गर्विलो मेवाड़ की महिमा गा रहा है कविता गांव

उदयपुर जिला प्रशासन की अनूठी पहल,

आकर्षण जगा रहा है ओडीएफ ओलंपिक

kavita-19-sept-2016-2उदयपुर. उदयपुर जिले की बड़गांव पंचायत समिति का कविता गांव इन दिनों पूरे मेवाड़ क्षेत्र के लिए आकर्षण का केन्द्र बना हुआ है जहां जिले में ओडीएफ घोषित हो चुकी ग्राम पंचायतों का भव्य ओडीएफ ओलंपिक चल रहा है। इसमें उदयपुर जिले की उन 53 ग्राम पंचायतों की 45 वालीबॉल टीमें भाग ले रही हैं जो कि खुले में शौच से मुक्त घोषित हो चुकी हैं।

ओडीएफ ग्राम पंचायतों को उनकी पहल के लिए सम्मानित करने और जिले भर में स्वच्छता का बेहतर माहौल स्थापित कर शेष बची दूसरी सभी ग्राम पंचायतों को ओडीएफ घोषित करने के लिए प्रोत्साहन देने के मकसद से चल रहा यह ओलंपिक वालीबॉल खिलाड़ियों का कुंभ बना हुआ है। यह पहला और अनूठा प्रयास आशातीत रूप से सफल रहा है।

राजस्थान भर में इस प्रकार की अभिनव पहल करते हुए ओडीएफ ओलंपिक का आयोजन ग्रामीणों में जबर्दस्त लोकप्रिय हुआ है और अब इस ओलंपिक में न केवल ओडीएफ हो चुकी ग्राम पंचायतों के वालीबॉल खिलाड़ी, ग्राम्य जन प्रतिनिधि और ग्रामीण आए हुए हैं बल्कि जिले के विभिन्न हिस्सों से इस आयोजन का दर्शक होने का सौभाग्य पाने के लिए भी ग्रामीणों के समूह पहुंच रहे हैं।

इन गांवों के लोगों में अब इस बात की प्रतिस्पर्धा जग चुकी है कि उनकी ग्राम पंचायत भी ओडीएफ घोषित हो ताकि उन्हें भी इस ओलंपिक में भाग लेने का अवसर मिल सके। विशेषकर जिले के वालीबॉल खिलाड़ियों में इस ओलंपिक ने उत्साह भर दिया है और अब वे अपनी ग्राम पंचायतों को भी ओडीएफ कराने में पीछे नहीं रहना चाहते।

राजस्थान भर में स्वच्छता के मामले में अभिनव पहल के रूप में उदयपुर जिले की कविता ग्राम पंचायत ने ओडीएफ ओलंपिक आयोजित कर इतिहास रच दिया है।  इसके पीछे की कहानी भी न केवल रोचक है बल्कि यहसिद्ध करने के लिए काफी है कि ग्रामीण दिल से यदि चाह लें तो कुछ भी असम्भव नहीं है।

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जिला प्रशासन की ओर से  हाल ही 30 दिन में 30 ग्राम पंचायताेंं को 15 अगस्त तक खुले में शौच से मुक्त ग्राम पंचायत (ओडीएफ) घोषित करने का अभियान चलाने के बाद कविता ग्राम पंचायत में ओडीएफ ओलंपिक कराने की जब परिकल्पना की गई थी। उस समय तक कविता ओडीएफ घोषित नहीं हुआ था।

अपने गांव में ओडीएफ ओलंपिक के रूप में वालीबाल प्रतियोगिताओं की मेजबानी करने के बावजूद खुद की ग्राम पंचायत के ओडीएफ नहीं होने की शर्म वाली बात सामने आने पर ग्राम पंचायत तथा गांव के खिलाड़ियों और ग्रामीणों को यह अच्छा नहीं लगा।  कविता वालीबॉल के खिलाड़ियों का गढ़ रहा है और यहां राज्य और राष्ट्रीय स्तर पर खेल चुके और कई पुरस्कार जीत चुके खिलाड़ियों की बहुत बड़ी संख्या है।

गांव के खिलाड़ियों को यह सुनकर बुरा लगा कि उनके गांव में ओडीएफ ग्राम पंचायतों का ओलंपिक हो और उनका क्षेत्र भागीदारी नहीं कर पाएगा। ओडीएफ नहीं हो पाने की शर्म आएगी वो अलग। इसके बाद इन खिलाड़ियों ने संकल्प ले लिया कि जल्द से जल्द कविता भी ओडीएफ घोषित होकर रहेगी।

