उदयपुर. रेसलिंग की दुनिया में अपने दमदार दांव पेचों से बड़े से बड़े रेसलर को धूल चटाने वाले रेसलर द ग्रेट खली उर्फ दलीप सिंह राणा शुक्रवार को पहली बार झीलों के शहर उदयपुर आएंगे।
खली यहां शोभागपुरा सर्किल स्थित फॉर श्योर फिटनेस जिम का शुभारम्भ करेंगे। करीब डेढ लाख स्क्वायर फीट मे बना यह जिम राजस्थान का एकमात्र जिम होगा जहां अत्याधुनिक मशीनों को लगाया गया है। इस जिम में विदेशों से आयात मशनों को स्थापित किया गया है जिसका लाभ शहरवासी उठा सकेंगे।
पहलवानों से मिलेंगे खली
उदयपुर आ रहे द ग्रेट खली जिम उद्घाटन के दौरान शहर के पहलवानों से भी मुलाकात करेंगे जिसके लिए उद्घाटन स्थल पर ही व्यवस्था की गई है। खली के उदयपुर आने की खबर से लेकसिटी मे उनके प्रशंसकों में भारी उत्साह है और खासकर शहर के पहलवान द ग्रेट खली को देखने और उनसे मिलने के लिए खासे उत्साहित नजर आ रहे हैं।
जिम के निदेशक अशोक जोशी और पालीवाल ने बताया कि हॉलीवुड और बॉलीवुड फिल्मों मे अभिनय करने के साथ ही विश्व की सबसे प्रसिद्ध रेसलिंग में विदेशी पहलवानों को पछाड़ देने वाले द ग्रेट खली ने बिग बॉस के चौथे सीजन में भी प्रतिभागी रहे हैं। जिम के उद्घाटन अवसर पर अतिथियों के रूप मे पुलिस महानिरिक्षक आनंद श्रीवास्तव , जिला कलेक्टर रोहित गुप्ता एवं गीतांजलि गु्रप के चेयरमैन जेपी अग्रवाल मौजूद होंगे।
उदयपुर. लिंग जांच एवं चयन करने के आरोप में हिम्मतनगर,अहमदाबाद के निजी चिकित्सालय के डॉक्टर सहित उदयपुर जिले की सरकारी एएनएम को गिरफ्तार किया गया है। राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन निदेशक के निर्देश पर गठित राज्य स्तरीय टीम ने जाल बिछाकर आरोपितों को रंगे हाथों पकड़ा।
रविवार को उदयपुर पहुंची टीम ने सरकारी एएनएम से सम्पर्क कर सोमवार सुबह उदयपुर जिले के खेरवाड़ा से डिकॉय आपरेशन में एजेंट की भूमिका निभाने वाली निर्मला राठौड़ को साथ लिया। टीम प्रात: 10 बजे हिम्मत नगर स्थित देवपूजन अस्पताल पहुंची। जहां उन्हें शाम 7 बजे लिंग जांच करने के लिए कहा गया। शाम 7 बजे बाद गर्भवती महिला को सहयोगी महिला पूजा कुमावत एजेंट निर्मला राठौड़ के साथ लिंग जांच करवाने अस्पताल के अंदर पहुंचे। कुछ ही देर बाद बिना किसी कागज पूर्ति के रजिस्टर्ड सोनोग्राफ ी सेंटर द्वारा लिंग जांच कर दी गई।
डॉक्टर जितेन्द्र शुक्ल ने लिंग जांच कर लड़का बताया। सहयोगी महिला पूजा कुमावत के इशारे पर राज्य पीसीपीएनडीटी सेल के रघुवीरसिंह के नेतृत्व में गठित टीम ने कार्रवाई प्रारंभ कर दी। डॉक्टर जितेन्द्र शुक्ल से सात हजार रुपए एवं सरकारी एएनएम से चौदह हजार रुपए बरामद किए गए जो सहयोगी महिला पूजा कुमाावत द्वारा एनएम को दिए गए थे। टीम दोनों को गिरफ्तार कर मंगलवार सुबह 3 बजे उदयपुर लेकर पहुंची। पूछताछ में सरकारी उपस्वास्थ्य केन्द्र पडुना में कार्यरत एएनएम ने बताया कि वह 15 साल से लिंग जांच का कार्य कर रही है तथा प्रतिमाह पांच से सात महिलाओं का लिंग जांच करवाती है। वहीं लिंग जांच करने वाले चिकित्सक डॉ.