सरपंच के स्थगित हुए चुनाव 3 से 10 अक्टूबर तक होंगे

Udaipur Post. राज्य निर्वाचन आयाेग ने उदयपुर जिले मेें पंचायत चुनाव काे लेकर हाेेने वाले मतदान के लिए नया कार्यक्रम घाेषित किया। हाल ही मेें खेरवाड़ा-ऋषभदेव क्षेत्र में उपद्रव हाेने से जिला निर्वाचन अधिकारी के सुझाव पर आयाेग ने पहले चरण का मतदान स्थगित कर दिया था।  जिला निर्वाचन अधिकारी चेतन देवड़ा ने बताया कि झल्लारा और कुराबड़ क्षेत्र की पंचायताें में पंच-सरपंच के लिए 3 अक्टूबर काे मतदान हाेगा। उपसरपंच के चुनाव 4 अक्टूबर काे हाेंगे। सायरा-गाेगुंदा क्षेत्र की पंचायताें में पंच-सरपंच के लिए 6 अक्टूबर काे मतदान हाेगा। उप सरपंच का चुनाव अगले दिन हाेगा। जयसमंद, सेमारी और सराड़ा क्षेत्र में पंच-सरपंच के लिए 10 अक्टूबर काे चुनाव हाेंगे। उप सरपंच के 11 काे चुनाव हाेंगे। उप जिला निर्वाचन अधिकारी ओपी बुनकर ने बताया कि नए चुनाव कार्यक्रम अनुसार कार्मिकाें काे मतदान की व्यवस्था के निर्देश दे दिए हैं। फतहनगर-सनवाड़, सलूंबर और भींडर पालिका क्षेत्र की मतदाता सूचियों में संशोधन की प्रक्रिया भी जारी है। उप जिला निर्वाचन अधिकारी ओपी बुनकर ने बताया कि मतदाता सूचियों का अंतिम प्रकाशन 20 जुलाई को हो चुका है, लेकिन राज्य निर्वाचन आयोग के निर्देश पर चुनाव के लिए नामांकन पत्र लिए जाने तक इन नगरपालिकाओं की मतदाता सूचियों में नाम जुड़वाने, हटाने एवं संशोधन करवाने की प्रक्रिया जारी है।

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KBC की Hot Seat पर कल Amitabh Bacchan के सवालों का जवाब देंगे Udaipur के राजीव और कृष्णावतार

Udaipur Post. कौन बनेगा करोड़पति सीजन 12 में 2 अक्टूबर को कर्मवीर राजीव खंडेलवाल और कृष्णावतार शर्मा हॉट सीट पर अमिताभ बच्चन के सवालों का जवाब देंगे। कर्मवीर स्पेशल एपिसोड के लिए उदयपुर स्थित आजीविका ब्यूरो के संस्थापक सदस्यों को चुना हैं। कर्मवीर स्‍पेशल एपिसोड में ऐसे लोग आते हैं, जिन्‍होंने समाज को अपने कार्यों से दिशा दी हाे। ऐसे लोगों की कहानियां जो दर्शकों को प्रेरित करती हाे। इस बार लॉकडाउन के दौरान मजदूरों, ग्रामीणों आदि की सहायता के लिए सराहनीय कार्य के चलते इन्हें चुना गया।

काैन हैं ये कर्मवीर : दिल्ली निवासी राजीव खंडेलवाल संस्था में एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर और सवाई माधोपुर में वकालत करने के बाद कृष्णावतार शर्मा संस्था में प्रोग्राम डायरेक्टर हैं। आजीविका ब्यूरो की शुरुआत 2004 की थी। राजस्थान, गुजरात सहित राज्यों में पलायन रोकने व प्रभावितों को रोजगार दिलाने पिछले 16 वर्षों से संस्था काम कर रही हंै।

2014 में जनजाति क्षेत्र में पलायन को लेकर किया शोध -संस्था शुरुआत से ही जनजाति क्षेत्रों में चल रहे पलायन को लेकर रिसर्च कर रही हैं। आंकड़े नहीं होने के चलते संस्था ने विशेष कार्यक्रम चलाया। इसके तहत प्रभावितों को रजिस्टर्ड करना शुरू किया। मजदूर, बेरोजगार युवा आदि को पहचान-पत्र दिए। 2014 के दौरान संस्था की तरफ से ‘राजस्थान स्टेट माइग्रेशन प्रोफाइल’ में पलायन को लेकर स्टडी की थी। रिसर्च में सामने आया कि 58 लाख लोगों ने राज्य से बाहर रोजगार की तलाश में पलायन किया। इसमें भारी संख्या में महिलाओं की तादाद भी दर्ज की गई।

लॉकडाउन में प्रभावितों के लिए चलाए स्वास्थ्य केंद्र

जब लॉकडाउन में राज्यों की सीमाएं बंद होने के बीच प्रवासी श्रमिकों के शहरों से पलायन में तेजी आई। प्रशासन के साथ आमजन और सामाजिक संगठनों ने भी एकजुटता दिखाते हुए राहत कार्य किए। इस मुश्किल दौर में उदयपुर स्थित आजीविका ब्यूरो ने प्रभावित लोगों को सीधे राहत पहुंचाने के लिए स्वास्थ्य केंद्र चलाए।

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होमियोपैथी रखे आपके दिल का ख्याल वर्ल्ड हार्ट डे पर जानिए कुछ महत्वपूर्ण बातें – डॉ. काजल वर्मा।

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एक वैश्विक शोध में पता चला है कि हृदय गति रुकने के कारण भारत में विश्वभर में सर्वाधिक मौतें होती हैं। हृदय रोग से भारत में करीब 23 प्रतिशत रोगियों की मृत्यु हो जाती हैl

दुनिया में हर 1 लाख जनसंख्या पर 235 लोगों को हृदय रोग होता हैं, पर भारत में 272 को यह बीमारी होती है. 

भारत में हर पांचवा व्यक्ति दिल का मरीज है. विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) के अनुसार, दिल की बीमारी की वजह से हर साल लगभग 17.9 मिलियन लोगों की मौत हो जाती है. यह वैश्विक मृत्यु दर का 31 फीसदी हिस्सा है.