ग्रामीणों ने मिलजुलकर सामूहिक रूप से यह तय कर लिया कि कविता ग्राम पंचायत में ओडीएफ ओलंपिक होंगे तो उसमें कविता ग्राम पंचायत भी भाग लेगी।  करीब 32 दिन तक ग्रामीणों ने दिन-रात एक कर अभियान चलाया और अपनी ग्राम पंचायत को ओडीएफ घोषित करवा कर ही दम लिया।

अब कविता ग्राम पंचायत को ओडीएफ ओलंपिक की मेजबानी का मजा भी आ रहा है और ओलंपिक में भागीदारी का सुकून भी पा लिया है। ओलंपिक को लेकर भव्य मैदान बनाया गया है जहां वालीबॉल की प्रतियोगिताएं हो रही हैं। खिलाड़ियों के आवास एवं भोजनादि की बेहतर व्यवस्था की गई है। यह स्पर्धा  22 सितम्बर तक चलेगी। इसमें प्रथम, द्वितीय एवं तृतीय को क्रमशः 3 लाख, 2 लाख तथा 1 लाख की धनराशि जिला कलक्टर के स्वविवेक मद में ग्राम्य विकास के लिए दी जाएगी। इसी प्रकार जिला परिषद द्वारा विजेता एवं उप विजेता टीमों की पंचायत समितियों को विकास के लिए 10-10 लाख रुपए की धनराशि भी मुहैया कराई जाएगी।

इसके उद्घाटन समारोह में जन प्रतिनिधियों एवं अधिकारियों ने ओडीएफ घोषित सभी 53 ग्राम पंचायतों के सरपंचों एवं सचिवों को इस उपलब्धि के लिए मेडल पहना कर सम्मानित किया। कविता इन दिनों ओडीएफ ओलंपिक की वजह से आकर्षण का केन्द्र बना हुआ है।

संभाग भर के लिए जारी की चेतावनी काढ़ा पिलाएं मगर सावधानियों के साथ

kadha4उदयपुर. उदयपुर संभागीय आयुर्वेद उप निदेशक डॉ. अशोक बाबू शर्मा ने उदयपुर संभाग में मौसमी बीमारियों से बचाव के ऎहतियाती उपायों के अन्तर्गत पिलाए जा रहे आयुर्वेदिक काढ़े को लेकर चेतावनी जारी की है और कहा है कि इस कार्य में सभी प्रकार की सावधानी रखी जानी चाहिए।

आयुर्वेद उप निदेशक डॉ. अशोक बाबू शर्मा ने बताया कि संभाग में मौसमी बीमारियों का प्रकोप चल रहा है इनसे बचाव के अन्य सामाजिक संस्थाएं भी अपने स्तर से आयुर्वेदिक काढ़ा वितरण करती रहती हैं। इन सभी को यह सलाह दी गई है कि यह काढ़ा किसी योग्य आयुर्वेद चिकित्सक की देखरेख में ही तैयार कराया जाना चाहिए। उसकी निर्धारित मात्रा भी आयु वर्ग के अनुसार दी जानी चाहिए।

डॉ. शर्मा ने आम लोगों से भी अपील की है कि पूर्ण जानकारी के अभाव में वे अपने स्तर पर काढ़ा तैयार कर सेवन करने से बचें। आयुर्वेदिक औषधि को चिकित्सक की सलाह से ही उपयोग में लेना चाहिए। काढ़े का सेवन गर्भवती महिलाओं, एक वर्ष से कम आयु के बच्चों को और अन्य गंभीर रोग से ग्रस्त रोगियों को बिना चिकित्सकीय परामर्श के उपयोग नहीं करना चाहिए।