जितेन्द्र शुक्ल जब से सोनोग्राफी मशीन खरीदी है तब से लिंग जांच का कार्य करता है। अधिकतर समय डॉक्टर लिंग जांच करने के लिए एजेंटों के द्वारा ली जाने वाली राशि सीधी बैंक खाते में ही डलवाता है। कार्रवाई मेंं उदयपुर संभाग के सयुक्त निदेशक डॉ.आरएन बैरवा, पीसीपीएनडीटी सम्नवयक मनीषा भटनागर पुरी कार्रवाई में साथ रहे। वहीं गुजरात के स्थानीय तालुका प्राधिकारी डॉ. जीएच परमार भी साथ थे।
उदयपुर। राजस्थान के गृहमंत्री के गृह शहर में अपराध कम हो न हो अपराधियों पर पुलिस लगाम लगाए ना लगाये लेकिन हर वारदात के बाद नाकेबंदी के दौरान पुलिस हेलमेट के निचे अपराधियों चोर उचक्कों को खोजती है मानों बिना हेलमेट लगाये लोग ही अपराधों की जड है । अब तो हाल यह हो गए है कि पुलिस कर्मी बिना हेलमेट लगाये स्कूली बच्चों को काटने तक लग गए है। हेलमेट नहीं होने पर डंडा दिखा कर कही निचे गिरा देते है तो कही बच्चों के हाथों पर काट लेते है। हालाँकि अधिकारियों ने ऐसी घटनाओं की निंदा की है और इस तरह की घटना दोबारा नहीं हो उसके लिए पुलिस कर्मियों को हिदायत देने का कहा है।
कल दिन भर में दो घटनाएं ऐसी सामने आई की पुलिस की हेलमेट चेकिंग कारवाई और नाकाबंदी पर सवाल उठाती है। परिजनों ने कहा की हम पुलिस उच्चाधिकारियों से शिकायत करेगें।
केस १ :
कल दिन में १२.३० से १ के बिच डीपीस स्कूल के ग्यारवीं कक्षा में पढ़ने वाले दो छात्र यथार्थ देवपुरा और मोहम्मद नबील शेख एक्टिवा पर स्कूल से घर लोट रहे थे। रास्ते में फतहपुरा चौराहे पर खड़े हुए ट्रैफिक हेडकांस्टेबल मदनलाल ने दोनों बच्चों को हेलमेट नहीं पहने जाने पर रोका बच्चों ने वाहन रोक कर कहा गलती हो गयी हेलमेट डिक्की में पड़ी हुई है। जैसे ही बच्चे डिक्की से हेलमेट निकाले उससे पहले मदनलाल भड़क गया और दोनों बच्चों के हाथ पे काट लिया बच्चे पुलिस कर्मी के इस वहशियाना हमले से घबरा गए। हेड कांस्टेबल इतनी जोर से बच्चों को काटा कि मासूम बच्चों के हाथों पर उस वहशी पुलिस वाले के दांतों के निशान तक गड गए, नबील शैख़ के हाथ से खून तक निकलने लग गया। बच्चे घबराए हुए घर आये काफी देर तक बच्चों ने परिजनों को भी नहीं बताया लेकिन जब दर्द बढ़ गया तो परिजनों को पता चला। बाद में नबील शैख़ के पिता मोहम्मद साबिर शैख़ नबील को अस्पताल लेगये और उसका मेडिकल करवा कर उपचार करवाया। यथार्थ देवपुरा को भी प्राथमिक उपचार दिया गया और इंजेक्शन लगवाए गए। पुलिस के इस तरह के व्यवहार पर परिजनों का भारी आक्रोश है, परिजनों का कहना है की अगर हेलमेट नहीं लगा रखी थी तो चालान बनाना चाहिए गाडी जब्त कर लेते लेकिन इस तरह बच्चों के हाथों पे कटना विकृत मानसिकता दर्शाती है।
