रोज रंग बदल रही है वल्लभनगर सीट

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उदयपुर। जिले की वल्लभनगर सीट रोज नए रंग बदल रही है। प्रतिष्ठा, पार्टी, जाति, घात, भीतरघात जैसे सारे शस्त्र इस रण में चल रहे हैं, जहां भाजपा को पहले तीसरे नंबर पर माना जा रहा था और रणधीरसिंह भींडर की जीत के कयास लगाए जा रहे थे। आज वहां तीनों प्रत्याशी समांतर पर आकर खड़े हो गए हैं। जातिवाद और पार्टी के प्रति प्रतिबद्धता के चलते जो मतदाता रणधीरसिंह के खेमे में जाते हुए दिख रहे थे। आज फिर एक बार भाजपा के साथ खड़े हुए हैं।
मेनारिया बढ़ा रहे हैं बढ़त: भाजपा के प्रत्याशी गणपत मेनारिया को टिकट मिलने के बाद जहां उन्हें कांग्रेसी कहकर भाजपा के स्थानीय कार्यकर्ताओं द्वारा नकार दिया गया था। आज वो ही कार्यकर्ता भाजपा के बड़े कद्दावर नेताओं के समर्थन के चलते उनके लिए दिन रात एक कर रहे हैं। भाजपा के आलाकमान से भी निर्देश है कि भाजपा किसी भी हाल में पिछडऩी नहीं चाहिए और वोटों की गणित के चलते भी मेनारिया बढ़त बनाते हुए लग रहे हैं। क्षेत्र के जैन मतदाता पहले ही कटारिया की वजह से मेनारिया के पक्ष में है। ऊपर से वहां ब्राह्मण मतदाताओं की संख्या भी अच्छी खासी है और मेनारिया के ब्राह्मण होने से यह वोट उनकी झोली में ही गिरने वाले हंै।
जहां सहानुभूति, वहीं विरोध भी: रणधीरसिंह भींडर का टिकट भाजपा ने काट दिया, तो भींडर के पक्ष में सहानुभूति की लहर चल गई, लेकिन जहां सहानुभूति है, वहीं एक और देखा जाए, तो उनका विरोध भी है। ख़ासकर कानोड़ में और राजपूतों के तो उन्हें सहानुभूति के चलते वोट मिल सकते हंै, लेकिन भींडर में आरएसएस कार्यकर्ता की हत्या का आरोप और भींडर हॉस्पीटल की जमीन के बेचान के मामले को लेकर भींडर में उनका भारी विरोध है, जिसका खामियाजा भींडर को उठाना पड़ सकता है।
राजपूत और रावत वोट बंटने का खतरा: कांग्रेस के प्रत्याशी गजेंद्रसिंह शक्तावत अपनी जीत को लेकर निश्चिन्त नजर आ रहे थे और यही उन्होंने गलती कर दी है। एक तरफ जहां रणधीरसिंह भींडर को सहानुभूति के चलते पारंपरिक राजपूत वोट भी मिलेंगे, जिसमें शक्तावत का सीधा नुकसान हैं, वहीं राजपा के भंवरलाल रावत अपनी जाति के वोट बैंक में सेंध लगाने का काम कर रहे हैं, जिसमे भी गजेन्द्रसिंह शक्तावत का नुकसान है, क्योंकि माना जाता है कि रावत अधिकतर कांग्रेस के साथ रहे हैं, लेकिन इस चुनाव में जातिवाद अपनी चरम सीमा पर है और इसका नुकसान कांग्रेस को निश्चित होगा। वल्लभनगर सीट पर हार-जीत का आंकड़ा बहुत कम अंतर से रहेगा। इस दौड़ में आगे वो ही रहेगा, जो आखरी समय तक लगातार दौड़ता रहेगा।