युवा मोर्चा ने दी शहीदों को श्रद्धांजलि

shraddhanjaliउदयपुर. भारतीय जनता युवा मोर्चा शहर जिला उदयपुर द्वारा सोमवार को सायं 7:00 बजे नगर निगम टाउनहॉल शहीद स्मारक पर उरी हमले में शहीद हुए जवानों  को  श्रद्धांजलि का कार्यक्रम  रखा गया।
इस अवसर पर स्वागत करते हुए मोर्चा जिलाध्यक्ष गजेन्द्र भंडारी ने कहा कि पाकिस्तान द्वारा बार बार आतंकवादी घटनाएं की जाती …. भारतीय सेना को इस बार खुली छूट दे देनी चाहिये और आर पार की लड़ाई कर लेनी चाहिए। इस दौरान मोमबत्ती जलाकर व 2 मिनट का मौन रखकर श्रद्धांजलि अर्पित की गई ।
इस अवसर पर कार्यवाहक जिलाध्यक्ष कुंतीलाल जैन, जिला महामंत्री प्रेमसिंह शक्तावत,महापौर चंद्र सिंह कोठारी, उपमहापौर लोकेश द्विवेदी,जिला महामंत्री मोहन गुर्जर गोपाल जोशी  जिला उपाध्यक्ष वीरेंद्र सिंह, रंजीत दिग्पाल, बद्री चौधरी, जितेंद्र मारू आदि कार्यकर्ता उपस्थित थे

साहित्यकार श्रीमती सरूपरिया सम्मानित

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उदयपुर. विश्व हिंदू संस्थान कल्चरल ऑर्गेनाइजेशन कनाडा के संस्थापक अध्यक्ष सरन घई की ओर से डूंगरपुर साहित्य परिवार की दीपिका दीप और डूंगरपुर जिलाधीश सुरेंद्र कुमार सोलंकी ने डूंगरपुर के श्रीराम कॉलेज स्थित सभागार में श्रीमती शकुंतला सररूपरिया को हिंदी साहित्य सम्मान प्रदान किया।

श्रीमती सरूपरिया विगत 11 वर्षों से उदयपुर से ’तनिमा ’ नामक साहित्यिक पत्रिका प्रकाशित कर रही हैं। वह श्रेष्ठ मंच संचालक और कवयित्री होने के साथ मधुर गायिका भी हैं जिनके 16 से अधिक ऑडियो कैसेट देश की विभिन्न कंपनियों से रिलीज हो चुके हैं, जिनमें उनके स्वयं के लिखे हुए और गाए हुए गीत है।

गिर्वा के गवरी कलाकारों ने दिया स्वच्छता का संदेष खुले में शौच से मुक्ति की अलख जगाई

gavri-19-9-16-5उदयपुर. पंचायत समिति गिर्वा की विभिन्न ग्राम पंचायतों डोडावली, कुम्हारिया खेड़ा, पई, जोगी तालाब, पिपलिया, बड़ी उन्दरी आदि के गवरी कलाकारों ने गोवर्धन विलास थाने के पास सोमवार को गवरी नृत्य-नाट्य का मंचन करते हुए लोक लहरियों की धूम मचायी और इसके साथ ही पंचायत समिति गिर्वा को खुले में शौच मुक्त करने के सन्देश दिया।

        उल्लेखनीय है कि पिछले पखवाड़े भर से ग्राम्यांचलों में गवरी के माध्यम से खुले में शौच से मुक्ति का संदेश गुंजाया गया। इसके लिए उदयपुर ग्रामीण विधायक फूलसिंह मीणा, विकास अधिकारी एवं जिला समन्वयक आदि की पहल पर गवरी के माध्यम से खुले में शौच से मुुक्ति के लिए व्यापक लोक जागरुकता पैदा की गई। सोमवार को ब्लॉक स्तर पर आमंत्रित कर तीन लघु नाटिकाओं का मंचन स्थानीय गवरी पात्रों के द्वारा किया गया।

        इसके अन्तर्गत मंचित नाट्यों के कथानकों द्वारा स्वच्छता, खुले में शौच मुक्ति, बीमारियों से बचाव आदि विषयों पर कलाकारों ने जनचेतना जगाई।

        इस दौरान सांसद श्री अर्जुन लाल मीणा द्वारा भी स्वच्छता का संदेष दिया गया एवं सांसद मद से खुले में षौच मुक्त होने वाली प्रत्येक ग्राम पंचायत को विकास कार्यो हेतु  2 लाख रुपये देने की घोषणा की। विधायक श्री फूलसिंह मीणा ने गवरी कलाकारों को बधाई देते हुए इस प्रयास को गांव-गांव तक पहुंचाने का आह्वान किया।

        मुख्य कार्यकारी अधिकारी श्री अविचल चतुर्वेदी ने कलाकारांे के गवरी मंचन को सराहा और स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) के सन्देश को ग्रामीण अंचल में पहुंचाने हेतु आग्रह किया ।