केस -२ :
कल शाम को छह बजे आयड पुलिस चोकी के सामने नाकाबंदी के नाम पर भूपालपूरा पुलिस का पूरा जाब्ता हेलमेट चेकिंग में लगा हुआ था। पुरे रास्ते पर बेरीकेट लगा कर करीब १२-१५ पुलिस कर्मी घेरे खड़े थे। बाइक सावार दो युवक बिना हेलमेट लगाये वहां से निकलने लगे तभी डंडा मारने की नियत से दो पुलिस कर्मी युवकों के सामने आगये दोनों युवक घबरा कर बाइक सहित निचे गिर पड़े दोनों को काफी चोटे आई। बाद में पुलिस कर्मी ही उनको अस्पताल लेकर गए और उनका उपचार करवाया। दोनों युवकों के परिजनों ने बाद में आयड़ पुलिस चोकी में आकर रोष भी जताया।
इनका कहना
पुलिस कर्मी द्वारा काटने की घटना सुनाने में ही अच्छी नहीं लग रही है। मेरे पास परिजन शिकायत लेकर आयेगे में बिलकुल पुलिस कर्मी के खिलाफ कारवाई करुगा। अगर इस तरह से हुआ है तो यह बिलकुल गलत है। सुधीर जोशी, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक शहर
मेरा बेटा नबील और उसका मित्र यथार्थ देवपुरा स्कूल से लोट रहे थे फतहपुरा चोराहे पर पुलिस कर्मी ने हेलमेट नहीं लगाये जाने पर दोनों के हाथ पर काट लिया। कहते तो चालान बना लेते लेकिन इस तरह से काटना गलत है। मोहम्मद साबिर शैख़, परिजन
उदयपुर। पटेल आंदोलन की अगुवाई करने वाले हार्दिक पटेल करीब 9 महीने बाद जेल से रिहा हुए हैं। उन्हें तड़ीपार किया गया है। वे छह महिने का समय उदयपुर में गुजारेगें। हार्दिक पटेल ने बताया कि उनका अस्थाई पता आज से ही १९० श्रीनाथ नगर, माउंट व्यू स्कूल एयरपोर्ट रोड, धाऊजी की बावड़ी, उदयपुर (राजस्थान) रहेगा। यह मकान मावली के पूर्व कांगेस विधायक पुष्कर डांगी का है। वे राजस्थान पटेल संघ के अध्यक्ष है। हार्दिक पटेल को ४८ घंटे में गुजरात छोडऩा है। वे रविवार को सुबह उदयपुर आ सकते है। जानकारी के अनुसार शुक्रवार को उनकी रिहाई से पहले सूरत की सेंट्रल जेल के बाहर समर्थकों का हुजूम उमड़ पडा। जेल से बाहर आते ही समर्थकों ने पटेल को गोद में उठा लिया और उनके समर्थन में खूब नारे लगाए। इस दौरान हार्दिक और समर्थकों के चेहरे की खुशी देखते ही बन रही थी। लेकिन, हार्दिक के तेवर कम होते नहीं दिख रहे है। जेल से निकलने के बाद हार्दिक पटेल ने कहा, पहले अपनी मांग प्यार से रखेंगे, मेरी कार्य पद्धति बदल जाएगी, लेकिन तेवर यही रहेंगे। हार्दिक के स्वागत में गुजरात के कई शहरों में जगह-जगह पर पोस्टर लगाए गए हैं। पोस्टर में लिखा है गब्बर इज बैक। सूरत के एक जेल से रिहाई से एक दिन पहले पुलिस ने गुरुवार को पाटीदार अनामत आंदोलन समिति को रोड शो करने की इजाजत दे दी। हार्दिक पटेल शुक्रवार सुबह 