टल्ली शिक्षकों का डांस

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शिक्षा सत्र अभी पूरा नहीं हुआ है। इसमें अभी करीब 15 दिन से ज्यादा का वक्त है। विद्यालयों में 30 अप्रैल को वार्षिक रिजल्ट घोषित करना था, लेकिन शिक्षक छुट्टियां पड़ने से पहले महफिल सजाने में लगे रहे। जालोर के सांचारे क्षेत्र के चितलवाना तहसील में आदर्श राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय सेसावा के सरकारी स्कूल के शिक्षकों का सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल हो रहा है। जिसमें वह शराब की पार्टी कर रहे हैं और नशे में मस्तियां कर रहे हैं।
सरकारी शिक्षकों द्वारा शराब की पार्टी में खुलेआम मस्तियां करना और झूमते हुए का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होना, शर्मनाक माहौल पैदा कर रहा है। विद्यार्थियों को संस्कारवान शिक्षा देने वाले शिक्षकों के वायरल हो रहे वीडियो शिक्षा विभाग के नियमों, दायित्व और संस्कार की जिम्मेदारियों पर सवालिया निशान खड़ा कर रहा है। सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे इस वीडियो को लेकर काफी बहस हो रही है, जो हमारे शिक्षा महकमे में सवालिया निशान पैदा करने के साथ-साथ उसे सवालों के घेरे में भी खड़ा कर रही है।

गालिबाज़ विधायक जो जनता को कहता है ” वोट डाल लेना ……

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आजकल खादीधारी नेताओं को अपनी जबान पर कंट्रोल नहीं रहा।  जनता के बिच में जो मूउह में आया बोल देते है यह नहीं सोचते की इसी जनता ने उन्हें चुन कर भेजा था। ऐसे एक नहीं बीसियों मामले है।  हाल ही में  मकराना विधायक श्रीराम भींचर जनता को गाली देने को लेकर विवादों में आगये है । सोशल मीडिया पर वायरल हुए वीडियो में विधायक भींचर अपने विधानसभा क्षेत्र के लोगों का गाली दे रहे हैं। इस वीडियो में विधायक भींचर एक व्यक्ति को कह रहे हैं कि उन्हें उसकी मेहरबानी की जरूरत नहीं है, जिस पर व्यक्ति जवाब देता है कि ‘आपको जनता की जरूरत नहीं है तो मेहरबानी की जरूरत क्या होगी।
इस पर विधायक एक बार फिर कहते हैं, ‘आपकी मेहरबानी की जरूरत नहीं है मुझे।‘ इस पर व्यक्ति वापस बोलता है, ‘चुनाव तो फिर से लड़ रहा होगा, हम भी वोटर हैं।
विधायक पूछते हैं, क्या? व्यक्ति बोलता है, ‘हम भी वोटर हैं।’ इस पर विधायक देते गाली देते हुए बोलते हैं कि तेरा वोट डाल लेना। … “गाली ”  और कुछ कहना है क्या। वे एक ही गाली को दो बार बोलते हैं।
तो ये है हमारे जन प्रतिनिधि इसे करेगें ये जनता की सेवा।

पुलिस उप अधीक्षक दिव्या मित्तल के खिलाफ पशुचिकित्सकों व उनके परिजनों का विरोध मार्च।

