उदयपुर। आरजेडी सुप्रीमों लालू प्रसाद यादव के कथित बयान ‘‘हिन्दू भी बीफ खाते है’’ पर बजरंग सेना मेवाड़ की ओर से सोमवार को सुरजपोल चौराहे पर मानव श्रृंखला बना लालू प्रसाद यादव खिलाफ नारे लगाये और का उदयपुर के साधु संतो एवं बजरंग सेना के कार्यर्ताओं द्वारा पुतला फुंका गया। संस्थापक कमलेन्द्र सिंह पंवार ने अपने संक्षिप्त उद्बोधन में कहा कि लालू प्रसाद यादव का यह बयान हिन्दू विरोधी बयान है, और इसके लिए माफी मांगनी चाहिए। इसी प्रकार का बयान आरजेडी उपाध्यक्ष एवं पूर्व केन्द्रीय मंत्री रघुवंश प्रसाद सिंह ने भी एक बयान दिया जिसमें उन्होंने कहा कि पुराने जमाने में ऋषि-महर्षि भी खाते थे बीफ। इस अवसर पर श्याम बाबा, जिलाध्याक्ष शिव सिंह सोलंकी, महामंत्री दीपक मेनारिया, कर्णवीर सिंह राठौड़, कुलदीप सिंह शक्तावत , दिनेश शर्मा, सुनील कालरा संभाग महामंत्री मंत्री – हेमेन्द्र कुमावत, इन्द्रजीत सिंह चांग, सुरेश टहलरवानी, गोपाल सिंह सिसोदिया, संजय पोरवाल, कानुनी सलाहकार – उदयसिंह देवाडा, घनश्याम सिंह भीण्डर, कृष्णकांत कुमावत, राजेन्द्र सिंह शेखावत, सहित कार्यकर्ता उपस्थित थे।
बजरंग सेना मेवाड़ ने लालू प्रसाद यादव का पुतला फूंका
अमेरिकी चित्रकार के साथ मिलकर अपनी कला निखारेंगे स्थानीय कलाकार
उदयपुर। महाराणा मेवाड़ चेरिटेबल फाउण्डेशन उदयपुर द्वारा जीवंत विरासत के क्षेत्र में किए जा रहे कार्यों के तहत सोमवार से यहां सिटी पैलेस के सभा शिरोमणी के दरीखाने में अंतर्राष्ट्रीय कला कार्यशाला का आयोजन किया गया है। कार्यशाला में अमेरिका के जाने-माने चित्रकार रोब वंडरजी, शहर के चयनित कलाकारों को आगामी 19 अक्टूबर तक कला की बारीकियां सिखाएंगे।
फाउण्डेशन के मुख्य प्रशासनिक अधिकारी भूपेन्द्र सिंह आउवा ने बताया कि इस कार्यशाला हेतु चित्रकारी के क्षेत्र में लोहा मनवाने वाले विभिन्न कलाकारों को आमंत्रित कर उनका साक्षात्कार लिया गया, तत्पश्चात 15 चयनित कलाकारों को रोब नि:शुल्क प्रशिक्षित करेंगे। सोमवार को कार्यशाला के उद्घाटन के अवसर पर उपस्थित फाउण्डेशन के मुख्य कार्यकारी अधिकारी वृंदा राजे सिंह ने बताया कि फाउण्डेशन के अध्यक्ष एवं प्रबंध न्यासी श्रीजी अरविन्द सिंह मेवाड़ द्वारा विश्व जीवंत विरासत के संवद्र्धन एवं संरक्षण पर दूरगामी सोच के चलते फाउण्डेशन ने यह कार्यशाला आयोजित करने का निर्णय लिया। कार्यशाला की समाप्ति के पश्चात चित्रकारों द्वारा उकेरे गए चित्रों की प्रदर्शनी भी लगाई जाएगी। गौरतलब है कि रोब वंडरजी अमेरिका में विगत 14 वर्षों से चित्रकारी सिखा रहे हैं। उन्हें मेवाड़ की सूक्ष्म चित्रकारी के अतिरिक्त रंगों के समन्वय में भी रूचि है। कार्यशाला आगामी 19 अक्टूबर तक चलेगी।
कार्यशाला में ये हैं प्रशिक्षणार्थी: संदीप मेघवाल, राहुल माली, रंजना जांगिड़, यशपाल बरांडा, डिम्पल चंदात, भास्कर अग्रवाल, कीर्ति शर्मा, अदिति बाबेल, सूरज सोनी, सिद्धार्थ सोनी, प्रेक्षिका द्विवेदी, शाजिया खान, दानिश सबील, अफशान खान एवं निहारिका राठौड़।