11 बजे जेल से रिहा हुए। ४८ घंटे गुजरात में रहेगें उसके बाद रविवार को उदयपुर आजएंगे। सूत्रों की माने तो अब पटेल आरक्षण आंदोलन का केंद्र उदयपुर रहेगा। आने वाले दिनों में हार्दिक पटेल से कई बड़े बड़े नेता के मिलाने आने की उम्मीद है। हार्दिक के तदीपारी के दौरान उदयपुर में रहने का एक यह भी कारण है की उदयपुर गुजरात से सत्ता हुआ है। यहाँ से लोगों को आने में भी आसानी रहेगी।
उदयपुर . खेरोदा थाना क्षेत्र के बाठेड़ा कला गांव में सनसनीखेज मामला हुआ। 16 साल का नाबालिग 40 वर्षीय मूकबधिर बुआ से दुष्कर्म करता रहा। महिला काे चार माह का गर्भ ठहर गया तो दुष्कर्म होने का पता चला। पीड़िता की मां की दरखास पर कलेक्टर के आदेशानुसार पीड़िता का गर्भ गिरा दिया गया है। वहीं डीएनए रिपोर्ट से पुष्टि के बाद पुलिस ने नाबालिग भतीजे को पकड़कर बाल न्यायालय में पेश किया जहां से बाल सुधार गृह भेज दिया गया है।
बाठेड़ा कला गांव की महिला ने चार माह पूर्व खेरोदा थाने पर रिपोर्ट दर्ज करवाई कि उसकी 40 वर्षीय बेटी मूकबधिर है। उसकी गैरमौजूदगी में किसी ने बेटी के साथ दुष्कर्म कर दिया, जिससे उसका गर्भ ठहर गया। मां उसे अस्पताल ले गई तो डॉक्टर से पता चला कि वह गर्भवती है। पीड़िता आरोपी के बारे में कुछ नहीं बता पा रही थी। पुलिस ने संदिग्ध लोगों व पीड़िता के भ्रूण का डीएनए टेस्ट कराया। भ्रूण का डीएनए नाबालिग भतीजे से मैच हुअा। इस पर नाबालिग को पकड़कर बाल न्यायालय में पेश किया, जहां से उसे बाल संप्रेषण गृह भेज दिया गया।
निर्दोष साबित हुए लोगों ने ली राहत की सांस : मामला दर्ज होने के बाद खेरोदा पुलिस ने आरोपी के अलावा आस पास रहने वाले पड़ोसी सूरजमल, रोहित उर्फ राजेश, राकेश, मदनलाल टेलर, हिम्मत सिंह, राहुल, पुष्पेंन्द्र, शंभूसिंह, भगवतसिंह, शंकर सिंह, विजय सिंह, ईश्वर सिंह, नरेन्द्र सिंह उर्फ पिन्टू से पूछताछ करने के बाद सूरजमल, नरेन्द्र सिंह उर्फ पिन्टू, रोहित उर्फ राजेश, दिनेश कुमार उर्फ दीपक का डीएनए टेस्ट कराया। आरोपी के पकड़ने जाने के बाद निर्दोष साबित हुए लोगों ने चेन की सांस ली।
उदयपुर.एसआईईआरटी से रिटायर्ड एक शिक्षक की पत्नी काे फतहसागर के किनारे पर स्थित मत्स्य विभाग कार्यालय के बाहर हाड़ी रानी राजस्थान आर्म्ड कोर आरएसी की बस ने कुचल दिया। पति के साथ स्कूटी पर पीछे बैठ कर एक वैवाहिक कार्यक्रम के रिसेप्शन में शरीक होने जा रही वृद्धा के सिर पर से बस के ड्राइवर ने लापरवाही से टायर चढ़ा दिया, जिससे गोवर्धन विलास हाउसिंग बाेर्ड कॉलोनी निवासी जयंती देवी (65) पत्नी खुशवंत लाल पुरोहित की मौके पर ही मौत हो गई। हादसे के बाद ड्राइवर ने बस को रोकने के बजाए उसे और तेज दौड़ाते हुए आधा किमी दूर थाने तक ले गया।