29 सितंबर, 2020 को पूरे विश्व में विश्व हृदय दिवस (World Heart Day) मनाया जाता है l
इस वर्ष इस दिवस का विषय (Theme)-‘ ‘यूज हार्ट टू बीट कार्डियोवस्कुलर डिजीज’ (Use heart to beat cardiovascular disease) हैl

इस दिवस का मुख्य उद्देश्य कार्डियो वास्कुलर रोग (CVD) के जोखिम को कम करने हेतु निवारक उपायों के प्रति लोगों में जागरुकता को बढ़ावा देना है.
वर्ल्ड हर्ट फेडरेशन के अनुसार, समय से पूर्व होने वाली मौंते कम-से-कम 80 प्रतिशत हृदय रोगों के कारण होती है.

ह्रदय रोग के कारण
अनियमित दिनचर्या, तनाव, खान-पान में लापरवाही,बहुत ज्यादा मोटापा, मधुमेह और उच्च रक्तचाप होना, सुस्त जीवनशैली का का होना, दैनिक जीवन में शारीरिक श्रम न करना, बहुत ज्यादा तनाव लेना और फास्टफूड का सेवन करना, पर्यावरण प्रदूषण और कई अन्य कारणों से वर्तमान समय में हृदय संबंधी समस्याएं भी तेजी से बढ़ रही हैं। न केवल बड़ी उम्र या बुजुर्गों में, बल्कि छोटी उम्र के बच्चों और किशोरों में भी दिल की समस्याएं बढ़ी है। दिल के दौरे से दुनियाभर में अनगिनत मौतें होती हैं और 50 फीसदी मामलों में तो मरीज अस्पताल पहुंचने से पहले ही दम तोड़ देते हैं। कई बार मौतें हार्ट अटैक से होती हैं तो कई बार कार्डियक अरेस्ट मौत का कारण बनता है।

हार्ट अटैक क्या होता है?
हार्ट अटैक के दौरान दिल के कुछ हिस्सों में ब्लड जम जाता है। ऐसे मामलों में भी इलाज मिलने में जितनी देर होगी, दिल और शरीर को उतना ज्यादा नुकसान होता चला जाएगा। इसमें लक्षण तुरंत भी दिख सकते हैं और देर भी हो सकती है। कार्डियक अरेस्ट की तरह हार्ट अटैक में दिल की धड़कन अचानक बंद नहीं होती। हार्ट अटैक आने के कुछ घंटों या कुछ दिनों बाद तक इसका बुरा असर देखने को मिलता है। 

कार्डियक अरेस्ट क्या होता है?
कार्डियक अरेस्ट की स्थिति में दिल के भीतर के हिस्सों में सूचनाओं का आदान-प्रदान गड़बड़ हो जाता है। इस कारण दिल की धड़कन पर बुरा प्रभाव पड़ता है। इसमें कार्डियोपल्मोनरी रेसस्टिसेशन (CPR) के जरिए पीड़ित के हार्ट रेट को नियमित और सुचारू करने की कोशिश की जाती है। स्वास्थ्य विशेषज्ञों के मुताबिक, जिन लोगों को पहले हार्ट अटैक हो चुका होता है, उन्हें कार्डियक अरेस्ट की ज्यादा आंशका रहती है। 

कैसे होता है कार्डिएक अरेस्ट(cardiac arrest)
स्वास्थ्य वेबसाइट heart.org के मुताबिक, कार्डियक अरेस्ट अचानक होता है। शरीर की तरफ से इसकी कोई चेतावनी नहीं मिल पाती। आम तौर पर दिल में होने वाली इलेक्ट्रिकल गड़बड़ी के कारण धड़कन का ताल-मेल बिगड़ जाता है। इस कारण दिल की ‘पम्प करने की क्षमता’ पर प्रभाव पड़ता है और हमारे दिल, दिमाग या शरीर के दूसरे हिस्सों तक ब्लड पहुंच पाने में दिक्कत होती है। ऐसे में काफी कम समय में व्यक्ति बेहोश हो जाता है और नब्ज भी जाती रहती है। सही वक्त पर सही सपोर्टिव इलाज नहीं मिले तो कार्डियक अरेस्ट से कुछ मिनटों में ही मौत हो जाती है। 

क्या है एथेरो स्क्लैरासिस?(Atherosclerosis )
एथेरो स्क्लैरासिस में धमनियों की दीवारों में plaque जमा हो जाता है, जिससे वो संकरी हो जाती है। ये ब्लड फ्लो को रोककर हार्ट अटैक का कारण बन सकती हैं। हृदय की तरफ जाने वाले रक्त में अगर कहीं थक्का जम जाये तो ये भी एक हार्ट अटैक का कारण है।

क्या है कंजैस्टिव हार्ट फेलियर ( congestive heart failure )

कंजैस्टिव हार्ट फेलियर नाम की इस बीमारी में हृदय उतना रक्त पंप नहीं कर पाता है, जितना कि उसके करना चाहिए।

क्या है ऐरिदमियां?(Arrhythmia )

ऐरिदमियां नाम की इस बीमारी में हार्ट बीट अनियमित हो जाती है और हृदय से जुड़े अन्य रोगों में हार्ट वाल्व में खराबी होने के संभावना काफी हद तक बनी रहती है।

हार्ट डिजीज ओर होमियोपैथी

होमियोपैथी एक ऐसा उपचार है जो व्यक्ति के लक्षणों को कम करने के साथ-साथ उसके व्यक्तित्व और सामान्य स्वास्थ्य को भी बेहतर करता है। 

होमियोपैथी ह्वदय के लक्षणों के साथ-साथ, निराशा, डर, चिड़चिड़ापन, ह्वदय की अनियमितता, अनिद्रा, खून की कमी व ब्लड प्रेशर वाले रोगियों को यह आराम देती है।