उदयपुर। पशु चिकित्सक और पुलिस उप अधीक्षक दिव्व्य मित्तल के बिच चली रार अभी तक चल रही है। शनिवार को भी पशुचिकित्सक संघ ने दिव्या मित्तल के निलंबन की मांग को लेकर मार्च निकाला और चेतावनी दे है कि दिव्या मित्तल के खिलाफ कार्रवाई नहीं हुई तो आंदोलन तेज किया जाएगा। दिव्यामित्तल ने वरिष्ठ पशु चिकित्सक द्वारा पोस्टमार्टम की हुई गाय को जोर जबरदस्ती दिखाते हुए उन्ही कार में भर दी थी।
राजस्थान पशु चिकित्सक के संघ के बैनर तले ने पुलिस उप अधिक्षक, दिव्या मित्तल द्वारा वरिष्ठ पशु चिकित्सक डॉ0 दत्तात्रेय चौधरी,की कार में मृत गाय को भरवा कर प्रताड़ित करने एवं राज कार्य में बाधा डालने के प्रकरण में न्याय नहीं मिलने से पशु चिकित्सकों ने सरकार को अंतिम चेतावनी देते हुये अपने परिवार के साथ पशुपालन परिसर से चेतक सर्कल तक विरोध रैली का आयोजन किया। रैली में जिले के सेवारत पशु चिकित्सकों एवं उनकी पत्नियाँ बच्चै,सेवा निवृत पशु चिकित्सक हाथ में बैनर एवं तख्तियाँ लेकर डॉ0 दत्तात्रेय चौधरी,को न्याय दिलाने की मांग कर रहे थे।
संघ अध्यक्ष डॉ0 दिनेश चन्द्र राारडा एवं गहासचिव डॉ0 सुरेश कुमार जैन ने बताया कि घटना के एक माह बाद भी न्याय नहीं मिलने से पशु चिकित्सकों में घोर निराशा हैं। पशु चिकित्सकों ने प्रण लिया है कि यह तीसरी एवं अंतिम चेतावनी है, इस के बाद भी गृहमंत्री द्वारा न्याय नही दिया गया तो दिनांक 14 मई को सम्माग के सभी पशु चिकित्सक, वेटेनरी कॉलेज नवानियाँ के शिक्षक एवं छात्र,सरस डेयरी के पशु चिकित्सक,भमाशाह बीमा योजना के पशुपालक,गौसेवक,अश्वशक्ति सोसायटी एवं अन्य पशुप्रेमी संगठन मिलकर एक रैली का आयोजन करेंगे जिसमें 4 अप्रेल से विरोध स्वरूप बांधी जा रही काली पट्टी की होली जलाई जायेगी। एवं सरकार से न्याय पाने की उम्मीद छोडते हुये न्यायालय की शरण ली जायेगी।
पशु चिकित्सकों ने सर्वसम्मति से 4 अप्रैल से 28 अप्रैल तक जारी कालीपट्टी विरोध प्रदर्शन सरकार को 2 सप्ताह और देते हुये बढ़ाकर 14 मई तक कर दिया है। लेकिन यह अंतिम अवसर होगा.इसके बाद आन्दोलन समाप्त कर न्यायालय के माध्यम से न्याय प्राप्ति का प्रयास किया जायेगा एवं अवसर आने पर सरकार को इसका जवाब दिया जावेगा।
गौरतलब है कि करीब एक माह पूर्व डॉ दत्तात्रेय चौधरी बड़गांव स्थित मोके पर मृत गाय का पोस्टमार्टम करने गए पोस्टमार्टम कर के लोटे पीछे ही पुलिस उप अधीक्षक दिव्या मित्तल वहां पहुंच गयी क्यों की पोस्टमार्टम की जगह उनके भूखंड से ५०० मीटर की दुरी पर थी। दिव्या मित्तल ने जोर जबरदस्ती से डॉ चौधरी की कार में ही गाय भरवा दी और वहां से ले जाने को बोला। उस बात को लेकर दिव्या मित्तल और पशु चिकित्सकों के बिच विवाद लगातार चल रहा है।

UPSC Results 2017: हैदराबाद के अनुदीप ने सिविल सेवा परीक्षा में किया टॉप

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यूपीएससी ने सिविल सेवा परीक्षा 2017 के नतीजों का ऐलान कर दिया है। हैदराबाद के दुरिशेट्टी अनुदीप ने संघ लोक सेवा आयोग की सिविल सेवा परीक्षा में टॉप किया है, जबकि दूसरे नंबर पर अनु कुमारी और तीसरे नंबर पर सचिन गुप्ता का नाम है। यूपीएससी सिविल सेवा की प्री परीक्षा 18 जून 2017 को हुई थी, वहीं मुख्य परीक्षा 28 अक्टूबर 2017 को आयोजित की गई थी।

परीक्षा देने वाले कैंडिडेट यूपीएससी की वेबसाइट upsc.gov.in पर अपना रिजल्ट चेक कर सकते हैं। इसके अलावा आप रिजल्ट कोupsconline.nic.in/ पर भी देख सकते हैं। इस बार सिविल सेवा परीक्षा में कुल 990 उम्मीदवार सफल हुए हैं। इसमें 476 कैंडिडेट जनरल कैटिगिरी के हैं, 275 कैंडिडेट ओबीसी, 165 कैंडिडेट एससी और 74 कैंडिडेट एसटी कैटिगिरी के हैं।

सिविल सेवा परीक्षा में टॉप करने वाले अनुदीप मूल रूप से तेलंगाना के जगित्याल जिले के रहने वाले हैं। इनके पिता दुरिशेट्टी मनोहर अडिशनल असिस्टेंट इंजीनियर हैं, जबकि मां दुरिशेट्टी ज्योति हाउस वाइफ हैं। अनुदीप साल 2011 में बिट्स पिलानी से इलेक्ट्रॉनिक्स अौर इंस्ट्रूमेंटेशन में ग्रैजुएट हैं। अनुदीप गूगल में भी काम कर चुके हैं।

