हिन्दुस्तान जिंक की 50वीं वार्षिक आम सभा सम्पन्न

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उदयपुर। वेदान्ता समूह की जस्ता-सीसा एवं चाँदी उत्पादक कंपनी हिन्दुस्तान जिंक के प्रधान कार्यालय के सभागार में कंपनी की 50वीं वार्षिक आम बैठक आज सम्पन्न हुई। बैठक को संबोधित करते हुए वार्षिक आम बैठक के अध्यक्ष श्री अखिलेष जोषी ने कहा कि वित्तीय वर्ष 2016 में कम्पनी का रिकॉर्ड निष्पादन रहा है जबकि वर्ष के दौरान रिकॉर्ड खनिज धातु तथा एकीकृत धातु उत्पादन हुआ।

अखिलेष जोषी ने शेयरधारकों को बताया कि कंपनी ने भूमिगत खनन की ओर पदार्पण का कार्य संतोषजनक रूप से हो रहा है तथा वर्ष 2016 में कुल खनित धातु के उत्पादन का 40ः इसी विधा से हुआ है जबकि एक वर्ष पूर्व यह 28ः ही था। वित्तीय वर्ष 2017 में यह 60ः तक हो जाएगा जब कि रॉयल्टी रहित उत्पादन लागत स्थिर रहने की आशा है।

श्री जोषी ने बताया कि कम्पनी के सघन खनिज समन्वेषण कार्यकलाप के फलस्वरूप पिछले कई वर्षाें में आरक्षित भंडार एवं संसाधन आधार को और सुदृढ़ बनाया है। वर्ष के दौरान आरक्षित एवं संसाधन भण्डार में 25.3 मिलियन मी. टन की वृद्धि हुई जो 10.5 मिलियन मी. टन के अवक्षय से पूर्व थी। इस प्रकार 31 मार्च, 2016 को इसमें और इजाफा करते हुए 389.9 मिलियन मी. टन आरक्षित एवं संसाधन भण्डार है जिनमें 36.1 मिलियन मी. टन जस्ता – सीसा धातु तथा 1,007 मिलियन आउन्ज चाँदी विद्यमान है। खान का समग्र जीवन 25$ वर्ष है।

वर्ष के दौरान उत्पादन लागत में कमी की, दक्षताओं का उन्नयन किया, हमारी खानों तथा प्रद्रावकों की उत्पादता में सुधार किया तथा कंपनी की विस्तारशील परियोजाओं में खान विकास को चहुँमुखी गति प्रदान की। वर्ष के दौरान खनित धातु उत्पादन 889 किलो टन यानि आंशिक तौर पर अधिक था जो अधिक अयस्क उत्पादन के कारण रहा। वर्ष के दौरान जस्ता, सीसा एवं चाँदी धातुओं का उत्पादन गत वर्ष की तुलना में क्रमशः रिकार्ड स्तर तक यानि 5ः, 33ः तथा 58ः तक बढा जो अधिकतम खनित धातु की उपलब्धता, के फलस्वरूप रहा और वर्तमान खनिज धातु भण्डारों एवं संवर्धित प्रद्रावण दक्षताओं के कारण और पुख्ता हो पाया है।

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रामपुरा-अगूचा भूमिगत खदान का सहजीकरण जो वर्ष के आरंभ में जैसा कि नियोजित था, धीमा रहा, अब गति पकड़ चुका है तथा मार्च माह में डिक्लाइन विकास अब तक का सर्वाधिक रहा है। तिमाही के दौरान विकसित निखनन स्थलों से अयस्क उत्पादन आरंभ हो गया तथा पेस्ट भरण संयंत्र भी चालू किया जा चुका है। मुख्य शाफ्ट को गहरा करने की परियोजना में अब पूरा ध्यान 950 मीटर की कुल गहराई में से 860 मीटर तक करने पर दिया जा रहा है। रामपुरा-अगूचा विवृत्त खान में और 50 मीटर की अतिरिक्त गहराई करने का कार्य सन्तोषपूर्वक चल रहा है।

वर्ष के दौरान सिन्देसर खुर्द खदान तथा कायड़ खदान योजना निर्धारित अवधि से पूर्व ही पूर्ण हुई तथा इनमें से क्रमशः 3 मीलियन टन प्रतिवर्ष एवं 1 मिलियन टन प्रतिवर्ष की उत्पादन क्षमता अर्जित कर ली गई। वर्ष के दौरान 3.75 मिलियन टन प्रतिवर्ष की क्षमता वाली सिन्देसर खुर्द खदान की पर्यावरणीय स्वीकृति प्राप्त कर ली गई तथा 1052 मीटर की कुल गहराई तक मुख्य शाफ्ट गहरा करने का कार्य पूरा कर लिया गया जब कि शाफ्ट विकसित करने व अतिरिक्त कार्य निर्धारित अवधि पहले किया जा रहा है। सिन्देसर खुर्द में नयी मिल तथा जावर की वर्तमान मिल के डीबोटलनेकिंग के कार्य वर्ष के दौरान आरम्भ कर दिये गये।