वृद्धा अपने पति के साथ स्कूटी पर बैठ कर अंबामाता मंदिर के पास स्थित पुष्प वाटिका में किसी रिश्तेदार के वैवाहिक समारोह के रिसेप्शन में जा रही थी। स्कूटी उनके पति खुशवंत लाल चला रहे थे। लेक एंड होटल के मोड़ के सामने मत्स्य विभाग के दफ्तर से पूर्व मेन रोड पर वृद्ध दंपती की स्कूटी को पीछे से आ रही आरएसी की बस ने टक्कर मार दी जिससे वृद्धा उछल कर स्कूटी से सड़क पर जा गिरी। बस ड्राइवर ने ब्रेक लगा कर गाड़ी रोकने के बजाए बस का पहिया सड़क पर पड़ी वृद्धा जयंती देवी के सिर पर चढ़ा दिया। वृद्धा ने कुछ क्षण तड़प कर मौके पर दम तोड़ दिया। महिला की सुध लेने के बजाए बस का ड्राइवर गाड़ी भगा कर आधा किमी दूर स्थित थाने ले गया।
अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक सुधीर जोशी, डिप्टी गोपाल सिंह भाटी, अंबा माता थाने के सीआई राजेंद्र जैन जाब्ते के साथ मौके पर पहुंचे। वीआईपी रोड ट्रैफिक जाम हो जाने से पुलिस को ट्रैफिक डायवर्ट करना पड़ा। वृद्धा की मृत देह को एम्बुलेंस से महाराणा भूपाल अस्पताल पहुंचाया गया। ट्रोमा वार्ड में मृत घोषित कर शव मुर्दाघर में रखवाया गया। पोस्टमार्टम शुक्रवार सुबह होगा।
मुझे क्या पता था वो शादी में नहीं भगवान के घर जाने के लिए सज धज कर तैयार हुई थी
दो मिनट पहले जयंती स्कूटी के पीछे बैठी मुझ से बातें कर रही थी। वह शाम को 4 बजे जेवर और गोटे किनारी के परिधान पहन कर करीबी रिश्तेदार के विवाह समारोह में जाने के लिए तैयार हुई थी। पत्नी के आग्रह पर वे गोवर्धन विलास से स्कूटी पर बैठ कर पहले फतहपुरा निवासी एक रिश्तेदार महिला की तबीयत पूछने गए थे। वहां से सहेलियों की बाड़ी मार्ग होकर अंबा माता मंदिर के पास स्थित पुष्प वाटिका जा रहे थे।
पीछे से एक बस आई जो रिजर्व फोर्स के सिपाहियों को ड्यूटी के लिए छोड़ने अंबा माता थाना जा रही थी। रोड पर ट्रैफिक होने के बावजूद आरएसी बस के ड्राइवर ने न हॉर्न दिया न ब्रेक मारे। बस की टक्कर मेरी स्कूटी के पीछे मारी। मैंने दोनों पांव जमीन पर टिका दिए थे जिससे बच गया था मगर पिछली सीट पर बैठी जयंती उछल कर सड़क पर गिर गई। मैं उसे उठाने के लिए संभलता उससे पूर्व बस का पहिया काल बन कर जयंती के सिर पर से गुजर गया। मैं असहाय होकर सारा सीन अपनी आंखों के सामने देखता रहा। देखते ही देखते मेरी आंखाें के सामने दम तोड़ दिया था।
ड्राइवर पर 304 ए का मुकदमा
बस हाड़ी रानी आरएसी की थी, जिसे सीकर निवासी नरपत सिंह पुत्र बाज सिंह चला रहा था। ड्राइवर पर लापरवाही से गाड़ी चलाने के आरोप में धारा 304-ए में मुकदमा दर्ज कर उसे गिरफ्तार कर लिया गया है।
आरोपी ने थाने में किया सरेंडर
