उड़ा गुलाल चेहरा हुआ पिला और लाल, चड़ा मस्ती का रंग, मस्तानों की टोली निकली हो के मलंग – खुशियों से मनाई होली ( PHOTO )

पोस्ट न्यूज़। उदयपुर शहर में होली का दो दिवसीय पर्व धूम धाम और रंगों से सराबोर होकर मनाया । शहर भर में जगह जगह होली दहन के कार्यक्रम हुए जिसमे शहर भर के लोगों ने भाग लिया । धुलंडी के दिन मस्तानों की टोलियों ने झीलों के नगरी को रंगों से भर दिया । गली-मोहल्लों और सड़कों पर युवक-युवतियों की टोलियां एक-दूसरे पर जमकर अबीर-गुलाल उड़ाए और सेल्‍फी ली। पूरा शहर रंग-गुलाल और अबीर के रंग में रंग गया। महिलाओं की टोली भी अपने को रोक नहीं सकी। युवा अपने कपड़े फाड़कर डांस करते दिखे। कई परिवारों में नवजात बच्चों के ढ़ूंढ़ोत्सव भी मनाये गए। शहर भर में होली के दोनों दिन पुलिस ने मुस्तैदी दिखाते हुए किसी भी अप्रिय घटना के लिए चाक चौबंद निगरानी की |

होली का दहन :
शहर में शुभ मुहूर्त में होली दहन  साथ शहर के हर गली मोहल्ले कॉलोनियों आदि में होली दहन के कार्यक्रम हुए ।  रात को होली जलने के साथ ही युवा अपने आपकों रोक नहीं पाए और रंगों से एक-दूसरे को रंग दिया। शहर के कई जगह होलिका दहन के प्रमुख आयोजन हुए। इनमें बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने भाग लिया। नवजात बच्चों को होली की परिक्रमा दिलाई गई। शहर के जगदीश चौक में होली को लेकर अलग ही माहौल रहा। यहां देशी के साथ ही विदेशी मेहमानों ने भी होली का आनंद लिया। जगदीश चौक में भगवान जगन्नाथ की होलिका के साथ ही ऑटो संचालकों के संगठन की ओर से होलिका दहन किया गया। इस अवसर पर शहर भर के लोग और युवा यहां पहुंचे। होलिका दहन से पूर्व सांस्कृतिक आयोजनों में देशी-विदेशी पर्यटकों के साथ ही स्थानीय प्रतिभाओं ने प्रस्तुतियां दी। प्रस्तुतियों के बीच ही फाग गायन करते हुए जगदीश मंदिर से पुजारी और श्रद्धालु नीचे आए। यहां होली की विधि-विधान से पूजा-अर्चना की गई। इसके साथ ही शुभ मुहूर्त में होलिका दहन किया गया।
इसके बाद जगदीश चौक पर लगी होलिका का दहन किया गया। होलिका दहन के साथ ही कुछ युवाओं ने एक-दूसरे के रंग लगाने का सिलसिला शुरू कर दिया। इसी प्रकार मल्लातलाई चौराहे पर बड़ी होली लगाई गई। यहां होलिका दहन से पूर्व सांस्कृतिक कार्यक्रम हुआ। इसमें शहर के जनप्रतिनिधियों ने भी भाग लिया। नवजातों ने ली परिक्रमा होलिका दहन के साथ ही नवजात बच्चों को होली की परिक्रमा दिलाई गई। बच्चों के मामा ने बच्चों को गोद में लिया और श्रद्धा के साथ होली की परिक्रमा करने के साथ ही बच्चों के उज्ज्वल भविष्य की कामना की। इसके साथ ही महिलाओं ने होली की पूजा कर उन्हें ठंडा करने की परंपरा का निर्वहन किया। जगह-जगह होलिका दहन शहर में जगह-जगह होलिका दहन हुआ। कई जगह तो मात्र कुछ कदमों की दूरी पर ही होलिका दहन किया गया। कई जगह तो एक ही गली में तीन से चार होलिया भी लगाई गई। सभी जगह डीजे पर होली के गीत, फिल्मी गीत और भजन बज रहे थे। इन पर बच्चे और युवा झूम रहे थे।
मंदिरों में खूब उड़ी गुलाल होली पर्व की धूम गत एक माह से शहर के कृष्ण मंदिरों में चल रही है। होली के दिन सुबह बड़ी संख्या में श्रद्धालु मंदिरों में पहुंचे।यहां पुजारियों ने ठाकुरजी को गुलाल-अबीर धराने के साथ ही श्रद्धालुओं पर भी इसका छीड़काव किया। श्रद्धालुओं ने ठाकुरजी संग होली का आनंद उठाया। शहर के जगदीश मंदिर, श्रीनाथजी मंदिर, बाईजीराज का कुंड, अस्थल मंदिर सहित अन्य मंदिरों में होली पर विशेष मनोरथ हुए। होली दहन के पूर्व पूजा अर्चना की गयी, नव विवाहितों और नव जात बच्चों को होली की परिक्रमा करवाई गयी । होली में नारियल का होम किया गया । बड़ी होली, जगदीश चोक, मल्लातलाई, होली के बड़े कार्यक्रम आयोजित किये गए | जगदीश चौक में होलिका दहन के पूर्व सांस्कृतिक संध्या का आयोजन भी किया गया और सैकड़ों की संख्या में मौजूद लोगों ने होली दहन के कार्यक्रम में हिस्सा लिया । मल्ला तलाई चौराहे पर होली दहन का बड़ा कार्यक्रम आयोजित किया गया जिसमे पूजा अर्चना और पारम्परिक अनुष्ठान के बाद होली का दहन किया गया।