श्री जोषी ने शेयरधारियों को अवगत कराया कि वर्ष के दौरान कम्पनी ने शिक्षा, संपोषणीय आजीविका, महिला सशक्तिकरण, स्वास्थ्य, जल, स्वच्छता, खेल एवं संस्कृति, पर्यावरण, सामुदायिक विकास तथा सामुदायिक संपदा सर्जन जैसेे क्षेत्रों पर पूरा ध्यान देते हुए विभिन्न निगमित सामाजिक दायित्वों पर 63.25 करोड़, रूपए का निवेश किया।

श्री जोषी ने बताया कि विष्व में जस्ता धातु की मांग प्रतिवर्ष 2ः से 3ः तक की स्थिर गति से बढने की आशा की जाती है जबकि घरेलू माँग प्रतिवर्ष 6ः-7ः की दर से बढ़ने की आशा है।

ज्ञातव्य रहे कि कम्पनी इस वर्ष को स्वर्ण जयन्ति वर्ष के रूप में मनाया है, निदेशक मण्डल ने कंपनी के शेयरधारियों के लिये 30 मार्च, 2016 को 1200ः का विशिष्ट लाभांश (2 रूपये के प्रत्येक एक शेयर पर 24 रूपये) घोषित किया है जो भारत के निजी क्षैत्र के उपक्रम में सर्वाधिक एकल लाभांश हैं। तथा भारत के निगमित इतिहास में दूसरा सर्वाधिक लाभांश है। यह स्वर्ण जयन्ती लाभांश पहले अन्तरिम एवं विशेष अन्तरिम लाभांश (3.80 रूपए प्रति शेयर) जो अक्टूबर, 2015 में दिया गया था, के अलावा है। पहले से दिये गये स्वर्ण जयन्ति लाभांश को ध्यान में रखते हुए निदेशक मण्डल ने और कोई फाइनल लाभांश की सिफारिश नहीं की है।

गत वर्ष की तुलना में शुद्ध लाभ 8,167 करोड़ रूपए हुआ क्योंकि कम पीबीडी आईटी का प्रभाव वर्ष के दौरान कम कराधान से प्रभावित हुआ। वित्तीय वर्ष के अन्त तक अन्तिम नकदी 35,235 करोड रूपये रही जो वित्तीय वर्ष 2015 में 30,785 करोड़ रूपए थी और यह स्वर्ण जयन्ति लाभंाश के वितरण से पूर्व थी।

बैठक में वार्षिक आम बैठक के अध्यक्ष श्री अखिलेष जोषी हिन्दुस्तान जिं़क के मुख्य कार्यकारी अधिकारी एवं पूर्णकालिक निदेषक श्री सुनील दुग्गल के अतिरिक्त हिन्दजिंक के मुख्य वित्तीय अधिकारी अमिताभ गुप्ता, कंपनी के निदेषक मण्डल में निदेषक सुधीर कुमार, अरूण टोडरवाल, महामहिम राष्ट्रपति के प्रतिनिधि सतीष एस कोहली तथा कंपनी सचिव राजेन्द्र पण्डवाल उपस्थित रहे।

