उदयपुर। राजस्थान विधानसभा चुनाव के लिए 131 उम्मीदवारों की पहली सूचि जारी करने के
बाद असंतोष का सामना कर रही सतारूढ़ पार्टी बीजेपी की मुसीबते उदयपुर में कम होती हुई नजर नहीं आ रही है। एक ओर जहां प्रदेश के गृहमंत्री गुलाबचंद कटारिया के खिलाफ सभी विरोधी लामबंद हो रहे है, तो दूसरी ओर ग्रामीण विधानसभा सीट के लिए घोषित किये गए प्रत्याक्षी फुल सिंह मीणा की भी जोरदार खिलाफत हो रही है। उदयपुर ग्रामीण विधानसभा से भाजपा के असंतुष्ठों ने अनुसूचित जनजाति मोर्चा के हरीश मीणा को निर्दलीय चुनाव लड़ाने का एलान किया है।
लगातार हो रहे इस विरोध की श्रंखला में ग्रामीण विधानसभा के असंतुष्टो ने गोवर्धन विलास इलाके में स्थित बडबडेश्वर महादेव मंदिर परिसर में इक्कठा होकर निर्दलीय के रूप में अपना प्रत्याक्षी उतारने का ऐलान कर दिया है। ग्रामीण भाजपा के सभी असंतुष्ट कार्यकर्ताओं और पदाधिकारियों ने हुंकार भरते हुए अनुसूचित जनजाति मोर्चे के जिलाध्यक्ष हरीश मीणा को चुनाव लड़ाने की बात कही है। इस दौरान सभी लोगों ने एक बैठक का आयोजन कर आने वाले चुनाव में जीतने के लिए रणनीति भी बनाई है। बीजेपी झामेश्वर मंडल के उपाध्यक्ष राजेन्द्र टांक ने साफ किया की ग्रामीण विधायक फुल सिंह मीणा को लेकर क्षेत्र में खासा आक्रोश है। यही नहीं पहले भी सभी कार्यकर्ताओं ने अपनी भावनाओ से ग्रहसेवक कटारिया को अवगत करवा दिया गया था। लेकिन फिर भी फुलसिंह मीणा को पार्टी ने वापस प्रत्याक्षी बना दिया है। ऐसे में मंगलवार को सभी कार्यकर्ताओं ने मंदिर परिसर में इकठ्ठा होकर बैठक कि है कि हरीश मीणा को निर्दलीय चुनाव लड़ना चाहिए या जनता सेना से। टांक ने कहा की अभी सिर्फ मुख्य – मुख्य लोगों की बैठक ही आयोजित की गयी है आगे की रणनीति और बनाई जायेगी।

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