कैक्टस, डिजिलेटिस, लोबेलिया, नाजा, टर्मिना अर्जुना, क्राटागस , औरममेट, कैलकेरिया कार्ब जैसी दवाईयां बहुत लाभकारी है l हृदय रोग में और भी हौम्योपैथिक दवाइयां कारगर हैं जिनका चयन मरीज की हालत देखकर कुशल चिकित्सक के द्वारा किया जा सकता है । पाठकों से आग्रह है कि वे किसी भी औषधि  का प्रयोग करने से पहले अपने डॉक्टर से जांच जरूर करवा लें ।

हिंदुस्तान जिंक जावर माइंस द्वारा सिंघटवाडा में निर्मित शौचालय विद्यालय प्रबंधन को सुपुर्द

Udaipur. हिन्दुस्तान जिं़क अपने संयंत्र के आसपास सामाजिक उत्तरदायित्व के कार्य प्रभावी रूप से करता रहा है। इसी क्रम में जावर माइंस के आस-पास के ग्रामीण विकास एवं षिक्षा को बढ़ावा देने के लिए सिंघटवाड़ा गांव के राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय में निर्मित बालक बालिका शौचालय को विद्यालय प्रबंधन को सुपुर्द किया गया। विद्यालय में वर्तमान मेें 640 विद्यार्थी नामांकित है। शौचालय के अभाव में छात्र-छात्राओं को पूर्व में असुविधा का सामना करना पड़ता था। विद्यालय प्रबंधन को सौंपने के इस अवसर पर जावरमाइंस एसबीयू डायरेक्टर बलवंत सिंह राठौड़ ने कहा कि हिन्दुस्तान जिं़क सामाजिक उत्थान हेतु कार्यो के लिए प्रतिबद्ध है। जावर माइंस क्षेत्र में हिन्दुस्तान जिं़क द्वारा स्वास्थ्य, शिक्षा, पानी, आजीविका, महिला सशक्तीकरण हेतु विभिन्न परियोजनाओं में कार्य कर लोगो के जीवन की गुणवत्ता में सुधार किया जा रहा है। विद्यालय के प्राचार्य अनिल जैन ने इस अवसर पर हिन्दुस्तान जिं़क द्वारा विद्यालय में किये गये सहयोग के लिए सराहना व्यक्त कर धन्यवाद दिया। विद्यालय में हिन्दुस्तान जिं़क की षिक्षा संबंल परियोजना के तहत् गणित विषय हेतु 9वीं एवं 10वीं कक्षा के लिए षिक्षक उपलब्ध कराएं है।

CMHO कोरोना से 44 मौतें बता रहे , RNT 87 गिना रहा

Udaipur Post. लगता है चिकित्सा विभाग की भी जो गणित है न वो भी मेरी तरह ज्यादा अछि नहीं है। तभी तो हिसाब किताब ठीक से नहीं हो  रहा है। हर रोज़ बदलते हुए आंकड़े साला मुझे तो कंफ्यूज कर ही देते है। तो मुझे लगता है की जनता भी ऐसे ही कंफ्यूज होती होगी। अब सब के सब तो आर्य भट्ट है नहीं, की सही सही हिसाब का पता लगाले। तो मेरी विनती चिकित्सा विभाग और संभाग के सबसे  अस्पताल के अधीक्षक महोदय से की काहे  कंफ्यूज करते हो भाई। एक चीज़ बतादो न ।  वैसे भी हम जनता तो आँखे मूंदे आपकी बाते चुप चाप मान ही  रहे है न। कहा सवाल किया बताओ? आप बोलो तो कोरोना है, आप बोलो तो नहीं है। आप बोलो तो घर पे ही कुरेंतिने आप बोलो तो बोरिया बिस्तर लेके अस्पताल में डेरा। आप बोलो तो कोई मरीज ९९% मरा हुआ 1 % जिंदा, आप बोलो तो 100% जिंदा। बताओ कहा सवाल कर रहे है ?

मौते हो  कितनी हो रही है आप बता कितना रहे हो। सवाल किया? नहीं किया। फिर?आपतो जो बोलो वो मंज़ूर। पर धीरे से एक बात बोलू। एक आंकड़े पे तो टिको  कम से कम.अच्छा नहीं लगता। वो मेवाड़ी  कहावत नहीं सुनी आपने थू राख लाकडी ,मु राखु टेक। आपा दोई एक रा एक।। तो आप तो सलाह मशविरा करके फिर आंकड़े बहार दो ताकि लोग क्या है चुपचाप मान ले।  बस यही। क्या है की फिर जनता अब समझदार होने लगी है। समझ जाती है। मुख्यमंत्री जी ने भी कहा की नि कहा के आंके नि छुपाने है। तो फिर। कोरोना के बढ़ते संक्रमण के बीच शायद चिकित्सा विभाग को भी रोग लग गया है। यह रोग है आंकड़े छिपाने का। तभी तो जिले में हो रही मौतों और मरीजों के आंकड़ों में बड़ा अंतर सामने आ रहा है। मौतों में 43 का अंतर है। सीएमएचओ की रिपोर्ट कहती है-अब तक 44 लोगों ने दम तोड़ा है, लेकिन जिलेभर के कोरोना मरीजों को संभाल रहे आरएनटी कह रहा है-मौतें तो 87 हुई हैं। चिकत्सा विभाग की  गड़बड़िया अब ताली नहीं जा सकती।

आखिर सही कौन है? यही सबसे बड़ा सवाल है। कुल मरीजों के आंकड़े में भी 143 का अंतर है। सीएमएचओ की रिपोर्ट में 3910 हैं तो आरएनटी की रिपोर्ट 4253 बता रही है। आंकड़ों को छिपाने का यह संक्रमण इसलिए भी हैरान करने वाला है, क्योंकि मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने 7 दिन पहले ही चिकित्सा विभाग को निर्देश दिए थे कि इन्हें छिपाया नहीं जाए। आंकड़ों में अंतर को लेकर भले ही अधिकारी यह कह कर रहे हैं कि उन्हें इसकी जानकारी नहीं है। अगर फिर भी ऐसा कुछ है तो सही भी करा लेंगे, लेकिन आंकड़े छिपाने का यह रोग कोरोना से भी घातक है, क्योंकि ये जनता और कर्तव्य से धोखा है।

