेश अलबेला,डॉ राहत इंदौरी, जॉली वेरागी आदि कवि शहरवासियंो का मनोरंजन करेगे।

महापौर ने बताया कि इस बार शहरवासियों के लिए मेला स्थल पर आने जाने के लिए निगम द्वारा सिटी बसों का संचालन किया जाएगा जिससे वह देर रात तक अपने घर आराम से पहुंच सके। यही नहीं मेले में लगने वाले फूड कोर्ट में कहीं घटिया घी तेल और मसालों से बने प्रोडक्ट नहीं बिके इसकी जांच होगी।

भारतीय पत्नियां खूब ठुकाई करती है अपने पतियों की – यूएन के सर्वे में हुआ चौंकाने वाला खुलासा

 

l_husband-and-wife-1476842531नई दिल्ली। देश में घरेलू हिंसा में पतियों के जुल्म की दास्तां तो खूब सूर्खियां बनती हैं। वहीं यूएन के अध्ययन में पतियों पर हुए घरेलू हिंसा के चौंकाने वाला खुलासा हुआ है। अध्ययन में कहा गया है कि इजिप्ट में घरेलू हिंसा के तहत सबसे ज्यादा पति पीटे जाते हैं। श्रेणी में दूसरे नंबर पर यूनाइटेड किंगडम और भारत तीसरे नंबर पर है।

 यूएन का यह अध्ययन सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। अध्ययन से पता चला है कि पतियों को मारने के लिए पत्नियां बेलन, बेल्ट, जूते व किचन के अन्य सामानों का इस्तेमाल करती हैं।
 ट्विटर पर एक यूजर ने लिखा कि इसके पीछ कड़वा सच है कि समाज पुरुषों के साथ होने वाले जुल्मों के प्रति उदासीन रहता है, आवाज नहीं उठाता। वहीं दूसरे ने लिखा देश में पुरुषों को इस तरह के जुल्म से बचाने के लिए संरक्षित करने की जरूरत है, क्योंकि महिलाओं के प्रति पहले से ही काफी सहानुभूति है।

बेणेश्वरधाम पर भागवत कथा में 50 हजार भक्तों ने लिया भाग

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उदयपुर . उदयपुरमार्ग पर रविवार को बेणेश्वरधाम पर राष्ट्रसंत रमेशभाई ओझा की भागवत कथा से पहले कलशयात्रा निकाली गई, इसमें 8100 श्रद्धालु कलश ले रखे थे। इस धार्मिक आयोजन में वागड़ मेवाड़ सहित राजस्थान, गुजरात और मध्यप्रदेश के 50 हजार से अधिक श्रद्धालुओं ने भाग लिया। कथा के पहले गृहमंत्री गुलाबचंद कटारिया, सांसद मानशंकर निनामा, बागीदौरा विधायक महेंद्रजीतसिंह सहित डूंगरपुर, उदयपुर, गुजरात एमपी के जनप्रतिनिधियों ने भाग लिया।

