उदयपुर।आपने राजनीति के कई रूप देखे होंगे और इस सियासी खेल के राजा से लेकर प्यादे तक वाकिफ होंगे। यह राजनीति सरकार और विभिन्न पार्टियों में चले तो ठीक और दिलचस्प भी लगती है, लेकिन जब छात्र राजनीति में इस तरह कि सियासत जुड़ जाए तो युवाओं का भविश्य क्या होगा आप खुद ही सोच लिजीए। जीहां हम बात कर रहे हैं मोहनलाल सुखाड़िया युनिवर्सिटी की, जहां पर केंद्रीय छात्रसंघध्यक्ष पर पद के दुरूपयोग और अपने संगठन को फायदा पंहुचाने के आरोप लगे है। आपको बता दे कि छात्रसंघ चुनावों में अध्यक्ष और उपाध्यक्ष पर अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद् ने जीत हांसिल की, वहीं महासचिव और संयुक्त सचिव पद पर एनएसयुआई ने अपना परचम लहराया था। ऐसे में एनएसयुआई से जुड़े दोनो ही कार्यकारिणी सदस्यों ने अध्यक्ष भवानी शंकर बोरीवाल पर काफी गंभीर आरोप लगाए है। छात्रसंघ के महासचिव शिवनारायण जाट और संयुक्त सचिव भारती कुंवर ने कहा है कि छात्रों पर खर्च करने के लिए विष्वविद्यालय की ओर से जो राशि स्वीकृत की जाती है बोरीवाल उसका गलत फायदा उठा रहे है और कुलपति जी का उन्हें पूरा संरक्षण मिला हुआ है क्योंकि वह संघ से जुड़े हुए और भवानी शंकर एबीवीपी से। पिछले दिनों आयोजित खेल महोत्सव पूरी तरह से एबीवीपी को समर्पित था न की छात्रों को क्योंकि उसमें बोरीवाल ने अपने संगठन का काफी प्रचार किया था। अवकाष के दिन गरबा करवा कर बिल पास करवाया गया। दीपावली पर मिठाईयां, एसएमसएस और स्वयं के कार्ड भी इसी राषि से खर्च किए गए। इतना ही नहीं आगामी 14 से 16 फरवरी को होने वाले सांस्कृतिक महोत्सव ‘‘सत्यम’’ में भी मनमर्जी का आरोप लगाते हुए इसके बहिष्कार की चेतावनी दी है साथ ही कहा कि अगर विष्वविद्यालय प्रषासन उनकी मांगों को नहीं मानेगा तो वह भुख हड़ताल पर भी बैठ सकते है।
मोहनलाल सुखाड़िया विष्वविद्यालय छात्रसंघ में किस तरह का विवाद चल रहा है। एनएसयुआई से जुड़े महासचिव और सयंुक्त सचिव के आरोपों के बारे में जब उदयपुर न्यूज ने छात्रसंघ अध्यक्ष भवानी षंकर बोरीवाल की राय जानी तो उन्होंने सभी आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए कहा कि जो भी काम करवाएं विष्वविद्यालय की सहमति से करवाएं हैं। अगर मैने कुछ गलत किया है या व्यक्तिगत उपयोग के लिए राषि का दुरूपयोग किया है तो वह राषि मैं खुद वहन करने को तैयार हूूं। सुनिए बोरीवाल का क्या कुछ कहना है।

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