2013 की सिविल सेवा परीक्षा में अनुदीप की 790वीं रैंक थी और उनका चयन भारतीय राजस्व सेवा (आईआरएस) के लिए हुआ था।आईअारएस ट्रेनिंग के दौरान उन्हें बेस्ट ऑफिसर ट्रेनी भी चुना गया था। फुटबॉल का शौक रखने वाले अनुदीप की रुचि अार्टिफिशल इंटेलिजेंस में भी है।

यह देखिये – आईएएस के लिए तैयारी कर रहे हो तो यह किताबें हर टोपर द्वारा suggest की गयी है 

INDIAN POLITY

INDIAN ECONOMY

HISTORY OF MODERN INDIA

ETHICS AND APTITUDE

अनुदीप ने एंथ्रोपोलॉजी विषय के साथ परीक्षा दी थी। दूसरे नंबर पर आने वाली अनु कुमारी हरियाणा की हैं। उन्होंने दिल्ली यूनिवर्सिटी से फिजिक्स में बीएसएसी करने के बाद आईएमटी नागपुर से एमबीए की पढ़ाई की है। टॉप 25 में 17 पुरुष और 8 महिलाएं हैं। चौथा स्थान बिहार के अतुल प्रकाश को मिला है। यह सफलता उन्हें दूसरे प्रयास में मिली। पहले प्रयास में उन्हें 558वां स्थान मिला था और रेलवे सेवा के लिए उन्हें चुना गया था।

इस बार भी इस परीक्षा में इंजिनियरिंग और विज्ञान के छात्रों ने सबसे अधिक सफलता पाई है, जबकि एंथ्रोपोलॉजी विषय भी इस बार सबसे अधिक सफल विषयों में रहा। कुल सफल स्टूडेंट में 29 दिव्यांग हैं। इसमें सौम्या शर्मा ने नौवां स्थान पाया है, जो सुन नहीं सकती हैं।

दूसरे नंबर पर रहने वाली अनु कुमारी मूल रूप से हरियाणा के पानीपत के गांव दिवाना की रहने वाली हैं। यूपीएससी एग्जाम के लिए यह अनु का दूसरा प्रयास था। अनु 9 साल से प्राइवेट जॉब कर रही हैं। इस बीच अनु की शादी हो गई और उनका एक बेटा भी है।

अनु ने बताया कि डेढ़ साल पहले भी वह प्री एग्जाम में बैठ चुकी हैं, लेकिन उनका मकसद सिर्फ एग्जाम पैटर्न को समझना था। इसलिए उन्होंने आगे एग्जाम नहीं दिया। इसके बाद डेढ़ साल तक तैयारी की और 2017 में एग्जाम दिया। तैयारी करने के लिए अनु ने अपने बेटे को डेढ़ साल तक खुद से दूर कर आने माता-पिता के पास भेज दिया था।

UPSC में पहली बार 51 मुस्लिम छात्रों ने लहराया परचम

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शुक्रवार की शाम UPSC की आधिकारिक वेबसाइट upsc।gov।in पर जारी रिजल्ट में हैदराबाद के अनुदीप डुरीशेट्टी ने ऑल इंडिया लेवल पर टॉप किया। उत्तर प्रदेश के बिजनौर के रहने वाले साद मियां खान ने 25वीं रैंक हासिल की, जो कि मुस्लिम उम्मीदवारों में सबसे ऊंची रैंकिंग है। मेरिट लिस्ट में कुल 990 लोग हैं, जिसमें 476 कैंडिडेट जनरल केटेगरी के हैं, 275 ओबीसी, 165 एससी और 74 एसटी श्रेणी के हैं। ज्ञात हो कि वर्ष 2016 में 50, 2015 में 37, 2014 में 40 और 2013 में 34 मुस्लिम अभ्यर्थियों ने सिविल सेवा की परीक्षा पास की।

यहां बताना प्रासंगिक होगा कि वर्ष 2011 में हुई जनगणना के अनुसार, मुसलमानों की कुल आबादी 14।23% है, लेकिन वे शिक्षा और संसाधनों की कमी के कारण अक्सर शीर्ष सरकारी सेवाओं में बहुत कम प्रतिनिधित्व करते हैं। सरकारी आंकड़ों के मुताबिक, सरकारी नौकरियों में मुसलमानों का प्रतिशत 8।57 है। 2006 में भारतीय मुसलमानों के हालात पर आयी जस्टिस सच्चर समिति की रिपोर्ट में बताया गया था कि सिविल सेवा में मुसलमान सिर्फ तीन प्रतिशत हैं, जबकि पुलिस सेवा में यह संख्या चार प्रतिशत है।
संघ लोक सेवा आयोग 2017 में चयनित मुस्लिम छात्रों के नाम

