तोडफ़ोड़ में ५० जनों को जेल भेजा
भीलवाड़ा। कल दोपहर बाद एक युवक की हत्या के बाद बिगड़े हालात अब सामान्य हो गए हैं। हत्या के आरोपी तीन युवकों को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है, जबकि तोडफोड़ और आगजनी के ५० आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायालय आदेश से जेल भेज दिया गया है।
यहां सोमवार दोपहर बाद साबुन मार्ग पर समुदाय विशेष के युवकों ने विजय खोईवाल नामक युवक की हत्या कर दी। बीच-बचाव में आए विशाल के हाथ पर भी चाकू का वार लगा। इस घटना के बाद दोनों समुदाय के लोगों में पथराव हुआ, जिनकों काबू करने के दौरान तीन पुलिस कर्मी भी घायल हो गए। एक रोगी वाहन को भी फूंक दिया गया। घटना से गुस्साए लोगों ने महात्मा गांधी अस्पताल में पथराव व तोडफ़ोड़ करके एक एम्बुलेंस को आग लगा दी। शहर के कई हिस्सों में पथराव की घटनाएं हुईं। अंतिम संस्कार के दौरान भी मोक्षधाम के बाहर भी दोनों समुदायों के बीच पथराव की घटना हुई, जिसे पुलिस ने आंसू गैस के गोले दाग कर काबू में करने की कोशिश की। पुलिस ने ने विजय की हत्या के आरोप में साहिल, सिकंदर सहित तीन युवकों को गिरफ्तार किया है, जबकि तोडफ़ोड़ और आगजनी की घटना में ५० जनों को गिरफ्तार करके न्यायालय आदेश से जेल भेज दिया। हमीरगढ़ में भी कुछ स्थानों पर हालात तनावपूर्ण बने हुए है। मौके पर जाब्ता तैनात है।
यह था मामला: सूत्रों के अनुसार विजय खोईवाल, विशाल खोईवाल व मनोज सोमवार को होली खेलकर बाइक से घर लौट रहे थे, तभी रास्ते में इनका विवाद बाइक पर आए मोहसिन, शाहरूख व बबलू से हो गया। इसी बीच किसी ने विजय के पेट में चाकू घोंप दिया। विशाल के हाथ पर भी चोट आई। वारदात के बाद विजय के दोस्त व हमलावर वहां से भाग गए। क्षेत्रवासियों ने विजय को अस्पताल में भर्ती कराया, जहां उसकी मौत हो गई।
वर्जन…
जिले में सामान्य माहौल है। हत्या के आरोप में तीन युवकों को गिरफ्तार किया गया है। तोडफ़ोड़ और आगजनी के मामले में ५० जनों को गिरफ्तार कर न्यायालय आदेश से जेल भेज दिया गया है।
-एचजी राघवेंद्र सुहासा, एसपी भीलवाड़ा
भीलवाड़ा में हालात सामान्य हत्या के तीन आरोपी गिरफ्तार,
साधना फैक्ट्री के समीप झाडिय़ों में लगी आग बुझाई

उदयपुर। देबारी में साधना फैक्ट्री के समीप झाडिय़ों में आग लग गई, जिसकी सूचना के बाद नगर निगम की तीन दमकल मौके पर पहुंची और आग को बुझाया। गैराज अधीक्षक बाबूलाल ने बताया कि दिन में 12 बजे के लगभग देबारी में शांतिलाल चपलोत की फैक्ट्री के पास आग लगने की सूचना मिली, जिस पर तुरंत मौके पर दो दमकल रवाना कर दी और बाद में एक और दमकल रवाना की। तीनों दमकल ने आग पर काबू पा लिया।
मोदी से भिडऩे के मंसूबे के साथ वाराणसी पहुंचे केजरीवाल