आरएसी की बस से दुर्घटना होने के बाद आरोपी ड्राइवर ने खुद को गाड़ी के साथ अंबामाता थाने में सरेंडर कर दिया। पहले पुलिस आरोपी की पहचान छुपाने में जुटी रही। पुलिस का कहना है कि एफआईआर में आरोपी का नाम नहीं है। थाने में फोन करने पर तर्क दिया कि जांच में पता करेंगे कि उस वक्त ड्यूटी पर कौन था।
अवैध वसूली का कवरेज करने पहुंचे पत्रकारों से मारपीट, बंधक बनाया, कैमरा छीना, पुलिस के आने से पहले दस्ते के साथ भागी आरटीओ की महिला इंस्पेक्टर
हाइवे पर अवैध वसूली करते आरटीओ गार्ड
उदयपुर। बलीचा बाइपास के आगे अवैध वसूली कर रहे आरटीओ के उडऩदस्ते में शामिल महिला इंस्पेक्टर और गार्डों ने बीती शाम खुलेआम गुडागर्दी मचा दी। अवैध वसूली का कवरेज करने पहले दो पत्रकारों के साथ मारपीट की गई और उनका कैमरा छीन लिया। सूचना पुलिस तक पहुंची उससे पहले ही महिला इंस्पेक्टर उडऩदस्ते के साथ मौके से भाग छूटी। इस संबंध में आरटीओ और डीटीओ ने जांच करवाने की बात कहते हुए मामले को ठंडे बस्ते में डाल दिया, जबकि यह खुलेआम भ्रष्टाचार और पत्रकारों के साथ मारपीट, बंधक बनाने और कैमरा छीनने का गंभीर मामला है। इधर, इस संबंध में पत्रकारों द्वारा महिला इंस्पेक्टर व उडऩदस्ते में शामिल गार्डों के खिलाफ गोवर्धनविलास थाने में शिकायत की गई, लेकिन पुलिस भी इस मामले में उदासीन दिखाई पड़ रही है।
पत्रकार से गुंडागर्दी करते आरटीओ कर्मी
इस घटना की लेकसिटी प्रेस क्लब के अध्यक्ष प्रतापङ्क्षसह राठौड़ सहित सभी पत्रकारों और ट्रांसपोर्ट एसोसिएशन ने निंदा की है। इसके साथ ही महिला आरटीओ की महिला इंस्पेक्टर पर कार्रवाई करने की मांग की है। गुरुवार शाम को आरटीओ का एक उडऩदस्ता द्वारा बलीचा बाइपास पर ट्रकों वालों से अवैध वसूली की जा रही थी। अवैध वसूली की इस सूचना पर शाम छह बजे क्रउदयपुर न्यूज चैनलञ्ज के पत्रकार राहुल आचार्य कवरेज करने के लिए पहुंचा। सवीना बलीचा के बीच हाइवे बाइपास पर पहाड़ी के पास आरटीओ का उडऩदस्ता जीप नंबर आरजे ३२ टीए 1428 में बैठी आरटीओ की महिला इंस्पेक्टर अक्षमिता चार गार्डों के साथ ट्रक वालों से अवैध वसूली कर रही थी। राहुल ने झाडिय़ों के पीछे से अवैध वसूली करते हुए आरटीओ के गार्डों को कैमरे में कैद किया। कुछ ही देर में गार्ड और महिला निरीक्षक अक्षमिता ने पत्रकार राहुल को देख लिया और घेरा डालकर राहुल को पकडऩे का प्रयास किया। इसी बीच राहुल ने क्रमददगारञ्ज के रिपार्टर भावेश जाट को फोन करके बुलाया, तब तक राहुल पहाड़ी पर ही भागता रहा। बाद में भावेश वहां पहुंचा, तो राहुल ने कैमरा उसे दे दिया। इस बीच राहुल को आरटीओ के गार्डों ने पकड़कर बंधक बना लिया। इन सभी को भावेश ने अपने कैमरे में कैद कर लिया। इस दौरान राहुल के साथ मारपीट की गई। बाद में इन लोगों ने भावेश को भी पकड़ लिया और कैमरा छीन लिया, लेकिन भावेश ने कैमरे से मोमोरी कार्ड निकालकर जेब में रख लिया। भावेश ने इस संबंध में क्रमददगारञ्ज में फोन किया। इस पर पुलिस मौके पर पहुंची, लेकिन इससे पहले ही महिला इंस्पेक्टर अक्षमिता उडऩदस्ते के साथ मौके से भाग छूटी। इसके बाद राहुल की तरफ से गोवर्धनविलास थाने में महिला इंस्पेक्टर अक्षमिता और आरटीओ के गार्डों के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई गई, लेकिन पुलिस भी इस गंभीर मामले में उदासीनता बरते हुए हैं।