18-19 सितंबर की रिपोर्ट में 298 संक्रमितों का अंतर आया।  18 सितंबर को जारी सीएमएचओ की रिपाेर्ट में उदयपुर में कुल 3645 संक्रमित थे। दूसरे ही दिन यानि 19 सितंबर को उन्हीं की रिपाेर्ट में बढ़ने की बजाय कुल केस घटकर 3347 हाे गए। जबकि 19 को सामने आए 45 नए केस सहित यह संख्या 3690 होनी चाहिए थी।गुरुवार का आंकड़ा ही देख लीजिए 5 मौतें, सीएमएचओ की रिपोर्ट में जिक्र तक नहीं। अब क्या कहे इसपर? ये तो अपनी ढपली अपना राग हो गया। सबसे ज़िम्मेदार विभाग की ऐसी गड़बड़ कैसे बर्दाश्त करे। आप स्वयं ही मुलांकन कीजिये। ये सवाल अब जनता के भरोसे।

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NH 8 खेरवाडा के आगे शिक्षक भर्ती को लेकर आग, तोड़ फोड़ और लूटपाट हालात बेकाबू

Udaipur Post. ना ना ये आज़ादी का नारा कन्हैया कुमार के पार्टी का नहीं है ना ही ये केंद्र मै बैठी मोदी सरकार के खिलाफ लगाया जा रहा है। ये खेरवाडा के आगे नेशनल हाइवे पर जमा एसटी के युवाओं का नारा है जो राजस्थान सरकार के खिलाफ लगा रहे है

 उदयपुर  अहमदाबाद हाइवे यानी ें एच ८ जाम है।  कहा जाम है खेरवाड़ा के आगे यानी खेरवाड़ा और बिछीवाड़ा के बिच काकी दुगरी नाम का स्थान है जहाँ पर हज़ारों एसटी के युवा अपनी मांगों को लेकर धरने प्रदर्शन आगजनी और पथराव में मशगूल है इसलिए जाम है। shukrwaar yaani 25 सितम्बर को भी हालात पूरी तरह से काबू में नहीं है।

चलिए एक बार इस घटना पर और इस घटना के वजह पर नज़र डालते है।

 शिक्षक भर्ती 2018 में अनारक्षित वर्ग की 1167 सीटों को जनजाति वर्ग से भरने की मांग को लेकर धरना दे रहे सैकड़ों अभ्यर्थियों ने उदयपुर-अहमदाबाद नेशनल हाइवे पर 7 सितम्बर यानी पिचले 18 दिनों से धरना दे रहे थे। गुरुवार को आसपास के हज़ारों युवा इकट्ठा हो गए और हाइवे जाम कर दिया। फिर शुरू हुआ युवाओं का हुड़दंग।  जिसके बाद जो युवा अपनी मांगों को लेकर प्रदर्शन कर रहे थे वो खुद कब उपद्रवियों में तब्दील हो गए।  पुलिस पर पथराव आगजनी और रात होते होते तो लूटपाट तक होने लग गयी। जहाँ होना चाहिए की सरकार को मजबूर करते वहां आसपास के क्षेत्र के लोग हाइवे पर होटल व्यवसायी दहशत में आगे।  शुक्रवार सुबह तक भी स्थिति यही बनी हुई है कि हाइवे जाम है पुलिस मुस्तेद है और युवा आसपास की पहाड़ियों पर जमे हुए है जो बार बार कही से भी उतारकर आते है पथराव करते है और वापस पहाड़ियों पर चढ़ जाते है।

आखिर पिचले 18 दिनों से क्यूँ प्रदर्शन किया जा रहा है।

शिक्षक भर्ती 2018 में अनारक्षित वर्ग की 1167 सीटों को जनजाति वर्ग से भरने की मांग की जा रही है। इसके लिए कांकरी डूंगरी पर अभ्यर्थी पड़ाव डाले हुए है। राज्य सरकार ने इस मामले के लिए कमेटी भी गठित की थी, लेकिन अब तक मांगे पूरी नहीं होने का हवाला देते हुए अभ्यर्थी हाइवे पर आ गए।

अभ्यर्थियों को थानाधिकारी बिछीवाड़ा, तहसीलदार बिछीवाड़ा, उपखंड अधिकारी बिछीवाड़ा, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक डूंगरपुर ने वार्ता कर समझाया भी था। इस पहाड़ी पर अपना पड़ाव ना डालें। जिला कलेक्टर से अनुमति प्राप्त कर उनके द्वारा निर्देशित स्थान पर कोविड गाइडलाइन का पालन करते हुए अपना धरना प्रदर्शन करें। इसके बाद भी नियमों को ताक में रख कर धरना प्रदर्शन किया जा रहा है। इस पर बिछीवाड़ा पुलिस ने कोविड की धारा व गैर जमानती धारा में दो अलग अलग मामले दर्ज किए थे। लेकिन  गुरुवार को अचानक हाइवे पर उतर आए। हाइवे जाम कर दिया और फिर जो उपद्रव चला तो अभी हालात एक तरह से बेकाबू है या काबू में है दोनों।

गुरुवार को क्या हुआ ये भी जान लीजिये।  और फिर आपको बता देंगे की ताजा यानी आज के हालात वहां पर क्या है।

18 दिन से खेरवाडा के आगे हाइवे आर काकी डूंगरी पर पढाव डाले एसटी के युवा  हजारों की संख्या में अभ्यर्थी और समर्थक पहाड़ी से उतर कर हाइवे पर आ गए तथा चक्काजाम कर दिया। सूचना पर पहुंचे पुलिस दल पर जमकर पथराव किया। इसमें अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक गणपति महावर, बिछीवाड़ा थानाधिकारी इंद्रजीत परमार सहित कई पुलिसकर्मी गंभीर रूप से घायल हो गए। पुलिस ने कई राउण्ड हवाई फायर किए तथा आंसु गैस के गाले दागे, लेकिन उपद्रवी हादवे से नहीं हटे।