लड़का लड़की को नंगा कर गाँव में घुमाया – पूरा गाँव है दोषी

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उदयपुर.राजस्थान के उदयपुर के पास कानोड़ गांव में एक लड़के और शादी शुदा लड़की के कपड़े उतारकर गांव में घुमाने 39d6942a-e09a-46bb-a22d-ef7faaf4ae96का सनसनीखेज मामला सामने आया है। बताया जा रहा है कि दोनों को दो दिन तक रस्सी से बांधकर रखा गया था।
 शादीशुदा लड़की और उसके प्रेमी को गांव वाले 3 दिन पहले पकड़कर लाए थे।
दोनों को लोगों ने पहले रस्सी से बांधा, फिर कपड़े उतारे और गांव भर में घुमाया।
लोगों की दरिंदगी यही कम नहीं हुई, उन्होंने दो दिन तक माता के मंदिर के सामने रस्सी से बांधे रखा।
लड़के को उसके परिवार वाले 80 हजार रुपए में बुधवार शाम गांव वालों के कब्जे से छुड़वाकर लाए।
जबकि लड़की को छुड़वाने के लिए पहुंची मां, दो भाइयों सहित छह लोगों को भी कमरे में बंधक बना लिया। जिन्हें गुरुवार सुबह कानोड़ पुलिस छुड़वाकर लाई।
लड़की अब तक गांव वालों के कब्जे में बताई जा रही है।
तीन दिन तक मामले से बेखबर रही पुलिस ने गुरुवार देर रात छह लोगों सहित अन्य लोगों के खिलाफ केस दर्ज किया है।
क्या है पूरा मामला
– बताया गया कि पीड़ित लड़का 28 साल का लालू राम है, जो 17 जून को 26 साल की शांता उर्फ भूरी के साथ भाग गया था।
– गांव के लोग इन्हें 20 जून सुबह भटेवर के पास से पकड़कर कसोटिया गांव में लाए और दोनों को मंदिर के सामने बांध cc382e22-f218-428b-afa9-b8265d69d6a8दिया।
– फिर इनके कपड़े उतारकर उन्हें पूरे गांव में घुमाया गया।
– पूरा दिन और रात बांधे रखने के बाद बुधवार सुबह सूचना मिलने पर लड़के के परिवार वाले कसोटिया गांव पहुंचे। तब तक भी दोनों बिना कपड़ों के बंधे हुए थे।
– युवक को छोड़ने के बदले गांव वालों ने दो लाख रुपए की मांग की गई। इसके बाद 80 हजार रुपए देकर परिवार वाले युवक को गांव वालों से छुड़वाकर लाए।
पहले भी हो चुकी ऐसी घटनाएं
– राजस्थान के राजसमंद के थुरावड़ में महिला को कपड़े उतारकर गधे पर बैठाया था। मामला संयुक्त राष्ट्र संघ तक पहुंचा था।
– वहीं, इसके पहले राजस्थान के ही सेमारी में लड़के-लड़की के कपड़े उतारकर पेड़ से बांधा था।
– डबोक इलाके में भी महिला का मुंह काला कर बाल काटे थे।
लड़की के भाई से सिर्फ रिपोर्ट ली…
– घटना के बाद लड़की के भाई से सिर्फ रिपोर्ट ले ली गई, लेकिन मुकदमा तक दर्ज नहीं किया गया।
– लापरवाही की हद है कि इस शर्मनाक घटना के बाद भी आला अफसरों ने घटनास्थल पर पहुंचना तक मुनासिब नहीं समझा।
– पुलिस गुरुवार देर रात तक लड़की को बरामद करने की योजना ही बनाती रही।

हिन्दुस्तान का वेनिस है उदयपुर

l_venice-of-eastउदयपुर को पूरब का वेनिस कहा जाता है। इटली के वेनिस और राजस्थान के उदयपुर शहर की लाइफलाइन यहां की खूबसूरत नहरें व झीलें हैं। वेनिस जहां अपनी प्राकृतिक खूबसूरती, ऐतिहासिक इमारतों, संस्कृति के लिए प्रसिद्ध हैं और इनसे ही रू-ब-रू होने के लिए वहां लाखों पर्यटक उमड़ते हैं तो उदयपुर भी इन्हीं सब बातों के लिए मशहूर है।

इटली का वेनिस दुनिया के सबसे रोमांटिक शहरों में से एक है। पानी में तैरते एक द्वीप की तरह लगने वाला ये शहर प्राकृतिक छटा और खूबसूरती के कारण लोकप्रिय बना हुआ है। इस शहर में करीब 120 द्वीप हैं। उनके बीच नहरें हैं, पुल हैं।  इटली के इस शहर को पैदल चलकर या फिर नावों पर घूमा जा सकता है।

उदयपुर को राणा उदयसिंह ने बसाया था। यहां करीब 7 झीलें हैं जो आपस में जुड़ी हुई हैं बिल्कुल वैसे जिस तरह से वेनिस की नहरें आपस में जुड़ी हैं। इनमें भी पर्यटकों को सैर कराने के लिए नावें चलाई जाती हैं। मानसून में जब झीलें ओवरफ्लो होती हैं तो शहर में बिल्कुल वेनिस जैसा नजारा बन पड़ता है। गुमानिया वाले नाले से लिया गया दृश्य।

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वेनिस शहर मुख्य तौर पर पर्यटन पर निर्भर है। तीन लाख से भी कम आबादी वाले शहर में रोजाना किसी भी वक्त कम से कम पचास हजार सैलानी मौजूद होते हैं।

इसी तरह उदयपुर की बात करें तो यहां के महल व किलों की संरचना के साथ ही अंदरूनी शहर में ऐतिहासिकता आज भी झलकती है। यहां की गलियों में घूमकर पर्यटक इस ऐतिहासिक धरोहरों से रू-ब-रू होते हैं। यहां सिटी पैलेस में यूरोपियन वास्तुकला के नमूने मिलते हैं।

वेनिस शहर की संरचना कितनी अनूठी है इसका अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि मुख्य वेनिस लगभग छह सौ सालों से लगभग वैसा ही है।

वेनिस की तरह उदयपुर में भी पर्यटन हर मौसम में आबाद दिखाई देता है और यहां भी पर्यटन पर निर्भरता अधिक है।