रैंक          रोल नंबर             नाम
25 –        0325465 –    साद मियां खान
28      –  0011598    –   समीरा एस
36   –     0584343    –   फजलुल हसीब
62    –    0786820   –   जमील फातिमा जेबा
87   –     0669802   –    हसीन जाहेरा रिजवी
97   –   0052405   –     अजर जिया
137   –  0126399   –     सैयद अली अब्बास
154  – 0005503     –     मोती उर रहमान
165 –  0444670       –   असीम खान
190 –   0444510     –    सैयद इमरान मसूद
200  – 0365004       –   मुहम्मद जुनैद पीपी
217-    0626326     –     इल्मा अफरोज
226   –   0429287   –    हसरत जासमीन
282   –  0504526      –  एजाज अहमद
326   –  0030666      –  मोहम्मद नूह सिद्दीकी
339  –    0050154     –   शेख सलमान
352  –    0191790     –   जुनैद अहमद
378    –   0032947     –   इनाबत खालिक
384   –    0529095      –  सद्दाम नवास
410    –  0369659       –  सैयद जाहिद अली
444    –   0011264      –   फुरकान अख्तर
445    –   0336862      –     सोफिया
470    –    0393562     –     मोहम्मद शफीक
471     – 0641379      —     जफर इकबाल
485    –   0010280     –     गौश आलम
487    –    0097593   –      हारिस रशीद
536    –   0404666     –    इजस असलम सी एस
539   –    0285502     –    अनम सिद्दीकी
570     –   0048867    –    हसन साफिन मुस्तफा अली
572     –   0128649    –      साहिला
602     –   0268888    –    मोहम्मद शब्बीर के
613      – 0467937     –    इरशाद सीएम
620     –   0651711   –      इब्सन शाह आइ
622      –  0516919    –     अली अबूबकर टीटी
651       0668462       –   रेहाना आर
655     –  0562225    –    अमल एनएस
656     –  0120006     –   मोहम्मद नसीमुद्दीन
657    –   0556919   –      हरीशा बीसी
693   –     0557457    –    शाहिद टी कोमथ
695    –    0688921    –    शाहिद अहमद
709    –   0080618     –   अजमल शहजाद अलियार रावथर
725   –     0444350    –    इमरान अहमद
752    –   0478428     –     बुशरा अंसारी
800   –  0006499         –   अफसल हमीद
801  –     0442562     –   सरवाइया रियाजभाई रफीकभाई
810   –   0390372      –     शीरत फातिम
841   –  0010178       –    अरशिया जाखू
843   –    0333248      –  आमिर बशीर
845    –   0135531      – खालिद हुसैन
850  –    0370963       –  आरिफ खान
939   –    0882366      –  मोहम्मद फारूक

पिता और भाईयों को जेल भिजवाने का गुस्सा फायरिंग कर उतारा- घंटाघर मामले में दो बाल अपचारियों को किया डीटेन मुख्य आरोपी भी आएगा जल्द गिरफ्त में .

उदयपुर। उदयपुर के मोती चैहट्टा इलाके में 2 दिन पहले हुई फायरिंग की घटना के मामले में खाकी ने दो बाल अपचारियों को डिटेन किया है। हालांकि इस मामले का मुख्य आरोपी सोहेल उर्फ सोनू अभी पुलिस की गिरफ्त से बाहर है। आपको बता दे कि फायरिंग घटना के बाद उपजे विरोध को देखते हुए पुलिस ने आनन – फानन में इस मामले का खुलासा करते हुए दो बाल अपचारियों को डिटेन करने के बाद साफ किया कि कुंदन चैहान और सोनू के बीच आपसी रंजिश थी। इसी रंजिश के चलते इस घटना को अंजाम दिया गया। अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक शहर हर्ष रतनु ने बताया कि कुछ दिनों पहले घंटाघर थाने में सोनू के पिता शौकत सहित अन्य लोगों के खिलाफ मारपीट का मुकदमा दर्ज हुआ था। जिसमें फरियादी हरीश गोस्वामी का कुंदन चैहान ने सहयोग किया था। इसके बाद सोनू को लगा कि कुंदन चैहान अगर हरीश गोस्वामी का सहयोग नहीं करता तो उसके पिता और भाइयों को जेल में नहीं रहना पड़ता। इसी रंजिश के चलते सोनू ने समीर, जमील, छोटा मेवाती सहित दो बाल अपचारियों को साथ मिलकर इस पूरे घटनाक्रम को अंजाम दिया। डिप्टी भंवर सिंह हाडा ने बताया कि वारदात करने के बाद चारों अभियुक्तों सहित दोनो बाल अपचारी सवीना क्षेत्र में मिले और वहां से सभी अलग – अलग हो गए। पुलिस अब मुख्य अभियुक्त सहित अन्य अभियुक्तों की तलाश में जुट गई है।

घंटाघर फायरिंग की घटना के विरोध में हिन्दू संगठनों ने निकाली रैली – जिला कलेक्टर को दिया ज्ञापन .