समझाइश के दौरान भीड़ ने पुलिस पर पथराव शुरू कर दिया। इसमें एएसपी व थानाधिकारी सहित कई पुलिसकर्मी घायल हो गए। पुलिस ने वहां से भाग कर जान बचाई। देखते ही देखते हालात बेकाबू हो गए। पुलिस ने हवाई फायरिंग तथा आंसु गैस के गोले दागे। प्रदर्शनकारियों ने सड़क तथा पहाडिय़ों से पुलिस पर जमकर पथराव किया। इससे पुलिस को दो बार घटनास्थल से पीछे हटना पड़ा। भीड़ ने पुलिस के पीछे भागते हुए पथराव किए इससे पुलिस हाइवे के दोनों छोर पर करीब 5-5 किलोमीटर पीछे हट गई। देर शाम को एक बार फिर पुलिस ने फायरिंग शुरू की, लेकिन इस बार भी पुलिस को पीछे ही हटना पड़ा।

देर रात्रि से सुबह तड़के तक प्रदर्शनियों का उपद्रव जारी रहा। देर रात्रि को उपद्रवियों ने यहां एक होटल में लूटपाट करते हुए भारी तोड़फोड़ कर यहां खड़े वाहनों को आग लगा दी। वहीं, हाइवे पर खड़े ट्रांसपोर्ट के वाहनों, सरकारी वाहनों आदि में भी तोडफ़ोड़ करते हुए ट्रकों से खाद्य सामग्री, जूते आदि सामग्री लूट ली। हाइवे पर करीब दर्जन भर से अधिक वाहन अब भी धूं-धूं कर जलते हुए दिख रहे है।

शुक्रवार सुबह पुलिस ने मोतली मोड़ से करीब एक से डेढ़ तक का हाइवे का हिस्सा खाली करवाते हुए प्रदर्शनकारियों को पहाड़ियों पर चढ़ा दिया था। इस दौरान हाइवे पर पड़े पत्थर, जले हुए टायर, जले हुए वाहन आदि को हटाने के लिए जेसीबी का सहारा लिया। लेकिन, एक घंटे के दरम्यान ही एक बार फिर पहाडिय़ों से उपद्रवियों ने पत्थर बरसाने शुरू कर दिए। इस पर पुलिस को वापस लौटना पड़ा। ऐसे में फिलहाल मोतली मोड़ से बिछीवाड़ा मार्ग उपद्रवियों के कब्जे में हैं तथा वहां पहाडिय़ों से भारी चित्कार एवं पत्थर बरसाए जा रहे हैं। हालांकि, भारी संख्या में पुलिस बल तैनात है और हालात पर नजर रखे हुए हैं।

राष्ट्रीय राजमार्ग संख्या आठ पर जाम होने से उदयपुर अहमदाबाद मार्ग को डायवर्ट किया है। सभी वाहनों को डूंगरपुर शहर के मध्य से होते हुए गुजारा जा रहा है

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हिंदुस्तान जिंक ने सीईओ वाटर मैंडेट पहल से जुड़ कर जल संरक्षण प्रतिबद्धता को दोहराया

Udaipur. उदयपुर, 23 सितम्बर 2020। हिन्दुस्तान जिं़क उत्पादन से पूर्व संरक्षण और सुरक्षा को प्राथमिकता देता है। जल संरक्षण सतत विकास के प्रति हिन्दुस्तान जिं़क की प्रतिबद्धता का प्रमुख अंग है। जल सरंक्षण और अधिक से अधिक सर्तकता से जल के सद्उपयोग हेतु श्रेष्ठ तकनीक को अपनाते हुए कंपनी के लिए इसकी सामाजिक, आर्थिक और पारिस्थितिक मूल्य प्राथमिकता है। यूएन सेक्रेटरी जनरल एण्ड द यूएन ग्लोबल इंपेक्ट की पहल सीईओ वाटर मैंडेट से जुड़ कर हिन्दुस्तान जिं़क ने जल सरंक्षण की प्रतिबद्धता को दोहराया है। इस पहल से जुड़ने पर हिन्दुस्तान जिं़क के मुख्य कार्यकारी अधिकारी अरूण मिश्रा ने कहा कि ‘‘वाटर मैंडेट के लिए हमारी प्रतिबद्धता न केवल हमारें सस्टेनेबल डेवलपमेंट के लक्ष्य 6 के लिए हमारें द्वारा अपनाये जा रहे प्रयासों और प्रक्रियाओं के अनुरूप है। बल्कि हमें 5 टाईम्स वाटर पाॅजिटीव कम्पनी बनने के दृष्टिकोण और 2025 तक फ्रेषवाॅटर की खपत को 25 प्रतिषत तक कम करने के लक्ष्य के भी करीब है।‘‘ सीईओ वाटर मैनेजमेंट व्यापार का प्रतिनिधित्व करने वाले उद्यमियों और षिक्षार्थियों के लिए एडवांस वाॅटर स्अीवर्डषीप के लिए मंच प्रदान करता है। इसका समर्थन करने वाली कंपनियां छह प्रमुख तत्वों (प्रत्यक्ष संचालन, आपूर्ति श्रृंखला, सामूहिक कार्य, सार्वजनिक नीति, सामुदायिक सहभागिता और पारदर्शिता) पर कार्रवाई करने के लिए प्रतिबद्ध हैं और प्रगति पर प्रतिवर्ष विवरण प्रस्तुत करती हैं। इस प्रतिबद्धता के साथ, हिंदुस्तान जिंक दुनिया भर में 175 कंपनियों में से एक होगा जो जल सरंक्षण का नेतृत्व करेगा। हिंदुस्तान जिंक कम पानी की गहन तकनीक का उपयोग करने, अपशिष्ट जल को पुनर्चक्रित करने, वर्षा जल संचयन, और अधिक विभिन्न नीतियों के माध्यम से स्वच्छजल के उपयोग को कम करने पर केंद्रित है। कंपनी जल का कुशलता से उपयोग करके, पानी की गुणवत्ता को बनाए रखने और समुदाय के साथ मिलकर जीवन चक्र में साझा जल संसाधन का प्रबंधन करने के लिए पानी के भंडारण हेतु अपनी प्रतिबद्धता को दर्शाता है।