रंगोत्सव मना धूम धाम से :
होलिका दहन के बाद गुरुवार को सुबह से रंगों की होली की शुरुआत हो गई। खासतौर से बच्चों ने तो जमकर होली खेली, वहीं महिलाएं और युवा भी चेहरे रंगने में पीछे नहीं रहे। सुबह होते ही हर उम्र के लोगों के सिर पर होली का खुमार दिखाई देने लगा था। होली को खास अंदाज में मनाने की प्लानिंग कर रहे बच्चों को उकसाया जा रहा था। बच्चे भी टोलियां बनाकर होली खेलने निकल पड़े। एक प्रकार से पूरा शहर रंगों में सराबोर था।
रंगोत्सव पूरी तरह रंगों में डूबा रहा फिजां में उत्साह का गुलाल था…चेहरों पर रंगों की बहार है…आज खिलने लगी फिर मुस्कान है…ऐसे ही रंगबिरंगे माहोल में रंगोत्सव का आगाज़ हुआ। दोस्तों के साथ खिलखिलाते हुए ये रंग-बिरंगे चेहरे होली की खुशियों का पैगाम लेकर आए हैं। कही गुलाल तो कही रंग भरी पिचकारी, रंगों में लिपटे हुए मस्तों की टोलिया दिन भर शहर में घुमती रही, जगदीश चोक में विदेशियों ने भी रंगों के इस त्यौहार का आनंद लिया, कोलोनियों में महिलाओं ने घर घर जाकर अपनी सखियों के गलों पे गुलाल की चमक डाली। पुरुष, महिला, बच्चे और युवा उड़ते गुलाल और म्यूजिक की धुन पर होली है…. बुरा न मानो होली है…. बोलते हुए एक दूसरे को गुलाल से रंगते हुए देखे गए। शहर के अलग-अलग हिस्सों में समूह और संगठनों द्वारा मिल कर रंग खेला गया। रंगोत्सव पर हर ओर रंग और अबीर में लबरेज खुशियां दिखाई दी।

होली के मोके पर आई राहत की खबर गैस के दामों में हुई है कटोती,. कितनी कटोती हुई जानिये

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मार्च के पहले दिन ही आमजन के लिए बड़ी खुशखबरी आई है। होली के मौके पर रसोई गैस सिलेंडरों की कीमतों पर कटौती की गई है। बिना सब्सिडी वाला LPG गैस सिलेंडर गुरुवार से 78.50 रुपए और सब्सिडी वाला 2.52 रुपए सस्ता हो गया। वहीं विमान ईंधन के दाम तकरीबन एक प्रतिशत बढ़ गए हैं। देश की सबसे बड़ी तेल विपणन कंपनी इंडियन ऑयल ने बताया कि राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में घरेलू इस्तेमाल वाला 14.2 किलोग्राम का बिना सब्सिडी वाला गैस सिलेंडर 1 मार्च से 689 रुपए का मिलेगा। पहले इसकी कीमत 736 रुपए थी।

घरेलू इस्तेमाल का सब्सिडी वाला रसाई गैस सिलेंडर आज से 495.63 रुपए की जगह 493.09 रुपए का मिलेगा। वाणिज्यिक इस्तेमाल वाला 19 किलोग्राम का सिलेंडर भी 78.50 रुपए सस्ता हुआ है। इसकी कीमत 1,308.50 रुपए से घटकर 1,230 रुपए हो गई है।

देखिये विडियो

https://www.youtube.com/watch?v=NnQo4-GU_H8

 

आपको बता दें कि नवंबर 2017 के बाद पहली बार रसोई गैस की कीमतों में कटौती करने का ऐलान किया गया है। कोलकाता में दाम 2.53 रुपए घटकर 496.60 रुपए, मुंबई में 2.55 रुपए घटकर 490.80 रुपए और चेन्नई में 2.48 रुपए घटकर 481.21 रुपए हो गया है।