छत पर सो रहे माता-पिता के पास से बच्ची को उठा ले गया पैंथर

l_panther-1466665689उदयपुर/राजसमंद। केलवाड़ा क्षेत्र के छीतर की बादल गांव में बीती रात घुसा पैंथर एक छत पर सा रहे माता-पिता के पास से एक १२ साल की बच्ची को उठा ले गया। जाग होने बाद बच्ची का शव मकान के पिछवाड़े पड़ा मिला। इस घटना से ग्रामीणों में भय और वन विभाग के प्रति काफी गुस्सा है।
जानकारी के अनुसार केलवाड़ा क्षेत्र के छीतर की बादल निवासी १२ वर्षीय रवीना उसके पिता रणजीतसिंह और मां के साथ बीती रात मकान की छत पर सो रही थी। रात्रि को माता-पिता के पास सो रही रवीना अचानक गायब हो गई। मां को जब बच्ची नहीं मिली तो उसकी तलाश शुरू हुई। पता चला कि छत पर पैंथर आया था और वह बच्ची को उठाकर ले गया। उसका शव मकान के पिछवाड़े मिला। शव के आसपास पैंथर के पैरों के निशान थे। बच्ची के गले पर दांत से काटने के निशान थे। सुबह चार बजे इस बारे में बच्ची के माता-पिता को पता चला। इस घटना के बाद गांव में दशहत का माहौल है। ग्रामीणों का आरोप है कि वन विभाग के कर्मचारियों ने पैंथर को पूर्व में नहीं पकड़ा, जबकि लंबे समय से इसकी शिकायत की जा रही थी। पैंथर की तलाश में वन विभाग और पुलिस आज सुबह गांव मेंं पहुंची। पुलिस ने मृत बच्ची का शव सीएचसी बजपुरा में रखवाया है। वन विभाग के अधिकारियों ने आज गांव के पास ही पिंजरा लगाकर पैंथर को पकडऩे के प्रयास शुरू कर दिए हैं।

कटारियाजी, आनंदपाल को छोड़ो, चोरों को ही पकड़वा दो

katariyaउदयपुर। गृह सेवक गुलाबचंद कटारिया कुख्यात बदमाश आनंदपाल को एनकाउंटर नहीं करने का लॉलीपोप दे रहे हैं कि क्रआ आजो नहीं होगा एनकाउंटर।ञ्ज, वहीं शहर की जनता कह रही है कि कटारियाजी, आनंदपाल को छोड़ा, शहर में बढ़ रही चोरियों की वारदातों पर ही अंकुश लगवा दो, तो काफी है। शहर में बढ़ती चोरियों से शहरवासी परेशान हो गए हैं।
 शहर में पिछले सात दिनों में तीन स्थानों पर बड़ी चोरियां हुई, जहां से चोर लाखों के जेेवरात, कपड़े व नगदी ले गए। इतनी बड़ी चोरियों में भी पुलिस केवल सीसीटीवी फुटेज खंगालती रही। विभाग के मुखिया तंत्र को संभाल नहीं पा रहे हैं और क्रोधित शहरवासी यहां तक कह रहे हैं कि क्रक्रकटारियाजी, आप आनंदपाल को छोड़ों, केवल चोरों को ही पकड़वा दो।ञ्जञ्ज शहर में 14 से 22 जून के बीच चोर दिनदहाड़े सूने मकानों को निशाना बनाकर चोरी की वारदात को अंजाम दे रहे हैं। कई थाना क्षेत्रों में हो रही इन चोरियों में लाखों का माल चोर ले गए परंतु पुलिस अब तक एक भी मामले का खुलासा नहीं कर पाई है। चोरियों पर अंकुश लगाने में नाकाम पुलिस से जब चोरी के मामले में जांच के बारे में पूछा जाता है तो आलाधिकारी केवल इतना ही जवाब देते हैं कि टीमें गठित कर चोरों की तलाश की जा रही है। बुधवार को तो चोर गृह सेवक कटारिया के मकान से कुछ दूरी पर ही एक कांट्रेक्टर महेंद्र चौधरी के मकान पर हाथ साफ कर गए। पुलिस चोर को नहीं पकड़ पा रही पर बदमाश पुलिस का पैंतरा अपनाकर जनता के साथ वारदात कर रहे हैं। उदियपोल क्षेत्र में नकली पुलिस बनकर आए बदमाश एक व्यापारी के साथ ठगी कर गए। इस मामले में तो पुलिस ने कमाल ही कर दिया। उलटा चोर को पकडऩे के पुलिस ने फरियादी को ही थाने में बुलाकर सुंत दिया।
गत माहों में हुई बड़ी चोरियां:
केस वन : १४ जून को प्रतापनगर क्षेत्र के देबारी स्थित पेट्रोलपंप के सामने जिंक कॉम्पलेक्स क्षेत्र निवासी भैरूसिंह पुत्र रामसिंह चूंडावत के मकान से आठ तोला सोने-चांदी के जेवरात व दो लाख 85 हजार रुपए चुरा ले गए।
केस टू : १६ जून को सेवाश्रम के सुभाषनगर स्थित रघुकुल कॉम्पलेक्स के तीन फ्लैट में दिनदहाड़े ५० लाख की चोरी हो गई।
केस थ्री : २२ जून को प्रमोद चौधरी के घर से ७५ तोला सोना, १२ किलो चांदी, तीन लाख रुपए और लेपटॉप आदि समान चोरी चले गए। इस मामले में भी पुलिस सीसी टीवी फुटेज खंगालने के अलावा कुछ नहीं कर पाई।
केस फोर : दो अप्रैल को प्रतापनगर के बी ब्लॉक में दिन-दहाड़े चोरों ने सुने मकान में घुसकर पालतू कुत्ते को बेहोश करके चोरी की वारदात को अंजाम दिया और जेवरात और नगदी चुरा ले गए।
वर्ष 2015 की बड़ी चोरियां, जिनका नहीं हो सका खुलासा
केस वन : उदय अपार्टमेंट में केवल 16 मिनट में चोर वारदात को अंजाम देकर लाखों रुपए के जेवरात व नगदी ले गए। उसके बाद भारी पुलिस उदय अपार्टमेंट पहुंची लेकिन इस वारदात का आज तक खुलासा नहीं हो पाया है।
केस टू : सुखेर क्षेत्र के फ्लोर कॉम्पलेक्स स्थित सूने मकान से लाखों की चोरी की वारदात हुई, जिसका भी खुलासा नहीं हो पाया।
केस थ्री : नीमचखेड़ा क्षेत्र में दिनदहाड़े एक मकान से लाखों के जेवर व 10 हजार की नकदी चोरी चली गई। यह मकान मात्र ढाई घंटे के लिए ही सूना छोड़कर गृह स्वामी वापस लौटा, तब तक वारदात हो चुकी थी।
वर्जन…
शहर में बढ़ रही चोरियों पर अंकुश लगाने के लिए एक स्पेशल टीम गठित कर चोरों को पकडऩे के प्रयास किए जा रहे हैं। शहर के अपार्टमेंट में हो चोरियों में यूपी की अंतर्राज्यीय गैंग पर संदेह हैं। पुलिस जल्द ही इन चोरों को पकड़ लेगी। इसके पूरे प्रयास किए जा रहे हैं।
-सुधीर जोशी, एएसपी, सिटी