भुट्टे खा कर FS में नहीं डाले – नुक्कड़ नाटक से दिया स्वच्छता का संदेश
उदयपुर । नगर निगम के स्वच्छता अभियान के तहत रविवार को फतहसागर की पाल पर नाटक का मंचन किया गया । नाटक का उद्देश्य नगरवासियों को सफाई के बारे में जागरूक करना था।
नाट्यांश संस्था के कलाकारों ने अलग अलग जिसमे गली में सफाईकर्मी के सफाई कर चले जाने के बाद लोगो द्वारा पुनः घर का कचरा गलीयों में डालने, अपने साथी के इन्तजार में खड़ी लड़की फतहसागर पर भुट्टे खाकर यहां वहां डालने और कचरा फेलाने जैसे दृश्य मंचन किये गये और साथ-साथ गंदगी से होने वाली बीमारियों से भी अवगत कराया गया।
कलाकारों ने पर्यटन की दृष्टि से भी उदयपुर को स्वच्छ रखने का आहवान किया ।
कल इस नाटक की अंतिम कड़ी थी जिस पर सभी कलाकारों का नगर निगम की ओर माल्यार्पण कर सम्मान किया गया ।
इस अवसर पर महापौर श्री चन्द्रसिंह कोठारी, उप महापौर श्री लोकेश द्विवेदी, पार्षद ओम चित्तोड़ा, भगवान खारोल, नजमा मेवाफरोश सहित निगम अधिकारी भी उपस्थित थे। रविवार का दिन होने से शहरवासियों ने भी इस नाटका आनंद लिया और स्वच्छता के बारे में जागरूक रहने का संकल्प लिया।
बोहरा समाज का नया साल हिज़री सन् 1437 शुरू
उदयपुर। बोहरा समाज के नव वर्ष हिज़री सन् 1437 का शुभारम्भ मंगलवार 13 अक्टूबर से होगा। नव वर्ष की पूर्व संध्या पर सोमवार को बोहरा समुदाय के लोगों ने अपने-अपने घरों पर विभिन्न प्रकार के पकवानों के थाल सजाय जिसमें परिवार के सभी लोगों ने हिस्सा लिया । समुदाय के लोग मंगलवार को एक दूसरे को नये वर्ष की मुबारकबाद पेश करेंगे। साथ ही 13 अक्टूबर को सैयदी खांजीपीर साहब के उर्स पर सार्वजनिक न्याज व मजलिस का आयोजन होगा।
बोहरा यूथ के प्रवक्ता अनिस मियांजी ने बताया कि 14 अक्टूबर से प्रारम्भ होने वाले 10 दिनों के गमजदा लम्हों में प्रत्येक दिन सुबह 10ः30 से 2.00 बजे तक वजीहपुरा मस्ज़िद में मुल्ला पीर अली वाअज फरमाएंगे। शाम को 4.00 से 5ः30 बजे तक रसूलपुरा मस्ज़िद में समुदाय की महिलाओं की मजालिस हर रोज होगी जिसमें मरसिया ख्वानी के अलावा तकरीरे होंगी। शाम 6ः30 बजे से सामूहिक न्याज का आयोजन होगा व रात 9 से 11 बजे तक वजीहपुरा मस्ज़िद में मजालिस होगी जिसमें तकरीरे पेश की जावेगी।
60वीं जिला स्तरीय एथलेटिक्स में द स्टडी ने लहराया परचम
उदयपुर। 60वीं जिला स्तरीय एथलेटिक्स कंपीटिशन में उदयपुर के द स्टडी स्कूल ने परचम लहराया। 5 से 10 अक्टूबर तक गुरू गोविन्द सिंह उच्च माध्यमिक विद्यालय के तत्वावधान में यहां गांधी ग्राउण्ड में आयोजित प्रतियोगिता में द स्टडी स्कूल के विद्यार्थियों ने 4 स्वर्ण, 5 रजत एवं 5 कांस्य पदक अर्जित किए।
विजेताओं में शबनम सुल्ताना, लविश जैन, विशाल पालीवाल, आरोन हेरी, साक्षी सारंगदेवोत, प्रितोष वर्मा, निशा मीणा, अनुश्रिया जैन, दिव्या जैन, महिमा शर्मा, पियूष कालरा, एवं अर्चित शर्मा शामिल थे।