जिला प्रमुख श्री शांति लाल मेघवाल द्वारा गिर्वा में स्वच्छ भारत मिशन  के प्रचार-प्रसार हेतु गवरी के माध्यम से दिये जा रहे खुले में शौच मुक्त के संदेश के  अभिनव पहल की सराहना की गयी।

        इस समारोह में पंचायत समिति गिर्वा के प्रधान श्री तख्तसिंह शक्तावत, विकास अधिकारी श्री अजय कुमार आर्य, जिला समन्वयक स्वच्छ भारत मिशन श्री अरुण चौहान, समस्त पंचायत समिति सदस्य, समस्त सरपंचगण, समस्त ग्राम सेवक पदेन सचिव उपस्थित रहे। 

शहीद निम्ब सिंह की देह सम्मान के साथ उदयपुर पहुची, राजसमंद तक रास्ते भर श्रद्धांजलि देने वालों की भीड़।

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09033a6a-34bd-4965-83a7-df2bc89c9a0fउदयपुर। कश्मीर के उरी स्थित सेना के हैडक्वार्टर पर हुए आतंकी हमले में शहीद हुए राजसमंद जिले राजस्थान की माटी के सपूत हवलदार निम्ब सिंह रावत शव सोमवार को दिन में करीब 4.20 बजे उदयपुर के डबोक एयरपोर्ट पर वायु सेना के विशेष विमान से पुरे सम्मान के साथ लाया गया। एयरपोर्ट पर सैनिकों ने राजकीय सम्मान के साथ सलामी दी। जिला कलेक्टर सहित अन्य अधिकारियों ने पुष्प अर्पित कर शहीद को नमन किया। शहीद के परिजन भी डबोक एयरपोर्ट पर पहुचे थे जिनकी आंखें छलछला आईं। एक भाई ताबूत से लिपट कर फफक पड़ा तो दूसरे ने उसे संभाला। एयरपोर्ट पर मौजूद लोगों ने पैर छूकर शहीद को नमन किया।
उरी के आतंकी हमले में शहीद हुए निम्ब सिंह रावत का शव उदयपुर के डबोक एयरपोर्ट पर सेना के जवानों द्वारा सम्मान के साथ उतारा गया । इस दौरान जिला कलेक्टर रोहित गुप्ता,एएसपी ग्रामीण चंद्रशील ठाकुर,महापौर चन्द्र सिंह कोठारी सहित पुलिस और सेना के जवानों द्वारा पुष्पचक्र भेट कर श्रद्धांजलि दी गयी । एयर पोर्ट पर परिजनों सहित हर एक की आँखे नम थी। निम्ब सिंह के भाई का सब्र का बाँध टूट पड़ा तो तिरंगे में लिपटी निम्ब सिंह की देह से लिपट कर रो पड़ा दूसरे भाई और अन्य परिजनों ने उसको सम्भाला।
इस दौरान शहीद के परिजन लिम्बा सिंह के पार्थिव शव को देखकर अपने आंसू नहीं रोक पाए । सेना के जवानों के द्वारा राजकीय सम्मान देने के बाद अमर शहीद लिम्बा सिंह के शव को सेना द्वारा उनके पैतृक गांव राजवा के लिए रवाना किया गया । लिम्बा सिंह का शव सोमवार रात करीब 9 बजे राजसमन्द के भीम पहुचा जहा सैनिक विश्राम गृह में उनके शव को रखा गया । इसके पश्चात कल सुबह उनके शव को उनके पैतृक गांव राजवा ले जाया जाएगा जहा उनका राजकीय सम्मान के साथ अंतिम संस्कार किया जायेगा ।
अमर शहीद नीम्बा सिंह की पार्थिव देह के उदयपुर एयरपोर्ट से रवाना होने के बाद नीबा सिंह को श्रद्धांजलि देने के लिए रास्ते भर में लोगो का जमावाडा लगा हुआ है  । दरअसल नीम्बा सिंह के शव को सेना द्वारा सम्मान के साथ सड़क मार्ग से उसके पैतृक गांव राजवा के लिए ले जाया जा रहा है । इस दौरान नीम्बा सिंह के शव के अंतिम दर्शन करने के लिए रास्ते भर में लोगो का मजमा लगा हुआ है । यही नहीं मावली कस्बे से जब अमर शहीद नीम्बा सिंह का शव गुजरा तो वहाँ बड़ी तादाद में लोग इक्कठे हो गए और पुष्प अर्पित कर अपने जाबाज़ सिपाही को श्रद्धा सुमन अर्पित किये । इस दौरान वहाँ मोजुद् सैकड़ो लोगो ने नीम्बा सिंह अमर रहे के नारे भी लगाये ।