सुखाडिया विष्वविद्यालय खिताब से सिर्फ एक ओर जीत की दूरी पर

badminton 0024पश्चिम क्षेत्र अंतर विश्वविद्यालय बेड़मिंटन प्रतियोगिता
उदयपुर । विश्वविद्यालय क्रीडा मण्डल के प्रषिक्षक डॉ. दीपेन्द्र सिंह चौहान ने जानकारी देते बताया राजस्थान तकनीकी विष्वविद्यालय कोटा की मेजबानी में 25 नवम्बर से 28 नवम्बर 2013 तक आयोजित पश्चिम क्षेत्र अंतरविष्वद्यिालयी बेड़मिंटन प्रतियोगिता खेलते हुए सुखाडिया विष्वविद्यालय बेड़मिंटन पुरुश टीम ने तीसरे दिन पहले लीग मैच में एम एस युनिवरसिटी बडोदरा के विरुद्व आज खेले गए मैच में 3-0 से मुकाबला जीता।इसके पष्चात् सायं कालिन सत्र में दुसरे लीग मैच में षिवाजी युनिवरसिटी कोल्हापुर को भी 3-0 से परास्त किया जिसके पहले एकल में माइकल ने अपना मुकाबला जीता तथा दुसरे एकल में षानदार खेल से रजत राठौड ने अपने मैच जीतकर टीम को 2-0 से आगे किया फिर रजत व प्रंषात सेन की जोडी ने डबल मुकाबला जीत कर 3-0 से निर्णायक बढत ली। इस जीत के पष्चात् सुखाडिया विष्वविद्यालय बेड़मिंटन पुरुश टीम पश्चिम क्षेत्र अंतरविष्वद्यिालयी बेड़मिंटन प्रतियोगिता के खिताब से सिर्फ एक ओर जीत की दूरी पर है। खिताबी जीत हेतु कल सुखाडिया विष्वविद्यालय बेड़मिंटन टीम का निर्णायक मुकाबला मुम्बई विष्वविद्यालय मुम्बई से होगा।

महंगाई ने किया लगन का रंग फीका

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TH15DHANTERAS_-300x187उदयपुर। महंगाई का भूत लोगों का पीछा छोडऩे का नाम नहीं ले रहा। इसका असर पहले त्योहार और अब लगन में दिखने लगा है। सब कुछ महंगाई की भेंट चढ़ता जा रहा है। इन दिनों लगन सीजन जोरों पर है। धूमधाम से शादी करने का सपना संजोये लोगों के लिए तो महंगाई से पसीने छूट रहे हैं।
सोना नहीं है बस का
लगन में सबसे बड़ा खर्चा रहता है गहनों पर, इस बार गोल्ड के चढ़े हुए रेट को देखकर लोगों के पसीने छूट रहे हैं। ऐसे में लोगों के समझ में नहीं आ रहा है कि शादी में गोल्ड देने की रस्म को कैसे पूरा किया जाए। लगन सीजन काफी बिजी होने के बावजूद भी गोल्ड की एडवांस बुकिंग काफी डाउन है। लगन सीजन को देखते हुए बड़े दुकानदार कस्टमर्स को अट्रैक्ट करने के लिए कई तरह के नए कलेक्शन लेकर आए हैं, पर इसके बावजूद कस्टमर्स फुटफाल में कोई इजाफा नहीं हो रहा है।
लिबास का भी खर्चा डबल
यूं तो लगन सीजन ऑन है पर अब तक लगन सीजन को देखते हुए इक्का-दुक्का को छोड़क र किसी भी अपेरेल्स शॉप्स में कोई ऑफर एनाउंस नहीं किया गया है। ऊपर से पिछले कुछ दिनों में अपेरेल्स के रेट में काफी तेजी से उछाल आया है। लगन होने के बावजूद भी सेल्स बिल्कुल डाउन है। पिछले लगन सीजन में काफी सेलिंग हुई थी, पर इस बार तो सन्नाटा पसरा हुआ है। मार्केट में सेल्स को देखते हुए तो लग ही नहीं रहा कि लगन चल रहा है। नॉर्मल डेज के कंपैरिजन में मार्केट 40 परसेंट तक गोता खा गई है।
:पिछले कुछ दिनों में कपड़ों के रेट में काफी तेजी से इजाफा हुआ है, जिसके चलते लगन सीजन में भी मार्केट की हालत काफी पतली है। सेल्स नॉर्मल से भी करीब 40 परसेंट डाउन है।
-कमलेश जैन, कपड़ा व्यापारी
:लगन सीजन ऑन है, फिर भी सोने की सेल ठप पड़ी हुई है। लगन सीजन काफी बिजी होने के बावजूद भी गोल्ड की एडवांस बुकिंग काफी डाउन है। इसका सबसे बड़ा कारण सोने की रेट में इजाफा होना हैं।
-दर्शन शर्मा, सोने-चांदी के व्यापारी