मौसम विभाग के फेसबुक पेज पर हर घंटे शेयर की जा रही है मानसून की जानकारी, जताई जा रही है अच्छे मानसून की उम्मीद

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उदयपुर। प्री-मानसून की शुरुआत के बाद मानसूनी बारिश का अच्छा दौर शुरू होने वाला है। यह जानकारी मौसम विभाग के फेसबुक पेज से हर घंटे शेयर की जा रही है। मौसम विभाग अब सोशल मीडिया पर अपनी पूरी तकनीक के साथ उतर चुका है और पल-पल की जानकारी शेयर कर रहा है। मानसून कब?, कहां? और कब तक पहुंचेगा? इसकी पूरी जानकारी नक्ये सहित फेसबुक ट्विटर पर दी जा रही है।
मौसम विभाग ने फिलहाल फेसुबक और ट्विटर पर अपने एकाउंट बनाए हैं। दोनों एकाउंट पर रियल टाइम अपडेट दी जा रही है। ऐसे में स्थानीय लोग ही नहीं विदेश में बैठे यूजर्स को भी राजस्थान सहित भारत के मौसम में हो रहे बदलाव की पल-पल सूचना मिल रही है। लोगों तक मौसम से जुड़ी अधिक से अधिक जानकारी पहुंचाने के लिए मौसम विभाग ने 15 दिन पहले फेसबुक और ट्विटर पर अपने एकाउंट बनाए हैं। फेसबुक पर इंडिया मीटिरोलॉजिकल डिपार्टमेंट के नाम से अकाउंट बनाया गया है। ट्विटर अकाउंटर आईएमडी वैदर के नाम से हैं। दोनों सोशियल मीडिया पर सक्रिय यूजर्स मौसम विभाग के अकाउंट से जुड़ सकते हैं।
फेसबुक पर मौसम विभाग : अभी तक 21 हजार 266 लोगों ने लाइक किया है। अभी अंतिम अपडेट 12 बजे मानसून की ताजा स्थिति को लेकर दिया गया है। फेसबुक पर सक्रिय मानूसन के मुंबई-गुजरात पहुंचने की सूचना के साथ अगले 48 घंटे में राजस्थान में पहुंचने का पूर्वानुमान है।
ट्विटर पर मौसम विभाग : ट्विटर पर आईएमडी वैदर के पेज को 10790 लोगों ने फॉलो किया है। ट्विट में मानसून की सेटेलाइट इमेज सहित अन्य फोटो भी शामिल है।
भूकंप और चक्रवात का अपडेट भी हाथों-हाथ : मौसम विभाग सभी तरह के मौसम के अपडेट सोशियल मीडिया पर हाथों-हाथ शेयर करेगा। इसके लिए मौमस विभाग ने एक अलग से टीम बनाई गई है। देश में कहीं भी अधिक तीव्रता का भूकंप आया है तो उसकी हाथों-हाथ अपडेट फेसबुक व ट्विटर आ जाएगी। अरब सागर, बंगाली की खाड़ी और हिन्द महासागर में बन रहे साइक्लोन की पूर्व सूचना भी सोशल मीडिया पर आने से लोग सावधान हो जाएंगे।