चौथवसूली में बदनाम है महिला इंस्पेक्टर : आरटीओ इंस्पेक्टर अक्षमिता हाइवे पर चौथवसूली के मामले में काफी बदनाम है। कल शाम को अक्षमिता आरटीओ की जीप में बैठी थी, जबकि अन्य गार्ड हाइवे पर ट्रक ड्राइवरों से चौथवसूली कर रहे थे। कई ट्रांसपोर्ट वालों ने इसकी शिकायत की है। आए दिन चाहे सुबह हो या रात नियम से चलने वालों से भी वसूली करती यह महिला इंस्पेक्टर दिखाई पड़ती है।
मामला बढ़ने के बाद मोके से भागती आरटीओ इंस्पेक्टर अक्षमिता और गार्ड
वर्जन…
यह दस्ता मेरे अधीन नहीं है। आप अतिरिक्त जिला परिवहन अधिकारी से बात कीजिए।
-मन्नालाल रावत, जिला परिवहन अधिकारी
मुझे घटना का पता नहीं है। मैं पिछले कुछ दिनों से छुट्टी पर दिल्ली आया हुआ हूं। उदयपुर आकर मामले की जांच करवाऊंगा। दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
-प्रकाशसिंह राठौड़ा, अतिरिक्त जिला परिवहन अधिकारी
पत्रकारों के साथ इस तरह की घटना बिलकुल बर्दाश्त नहीं की जाएगी। पत्रकार अपने काम के प्रति प्रतिबद्ध होते हुए समाज में हो रहे भ्रष्टाचार को उजागर करने का हमेशा प्रयास करता है। ऐसे में सरकारी अधिकारियों द्वारा इस तरह की खुली गुंडागर्दी निंदनीय है। अगर कारवाई नहीं हुई तो प्रेस क्लब आंदोलन करेगा।
प्रतापसिंह राठौड़, अध्यक्ष, लेकसिटी प्रेस क्लब
अवैध वसूली का कवरेज कर रहे पत्रकारों के साथ आरटीओ निरीक्षक द्वारा मारपीट और छीना झप्पटी की घटना निंदनीय है। इसके लिए कार्रवाई होनी चाहिए। नियम के अनुरूप चलने के बावजूद भी ये निरीक्षक आए दिन ट्रक चालकों को परेशान करते हैं और अवैध वसूली तो इनका धंधा बन गया है, अब इनको उजागर करने वाले पत्रकारों से भी मारपीट पर उतारू हो गए हंै। यह तो अराजकता है।
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी पर लिखी गई गुजराती पुस्तक ‘फेकूजी हवे दिल्ली मा’ किताब की बिक्री पर कोई प्रतिबंध नहीं लगेगा.
इस किताब को बैन करने के लिए अहमदाबाद की स्थानीय अदालत में याचिका दायर की गई थी लेकिन कोर्ट ने इसे खारिज कर दिया.
यह किताब गुजरात कांग्रेस के नेता जयेश शाह ने लिखी है.
अदालत में याचिका करने वाले नरसिंह सोलंकी के अपनी याचिका में कहा था कि नरेन्द्र मोदी पर लिखी गई यह किताब पढ़ कर उन्हें दुख हुआ है और इस किताब में प्रधानमंत्री मोदी की प्रतिष्ठा को हानि पहुंचाने का प्रयास किया गया है.