वल्लभनगर सीट पर त्रिकोणीय मुकाबला

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उदयपुर। विधानसभा चुनाव में राजस्थान की सबसे हॉट सीट वल्लभनगर सबसे ज्यादा चर्चा में हैं। यहां भाजपा के बागी रणधीरसिंह भींडर तीसरी शक्ति के रूप में उभरे हैं और पूरे दमखम के साथ पहले पायदान पर है। इनका विरोध करके भाजपा के कद्दावर नेता गुलाबचंद कटारिया भी मुश्किल में फंसे हुए हैं और कटारिया को राजपूतों का विरोध झेलना पड़ रहा है, लेकिन मुकाबला यहां पर त्रिकोणीय है।
इस सीट से आठ प्रत्याशी मैदान में हैं। वर्तमान में इस सीट पर कांग्रेस के गजेन्द्र सिंह शक्तावत का कब्जा है, जो कांग्रेसी प्रत्याशी है। भाजपा से गणपत मेनारिया मैदान में है, जिन्हें ब्राह्मण होने के साथ ही सांठगांठ के कारण भाजपा से टिकट मिला है। इस सीट पर कांग्रेस को वोट बंटने का, तो भाजपा को बागी का खतरा है, क्योंकि भाजपा प्रत्याशी गणपत मेनारिया को कांग्रेस से लाकर आखिरी वक्त में भाजपा का प्रत्याशी घोषित किया गया है। वल्लभनगर में मतदाताओं की संख्या 221674 है। इनमें से 113019 मतदाता पुरूष और 108६55 मतदाता महिलाएं हैं। पिछली बार कांग्रेस के गजेन्द्रसिंह शक्तावत यहां से विजयी हुए थे।
वोट बंटने का खतरा: कांग्रेस ने इस बार मौजूदा विधायक गजेन्द्रसिंह शक्तावत को ही मैदान में उतारा हैं। हालांकि उनकी स्थिति भाजपा के बागी रणधीरसिंह भींडर के मैदान में होने से मजबूत समझी जा रही है, लेकिन रणधीरसिंह भींडर यह कहकर प्रचार कर रहे हैं कि शक्तावत कांग्रेसी प्रत्याशी है, मेनारिया मूल रूप से कांग्रेसी है, जिनको भाजपा ने टिकट दिया है। इनके अलावा राजपा प्रत्याशी भी टिकट मिलने से पहले कांग्रेस से ही जुड़ा था। टिकट नहीं मिलने के कारण रणधीरसिंह भींडर के प्रति पूरे क्षेत्र में एक सहानुभूति का माहौल बन गया है, जो शायद भाजपा से टिकट मिलने के बाद भी नहीं बन पाता।
ब्राह्मण कार्ड हो सकता है फेल: सबसे ज्यादा मुसीबत यहां पर भाजपा की है। भाजपा ने इस सीट पर मेवाड़ के ब्राह्मणोंं को खुश करने के लिए गणपत मेनारिया को टिकट दिया है। पिछले चुनाव में गणपत मेनारिया कांग्रेस के बागी के रूप में चुनाव लड़े थे और इस बार उन्हें स्वयं को सभी जगह भाजपा का प्रत्याशी बताना पड़ रहा है। सबसे बड़ा खतरा मेनारिया को रणधीरसिंह भींडर से है, जो भाजपा के बागी है। भींडर मेवाड़ के राजपूतों के सहानुभूति और समर्थन से मजबूत स्थिति में है। दूसरी और वल्लभनगर क्षेत्र में कटारिया का भारी विरोध है और मेनारिया को कटारिया समर्थित होने का खामियाजा भी भुगतना पड़ सकता है।
निर्दलीय होने का डर: इस सीट से भाजपा के सबसे प्रबल दावेदार रणधीर सिंह भींडर ही माने जा रहे थे, लेकिन कटारिया से विवाद के कारण उनका टिकट कट गया। इसके बाद कार्यकर्ताओं के भारी समर्थन के चलते भींडर बागी बन निर्दलीय खड़े हो गए। 2003 में भींडर यहां से भारी मतों से विजयी हुए थे। इस बार उन्हें राजपूतों का भारी समर्थन हासिल है, लेकिन पार्टी सिम्बोल नहीं होने से उन्हें हर जगह अपने सिम्बोल क्रबल्लेञ्ज का प्रचार करना पड़ रहा है। क्षेत्र के अधिकतर मतदाता भींडर को कमल निशान से ही पहचानते हैं। वल्लभनगर सीट पर पूरे जिले की नजर है।