खुडाला एजूकेशन सोसायटी के कार्यकारी निदेशक देवेन्द्र सिंह, स्कूल के प्राचार्य एस.के. शर्मा एवं कोच दिग्विजय सिंह ने इस अवसर पर विद्यार्थियों का उत्साहवर्धन किया।
उदयपुर में अवैध वसूली करते हुए तीन फर्जी पत्रकार और दो सहयोगी गिरफ्तार
उदयपुर। पुलिस ने बडी कार्यवाही करते हुए तीन पत्रकार और दो सहयोगी को अवैध वसूली करते हुए गिरफ्तार किया। उदयपुर पुलिस को उदयपुर अहमदाबाद हाईवे पर स्थित ढाबों से पत्रकारों द्वारा अवैध वसूली की सूचना मिल रही थी ऐसे में पुलिस ने अपना जाल बिछाया और दुसरी बार वसूली करने आये तीन पत्रकार और दो सहयोगियों को अवैध वसूली करते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार कर लिया।
गिरफ्तार आरोपियों में दो युवतियों और तीन पुरूष हैं जिसमें से एक युवती और दो युवक खुद को टाईम टीवी का पत्रकार बता रहे हैं तो बाकी के दो सदस्य सहयोगी के रूप में काम कर रहे थे। 29 सितम्बर को उदयपुर आये इन पॉंचों लोगों ने सबसे पहले ढाबों को निशाना बनाना शुरू किया और फिर सिरोही और चित्तोडगढ जिले में भी वारदातों को अंजाम दिया।
पुलिस ने आरोपियों को गिरफ्तार कर पूछताछ की तो पिछले दस दिनों में 11 वारदातें कर साढे दस लाख रूपये की अवैध वसूली की बात सामने आई। बताया जा रहा हैं कि दो युवतियों में से एक युवति को जिला रसद अधिकारी बनाकर जिस ढाबे पर टेंकर खडा होता वहॉं दबिश देते और साथ में चैनल का केमरा और माईक आईडी लेकर पत्रकार सरिता और उसके कैमरामैन और इस अवैध वसूली के मुख्य सरगना महावीर सिंह नरूका खबर चलाने की धौंस जमाते।
इस पर टेंकर चालक और ढाबा संचालक भय में आकर मामले के सुलटारे का प्रयास करते तो ये लोग उससे लाखों रूपये वसुल कर फरार हो जाते। इसी तरह की वारदातें चित्तोडगढ जिले में और सिरोही जिले में भी अंजाम दी गई जहॉं आरटीओं को भी धमकाने की कोशिश की गई। पत्रकारिता का धौंस जमाते हुए ये सभी कई बार डाक बंगलों में भी रूक चुके हैं। पुलिस अब आरोपियों से पुछताछ में जुटी हैं वहीं अवैध वसूली की राशी की रिकवरी के भी प्रयास शुरू कर दिये है।
जयपुर में बेरोजगार युवाओं पर चली पुलिस की लाठियां
जयपुर। राजस्थान बेरोजगार एकीकृत महासंघ के तत्वावधान में सैकड़ों की तादाद बेरोजगार युवाओं ने आज सुबह भाजपा प्रदेश कार्यालय का घेराव करते हुए प्रदर्शन किया। इस दौरान बेरोजगार युवाओं ने सरकार के विरोध में जमकर नारेबाजी की। विरोध बढ़ता देख बेकाबू होते युवाओं पर पुलिस ने लाठीचार्ज किया और प्रदर्शन कर रहे युवाओं को वहां से खदेड़ा। इससे पूर्व करीब दो घंटे तक रीट अभ्यर्थी तथा बेरोजगार भाजपा मुख्यालय के समक्ष धरना देकर बैठे रहे।
सरकार के खिलाफ नारेबाजी करनी पडी महंगी
जानकारी के अनुसार रीट के नियमों में फेरबदल और इसमें राजस्थान का सामान्य ज्ञान जोडऩे की मांग को लेकर सैकड़ों की तादाद मे बेरोजगार युवा भाजपा मुख्यालय पहुंचे। इस दौरान भाजपा कार्यालय का द्वार बंद कर दिया गया और धरने पर बैठ गए तथा नारेबाजी करने लगे