समानता के हक़ के लिए युवाओं ने भरी हुंकार

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उदयपुर १६ सितंबर ( का स ) यूपीएससी की परीक्षाओं में सामान्य वर्ग की अधीकतम आयु ३२ वर्ष से २६ वर्ष किये जाने के खिलाफ शुक्रवार को सभी समाजों के युवाओं ने हुंकार भरी और भारी विरोध जताते हुए सम्मान्य वर्ग एकता मंच के तत्वावधान में रैली निकाली जिला कलेक्ट्री के बाहर प्रदर्शन किया।  अतिरिक्त जिला कलेक्टर को प्रधानमंत्री के नाम ज्ञापन दिया। विरोध में सामान्य वर्ग के करीब ५० से अधिक समाजों के संगठनों के प्रतिनिधि और युवा मोजूद थे।
यूपीएससी की परीक्षा में सामान्य वर्ग के परीक्षार्थियों की अधिकतम आयु सीमा ३२ वर्ष से घटा कर २६ वर्ष किये जाने का प्रस्ताव है। इस प्रस्ताव के विरोध में सामान्य वर्ग के सभी समाज एक जुट हो गए और आज विरोध में रैली का आयोजन किया। सामान्य वर्ग एकता मंच की अधिकार रैली शुक्रवार सुबह 9 बजे टाउन हॉल प्रांगण से निकली। इस रैली में संभाग भर के सभी वर्गों के लोगों के साथ ही बड़ी संख्या में युवा वर्ग शामिल हुआ। टाउन हाल से राली सूरजपोल बापूबाजार होते हुए देहलीगेट और फिर जिला कलेक्ट्री पहुची।  रास्ते में युवाओं ने सरकार के विरोध में जबर्दस्त नारे बाजी की। रैली के मार्ग में आने वाली कई दुकानों को भी युवाओं द्वारा बंद करवाया गया।  हालाकिं राली में मोजूद गणमान्य लोगों ने खेद प्रकट कर दुकाने वापस खुलवा दी। मंच के कई सदस्यों ने शहर के सरकारी और गैर सरकारी शिक्षण संस्थाओं को भी बंद करवाया और कोचिंग सेंटर को भी बंद करवाया गया। जिला कलक्ट्री पर पहुचने के बाद युवाओं ने जम कर नारे बाजी की और प्रदर्शन किया।  रैली में मोजूद समाज के प्रतिनिधियों ने  कहा कि सामान्य वर्ग के अभ्यर्थियों की आयु सीमा 32 से घटाकर 26 वर्ष करने का प्रस्ताव भारतीय संविधान में निहित समानता व समान अवसरों के अधिकारों का हनन है।  उन्होंने कहा कि यूपीएससी सहित सभी प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए आयु सीमा सभी वर्गों के लिए एक समान की जाए और इन परीक्षाओं के लिए सभी वर्गों का शुल्क भी एक समान हो। इस रैली के माध्यम से बासवान कमेटी की ओर से दिए गए प्रस्ताव का विरोध किया गया है।
इसके बाद एडीएम सिटी को ज्ञापन सौंपा गया। इस आयोजन में शहर के 50 से अधिक संगठनों ने भाग लिया। इस अवसर पर मंच के संयोजक ब्रिगेडियर रणशेर सिंह राणावत एवं कर्नल जीएल पानेरी, कृष्णपालसिंह चुण्डावत, राजकुमार फत्तावत, दिलीप सुराणा, महेंद्र तलेसरा आदि कई समाजों के लोग उपस्थित थे।
असमानता के खिलाफ करनी सेना करेगी आन्दोलन
करणी सेना के प्रदेशाध्यक्ष महिपाल सिंह मकराना ने शुक्रवार को करणी सेना की बैठक में बताया कि करणी सेना पूरे प्रदेश में सर्व समाज को साथ में लेकर सामान्य वर्ग  के साथ असमानता के खिलाफ आन्दोलन करेगी । जिसकी शुरूआत जयपुर में धरने, प्रदर्शन तथा रैली द्वारा शीघ्र की जायेगी । बैठक में प्रदेश उपाध्यक्ष कुलदीप सिंह टांक, सम्भाग अध्यक्ष महेन्द्र सिंह पाटिया, जिलाध्यक्ष विरेन्द्र सिंह राठौड, भूपेन्द्र सिंह भीमडीयास, कृष्णपाल सिंह सहित करणी सेना के पदाधिकारी उपस्थित थे।