कटारिया की राजपूतों को मानाने कि कोशिश , संघ भी साथ में

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उदयपुर। शहर से भाजपा प्रत्याशी गुलाबचंद कटारिया राजपूत , और ब्राह्मण समाज में फैली नाराज़गी को दूर करने का भरकस प्रयास कर रहे है । जहाँ एक और कटारिया इन समाज के प्रबुद्ध लोगों से बैठकें कर मानाने का प्रयास कर रहे है वही दूसरी और राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ (आरएसएस) के वरिष्ठ प्रचारकों ने भाजपा प्रत्याशी गुलाबचंद कटारिया के समर्थन में उदयपुर में डेरा डाल दिया है।
बुधवार को हरिदास जी की मगरी स्थित थाणा हाउस में कटारिया ने राजपूत समाज के साथ बैठक की जिसमे क्षत्रिय महासभा के अध्यक्ष बालुसिंह कानावत ने कहा की पूरा समाज भाजपा के साथ है। भाजपा ने राजस्थान में सीटों के वितरण में 14 सीट राजपूतों को दी, मुख्यमंत्री राजपूत को प्रपोज किया इसके विपरीत कांग्रेस ने हमारे समाज के विधायकों के टिकिट काटे। शिक्षाविद मनोहरसिंह कृष्णावत ने कहां कि हम विकास के साथ है। और मोहनलाल सुखाड़िया के बाद अगर कोई मेवाड़ का विकास कर सकता है, तो वह गुलाबचन्द कटारिया है और कटारिया को समर्थन करके मेवाड़ का विकास करवाना है।
नेता प्रतिपक्ष गुलाबचन्द कटारिया ने कहां की राजपूत समाज मेरा परिवार है। और इस समाज को साथ लेकर ही वह विधानसभा में मेवाड़ के लिए आवाज बुलन्द करेंगे।
इधर राजपूतों और ब्राह्मणों से कटारिया की चल रही नाराजगी के मद्देनजर संघ आगे आया है। संघ कार्यालय में मंगलवार को संघ के वरिष्ठ प्रचारकों ने बैठक लेते हुए राजपूत और ब्राह्मण नेताओं को कटारिया के समर्थन में चुनाव में एकजुट होकर प्रचार करने के निर्देश दिए हैं।
संघ के वरिष्ठ प्रचारक श्रीवद्र्धनजी ने मंगलवार को उदियापोल स्थित संघ कार्यालय में बैठक ली। इस बैठक में ब्राह्मण समाज की तरफ से हेमशंकर दीक्षित, मोहनशंकर जानी, गोपाल त्रिवेदी, अविनाश सनाढ्य, देवकिशन मेनारिया, गिरीश श्रीमाली, पूर्व सभापति रवींद्र श्रीमाली, उदयपुर बार एसोसिएशन के अध्यक्ष भरत जोशी और राजपूत समाज की तरफ से बीएस कानावत, प्रेमसिंह शक्तावत, गजपालसिंह, तख्तसिंह, घनश्यामसिंह चौहान, तनवीरसिंह कृष्णावत, करणसिंह शक्तावत और अक्षयसिंह राणावत मौजूद थे। इस दौरान संघ के वरिष्ठ प्रचारक रामप्रसाद भी मौजूद थे। श्रीवद्र्धन ने दोनों ही समाज के प्रतिनिधियों को जातिवाद से ऊपर उठकर भाजपा के प्रत्याशी गुलाबचंद कटारिया को विजयी बनाने के लिए प्रचार करने के निर्देश दिए हैं।

मतदाताओं को प्रभावित करने हेतु नकद राशि व उपहारों पर प्रतिबंध

GiftHandRestrictions on cash and gifts to influence votersउदयपुर, राजस्थान विधानसभा चुनाव २०१३ में आदर्श चुनाव कराये जाने की प्रक्रिया अपनायी जा रही है। जिसके तहत विधानसभा क्षेत्रों में यदि किसी प्रत्याशी द्वारा मतदाताओं को प्रभावित करने हेतु नकद राशियां, गिफ्ट जैसे खादी, कम्बल, शराब आदि का वितरण व भण्डारण अथवा किसी भी प्रकार का भोज आयोजित कराया जा रहा है या वोट डालने से रोकने, डराने, धमकाने का प्रयास किया जा रहा हो तो ऐसा कोई भी कृत्य निष्पक्ष चुनाव प्रक्रिया को प्रभावित करने की श्रेणी में आयेगा।
उक्त कृत्यों की सूचना जिला कलक्टर परिसर में शिकायत एवं सूचना नियंत्रण कक्ष में कराये जिसके टोल प्र*ी नम्बर १.७७ (तीन लाईनों पर) है। सूचना देने वाले की जानकारी गुप्त रखी जायेगी व उस पर तुरन्त कार्यवाही की जायेगी।