न्यायिक कर्मचारी फिर कर सकते है आन्दोलन – ठप्प हो सकता है न्यायिक काम काज

41_1476668830उदयपुर. प्रदेशभर के न्यायिक कर्मचारियों को शेट्टी कमीशन की सिफारिशें लागू होने का इंतजार है। शेट्टी कमीशन एवं न्यायिक कर्मचारियों की समस्याओं के निराकरण को लेकर रविवार को राजस्थान न्यायिक कर्मचारी संघ का प्रांतीय सम्मेलन जिला न्यायालय परिसर उदयपुर में हुआ। सुप्रीम कोर्ट के आदेशानुसार कमीशन की अनुशंसाओं को लागू नहीं करने पर प्रदेश के सभी न्यायिक कर्मचारियों ने 3 नवम्बर को सामूहिक अवकाश पर रहने का निर्णय लिया है।
 सम्मेलन में संघ के प्रदेशाध्यक्ष नत्थूसिंह तंवर ने कर्मचारियों को संगठन की ताकत बताया। संघ के प्रवक्ता योगेश महर्षि ने कहा कि शेट्टी कमीशन की सिफारिशें यदि शीघ्र लागू नहीं की गई तो आंदोलन किया जाएगा। प्रदेश महामंत्री बद्रीलाल चौधरी ने कर्मचारियों को अपना मनोबल एवं आत्मबल बनाए रखने की सलाह दी। संघ के प्रदेश सभाध्यक्ष नवरतनमल टांक ने संघ द्वारा शेट्टी कमीशन की क्रियान्विति के संबंध में किए जा रहे प्रयासों एवं उपलब्धियों की जानकारी दी।
 संघ के उदयपुर जिलाध्यक्ष भंवरलाल मारू ने बताया कि मुख्य न्यायाधिपति के नाम ज्ञापन तैयार कर भिजवाया गया। सम्मेलन में शेट्टी कमीशन की सिफारिशों के अतिरिक्त चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों से न्यायिक अधिकारियों के घर पर बेगारी लिए जाने, नए कर्मचारियों की भर्ती करने, प्रतिदिन के कार्य की सीमा तय करने एवं हाईकोर्ट प्रशासन द्वारा एक ही तरह की सूचनाएं बार-बार मांगने जैसी समस्याओं पर चर्चा की गई।
क्या है शेट्टी कमीशन
प्रदेशभर के न्यायिक कर्मचारियों ने कार्यभार ज्यादा होने के चलते अपना वेतनमान ज्यादा करने की मांग की थी। इसके लिए शेट्टी कमीशन का गठन किया गया। जिसमें न्यायिक कर्मचारियों व अधिकारियों का वेतनमान अन्य सरकारी कर्मचारियों व अधिकारियों के वेतनमान से अधिक करने की सिफारिश की गई। सरकार ने सिफारिशें मानने का निर्णय लिया।

100 रूपये में बिकता है जिस्म – अपने ही लगाते है यहाँ बोलियाँ

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उदयपुर . वैसे तो जिस्मफरोशी का व्यापार सदियों पुराना है। जो सिर्फ भारत में नहीं बल्कि दुनिया के अधिकतर देशों में फैला है। इसके बावजूद आज भी इस व्यापार को समाज में घृणित निगाह से ही देखा जाता है। लेकिन मध्य प्रदेश के नीमच, मंदसौर, रतलाम व कुछ अन्य इलाकों में एक समुदाय के लोग इस व्यापार को गलत नहीं मानते हैं। बल्कि  इन लोगों की मुख्य आय का साधन ही जिस्मफरोशी है। जिसमें ये अपने ही परिवार की महिलाओं को लिप्त करते हैं।

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बाछड़ा समुदाय के अधिकतर लोग मंदसौर-नीमच में बस्तियों के रूप में रहते हैं। इसके अलावा रतलाम के भी कुछ हिस्सों में भी इस समुदाय के लोगों का निवास है। ये लोग पिछले कई वर्षों से इस व्यापार में लिप्त हैं और देह व्यापार को परंपरा मानते हैं। इतना ही नहीं समुदाय के पुरुष ही महिलाओं को जिस्मफरोशी के लिए दबाव डालते है। ताकि उसकी कमाई से परिवार के अन्य लोगों का भरण- पोषण हो सके या यूं कहे कि जिस्मफरोशी के धंधे से ही इस समुदाय के लोगों का जीवन निर्वहन होता है।

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50 से 200 रुपए के लिए धंधे में लिप्त समुदाय की महिलाओं को इसके लिए बचपन से ही तैयार किया जाता है। बालिका के वयस्क होने पर उसके पिता और भाई महिला का सौदा करते हैं। और यह समुदाय के लोगों के लिए आम बात है। बेटियों से देहव्यापार कराने के कारण बेटी के जन्म होने पर समुदाय के लोग खुशियां मनाते हैं। यहां तक की यदि समुदाय को कोई युवक समाज की किसी लड़की से शादी करना चाहता है तो युवक को बड़ी रकम लड़की के घरवालों को देनी पड़ती है। जिसका निर्णय समाज के लोग बैठक के माध्यम से करते हैं। ये महिलाएं ग्राहकों को तरह-तरह से आकर्षित करती हैं। साथ ही यहां से गुजरने वाली सड़कों में इन्हें खुलेआम देखा जा सकता है। यहां तक की समाज की महिलाएं भी जिस्मफरोशी को परंपरा के रूप में ही देखती हैं। इस समुदाय के लोगों को समाज की सामान्य धारा में लाने के लिए स्थानीय प्रशासन व सरकार की ओर से निरंतर प्रयास किए जाते रहे हैं। लेकिन समुदाय के लोगों में कोई खास सुधार नहीं हुआ।

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