वाराणसी। बीजेपी के प्रधानमंत्री पद के उम्मीदवार नरेंद्र मोदी के खिलाफ ताल ठोकने के मंसूबों के साथ अरविंद केजरीवाल वाराणसी पहुंच चुके हैं। यह तय माना जा रहा है कि दोपहर तीन बजे बेनियाबाग की जनसभा में केजरीवाल, मोदी के खिलाफ चुनाव मैदान में ताल ठोकने का औपचारिक ऐलान कर देंगे। हालांकि, केजरीवाल ने दोहराया है कि वाराणसी की जनता से राय लेने के बाद ही वह चुनाव लडऩे का फैसला करेंगे।
दिल्ली से शिवगंगा एक्सप्रेस से वाराणसी पहुंचने के बाद उन्होंने गंगा में स्नान किया। इसके बाद केजरीवाल कालभैरव मंदिर में दर्शन करने पहुंचे। उनका कार्यक्रम संकटमोचन मंदिर और काशी विश्वनाथ मंदिर दर्शन के लिए जाने का भी है। मंदिरों में दर्शन के बाद चौक से बेनियाबाग तक रोड शो करेंगे और उसके बाद बेनियाबाग में केजरीवाल की जनसभा होगी।
जानकारी के मुताबिक, जनसभा में केजरीवाल अपनी उम्मीदवारी का अनुमोदन तो कराएंगे ही, नरेंद्र मोदी पर जोरदार हमले भी बोलेंगे और उनके विकास के दावों को झूठा साबित करने की कोशिश करेंगे। इसके लिए चार पेज की चि_ी भी बांटी जाएगी। इस चि_ी में कहा जाएगा कि बनारस में कई साल से सांसद, विधायक, नगर निगम के ज्यादातर पार्षद और मेयर बीजेपी के ही हैं। इसके बावजूद सारा शहर बदहाल है।
यहां पार्टी गंगा की सफाई और बुनकरों की समस्याओं को चुनावी मुद्दा बनाएगी। पार्टी के राष्ट्रीय प्रवक्ता संजय सिंह ने कहा कि दिल्ली विधानसभा चुनावों की तर्ज पर उनकी पार्टी हर लोकसभा क्षेत्र के लिए अलग घोषणापत्र तैयार करेगी। बनारस के घोषणा पत्र में गंगा, बिजली, पानी, सड़क, सफाई के अलावा बुनकरों की बदहाली दूर करने पर जोर होगा। इसके लिए पूरी कार्ययोजना समय आने पर प्रस्तुत की जाएगी।
कार्यक्रम के मुताबिक अरविंद केजरीवाल दो दिन बनारस में रहेंगे। बेनियाबाग की रैली से पहले कालभैरव और काशी विश्वनाथ मंदिर में दर्शन-पूजन के जरिए केजरीवाल का हिन्दूवादी चेहरा लोग देखेंगे तो रैली के बाद शाम को मुस्लिम टोपी पहने वह तंजीमों के सरदार और बुनकरों से नाता जोड़ेंगे। मुस्लिम इलाकों में जाने से पहले वह मुफ्ती-ए-बनारस मौलाना अब्दुल बातिन के घर जाकर गुफ्तगू करेंगे।
अरविन्द के कार्यक्रम का जो खाका तैयार किया है, उसमें वह पिछड़े और कुर्मी वोटों को साधने की योजना है। 26 मार्च को भारत माता मंदिर से 30 किलोमीटर लम्बे रोड-शो के मार्ग रथयात्रा, महमूरंगज, मुढ़ैला से मोहनसराय होते हुए मिर्जामुराद और इलाहाबाद हाईवे पर स्थित अखरी तक का क्षेत्र पिछड़े- कुर्मी वोटों के गढ़ के रुप में जाना जाता है। हालांकि इस रोड शो के लिए प्रशासन ने अभी तक अनुमति नहीं दी है।
नगमा को विधायक का ‘किसÓ करने वाला वीडियो हुआ वायरल

नई दिल्ली। मेरठ लोकसभा क्षेत्र से कांग्रेस प्रत्याशी और बॉलीवुड अभिनेत्री नगमा को स्थानीय कांग्रेसी विधायक गजराज सिंह द्वारा कथित तौर पर ‘किसÓ करने का मामला अभी पूरी तरह से शांत नहीं हुआ है। भले ही छेडख़ानी की खबरों को नगमा और गजराज दोनों ने खारिज किया है, लेकिन विधायक का नगमा को किस करने वाला वीडियो यू ट्यूब पर वायरल हो गया है। लोग जमकर इस वीडियो को देख रहे हैं।