लक्ष्मी विलास होटल बेचने की पूरी कहानी आसान तरीके से समझिये

Udaipur Post. होटल लक्ष्मी विलास या घोटाला विलास वेसे इसको घोटाला कहना घोटाले की बेइज्जती करना होगा . क्यूँ कि ये एक एसा काण्ड था या है जिसको

पुरे सरकारी तंत्र क्या अफसर और क्या मंत्री और क्या नेता सब ने मिल कर अंजाम दिया है . ज्यादा टेडी मेडी  बात अपन नहीं करते है और अगर सीधी बात करें अच्छी खासी चलती पांच सितारा होटल लक्ष्मी विलास को सरकार मै बैठे ग्यानी लोगों ने घाटे का उपक्रम मानते हुए घाटे में नहीं बल्कि कोडियों में बेच दिया . जनता एक्टिविस्ट बुद्धि जीवी अखबार मीडिया सब चिल्लाते रहे लेकिन सरकार हुजुर सरकार . जैसे अभी बेचे जा रही है वेसे ही उस वक़्त भी बेच दिया .

चलिए कहानी एक बार फिर सरल भाषा में शुरू से कम शब्दों में बता देते है याद रखियेगा .

बात है 2001 2002 की केंद्र में भाजपा यानी एनडी  की सरकार थी औअर दिवंगत श्री अटलबिहारी जी प्रधानमंत्री थे . ITDC के मालिकाना हक़ वाली राजस्थान उदयपुर की होटल लक्ष्मी विलास पांच सितारा होटल थी . यहाँ आप ध्यान रखिये ITDC यानी

India Tourism Development Corporation जो की केंद्र सरकार के अधीन आता है और राजस्थान सरकार के अधीन आता है वो होता है RTDC

Rajasthan Tourism Development Corporation

 

अब केंद्र सरकार के विनिवेश मंत्रालय ने जाने क्यूँ लक्ष्मी विलास को घाटे का उपक्रम माना और इसको महज़  7.50 कराेड़ में बेच दिया था। जहाँ तक मुझे याद है उस वक़्त अगर जमीन को छोड़ ददते तो लक्ष्मी विलास का जो बिल्डिंग यानी कंस्ट्रक्शन था वो भी अगर सही से लागत लगाते तो 10 गुना अधिक निकलता उसका फर्नीचर वगेराह तो फिर अलग बात है . लेकिन खेर सरकार चाहे तो क्या क्या नहीं बेच सकती सब कुछ बेच सकती है जनता क्या कर सटी है कुछ नहीं जैसे की अभी मोजुदा सरकार धडाधड बेचे जा रही है , कुछ हो रहा है कुछ नहीं . खेर तो कितने में बेच दी ७.50 करोड़ मै किसको बेचीं भारत होटल्स लिमिटेड को किसने बेचा . खेर वो याद ही होगा .

सब चिलाते रहे किसी के कान पर जून्तक नहीं रेंगी और ये उपक्रम बिक गया इतने में ही बेचना था तो हुजुर हमारे उदयपुर का ही कोई सेठ होतेलियर खरिओद सकता था लेकिन खेर ये खेल बड़ा होता है जो आम जनता की समझ में ना तो उस वक़्त आया ना इस वक़्त आयेगा . और अब जो बिक रहा है उस पर किसी ने बोला तो देश द्रोही कहलायेगा .

खेर होटल बिक गयी और पांच साल बाद सरकार बदल गयी और आगई यूपीए की सरकार . तो इस सौदे को भ्रष्टाचार मान सीबीआई ने केस दर्ज किया या सरकार ने जोर डाला होगा क्यूँ की अब ये बात छिपी हुई नहीं है सी बी आई दरसल केंद्र सरकार का हंटर होती है जो अपने विरोधियों के ऊपर चलता है . खेर केस दर्ज हुआ सी बी आई ने  अपनी जांच में इस होटल की कीमत 252 करोड़ होना बताया। एजेंसी ने रिपोर्ट में बताया कि आपराधिक षड्यंत्र के तहत सरकार को 143.48 करोड़ का घाटा पहुंचाया गया।

सीबीआई ने विनिवेश मंत्रालय के सचिव बैजल, मै. लैजार्ड प्राइवेट लिमिटेड के एमडी आशीष गुहा, वैल्यूअर कांतिलाल करमसे, भारत होटल्स लिमिटेड के प्रतिनिधि व अन्य अधिकारियों को आरोपी बनाया।

इस मामले में कोर्ट का निर्णय होता उससे पहले  केंद्र में फिर से एनडीए की सरकार यानी मोदी की सरकार  आ गई। सरकार बदलते ही जांच एजेंसी का रवैया भी बदल गया।  जिस सौदे को 243.6 कराेड़ का घाेटाला माना था अगस्त 2019 में उसे ही नियमानुसार मानकर क्लाेजर रिपाेर्ट लगा केस बंद करने का निर्णय ले लिया। अब सीबीआई कोर्ट के विशेष जज पूरण कुमार शर्मा में क्लोजर रिपोर्ट पर असंतोष जता फिर से जांच करने के आदेश दे दिए।

और आखिर कार सीबीआई को मानना पडा की घोटाला हुआ और अपराधिक षड्यंत्र के चलते इसको कोडियों में बेचा गया . और आखिर कार सीबीआई कोर्ट का आदेश आया सीबीआई की विशेष कोर्ट जोधपुर के जज पूरण कुमार शर्मा ने पूर्व केंद्रीय मंत्री अरुण शौरी, पूर्व व अन्य आरोपियों के खिलाफ धोखाधड़ी व भ्रष्टाचार अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज करने के आदेश दिए हैं। साथ ही कोर्ट ने होटल को उदयपुर कलेक्टर को कुर्क करने के भी आदेश दिए हैं, यह होटल कोर्ट का फैसला आने तक कुर्क रहेगी।

आगे की कहानी क्या है और पर्दे के पीछे की कहानी क्या है ये भी आपको हम बताएगें इस एपिसोड के भाग 2 में .