जयपुर उदयपुर संभाग सहित राज्य के अन्य ज़िलों से मिली प्रतिक्रियाओं में लोगों ने इसे राहत देने खबर बताया है। वैशाली नगर निवासी साकेत गोयल ने कहा कि इस खबर सुनाने के लिए हमेशा ही इंतज़ार रहता है।

बिना लाईसेन्स-हेलमेट के स्कूटी चलाने के लिए माता-पिता भी ज़िम्मेदार-पवन कौषिक

पोस्ट न्यूज़। महाराणा मेवाड़ पब्लिक स्कूल में बुधवार को आयोजित बिईंग सेफ वर्कशॉप में लगभग 225 से अधिक बच्चों ने सुरक्षा के प्रति जागरूकता का संकल्प लिया। हिन्दुस्तान जिंक के हेड कार्पोरेट कम्यूनिकेशन एवं बिईंग सेफ के फाउण्डर पवन कौषिक महाराणा मेवाड़ पब्लिक स्कूल के बच्चों से इन्टरेक्षन किया।

इस वर्कशॉप में पवन कौषिक ने बच्चों से बातचीत के दौरान सुरक्षा नियमों के बारे में जानकारी देते हुए स्कूली बच्चों को बताया कि सुरक्षा की भावना अपने भीतर से आनी चाहिए। सुरक्षा नियमों के प्रति लापरवाही जीवन के लिए खतरा हो सकता है। जीवन अमूल्य होता है सुरक्षा नियमों को नजर अंदाज नहीं करना चाहिए। माता-पिता के सपने आपके सपनों के साथ जुड़े हुए हैं और उनके सपनों को साकार करने के लिए आपका सुरक्षित होना आवष्यक है। सुरक्षा के प्रति जागरूकता से खुद एवं परिवार सुरक्षित होगा, बच्चों को अपने से बड़ों, अध्यापकों एवं परिवार के हर बडे सदस्य की बात माननी चाहिए। विषेष रूप से इस उम्र में सडक सुरक्षा के लिये ट्राफिक नियमों की पालना, हेलमेट पहनना, बिना लाईसेंस वाहन नहीं चलाना, सुनिष्चित करना होगा। इस अवसर पर स्कूली बच्चों को सुरक्षा से संबंधित एक फिल्म भी दिखाई एवं प्रजेन्टेषन के माध्यम से सुरक्षित रहने की गहराई को समझाया साथ ही विचार-विमर्ष भी किया।

इस अवसर पर प्रिन्सिपल एवं टीचर्स ने इस वर्कषाॅप को लाभदायक बताया। बिईंग सेफ प्रोजेक्ट के माध्यम से पवन कौषिक ने अब तक तीन हजा़र से अधिक बच्चों और परिजनों से मिल चुके है, जिसके अन्तर्गत लघु फिल्म, प्रजेन्टेषन और कहानी के माध्यम से बच्चों को स्वयं और परिवार को सुरक्षित रखने की जाानकारी दी जा रही है।

बिईंग सेफ के फाउण्डर पवन कौषिक ने बताया कि इस प्रोजेक्ट का उद्धेष्य सडक, घर या कार्यस्थल एवं हर स्थान पर सुरक्षा के प्रति जागरूक रहना है, सुरक्षा नियम सुरक्षा के लिए बनाये जाते हैं सभी को सुरक्षा नियमों का पालन करना चाहिए जिससे परिजनों और बच्चों के स्वयं के मन में सुरक्षा के लिये प्रतिबद्धता उत्पन्न हो।

शहर के घंटाघर क्षेत्र में बछड़े का सर मिलने से फैली सनसनी, खाकी ने मुस्तैदी दिखा माहौल को गर्माने से पहले ही किया काबू. त्यौहार के मोके पर माहोल खराब करने की है ये कोशिश .