दरअसल, शनिवार को हापुड़ में रोड शो के दौरान वहां के स्थानीय विधायक गजराज सिंह काफिले के बीच नगमा के पास गए और कथित तौर पर उनके गाल को चूमा। वीडियो में साफ दिखाई दे रहा है कि नगमा ने उनका हाथ जोर से झटक दिया। हालांकि बाद में दोनों ने इस खबर को पूरी तरह से खारिज कर दिया।
विधायक ने कहा कि नगमा उनकी बेटी की तरह हैं और वे उनके साथ ऐसा करने के बारे में सोच भी नहीं सकते हैं। उन्होंने तो बस नगमा के कान के पास जाकर कुछ कहने की कोशिश की थी। उनका कहना है कि लोगों ने पता नहीं इसका गलत मतलब निकाल लिया। वे इस बात से आहत भी नजर आए और कहा कि आज तक उनके चरित्र पर कभी किसी ने कोई उंगली नहीं उठाई है।
इधर, नगमा ने भी इस खबर का खंडन किया है। जबकि इंटरनेट पर दोनों का ये वीडियो खूब देखा जा रहा है और लोग इसे शेयर भी कर रहे हैं। इस वीडियो में साफ दिख रहा है कि जब गजराज नगमा के पास जाते हैं तो नगमा अपने चेहरे पर रखा उनका हाथ झटकती हैं।
स्कूल के सामने डाला मलबा
उदयपुर। नगर निगम की घोर लापरवाही का नमूना आज देहलीगेट पर देखने को मिला।
अश्विनी बाजार में चल रहे नाला निर्माण और सफाई के काम में निकाला गया मलबा, भराव और गंदगी नगर निगम के कर्मचारियों ने पिछली रात को देहलीगेट स्थित तैयाबियाह स्कूल के गेट के सामने डाल दी, जिससे स्कूल में बदबू फैल गई। छात्रों और अध्यापकों का आज स्कूल में आना-जाना मुश्किल हो गया। सुबह स्कूल प्रशासन ने माजरा देखा, तो कड़ा विरोध जाते हुए बोहरा समाज के प्रतिनिधियों को बताया, जिस पर स्कूल प्रशाशन और बोहरा समाज के प्रतिनिधियों ने कड़ा विरोध जताते हुए नगर निगम कमिश्नर को शिकायत की और मौके पर आए नगर निगम के अधिकारियों ने गलती स्वीकार कर मलबा उठाने का आश्वासन दिया।

पति ने स्मैक पीना नहीं छोड़ा

तो जिंदा जल गई पत्नी
राजसमंद। पति के नशे की लत छुड़ाने के लिए पत्नी ने जान तक दे दी। मामला रेलमगरा थाना क्षेत्र के गिलूंड का है। पति ने स्मैक पीना नहीं छोड़ा तो पत्नी ने रविवार को केरोसिन डालकर स्वयं को आग लगा ली। गंभीर स्थिति में उसे हॉस्पीटल में भर्ती कराया गया, जहां ईलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। इधर, आग बुझाने के प्रयास में पति के भी हाथ झुलस गए। पति का ईलाज कराया गया।
पुलिस के अनुसार, गिलूंड निवासी संतोष (33) पत्नी भैरूलाल की मौत हो गई। संतोष का पति भैरूलाल स्मैक पीने का आदी है। थानाधिकारी मदनसिंह ने बताया कि इसे लेकर रेलमगरा थाने में मामला दर्ज हुआ है। बताया गया कि भैरूलाल रविवार सुबह 11 बजे घर से स्मैक पीने जा रहा था। पत्नी ने उसे मना किया, लेकिन वह नहीं माना। ऐसे में उसने पति को डराने के लिए खुद पर केरोसिन छिड़क लिया। उसके बाद उसने आग लगा ली। कपड़ों ने तुरंत ही आग पकड़ ली। इस दौरान वह चिल्लाने लगी। पति भैरूलाल ने आग बुझाने का प्रयास किया। इसी दौरान पति के भी हाथ झुलस गए।