गुलाबचंद कटारिया की फेसबुक पर हुई फजीहत

Gulab Chand Katariaउदयपुर। गृह सेवक गुलाबचंद कटारिया द्वारा अपने उद्बोधन में पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह के लिए बार बार गाली का प्रयोग करने के बाद फेसबुक पर अपने पेज पर माफ़ी तो मांग ली लेकिन कई लोगों ने कमेन्ट में कटारिया की जम कर खिचाई की। कटारिया समर्थक कई भाजपा युवा पदाधिकारी कटारिया का बचाव भी करते नज़र आये लेकिन इसके बावदूद १५० से अधिक कमेन्ट में कटारिया को लोगों ने खूब खरी खोटी सुनाई।
कटारिया ने रविवार को चुरू में कार्यकर्ता के कार्यक्रम में पूर्व प्रधान सेवक मनमोहन सिंह के लिए बार बार सा** शब्द का प्रयोग कर अशोभनीय भाषा का प्रयोग किया था। जिसके बाद कल राज्य भर में कांग्रेसियों ने प्रदर्शन किये। कटरिया ने अपने फेसबुक पेज पर बाद में लिखा कि “देश के पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह जी के ख़िलाफ़ कुछ दुर्भावना पूर्वक भाषण में नहीं कहा है। किसी को बुरा लगा हो तो खेद प्रकट करता हूँ। ” इस खेद प्रकट करने के निचे कमेन्ट में लोगों ने कटरिया की जम कर आलोचना की है।
कमेन्ट में रमेश तिवारी ने लिखा कि  ये  “बाबा ऐसा ही हे, जुबान फिसल जाती है। बाबा ये नहीं जनता कि ये ताकत जनता की है। ये वही जनता है जो कांग्रेस को राजा बनती थी और अब तुम्हे बनाया है इतना मत इतराइये पब्लिक है सब जानती है “
प्रकाश चन्द्र डांगी ने कहा ” भाषा इंसान की मानसिकता और संस्कार का प्रतिक होती है  मी. होम मिनिस्टर राजस्थान शौन हिज संस्कार, शेम शेम।
एम् सी टेलर लिखते है ”  आपके विध्वंश की शुरुआत हो चुकी है।  2018 मैं तिलांजलि देने आना पड़ेगा। इसके अलावा भी कई लोगों ने कटारिया की आलोचना की है।
हालाँकि कई कमेन्ट कटारिया के पक्ष में भी कहे गए है। जिसमे लोगों द्वारा कहा गया की जो कहा ठीक कहा वापस क्षमा मांगने की जरूरत नहीं। तो कटारिया समर्थक जिनेन्द्र शाश्त्री जैसे अन्य युवा नेताओं ने कुछ कमेन्ट में लोगों को जवाब देने की कोशिश की। लेकिन लोगों को आक्रामक होते देख समर्थकों ने भी जवाब देना बंद कर दिया।  कई कमेन्ट तो गालियों से भरे हुए और ज्यादा अभद्र भाषा का प्रयोग किया गया था जिसको बाद में पेज से हटा दिया गया।
कई विद्यार्थी मित्रों ने भी निचे जम कर कटारिया को कोसा है।

पुलिस खुद बनी ग्राहक, फिर लपेटा जिस्मफरोशी करने वाले हैवानों को

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accused-arrested1राजसमंद. जिला विशेष शाखा ने मंगलवार को पीटा एक्ट के तहत कार्रवाई करते हुए दो जगहों पर छापे मारे जहां से 4 महिलाओं सहित 2 दलालों को गिरफ्तार किया गया। दो महिलाएं मुंबई की कॉल गर्ल हैं जबकि अन्य दो कांकरोली से ही हैं।जानकारी के अनुसार, जिला विशेष शाखा ने डीएसपी माधुरी वर्मा के नेतृत्व में राजसमंद के कांकरोली बस स्टेंड स्थित एक होटल  व झील किनारे स्थित लाल बंगले के पास एक मकान पर कार्रवाई की। इसके लिए पुलिस ने दोनों जगहों पर जवान को बोगस ग्राहक बनाकर  भेजा। इसके बाद जिस्मफरोशों को  धर दबोचा। कार्रवाई में दलाल छापली निवासी तुलसा सिंह पुत्र अर्जुनसिंह रावत, पालरा भीम निवासी हिम्मतसिंह पुत्र मोतीसिंह रावत, मयूर होटल के मैनेजर अरड़किया रेलमगरा निवासी शंकरलाल पुत्र किशनलाल कुमावत को गिरफ्तार किया। इसके अलावा मुंबई की दो कॉल गल्र्स  और कांकरोली की दो महिलाओं को भी पुलिस ने गिरफ्त में लिया।