पोस्ट न्यूज़ . उदयपुर शहर में असामाजिक तत्वों ने त्यौहार के मोके पर माहोल खराब कर शहर में ज़हर घोलने की कोशिश की है . शहर  के घंटाघर थाना क्षेत्र में स्थित कांजी का हाटा में बुधवार को एक बछड़े का कटा सिर मलने से सनसनी का माहौल हो गया। बछड़े का सिर मिलने की जानकारी पर मौके पर बड़ी तादाद में क्षेत्रवासी और हिंदू संगठनों के लोग जमा हो गए। इस दौरान हेलावाड़ी घटनास्थल पर जमा हुए हिंदू संगठनों के लोगों ने इस घटना के ऊपर भारी आक्रोश जताते हुए,, मौके पर ही पुलिस के आला अधिकारियों को बुलाया । सूचना मिलते ही मौके पर पहुंची पुलिस ने सबसे पहले बछड़े के सिर को उदयपुर के पशु चिकित्सालय में रखवाया। आपको बता दे कि बछड़े का सिर एक प्लास्टिक के कट्टे में बड़ी ही विभत्स अवस्था मे मिला पाया गया। यह सिर यहां पर कैसे पहुंचा और किस ने इस घटना को अंजाम दिया इसको लेकर पुलिस के अधिकारियों द्वारा लगातार तफ्तीश की जा रही है। पुलिस द्वारा बछड़े के धड़ का पता लगाने के लिए घटनास्थल के आसपास के जगहों पर भी तलाशी ली जा रही है। वहीं हिंदू संगठनों के आक्रोश को देखते हुए आसपास के पांचों थानों के एसएचओ भी घण्टाघर थाने पर पंहुच गए। वहीं पुलिस के अधिकारियों ने हिन्दू संगठनों के पदाधिकारियों से समझाइश कर मामले को शांत करवाया। पुलिस ने इस मामले में गोवंश हत्या के अधिनियम के अंतर्गत मुकदमा दर्ज कर अपना अनुसंधान प्रारंभ कर दिया है। पुलिस द्वारा बछड़े के सिर का डीएनए टेस्ट भी कराया जा रहा है। वहीं रंगों के त्योहार होली से ऐन पहले इस तरह की वारदात ने खाकी को भी काफी चैकन्ना कर दिया है। ऐहितयात के तौर पर इस इलाके और पूरे षहर में अतिरिक्त जाब्ता भी लगा दिया गया।

बच्चों के खाने वाले गेहूं में घूमते है कीड़े देखते रहते है जिम्मेदार

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पोस्ट न्यूज़। स्कूलों में बांटने वाले पोषाहार में किस तरह की मनमानी चलती है यह फोटो देख कर पता लगाया जा सकता है। बच्चों को पोषाहार में दिए जाने वाले गेहूं में घूमते है कीड़े और जिम्मेदार सरकारी अफसर अफीम खा कर सोये पड़े रहते है। वैसे तो यह हार हर जिले के मुख्यालय से दूर किसी भी स्कूल में आम बात है लेकिन यहाँ अभी बात कर रहे है बांसवाड़ा जिले के उच्च प्राथमिक विद्यालय ठिकरिया की। गांवों में कोई देखने वाला नहीं होने से मीनू बदलकर बच्चों को खिचड़ी देकर टाला जा रहा है। दूसरी ओर, गेहूं सड़ रहे हैं, जिनकी सुध लेने वाला कोई नहीं है।
यह हकीकत सोमवार को मुआयने के दौरान जिला शिक्षा अधिकारी प्रेमजी पाटीदार ने गढ़ी इलाके के सरकारी उच्च प्राथमिक स्कूल, ठीकरिया में देखी। दोपहर में अचानक पहुंचे डीईओ पाटीदार ने सोमवार के मीनू अनुसार स्कूल में रोटी-सब्जी नहीं दिए जाने पर प्रधानाचार्य राजेंद्रप्रसाद पंड्या से सवाल किया, तो उन्होंने रसोइए द्वारा गेहूं नहीं पिसवाने से आटा नहीं होने की बात कही। फिर किचन में जाने पर थोड़ी सी खिचड़ी भगोने में दिखी। यहां भंडारगृह के मुआयने पर गेहूं सड़ते दिखे, जिन पर मरे हुए कीड़े दिखलाई दिए। भंडारण अस्त-व्यस्त पाकर डीईओ ने दो-दो रसोइए होते हुए दुर्दशा पर प्रधानाचार्य पंड्या को फटकारा। उन्होंने पंड्या को नोटिस थमाने के साथ दोनों लापरवाह रसोइयों को हटाने और एसएमसी के जरिए दूसरे रसोइयों का बंदोबस्त करने के निर्देश दिए।
आधे से कम मिले बच्चे, जवाब मिला होली पर गए
स्कूल के मुआयने के दौरान बच्चों की हाजिरी भी आधी से कम मिली। यहां 81 बच्चों का रोल है, जिसमें से 35 बच्चे ही सोमवार को मिले। इससे पहले दो दिन की दर्ज उपस्थिति 60-65 पाई गई। इस पर डीईओ ने शिक्षकों से पूछा, तो उन्होंने होली करीब होने से ज्यादातर बच्चे मेहमान गए बताए। इससे हाजिरी को लेकर भी संदेह गहराया।

स्मार्ट सिटी की दमकल को फूंक मार चलाने की होती है कोशिश – क्या होगा स्मार्ट सिटी का ?