मौके पर आसपास के लोगों की एकत्र हो गए। लोगों ने आग पर जब तक काबू पाया, तब तक दोनों काफी झुलस गए थे। ग्रामीणों ने दोनों को स्थानीय अस्पताल में भर्ती कराया। उधर, जानकारी मिलते ही रेलमगरा पुलिस भी मौके पर पहुंची। हालत गंभीर होने पर दोनों को उदयपुर रेफर कर दिया गया। उदयपुर में ईलाज के दौरान सोमवार को विवाहिता ने दम तोड़ दिया। पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है।
चुनावी समर में कूदे अर्जुन-रघुवीर
चार प्रत्याशियों ने किया नामांकन, रैलियों व जुलूस के रूप में पहुंचे कलेक्ट्री
उदयपुर। उदयपुर लोकसभा संसदीय सीट के लिए आज भाजपा, कांग्रेस, माकपा और भाकपा के प्रत्याशियों ने सैंकड़ों कार्यकर्ताओं के साथ जुलूस निकालकर नामजदगी दाखिल किए। भाजपा-कांग्रेस के नामांकन जुलूस में कई वरिष्ठ नेताओं ने भी भाग लिया।
लोकसभा चुनाव के लिए नामांकन पत्र दाखिल करने की तारीख घोषित होने के चार दिनों तक एक भी नामांकन दाखिल नहीं हुआ, लेकिन आज शुभ मुहुर्त के चलते कांग्रेसी प्रत्याशी रघुवीर मीणा, भाजपा प्रत्याशी अर्जुनलाल मीणा, वाम मोर्चा प्रत्याशी मेघराज तावड़ व भाकपा (माले) प्रत्याशी गौतमलाल मीणा ने एक साथ अपना नामांकन पत्र जिला निर्वाचन अधिकारी (कलेक्टर) के समक्ष पेश किया। नामांकन के पूर्व कांग्रेस प्रत्याशी रघुवीर मीणा ने टाउनहॉल में जनसभा को संबोधित किया, वहीं नामांकन के बाद भाजपा प्रत्याशी अर्जुनलाल मीणा ने बैंक तिराहे पर जनसभा को संबोधित किया। नामांकन करने जाने के दौरान रघुवीर और अर्जुन के जुलूस में सैंकड़ों की संख्या में कार्यकर्ता मौजूद थे।
सूरजपोल से कलेक्ट्री तक जाम : नामांकन करने के लिए शुभ मुहुर्त का समय एक होने से भाजपा और कांग्रेस के जुलूस का समय भी एक ही रहा। इस वजह से टाउन हॉल रोड, बापूबाजार और देहलीगेट पर तीन घंटों तक जाम की स्थिति बनी रही। पहले भाजपा की रैली उसके बाद कांग्रेस की सभा व रैली हुई। नामांकन के दौरान दोनों पार्टियों के सैंकड़ों कार्यकर्ताओं का देहलीगेट पर जमावड़ा होने से ट्रैफिक व्यवस्था बाधित रही। पुलिसकर्मियों को ट्रैफिक संभालने में काफी मशक्कत करनी पड़ी। एक बार तो रैली के दौरान दोनों पार्टियों के कार्यकत्र्ता आमने-सामने हो गए और आपस में जमकर नारेबाजी की, लेकिन सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम के चलते कोई अप्रिय घटना नहीं घटी। नामांकन के लिए आए दोनों पार्टियों के कार्यकर्ताओं को आचार संहिता के चलते देहलीगेट पर ही रोक दिया गया।