5 दिन में कमाने वाली थीं एक लाख रुपए

पुलिस की जांच में सामने आया कि मुंबई की दो कॉल गल्र्स राजसमंद में 5 दिनों के लिए वेश्यावृत्ति के लिए बुलाया गया था। ये 5 दिन में  5 ग्राहकों से एक लाख रुपए कमाने वाली थीं। वहीं, अन्य दो महिलाएं कांकरोली की ही हैं, इसमें से एक महिला इसी तरह के मामले में पहले भी पकड़ी जा चुकी है।

राजस्थान के ग्रहमंत्री ने मनमोहन को 8 बार दी गाली, कहा-US में सा** को कोई भी ऐरा-गेरा नत्थू खेरा रिसीव करता था

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katariyaउदयपुर .राजस्थान के होम मिनिस्टर गुलाबचंद कटारिया ने रविवार को चूरू में पार्टी वर्कर्स के प्रोग्राम में मनमोहन सिंह के खिलाफ आपत्तिजनक कमेंट किए। उन्होंने 8 बार एक ही गाली का इस्तेमाल किया। उन्होंने कहा, ” मनमोहन अमेरिका जाते थे तो सा* को एयरपोर्ट पर रिसीव करने के लिए ऐरा-गेरा नत्थू खेरा मंत्री आता था। अब मोदी जाते हैं तो खुद राष्ट्रपति ओबामा लेने आते हैं।
 – कटारिया ने मनमोहन सिंह के कार्यकाल को सबसे घटिया बताते हुए कहा कि उनके कार्यकाल में कोई नेता घास खाकर तो कोई कोयला व तार खाकर जेल चला गया। मनमोहन ने देश को घोटालों वाला बना दिया।
– उन्होंने कांग्रेस नेताओं पर तंज कसते हुए कहा कि हिंदुस्तान को बर्बाद करने वाली कोई फौज है तो वह इन्हीं नेताओं की है।
– उन्होंने कहा कि जनता को जोड़ा जा सकता है, मगर उसके मॉडल (अादर्शवाद) का उदाहरण जरूरी है।
सचिन पायलट पर भी साधा निशाना
– कटारिया ने कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष सचिन पायलट पर निशाना साधते हुए कहा है कि पायलट कहता है कि भाजपा सरकार ने 15 लाख नौकरियों का वादा किया, मगर उन्हें ये पता नहीं इस सरकार ने ढाई साल में कितने लाख लोगों नौकरी दे दी। वे 55 साल का कांग्रेस के कामों का रिकाॅर्ड ले आएं और मैं भाजपा के 5 साल के कार्यकाल में उन्हें पछाड़ दूंगा।
विवाद बढ़ने पर माफी मांगी
बयान पर विवाद बढ़ा तो कटारिया ने देर शाम अपने फेसबुक पेज पर लिखा- ”मैंने भाषण में कुछ भी दुर्भावनापूर्वक नहीं कहा है। किसी को बुरा लगा हो तो खेद प्रकट करता हूं।”
बयान ओछी मानसिकता का प्रतीक : पायलट
– राजस्थान कांग्रेस के प्रेसिडेंट सचिन पायलट ने कहा कि पूर्व प्रधानमंत्री के बारे में सार्वजनिक रूप से इस तरह की टिप्पणी कटारिया के मानसिक पतन को दर्शाती है। भाजपा का नैतिक पतन हो चुका है। इसलिए भाजपा के नेता समय-समय पर ऐसी ओछी मानसिकता का प्रदर्शन कर रहे हैं।
– उधर, पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने भी कटारिया के बयान की अलोचना की।

आ ही गया एक रुका हुआ फ़ैसला…

gulberg society modiचौदह साल, तीन महीने और सत्रह दिन पहले दंगाइयों ने अहमदाबाद में गुलबर्ग सोसायटी नाम की एक रिहायशी इमारत में आग लगा दी थी जिसमें 69 लोगों की मौत हो गई थी.

उस वारदात के लिए अदालत ने 11 लोगों को आजीवन कारावास की सज़ा सुना दी. एक मुजरिम को 10 साल की और 12 को सात-सात साल की क़ैद दी गई है.