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उदयपुर में तीन युवाओं ने बुझा दिया घर की चिराग – सपना था जल्दी अमीर बनने का।

UdaipurPost. ये जो जल्दी जल्दी अमीर बनने की चाहत है न एक दिन न जाने किस गर्त में धकेल देगी। हर कोई बस एक रेस में लगा है। बस किसी भी तरह रातोरात अमीर होना चाहते है। मेहनत  और लगन के दम पर ही जीवन में स्थायी तोर पर कुछ पाया जा सकता है परन्तु  लगता है आज के नोजवानो को ये संस्कार देना शायद हम भूल गए हैं। उचे  शोक रखने  और हाई फाई लाइफस्टाइल का सपना  देखने  वाले ये युवा अपने इच्छाओ की पूर्ति के लिए किसी भी हद तक जा सकते है।हा किसी भी हद तक ,किसीकी जान ले लेने तक भी और इसी

का उदाहारण सोमवार को एक्सिस बैंक के बाहर घटित हुआ हत्याकांड है। पूरी खबर में आगे बढ़ने से पहले आपको बतादू की अगर आपने अभी तक सीबीसी न्यूज़ को सब्सक्राइब नहीं किया है तो अभी करे और खबर पसंद आने पर लाइक और शेयर ज़रूर करे।अब बढ़ते है खबर की और,,,,,,,, एक्सिस  बैंक के पास साेमवार काे तीतरड़ी की अंबामाता घाटी निवासी अमित सांखला की हत्या के मामले में पुलिस ने तीन युवकों को गिरफ्तार किया है। ये हैं नागदा रेस्टाेरेंट गली के दिनेश उर्फ विक्की (24) पुत्र गणेश मेघवाल, कालका माता राेड के नवीन उर्फ नानू (22) पुत्र राेशननाथ और घंटाघर क्षेत्र में पुराेहितजी की हवेली निवासी प्रशांत सिंह (29) पुत्र प्रदीप सूद। एसएसपी कैलाश चन्द्र बिश्नाेई ने बताया कि प्रशांत और नवीन ऑनलाइन शाॅपिंग कंपनी फ्लिपकार्ट के कर्मचारी हैं। इसी कंपनी के 30 लाख 300 रु. जमा करवाने अमित बैंक पहुंचा था। अभियुक्ताें ने पूछताछ में लूट के लिए वारदात करना माना। नवीन और प्रशांत को फ्लिपकार्ट से 7000 रु. प्रति माह मिलते थे। शौक पूरे करने के लिए दोनों बड़ा काम करना चाहते थे। उन्हें मालूम था कि हर साेमवार फ्लिपकार्ट से लाखों रुपए बैंक में जमा कराने अमित ही जाता है। उसे ही निशाना बना लूट की साजिश रची। पिछले साेमवार वे अमित के पीछे लगे और रेकी की। पुलिस से बचने के लिए इस सोमवार प्रशांत ने महिला मित्र काे घुमाने के बहाने दिनेश के दाेस्त से बाइक ली। सूत्रों के अनुसार बाइक चलाने के लिए डेढ़ लाख रुपए का लालच देेकर नानू उर्फ नवीन को साथ लिया गया। कंपनी के 30 लाख 300 रुपए बचाने वाला अमित अपनी ही हत्या का परिवादी और चश्मदीद भी था। अस्पताल में दम तोड़ने से पहले उसने पुलिस को बताया था कि वह मुल्जिमों के नाम तो नहीं जानता, चेहरे पहचानता है। पुलिस ने इसी आधार पर पड़ताल कर फ्लिपकार्ट के 80 कर्मचारियाें का ब्योरा जुटाया। जानकारी में आया कि प्रशांत और नवीन 20 दिन से काम पर नहीं आ रहे। दाेनाें के परिचित तीसरे अारोपी के बारे में पूछताछ की ताे दिनेश का नाम सामने आया। अभियुक्त इस गुमान में थे कि उनकी तो पहचान ही नहीं हुई, इसलिए उन्हाेंने माेबाइल बंद नहीं किए। मंगलवार रात पुलिस काे नवीन के माेबाइल की लाेकेशन शाेभागपुरा की मिली।

स्पेशल टीम के हैड कांस्टेबल विक्रम, कांस्टेबल याेगेश, तपेन्द्र और अनिल कार से पहुंचे। बिजली फिटिंग का काम करते नवीन काे दबाेचा। तभी दिनेश बाइक पर आता दिखा। पुलिस काे देख वह मीरा नगर की तरफ भागा। पुलिस दल ने कार पीछे दौड़ाई। एक किमी दूर दिनेश ने बाइक घुमाई, क्योंकि गैस पाइप लाइन बिछाने के कारण रास्ता बंद था। पुलिस ने कार से टक्कर मारी और दिनेश को

दबोच लिया। इससे पहले साेमवार शाम लाेकेशन ट्रेस कर प्रशांत को प्रतापनगर से गिरफ्तार किया। इन्होंने बाइक से स्टार को पहचान छिपाने के लिए वारदात के बाद हटा दिया था, जो  पुलिस के लिए मददगार साबित हुआ।

युवाओ ने कुछ यु की थी वारदात :अभियुक्त दाेस्त से बाइक लाए। रेती स्टैंड से अमित का पीछा किया। दिनेश बाइक चला रहा था। प्रशांत-नवीन पीछे बैठे थे। प्रशांत के पास एक बैग था, जिसमें दाे चाकू थे। एक्सिस बैंक के पास पहुंचते ही प्रशांत और नवीन ने अमित पर चाकू से तड़ातड़ वार कर दिए। प्रशांत के घर से बैग बरामद कर लिया गया है।

लेकिन साथ ही सोचने वाली बात ये भी है की क्या इन कंपनियों पर कोई कार्यवाही नहीं होनी चाहिए? इतनी बड़ी रकम बिना किसी सुरक्षा मानक के इन कर्मचारियों को थमा देते है जिनका पुलिस वेरिफिकेशन तक नही करवाया जाता। अब जब उनके जान पर बन आती है तो आखिर कौन  ज़िम्मेदार है?