सबका अंदाज जुदा : नामांकन के लिए चारों प्रत्याशी अपने-अपने अंदाज में जिला कलेक्ट्री पहुंचे। भाजपा के प्रत्याशी अर्जुनलाल मीणा और कांग्रेस के प्रत्याशी रघुवीर मीणा खुली जीप में बैठकर जनता का अभिवादन करते हुए संैकड़ों कार्यकर्ताओं के साथ जुलूस के रूप में कलेक्ट्री पहुंचे, तो वाम मोर्चा के मेघराज तावड़ टाउनहॉल से स्कूटर पर बैठकर जिला कलेक्ट्री पहुंचे। तावड़ के साथ कार्यकर्ता ढोल-नगाड़े लिए पैदल चल रहे थे। भाकपा (माले) प्रत्याशी गौतमलाल मीणा पैदल ही अपने कुछ कार्यकर्ताओं के साथ कलेक्ट्री नामांकन करने पहुंचे। माकपा और भाकपा के प्रत्याशियों ने 11 बजे अपना नामांकन पत्र दाखिल किया। कांग्रेस प्रत्याशी रघुवीर मीणा ने 12.15 के बाद और भाजपा प्रत्याशी अर्जुन मीणा ने एक बजे अपना नामांकन दाखिल किया।
ये दिग्गज थे साथ : भाजपा प्रत्याशी अर्जुन मीणा का जुलूस सूरजपोल स्थित श्यामाप्रसाद मुखर्जी की प्रतिमा से शुरू हुआ। इससे पूर्व मुखर्जी की प्रतिमा पर पुष्पांजलि अर्पित की गई। इस दौरान उदयपुर विधायक और पंचायती राज एवं ग्रामीण विकास मंत्री गुलाबचंद कटारिया, चुन्नीलाल गरासिया, महावीर भगोरा, ग्रामीण विधायक फूलसिंह मीणा, खेरवाड़ा विधायक नानालाल अहारी, सलूंबर विधायक अमृत मीणा, नागालैंड के पर्यवेक्षक जॉनी रैना, भाजपा नेता प्रमोद सामर, महापौर रजनी डांगी सहित कई नेता शामिल थे। इधर, कांग्रेस प्रत्याशी रघुवीर मीणा के साथ कांग्रेसी नेता लालसिंह झाला, कांग्रेस शहर जिलाध्यक्ष नीलिमा सुखाडिय़ा, धरियावद के पूर्व विधायक नगराज मीणा, आसपुर के पूर्व विधायक राईया मीणा, सलूंबर की पूर्व विधायक बसंती मीणा, पूर्व जिला प्रमुख केवलचंद लबाना, जिला प्रमुख मधु मेहता, पूर्व राज्यमंत्री मांगीलाल गरासिया सहित कई नेता शामिल थे।
प्रवीण पालीवाल की हत्या का मुय आरोपी नहीं हुआ गिरफ्तार
उदयपुर। होली के दिन शास्त्री सर्किल पर हिस्ट्रीशीटर प्रवीण पालीवाल की हत्या के मामले में पुलिस को मुख्य आरोपी नरेश हरिजन, कार चालक चंचल महाराज तथा दलपतसिंह का कोई सुराग हाथ नहीं लगा है। पुलिस अब तक इस मामले में दो आरोपियों को ही गिरफ्तार कर पाई है। पुलिस ने इस मामले में नाड़ाखाड़ा निवासी साहिल हरिजन और अंबामाता निवासी करणसिंह को गिरफ्तार किया है, जिनकी निशानदेही पर पुलिस ने दो पिस्टल बरामद की है। दोनों आरोपी से पूछताछ चल रही है, लेकिन अन्य आरोपियों का अभी कोई सुराग हाथ नहीं लगा है। दोनों गिरफ्तार आरोपियों ने बताया कि उक्त हत्या उन्होंने नरेश के कहने पर की थी।
बीजेपी का दामन छोड़ा जसवंत ने

नई दिल्ली। बाड़मेर से भाजपा का टिकट नहीं मिलने से नाराज पार्टी के वरिष्ठ नेता जसवंत सिंह ने बतौर निर्दलीय उम्मीदवार पर्चा भर दिया। टिकट कटने से खफा हरिन पाठक भी सोमवार को ‘कोई बड़ा फैसलाÓ कर सकते हैं। लेकिन, पार्टी के झुकने की संभावना न के बराबर है। बताया जाता है कि वरिष्ठ नेताओं की नाराजगी या बगावत पार्टी की सोची-समझी रणनीति का नतीजा है। मकसद है वरिष्ठ नेताओं को दरकिनार कर भाजपा में शक्ति का एक केंद्र स्थापित किया जाना।