उदयपुर। स्मार्ट सिटी के स्मार्ट निगम की पोल सोमवार को उस समय खुल गई। जब शहर के तितरड़ी इलाके में आग की सूचना मिली। जैसे ही निगम के कर्ताधर्ताओं के पास फोन आया है सभी लवाजमे के साथ आग बुझाने को निकल पड़े, लेकिन बिच रास्ते में ही दमकल में डीजल खत्म होने से रुक गयी। बाद में दूसरी दमकल को मोके पर भेजा गया। निगम के दमकल विभाग के जिम्मेदारों ने गलती स्वीकारी और कर्मचारियों को लताड़ लगाईं।
सोमवार दिन में तितरडी में आग लग गयी लोगों ने नगर निगम के अग्निशमन को कॉल किया कॉल आते ही अग्निशमन स्टेशन से निकली लेकिन बिच रास्ते में ही दमकल वाहन रुक गयी। जब जांच हुई तो पता चला कि दमकल वाहन में डीजल खत्म हो गया। कर्मचारी फ्यूल टेंक में फूंक मार कर दुपहिया वाहन की तरह चालु करने की कोशिश करने लगे लेकिन दमकल वाहन स्टार्ट नहीं हुआ आखिर आग लगने वाले जगह दूसरा दमकल वाहन भेजा गया। इधर डीजल खत्म होने से रुका दमकल वाहन आधे घंटे बाद डीजल आने के बाद ही शुरू हुआ। इस पूरे प्रकरण में सबसे हास्यास्प्रद बात तो यह रही कि एक भी जिम्मेदार जवाब देता नजर नहीं आया, इस पूरे घटनाक्रम के बारे में जब अषोक नगर स्थित गैराज भवन के कर्मचारी से पूछा तो सबकी बोलती बंद हो गयी, किसी ने कोई जवाब तक नहीं दिया। बाद म उपमहापौर लोकेश द्विवेदी ने गलती को इमानदारी के साथ स्वीकार करते हुए गैराज समिति के जय सिंह चैहान को से इस मामले की पूरी हकीकत जानी, जब उन्हें पता चला कि डीजल की कमी की वजह से फायर ब्रिगेड़ घटनास्थल पर नहीं पंहुची तो लोकेष द्विवेदी ने जमकर फटकार लगाई। किसकी लापरवाही की वजह से एसा हुआ यह उनके जांच का विषय है लेकिन सवाल यह खडा होता है कि इतने संवेदनशील विभाग में ईएसआई लापरवाही वह भी तब जब स्मार्ट सिटी के साथ फायर स्टेशन को भी स्मार्ट करने के लिए लाखों रुपया खर्च किया जारहा है।

हिन्दुस्तान जिंक यषद सुमेधा स्कॉलरशिप के अंतर्गत 87 छात्रों को मिले 20 लाख रुपये

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उदयपुर .हिन्दुस्तान जिंक अपने सामाजिक उत्तरदायित्व के तहत हिन्दुस्तान जिंक के प्रधान कार्यालय स्थित आॅडिटोरियम में सोमवार को यषद सुमेधा स्काॅलरषिप चेक वितरण कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम के दौरान हिन्दुस्तान जिंक के हेड-प्रोजेक्टस महेश टोडकर, एसोसिएट वाइस प्रसीडेन्ट-एच.आर. संजय शर्मा, सीएसआर हेड श्रीमती नीलिमा खेतान एवं डिप्टी हेड-एच.आर. सुश्री ज्यता राॅय ने 87 विद्यार्थियों को यषद सुमेधा स्काॅलरषिप के 20 लाख रुपये का चेक प्रदान किये।

कार्यक्रम के प्रारंभ में सुमेधा की सचिव रश्मि जैन ने सुमेधा स्काॅलरशिप के बारे में विस्तार से जानकारी देते हुए बताया कि सुमेधा संस्था का उद्देष्य आर्थिक रूप से कमजोर परिवार के प्रतिभाशाली बच्चों को उच्च षिक्षा प्राप्त करने के लिए वित्तीय सहायता प्रदान कर उच्च षिक्षा के लिए प्रोत्साहित करना है। रशिम जैन ने इस नैतिक कार्य के लिए हिन्दुस्तान ज़िंक द्वारा दी जा रही वित्तीय सहायता के लिए भी सराहना की।

कार्यक्रम में हिन्दुस्तान ज़िंक के हेड-प्रोजेक्टस महेश टोडकर एवं डिप्टि हेड-एच.आर. सुश्री ज्यता राॅय ने अपने उद्बोधन में सभी विद्यार्थियों से कड़ी मेहनत, परिश्रम एवं लगन से अपने जीवन में लक्ष्य प्राप्त करने के लिए प्रोत्साहित किया। हिन्दुस्तान जिंक विगत वर्षों से यशद सुमेधा स्काॅलरशिप में अपना महत्वपूर्ण योगदान दे कर छात्र-छात्राओं को उच्च शिक्षा के लिये प्रोत्साहित कर रहा है।