प्रदर्शन की सूचना पर पुलिस का भारी जाप्ता भी मौके पर पहुंचा। करीब दो घंटे तक चली नारेबाजी के बीच पुलिस के आला अधिकारी भी वहां पहुंचे और प्रदर्शनकारियों को समझाईश कर वहां से हटाने का प्रयास किया, किन्तु प्रदर्शनकारियों के नहीं मानने तथा और अधिक उग्र होने पर पुलिस ने उन्हें वहां से खदेडऩे के लिए लाठीचार्ज कर दिया।
बचाव में किया पथराव
लाठीचार्ज करते भगदड मच गई और प्रदर्शनकारी आसपास की गलियों में छिपने के लिए भाग निकले। इस दौरान उन्होंने पुलिस पर पथराव भी किया, जिसके चलते पुलिस ने गलियों में छिपे युवाओं और प्रदर्शन कर रही युवतियों तथा महिलाओं पर भी जमकर लाठियां भांजी।
करीब दस मिनट तक चले लाठीचार्ज के बाद सभी प्रदर्शनकारी वहां से भाग निकले। वहीं दूसरी ओर, पुलिसे करीब दो दर्जन छात्रों को गिर तार किया है।
पुलिस ने नहीं कराया इलाज
लाठीचार्ज के दौरान घायल हुए अभ्यार्थियों को पुलिस ने हिरासत में ले लिया है,लेकिन उन्हे अस्पताल ले जाने के बजाए सीधे बस्सी थाने ले जाया गया हैं जहां पुलिस को कई बार बताने के बावजूद घयल अभ्यार्थियों को अस्पताल इलाज के लिए नहीं ले जाया गया। ऐसे में पुलिस हिरासत में अभ्यार्थियों ने बस्सी थाने में भी पुलिस की मनमानी के खिलाफ प्रदर्शन किया।
राजस्थान बेरोजगार एकीकृत महासंघ के संयोजक उपेन यादव ने बताया कि लाठीचार्ज के दौरान उनके सहित करीब दो दर्जन अभ्यार्थियों को चोट आई है। लेकिन पुलिस का ईलाज कराने के बजाए उन्हे लेकर थाने में आ गई। उपेन यादव ने बताया कि सरकार की ओर से पुलिस की लाठीचार्ज करने के मामले में राजस्थान बेरोजगार एकीकृत महासंघ दिल्ली जाकर केन्द्र सरकार से राज्य सरकार की शिकायत करेगा।
ये हैं मांग
गौरतलब है कि राजस्थान बेरोजगार एकीकृत महासघ ने मांग की है कि रीट की भर्ती में आरटेट का प्रमाण पत्र नहीं जोडा जाए। वहीं रीट की परीक्षा में सामान्य ज्ञान के प्रश्नों में राजस्थान की पृष्ठभुमि से जुडे सवाल पुछे जाए। साथ ही विभाग में पूरे 30 हजार रिक्त पदों के लिए शिक्षकों की भर्ती हो।
अभ्यार्थियों ने बताया कि रीट की परीक्षा को लेकर सरकार के खिलाफ राजस्थान बेरोजगार एकीकृत महासघ लगातार अपना विरोध दर्ज करा रहा है,लेकिन इसके बावजूद सरकार अभ्यार्थियों को अश्वासन दे रही है।
पुणे: पत्नी की निर्मम हत्या, कटे सिर को हाथ में लेकर सड़कों पर घूमता रहा पति
नई दिल्ली। महाराष्ट्र के पुणे में मानवता को शर्मसार करने वाली घटना सामने आई है। यहां एक 60 साल के शख्स ने अपनी पत्नी की हत्या कर दी और उसके सिर को सरेआम सड़कों पर लेकर घूमता रहा है। सड़क से गुजरने वाले जिस भी शख्स ने इस घटना को देखा वो सन्न रह गया।
टीवी रिपोर्ट्स के मुताबिक हत्या के पीछे की वजह पति का पत्नी के कैरक्टर पर शक करना बताया जा रहा है। आरोपी का नाम रामू चव्हाण है। आरोपी रामू की उम्र 60 साल है, उसने अपनी पत्नी की हत्या चारित्रिक संदेह की वजह से कर डाली। रामू ने अपनी पत्नी (55) का कुल्हा़ड़ी से सिर काट डाला। आरोपी पेशे से चौकीदार बताया जा रहा है।