उनकी दलील थी कि अभी मोदी सरकार को सिर्फ दो साल हुए हैं. देश की जनता से उन्होंने जो वादे किये हैं उनको पूरा करने के लिए वक्त है, लेकिन इस पुस्तक में उन वादों का मज़ाक उड़ाया गया है इसी कारण किताब की बिक्री रोक देनी चाहिए.
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दोनों पक्षों को सुनने के बाद जज एबी दवे ने याचिका को ख़ारिज करते हुए कहा, ‘याचिकाकर्ता को व्यक्तिगत रूप से कोई नुकसान हुआ हो, ऐसा अदालत नहीं मानती, लेखक ने जो लिखा है वह उसका व्यक्तिगत मत है, वह उसका अधिकार हे, उस पर अदालत रोक नहीं लगा सकती.’
इस संबंध में बीबीसी ने किताब के लेखक जयेश शाह से संपर्क करने की कोशिश की लेकिन संपर्क नहीं हो सका.
कांग्रेस प्रवक्ता मनीष दोषी ने बीबीसी से बातचीत में आरोप लगाया, “गुजरात के लोगों को बुद्धू बनाने के बाद अब मोदीजी देश को मूर्ख बना रहे हैं और यही बात किताब में है.”
हालांकि भाजपा के प्रवक्ता भरत पंड्या ने बीबीसी को बताया, “प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के बारे में लगातार दुष्प्रचार हो रहा है लेकिन देश की जनता सब जानती हे, ऐसी किताब से कोई फर्क नहीं पड़ता.”
तमिलनाडु के सेलम में एक चौका देने वाली घटना सामने आई है. यहां फेसबुक ने एक 21 वर्षीय युवती की जान ले ली. इस युवती की फ़ोटो किसी अराजक तत्व ने मॉर्फ्ड यानी फ़ोटो से छेड़-छाड़ कर अश्लील फ़ोटो बनायीं.
इस करतूत की बार बार पुलिस से शिकायत करने के बाद भी जब इसे नहीं हटाया गया तो हार कर युवती फांसी लगाकर ख़ुदकुशी कर ली. मृतक युवती सलेम जिले में अपने माता-पिता के साथ रहती थी.
युवती के शव के साथ मिले सुसाइड नोट में जो लिखा है उससे तो यही लगता है कि उसके माता-पिता ने उसकी इस बात पर यकीन नहीं किया था कि वे अश्लील तस्वीरें उसने नहीं भेजी थीं, जिसने भी उन्हें फेसबुक पर पोस्ट किया.
सुसाइड नोट में लिखा है “जीने से क्या फायदा, अगर मेरे माता और पिता ही मुझ पर विश्वास नहीं करते…?” युवती के माता पिता ने ये भी आरोप लगाया कि जब कार्रवाई की मांग की तो एक पुलिस ऑफिसियल ने उनसे रिश्वत मांगी थी.
जबकि जबकि दूसरे पुलिस अधिकारी ने युवती के चरित्र पर ही सवाल उठाने शुरू कर दिए. माता अब दोनों अधिकारियों पर कार्रवाई की मांग कर रहे हैं.
जानकारी के मुताबिक पिछले साल ही कैमिस्ट्री में ग्रेजुएशन की डिग्री हासिल कर चुकी इस युवती की तस्वीरें किसी ने उसी के नाम से ही फेसबुक पर पेज बनाकर पोस्ट की थीं.
उसके परिवार का आरोप है कि पुलिस ने 23 जून को दर्ज कराई गई शिकायत पर कोई कार्रवाई नहीं की, जिसमें उन अश्लील तस्वीरों को फेसबुक से हटवाने और अपराधी की पहचान कर उसे सज़ा दिलवाने की मांग की गई थी.
पुलिस की मानें तो आत्महत्या के लिए उकसाने का केस दर्ज कर लिया गया है और उस फेसबुक पेज को ब्लॉक करवा दिया है, जिस पर उसकी तस्वीरें पोस्ट की गई थीं. फेसबुक से उस शख्स के बारे में जानकारी भी मांगी गई है, जिसने वे अश्लील तस्वीरें पोस्ट की थीं.