इस अवसर पर हिन्दुस्तान जिंक की सी.आर. हेड श्रीमती नीलिमा खेतान ने बताया कि इस योजना के तहत उच्च शिक्षा प्राप्त करने वाले राजस्थान के योग्य विद्यार्थियों को यषद सुमेधा स्काॅलरशिप के लिए चयन किया है। इस हेतु परिवार की वार्षिक आय 2.50 लाख रुपये से कम तथा उच्च शिक्षा में 75 प्रतिशत अंक प्राप्त करने वाले छात्रों का चयन किया जाता है। राजस्थान के अजमेर, भीलवाडा़, चित्तौड़गढ़, राजसमंद एवं उदयपुर जिलों के छात्र-छात्राओं का सरकारी इंजीनियरिंग काॅलेजों में अध्ययनरत विद्यार्थियों का चयन किया गया है। उन्होंने ऐसे छात्र-छात्राओं को अधिक से अधिक सहायता उपलब्ध करवाने का आश्वसन दिया।

इस अवसर पर सीटीएई इंजीनियरिंग काॅलेज उदयपुर की छात्राएं मोनिका शक्तावत तथा गुलनाज़ रसिया एवं भीलवाड़ा इंजीनियरिंग काॅलेज के छात्र अक्षत ने हिन्दुस्तान जिंक़ को यशद सुमेधा योजना के लिये धन्यवाद दिया तथा सराहना की। उन्होंने अपने विचार व्यक्त करते हुए कहा कि भारत में टेलेन्ट की कमी नहीं है बल्कि उच्च शिक्षा प्राप्त करने के लिए वित्तीय सहायता की जरूरत है। आर्थिक सहायता से वंचित बच्चों का विकास किया जा सकता है।

कार्यक्रम में सुमेधा के बोर्ड सदस्य श्री महेन्द्र मेहता, हिन्दुस्तान जिंक़ के एसोसिएट वाईस पे्रसीडेन्ट-एच.आर श्री संजय शर्मा, सहित जिं़क के वरिष्ठ अधिकारी एवं कर्मचारी, विद्यार्थियों के अभिभावक उपस्थित रहे।

इस अवसर पर इन सभी विद्यार्थियों ने ज़िंक स्मेल्टर देबारी में नंदघर का भ्रमण कर जानकारी ली।

हिन्दुस्तान जिंक के हेड-कार्पोरेट कम्यूनिकेषन पवन कौषिक ने बताया कि वेदान्ता समूह के चेयरमैन श्री अनिल अग्रवाल की सोच है कि युवा देश का भविष्य है जिन्हें आगे बढ़ने के लिए अवसर प्रदान कराना आवष्यक है। देश में प्रत्येक बच्चे को शिक्षा एवं अच्छा स्वास्थ्य उपलब्ध कराने के अनुरूप ही यशद सुमेधा स्काॅलरषिप उन बच्चों के विकास में सहायक सिद्ध होगी जो कि ग्रामीण क्षेत्र की निखरती प्रतिभाएं है। हिन्दुस्तान जिंक अपने सामाजिक उत्तरायिदत्व के तहत ऐसे कार्यों के लिए समय-समय पर आर्थिक सहायता प्रदान करता रहा है।

ज्ञातव्य रहे कि राजस्थान के पूर्व मुख्य सचिव स्व. श्री एम.एल. मेहता ने सुमेधा की स्थापना 1998 में की थी। सुमेधा संस्था का उद्देष्य आर्थिक रूप से कमजोर परिवार के प्रतिभाषाली बच्चों को उच्च षिक्षा प्राप्त करने के लिए वित्तीय सहायता प्रदान कर उच्च षिक्षा के लिए प्रोत्साहित करना है। अभी तक इस संस्था ने 6000 से अधिक छात्रों की सहायता कर चुकी है।