रिपोर्ट्स के मुताबिक रामू सरेआम सड़कों पर अपनी पत्नी का कटा सिर लेकर घूमता रहा। रांमू के एक हाथ में पत्नी का कटा हुआ सिर और दूसरे हाथ में कुल्हाड़ी थी, जिससे उसने पत्नी का सिर काटा था। जिसने भी इस मंजर को देखा वो सन्न रह गया।
घटना से सन्न राहगीरों में से कुछ लोगों ने इस बर्बर घटना की जानकारी पुलिस को दी। मौके पर पहुंची पुलिस भी इस वाक्ये को देखकर दंग रह गई। पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है।
उदयपुर मार्बल एसोसिएशन के चुनाव पर कोर्ट का स्टे – निवर्तमान अध्यक्ष पर मनमाने ढंग से चुनाव करवाने का आरोप।
उदयपुर। मार्बल एसोसिएशन के चुनाव पर कोर्ट ने स्टे लगा दिया और चुनाव प्रक्रिया को पुनः करवाने के आदेश जारी किये है। चुनाव ९ अक्टूबर को होने वाले थे लेकिन कुछ मार्बल व्यवसाइयों ने संविधान के विरातीत चुनाव होने का आरोप लगाते हुए कोर्ट की शरण ली थी जिस पर कोर्ट ने आज कार्रवाई करते हुए आदेश जारी किये।
शुक्रवार को मार्बल एसोसिएशन के चुनाव होने थे मार्बल व्यवसाइयों के एक गुट ने मोजुदा अध्यक्ष और कार्यकारणी पर संविधान के विपरीत मन माने ढंग से चुनाव कराने का आरोप लगाते हुए कोर्ट में चुनाव पर रोक के लिए परिवाद दायर किया था जिस पर कोर्ट ने आज सुनवाई करते हुए मोजुदा चुनाव पर स्टे लगाते हुए पूरी चुनाव की कारवाई पुनः करवाने के निर्देश दिए है। मार्बल व्यवसाइयों ने मोजुदा अध्यक्ष रोबिन सिंह पर आरोप लगाते हुए कहा कि इन्होने अपने दो साल के कार्य काल में कई काम संविधान के विपरीत किये है। और चुनाव की सम्पूर्ण प्रक्रिया एक तरफ़ा और और अपने मन माने ढंग से अपनाई जारही थी। मार्बल व्यवसाइयों ने बताया कि रोबिन सिंह की कार्य शेली और मनमाने रवय्ये से एसोसिएशन के अधिकतर व्यवसाई नाराज़ थे। उदयपुर की सुखेर अम्बेरी मार्बल मंडी राजस्थान की बड़ी मंडियों में से एक है। यहां की मार्बल एसोसिएशन में कुल ८२५ सदस्य है। कल होने वाले चुनाव में अध्यक्ष, उपाध्यक्ष, सेक्रेटरी, जॉइंट सेक्रेटरी, कोषाध्यक्ष और आठ कार्यकारणी सदस्यों के चुनाव होने थे। अध्यक्ष पद के लिए निवर्तमान अध्यक्ष रोबिन सिंह, पंकज गंगावत और पूर्व अध्यक्ष रह चुके महिपाल सिंह ने नामांकन दाखिल किया था जिसमे से महिपाल सिंह का फ़ार्म निरस्त हो गया था। अगले चुनाव की तारीख अब की जानकारी
सिविल वॉर करवाना चाहती है मोदी सरकार : अाबिद सुरती
उदयपुर. केंद्रीय मानव संसाधन विकास मंत्रालय से संबद्ध नेशनल बुक ट्रस्ट के राष्ट्रीय पुस्तक मेले में बुधवार को आए मशहूर कार्टूनिस्ट, पेंटर और लेखक आबिद सुरती कहा कि मोदी सरकार देश में सिविल वॉर करवाना चाहती है। इसके पीछे मानसिकता यह है कि लोगों की एकता टूटेगी तो सबसे ज्यादा फायदा सांप्रदायिक ताकतों को होगा। यह उनकी सोची समझी रणनीति का हिस्सा है। मोदी सरकार दिखावे के लिए विकास की बात करती है और उसने पीछे के रास्ते से अल्पसंख्यकों के खिलाफ युद्ध छेड़ रखा है।