मतदान दलों की रवानगी फतह स्कूल एवं रेलवे ट्रेनिंग से होगी

chhattisgarh-polling-1_660_111113080515उदयपुर, विधानसभा आम चुनाव के तहत जिले की आठ विधानसभाओं के लिए एक दिसम्बर को होने वाले मतदान के लिये मतदान दल २९ नवम्बर को दो तथा ३. नवम्बर को छ: विधानसभा निर्वाचन क्षेत्रों के लिये रवाना होगे।
जिला निर्वाचन अधिकारी आशुतोष ए.टी. पेडणेकर ने बताया कि २९ नवम्बर को मतदान दल रेलवे ट्रेनिंग स्कूल से प्रात: ८ बजे झाडोल एवं राजकीय फतह उ.मा.विद्यालय से सलूम्बर विधानसभा निर्वाचन क्षेत्रों के लिये मतदान दलों की रवानगी होगी। इसी तरह से रेलवे ट्रेनिंग स्कूल से ३. नवम्बर हो प्रात: ८ बजे गोगुन्दा व वल्लभनगर, प्रात: ११ बजे मावली व उदयपुर तथा फतह स्कूल से प्रात: ८ बजे खेरवाडा एवं प्रात: ११ बजे उदयपुर ग्रामीण विधानसभा निर्वाचन क्षेत्रें के लिये दल रवाना होंगे।उन्होंने बताया कि दोनों रवानगी स्थलों पर मतदान दलों की रवानगी से पूर्व विधानसभावार काउण्टर स्थापित कर चुनाव सामग्री वितरित की जाएगी। अलग-अलग स्थापित काउण्टर्स पर मतदान दलों का ईवीएम, मतदाता सूचियां, उम्मीदवारों की सूचि, वाहन आवंटन, रूट चार्ट एवं वाहन लॉगबुक, पीओएल कूपन, केमरा आदि वितरित होगे।

बोहरा यूथ समाज के लोगों ने वोटिंग नहीं करने लिया फैसला

images (1)उदयपुर, दाउदी बोहरा समुदाय बोहरा यूथ ने अपनी समस्याओं और प्रशासन कि अनदेखी के चलते विधान सभा चुनाव २०१३ में सभी बोहरा यूथ समाज के लोगों ने वोटिंग नहीं करने का फैसला किया है । इस सबन्ध में बोहरा यूथ के एक प्रतिनिधि मंडल ने कलेक्टर को ज्ञापन भी दिया । दाउदी बोहरा समाज के अध्यक्ष युसूफ अली ने बताया कि पिछले कई सालों से बोहरा समाज के दूसरे गुट शिया दाउदी बोहरा शबाब की ज्यादती यूथ गुट पर चल रही है। बोहर वाडी मे स्थित लुकमान साहब कि दरगाह के दरवाजे कोर्ट के आदेश के बाद भी बंद किये हुए है जिस पर प्रशासन भी खामोश है । यही नहीं बोहरा समाज कि वकफ की और गैर वकफ कि जमीं नगर निगम से अवैध तरीके से अपने नाम करवा कर निर्माण कार्य करवा रहा है । और इस पर भी अधिकारी और प्रशासन खामोश है । बार बार शिकायत करने पर भी कोई कारवाई नहीं कि जाती।
युसूफ अली ने बताया कि हम सुचना के अधिकार में जो सूचनाएं मांगते है वह सूचनाएं भी नहीं दी जाती और जान बुझ कर विलब किया जाता है । इसीलिए दाउदी बोहरा ने यह तय किया है कि जब हमारे मौलिक अधिकारों को ही नहीं सूना जारहा है तो हम इस बार वोटिंग का बहिष्कार करेगें ।

सुषमा कि सभा में भिंडर समर्थक ने कटारिया को ललकारा

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उदयपुर के टाउनहॉल स्थित सभास्थल पर जब सुषमा स्वराज भाषण दे रही थी तो एक युवक जो वल्लभ नगर के भाजपा बागी प्रत्याशी रणधीर सिंह भिंडर का समर्थक बताया जारहा है, सभास्थल पर बनी ’डी’ के घेरे में घुस गया। इस दौरान उसने ’वन सैकंड’ कह कर अपनी बात कहना चाही की ” राजपूतों की क्या गलती थी” । इसी दौरान वहां उपस्थित भाजपा कार्यकर्ताओं ने उसे पकड लिया एवं हाथापाई शुरू कर दी। सभास्थल पर मौजूद पुलिस ने युवक चुरू हॉल सेक्टर ११ निवासी प्रताप सिंह राठौड को को शांति भंग में गिरफ्तार कर लिया। वहीं कई कार्यकर्ताओं में यह भी चर्चा रही कि यह भीण्डर समर्थक है एवं पहले ही कटारिया की एक सभा में आकर उसने ऐसे ही व्यवधान डालने की कोशिश की थी।