युआईटी सचिव रामनिवास मेहता को एक वर्ष का कारावास

पोस्ट न्यूज़ . भरतपुर की एक न्यायलय ने २० साल पुराने एक मामले में तत्कालीन उप जिला कलेक्टर और हाल में उदयपुर यु आई टी के सचिव रामनिवास मेहता को एक साल का कारवास की सजा सुनाई साथ ही पूर्व आर ए एस अधिकारी पूरनचंद गुप्ता हित नवलपुरा निवासी भगवान सहाय मीना को भी एक साल का कारावास सुनाया . नयायालय  भूमि पर पर अतिक्रमण कर फसल को नष्ट करने के आरोप में एक-एक वर्ष की सजा सुनाई है। मेहता वर्तमान में यूआईटी उदयपुर में सचिव हैं जबकि पूरनचंद सेवानिवृत हो चुके हैं।फैसले के तत्काल बाद दोनों अधिकारियों को जमानत मिल गई। यूआईटी सचिव मेहता ने कहा : हां, अदालत ने ये फैसला दिया है। हम कोर्ट से फैसले की विस्तृत पत्रावली ले रहे हैं। हम ऊपर की अदालत में इस फैसले के खिलाफ अपील करेंगे। मेहता के अनुसार यह तथ्य है कि जिस जमीन को लेकर फैसला दिया गया है, वह सरकारी जमीन थी और चरागाह भूमि थी। अभियोजन अधिकारी राजेश शर्मा के अनुसार शिकायतकर्ता ने इस्तगासा में उल्लेख किया है कि उसकी व उसके छोटे भाई शिवलाल की खातेदारी आराजी बांके ग्राम नवलपुरा में है जिसकी डौल मैड हो रही थी। सरसों की फसल बोई थी, तभी 22 नवम्बर 1997 को कुछ अपराधी तत्व फसल को जोतने गए जिन्हें बड़ी मुश्किल से हटाया गया। इसके बाद 13 जनवरी 1998 को तत्कालीन उपजिला कलेक्टर बयाना रामनिवास मेहता,तत्कालीन तहसीलदार पूरन चंद गुप्ता, एसएचओ भुसावर, सीओ बयाना व अन्य पुलिस कर्मचारी, गिरदावर किरोड़ी लाल मीना, हल्का पटवारी रामदयाल मीना मुस्तगीस की खड़ी फसल को ट्रैक्टर से खेत में अनधिकृत रूप से घुसे और फसल को नष्ट कर दिया। इस पर न्यायालय में इस्तगासा पेश हुआ। इसमें न्यायालय ने साक्ष्य लेने और दोनों पक्षों की बहस सुनने के बाद रामनिवास मेहता, पूरनचंद गुप्ता, भगवान सहाय मीना को दोषी पाया और तीनों को एक-एक वर्ष के कारावास की सजा सुनाई।

 

श्री देवी की मौत को लेकर हुआ चोंकाने वाला खुलासा – हार्ट अटैक से नहीं हुई मौत तो फिर क्या है मौत का सच ?

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एक्ट्रेस श्रीदेवी की मौत को लेकर फोरेंसिक रिपोर्ट में नया खुलासा हुआ है। इसके मुताबिक, मौत कार्डिएक अरेस्ट से नहीं, बल्कि टब में डूबने से हुई। श्रीदेवी के खून में अल्कोहल भी मिला। यह भी कहा जा रहा है कि वे बेहोश होकर टब में गिर गई थीं। पुलिस ने केस को आगे की कानूनी कार्रवाई के लिए दुबई प्रॉसिक्यूशन को सौंप दिया है।

नशे की वजह से टब में गिर गईं

– गल्फ न्यूज के मुताबिक, श्रीदेवी के शरीर से शराब के अंश पाए गए। पुलिस के हवाले से बताया है कि शुरुआती जांच में इस बात के संकेत मिल रहे हैं कि शायद शराब के नशे में श्रीदेवी अपना संतुलन खोकर बाथटब में गिर गईं। इसके बाद डूबने से उनकी मौत हो गई। खलीज टाइम्स ने रविवार रात को भी अपनी रिपोर्ट में दावा किया था कि श्रीदेवी की बॉडी पानी से भरे टब में पाई गई।

फोरेंसिक रिपोर्ट में क्या कहा?

– श्रीदेवी की फोरेंसिक रिपोर्ट में इसे ‘एक्सीडेंटल ड्राउनिंग’ यानी ‘दुर्घटनावश डूबना’ लिखा गया है।

जांच करने वाले अफसरों का क्या कहना है?

– गल्फ न्यूज को एक अफसर ने बताया कि शुरुआती जांच में श्रीदेवी के बाथटब में डूबने की बात सामने आ रही है। उनके शरीर में शराब के अंश मिले हैं। शायद यही हादसे की वजह बनी हो। उस वक्त के हालात को समझने के लिए हम हर एंगल से जांच कर रहे हैं। पुलिस हादसे की एक-एक कड़ी को जोड़कर यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि हादसे के वक्त श्रीदेवी के साथ कौन मौजूद था।

कब हुई थी श्रीदेवी की मौत?
– श्रीदेवी की मौत शनिवार रात करीब 11 बजे जुमैरा एमिरेट्स टॉवर होटल के अपने कमरे में हुई थी।

– श्रीदेवी अपने परिवार बोनी कपूर और छोटी बेटी खुशी के साथ भांजे मोहित मारवाह की शादी में शामिल होने दुबई गई थीं। शादी 22 को हुई थी।

शनिवार शाम दुबई के होटल में क्या हुआ?