उदयपुर। शहर के घण्टाघर थाना इलाके के मोती चैहट्टा में 2 दिन पूर्व हुई भारतीय जनता युवा मोर्चा के नेता के ऊपर फायरिंग की घटना के बाद शुक्रवार को सभी हिन्दू संगठन के लोग विरोध स्वरूप जिला कलेक्ट्री पंहुचे । यह रैली जगदीश चौक से निकाली गई जो शहर के मुख्य मार्गों से होते हुए जिला कलेक्ट्री पर पहुंची। इसके बाद हिंदू संगठनों के पदाधिकारियों ने जिला कलेक्टर से मुलाकात कर इस घटना के विरोध में आरोपियों की जल्द से जल्द गिरफ्तारी करने की मांग की। वही सभी हिंदू संगठनों के पदाधिकारियों ने यह भी मांग की है कि समुदाय विशेष के लोगों द्वारा रखे गए अवैध हथियारों की जांच भी पुलिस प्रशासन द्वारा की जानी चाहिए। इस घटना पर रोश व्यक्त करते हुए सभी पदाधिकारियों ने आए दिन होने वाली इस तरह की घटना को रोकने के लिए भी मांग की है। वहीं रास्ते भर हिंदू संगठनों के कार्यकर्ताओं ने जोरदार तरीके से नारेबाजी की। हिंदू संगठनों के द्वारा किए जा रहे प्रदर्शन की सूचना के बाद पूरे रास्ते पुलिस का भारी जाब्ता भी तैनात रहा।
गौरतलब है की दो दिन पूर्व आपसी रंजिश के चलते भजयुमो के मंडल अध्यक्ष कुंदन पर फायर किया गया इसका खुलासा आज पुलिस ने कर्भी दिया और दो बाल अप्चारियों को गिरफ्तार किया है।

बी सेफ जागरूकता अभियान के लिए पवन कौशिक को ’’सीएसआर पर्सन आॅफ द ईयर अवार्ड’’

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इण्डिया सीएसआर लीडरशिप समिट ने किया सम्मानित

उदयपुर पोस्ट. समाज सेवा के लिए विभिन्न कार्यक्रमों को संचालित करने वाले हिन्दुस्तान जिंक के हेड-कार्पोरेट कम्यूनिकेषन पवन कौषिक को इण्डिया सीएसआर लीडरशिप समिट ने सुरक्षा के प्रति जागरूकता अभियान ‘‘बी सेफ’’ के लिए ’’सीएसआर पर्सन आॅफ द ईयर अवार्ड-2018’’ से सम्मानित किया है। यह सम्मान कार्यक्रम के मुख्य अतिथि डाॅ. भास्कर चटर्जी, फोरमर सीईओ-इण्डियन इन्स्ट्यिूट आॅफ कार्पोरेट अफेयर्स, नई दिल्ली एण्ड श्री रूसेन कुमार-फाउण्डर, इण्डियन सीएसआर नेटवर्क एवं समिट चेयरमैन ने इण्डियन सीएसआर लीडरशिप समिट द्वारा दिल्ली में आयोजित एक भव्य समारोह में 27 अपै्रल, 2018 को प्रदान किया।

ज्ञातव्य रहे कि हिन्दुस्तान जिंक एवं आकाशवाणी ने रेड़ियो के माध्यम से सड़क व औद्योगिक सुरक्षा के प्रति एक जागरूक अभियान की शुरूआत की है जिसका नाम है ‘बी सेफ’ सुरक्षित रहिए – अपने लिए – अपनों के लिए। यह कार्यक्रम अपने आप में एक अदभूत उदाहरण है।

इस कार्यक्रम में देश के माननीय केन्द्रीय सड़क एवं परिवहन मंत्री श्री नितीन गड़करी, राजस्थान सरकार के अनेकों मंत्री, राजस्थान के विभिन्न जिलों के जिला कलेक्टर एवं पुलिस अधीक्षक तथा उदयपुर के श्री अरविन्द सिंह जी मेवाड़ भी अभियान से जुड़ चुके हैं।

भारत के माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी ने भी ’‘मन की बात’’ कार्यक्रम में सड़क सुरक्षा पर अपने विचार रखे हैं।

वेदान्ता समूह के चेयरमैन श्री अनील अग्रवाल जी ने ‘‘बी सेफ’’ कार्यक्रम में उद्योगों में सुरक्षा के प्रति जागरूकता पर जोर दिये हैं। बी सेफ कार्यक्रम के माध्यम से हिन्दुस्तान जिं़क के उच्च अधिकारियों ने भी सुरक्षा के प्रति अपने विचार व्यक्त किये है।