सर्दियों में लगाएं ये फेस पैक और चेहरा बनाएं नम : NICC BEAUTY TIPS

NICC Director, Sweeti Chhabra
NICC Director, Sweeti Chhabra

उदयपुर । चेहरे को सुंदर बनाने में फेस पैक का काफी योगदान होता है खासतौर पर घर पर बनाए गए फेस पैक का। अब तो सर्दियों का मौसम आ चुका है तो ऐसे में त्‍वचा बहुत रूखी हो जाती है। आप चाहे जितनी क्रीम और लोशन लगाएं पर त्‍वचा रूखी की रूखी रहती है। सर्दियों में तेज हवा के झोंको से चेहरे के अंदर की नमी पूरी तरह से गायब हो जाती है। इसलिये ऐसे में जरुरी है कि आप चेहरे पर प्राकृतिक फेस पैक लगाएं और चेहरे के अंदर नमी भरें। नमी प्रदान करने के लिये दही, एवाकोडो, ग्‍लीसरीन, पपीता, बेसन और दही जैसे अनेको सामग्रियों का प्रयोग कर सकती हैं। चलिये NICC की डायरेक्टर स्वीटी छाबड़ा से जानते हैं सर्दियों में चेहरे को कौन से फेस पैक से नमी प्रदान कर सकते हैं। यहां पर हर चेहरे की प्रकृति के हिसाब से फेस पैक दिये जा रहे हैं। सर्दियों में नींबू का प्रयोग ना करें क्‍योंकि इससे चेहरा ड्राई हो जाता है।

 

 

 

 

 

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शहद और दूध पैक: बनाने के लिये इन दोनों चीजों को मिलाइये और केवल 5 मिनट के लिये चेहरे पर रखिये। सूखने के बाद चेहरे को ठंडे पानी से धो लीजिये।

एवाकाडो फेस पैक: एवाकोडो को पीस कर उसमें ऑलिव ऑइल मिलाइये। इस फेस पैक को गीले चेहरे परलगाइये। 10 मिनट के बाद चेहरे को धो लें।

अंडे का सफेद भाग अपने चेहरे को अंडे के सफेद भाग से मसाज करें। फिर 25 मिनट तक ऐसे ही छोड़ दें और बाद में ठंडे पानी से चेहरा धो लें। इससे चेहरा कोमल और टाइट हो जाएगा।

केला पैक: केला चेहरे को टाइट और उसमें पोषण भरता है। सर्दियों में केले को मैश कर के उसमें शहद और दही मिलाइये

 

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ओटमील फेस पैक: ओटमील फेस पैक स्‍क्रब का काम भी करता है। इसे शहद और दही के साथ मिक्‍स करें और उसमें कुछ बूंद ग्‍लीसरीन मिलाएं। फिर इसे 10 मिनट तक के लिये चेहरे पर लगाएं और फिर धो लें।
पपीता: पपीता चेहरे को नमी प्रदान करता है। इसे मसल कर उसमें दूध मिलाइये। इस पैक को 10 मिनट के लिये चेहरे पर लगाइये और सूखने के बाद धो लीजिये।

ग्‍लीसरीन: चेहरे को नमी देने के लिये ग्‍लीसरीन को रोज वॉटर मिला कर लगाएं। ऐसा करने से चेहरा बिल्‍कुल टोन हो जाएगा और नमी भी बरकरार रहेगी।
संतरा और शहद संतरे के छिलके को सुखा कर पीस लें और उसमें दूध और शहद मिला कर पेस्‍ट बनाएं।

बादाम तेल: और मिल्‍क पाउडर रूखी त्‍वचा से बचने के लिये बादाम तेल और मिल्‍क पाउडर मिला कर लगाएं। इसे लगाने से चेहरे पर ग्‍लो आता है और चेहरे पर नमी भीआती है।

बेसन और दही: इस पैक को बनाते वक्‍त इस बात का ध्‍यान रखें कि इसमें नींबू ना मिलाएं नहीं तो चेहरा रूखा हो जाएगा।