गरीब के गेंहू पर नेताओं का डाका

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कांग्रेस ही नहीं भाजपा नेता भी गेंहू घोटाले में लगा रहे हैं राजनैतिक संरक्षण का आरोप, सोशल मीडिया में आनंदमयी गेंग पर कसे जा रहे हैं तंज

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उदयपुर । सराड़ा क्रय-विक्रय समिति के गेंहू घोटाले कांग्रेस ही नहीं भाजपा नेता भी राजनैतिक संरक्षण का आरोप लगा रहे हैं। सोशल मीडिया पर आनंदमयी गैंग का एक और कारनामा से पोस्ट वायरल हो रही है। इस गंभीर मामले में डीएसओ ने भी अब तक पुलिस में कोई मामला दर्ज नहीं कराया है, जिससे गेंहू घोटाले में राजनैतिक संरक्षण के आरोपों को बल मिल रहा है। इधर डीएसओ ने मामला दर्ज करवाने की बात कही है।
सूत्रों के अनुसार विभिन्न क्रय-विक्रय समितियों द्वारा राशन के गेंहू, राशन के अन्य सामान में हेराफेरी की जाती है, जिसका एक बड़ा हिस्सा हर महीने कुछ बेइमान नेताओं की जेब में जाता है, जो लाखों में होता है। इन्हीं नेताओं द्वारा दिए जा रहे संरक्षण के दम पर गरीबों के मुंह का निवाले की लूट हो रही है। गौरतलब है कि गरीबों को रियायती दर पर दिया जाने वाला राशन का गेंहू जांच के दौरान रिकार्ड में 212 क्विंटल कम पाया गया। पुलिस और रसद अधिकारियों ने रविवार को मादड़ी रोड स्थित क्रय-विक्रय सहकारी समिति सराड़ा के स्टॉक के गौदाम पर छापामार कार्रवाई कर जांच की थी, जिसमें रिकार्ड में 2644 क्विंटल गेंहू था, जबकि तोलने पर 2432 ही मिला। इस मामले में अभी तक किसी के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं हुई है और ना ही पुलिस ने किसी के खिलाफ कोई मामला दर्ज किया है, जबकि क्रय-विक्रय समिति के अध्यक्ष, ट्रांसपोर्टर और व्यवस्थापक के खिलाफ मामला दर्ज होकर गिरफ्तारी होनी चाहिए थी। हालाँकि डीएसओ जगमोहन सिंह ने कहा है की जल्दी ही दोषियों के खिलाफ मामला दर्ज करवाया जायेगा।
हर एक को जाता है हिस्सा : गरीबों के गेंहू को आटा मिल में बेचने का खेल किसी एक का काम नहीं है। यहां पर नीचे से ऊपर तक सब भ्रष्ट है। सूत्रों के अनुसार हर महीने लाखों रुपए का यह खेल नेता से लेकर अफसर तक की जेब भरता है। इसीलिए यह चोरी सालों से चल रही है। सिस्टम के तहत खाद्य विभाग तय करता है कि कौन-सी क्रय-विक्रय सहकारी समिति के पास कितना गेंहू जाना है। बाद में क्रय-विक्रय समिति का काम राशन डीलरों को सप्लाई का होता है। समिति किसी ट्रांसपोर्टर को डीएसओ से अप्रूव्ड करवाकर राशन डीलरों तक राशन पहुंचाने का काम करती है। समिति के गोदाम से ट्रांसपोर्टर गेंहू लेकर राशन डीलरों को सप्लाई करने के लिए निकलता है, लेकिन ये गेंहू राशन डीलरों तक नहीं पहुंचकर बड़ी-बड़ी आटा मीलों में पहुंच जाता है। डीएसओ की यह जिम्मेदारी रहती है कि वह इस बात की निगरानी रखे कि राशन का गेंहू गरीब तक पहुंच रहा है या नहीं। लेकिन डीएसओ अपनी निजी स्वार्थ के लिए यहां पर आंखें मूंद लेता है। जानकारों ने बताया कि महीने के लाखों रुपए के इस घोटाले में सत्ता पक्ष के नेताओं का संरक्षण होता है।
आनंदमयी गैंग पर एक और आरोप : पंचायत चुनाव में लाखों रुपए की वसूली का हिसाब अभी हुआ नहीं है और आनंदमयी गैंग पर पर अब गेंहू की काला बाजारी का आरोप भी लग गया है। सोशल मीडिया में गेहूं के इस घोटाले को लेकर आनंदमयी गेंग का एक और कारनामा बताया जा रहा है।
इनका कहना…
राजनीति संरक्षण के बिना गेंहू का यह इतना बड़ा घोटाला संभव नहीं है। इस मामले की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए और इसके पीछे जो भी नेता या अधिकारी है। उनके खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए। इस मामले में मैंने जिला कलेक्टर सहित मुख्य मंत्री खाद्य मंत्री को पत्र लिखकर कार्रवाई की मांग की है।
मांगीलाल जोशी, भाजपा नेता
गरीबों के गेंहू का घोटाला निंदनीय है। बिना राजनीति संरक्षण के इस तरह का घोटाला संभव नहीं है। इस मामले में जो भी शामिल है, उसके खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए और व्यवस्था में सुधार होना चाहिए, ताकि गरीबों का उनका हक मिल सके।
-महेंद्रसिंह शेखावत, पूर्व उप महापौर
इस मामले की जांच रिपोर्ट आगति है स्टॉक के हिसाब से २१२ क्विंटल गेहूं काम मिला है, जो भी इस मामले में शामिल होंगे। उनके खिलाफ प्रकरण दर्ज कराया जाएगा। -जगमोहन, जिला रसद अधिकारी