बी सेफ प्रोजेक्ट के माध्यम से पवन कौषिक ने अब तक राजस्थान में करीब साढ़े तीन हजा़र से अधिक कर्मचारियों, स्कूली बच्चों और परिजनों को सुरक्षा के प्रति जागरूक कर चुके है, जिसके अन्तर्गत लघु फिल्म, प्रजेन्टेषन और कहानी के माध्यम से बच्चों को स्वयं और परिवार को सुरक्षित रखने की जाानकारी दी गयी है।

पवन कौषिक हिन्दुस्तान जिंक में पिछले 10 साल से कार्यरत हैं तथा ना सिर्फ हिन्दुस्तान जिंक का अपितु वेदान्ता समूह के भी मुख्य कम्यूनिकेषन्स प्रोजेक्ट्स देखते हैं।

पवन कौषिक हिन्दुस्तान जिंक में पद ग्रहण करने से पहले केन्द्रीय सरकार के अनेकों महत्वपूर्ण अभियानों के साथ जुड़े रह है। भारत सरकार के एडवरटाईजिंग एण्ड विजवल पब्लिसिटी निदेषालय में पदभार के दौरान केन्द्र सरकार की नई आर्थिक नीति, ग्रामीण विकास, एड्स जागरूकता, टीकाकरण, बाल षिक्षा, आयकर, राष्ट्रीय एकता, साम्प्रदायिक सद्भाव, भारतीय स्वतंत्रता के 50 वर्ष, राष्ट्रीय एवं अन्तर्राष्ट्रीय फिल्म महोत्सव, नषा विरोधी जैसे महत्वपूर्ण एवं संवेदनषील सामाजिक एवं आर्थिक विषयों के प्रचार अभियान को निर्देषित कर प्रतिपादित किया है। इसके पश्चात् पवन कौषिक ने राष्ट्रीय फैषन प्रौद्योगिकी संस्थान (निफ्ट), दिल्ली में पहली बार फैषन कम्यूनिकेषन विभाग की षुरूआत की। इसी संस्थान में कम्यूनिकेषन विभाग में एसोसिएट प्रोफेसर के रूप में फैषन कम्यूनिकेषन को पढ़ाने एवं निफ्ट को नई पहचान दिलाने में सफलता प्राप्त की।

पवन कौषिक को सामाजिक व आर्थिक जागरूकता अभियान के लिए इण्डिया टू-डे, जी.टी.वी., पब्लिक रिलेशन्स सोसायटी आ ॅफ इण्डिया, उदयपुर चैम्बर आॅफ काॅमर्स एवं जापान के प्रतिष्ठित शैक्षणिक अवार्ड ‘‘नीप्पोन‘‘ से भी सम्मानित किये जा चुके है।