एसएसपी बिश्नाेई ने बताया कि फ्लिपकार्ट और राइटर सेफ गार्ड (जिसमें अमित काम करता था) बड़ी रकम युवकाें के जरिए भेजते हैं। घटना के बाद सामने आया कि कंपनी के कर्मचारियाें का पुलिस वेरिफिकेशन नहीं है। साथ ही राशि ले जाने के दाैरान किसी प्रकार के सुरक्षा मानक नहीं मिले। दाेनाें कंपनियाें के खिलाफ जांच की जाएगी।

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बढ़ते Corona संक्रमण के मामले पर भाजपा खेमे से उठी सम्पूर्ण LockDown की आवाज़

राजस्थान में रिकॉर्ड स्तर पर बढ़ते कोरोना संक्रमण के मामले और इनसे होने वाली मौतें जहां सरकार के लिए चिंता का विषय बनी हुई हैं, वहीं विपक्ष लगातार सरकार की कार्यशैली पर सवाल उठाते हुए व्यवस्थाओं में सुधार की मांग कर रहा है। इस बीच अब कोरोना के बढ़ते पैमाने पर नियंत्रण पाने के लिए भाजपा नेता प्रदेश भर में एक बार फिर लॉकडाउन लगाने की पैरवी कर रहे हैं।विधानसभा में उपनेता प्रतिपक्ष राजेन्द्र राठौड़ ने मुख्यमंत्री अशोक गहलोत से तीन बिदुओं पर ध्यान आकर्षित करते हुए व्यवस्था में सुधार करने का आग्रह किया है। राठौड़ ने प्रदेश में 15 दिन के लिए पूर्ण रूप से लॉकडाउन घोषित करने और लॉकडाउन पूरा होने के बाद भी अगले चरण में शनिवार, रविवार को लॉकडाउन जारी रखने का आग्रह किया है। वहीं आमजन को कोरोना की जाँच के लिए डॉक्टर की पर्ची की अनिवार्यता ख़त्म कर सभी को जाँच करवाने की सुविधा प्रदान करने की मांग की है।राठौड़ ने कहा है कि प्रदेश में कोविड-19 जांच करवाने के लिए डॉक्टर की पर्ची की अनिवार्यता एक बड़ी बाधा बनी हुई है। इस कारण ज़्यादातर लोग अपनी कोविड सम्बन्धी जांच नहीं करवाते। उन्होंने आशंका जताई कि इस अनिवार्यता और व्यवस्था का खामियाजा कोरोना मामलों में बढ़ोतरी के तौर पर सामने आएगा।आमजन को कोरोना की जाँच के लिए डॉक्टर की पर्ची की अनिवार्यता ख़त्म कर सभी को जाँच करवाने की सुविधा प्रदान की जावे ।

गौरतलब है कि उपनेता प्रतिपक्ष राजेन्द्र राठौड़ फिलहाल खुद कोरोना संक्रमित हैं और आइसोलेशन में रहते हुए स्वास्थ्य उपचार ले रहे हैं।

राजस्थान में कोरोना संक्रमण का खतरा कम होने की बजाय बढ़ता जा रहा है। दिन—ब—दिन एक्टिव केस बढ़ते जा रहे हैं और अस्पतालों पर कोरोना मरीजों का भार बढ़ता जा रहा है। इससे अन्य बीमारियों के मरीजों को मिलने वाली सुविधाओं पर भी असर पड़ रहा है। वहीं कोरोना संक्रमण को लेकर हालात चिंताजनक होते जा रहे हैं। आज फिर एक्टिव केस बढ़कर 17468 पर पहुंच गए हैं। वहीं रिकवरी रेट अब भी कम है। आज सिर्फ 50 लोग रिकवर हुए हैं और उन्हें अस्पताल से डिस्चार्ज किया गया। वहीं राज्य में 7 लोगों की और मौत दर्ज की गई है।अब तक 1257 मरीजों की मौत कोरोना के चलते हो चुकी है। नए मरीजों की बात करें तो चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग की ओर से जारी आंकड़ों के मुताबिक 799 नए कोरोना संक्रमितों की पुष्टि की गई है। राजस्थान में कुल संक्रमितों की संख्या 104937 पर पहुंच गई है।चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग की ओर जारी सुबह के आंकड़ों में दर्ज 799 नए मरीजों में सबसे ज्यादा राजधानी जयपुर से मिले हैं। जयपुर से 141 नए मरीजों की पुष्टि की गई है। वहीं जोधपुर से आज 93 कोरोना पॉजिटिव मिले हैं। वहीं अजमेर से 49, अलवर से 53, बांसवाड़ा से 16, बारां से 15, भरतपुर से 23, भीलवाड़ा से 38, बीकानेर से 24, बूंदी से 11, चित्तौड़गढ़ से 10, चूरू से 14, दौसा से 6, धौलपुर से 11, डूंगरपुर से 14, श्रीगंगानगर से 16, हनुमानगढ़ से 32, जैसलमेर से 19, जालौर से 11, झालावाड़ से 15, झुंझुनूं से 15, कोटा से 69, नागौर से 26, पाली से 21, प्रतापगढ़ से 2, राजसमंद से 6, सवाईमाधोपुर से 4, सिरोही से 16, टोंक से 10 और उदयपुर से 19 नए कोरोना संक्रमितों की पुष्टि हुई है।आज हुई 7 मरीजों में बीकानेर से 2 की मौत दर्ज की गई है। वहीं जयपुर, पाली, चित्तौड़गढ़, भीलवाड़ा और अजमेर से 1—1 मरीज की मौत हुई है। वहीं रिकवरी की बात करें तो आज 50 मरीजों को अस्पताल से डिस्चार्ज किया गया है। अब तक कुल 86212 लोग इस महामारी से रिकवर हो चुके हैं। जबकि 84688 मरीज ठीक होकर अपने घर जा चुके हैं।महामारी का खतरा बढ़ते देख जांच में तेजी लाए जाने का प्रयास किया गया है। अब तक 26 लाख 72 हजार 224 लोगों की कोरोना की जांच हो चुकी है। इनमें से 25 लाख 66 हजार 267 लोग कोरोना नेगेटिव पाए गए। वहीं 1020 जांच की रिपोट आना अभी बाकी है।

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