एयर इंडिया का विमान टकराने के डर से रनवे पर कूदे 30 यात्री

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​मध्यप्रदेश में  शनिवार को जबलपुर के दुमना एयरपोर्ट पर एयर इंडिया के फ्लाइट से टकराने के डर से 30 यात्री रनवे पर ही कूद गए। ये सभी यात्री एक बस में सवार होकर रनवे पर जा रहे थे। इस घटना के बाद विमानन नियामक ने एयर इंडिया से एटीआर-72 को प्रशिक्षित पायलट की बजाय सहायक से पार्किंग कराने को लेकर वॉर्निंग जारी की है। यह घटना उस समय हुई जब जबलपुर के दुमना एयरपोर्ट पर अलायंस एयर(एए) अपने तय समय से 15 मिनट पहले आ गई।

स्पाइसजेट ने अपनी रिपोर्ट में कहा,’शनिवार 11.58 बजे स्पाइसजेट के रैंप स्टाफ ने गौर किया कि एयर इंडिया की फ्लाइट हमारे कोच के पास से मानक दूरी बनाए बगैर गुजर रही है। रैंप स्टाफ ने एयर इंडिया के केप्टन का ध्यान इस ओर दिलाने का प्रयास किया लेकिन जहाज आगे बढ़ता रहा। हमारा एक पैसेंजर कोच से भागने लगा जिसकी वजह से उसे देखकर बाकी यात्री भी बाहर आ गए।’
दुमना एयरपोर्ट डायरेक्टर रामतनु साहा ने कहा,’स्पाइसजेट ने शिकायत दर्ज कराई है उसकी जांच चल रही है और रिपोर्ट डायरेक्टोरेट जनरल ऑफ एविएशन (डीजीसीए) को भेजी जाएगी।’ एयर इंडिया के अधिकारी ने कहा,’हमारे विमान और स्पाइसजेट Q400 के बीच सुरक्षित दूरी थी। बाबजूद इसके पार्किंग के बाद स्पाइसजेट के कैप्टन ने हमारे टेक्निशियन के साथ हाथापाई की। इसकी सीसीटीवी फुटेज भी मौजूद हैं।’

ओलिंपिक के बिच, ऐसे हो रहा प्रॉस्टिट्यूशन.