– परिवार के एक करीबी के हवाले से खलीज टाइम्स ने बताया था कि बोनी कपूर शादी में शामिल होकर मुंबई लौट गए थे। 24 फरवरी को दोबारा दुबई लौटे और वे शाम करीब 5.30 बजे जुमैरा एमिरेट्स टॉवर होटल गए। यहां ही श्रीदेवी रुकी हुई थीं। बोनी श्रीदेवी को सरप्राइज डिनर पर ले जाने वाले थे। बोनी ने श्रीदेवी को जगाया और दोनों ने करीब 15 मिनट बात की। इसके बाद श्रीदेवी वॉशरूम गईं। जब वे 15 मिनट तक नहीं लौटीं तो बोनी ने बाथरूम का दरवाजा खटखटाया।”

– “अंदर से कोई रिस्पॉन्स न मिलने पर उन्होंने धक्का देकर दरवाजा खोला। बोनी ने देखा कि श्रीदेवी अचेत हालत में बाथटब में गिरी हुई थीं। बोनी ने उन्हें होश में लाने की कोशिश की लेकिन नाकाम रहे। इसके बाद उन्होंने अपने दोस्त को फोन किया। उन्होंने करीब 9 बजे पुलिस को जानकारी दी।”

– बाथरूम में बेहोश होकर गिरने के बाद उन्हें दुबई के रशीद हॉस्पिटल ले लाया गया। जब श्रीदेवी को इलाज के लिए हॉस्पिटल ले लाया गया, उससे पहले ही उनका निधन हो चुका था।

हमारी इंसानियत मर चुकी है, संवेदनाएं बची ही नहीं – खुद का इंसान होना भूल चुके है ?

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पोस्ट न्यूज़। कोई सड़क पर तड़प रहा है,.. किसी मजबूर को कोई ज़ालिम पीट रहा है,.. कोई मदद के लिए चिल्ला रहा है,.. और कोई महिला सड़क पर अचेत पड़ी है उसका मासूम बच्चा माँ माँ कहता हु भूख से बिलख रहा है,.. लेकिन इन सब की सहायता करना तो दूर हम अपने में ही मस्त अपना स्मार्ट फोन निकाल कर इन मजबूरों की वीडियो निकालते है, और फिर सोशल मीडिया पर पोस्ट कर बड़े बड़े ज्ञानियों की तरह सिस्टम और जाने किस किस को कोसते है फिर शुरू होता है लाइक और कमेन्ट बाजी का दौर जिसमे आपकी सब वाहवाही करते है कोई अंगूठा उंचा करता है कोई ग्रेट जॉब कहता है तो कोई क्या ,.. लेकिन असल में आपने कितना घटिया और नीच काम किया है यह खुद कि आत्मा से नहीं पूछते। क्या हो जाता अगर उस मजबूर की मदद कर लेते बिना किसी सोशल मीडिया पर शेयर किये हुए एक इंसानियत के नाते एक इंसान होने का फ़र्ज़ निभा देते। लेकिन नहीं हमारी इंसानियत तो जैसे मर चुकी है और यह द्रश्य अब आम हो चुके है।
बीती रात भीलवाडा के जहाज पुर में भी एसा ही हुआ जहाजपुर के बस स्टैंड पर शनिवार रात 8:15 बजे के करीब सरे बाजार मां सड़क पर अचेत पड़ी थी। भूखा-प्यासा 11 माह का मासूम रोते हुए उसे उठता रहा। बार-बार मां को सहलाता और हाथ खींचता लेकिन मां निढाल थी। मासूम बिलख रहा था, लेकिन किसी का दिल नहीं पसीजा। लोग तमाशबीन बने रहे। कुछ लोगों ने मां को होश में लाने के लिए पानी के छींटे दिए लेकिन वह सिर्फ करवटें ही बदलती रही। कई लोग इसका वीडियो बनाने और उसे वायरल करने में लगे हुए थे। भीड़ इकट्ठी देखकर पुलिस पहुंची और मां को अस्पताल में भर्ती कराया। उसके इस तरह अचेत होने का फिलहाल कारण पता नहीं चला। महिला का पति बस स्टैंड के आसपास ही था। लोग उसे पकड़ कर महिला व बच्चे के पास लाए लेकिन वह शराब के नशे में धुत था। पुलिस मौके पर पहुंची तो लोगों की मदद से महिला व बच्चे को एंबुलेंस से अस्पताल भिजवाया गया।
एसा यह इकलोता उदाहरण नहीं है कुछ समय पहले उदयपुर शहर में ही स्कूली बच्चों से भरा ओटो पलट गया लोगों ने मदद करने के पहले अपने मोबाइल फोन निकाले और फोटो क्लीक किये बाद में उनकी मदद के लिए गए शुक्र कि किसी बच्चे को कही खरोच तक नहीं आई। भटेवर के आगे एक एक्सीडेंट में दो लोगों की ट्रक के निचे आने से मौत हो गयी लोग बजाय कुछ मदद करने के लाशों के साथ सेल्फी तक लेते रहे। आखिर हमारी संवेदनाएं कहा गयी ,.. इंसानियत कहाँ मर गयी क्यूँ हम इंसान होने का फर्ज नहीं निभाते .जब कभी भी किसी मजबूर की मजबूरी की तस्वीर उतारो उसका विडियो बनाओ तो एक बार अपने आप से यह सवाल जरूर पूछना।