अदालत का ये फ़ैसला ऐतिहासिक है. स्वतंत्र भारत के इतिहास में बिरले ही ऐसे मौक़े आए हैं जब धार्मिक फ़साद के दौरान हुए क़त्ल-ए-आम के दोषियों को सज़ा मिली हो.

ये छोटी उपलब्धि नहीं है कि गुजरात में 2002 में हुई हिंसा के मामलों में अब तक एक दर्जन से अधिक मुक़दमों में सवा सौ से ज़्यादा मुजरिमों को आजीवन कारावास की सज़ा मिल चुकी है.

सभी मुक़दमों में ये ज़ाहिर हुआ है कि कई दोषी दंगाई राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ और उसके घटक, जैसे भारतीय जनता पार्टी (भाजपा), बजरंग दल और विश्व हिंदू परिषद से जुड़े हुए थे.

इन दोषियों में सबसे चर्चित गुजरात की पूर्व मंत्री माया कोडनानी हैं, जिन्हें 91 लोगों के नरसंहार के आरोप में 28 वर्ष की सज़ा पहले ही सुनाई जा चुकी है.

तो क्या गुजरात के दंगा पीड़ितों को अदालत से इंसाफ़ मिल रहा है? सामाजिक कार्यकर्ता तीस्ता सीतलवाड़ का मानना है कि अदालत का फ़ैसला निराश करता है.

थोड़ी देर पहले उन्होंने मुंबई से फ़ोन पर कहा, “अदालत ने सज़ा ज़रूर सुनाई है लेकिन ये कह कर केस को कमज़ोर कर दिया है कि आगज़नी करने वालों ने साज़िश नहीं रची थी.”

तीस्ता की संस्था सिटिज़ेंस फ़ॉर जस्टिस एंड पीस (सीजेपी) ने पीड़ितों की मदद करते हुए पिछले 14 सालों में कई मुक़दमे लड़े हैं.

उन्हीं की कोशिशों के कारण सर्वोच्च न्यायालय ने कई मुक़दमे अपनी निगरानी में चलवाए. कुछ मुक़दमे गुजरात से बाहर की अदालतों में भी भेजे.

इसके चलते तीस्ता का भाजपा-आरएसएस से छत्तीस का आँकड़ा रहा है. एक दिन पहले ही केंद्र सरकार ने सीजेपी का विदेशी चंदा लेने का लाइसेंस रद्द कर दिया.

तीस्ता सेतलवाद

गुजरात सरकार ने तीस्ता पर पीड़ितों से जमा किए गए चंदे में ग़बन करने के आरोप लगाए हैं.

उनकी गिरफ़्तारी पर फ़िलहाल सर्वोच्च न्यायालय ने रोक लगाई हुई है. गुजरात दंगों के कारण प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी कई सालों से तीस्ता के निशाने पर हैं.

2002 में जब राज्य में हुए दंगों में एक हज़ार से ज़्यादा मुसलमान मारे गए थे, तो नरेंद्र मोदी वहाँ के मुख्यमंत्री थे.

गुलबर्ग सोसायटी के जिस मकान में आग लगाई गई थी वो एहसान जाफ़री नाम के एक पूर्व सांसद का था.

आग में मरने वाले उनके यहाँ शरण पाए घबराए हुए मुसलमान थे, जिनमें औरतें और बच्चे भी थे.

जब जाफ़री की विधवा ज़ाकिया ने आरोप लगाया कि मोदी ने जानबूझकर दंगों करवाए तो सर्वोच्च न्यायालय ने विशेष पुलिस टीम गठित करके जाँच करवाई.

2012 में इस टीम ने मोदी के ख़िलाफ़ आरोपों को बेबुनियाद कह दिया. इसके बाद धारणा बन गई है कि सर्वोच्च न्यायालय ने मोदी को दंगे होने देने के आरोप से बरी कर दिया है. लेकिन ये धारणा ग़लत है.

ज़ाकिया जाफ़री

जाँच टीम ज़रूर सर्वोच्च न्यायालय ने बनाई लेकिन उसकी रिपोर्ट निचली अदालत में जमा हुई थी.

उस रिपोर्ट के ख़िलाफ़ ज़ाकिया जाफ़री की अपील गुजरात उच्च न्यायालय में सुनी जा रही है.

वहाँ से जो भी फ़ैसला होगा उसके बाद ही रिपोर्ट सर्वोच्च न्यायालय के सामने आएगी.

गुलबर्ग सोसायटी के हत्याकांड का फ़ैसला भले ही आ गया है. लेकिन मोदी के ख़िलाफ़ ज़ाकिया जाफ़री का मुक़दमा अभी जारी है.

देशभर में मुसलमानों की नज़र उस मुक़दमे पर टिकी है, उसका नतीजा आने में चाहे कितने ही साल लग जाएँ.

सोजन्य – बीबीसी –