ऐवेंजर्स, इन्फिनिटी वॉर, रोमांच, एक्शन सुपर हीरोज का जश्न- Review इदरीस खत्री

दोस्तो फ़िल्म भारत मे हॉलीवुड सुपर हीरो का जश्न लगी फ़िल्म सिनेमा हॉल भरा होने के साथ दर्शकों का उत्साह देखते ही बन रहा था, हर सुपर हीरो की एंट्री पर तालिया, सीटियां, चिल्ला पो पूरी फिल्म में बनी हुई थी, सुपर हीरोज का जलवा दिखा भारतीय सिनेमा घरों में भी .
जब भी ताकत या राज करने का खेल शुरू होता है या मैं का खेल शुरू होता है तो हिंसा आना लाज़मी है, यहां तो पूरे ब्रह्मांड में राज करने की बात है .
कहानी
थॉनोस टाइटन ग्रह वासी है जिसका सपना हैं, पूरे ब्रह्मांड में जो 7 दैवीय मणियां है उन्हें प्राप्त कर पूरे ब्रह्मांड पर राज करने का. मार्वल स्टूडियो ने सारे ऐवेंजर्स को बड़ी खूबसूरती से जोड़ते हुवे कहानी आगे बढ़ाई है. जैसा कि हम पिछले भागो में देख चुके है. लोकी थॉर का भाई अंतरिक्ष मणी से कैसे अंतरिक्ष के दरवाजे खोल कर प्रलय धरती पर बुला लेता हैं. और अंत मे थॉर लोकी को औऱ मणी को अपने ग्रह एस गार्ड ले जाता है. तो थॉनोस का सफर शुरू होता है एस गार्ड ग्रह की बर्बादी से. थॉर थॉनोस के सामने घुटने टेके पड़ा हुआ है. थॉनोस पूरे ग्रह को बर्बाद कर चुका है यहां से वह लोकी को मारकर मणी प्राप्त कर धरती की तरफ कुच करता है. क्योंकि यहां पर 2 मणियां है. एक डॉक्टर स्ट्रेंज के पास दूसरी विजन के पास. थॉनोस के 4 सहयोगी जिसमे प्रॉक्सी मिडनाइट, इबोतीनो, ब्लेक ड्रॉफ्, कर्नेस क्लेन इस कदर ताकतवर और मायावी दिखाए है कि सुपर हीरो  बौने लगते है उनके आगे. कलेक्टर जो कि सारी मणियों की जानकारी रखता जिसकी झलक गार्जियन ऑफ गेलेक्सी में दिखी थी  उसे मार कर सभी मणियों की जानकारी के साथ हथियाने का सफर शुरू करता है. लोकी से अंतरिक्ष मणि लेकर थॉनोस थॉर को मरा हुवा मानकर छोड़ आगे बढ़ जाता है धरती की तरफ
लेकिन थॉर ज़िंदा है जो कि बेहोश हालत में स्पेस में गार्जियन ऑफ गेलेक्सी टीम को मिल जाता हैं अब चूंकि सबका दुश्मन एक ही है. तो सभी मिलकर लड़ना तय करते है लेकिन थॉर को हथौड़ा चाहिए तो गार्जियन  टीम में से राकेट, ग्रूट को लेकर निडावेलिया ग्रह पहुचता है कि हथौड़ा फिर से बनवा सके.
यह वही ग्रह है जिसने थॉनोस का पंजा वाला खोल बनाया था जिसमे सभी मणियों की ताकत समाती है और मणियां फ़ीट होकर थॉनोस को बलशाली बनाती है. इधर धरती पर डॉक्टर स्ट्रेंज, मणी बचाने में आयरन मैंन से मिलते है और टीम तैयार होती है साथ ही विजन के माथे में लगी मनी बचाने की कवायद शुरू होती है.
इधर विजन और वांडा का प्यार दिखाया गया जो कि बहुत कम वक्त में स्थापित कर दिया गया, विजन को सुरक्षा देने की दृष्टि से ब्लेक पैंथर पूरी ऐवेंजर्सटीम को लेकर अपने ग्रह वकांडा पहुच जाते है यहां आधी टीम जिसमे केप्टन अमेरिका भी शामिल है पहुचते है.
उधर थॉर अपने हथौड़े के लिए कोशिश करते है और नया हथौड़ा पा लेता है. वकांडा में युद्ध शुरू हो जाता है, थॉनोस- ऐवेंजर्स के बीच.
फ़िल्म का जज्बाती पक्ष यह है की घमोरा थॉनोस की बेटी है लेकिन थॉनोस ऐसा मानता है, जबकि घमोरा अपने परिवार, ग्रह की बर्बादी का कारण थॉनोस को मानती है.
थॉनोस घमोरा की बहन नेबेला को कैद रखता है कि केवल घमोरा जानती है कि आत्मा मणी कहा है. थॉनोस आत्मा मणी के लिए वोरमिर ग्रह पहुचता है घमोरा को साथ लेकर, आत्मा मणी आत्मा माँगती है तो थॉनोस घमोरा की बलि देकर आत्मा मणी प्राप्त कर लेता है उसके कारण बेशूमार ताकत का मालिक बन जाता है, फिर डॉक्टर स्ट्रेंज की मणी का फिर विजन की मणी का नम्बर.
फ़िल्म सिविल वार में आयरन मैन केप्टन अमेरिका के लिए एक फोन छोड़ता है कि यदि एवेंजर्स को जोड़ना हो तो सम्पर्क हो सके, इस फ़िल्म में उस फ़िल्म को जोड़ा गया है. यही मार्वल की फिल्मो की खूबसूरती होती है, सारी फिल्मो की तारतम्यता बड़ी नफासत से जोड़ते हुवे आगे बढ़ते है.
फ़िल्म का निदेशन किया है एंथोनी रूसो व जो रूसो ने,  लाजवाब एनिमेशन किया है सेबेस्टियन ने,
फिल्मांकन किया है ट्रेंट ओपोलोच ने,
संगीत दिया है एलन शिवास्ट्री ने,
फ़िल्म का विषय ब्रह्मांड पर विजय प्राप्त करना है तो पूरे ब्रह्मांड के साथ भांति भांति के स्पेस विमान भी दिखाए गए है,
Vfx आपका दिल थामने को मजबूर कर देंगे और आंखे खुली के खुली रह जाएगी.
फ़िल्म अनवरत है एक भाग और बचा है जो कि 2019 में आएगा  जिसमे शायद थॉनोस का खात्मा हो. पूरी फिल्म में जब जब किसी सुपर हीरो की एंट्री होती है दर्शकों का उत्साह चरम पर देखने को मिला यहां तक के नए सुपर हीरो ब्लेक पेंथर के देश वकांडा की एंट्री पर भी तालिया, वाओ, सीटियां सुनाई दी, फ़िल्म में संवाद भी कही कहि सिनेमा हॉल में ठहाके बिखेरते दिखे, फ़िल्म विश्व की सबसे महंगी फ़िल्म होने के साथ ही सुपर हीरो का जमावड़ा है तो हाउस फुल तो बनता है, दर्शकों में खास युवा ही दिखे, क्योकि उनकी पसन्द होती है. एक्शन, एडवेंचर, विज्ञान फंतासी फिल्मे
फ़िल्म विश्व स्तर पर सबसे ज्यादा कमाई वाली फ़िल्म बनती है तो कुछ गलत न होगा
फिल्म समीक्षक – इदरीस खत्री