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prostituion 1ब्राजील के रियो डे जेनेरियो में ओलिंपिक के दौरान प्रॉस्टिट्यूशन में बच्चे भी शामिल हैं। वेन्यू के नजदीक बीच पर आठ साल तक की बच्चियां भी प्रॉस्टिट्यूशन कर रही हैं। एक्सपर्ट्स और चाइल्ड वेलफेयर ऑर्गेनाइजेशन्स के मुताबिक, हजारों बच्चे इस काम में शामिल हैं।

– प्रॉस्टिट्यूशन रिंग में फंसी ऐसी ही एक लड़की का नाम है एना गैब्रिएला। उसकी उम्र 15 साल है।
– 2014 वर्ल्ड कप के दौरान स्नैक बार में में काम दिलवाने के बहाने से एक महिला उसे रियो ले आई थी।
– लेकिन उसे रियो के मशहूर कोपाकबाना पैलेस होटल के सामने स्थित स्लम में जबरदस्ती रखा गया।
– एना से प्रॉस्टिट्यूशन करवाया जाता है। कई बार उसे एक दिन में आठ-आठ कस्टमर्स के साथ सोना पड़ता है।
– एक चैरिटी के मुताबिक, ब्राजील में चाइल्ड प्रॉस्टिट्यूशन के एवज में बच्चों को 1000 रुपए तक दिए जाते हैं। इनमें से ज्यादातर बच्चियों की फैमिली ही उनसे ये काम करवाती है।
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कहां से आती हैं ये लड़कियां?
– हालांकि, हर प्रॉस्टि्यूशन के हर मामले में शामिल लड़की की कहानी अलग है। लेकिन इसमें शामिल सभी लड़कियां गरीब और छोटे घरों की हैं, जिन्हें रियो में नौकरी दिलवाने के नाम पर लाया जाता है।
– यूनाइटेड नेशन ऑफिस ऑन क्राइम और ड्रग के मुताबिक, प्रॉस्टिट्यूशन में 10-11 साल की लड़कियां भी शामिल हैं।
– इनमें से कई लड़कियां ऐसी हैं जो घर पर सेक्शुअल अब्यूज और हिंसा का शिकार हुई होती हैं।
इनकी लाइफ कैसी है?
– 15 साल की मारिया रियो के स्लम में रहती है। उसे धमकाया और पीटा जाता है। उसे कम खाना दिया जाता है और हर रात ज्यादा पैसे कमाने का दबाव डाला जाता है।
– इन लड़कियों के वेलफेयर के लिए काम करने वाले एक शख्स ने बताया कि प्रॉस्टिट्यूशन के दौरान लड़कियों को ड्रग भी दिया जाता है। कई बार इन्हें इतना पीटा जाता है कि ये ठीक से चल तक नहीं पाती।
– 12 साल की लीलाह भी प्रॉस्टिट्यूशन करती है और रियो के नजदीक से गुजरने वाले बिजी हाईवे BR116 पर प्रॉस्टिट्यूशन करती है। उसके ज्यादातर कस्टमर्स ट्रक ड्राइवर्स होते हैं।
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कौन हैं ट्रैफिकर्स
– लड़कियों की ट्रैफिकिंग करने वालों में ज्यादातर लोकल क्रिमिनल्स हैं। इनमें महिलाएं भी शामिल हैं।
– ये ट्रैफिकिंग के अलावा ड्रग का भी अवैध कारोबार करते हैं।
– ट्रैफिकर्स में ज्यादातर पुरुष हैं, लेकिन 43% महिलाएं भी हैं।
– यूनाइटेड नेशन्स ऑफिस ऑन ड्रग्स एंड क्राइम के मुताबिक, पिछले कुछ सालों में प्रॉस्टिट्यूशन ट्रैफिकिंग रैकेट चलाने वाले महिलाओं की संख्या में 41 फीसदी इजाफा हुआ है।
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लड़कियां ट्रैफिकर्स के कब्जे से निकल क्यों नहीं पाती?
– जब इन लड़कियों को बड़े शहरों में लाया जाता है, तो इनमें से कई वापस अपने घर नहीं जा पातीं।
– इन्हें जबरन रखा जाता है और दूसरे से तीसरे कस्टमर को बेचा जाता है। कई बार इन्हें दूसरे देशों में भी बेचा जाता है।
– लंदन के वेश्यालयों में काम करने वाली कई लड़कियां ब्राजील की हैं, जिनमें से कई जबरदस्ती यहां लाई गई होती हैं।
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