राष्ट्रीय स्तर के नेताओं में जसवंत के अलावा लालकृष्ण आडवाणी, सुषमा स्वराज, मुरली मनोहर जोशी जैसे वरिष्ठ नेता किसी न किसी रूप में बगावती सुर उठा चुके हैं। लेकिन, इनमे से किसी की नहीं सुनी गई। पार्टी के सूत्र बताते हैं कि राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) का मानना है कि पार्टी को बगावती तेवरों के आगे झुकने की जरूरत नहीं है, ताकि आने वाले दिनों में नए नेतृत्व (नरेंद्र मोदी) के सामने से अंदरूनी लड़ाई-गुटबाजी की समस्या अपने आप खत्म हो जाए।
भगतसिंह का रास्ता ही बदलाव का रास्ता

उदयपुर। ‘चुनावों से राजनेताआें में से किसी एक को चुनने का तो मौका मिलता है, परन्तु सही राजनीति को चुनने का कोई अवसर नहीं मिलता है। एेसे में इंकलाब से ही बदलाव की राजनीति की जा सकती हैं। यह विचार मोहता पार्क में संपन्न शहादत दिवस समारोह की अध्यक्षता करते हुए विजयसिंह चौधरी ने व्यक्त किए। शहादत दिवस समारोह समिति के कार्यक्रम में चौधरी ने कहा कि हर पार्टी वोट लेने के लिए महंगाई, गरीबी व भ्रष्टाचार को दूर करने का दावा तो करती है, पर कोई यह नहीं बताता है कि यह कैसे संभव होगा? उन्होंने कहा कि शोषण व संसाधन और श्रम की लूट रोकने के बारे में एक शब्द भी नहीं बोला जा रहा है। समारोह में बोलते हुए राजस्थान किसान संगठन के अरूण व्यास ने बताया कि जब तक शोषण और लूट रहेगा, तब तक व्यवस्था परिवर्तन की लड़ाई जारी रहेगी और भगतसिंह जैसे क्रांतिकारी पैदा होते रहेंगे। सभा में पत्रकार उग्रसेन राव ने जाति, धर्म, बाहुबल तथा धनबल के आधार पर टिकिटों के बंटवारे पर सवाल उठाते हुए कहा कि सारी पार्टियां और उनके नेता वैचारिक मुखौटों को उतार चुके हैं तथा जिताऊ उम्मीदवारों पर दाव लगा रहे हैं। जास के रामेश्वर कुमावत ने कहा कि क्रांतिकारी शहीदों के बारे में पाठ्यक्रमों में कोई जानकारी नहीं दी जाती है, इसलिए युवाआें को अलग से अध्ययन केंद्रों का संचालन कर अपने ज्ञान का विकास करने पर जोर देना चाहिए।
समारोह में बोलते हुए जनवादी मजदूर यूनियन के संरक्षक डीएस पालीवाल ने स्वतंत्रता संग्राम के बारे में अध्ययन करने पर बल देते हुए भगतसिंह और क्रांतिकारी साथियों की वैज्ञानिक विचार पद्दति व नास्तिकता के बारे में विस्तार से बताया। समारोह में जनवादी मजदूर यूनियन के अध्यक्ष डालचंद मेघवाल ने बताया कि भगतसिंह का सपना मजदूरों का राज लाने का था, जो आज भी अधूरा हैं। उन्होंने क्रांतिकारी कवि अवतार सिंह ‘पाशञ्ज तथा हंसराज को भी श्रद्घांजलि अर्पित की। समारोह में विपिन शुक्ला, भैरूलाल मीणा ने भी विचार व्यक्त किए और एेलसा ने प्रगतिशील कविताएं सुनाईं। समारोह का संचालन जयंतीलाल मीणा ने किया। धन्यवाद की रस्म ग्रामीण युवा संगठन के किशन आहरी ने अदा की।