समीक्षक

इदरीस खत्री

एक डॉक्टर ने भी अपनी जिम्मेदारी निभाई होती तो यह मासूम जिंदा होती – मासूम को लेकर तीन तीन अस्पतालों के चक्कर खाते रहे और हुआ क्या ….

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उदयपुर। एक नन्ही बेटी हंसती खेलती सी, फिर परिजन गोद में उठाये भागे, गोद से कंधे पर लुडक गयी और कंधे से अब अर्थी तक पहुच गयी,यह हुआ सिर्फ धरती के भगवान् कहे जाने वाले डॉक्टरों की गैर जिम्मेदारी से
सरकारी अस्पताल चाहे गाँव का हो या शहर का चाहे कोई छोटी डिस्पेंसरी हो या मेडिकल कोलेज का बड़ा अस्पताल डॉक्टरों की लापरवाही के किस्से आम है .,
गुरुवार जोधपुर की घटना जिसमे एक छोटी बच्ची को सांप के काट लिए  जाने के बाद ना तो डिस्पेंसरी में इलाज मिला ना ही शहर के बड़े सरकारी अस्पताल में और आखिर इस लापरवाही का नतीजा यह हुआ कि उस नन्ही  मासूम कलि की मौत हो गयी।
राजस्थान पत्रिका में छपी खबर के अनुसार माने तो इसमें गाँव से लेकर शहर के मेडिकल कोलेज के बड़े अस्पताल तक  एक भी डॉक्टर ने अपनी जिम्मेदारी निभाई होती तो शायद उस मासूम को बचा लिया जाता।
लेकिन एसा नहीं हुआ उस ढाई साल की बच्ची को देख कर किसी का दिल नहीं पसीजा ,… ड्रग वेयर हाउस में लाखों के एंटी स्नेक वेनम इंजेक्शन पड़े रह गए और एक इंजेक्शन के लिए ढाई साल की बेटी तरस गयी और आखिर उसने दम तोड़ दिया।
आइये एक बार इस पूरी घटना को जानते है
जैसा कि राजस्थान पत्रिका के 27 अप्रेल के अंक में प्रकाशित हुआ है ,..
जोधपुर के कडवड  क्षेत्र के टपू कड़ा  गाँव में ढाई साल की मासूम अनुष्का को सांप ने काट लिया ,.. परिजन भागे भागे गाँव के अस्पताल में ले गए लेकिन वहां  इलाज नहीं मिला वहां से भागे पास के भदवासिया  स्थित अस्पताल में गए  ,.. वहां भी प्राथमिक उपचार देने के बजाय जोधपुर शहर के  महात्मा गांधी अस्पताल रवाना कर दिया। बच्ची के चाचा उसे गोद में लेकर गांधी अस्पताल पहुंचे, यहां से भी मथुरादास माथुर अस्पताल की जनाना विंग में इलाज का हवाला देकर बिना प्राथमिक उपचार के ही चलता कर दिया। वहां पहुंचते ही बच्ची को आईसीयू में भर्ती करने के कुछ देर बाद मृत घोषित कर दिया गया।
पुरे  घटना क्रम में सिर्फ एक डॉक्टर ने अपनी जिम्मेदारी समझ कर बच्ची का प्राथमिक उपचार कर आगे के लिए रेफर किया होता तो शायद बेटी बच जाती .  अब जिम्मेदार लोग घटना की जांच करने को कह रहे है.
क्या सरकारी अस्पताल में आने वाले मरीजों की जान की कोई कीमत नहीं है, सरकार को इन बातों की जांच करनी चाहिए ताकि फिर कोई ढाई साल की अनुष्का सारी सुविधाएं होने के बावजूद भी मौत के आगोश में नहीं चली जाए .
 https://youtu.be/cmDURu6Exgo