udaypur post . आपको अक्षय कुमार की फिल्म गब्बर इस बैक का वह देअश्य याद होगा जिसमे एक सुपर मल्टी स्पेशलिस्ट अस्पताल वाले एक लाश के इलाज की नोटंकी कर लाखों रूपये परिजनों से लूट लेते है। जीहाँ एसा ही कुछ हो रहा है हमारे खुबसूरत शहर उदयपुर में।
अगर आपके घर में कोई बीमार है, या किसी अपने के साथ कोई हादसा हो गया है तो अस्पताल का सही से चयन करें। क्योंकि ऐसा न हो जिस अस्पताल का आप चयन कर रहे हैं वहां आपका अपना जिंदगी और मौत से झुझता रहे और आप पर भारी आर्थिक दबाव आन पड़े। जीहां आज हम आपको एक ऐसे अस्पताल के बारे में जानकारी देना चाहते हैं, जहां पर जाकर आपको दर्द से निजात नहीं, दर्द पर दर्द ही मिलेगा। इतना ही नहीं इस अस्पताल के नोसीखिए डाॅक्टर मरीज के षरीर के साथ खिलवाड़ पर खिलवाड़ करते जाते है और अगर आप समय पर नहीं चेते तो आपका अपना दुनिया से अलविदा भी कह सकता है। जी हां ईलाज के नाम पर लूट का धंधा करने वाला यह हाॅस्पिटल भुवाणा चैराहे पर स्थित है। षर्मा मल्टिस्पेषलिटी हाॅस्पिटल नाम के इस अस्पताल में गरीब मासूमों को लुटने वाले इसके मालिक डाॅक्टर अनिल शर्मा और डाॅक्टर कुसूम शर्मा अपने बेटे नोसिखीए और नासमझ डाॅक्टर धवल शर्मा के साथ इसे संचालित करते है। आपको बता दे कि राजसमंद के जल चक्की मार्ग पर भी इन तथाकथित लुटेरों ने एक अस्पताल खोल रखा है और करीब दो वर्श पूर्व इसी की ब्रांच झीलों की नगरी में भी खोलकर अपना धंधा यहां से भी चालू कर दिया। अस्पताल की ऊंची ईमारत देखने से ही पता चलता है कि इस अस्पताल में चिकित्सक भी काफी अच्छे होंगे, लेकिन जब आप अपने मरीज को लेकर जाओगे तो हम दावा करते हैं कि संतुश्ट होकर नहीं आओगे। क्योंकि यहां पर चिकित्सक तो है ही नहीं। जैसे ही मरीज इन दलालों के पास आया यह आॅन काॅल चिकित्सक को बुलाते हैं और हो जाता हैं लूट का धंधा षुरू। हाल ही सुखेर थाना क्षेत्र में षर्मा अस्पताल प्रबंधन पर गलत इलाज और मरीज की जान के साथ खिलवाड़ की एक रिपार्ट भी दी गई है और जिला पुलिस अधीक्षक राजेन्द्र प्रसाद गोयल ने मामले को गंभीरता से लेते हुए जल्द से जल्द जांच कर रिपोर्ट पेष करने के निर्देष दिए है। उदयपुर पोस्ट ईलाज के नाम पर लूट का धंधा करने वालों से आपको आगाह करता है कि यहां पर भुल से भी अपने मरीज को न ले जाए और अगर वर्तमान में भी अगर आप षर्मा अस्पताल में ईलाजरत हो तो तुरन्त किसी अन्य अच्छे अस्पताल मेें षिफ्ट हो जाए। क्योंकि कहीं ऐसा न हो कि वक्त निकल जाए और आपको जीवनरक्षक यंत्रों के साथ आईसीयू एम्बूलेंस में अहमदाबाद की ओर कूच करना पड़े।

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